आज हमारा धर्म यही है NJ9824011685 *सुपरस्टार अक्षय कुमार के सुझाव पर मोदी सरकारका एक और अच्छा फैसला :* ........ एक रूपये मात्र रोज का भुगतान वो भी भारतीय सेना के लिए। मोदी सरकार ने कल कैबिनेट की मीटिंग में भारतीय सेना की आधुनिकता और सेना के जवानो जो कि युद्ध क्षेत्र में घायल होते है या शहीद होते है उनके लिए एक बैंक अकाउंट खोल ही दिया।जिसमे हर भारतीय अपनी स्वेक्षा से कितना भी दान दे सकता है। जो कि 1 रुपए से शुरू होकर असीमित है। इस पैसे का प्रयोग सेना तथा अर्धसैनिक बलो के लिए हथियार खरीदना भी होगा । मन की बात तथा फेसबुक, ट्वीटर,व्हाट्सएप्प पर लोगो के सुझाव पर आज के जलते हालात पर मोदी सरकार ने अंततः फैसला लेते हुए नई दिल्ली, *सिंडिकेट बैंक में आर्मी वेलफेयर फण्ड बैटल कैजुअल्टी फण्ड अकाउंट खोला है।* यह *Film Star Akshay Kumar* का मास्टर स्ट्रोक है। जहाँ से भारत को सुपर पॉवर बनने से कोई नहीं रोक सकता। भारत की 130 करोड़ जनसंख्या में से अगर 70% भी केवल एक रुपया इस फण्ड में रोज़ डालते है तो वो 1 रुपये एक दिन में 100 करोड़ होगा। 30 दिन में 3000 करोड़ और 36000 करोड़ एक साल में। 36,000 करोड़ तो पाकिस्तान का सालाना रक्षा बजट भी नहीं है । हमलोग प्रतिदिन 100 या 1000 रुपया रोज़ फालतू के काम में खर्च कर देते है लेकिन यदि हमलोग एक रूपये सेना के लिए दिया तो सचमुच भारत एक सुपर पॉवर जरूर बनेगा। आपका ये रुपया सीधे रक्षा मंत्रालय के सेना सहायता एवं वॉर कैजुअल्टी फण्ड में जमा होगा। जो सैन्य सामग्री और सेना के जवानो के काम आएगा *इसलिए मोदीजी के इस अभियान से जुड़कर सीधे तौर पर सेना की मदद करें।* पाकिस्तान हाय हाय कर, सड़क जाम करने और बयानबाजी करने से कुछ नहीं होगा। मोदी और देश की जनता की सोच को अमलीजामा पहनाये और अपने देश की सेना को मजबूत बनाये। जिससे पकिस्तान और चीन जैसे देशो को उसकी बिना किसी देश की सहायता से उनकी औकात बता सके। बैंक डिटेल्स नीचे दिए गए है। *Bank Details:* *SYNDICATE BANK* *A/C NAME: ARMY WELFARE FUND BATTLE CASUALTIES,* *A/C NO:* *90552010165915* *IFSC CODE:* *SYNB0009055* *SOUTH EXTENSION BRANCH,NEW DELHI.* 👉 *इस सन्देश को सभी जगह फैला दे ताकि सभी 130 करोड़ भारतीयो को अपने कर्तव्यों का पता चल जाये। सभी ग्रुप और पर्सनल no. पर भी भेजें।* 🙏 *जय हिन्द। वन्दे मातरम् ।*🙏

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RO का पानी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है । 350 TDS से 900 TDS लेवल तक का पानी ही पीने के योग्य होता है इससे कम या ज्यादा TDS लेवल का पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है । RO का पानी या बाजार में बॉटल में मिलने वाले पानी का TDS लेवल 20 से 120 के बीच में होता है । दुनिया भर के ज्यादातर बड़े और अमीर देशों में RO काफी समय पहले बंद हो चुका है इसलिए RO कम्पनियां जो बंद होने के कगार पर आ गयी थीं अब पिछले कुछ वर्षों से भारत और उसके जैसे अन्य दुनिया के देशों में वहां की सरकारों और नेताओं को रिश्वत और लालच देकर धड़ल्ले से RO बेंच रही हैं और इस काम में इन कम्पनियों की सबसे ज्यादा मदत करते हैं हमारे देश के फिल्मों और टीवी सीरियल में काम करने वाले कलाकार और हमारे देश के खिलाड़ी । पानी के अंदर कई प्रकार के विटामिन तथा आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक, कॉपर, आयोडीन, सोना, चांदी, तांबा जैसे अन्य अनेकों प्रकार के मिनिरल्स