Neeru Miglani May 16, 2019

,🛑सत्संग प्रवाह ............ ************************* एक बार एक राजा नगर भ्रमण को गया तो रास्ते में क्या देखता है कि .......एक छोटा बच्चा माटी के खिलौनो को कान में कुछ कहता फिर तोड कर माटी में मिला रहा है राजा को बडा अचरज हुआ तो उसने बच्चे से पुछा कि तुम ये सब क्या कर रहे हो??? तो बच्चे ने जवाब दिया कि मैं इन से पुछता हुं कि कभी कृष्णनाम जपा और माटी को माटी में मिला रहा हूँ तो राजा ने सोचा इतना छोटा सा बच्चा इतनी ज्ञान की बात ....... राजा ने बच्चे से पुछा कि तुम मेरे साथ मेरे राजमहल में रहोगे????? तो बच्चे ने कहा कि जरुर रहूंगा पर मेरी चार शर्त है 1 जब मैं सोऊं तब तुम्हें जागना पडेगा 2 मैं भोजन खाऊगा तुम्हें भूखा रहना पडेगा 3 मैं कपड़े पहनुंगा मगर तुम्हें नग्न रहना पडेगा 4 और जब मैं कभी मुसीबत में होऊ तो तुम्हें अपने सारे काम छोड़ कर मेरे पास आना पड़ेगा **** अगर आपको ये शर्तें मन्जुर हैं तो मैं आपके राजमहल में चलने को तैयार हुं राजा ने कहा कि ये तो असम्भव है तो बच्चे ने कहा राजन तो मैं उस परमात्मा का आसरा छोड़ कर आपके आसरे क्यूँ रहुँ जो खुद नग्न रह कर मुझे पहनाता है खुद भूखा रह कर मुझे खिलाता है खुद जागता है और मैं निश्चिंत सोता हूँ और जब मैं किसी मुश्किल में होता हूँ तो वो बिना बुलाए मेरे लिए अपने सारे काम छोड़ कर दौडा आता है ........ **** कहने का भाव केवल इतना ही है कि हम लोग सब कुछ जानते समझते हुए भी बेकार के विषय विकारो में उलझ कर परमात्मा को भुलाए बैठे हैं जो हमारी पल पल सम्भाल कर रहे हैं उस प्यारे के नाम को भूलाए बैठे हैं *** जदो यम ने सिर ते आन खलोंणा कोई ना बडणा तेरा संगी साथी तु मल मल हथ पछतौणा जप नाम हर पल उस प्रभु दा जिनाँ तेरे अन्त वेले तेरे कोल आन खलोंणा 🚩🚩जय श्री कृष्णा 🚩🚩 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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Neeru Miglani May 15, 2019

