*2021: हिन्दू व्रत, त्यौहार और तिथियाँ* *जनवरी 2021* 2 जनवरी शनिवार संकष्टी चतुर्थी 9 जनवरी शनिवार सफल एकादशी 10 जनवरी रविवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 11 जनवरी सोमवार मासिक शिवरात्री 13 जनवरी बुधवार पौष अमावस्या 14 जनवरी गुरूवार पोंगल, उत्तरायण, मकर संक्रांति 24 जनवरी रविवार पौष- पुत्रदा एकादशी 26 जनवरी मंगलवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 28 जनवरी गुरूवार पौष पूर्णिमा व्रत 31 जनवरी रविवार संकष्टी चतुर्थी *फरवरी 2021* 7 फरवरी रविवार षटतिला एकादशी 9 फरवरी मंगलवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 10 फरवरी बुधवार मासिक शिवरात्रि 11 फरवरी गुरूवार माघ अमावस्या 12 फरवरी शुक्रवार कुंभ संक्रांति 16 फरवरी मंगलवार बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा 23 फरवरी मंगलवार जया एकादशी 24 फरवरी बुधवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 27 फरवरी शनिवार माघ पूर्णिमा व्रत *मार्च 2021* 2 मार्च मंगलवार संकष्टी चतुर्थी 9 मार्च मंगलवार विजया एकादशी 10 मार्च बुधवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 11 मार्च गुरूवार मासिक शिवरात्रि, महाशिवरात्रि 13 मार्च शनिवार फाल्गुन अमावस्या 14 मार्च रविवार मीन संक्रांति 25 मार्च गुरूवार आमलकी एकादशी 26 मार्च शुक्रवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 28 मार्च रविवार फाल्गुन पूर्णिमा, होलिका दहन 29 मार्च सोमवार होली 31 मार्च बुधवार संकष्टी चतुर्थी *अप्रैल 2021* 7 अप्रैल बुधवार पापमोचिनी एकादशी 9 अप्रैल शुक्रवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 10 अप्रैल शनिवार मासिक शिवरात्रि 12 अप्रैल सोमवार चैत्र अमावस्या 13 अप्रैल मंगलवार घटस्थापना, गुढ़ी पाडवा, चैत्र नवरात्री, उगाडी 14 अप्रैल बुधवार चेटी चंड, मेष संक्रांति 21 अप्रैल बुधवार राम नवमी 22 अप्रैल गुरूवार चैत्र नवरात्रि पारणा 23 अप्रैल शुक्रवार कामदा एकादशी 24 अप्रैल शनिवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 27 अप्रैल मंगलवार चैत्र पूर्णिमा व्रत, हनुमान जयंती 30 अप्रैल शुक्रवार संकष्टी चतुर्थी *मई 2021* 7 मई शुक्रवार वरुथिनी एकादशी 8 मई शानिवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 9 मई रविवार मासिक शिवरात्रि 11 मई मंगलवार वैशाख अमावस्या 14 मई शुक्रवार अक्षय तृतीया, वृष संक्रांति 23 मई रविवार मोहिनी एकादशी 24 मई सोमवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 26 मई बुधवार वैशाख पूर्णिमा व्रत 29 मई शनिवार संकष्टी चतुर्थी *जून 2021* 6 जून रविवार अपरा एकादशी 7 जून सोमवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 8 जून मंगलवार मासिक शिवरात्रि 10 जून गुरुवार जेष्ठ अमावस्या 15 जून मंगलवार मिथुन संक्रांति 21 जून सोमवार निर्जला एकादशी 22 जून मंगलवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 24 जून गुरूवार जेष्ठ पूर्णिमा व्रत 27 जून रविवार संकष्टी चतुर्थी *जुलाई 2021* 5 जुलाई सोमवार योगिनी एकादशी 7 जुलाई बुधवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 8 जुलाई गुरुवार मासिक शिवरात्रि 9 जुलाई शुक्रवार आषाढ़ अमावस्या 12 जुलाई सोमवार जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई शुक्रवार कर्क संक्रांति 20 जुलाई मंगलवार