Sanjeev Chakravarty Feb 16, 2021

🙏🌸🌷🌼जय मां सरस्वती🌼🌷🌸🙏 या कुन्देन्दुतुषारहारधवला, या शुभ्रवस्त्रावृता, या वीणावरदण्डमण्डितकरा, या श्वेतपद्मासना, या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता, सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेषजाड्यापहा ll मां श्री महासरस्वती की आराधना का पावन पर्व बसंत पंचमी आज मनाया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जिस तरह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही सभी देवता, नाग, राक्षस, गंधर्व आदि एक माह के लिए पृथ्वी आते हैं। उसी प्रकार सूर्य के कुम्भ राशि में प्रवेश से ॠतुओं के राजा बसंत का पर्व रतिकाम महोत्सव का शुरुआत होता है। वैसे तो बसंतऋतु की पूरी अवधि महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका आरम्भ सर्वाधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि, इस दिन ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का प्राकट्यपर्व भी मनाया जाता है। सभी पर मां सरस्वती की असीम अनुकम्पा सदैव बनी रहे।। 🙏🌸🌷🌼जय मां सरस्वती🌼🌷🌸🙏

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🙏🌹हरे कृष्णा 🌹🙏 🙏🌷ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🌷🙏 🙏🌷जय माँ लक्ष्मी 🌷🙏 वर्ष 2021 की पहली एकादशी आज 9 जनवरी को पड़ रही है. पंचांग के अनुसार पौष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को सफला एकादशी कहते हैं. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. आइए जानते हैं सफला एकादशी के बारे में- सफला एकादशी व्रत का महत्व सफला एकादशी व्रत को सभी व्रतों में महत्वपूर्ण माना गया है. एकादशी व्रत के महामात्य के बारे में भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत काल में युधिष्ठिर और अर्जुन को बताया था. भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर युधिष्ठिर ने इस व्रत को किया था. एकादशी का व्रत सभी प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाता है. एकादशी का व्रत मोक्ष प्रदान करता है. इस वर्ष दो सफला एकादशी हैं वर्ष 2021 में दो सफला एकादशी पड़ रही है. पहली सफला एकादशी 9 जनवरी और दूसरी सफला एकादशी 30 दिसंबर को पड़ेगी. सफला एकादशी का व्रत रखने से पितृ प्रसन्न होते हैं. और पितृ दोष संबंधी दिक्कतों से मुक्ति मिलती है. विशेष बात ये है कि पहली एकादशी खरमास के दौरान पड़ रहा है. खरमास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है. इसलिए इस एकादशी पर की जाने वाली पूजा और व्रत का विशेष पुण्य प्राप्त होता है. एकादशी व्रत और पूजा की विधि सफला एकादशी पर सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और उन्हें पीले रंग की वस्तुओं का अर्पण करना चाहिए. इस दिन भगवान विष्णु को पीले रंग के वस्तु और फूल चढ़ाने चाहिए. इसके बाद भगवान लक्ष्मीनारायण की आरती करनी चाहिए. इस दिन दान भी कर सकते हैं. लक्ष्मी जी का मिलता है आर्शीवाद एकादशी व्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है. यह व्रत सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण करता है और लक्ष्मी जी का भी आर्शीवाद प्राप्त होता है. जिससे धन संबंधी दिक्कतें दूर होती हैँ। सभी पर माँ लक्ष्मी एवं श्री हरि नारायण का आशीर्वाद हमेशा बना रहे । सभी स्वस्थ हों, सुखी हों, प्रसन्न रहें । 🙏🙏

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Sanjeev Chakravarty Nov 18, 2020

🙏🌺🥀 ॐ श्री गणेशाय नमः🥀🌺🙏 पौराणिक शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री गणेश का नाम स्मरण करने मात्र से ही किसी भी काम की सफलता तय है। श्री गणेश को विघ्नहर्ता माना गया है। अत: अपने हर कष्‍ट से मुक्ति पाने तथा मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु श्री गणेश जी का स्मरण करके 'संकटनाशन गणेश स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए।  प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् ।। भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायु:कामार्थसिद्धये ।।१ ।। प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् ।। तृतीयं कृष्णपिङ्क्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ।।२ ।। लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च ।। सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णं तथाष्टमम् ।।३ ।। नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् । एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ।।४ ।। द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं य: पठेन्नर: । न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो ।।५ ।। विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् । पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ।।६ ।। जपेत् गणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै: फलं लभेत् । संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: ।।७ ।। अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा य: समर्पयेत् । तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत: ।।८ ।। गणपति महाराज की कृपा सभी पर सदैव बनी रहे। सभी स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें। 🙏🙏🌺🌺🌺🌼🌸🌼🌺🌺🙏🙏

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