अच्छा लगे तो अपने परिवार रिश्तेदार में सब को भेजना ये मैसेज पूरा पढ़े, और अच्छा लगे तो सबको भेजें । 🙏 एक श्याम भक्त था वह श्याम बाबा को बहुत मानता था, बड़े प्रेम और भाव से उनकी सेवा किया करता था । एक दिन श्याम बाबा से कहने लगा – मैं आपकी इतनी भक्ति करता हूँ पर आज तक मुझे आपकी अनुभूति नहीं हुई । मैं चाहता हूँ कि आप भले ही मुझे दर्शन ना दे पर ऐसा कुछ कीजिये की मुझे ये अनुभव हो की आप हो। श्याम बाबा ने कहा ठीक है, तुम रोज सुबह समुद्र के किनारे सैर पर जाते हो, जब तुम रेत पर चलोगे तो तुम्हे दो पैरो की जगह चार पैर दिखाई देंगे । दो तुम्हारे पैर होंगे और दो पैरो के निशान मेरे होंगे । इस तरह तुम्हे मेरी अनुभूति होगी । अगले दिन वह सैर पर गया, जब वह रेत पर चलने लगा तो उसे अपने पैरों के साथ-साथ दो पैर और भी दिखाई दिये वह बड़ा खुश हुआ । अब रोज ऐसा होने लगा । एक बार उसे व्यापार में घाटा हुआ सब कुछ चला गया, वह रोड़ पर आ गया उसके अपनो ने उसका साथ छोड दिया । देखो यही इस दुनिया की प्रॉब्लम है, मुसीबत में सब साथ छोड़ देते है । अब वह सैर पर गया तो उसे चार पैरों की जगह दो पैर दिखाई दिये । उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि बुरे वक्त में श्याम बाबा ने भी साथ छोड दिया। धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा फिर सब लोग उसके पास वापस आने लगे । एक दिन जब वह सैर पर गया तो उसने देखा कि चार पैर वापस दिखाई देने लगे । उससे अब रहा नही गया, वह बोला- वा श्याम बाबा जब मेरा बुरा वक्त था तो सब ने मेरा साथ छोड़ दिया था पर मुझे इस बात का गम नहीं था क्योकि इस दुनिया में ऐसा ही होता है, पर आप ने भी उस समय मेरा साथ छोड़ दिया था, ऐसा क्यों किया? श्याम बाबा ने कहा – तुमने ये कैसे सोच लिया कि मैं तुम्हारा साथ छोड़ दूँगा, तुम्हारे बुरे वक्त में जो रेत पर तुमने दो पैर के निशान देखे वे तुम्हारे पैरों के नहीं मेरे पैरों के थे, उस समय में तुम्हे अपनी गोद में उठाकर चलता था और आज जब तुम्हारा बुरा वक्त खत्म हो गया तो मैंने तुम्हे नीचे उतार दिया है । इसलिए तुम्हे फिर से चार पैर दिखाई दे रहे । ✔जब भी बड़ो के साथ बैठो तो श्याम बाबा का धन्यवाद , क्योंकि कुछ लोग इन लम्हों को तरसते हैं । ✔जब भी अपने काम पर जाओ तो श्याम बाबा का धन्यवाद , क्योंकि बहुत से लोग बेरोजगार हैं । ✔ श्याम बाबा का धन्यवाद कहो कि तुम तन्दुरुस्त हो , क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं । ✔ श्याम बाबा का धन्यवाद कहो कि तुम जिन्दा हो , क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो जिंदगी की कीमत क्या होती है। 👏जय श्री श्याम 👏 हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा 🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙌🙌🙌🙌🙌