आषाढ़ी, देवशयनी एकादशी 21 जुलाई बुधवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 24 जुलाई शनिवार गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत 27 जुलाई मंगलवार संकष्टी चतुर्थी *अगस्त 2021* 4 अगस्त बुधवार कामिका एकादशी 5 अगस्त गुरूवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 6 अगस्त शुक्रवार मासिक शिवरात्रि 8 अगस्त रविवार श्रावण अमावस्या 11 अगस्त बुधवार हरियाली तीज 13 अगस्त शुक्रवार नाग पंचमी 17 अगस्त मंगलवार सिंह संक्रांति 18 अगस्त बुधवार श्रावण पुत्रदा एकादशी 20 अगस्त शुक्रवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 21 अगस्त शनिवार ओणम/थिरूवोणम 22 अगस्त रविवार श्रावण पूर्णिमा व्रत, रक्षाबंधन 25 अगस्त बुधवार कजरी तीज, संकष्टी चतुर्थी 30 अगस्त सोमवार जन्माष्टमी *सितंबर 2021* 3 सितंबर शुक्रवार अजा एकादशी 4 सितंबर शनिवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 5 सितंबर रविवार मासिक शिवरात्रि 7 सितंबर मंगलवार भाद्रपद अमावस्या 9 सितंबर गुरुवार हरतालिका तीज 10 सितंबर शुक्रवार गणेश चतुर्थी 17 सितंबर शुक्रवार परिवर्तिनी एकादशी, कन्या संक्रांति 18 सितंबर शनिवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 19 सितंबर रविवार अनंत चतुर्दशी 20 सितंबर सोमवार भाद्रपद पूर्णिमा व्रत 24 सितंबर शुक्रवार संकष्टी चतुर्थी *अक्टूबर 2021* 2 अक्टूबर शनिवार इंदिरा एकादशी 4 अक्टूबर सोमवार मासिक शिवरात्री, प्रदोष व्रत (कृष्ण) 6 अक्टूबर बुधवार अश्विन अमावस्या 7 अक्टूबर गुरूवार शरद नवरात्री, घटस्थापना 11 अक्टूबर सोमवार कल्परंभ 12 अक्टूबर मंगलवार नवपत्रिका पूजा 13 अक्टूबर बुधवार दुर्गा महा अष्टमी पूजा 14 अक्टूबर गुरुवार दुर्गा महा नवमी पूजा 15 अक्टूबर शुक्रवार दशहरा, शरद नवरात्रि पारणा, दुर्गा विसर्जन 16 अक्टूबर शनिवार पापांकुशा एकादशी 17 अक्टूबर रविवार प्रदोष व्रत (शुक्ल), तुला संक्रांति 20 अक्टूबर बुधवार अश्विन पूर्णिमा व्रत 24 अक्टूबर रविवार संकष्टी चतुर्थी, करवा चौथ *नवंबर 2021* 1 नवंबर सोमवार रमा एकादशी 2 नवंबर मंगलवार धनतेरस, प्रदोष व्रत (कृष्ण) 3 नवंबर बुधवार मासिक शिवरात्री 4 नवंबर गुरुवार दिवाली, नरक चतुर्दशी, कार्तिक अमावस्या, 5 नवंबर शुक्रवार गोवर्धन पूजा 6 नवंबर शनिवार भाई दूज 10 नवंबर बुधवार छठ पूजा 14 नवंबर रविवार देवउठनी एकादशी 16 नवंबर मंगलवार प्रदोष व्रत (शुक्ल), वृश्चिक संक्रांति 19 नवंबर शुक्रवार कार्तिक पूर्णिमा व्रत 23 नवंबर मंगलवार संकष्टी चतुर्थी 30 नवंबर मंगलवार उत्पन्ना एकादशी *दिसंबर 2021* 2 दिसंबर गुरुवार मासिक शिवरात्री, प्रदोष व्रत (कृष्ण) 4 दिसंबर शनिवार मार्गशीर्ष अमावस्या 14 दिसंबर मंगलवार मोक्षदा एकादशी 16 दिसंबर गुरुवार प्रदोष व्रत (शुक्ल), धनु संक्रांति 19 दिसंबर रविवार मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत 22 दिसंबर बुधवार संकष्टी चतुर्थी 30 दिसंबर गुरुवार सफला एकादशी 31 दिसंबर शुक्रवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 🌹💝🌹

