Shashi Aug 18, 2019

☘️🌱🌿आप सभी को कजरी (कजली ) तीज की हार्दिक शुभकामनायें 💐💐🙏🙏🙏☘️☘️🍫🍫 💠💠🔸💠💠🔸💠💠🔸💠💠🔸💠💠 🌹🌹हमारे राजस्थान में कजरी तीज बहुत धूमधाम से मनाई जाती हैं, इसे कजली तीज, सातूड़ी तीज और बड़ी तीज भी कहा जाता हैं |🌹🌹☘️🌹🌹☘️🌹🌹 🔴 जिस तरह हरियाली तीज का व्रत किया जाता हैं, वैसे ही कजली तीज का व्रत किया जाता हैं | 🔴 इस व्रत में भी सुहागन स्त्रियाँ सोलह श्रृंगार करके व्रत रखती हैं और पूजा करती हैं | विवाहित स्त्रियाँ इस व्रत को पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य के लिए करती हैं | इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली बनी रहती हैं | कुंवारी लड़कियां भी सुयोग्य वर को पति के रूप में पाने के लिए यह व्रत रखती हैं | 👉 इस कजली तीज में सत्तू बहुत महत्वपूर्ण होता हैं जो प्रत्येक बेटी - दामाद के लिए पीहर से आता हैं और इस सत्तू का भोग लगाकर ही व्रत खोला जाता हैं | पति - पत्नी एक साथ इस सत्तू को काटते हैं और एक दूसरे को खिलाते हैं | जैसे जन्मदिन पर केक काटते हैं वैसे ही | इस तरह से पति - पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता हैं और इस रिश्ते में सदा मिठास बनी रहती हैं | 🔵 मुख्यतः सत्तू गेंहू, जौ, चने, चावल के बनाये जाते हैं | खोये के सत्तू भी बनाये जाते हैं | समय बदलने के साथ - साथ सत्तू के रूप और आकारों में भी काफ़ी परिवर्तन आया हैं | सत्तू को खूब सजाया जाता हैं, वर्क और मेवों से. 🙏🌹जय श्री गणेशाय नमः🌹🙏 🙏🌹जय गौरी शंकर🌹🙏 🌿🌹🌹🌿🌹🌹🌿🌹🌹🌿🌹🌹🌿🌹🌹🌿

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Shashi Aug 9, 2019

🙏🌹जय माँ जगत जननी🌹🙏 जय माँ अम्बे🌹🙏 🌸👣🌸👣🌹👣🌸👣🌸👣🌸👣🌸👣🌸 ☔️सावन स्पेशल ☔️🦁 माँ दुर्गा 🦁 भजन 👌👇 🍃🍁🍃🍁🍃🍁🍃🍁🍃🍁🍃🍁🍃🍁🍃 "सावन की रुत हैं आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ सावन की रुत हैं आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ सावन की रुत हैं आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ कोई भेंट करेगा चुनरी, कोई पहनाएंगा चूड़ी, माथे पे लगाएंगा माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ कोई भेंट करेगा चुनरी, कोई पहनाएंगा चूड़ी, माथे पे लगाएंगा माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ कोई लिए खड़ा हैं पायल, लाया हैं कोई कंगना, जिन राहों से आएगी, माँ तू भक्तों के अंगना, हम पलकें वहाँ बिछायेंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ सावन की रुत हैं आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ माँ अम्बुआ की डाली पे, झूला भक्तों ने लगाया, चंदन की लगाई चौकी, श्रद्धा से तुझे बुलाया | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ माँ अम्बुआ की डाली पे, झूला भक्तों ने लगाया, चंदन की लगाई चौकी, श्रद्धा से तुझे बुलाया | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ अब छोड़ ये आँख - मिचोली, आजा ओ मैया भोली, हम तरस रहें हैं कब से, सुनने को तेरी बोली, कब तेरा दर्शन पाएंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ सावन की रुत हैं आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ सावन की रुत हैं आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहें जिस रूप में आजा, नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहें जिस रूप में आजा, नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ झूले पे तुझे बिठाके, तुझे दिल का हाल सुनाके, फिर मेवे और मिश्री का, तुझे प्रेम से भोग लगाके, तेरे भवन पे छोड़के आएंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ सावन की रुत हैं आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | फूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ सावन की रुत हैं आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे | फ़ूलों से सजाएंगे तुझको, मेहंदी हाथों में लगाएंगे |" ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ 🙏🌹जय माँ शेरावाली🌹🙏 🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸 🚩🙏🌹जय माता दी🌹🙏🚩 🙏🌹🌹🙏🌹🌹🙏🌹🌹🙏🌹🌹🙏🌹🌹🙏 https://youtu.be/vfRRyATGrWI

