Shyama Saksena Jun 17, 2019

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Shyama Saksena Jun 11, 2019

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Shyama Saksena Jun 9, 2019

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Shyama Saksena May 30, 2019

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Shyama Saksena May 30, 2019

अचला एकादशी व्रत की कथा पुराने समय में महिध्वज नाम का राजा था। राजा का छोटा भाई ब्रजध्वज अन्यायी, अधर्मी और क्रूर था। वह अपने बड़े भाई महिध्वज को अपना दुश्मन समझता था। एक दिन मौका देखकर ब्रजध्वज ने अपने बड़े भाई की हत्या कर दी और उसके मृत शरीर को जंगल में पीपल के वृक्ष के नीचे दबा दिया। इसके बाद राजा की आत्मा उस पीपल में वास करने लगी। राजा की आत्मा वहां से निकलने वाले लोगों को सताने लगी। एक दिन धौम्य ऋषि उस पीपल वृक्ष के नीचे से निकले। उन्होंने तपोबल से राजा के साथ हुए अन्याय को समझ लिया। ऋषि ने राजा की आत्मा को पीपल के वृक्ष से हटाकर परलोक विद्या का उपदेश दिया। साथ ही प्रेत योनि से छुटकारा पाने के लिए अचला एकादशी का व्रत करने को कहा। अचला एकादशी व्रत रखने से राजा की आत्मा दिव्य शरीर धारण कर स्वर्गलोक चली गई।

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Shyama Saksena May 27, 2019

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Shyama Saksena May 20, 2019

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Shyama Saksena May 19, 2019

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