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सबको प्रसन्न नहीं किया जा सकता. रात के समय एक दुकानदार अपनी दुकान बन्द ही कर रहा था कि एक 🐕कुत्ता दुकान में आया .. , उसके मुॅंह में एक थैली थी, जिसमें सामान की लिस्ट और पैसे थे .. , दुकानदार ने पैसे लेकर सामान उस थैली में भर दिया ... , 🐕कुत्ते ने थैली मुॅंह मे उठा ली और चला गया , दुकानदार आश्चर्यचकित होके कुत्ते के पीछे पीछे गया ये देखने की इतने समझदार 🐕कुत्ते का मालिक कौन है ... , 🐕कुत्ता बस स्टाॅप पर खडा रहा, थोडी देर बाद एक बस आई जिसमें चढ गया .. , कंडक्टर के पास आते ही अपनी गर्दन आगे कर दी, उस के गले के बेल्ट में पैसे और उसका पता भी था. , कंडक्टर ने पैसे लेकर टिकट 🐕कुत्ते के गले के बेल्ट मे रख दिया , अपना स्टाॅप आते ही 🐕कुत्ता आगे के दरवाजे पे चला गया और पूॅंछ हिलाकर कंडक्टर को इशारा कर दिया और बस के रुकते ही उतरकर चल दिया .. , दुकानदार भी पीछे पीछे चल रहा था ... , कुत्ते ने घर का दरवाजा अपने पैरोंसे २-३ बार खटखटाया ... , अन्दर से उसका मालिक आया और लाठी से उसकी पिटाई कर दी .. , दुकानदार ने मालिक से इसका कारण पूछा .. ?? , मालिक बोला .. "इसने मेरी नींद खराब कर दी, ✒चाबी साथ लेके नहीं जा सकता था गधा" , , जीवन की भी यही सच्चाई है .. , आपसे लोगों की अपेक्षाओं का कोई अन्त नहीं है .. , जहाँ आप चूके वहीं पर लोग बुराई निकाल लेते हैं और पिछली सारी अच्छाईयों को भूल जाते हैं .. , इसलिए अपने कर्म करते चलो, लोग आपसे कभी संतुष्ट नहीं होएँगे।।

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