#अगर_लॉक_डाउन_बढता_है_तो........#कृपया_इन_बातों_का_ध्यान_रखें:- #MOST_IMPORTANT* 1-.फ़िज़ूल खर्ची बिलकुल ना करें, चाहे आपके अकाउंट में लाखों रूपये क्यों ना हों! कैश की प्रॉब्लम हुई तो वो लाखों रूपये कोई काम के नही. 2. आशावादी दृष्टिकोण व सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों से प्रेरणा लेते रहें। 3. मिल्क पाउडर का स्टॉक रखें। 4. दवाइयों का स्टॉक रखें, जो रेगुलर लेते हो- बीपी, डायबिटीज, हार्ट, थायरॉइड इत्यादि की दवाई। 5. खाना बिलकुल बर्बाद ना करें; किसी भी हालात में आत्मविश्वास नहीं खोऐं, दोपहर का खाना बचा है तो शाम को खा लें, रोटियां बची हैं तो तल कर रख लें, उन्हें चाय के साथ खा लें ।चावल ज्यादा बच गये हैं तो शाम को पुलाव बना लें, भूख से थोड़ा कम खाने की आदत डालें। अभी नये आइटम बनाकर खाने का समय नहीं है, संयम रखे। 6. थोड़ा दही प्रतिदिन जमाते रहें। हो सके तो छाछ लेते रहे। 7. बच्चों की जिद्द पर लगाम लगाये, उनको बुरे वक़्त के बारे में बताये, लड़ने की हिम्मत दें उन्हें ,"तुम स्ट्रांग हो..,समझदार हो .." ऐसे लफ़्ज़ों से उन्हें स्ट्रांग बनाये ........ 8.जहां ज़रूरत है वहीं खर्च करें। (नाश्ता ,फ्रूट्स,स्नैक्स,कोल्ड ड्रिंक,मिठाईयाँ,नमकीन,बिस्कुट पर रोक लगाए) 9. सिंपल खाना खाएं (वक़्त बदलेगा तो अच्छा भी खाएंगे) 10. अपने गरीब रिश्तेदार और पड़ोसियों का खास ख्याल रखे .. 11_ घर में first aid किट की दवाइयां ज़रूर रखें ,जैसे बुखार, जुकाम, पेट दर्द, उल्टियां, pain किलर, iodex 12. सूखी सब्जियों का स्टॉक करे---राजमा, मूँग, चवले, चने, छोले, केर-सांगरी, पापड़, मैथी दाना आदि। *छोटी सी कोशिश* ........... 13. मंदिर मस्जिद जाने के लिए जिद्द ना करें। सार्वजनिक रूप से भीड़ मे ना मिले। लोगों से सोशियल डिस्टेंस रखें । 14.आपस में प्रेम से रहें, भूतकाल के झगड़े भूलने का समय है, जिद्द छोड दें । 15. स्वयं कुछ नया सीखे एवं बच्चो को भी योजनाबद्ध तरीके से कुछ नया सिखाएं। आपके माइंड में कुछ suggestion और अच्छे ideas हो तो family group में और परिवारजन व दोस्तों को msg करें. *Stay Home Stay Safe.*

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हम नहीं बतायेंगे तो कौन बतायेगा?? क्या आप शाकाहारी हैं ? तो ये सच आपको चौंका सकता है...?? 😣भारत में कुल 3600 बड़े कत्लखाने हैं जिनके पास पशुओं को काटने का लाईसेंस है ! जो सरकार ने दे रखा है !! 😢 इसके इलावा 35000 से अधिक छोटे मोटे कत्लखाने हैं जो गैर कानूनी ढंग से चल रहे हैं ! कोई कुछ पूछने वाला नहीं है जहाँ हर साल 4 करोड़ पशुओं का कत्ल किया जाता है ! 👺जिसमें गाय ,भैंस , सूअर, बकरा ,बकरी , ऊंट,आदि शामिल हैं ! मुर्गीयाँ कितनी काटी जाती है इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है ! 😡 भारत के 20% लोग मांसाहारी है जो रोज मांस खाते हैं और सब तरह का मांस खाते है | 😖 मांस के इलावा दूसरी जो चीज कतल से प्राप्त की जाती है वो है तेल ! उसे Tellow कहते हैं 😞 जैसे गाय के मांस से जो तेल निकलता है उसे Beef Tellow और सूअर की मांस से जो तेल निकलता है उसे Pork Tellow कहते है | 😱 इस तेल का सबसे ज़्यादा उपयोग चेहरे में लगाने वाली क्रीम बनाने में होता है जैसे Fair & Lovely , Ponds , Emami इत्यादि | 💧ये तेल क्रीम बनाने वाली कंपनियों द्वारा खरीदा जाता है और जैसा कि आप जानते हैं मद्रास High Court में श्री राजीव दीक्षित ने विदेशी कंपनी Fair and Lovely के खिलाफ Case जीता था 😁जिसमे कंपनी ने खुद माना था कि हम इस Fair and Lovely में सूअर की चर्बी का तेल मिलाते हैं ! 😐 तो कत्लखानों मे मांस और तेल के बाद जानवरों का खून निकाला जाता है ! कसाई गाय और दूसरे पशुओं को पहले उल्टा रस्सी से टांग देते हैं.... 