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Shashi Aug 8, 2019

🙏🌹जय माँ अम्बे🌹🙏🚩🚩 "परम ज्ञानी संत :- ओशो के द्वारा की गई प्रेम की व्याख्या" 🔹🔹🔹🔹🔹🔸🔸🔸🔸🔸🔹🔹🔹🔹🔹 ❓️प्रश्न :- "मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ 2 साल से हूँ और हमने साथ होने का खूब आनंद लिया | लेकिन वह किसी दूसरी लड़की के साथ जाता हैं, तो मैं भड़क उठती हूँ | यह भावना इतनी प्रगाढ़ हैं, कि मुझे डर लगता हैं, कि मैं इस सुन्दर रिश्ते को नष्ट कर दूँगी | ऐसा क्यों...??" 💫💫💫💫💫💫💫💫💫💫💫💫💫💫💫 👉 उत्तर :- "ईर्ष्या से पार पाना इतना आसान नहीं हैं |" "सच तो यह हैं कि व्यक्ति ईर्ष्या के पार तब जाता हैं, ज़ब वह प्रेम के भी पार चला जाता हैं | मैंने एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं देखा, जो ईर्ष्या के पार चला गया हो और फिर भी प्रेम की लालसा रखता हो |" "लेकिन उसे ऐसा क्यों होना चाहिए..?? कोई प्रेमपूर्ण हो सकता हैं, लेकिन तब वह पूरा दूसरी ही तरह का प्रेम होगा :- प्रगाढ़ - मित्रता जैसा, करुणामय | वह रिश्ता नहीं होगा |" "चूँकि तुम्हें रिश्ते की जरूरत होती हैं, इसलिए वहाँ ईर्ष्या होती हैं | रिश्ते की बहुत ज़्यादा जरूरत हैं तुम्हें, इसलिए बड़ा भय हैं वहाँ | कोई बीच में आ सकता हैं और रिश्ते को दूर लें जा सकता हैं -- इसलिए त्रिकोण हमेशा लटका रहता हैं वहाँ | तुम कभी व्यवस्थित नहीं हो सकते | दरअसल रिश्ते कभी व्यवस्थित नहीं हो पाते, कुछ न कुछ हमेशा होता रहता हैं | व्यक्ति बँटा हुआ हैं और रिश्ता पूरी प्रतिबद्धता माँगता हैं |" "लेकिन तुम्हारा बॉयफ्रेंड बॉयफ्रेंड तुम्हारे साथ पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं हैं, तो तुम कैसे उसके साथ पूर्णतः प्रतिबद्ध हो सकती हो..? यह तो पारस्परिक बात हैं, एक आपसी करार | वह जबकि आधा सबंधित हैं, तो तुम कैसे पूरी तरह संबंधित हो सकती हो..? अधिक - से - अधिक तुम भी आधा - अधूरा संबंधित हो सकती हो ! तब तुम्हारा बचा हुआ हिस्सा, दूसरा हिस्सा जलता रहता हैं और लगातार दुखी होने के कारण ढूंढता रहता हैं एक साथी, एक हमदर्द जो बाँट सकें तुम्हारे सारे दुःख दर्द, जो दें सकें तुम्हें प्यार और अपनापन | तब रिश्ते में हमेशा चूका हुआ रहेगा, क्योंकि तुम्हें पता हैं, कि कोई और भी हैं तुम्हारे साथ, तुम अकेली नहीं हो |" "तुम ईर्ष्या के पार जा सकती हो, लेकिन इसके पार जाकर तुम रिश्ते की चाह के पार भी हो जाती हो | तब वजह दूसरी ही तरह का प्रेम हैं | वह रिश्ता नहीं हैं -- वहाँ तो बस तुम देती हो, क्योंकि तुम्हारे पास देने को प्रेम हैं | तब तुम इस बात की परवाह नहीं करती, कि वह तुम्हें प्रेम लौटाता हैं कि नहीं, व्यक्ति तुम्हें धन्यवाद भी देता हैं कि नहीं, वह तुम्हें प्रेम करता हैं या नहीं वह किसी और को प्रेम करता हैं या नहीं -- तब ये सारी बातें कोई मायने नहीं रखती |" "जहाँ प्रेम के बदले प्रेम लेने का भाव ना होकर, पूर्ण समर्पण का भाव होता हैं, वही होता हैं -- सच्चा प्रेम | प्रेम चाहें किसी व्यक्ति से किया जाएं या परमात्मा से पूर्ण समर्पण होना बहुत अत्यंत आवश्यक हैं | जीव मात्र से प्रेम बंधन को जन्म देता हैं और परमात्मा से प्रेम सारे जन्म - जन्मांतर के बँधन से मुक्त कर देता हैं |" 👉 "अब आप विचार कीजिये, 🤔 कि आपको बँधन में बँधना हैं या बँधन से मुक्त होना हैं और बँधन मुक्ति का एक ही उपाय हैं -- परमात्मा से प्रेम, परमात्मा की भक्ति, परमात्मा का सुमिरन, परमात्मा में खुद को समर्पित कर देना ||"🤔 🌸🌸☘️🌸🌸🙏🙏🙏 ~~ ओशो ~~ 💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

