🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 06 मार्च 2021* ⛅ *दिन - शनिवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - अष्टमी शाम 06:10 तक तत्पश्चात नवमी* ⛅ *नक्षत्र - ज्येष्ठा रात्रि 09:38 तक तत्पश्चात मूल* ⛅ *योग - वज्र शाम 06:10 तक तत्पश्चात सिद्धि* ⛅ *राहुकाल - सुबह 09:53 से सुबह 11:21 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:57* ⛅ *सूर्यास्त - 18:43* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -* 💥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 💥 *अष्टमी तिथि के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *लक्ष्मी माँ की प्रसन्नता पाने हेतु* 🌷 👉🏻 *समुद्र किनारे कभी जाएँ तो दिया जला कर दिखा दें ...समुद्र की बेटी है लक्ष्मी ... समुद्र से प्रगति है ...समुद्र मंथन के समय.... अगर दिया दिखा कर " ॐ वं वरुणाय नमः " जपें और थोड़ा गुरु मंत्र जपें मन में तो वरुण भगवान भी राजी होंगे और लक्ष्मी माँ भी प्रसन्न होंगी ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *तुलसी को पानी अर्पण से पुण्य* 🌷 🌿 *अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए उसकी हवा से भी बहुत लाभ होते हैं और तुलसी को एक ग्लास पानी अर्पण करने से सवा मासा सुवर्ण दान का फल मिलता है ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *बलवर्धक* 🌷 🥛 *२ से ४ ग्राम शतावरी का चूर्ण गर्म दूध के साथ ३ माह तक सेवन करें इससे शरीर में बल आता है, साथ ही नेत्र ज्योति भी बढ़ती है ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏 🚩🚩🚩🚩🚩🚩

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 05 मार्च 2021* ⛅ *दिन - शुक्रवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - सप्तमी रात्रि 07:54 तक तत्पश्चात अष्टमी* ⛅ *नक्षत्र - अनुराधा रात्रि 10:38 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा* ⛅ *योग - हर्षण रात्रि 08:44 तक तत्पश्चात वज्र* ⛅ *राहुकाल - सुबह 11:22 से दोपहर 12:50 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:57* ⛅ *सूर्यास्त - 18:43* ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -* 💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है था शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *घर में सुख-सम्पति लाने के लिए* 🌷 🐄 *गाय के दूध के दही में थोडा जौ और तिल मिला दें | फिर उससे रगड़-रगड़कर* 🌷 *“ॐ लक्ष्मीनारायणाय नम: ॐ लक्ष्मीनारायणाय नम: |” जप करके स्नान करें |* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *श्रद्धा -भक्ति बढ़ाने हेतु* 🌷 🙏🏻 *गीता के १२ वें अध्याय का दूसरा (२) और बीसवां (२०) श्लोक .. केवल दो श्लोक का पाठ कर के... भगवद गीता हाथ में रख कर..हम शुभ संकल्प करें कि " हे भगवन ! आप ने ये दो श्लोकों में जो परम श्रद्धा की बात बताई है वो हमारी हमारे गुरु चरणों में हो जाये " तो वो वचन भगवन के हैं ...भगवान सत्स्वरूप हैं तो उनके वचन भी सत है और हम उन वचनों का पाठ कर के संकल्प करें तो जो सचमुच अपने गुरु में श्रद्धा भक्ति बढ़ाना चाहते हैं उनका संकल्प भी ऐसा ही हो जाएगा ।* 🌷 *शोल्क :-* *मय्यावेश्य मनो ये मां नित्ययुक्ता उपासते।* *श्रद्धया परयोपेतास्ते मे युक्ततमा मताः।।2।।* 🙏🏻 *श्री भगवान बोलेः मुझमें मन को एकाग्र करके निरन्तर मेरे भजन-ध्यान में लगे हुए जो भक्तजन अतिशय श्रेष्ठ श्रद्धा से युक्त होकर मुझ सगुणरूप परमेश्वर को भजते हैं, वे मुझको योगियों में अति उत्तम योगी मान्य हैं।(2)* 🌷 *ये तु धर्म्यामृतमिदं यथोक्तं पर्युपासते।* *श्रद्दधाना मत्परमा भक्तास्तेऽतीव मे प्रियाः।।20।।* 🙏🏻 *परन्तु जो श्रद्धायुक्त पुरुष मेरे परायण होकर इस ऊपर कहे हुए धर्ममय अमृत को निष्काम प्रेमभाव से सेवन करते हैं, वे भक्त मुझको अतिशय प्रिय हैं।