😗 फिर तेज धार वाले चाकू से उनकी गर्दन पर वार किया जाता है और एक दम खून बहने लगता है नीचे उन्होंने एक ड्रम रखा होता है जिसमें खून इकठा किया जाता है 👿 तो खून का सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है अँग्रेजी दवा (एलोपैथिक) बनाने में । पशुओं के शरीर से निकला हुआ खून से एक दवा बनाई जाती है उसका नाम है Dexorange ! 😷 यह बहुत ही Popular दवा है और डाक्टर इसको खून की कमी के लिए महिलाओं को लिखते हैं खासकर जब वो गर्भावस्था मे होती है 😭 क्यूंकि तब महिलाओं में खून की कमी आ जाती है और डाक्टर उनको जानवरों के खून से बनी दवा लिखते हैं क्यूंकि उनको दवा कंपनियों से बहुत भारी कमीशन मिलता है ! 😝 इसके इलावा इस रक्त का प्रयोग बहुत बड़े पैमाने पर Lipstick बनाने में होता है ! इसके बाद रक्त एक और प्रयोग चाय बनाने में बहुत सी कंपनिया करती है ! ❓अब चाय तो पोधे से प्राप्त होती है ! और चाय के पोधे का Size उतना ही होता है जितना गेहूँ के पोधे का होता है ! ❓उसमें पत्तियाँ होती हैं और पत्तियों के नीचे का जो टूट कर गिरता है जिसे डंठल कहते हैं आखिरी हिस्सा ! लेकिन ये चाय नहीं है ! 👉 तो फिर क्या करते हैं, इसको चाय जैसा बनाया जाता है ! अगर उस निचले हिस्से को सुखा कर पानी में डालें तो चाय जैसा रंग नहीं आता ! ❓तो ये विदेशी कंपनियाँ Brookbond, Lipton,आदि क्या करती हैं जानवरों के खून को इसमें मिलकर सूखा कर डिब्बे मे बंद कर बेचती हैं ! 👉 तकनीकी भाषा में इसे Tea Dust कहते हैं ! तो इसके इलवा कुछ कंपनियाँ Nail Polish बनाने ने प्रयोग करती हैं !! 🐚 मांस, तेल ,खून के बाद कत्लखानों मे पशुओं की हड्डियाँ निकलती हैं । इसका प्रयोग Tooth Paste बनाने वाली कंपनियाँ करती हैं 😳 Colgate, Close Up, Pepsodent, Cibaca, आदि आदि ! Shaving Cream बनाने वाली काफी कंपनियाँ भी इसका प्रयोग करती हैं ! 😭 और आजकल इन हड्डियों का प्रयोग जो होने लगा है टैल्कम Powder बनाने में ! क्यूंकि ये थोड़ा सस्ता पड़ता है, 🍁वैसे टैल्कम Powder पत्थर से बनता है ! और 60 से 70 रुपए किलो मिलता है और पशुओं की हड्डियों का Powder 25 से 30 रुपए किलो मिल जाता है !! 😞 इसके बाद गाय ऊपर की जो चमड़ी है उसका सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है Cricket Ball बनाने में ! आज कल सफ़ेद रंग की आती है ! 👉 जो गाय की चमड़ी से बनाई जाती है ! गाय के बछड़े की चमड़ी का प्रयोग ज्यादा होता है Ball बनाने में ! पर Foot Ball बड़ी होती है इसमें ज्यादा प्रयोग होता है गाय के चमड़े का !! 👞आजकल और एक उद्योग में इस चमड़े का बहुत उपयोग हो रहा है ! जूते चप्पल बनाने में ! अगर जूता चप्पल बहुत ही Soft है तो वो 100 % गाय के बछड़े के चमड़े का बना है ! 👉 और अगर Hard है तो ऊंट और घोड़े के चमड़े का ! इसके इलावा चमड़े का उपयोग पर्स ,बैल्ट व सजावट के सामान में किया जाता है !! इसके अलावा... 1⃣ गाय के शरीर के अंदर के कुछ भाग है ! उनका भी बहुत प्रयोग होता है ! जैसे गाय में बडी़ आंत , इसको पीस कर Gelatin बनाई जाती है ! 👉जिसका बहुत ज्यादा उपयोग आइसक्रीम, चाकलेट, Maggi , Pizza , Burger , Hotdog , Chawmin के Base Material बनाने में होता है। 👉और एक Jelly आती Red Orange Color की उसमें Gelatin का बहुत प्रयोग होता है ! Chewgum तो Gelatin के बिना बन ही नहीं सकती !! 😁आजकल जिलेटिन का उपयोग साबूदाना में होने लगा है| जो हम उपवास में खाते हैं अत: जो अपने आप को शाकाहारी कहते हैं और कहीं न कहीं इस मांस का प्रयोग कर रहे हैं और अपना धर्म भ्रष्ट कर रहे हैं ! अब आपको क्या करना है यह आप स्वयं तय करें.....