CONTACT & CONNECTION (संपर्क और संजोग*) ⭕⭕जरूर पढे ⭕⭕ रामकृष्ण मिशन के एक साधु का न्यूयार्क का बड़ा पत्रकार इंटरव्यू ले रहा था पत्रकार ने जैसा प्लान किया था वैसे ही इंटरव्यू लेना शुरू किया। पत्रकार-सर, आपने अपने लास्ट लेक्चर में संपर्क (Contact) और संजोग (Connection) पर स्पीच दिया लेकिन यह बहुत कन्फ्यूज करने वाला था। क्या आप इसे समझा सकते हैं?? साधु ने मुस्कराये और उन्होंने उल्टा प्रश्न से कुछ अलग पत्रकार से ही पूछना शुरू कर दिया। "आप न्यूयॉर्क से हैं?" पत्रकार: "Yeah..."* सन्यासी: "आपके घर मे कौन कौन हैं?" पत्रकार को लगा कि साधु उनका सवाल टालने की कोशिश कर रहा है क्योंकि उनका सवाल बहुत व्यक्तिगत और उसके सवाल के जवाब से अलग था। फिर भी पत्रकार बोला: मेरी "माँ अब नही हैं, पिता हैं तथा 3 भाई और एक बहिन हैं जो सब शादीशुदा हैं". साधू ने चेहरे पे एक मुसकान के साथ पूछा: "आप अपने पिता से बात करते हैं?" पत्रकार चेहरे से गुस्से में लगने लगा... साधू ने पूछा, "आपने अपने फादर से last कब बात की?" पत्रकार ने अपना गुस्सा दबाते हुए जवाब दिया : "शायद एक महीने पहले". साधू ने पूछा: "क्या आप भाई-बहिन अक़्सर मिलते हैं? लास्ट आप सब कब मिले एक परिवार की तरह?" इस सवाल पर पत्रकार के माथे पर पसीना आ गया कि इंटरव्यू मैं ले रहा हूँ या ये साधु? ऐसा लगा साधु, पत्रकार का इंटरव्यू ले रहा है? एक आह के साथ पत्रकार बोला: "क्रिसमस पर 2 साल पहले". साधू ने पूछा: "कितने दिन आप सब साथ में रहे?" पत्रकार अपनी आँखों से निकले आँसुओं को पोंछते हुये बोला: "3 दिन..." साधु: "कितना वक्त आप भाई बहनों ने अपने पिता के बिल्कुल करीब बैठ कर गुजारा?? पत्रकार हैरान और शर्मिंदा दिखा और एक कागज़ पर कुछ लिखने लगा... साधु ने पूछा: " क्या आपने पिता के साथ नाश्ता, लंच या डिनर लिया? क्या आपने अपने पिता से पूछा के वो कैसे हैँ? माता की मृत्यु के बाद उनका वक्त कैसे गुज़र रहा है?? पत्रकार की आंखों से आंसू छलकने लगे। साधु ने पत्रकार का हाथ पकड़ा और कहा: " शर्मिंदा, परेशान या दुखी मत होना। मुझे खेद है अगर मैंने आपको अनजाने में चोट पहुंचाई है ... लेकिन ये ही आपके सवाल का जवाब है "संपर्क और संजोग (Contact and Connection) आप अपने पिता के सिर्फ संपर्क (Contact) में हैं पर आपका उनसे कोई 'Connection' (संजोग) नही है. You are not connected to him.. आप अपने father से संपर्क में हैं जुड़े नही है Connection हमेश आत्मा से आत्मा का होता है। heart से heart होता है... एक साथ बैठना, भोजन साझा करना और एक दूसरे की देखभाल करना, स्पर्श करना, हाथ मिलाना, आँखों का संपर्क होना, कुछ समय एक साथ बिताना ... आप अपने पिता, भाई और बहनों के संपर्क ('Contact') में हैं लेकिन आपका आपस मे कोई'संजोग'(Connection) नहीं है". पत्रकार ने आंखें पोंछी और बोला: "मुझे एक अच्छा और अविस्मरणीय सबक सिखाने के लिए धन्यवाद". वो तब का न्यूयार्क था पर आज ये भारत की भी सच्चाई हो चली है, at home और society में सबके हज़ारो संपर्क (contacts) हैं पर कोई connection नही. कोई विचार-विमर्श नहीं... हर आदमी अपनी नकली दुनिया में खोया हुआ है। हमें केवल "संपर्क" नहीं बनाए रखना चाहिए अपितु "कनेक्टेड" भी रहन चाहिये। हमें हमारे सभी प्रियजनों की देखभाल करना, उनके सुख-दुख को साझा करना और साथ में समय व्यतीत करना करना चाहिए। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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Neeru Miglani May 15, 2019

*गुरू से शिष्य ने कहा: गुरूदेव ! एक व्यक्ति ने आश्रम के लिये गाय भेंट की है।* *गुरू ने कहा - अच्छा हुआ । दूध पीने को मिलेगा।* *एक सप्ताह बाद शिष्य ने आकर गुरू से कहा: गुरू ! जिस व्यक्ति ने गाय दी थी, आज वह अपनी गाय वापिस ले गया ।* *गुरू ने कहा - अच्छा हुआ ! गोबर उठाने की झंझट से मुक्ति मिली।* *'परिस्थिति' बदले तो अपनी 'मनस्थिति' बदल लो। बस दुख सुख में बदल जायेगा.।* *"सुख दुख आख़िर दोनों मन के ही तो समीकरण हैं।* *"अंधे को मंदिर आया देखलोग हँसकर बोले -"मंदिर में दर्शन के लिए आए तो हो,पर क्या भगवान को देख पाओगे ?* *"अंधे ने कहा -"क्या फर्क पड़ता है,मेरा भगवान तो मुझे देख लेगा."* *द्रष्टि नहीं द्रष्टिकोण सकारात्मक होना चाहिए।* 🚩।।जय श्री कृष्णा ।।🚩 🌹🌹मोहिनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌹🌹 🍇🍋🍊🍍🍎🍏🍑🍒🍓🍅

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