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Shashi Aug 4, 2019

💞 HAPPY 🤝 FRIENSHIP 🤝 DAY 💞 🌹🌹💝👭🤝👫💝🍫🍫 *दोस्ती पर खूबसूरत कविता*👌👇 🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈 💖"हंसी ठिठोली की जो हो बात, वो बिसात दोस्ती हैं | आंधी हो या बरसात, जो तूफान को दें मात, वो जीत दोस्ती हैं |💖 . 💞👭🤝👬💞 💖लड़खड़ाते कदमों को संभाले, वो हाथ दोस्ती हैं | जिसे सुनते ही हंस दें दिल, वो बात दोस्ती हैं |💖 💞👭🤝👫💞 💖अंगारों को जो बना दें फ़ूल, वो जादू दोस्ती हैं | बदलकर रख दें जो हर भूल, वो काबू दोस्ती हैं |💖 💞👭🤝👬💞 💖अंधेरों को कर दें जो रोशन, वो दीप दोस्ती हैं | हर आँसू को कर दें जो मोती, वो सीप दोस्ती हैं |💖 💞👭🤝👫💞 💖दिल के हर दर्द पर हो जो महसूस, वो कराह दोस्ती हैं | भटकाव के हर मोड़ पर मिले, वो पनाह दोस्ती हैं |💖 💞👭🤝👬💞 💖हर नाकामी को जो हरा दें, वो जीत दोस्ती हैं | हर जमाने में जो जिन्दा, वो रीत दोस्ती हैं |"💖 🤗💕👭🤝👫💕😘 💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

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Shashi Aug 3, 2019

🙍‍♀️औरत की कहानी एक औरत की जुबानी👌👇 🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸 👉 "औरत एक ऐसी शक्ति हैं, जिसे किसी सहारे की जरूरत नहीं होती, क्योंकि औरत कभी कमजोर नहीं होती, शक्ति का दूसरा नाम ही नारी हैं ||" "हम औरतों के लिए न तो कोई व्रत, उपवास करता हैं और न ही कोई दुआं, प्रार्थना करता हैं, फिर भी जी लेती हैं | प्रेम लुटाकर, अपमान का घूंट पीकर भी हंसकर जीती हैं, हम औरतें...., फिर भी सुनने को यही मिलता हैं, कि तुम करती ही क्या हो.....???"🤔🤔 👉 "ऐसी होती हैं स्त्रियाँ :- मजबूत स्तम्भ की तरह हर हालात को सहकर भी खड़ी रहती हैं | हर परिस्थिति में खुद को आसानी से ढाल लेती हैं, पर खुद को कभी टूटने नहीं देती | जिस दिन स्त्री टूट जाएंगी, समझो उस समय भूचाल आना तय हैं ||" [ औरत ] 👇 *************** 🥀मान गया, अपमान भी सहा, पर स्वाभिमान कभी न खोने दिया |🥀 🥀टूटी, बिखरी हजारों बार, फिर भी खुद को समेटना कभी न भूली |🥀 🥀जुबान गई, सहने की शक्ति भी गई, पर आत्मशक्ति कभी न खोने दी |🥀 🥀निराश हुईं, जार - जार रोई भी, पर उम्मीद कभी न टूटने दी |🥀 🥀हारी हजारों बार, पर कोशिश कभी न छोड़ी |🥀 🥀प्रेम लुटाकर, हंसती रही, विष पीकर भी जीती रही |🥀 ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ 👉 💌 संदेश 💌 👇 •••••••••••••••••••••••••• "औरत के लिए व्रत, उपवास ना सही, पर उसे प्यार और अपनापन तो दो | औरत को मान - सम्मान दो, उसकी भावनाओं को समझो, बस और कुछ नहीं चाहिए औरत को | आपका प्यार और सम्मान ही औरत के लिए अनमोल धरोहर हैं, जिसे वो सहेजकर रखती हैं और अपना सारा जीवन इस प्यार के लिए न्यौछावर कर देती हैं | 👉 😊 प्यार के दो मीठे बोल कान्हा, 😊 🤗 वारी जाऊं तुम पर सौ बार | 🤗 💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕 🙏🌹जय श्री राधे कृष्णा🌹🙏 💢💢💖💢💢💖💢💢💖💢💢💖💢💢

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