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जाने कहाँ गये वो दिन +**************+ जरा सोचिए - विज्ञान हमे कहाँ ले आया ?* *पहले 😗 वो कुँए का मैला कुचला पानी पीकर भी 100 वर्ष जी लेते थे *अब 😗 RO का शुद्ध पानी पीकर 40 वर्ष में बुढे हो रहे है *◆◆◆◆ ●●●● .......* *पहले 😗 वो घाणी का मैला सा तैल खाके बुढ़ापे में भी मेहनत कर लेते थे। *अब 😗 हम डबल-ट्रिपल फ़िल्टर तैल खा कर जवानी में भी हाँफ जाते है *◆◆◆◆ ●●●● .......* *पहले 😗 वो डले वाला नमक खाके बीमार ना पड़ते थे। *अब 😗 हम आयोडीन युक्त खाके हाई-लो बीपी लिये पड़े है *◆◆◆◆ ●●●● .......* *पहले 😗 वो नीम-बबूल कोयला नमक से दाँत चमकाते थे और 80 वर्ष तक भी चब्बा-चब्बा कर खाते थे *अब 😗 कॉलगेट सुरक्षा वाले रोज डेंटिस्ट के चक्कर लगाते है *◆◆◆◆ ●●●● .......* *पहले 😗 वो नाड़ी पकड़ कर रोग बता देते थे *अब 😗 आज जाँचे कराने पर भी रोग नहीं जान पाते है *◆◆◆◆ ●●●● .......* *पहले 😗 वो 7-8 बच्चे जन्मने वाली माँ 80 वर्ष की अवस्था में भी खेत का काम करती थी। *अब 😗 पहले महीने से डॉक्टर की देख-रेख में रहते है फिर भी बच्चे पेट फाड़ कर जन्मते है *◆◆◆◆ ●●●● .......* *पहले 😗 काले गुड़ की मिठाइयां ठोक ठोक के खा जाते थे *अब 😗 खाने से पहले ही सुगर की बीमारी हो जाती है *◆◆◆◆ ●●●● .......* *पहले 😗 बुजर्गो के भी घुटने नहीं दुखते थे *अब 😗 जवान भी घुटनो और कन्धों के दर्द से कहराता है *◆◆◆◆ ●●●● .......* *समझ नहीं आता ये विज्ञान का युग है या अज्ञान का ?*

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ऐसे काम करती हैं विभिन्न #चिकित्सा #पद्धतियां 1. #आयुर्वेद आयुर्वेद में रसायन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद मददगार होते हैं। रसायन का मतलब केमिकल नहीं है। कोई ऐसा प्रॉडक्ट जो एंटिऑक्सिडेंट हो, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला हो और स्ट्रेस को कम करता हो, रसायन कहलाता है। मसलन त्रिफला, ब्रह्मा रसायन आदि, लेकिन च्यवनप्राश को आयुर्वेद में सबसे बढि़या रसायन माना गया है। इसे बनाने में मुख्य रूप से ताजा आंवले का इस्तेमाल होता है। इसमें अश्वगंधा, शतावरी, गिलोय समेत कुल 40 जड़ी बूटियां डाली जाती हैं। अलग-अलग देखें तो आंवला, अश्वगंधा, शतावरी और गिलोय का रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में जबर्दस्त योगदान है। मेडिकल साइंस कहता है कि शरीर में अगर आईजीई का लेवल कम हो तो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। देखा गया है कि च्यवनप्राश खाने से शरीर में आईजीई का लेवल कम होता है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में यह हैं खास हल्दी, अश्वगंधा, आंवला, शिलाजीत, मुलहठी, तुलसी, लहसुन, गिलोय। 2. #होम्योपैथी होम्योपैथी में वाइटल फोर्स का सिद्धांत काम करता है। इम्युनिटी को बढ़ाना ही होम्योपैथी का आधार है। पूरी जिंदगी को वाइटल फोर्स ही कंट्रोल करता है। यही है जो जिंदगी को आगे बढ़ाता है। अगर शरीर की वाइटल फोर्स डिस्टर्ब है तो शरीर में बीमारियां बढ़ने लगेंगी। होम्योपैथी में मरीज को ऐसी दवा दी जाती है, जो उसकी वाइटल फोर्स को सही स्थिति में ला दे। वाइटल फोर्स ही बीमारी को खत्म करता है और इसी में शरीर की इम्यूनिटी होती है। दवा देकर वाइटल फोर्स की पावर बढ़ा दी जाती है, जिससे वह बीमारी से लड़ती है और उसे खत्म कर देती है। होम्योपैथी में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आमतौर पर इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। 