होते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी हैं और इनकी हमेशा शरीर को जरूरत होती है । लेकिन जब हम इस पानी को RO के माध्यम से फ़िल्टर करते हैं तो इसके अंदर के सभी जरूरी तत्व निकल जाते हैं इतना ही नहीं RO का पानी पीने के बाद में जब यह पानी हमारे शरीर से बाहर जाता है तो यह हमारे शरीर में पहले से मौजूद कई सारे मिनिरल्स को लेकर बाहर निकल जाता है । इस कारण से शरीर में कई प्रकार के विटामिन और मिनिरल कम हो जाते हैं जिससे कई प्रकार की बीमारियां घेर लेती हैं । पानी को RO या अन्य किसी भी मशीन से फिल्टर करने के बजाय अन्य कई तरीकों से भी शुद्ध करके पी सकते हैं जिससे पानी भी शुद्ध हो जाता है और उसके अंदर के कोई भी विटामिन या मिनिरल भी नष्ट नहीं होते । *पानी शुद्ध करने के तरीके*-- सबसे पहले कॉटन के एक मोटे कपड़े को कम से कम 3 से 4 परत करके पानी को छान लें । इसके बाद नीचे दिए गए अनेक तरीकों में से किसी एक तरीके को अपनाकर पानी शुद्ध करें । इन तरीकों से ना सिर्फ पानी पूरी तरह शुद्ध हो जाता है बल्कि पानी की गुणवत्ता भी बढ़ जाती है । पानी को 2-3 मिनट उबालकर हल्का ठंडा होने पर छान कर पियें । यह पूरी तरह शुद्ध होता है । सेंगा (सहजन/ के 1 से 2 मुट्ठी पत्तों को साफ़ करके 10 लीटर पानी में डाल दें, लगभग 1 से 2 घण्टे में यह पानी को पूरी तरह शुद्ध कर देता है, फिर इसे छानकर पियें । तुलसी के 40 से 50 पत्तों को साफ़ करके 10 लीटर पानी में डाल दें, लगभग 1 से 2 घण्टे में यह पानी को पूरी तरह शुद्ध कर देती है, फिर इसे छानकर पियें । इसे पीने से शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है ।देशी गाय के गोबर को जलाकर उसकी राख(भस्म) इकट्ठा कर लें , इसमें थोड़ी मात्रा में हल्दी पावडर मिलाकर रख लें, 10 लीटर पानी में लगभग आधा चम्मच मात्रा डालें, 1 घण्टे बाद छान कर पियें । गाय के गोबर से बनी हुई धूपबत्ती स्तेमाल करें, जलाने के बाद उसकी राख इकठ्ठा कर लें, इसमें थोड़ी मात्रा में हल्दी पावडर मिलाकर रख लें, 10 लीटर पानी में लगभग आधा चम्मच मात्रा डालें, 1 घण्टे बाद छान कर पियें । हवन करने के बाद हवन कुंड की राख इकठ्ठा करके रख लें, इसका स्तेमाल भी पानी के शुद्धिकरण के लिए कर सकते हैं । इस पानी को पीने से शरीर के अनेकों रोगों को दूर करने में मदत मिलती है । देशी गाय का गौमूत्र या अर्क डालने से भी पानी पूरी तरह शुद्ध हो जाता है । 10 लीटर पानी में 2 ढक्कन गौमूत्र या आधा ढक्कन अर्क डालें और 5 मिनट बाद यह पानी पीने के लिए स्तेमाल करें । फिटकिरी का एक छोटा टुकड़ा 10 लीटर पानी में डाल दें, लगभग 1 घण्टे में यह पानी को पूरी तरह शुद्ध कर देती है, फिर इसे छानकर पियें । मटर या चने के दाने के बराबर चूना 10 लीटर पानी में मिलाकर डाल दें, यह पानी को पूरी तरह शुद्ध कर देता है, लेकिन चूना मिलाया हुआ पानी लगातार 2 महीने से ज्यादा ना पियें, बीच में 2-2 महीने के लिए बंद कर दें फिर वापस शुरू करें । जिनकी उम्र 45 साल के ऊपर है वो लगातार चूने का पानी पी सकते हैं नीम के 2 से 3 मुट्ठी पत्तों को साफ़ करके 10 लीटर पानी में डाल दें, लगभग 1 से 2 घण्टे में यह पानी को पूरी तरह शुद्ध कर देता है फिर इसे छानकर पियें । इस पानी को पीने के और भी कई फायदे हैं । गिलोय एक चम्मच पावडर 10 लीटर पानी में मिलाकर डाल दें, लगभग 1 से 2 घण्टे में यह पानी को पूरी तरह शुद्ध कर देता है, फिर इसे छानकर पियें । हल्दी का आधा चम्मच पावडर 10 लीटर पानी में मिलाकर डाल दें, लगभग 1 से 2 घण्टे में यह पानी को पूरी तरह शुद्ध कर देता है ।