(20)* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *उम्र बढाने हेतु* 🌷 🙏🏻 *स्कन्द पुराण में आया है कि भोजन करते समय ५ अंग धोकर जो भोजन करता है उसकी उम्र १०० साल की होती हैं ... उसकी आयु बढ़ती है ५ अंग ...२ हात ....२ पैर... और मुंह धोकर भोजन करने बैठें ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 04 मार्च 2021* ⛅ *दिन - गुरुवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - षष्ठी रात्रि 09:58 तक तत्पश्चात सप्तमी* ⛅ *नक्षत्र - विशाखा रात्रि 11:58 तक तत्पश्चात अनुराधा* ⛅ *योग - व्याघात रात्रि 11:35 तक तत्पश्चात हर्षण* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 02:19 शाम 03:47 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:57* ⛅ *सूर्यास्त - 18:43* ⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -* 💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *बाल बढ़ाने के लिए* 🌷 1⃣ *पहला प्रयोगः स्नान के समय तिल के पत्तों का रस लगाने से, मुलहठी, आँवला या भृंगराज का तेल लगाने से, करेले की जड़ अथवा मेथी को पानी में घिसकर लगाने से, निबौली का तेल लगाने से बाल बढ़ते हैं।* 2⃣ *दूसरा प्रयोगः बड़ की पुरानी जटाओं को नींबू के रस में घिसकर अच्छे से लेप करें। आधे घण्टे पश्चात् बाल धो डालें। फिर नारियल का तेल लगायें। ऐसा तीन दिन करने से बालों का झड़ना बंद होता है। बाल लंबे, काले तथा मजबूत होते हैं।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *धन – सम्पदा के स्थायी निवास हेतु* 🌷 ➡ *ॐ ह्रीं गौर्यै नम:* 🙏🏻 *इस मंत्र से ७ बार अभिमंत्रित करके अन्न का भोजन करनेवाले के पास सदा श्री ( धन–सम्पदा ) बनी रहती है | (अग्नि पुराण :३१३.१९,२४ )* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *घर के सदस्य की मृत्यु पर* 🌷 🙏🏻 *अगर घर में किसी की मृत्यु हो गई हो तो रोज 12 दिन तक घर की छत पे एक कटोरी में दूध और एक कटोरी में पानी रख के आयें दूसरे दिन सुबह वो पानी और दूध पीपल के मूल में ड़ाल दें ऐसा 12 दिन करने से जिसकी मृत्यु हुई है उसकी आत्मा को शान्ति मिलती है उनका आशीर्वाद घर वालों को मिलता है ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩🚩🚩🚩🌹🌹🌹🌹🌹🕉🕉🕉🕉🕉🕉

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 03 मार्च 2021* ⛅ *दिन - बुधवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - पंचमी रात्रि 12:21 तक तत्पश्चात षष्ठी* ⛅ *नक्षत्र - स्वाती 04 मार्च रात्रि 01:36 तक तत्पश्चात विशाखा* ⛅ *योग - ध्रुव 04 मार्च रात्रि 02:41 तक तत्पश्चात व्याघात* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:51 से दोपहर 02:19 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:58* ⛅ *सूर्यास्त - 18:42* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -* 💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *सिर में जूँ एवं लीख* 🌷 1⃣ *पहला प्रयोगः निबौली, सरसों कि तेल लगाने से अथवा अरीठे का फेन लगाने से जूँ और लीखें मर जाती हैं।* 2⃣ *दूसरा प्रयोगः तुलसी के पत्ते पीसकर सिर पर लगा लें। तदुपरांत सिर पर कपड़ा बाँध लें। सारी जुएँ मरकर कपड़े से चिपक जाएँगी। दो-तीन बार लगाने से ही सारी जुएँ साफ हो जायेंगी।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *लक्ष्मी की चाहवाले किनसे बचें* 🌷 🙏🏻 *भगवान श्रीहरि कहते हैं : “जो अशुद्ध ह्रदयवाला, क्रूर, हिंसक, दूसरों की निंदा करनेवाला होता है, उसके घर से भगवती लक्ष्मी चली जाती हैं |* 👉🏻 *जो नखों से निष्प्रयोजन तिनका तोड़ता है अथवा नखों से भूमि को कुरेदता रहता है उसके घर से मेरी प्रिय लक्ष्मी चली जाती हैं |* 🌞 *जो सूर्योदय के समय भोजन, दिन में शयन तथा दिन में मैथुन करता है उसके यहाँ से मेरी प्रिया लक्ष्मी चली जाती हैं |” (श्रीमद् देवी भागवत )* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *मृत्यु के समय* 🌷 🐄 *मरते समय भी गौ के गोबर का लेप करके मुर्दे को रखो ..उसकी सद्गति होगी | मरते समय जो मर जा रहे हैं उनके मुँह में तुलसी के पत्ते रखो | गाय के गोबर के कंडे का धुआं करो तो उसके बैक्टेरिया दूसरे को नहीं सताएँगे |* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏

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*🍇☘️प्रकृति के बहुमूल्य उपहारो मे से एक: 🍇अंगूर* ☘️🍇अंगूर *शीतल, वात-पित्तनाशक, बलवर्धक*, रुचिकर, स्वर को उत्तम करनेवाला एवं *आँखों के लिए हितकर है।* ☘️🍇इसके सेवन से शरीर में *रक्त एवं मांस की वृद्धि होकर वजन बढ़ने में सहायता मिलती है।* यह प्यास की अधिकता, पेट की जलन,मुख का स्वाद कड़वा हो जाना, खाँसी, पेशाब की जलन एवं रुकावट, कब्ज, खून की कमी, पीलिया, सामान्य कमजोरी आदि रोगों में लाभकारी है। *☘️🍇अंगूर आँतों, गुर्दो (kidneys), यकृत (liver) व आमाशय की कार्यक्षमता में वृद्धि करते हैं।* शरीर में से विरोधी कणों को बाहर निकालते हैं, आँखों को शीतलता देते हैं और गर्मी की बीमारियों को मिटाते हैं। ☘️🍇अंगूर रोगियों के लिए एक अच्छा पथ्य होने के साथ-साथ स्वस्थ मनुष्य को शक्ति और पुष्टि प्रदान करता है। *कैंसर, टी.बी., पेट व आँतों की सूजन एवं घाव, बच्चों का सूखा रोग, आंत्रपुच्छ शोथ (appendicitis) तथा हृदय के रोगियों के लिए यह शक्तिदायक पथ्य है।* *☘️🍇१००-२०० ग्राम अंगूर खाने से शरीर में शक्ति का शीघ्र ही संचार होता है। लम्बी बीमारी के बाद शरीर में आयी कमजोरी को दूर करने में यह रामबाण औषधि का काम करता है।* बच्चों, वृद्धों व दुर्बल लोगों के लिए यह अनुपम आहार है।" *🤵🏻आधुनिक अनुसंधानों के अनुसार* अंगूर में प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट एवं पोलिफिनोल पाये जाते हैं, जिससे यह विभिन्न प्रकार के कैंसर, उच्च रक्तदाब (High B.P.), हृदय की रक्तवाहिनियों का अवरोध (Blockage) आदि विभिन्न प्रकारके हृदयरोगों से रक्षा करने में सहायक है। *🍇🫐अंगूर के गुणकारी प्रयोग:-*⤵️ 🫐 *जिसको कमजोरी मिटानी है वह भोजन के आधा घंटे बाद २५-३० ग्राम अंगूर का रस पिये। गर्भिणी को, बच्चों को भी पिलाओ ।* अंगूर नहीं मिलें तो किशमिश, द्राक्ष आदि लें। शरीर पुष्ट हो जायेगा। *🫐जरा-जरा बात में क्रोधी होनेवाले लोगों को अंगूर प्रचुर मात्रा में खाने चाहिए।* *🫐बच्चों को दाँत निकलते समय दस्त होते हैं, अजीर्ण और कब्जियत होती है, पीड़ा होती है। उन दिनों में बच्चों को १-२ चम्मच अंगूर का रस सुबह और शाम दो तो फिर उन्हें ठीक-ठीक भूख लगने लगती है।* *🫐जिनको भूख नहीं लगती उनके लिए भी अंगूर का भोजन अथवा अंगूर का नाश्ता हितकारी है ।* थोड़े दिन अंगूर का ही नाश्ता करें तो रक्ताल्पता ठीक हो जायेगी, रक्त बन जायेगा, हीमोग्लोबिन ठीक हो जायेगा। *🍇अंगूर के अन्य औषधीय प्रयोग:-* *🍁 रक्तपित्त :* प्रतिदिन १००-१५० ग्राम मीठे अंगूर खाने से नाक, मुँह और मूत्रमार्ग से निकलनेवाले खून को रोकने में सहायता मिलती है। *🔰पेशाब की रुकावट :* पेशाब थोड़ा-थोड़ा तथा रुक-रुककर आये अथवा बार-बार जाने की इच्छा हो तो अंगूर खाना बहुत ही लाभदायक रहता है इससे मूत्र खुलकर आता है और मूत्राशय की कमजोरी दूर हो जाती है। 🔰अंगूर के विकल्प के रूप में किशमिश, कालीद्राक्ष एवं द्राक्षावलेह का उपयोग किया जा सकता है। द्राक्षावलेह अम्लपित्त (एसिडिटी), कब्ज, खून की कमी, चक्कर आना, पीलिया, कमजोरी, पेशाब की जलन, भूख की कमी, नाक, मुँह एवं मूत्रमार्ग से खून निकलना आदि रोगों में लाभदायी है। _*(किशमिश, काली द्राक्ष एवं द्राक्षावलेह आश्रमों व समितियों के सेवाकेन्द्रों पर उपलब्ध हैं।)*_ *🚫सावधानी : अंगूर अच्छी तरह धो के खाने चाहिए। रोगियों को अंगूर अल्प मात्रा में देने चाहिए क्योंकि ये अतिसार (दस्त) की उत्पत्ति भी करते हैं ।* *🫐कच्चे एवं खट्टे अंगूर शीतल और रुक्ष होते हैं। इनके सेवन से आमाशय और प्लीहा में हानि पहुँचती है, वायुप्रकोप होता है।* जय श्री राधे राधे🙏🙏 शुभ संध्या🚩🚩🚩