3. #एलोपैथी जानकारों के मुताबिक एलोपैथी में शरीर की जीवनी शक्ति बढ़ाने को लेकर कोई खास दवा नहीं दी जाती है। अलोपथी में माना जाता है कि किसी शख्स की जीवनी शक्ति दो वजह से कम हो सकती है। पहली जनेटिकली मसलन अगर किसी शख्स के माता-पिता की जीवनी शक्ति कमजोर है या उनमें बीमारियां होने की टेंडेंसी ज्यादा रही है तो उस शख्स की जीवनी शक्ति भी कम हो सकती है। दूसरी वजह एक्वायर्ड होती है। जैसे अगर किसी को एड्स हो गया है तो उसकी जीवनी शक्ति में कमी आ जाएगी। इसके अलावा, टीबी और डायबीटीज आदि हो जाने पर भी जीवनी शक्ति कम हो जाती है। कुछ खास किस्म की दवाएं लगातार लेने से भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। एलोपैथी में डॉक्टर बीमारियों का डायग्नोसिस करते हैं और फिर उसका इलाज किया जाता है। एलोपैथी के मुताबिक, सलाह यही है कि आप अपने खानपान का ध्यान रखें, विटामिंस से भरपूर खाना लें और वैक्सीन जरूर लगवाएं। एलोपैथी में वैक्सीन पर ज्यादा जोर होता है। अगर कोई शख्स नॉर्मल है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक भी है तो भी उसे अपना टीकाकरण पूरा कराना चाहिए। इससे तमाम बीमारियों से बचने में मदद मिलती है। 4. #नैचरोपैथी नैचरोपैथी के मुताबिक बुखार, खांसी और जुकाम जैसे रोगों को शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकालने का मेकनिजम माना जाता है। नैचरोपैथी में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अच्छी डाइट और लाइफस्टाइल को सुधारने के अलावा शरीर को डीटॉक्स भी किया जाता है। शरीर को डीटॉक्स करने के लिए खूब पानी पिएं। हाइड्रेशन के अलावा यह शरीर पर हमला करने वाले माइक्रो ऑर्गैनिजम को बाहर निकालने का काम भी करता है। 5. #योग और #एक्सरसाइज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करने में यौगिक क्रियाएं बेहद फायदेमंद हैं। किसी योगाचार्य से सीखकर इन क्रियाओं को इसी क्रम में करना चाहिए : कपालभांति, अग्निसार क्रिया, सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, उत्तानपादासान, कटिचक्रासन, सेतुबंधासन, पवनमुक्तासन, भुजंगासन, नौकासन, मंडूकासन, अनुलोम विलोम प्राणायाम, उज्जायी प्राणायाम, भस्त्रिका प्राणायाम, भ्रामरी और ध्यान। 6. #एक्सरसाइज एक्सरसाइज करने से शरीर के ब्लड सर्कुलेशन में बढ़ोतरी होती है, मसल्स टोन होती हैं, कार्डिएक फंक्शन बेहतर होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है। शरीर से जहरीले पदार्थ निकालने में भी एक्सर्साइज मदद करती है। दरअसल, एक्सर्साइज के दौरान हम गहरी, लंबी और तेज सांसें लेते हैं। ऐसा करने से जहरीले पदार्थ फेफड़ों से बाहर निकलते हैं। दूसरे एक्सर्साइज के दौरान हमें पसीना भी आता है। पसीने के जरिये भी शरीर से गंदे पदार्थ बाहर निकलते हैं। एक स्टडी के मुताबिक अगर रोजाना सुबह 45 मिनट तेज चाल से टहला जाए तो सांस से संबंधित बीमारियां दूर होती हैं और बार-बार बीमारी होने की आशंका को आधा किया जा सकता है।

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