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 24 फरवरी 2021* ⛅ *दिन - बुधवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - माघ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - द्वादशी शाम 06:05 तक तत्पश्चात त्रयोदशी* ⛅ *नक्षत्र - पुनर्वसु दोपहर 01:17 तक तत्पश्चात पुष्य* ⛅ *योग - सौभाग्य 25 फरवरी प्रातः 03:10 तक तत्पश्चात शोभन* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:52 से दोपहर 02:19 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:04* ⛅ *सूर्यास्त - 18:39* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - भीष्म द्वादशी, वराह-तिल द्वादशी, प्रदोष व्रत* 💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *माघ मास की अंतिम 3 तिथियाँ दिलाएं महापुण्य पुंज* ➡ *25, 26 एवं 27 फरवरी को माघ मास की अंतिम 3 तिथियाँ हैं ।* 🙏🏻 *1) माघ मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम 3 तिथियाँ , त्रयोदशी से लेकर पूर्णिमा तक की तिथियाँ बड़ी ही पवित्र और शुभकारक हैं । जो सम्पूर्ण माघ मास में ब्रह्म मुहूर्त में पुण्य स्नान, व्रत, नियम आदि करने में असमर्थ हो, वह यदि इन 3 तिथियों में भी उसे करे तो माघ मास का पूरा फल पा लेता है ।* 🙏🏻 *2) वैसे तो माघ मास की हर तिथि पुण्यमयी होती है और इसमें सब जल गंगाजल तुल्य हो जाते हैं | सतयुग में तपस्या से जो उत्तम फल होता था, त्रेता में ध्यान के द्वारा, द्वापर में भगवान् की पूजा के द्वारा और कलियुग में दान-स्नान के द्वारा तथा द्वापर, त्रेता, सतयुग में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, काशी, प्रयाग में 10 वर्ष शुद्धि, संतोष आदि नियमों का पालन करने से जो फल मिलता है, वह कलियुग में माघ मास में अंतिम 3 दिन- त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा को प्रातः स्नान करने से मिल जाता है |* 🙏🏻 *3) माघ मास प्रातः स्नान सब कुछ देता है . आयुष्य लम्बी करता है, अकाल मृत्यु से रक्षा करता है ,आरोग्य देता है, रूप देता है, बल देता है ,संतान की वृद्धि ,सदाचरण और सत्संग देता है,वृत्तियाँ निर्मल होती हैं और विचार ऊंचे होते हैं l* 🙏🏻 *4) अक्षय धन(जिसका कभी क्षय नहीं ), रुपया पैसा भी बरकत वाला हो जाता है और विद्या भी अक्षय धन में बदल जाती है l* 🙏🏻 *5) सकाम भाव से स्नान करते हैं तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, निष्काम भाव से भगवान् की प्रीति पाने के लिए स्नान करते तो वो भी सहेज में हो जाती है l* 🙏🏻 *6) माघ मास स्नान, सत्संग स्नान जिसने किया उसे नरक का डर नहीं रहता, दरिद्रता और पाप उसके छू हो जाते हैं l ईश्वर प्राप्ति न भी करनी हो तो भी माघ मास का स्नान स्वर्ग लोक तो तुम्हारा सहज में ही रिज़र्व करा देता है l* 🙏🏻 *7) जो माघ मास की अंतिम ३ तिथियों में ‘गीता’, ‘श्री विष्णु सहस्रनाम’ , ‘भागवत’ शास्त्र का पठन व श्रवण करता है वह महा पुण्यवान हो जाता है ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में* 🌷 ➡ *25 फरवरी 2021 गुरुवार को सूर्योदय से दोपहर 01:17 तक गुरुपुष्यामृत योग है ।* 🌳 *बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें |* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌷 *वराह-तिल द्वादशी* 🌷 🙏🏻 *24 फरवरी 2021 बुधवार को वराह-तिल द्वादशी | तिल का उपयोग करें स्नान में, प्रसाद में, हवन में, दान में और भोजन में | और तिल के तेल के दियें जलाकर सम्पूर्ण व्याधियों से रक्षा की भावना करोगे तो ब्रम्हपुराण कहता है कि तुम्हे व्याधियों से रक्षा मिलेगी |* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏

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