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*कान के रोग...* *🔆कान में पीब(मवाद) होने परः* 🔅पहला प्रयोगः फुलाये हुए सुहागे को पीसकर कान में डालकर ऊपर से नींबू के रस की बूँद डालने से मवाद निकलना बंद होता है। मवाद यदि सर्दी से है तो सर्दी मिटाने के उपाय करें। साथ में सारिवादी वटी 1 से 3 गोली दिन में दो बार व त्रिफला गुग्गल 1 से 3 गोली दिन में तीन बार सेवन करना चाहिए। 🔅दूसरा प्रयोगः शुद्ध सरसों या तिल के तेल में लहसुन की कलियों को पकाकर 1-2 बूँद सुबह-शाम कान में डालने से फायदा होता है। *🔆बहरापनः* 🔅पहला प्रयोगः दशमूल, अखरोट अथवा कड़वी बादाम के तेल की बूँदें कान में डालने से बहरेपन में लाभ होता है। 🔅दूसरा प्रयोगः ताजे गोमूत्र में एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर हर रोज कान में डालने से आठ दिनों में ही बहरेपन में फायदा होता है। 🔅तीसरा प्रयोगः आकड़े के पके हुए पीले पत्ते को साफ करके उस पर सरसों का तेल लगाकर गर्म करके उसका रस निकालकर दो-तीन बूँद हररोज सुबह-शाम कान में डालने से बहरेपन में फायदा होता है। 🔅चौथा प्रयोगः करेले के बीज और उतना ही काला जीरा मिलाकर पानी में पीसकर उसका रस दो-तीन बूँद दिन में दो बार कान में डालने से बहरेपन में फायदा होता है। 🔅पाँचवाँ प्रयोगः कम सुनाई देता हो तो कान में पंचगुण तेल की 3-3 बूँद दिन में तीन बार डालें। औषधि में सारिवादि वटी 2-2 गोली सुबह, दोपहर तथा रात को लें। कब्ज न रहने दें। भोजन में दही, केला, फल व मिठाई न लें। *🔆कान का दर्दः* अदरक का रस कान में डालने से कान के दर्द, बहरेपन एवं कान के बंद होने पर लाभ होता है। *कान में आवाज होने परः* लहसुन एवं हल्दी को एकरस करके कान में डालने पर लाभ होता है। कान बंद होने पर भी यह प्रयोग हितकारक है। *🔆कान में कीड़े जाने परः* दीपक के नीचे का जमा हुआ तेल अथवा शहद या अरण्डी का तेल या प्याज का रस कान में डालने पर कीड़े निकल जाते हैं। *🔆कान के सामान्य रोगः* सरसों या तिल के तेल में तुलसी के पत्ते डालकर धीमी आँच पर रखें। पत्ते जल जाने पर उतारकर छान लें। इस तेल की दो-चार बूँदें कान में डालने से सभी प्रकार के कान-दर्द में लाभ होता है। जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 02 मार्च 2021* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - चतुर्थी 03 मार्च प्रातः 03:00 तक तत्पश्चात पंचमी* ⛅ *नक्षत्र - हस्त 03 मार्च प्रातः 03:29 तक तत्पश्चात स्वाती* ⛅ *योग - गण्ड सुबह 09:26 तक तत्पश्चात वृद्धि* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:47 से शाम 05:15 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:59* ⛅ *सूर्यास्त - 18:42* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - अंगारकी-मंगलवारी चतुर्थी (सूर्योदय से 03 मार्च प्रातः 03:00 तक), संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:58)* 💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷 🙏🏻 *मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग* 🙏🏻 *मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।* 👉🏻 *मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना ... जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है...* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷 🙏 *अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…* 🌷 *> बिना नमक का भोजन करें* 🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो* 🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें* 💵 *कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷 🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |* 👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –* 🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।* 🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।* 🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।* 🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।* 🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:* 🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राम🙏🙏

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 01 मार्च 2021* ⛅ *दिन - सोमवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - द्वितीया सुबह 08:35 तक तत्पश्चात तृतीया* ⛅ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी सुबह 07:37 तक तत्पश्चात हस्त* ⛅ *योग - शूल दोपहर 12:56 तक तत्पश्चात गण्ड* ⛅ *राहुकाल - सुबह 08:27 से सुबह 09:55 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:00* ⛅ *सूर्यास्त - 18:41* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - तृतीया क्षय तिथि* 💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷 👉 *02 मार्च, मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:58)* 🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :* 🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।* 🌷 *ॐ सोमाय नमः ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷 👉 *भारतीय समय के अनुसार 02 मार्च 2021 को (सूर्योदय से 03 मार्च प्रात: 03:00 तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..* *👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-* 🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः* 🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः* 🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः* 🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः* 🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः* 🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः* 🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः* 🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः* 🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः* 🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः* 🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः* 🌷 *12) ॐ भुजाय नमः* 🌷 *13) ॐ भौमाय नमः* 🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः* 🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः* 🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः* 🌷 *17) ॐ यमाय नमः* 🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः* 🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः* 🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः* 🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः* 🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-* 🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा* 🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका* 🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम* 🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे* 🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..* 🙏 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏

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