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ढ़लती उम्र में आदमी के पांव मन्दिर , मस्जिद, या उससे सम्बन्धित अन्य किसी पूजा स्थल की और उठने लगते है। ऐसा नहीं है कि इन्हें परमात्मा से प्रेम है, इसलिए कदम मन्दिर, मस्जिद की ओर उठे है, अगर परमात्मा से प्रेम ही रहा होता, तो पूरा जीवन जवानी में इन्होंने जो यात्रा की है, वो एकदम परमात्मा के विरुद्ध की है । अब जबकि लगने लगा है कि जीवन चूक रहा है, तो मृत्यु के भय के कारण परमात्मा की ओर कदम उठाये हैं, परमात्मा से प्रेम के कारण नहीं । जब जीवन ऊर्जा चूकने लगी है, तब मन्दिर की ओर क़दम उठाने का कोई मूल्य नहीं है, और वो भी भय के कारण । जो यात्रा ज़वानी में की है, बुढापे में उसके विपरीत यात्रा नहीं हो सकती, जीवन भर , जबकि तब जीवन ऊर्जा चरम पर थी, तभी यात्रा की दिशा बदली जा सकती थी । बुढ़ापे में जवानी के विपरीत दिशा में यात्रा सम्भव नहीं है, क्योंकि दिशा परिवर्तन में अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो बुढापे में नहीं बचती ।

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समुद्र में एक दफा जब शार्क मछलियों का बहुत ज्यादा शिकार किया गया तो झींगा मछली भी कम हो गई हालांकि इन झींगा मछलियों को शार्क खाती थी तो होना तो यह चाहिए था कि अगर शार्क कम हुई है तो झींगा मछली बढ़ जानी चाहिए थी लेकिन उल्टा हुआ शार्क कम हुई तो झींगा भी कम हो गई जब वैज्ञानिकों ने शोध करी तो उन्हें पता चला कि शार्क के गोबर में जो काई पनपती है उस पर जो छोटे छोटे जीव पैदा होते हैं उन चीजों को खाकर झींगा मछली की आबादी बढ़ती है तो जैसे ही शार्क खत्म हुई वैसे ही झींगा मछली भी खत्म हो गई इसी तरह से एक बार जिम कार्बेट पार्क में जब हाथियों की आबादी कम हुई तो अचानक एक चिड़िया की किस्म खत्म हो गई जब शोध करी गई तो पता चला कि हाथी की लीद में एक कीड़ा पैदा होता है जो उस लीद को खाता है और उस कीड़े को वह चिड़िया खाती थी तो जैसे ही हाथी कम हुए वैसे ही चिड़िया भी खत्म हो गई इसी तरीके से हो सकता है किसी दिन किसी पशु पक्षी या किसी कीड़े के खत्म होते ही इंसान भी झट से मर जाए आजकल प्रदूषण और फसलों पर जहरीले कीटनाशकों के छिड़काव के कारण मधुमक्खियां बड़ी तादाद में मर रही है हो सकता है पृथ्वी से मधुमक्खियां खत्म हो जाए और क्योंकि मधुमक्खियों के कारण ही हमारी फसलों में परागण होता है सब्जियों फूलों अनाजों की फसल होती है संभव है जिस दिन मधुमक्खियां ना रहे उस दिन इंसान के पास खाने को कुछ भी ना रहे और मधुमक्खियों के इस पृथ्वी से जाते ही मनुष्य भी खत्म हो जाए असल में मनुष्य इतना बेवकूफ और घमंडी है वह किसी भी चीज को समझने को तैयार नहीं है और यह घमंड ही मनुष्य के खात्मे का कारण बनेगा आज जो लोग पर्यावरण और जीवो को बचाने की बात करते हैं उन्हें कम्युनिस्ट, विदेशी एजेंट या विकास विरोधी कह कर गालियां दी जाती है लेकिन यह नहीं माना जाता कि यह लोग पूरी मानवता को बचाने की कोशिश कर रहे हैं मुनाफाखोर पूंजीवादी लोग राष्ट्रवाद और विकास का झांसा देकर हमारी ज़मीनो नदियों को बर्बाद कर रहे हैं हमारे नेता इनकी जेब मे हैं दुनिया को बचाने की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले लीजिये इसे नष्ट करने वालों को ज़ोरदार टक्कर दीजिये अपनी नहीं तो अपने बच्चों की फिक्र कीजिए इंसानी अस्तित्व का बने रहना आपके अपने हाथ में है

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