Anupam Mohanta Aug 3, 2022

#पत्नी_को_वश_में_करने_के_टोटके पत्नी को वश में करने के टोटके, स्त्रियां स्वभाव से चंचल मन की और महत्वाकांक्षी होती हैं। बदले हुए जमाने में स्मिार्टफोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया ने उसके मन-मिजाज को और भी बदल दिया है। देश-दुनिया के तरह-तरह की चीजों से उसके रहन-सहन का तौर-तरीका बदल रहा है। ऐसे में हर स्त्री की महत्वाकांक्षा काफी बढ़ गई है। वह अपने जीवनसाथी पर तमाम जरूरतों के पूर्ति के लिए दबाव डालती है। उसे अपने इशारे पर चलने के लिए बाध्य करती है। इसमें कमी आने पर कई बार घोर विरोधी भी बन जाती है। घर में खाने की टेबल से लेकर बेड तक पर कलह का माहौल बना रहता है। उसकी कर्कशा बोली और ताने मारने की आदतों से पति परेशान हो जाता है। दिनभर का थकामांदा घर आए पति को सुकून की जिंदगी नहीं मिलती है। किसी पुरुष की मानसिक पीड़ा तब और बढ़ जाती है जब मालूम होता है कि उसकी पत्नी उसके वश में नहीं है, या फिर वह किसी और को चाहने लगी है। पत्नी को वश में करने के टोटके इस तरह की पत्नी को वश में लाने के लिए टोने-टोटके, वशीकरण मंत्र और अनुष्ठान के उपाय बहुत ही कारगर होते हैं। पहले कुछ सरल उपाय पर एक नजर डालते हैं। धूप दिखानाः विशेष किस्म के धूप के धुंए से पत्नी को अपने वश में किया जा सकता है। इस धूप में लाल चंदन, इलायची, सिंदूर कंगनी और काकड़सिंगी का मिश्रण का होता है, दैनिक पूजा-पाठ के दौरान इस टोटके को अपनाया जा सकता है। तिलक लगानाः एक और आसान उपाय दैनिक पूजा पाठ के दौरान पत्नी के माथे पर खास किस्म का तिलक लगाने का भी हो सकता है। इसके लिए कमल के पत्ते पर गोरोचन से अपनी पत्नी का नाम लिखें। उसके बाद उसे पीसकर तिलक बना लें। अनार की लकड़ीः पत्नी को वश में करने के लिए पूर्वा फाल्गुनि नक्षत्र में अनार की लकड़ी तोड़ लाएं। उसे धूप दिखाकर लोगांे से नजर बचाकर अपनी दाएं वांह में बांध लें। नाराज पत्नी को आकर्षित करने और उसके शिकायती गुस्से को दूर करने का यह अचूक उपाय है। मिश्रित लेपः यह उपाय पत्नी को अपने विश्वास में लेकर किया जा सकता है। हल्दी, घी, सरसो, पान और गौमूत्र से बने लेप को पत्नी के शरीर पर लगाने से वह वश में आ जाती हैं। ध्यान रहे कि ऐसा करते समय पत्नी को इसका जरा भी एहसास नहीं होना चाहिए कि आपके द्वारा किया जाने वाला कार्य उसे वश में बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। वैसे इसे पत्नी को सौंदर्य बढ़ाने या सेहतमंद बने रहने के बहाने का उपयोग बता सकते हैं। विशेष अनुष्ठानः पत्नी को वश में करने का यह उपाय काफी सावधानी से एकांत में किया जाता है। इसके लिए विशेष मंत्र का 108 बार जाप करना जरूरी है। अनुष्ठान और मंत्र जाप की शुरूआत किसी भी माह के कृष्ण पक्ष की प्रथम तिथि से की जा सकती है। पत्नी को वश में करने के टोटके अष्टमी के दिन आहूतियों