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सड़क विस्तार के लिए 🌱 सारे पेड़ों के कटने के बाद 🐉 बस बचे हैं एक नीम और बरगद 🌳 जो अस्सी साल के साथ में शोकाकुल हैं पहली बार 😭 नीम बोला 🌳 परसों जब हरसिंगार कटा था 🪵 तो बहुत रोया बेचारा 😭 सारे पक्षियों ने भी शोर मचाया 🦜🦢🦩 गिरगिट ने रंग बदले 🦕 गिलहरयां फुदकी 🐿️ मगर कुल्हाड़ी नहीं पसीजी 🪓 और फिर वो मेरे से दो पौधे छोड़कर 🌿🌱 जब शीशम कटा ना 🪵 तो लगा कि मैं भी रो दूँगा 😭 चिड़िया के घौसलो से अंडे गिर गए🐣🐣 गिलहरियों को तो मैंने जगह दे दी 🐿️ मगर तोते के बच्चे कोटर से गिरते ही मर गए🦜🦜 बरगद कराहा 😨😱 वो मेरे पास में आम, गुंजन और महुआ थे ना 🍋🍊🍋 बेचारे गिड़गिड़ाए कि🙏 हमारी सड़क वाली तरफ की टहनियां काट दो 🪓 सारे पक्षियों ने भी चीं-चीं कर गोल-गोल चक्कर काटकर गुज़ारिश की 🙏 कि मत छीनो हमारा घर 🏡 पर पता नहीं ये आदमलोग 🥸 कौनसी ज़बान समझते हैं 🙆‍♂️ धड़ाम करके कटकर ये नीचे गिरे ☹️ तो ज़मीन कंपकंपाई मानो अपनी छाती पीट रही हो 💥 नीम और बरगद बोले आपस में ख़ैर जो हुआ सो हुआ 😱 अब हम दोनों ही सम्भालेंगे पक्षियों से लेकर छाया में रूकने वालों को 🙏 अचानक बरगद बोला 🍀 ये लकड़हारे फिर लौट आए कहीं हमें तो नहीं काटेंगे🤫 कहकर बरगद ने जोर से झुरझरी ली नीम ने भरोसा दिलाया 🥳 अरे, ऐसे ही आए होंगे सड़क तो बन गई है ना अब भला क्यों काटेंगे हमें😠 थोड़ी देर में निशान लगने लगते हैं आदमलोग कह रहे हैं कि बसस्टॉप के लिए यही सबसे सही जगह हैं 😤 इन दोनों को काट देते हैं छोटा-सा शेड लग जाएगा लिख देंगे प्रार्थना बस-स्टैंड 🙃 नीम चिल्लाया अरे, मत काटो हमारी छाया में बेंच लगा दो 🙏 हवा दे देंगे हम टहनियां हिलाकर निम्बोली भी मिलेगी और अच्छा लगेगा पक्षियों को देखकर 🪲🐦🐧🐔🐥🦆🦅🦉🦇 बरगद ने हामी भरी सारे पक्षी आशंकित से नीचे ताकने लगे 🐦 आर्तनाद बेकार गया पहले नीम की बारी आई आँख में आँसू भर नीम ने टहनियाँ हिलाई😓😥 बरगद ने थामा क्षण भर नीम को गलबहियाँ डाली दोनों ने और धड़ाम से ख़त्म हो गया एक संसार 💔 अब बरगद देख रहा है उन्हें अपने पास आते सिकुड़ता है टहनियां हिलाता है 🏞️ कातर नज़रों से ताकता है इधर-उधर पक्षी बोलते-डोलते हैं मगर नाशुक्रे आरी रखते हैं और फिर सब ख़त्म ये नीम और बरगद का क़त्ल नहीं है एक दुनिया का उजड़ना है बेज़ुबान जब मरते हैं तो बदले में बहुत कुछ दफ़न हो जाता है सुनो , कर्मफ़ल यहीं भुगतने पड़ते हैं आज सब ऑक्सीजन को तरसते हैं। # 🌳🌲🎄🌵🍀🎍🪴🌳☘️🐲🐉🌿🌱🪵🌴

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ऐ मौत, झुका ले अपना सर, और छुपा ले अपना चेहरा. माना की तेरे कदमों में आकर एक हो जाते हैं रास्ते, तुझसे जीत सका न कोई . एक न एक दिन आना ही है तेरी पनाहों में. मग़र देख खोलकर अपनी आँखें, खुले किये हैं हमने दिल के दरवाज़े पीकर घूंट गम के भी और ढूंढ निकाला हैं नए तरीके तुझे बेबस मुकर्रर करने के. भले चली जाए जान पर धड़कता है दिल उस जिस्म में कई अनजान, मजबूर जिंदगियों की ख़ातिर, और जिस्म के दरवाज़े खोलकर निकल आते हैं टुकड़े ज़िगर के, कलेजे के ,कुदरत के कई करिश्मों के, और इंसान का हुनर , दिखाकर अपना करतब बख्शता है नई जिंदगी कई रूपों को . वो तुम्हारी उखाड़ दी हुई जान फिर से उमड़ने लगी है उन रूपों में अनगिनत सदियों तक फिर से जिंदा रहने के लिए ऐ मौत फ़ख्र होगा तुझे भी देखकर ये जिंदादिल, जिन्होंने की है दोस्ती तुझसे भी...ऐ मौत, फ़ख़्र होगा तुझे भी ( सुनाया किसी ने )

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