के साथ मंत्र सिद्ध हो जाता है। इसकी शुरूआत के लिए एकांत कमरे में पूरब की ओर मुंह कर आसन लगाएं। अपने सामने दीपक और अगरबत्ती जलाएं। उसे पत्नी का साक्षी मानते हुए प्रथमा से सप्तमी तक मंत्र का 108 बार जाप करें। मंत्र जाप के दौरान मंत्र के अमूक शब्द की जगह पत्नी का नाम लें। अंष्टमी के दिन शाकल्य, गुड़, गुग्गल और घी की मिश्रित सामग्रियों से 108 आहूतियां दें। इस तरह से सिद्ध मंत्र के प्रयोग के समय किसी खाने की वस्तु के सामने सात बार उसे मन में पढें। उसके बाद खाने की वस्तु पर फूंक मारें और उसे पत्नी को खिला दें। इसके प्रभाव से पत्नी के स्वभाव में बदलाव दिखेगा। धीरे-धीरे वह आपके वश में आ जाएगी। इस अनुष्ठान के लिए मंत्र इस प्रकार हैः- काली चिड़िया चिग-चिग बोले, काली बनकर जाए। अमुक को वश में कराए न कराए, तो यति हनुमंत की आन। एक लाख मंत्र जाप और संकल्पः पत्नी के वशीकरण के लिए यह आजमाया हुआ उपाय है, जिसके लिए होली, दीपावली या ग्रहण के दिन बताए गए मंत्र का एक लाख बार जाप कर सिद्ध किया जाता है। मंत्र की सिद्ध होने के बाद पुष्य नक्षत्र में किसी भी रविवार को अरंड की एक सूखी डाल तोड़ लाएं। डाल को झटके के साथ एक बार में तोड़ा जाना चाहिए। सूखी डाल को जलाकर काजल बनाएं। उस काजल को पत्नी की शरीर के किसी भी हिस्से पर लगा दें। यह पत्नी को वशीभूत करने का अचूक उपाय है। सिद्ध किया जाने वाला मंत्र इस प्रकार हैः- ओम नमो काली भैरू! काली रात, काला चाल्या आधी रात, काला रेत मेरा वीर, पर नारी के राखे सीर, बेगी जा छाती घ्र ला, सूती हो जो जगाया ला, शब्द सांचा पिण्ड कांचा पफूरो मंत्रा ईश्वरी वाचा। मंत्रित मिठाई से वशीकरणः किसी अन्य पुरुष के आकर्षण में बंधी या नाराज चल रही पत्नी का वशीकरण अभिमंत्रित मिठाई के उपयोग से भी किया जा सकता है। इसक लिए एक विधि अपनाकर मंत्र को सात दिनों तक जाप से सिद्ध किया जाता है। इसकी शुरूआत किसी शनिवार की रात से की जानी चाहिए और अगले शनिवार की रात्री को समाप्त किया जाना चाहिए। इसके अगले 21 दिनों के बाद मिठाई पर मंत्र पढ़कर मंत्रित करने के बाद उसे पत्नी को प्रेम के साथ खिला देना चाहिए। मिठाई अगर पत्नी के पसंद की होनी चाहिए। मंत्र इस प्रकार हैः- पैरों की मिट्टी से वशीकरणः एक खास छोटे से मंत्र को शनिवार से शनिवार तक एक माला जाप के साथ सिद्ध करने के बाद पत्नी के पैरो के नीचे की मिट्टी से उसका वशीकरण किया जा सकता है। इस तरह से सिद्ध मंत्र को मिट्टी पर सात बार पढ़ा जाता है। अभिमंत्रित मिट्टी को पत्नी के सिर पर उसकी नजर बचाकर डाल दिया जाता है। इससे पत्नी की नाराजगी दूर हो जाती है और उसकी कर्कशा वाणी मंे भी बदलाव आ जाता है। मनोवांंिछत परिणाम मिलते हैं। सिद्ध किया जाने वाला मंत्र हैः- भगवते रुद्राय सर्वजगमोहनं कुरू कुरू स्वाहा! For Appointment: www.swamijee.in/appointment #kalivashikaran

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Anupam Mohanta Jul 31, 2022

#वैदिक ज्योतिष के अनुसार अंगारक योग का निर्माण किसी भी कुंडली में उस स्थिति में होता है, जब एक ही भाव में मंगल ग्रह के साथ राहु अथवा केतु उपस्थित हों। इसके अलावा, यदि मंगल का दृष्टि सम्बन्ध भी राहु अथवा केतु से हो रहा हो तो भी इस योग का निर्माण हो सकता है। आमतौर पर अंगारक योग को एक बुरा और अशुभ योग माना जाता है और इससे जीवन में समस्याओं की बढ़ोतरी होती है। #वैदिक_ज्योतिष के अनुसार अंगारक दोष बुरे योगों में सम्मिलित किया गया है। अंगारक की प्रकृति से समझें तो अंगारे जैसा फल देने वाला योग बनता है। यह जिस भी भाव में बनता है, उस भाव के कारकत्वों को नष्ट करने की क्षमता रखता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति के स्वभाव में परिवर्तन आते हैं, और उसमें गुस्से की अधिकता हो सकती है। यह योग व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है और वह अपने क्रोध तथा दुर्घटना आदि के कारण समस्याओं को निमंत्रण देता है। मंगल को भाई का कारक कहा जाता है, इसलिए इस योग के प्रभाव से कई बार व्यक्ति की अपने भाइयों से नहीं बनती तथा दुर्घटना होने की संभावना रहती है। इस प्रकार के योग वाले व्यक्तियों पर शत्रुओं का प्रभाव भी अधिक पड़ता है और वे मानसिक तनाव में बने रहते हैं। किसी योग्य विद्वान से अंगारक योग निवारण पूजा कराना सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इससे ग्रह शांत हो जाते हैं और उनके नकारात्मक प्रभाव कम हो जाते हैं। मंगल राहु अंगारक योग अथवा मंगल केतु अंगारक योग उपाय के रूप में इन ग्रहों की शांति मंत्र जाप तथा हवन द्वारा कराना भी उत्तम परिणाम देता है। -मंगल केतु #अंगारक_योग उपाय के रूप में मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में लाल रंग का झंडा लगाना चाहिये। -अंगारक योग निवारण के लिए माता महालक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और यह पूजा तब करनी चाहिए, जब चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में स्थित हो। -मंगलवार के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय की आराधना करने से भी #अंगारक_दोष से मुक्ति मिलती है। -अंगारक योग निवारण के लिए आप बजरंग बाण का नियमित पाठ कर सकते हैं और हनुमान जी को चोला चढ़ा सकते हैं। -यदि मंगल और राहु दोनों ही अशुभ परिणाम दे रहे हों तो मंगल और राहु का दान करना चाहिए। -अपने शरीर पर चाँदी धारण करें क्योंकि इससे इन दोनों ही ग्रहों को शांत करने में मदद मिलती है। -समय-समय पर अपने भाइयों की मदद करें और अपने ससुराल पक्ष से अपने संबंध सुधारें। -राह के कुत्तों को मीठी रोटी खिलानी चाहिए। -अंगारक योग का उपाय यह भी है कि आप अपने दाहिने हाथ में तांबे का कंगन पहनें और ॐ अं अंगारकाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। -आप रात को सोते समय अपने सिरहाने या तकिए के निकट तांबे के जग अथवा लोटे में पानी भर कर रखें और सुबह किसी काँटे वाले पौधे या कैक्टस में इस पानी को डाल दें। -अनामिका उंगली में मंगलवार के दिन तांबे की अंगूठी पहनना भी अच्छा परिणाम देता है। more information: www.swamijee.in

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Anupam Mohanta Jul 29, 2022

एकजोड़ा मंत्रसिद्ध हाथाजोड़ी किसी कंगाल व्यक्ति को भी मालामाल बना सकता है। कर्झ से मुक्ति दिला सकता है व घर के सारे Nएगेटिभ ऊर्जा दूर कर सकता है। पैसा पैसा सिर्फ पैसा आता रहेगा आज ही घर मे रखे एक जोड़ा सिद्ध हाथाजोड़ी, अर फिर देखे चमत्कार घर मे इतना पैसा आयगा आप गिण गिण कर थक जाएंगे। जिसके घर मे हाथाजोड़ी रहता है उसके घर के किसी भी सदस्य पर कोई भी काले जादू का असर नही करता है, लोग हमेशा सुरक्षित रहते है। ऐसा माना जाता है रवि पुष्य नक्षत्र योगे सिद्ध किया हुआ हाथाजोड़ी बहुत ही प्रभावी होता है, कर्झ से मुक्ति, व्यवसाय में फायदा व लोगो को अपनी तरफ वशीकरण करने में बहुत ही कारगर होता है। इसलिए तन्त्र शास्त्रो में हाथाजोड़ी का बहुत ही उल्लेख मिलता है। हाथाजोड़ी दिव्य चमत्कारी प्रभाव से बहुत ही लोग रोड़पति से करोड़पति भी बने है। किउ की हाथाजोड़ी में माँ चामुंडा देवी की साक्षात दिव्य स्वरूप बिद्यमान रहती है। जिस से घर मे, ऑफिस में, दोकान में अभिमन्त्रित हाथाजोड़ी रखने से माँ चामुंडा देवी की बिशेष कृपा बनी रहती है, इससे सारे नेगेटिभ ऊर्जा, Black Magic, क्रिया कराया नाश होती है जिससे लोगो का भाग्य चमकता है अर दिन दोगुना रात चौगुना उन्हें सफलता मिलती है। मेहनत उनका कभी बेकार नही जाता है, व्यवसाय में कभी लोकसान नही होता है। मन्त्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चेSri Hatha Jodi (Jori)The most revered of all Hindu charmsAttributed with phenomenal occult powerॐ क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं महाकालि क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वहा* https://www.swamijee.in/remedies/original-hatha-jodi/ #हाथाजोड़ी #सिद्ध #सिद्ध_हाथाजोड़ी #hathajodi #originalhathajodi #original_hathajodi #onlinehathajodi #hathajodiforvashikaran #hathajodiprice #naturalhathajodi

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Anupam Mohanta Jul 29, 2022

🚩🙏ॐ नमो शिवाय ॐ 🙏🚩 आज मैं आप सभी को अघोर पंथ के मार्ग के बारे में बताऊंगा मै वैसे अघोर पंथ से कभी जुड़ा नही मगर अघोर पंथ के ज्ञान को कुछ हद तक समझा है मेने जो समझा वह मेरे ज्ञान और विचारों के अनुसार ही अघोर मार्ग की कुछ सत्य बातें आप सभी के सामने रख रहा हु हो सकता शायद मेरे ज्ञान में कमी हो मगर जितना समझा उतना मै कह सकता हु हमारे हिन्दू धर्म में भगती के मार्ग में कोई आरम्भ से अन्त तक की खोज करता है तो कोई अन्त से आरंभ तक की खोज करता है इसी तरह अघोर मार्ग अन्त से आरंभ की खोज करता है अघोर मार्ग अपने आप में एक पवित्र धर्म है जो हमें सत्य का ज्ञान कराता है जो हमें छुआ-छूत मत भेद घृणा एक सम्मान रहने या समझने का ज्ञान देता है और हमें एक पवित्र आत्मा रखने का ज्ञान देता है ईश्वर तक वही पहुंच सकता है जिसमें यह गुण हो जो सबको एक सम्मान की दृष्टि से देखे जो किसी से भी मत भेद ना करे जो सत्य भाव रखे और सत्य के मार्ग पर चले जीवन में अघोर के कुछ ज्ञान हमें जानना बहुत जरूरी है शुद्ध और अशुद्ध को समझना बहुत जरूरी है यह वह ज्ञान है जो एक-दूसरे में केवल नफ़रत घृणा पैदा करता है अघोर मार्ग में अशुद्ध से ही ईश्वर की प्राप्ति का ज्ञान दर्शाता है अघोर मार्ग यह दर्शाता है की शुद्ध और अशुद्ध में क्या अन्तर है जो पुर्ण शुद्ध होकर भी अशुद्ध है और जो पुर्ण अशुद्ध होकर भी शुद्ध है यह तो ईश्वर के घर तय होगा की कौन शुद्ध था और कौन अशुद्ध मगर मुझे अघोर पंथ के से बहुत कुछ सिखने और समझने को मिला जरूरी नहीं की मै उस पंथ से हु या नही मुझे जो पुर्ण सत्य पंथ लगता है मै उसके ज्ञान का पुर्ण आत्मा से सम्मान करता हु जो मेने समझा अघोर को वह शायद कुछ लोग अघोर पंथ में रह कर भी नहीं समझ पा रहे आज के समय में अघोर पंथ की कुछ और ही छवि दिखाई देती है कुछ मूर्ख लोगों के कारण समाज में अघोर की कुछ गलत छवि बनाई गई मगर पुर्ण सत्य नही जो अघोर पंथ को बेहतर से समझ लेते है वह जीवन को भी बेहतर से समझ लेते है कुछ मूर्ख लोगों के कारण अघोर में कुछ ऐसी बातें फ़ैला रखी है जिनका अघोर से दूर दूर तक कुछ लेना देना नही अघोर मार्ग में आत्मा और मन के अशुद्ध विचारो को शुद्ध करने का ज्ञान है कुछ लोग यह सोचते है की अघोर का श्मशान से क्या रिश्ता है तो मेने उपर बता दिया है अन्त से आरंभ तक की खोज उसी स्थान से होगी जो आत्माऐ दुःखी है उनका कल्याण भी वही से होगा क्योंकि यह नियम है अघोर मार्ग में बहुत सी साधनाए सिद्धि है जो जीवन बदल सकती है जो हमारे जीवन में हमें पुर्ण सहयोग कर सकती है लिखने को तो बहुत कुछ है जो हमारे ज्ञान में है बहुत ज्ञान है जो बहुत गहरा है उसे समझने के लिए पुर्ण सत्य गुरू की दिशा की जरूर पड़ेगी आशा करता हु की हमारी बातें आप समझ पाए और कुछ साधनाए भी है जो शायद मै आप सभी के सामने रखुगा केवल ज्ञान तक बस !!!

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Anupam Mohanta Jul 28, 2022

#कमाख्या_मन्त्र से सिद्ध एक चुटकी भष्म किसी को भी वश में करने के लिए काफी है। इसका असर भी पूरा Life Time रहता है ** The Perfect Vashikaran Solution, 100% Effective and Natural अपनी मनचाहा प्यार को पाने के लिए वशिकरण भष्म का इस्तेमाल करे। बस चुटकी भर वशिकरण भष्म किसी खाने के चीज में डालके खिला दीजिए जिंदिगी भर सिर्फ आपका ही रहेगा। तांत्रिक बाबा, मौलभी फकीरो की वहा चक्कर काटने की बजह ये वशिकरण भष्म आज ही आर्डर करे। सोया लाख मन्त्रो से अभिमन्त्रित बहुत प्रकार की जड़ी बूटियों से निर्मित वशिकरण के लिए बहुत ही कारगर है। पति-पत्नी, प्रेमिक-प्रेमिकाओं की समंध ठीक करने के लिए ये रामबाण उपाय है। Contact, Gannu ji: ph: /*****†***†** भष्म की दक्षिणा: 3500rs only. www.swamijee.in

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