🌷भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव🌷 जन्माष्टमी में इस बार 23 और 24 अगस्त को दो दिन मनाई जाएगी। जन्माष्टमी का पर्व हिन्दु पंचाग के अनुसार, भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। इस बार यह अष्टमी 23 और 24 तारीख दो दिन है। विशेष उपासक 23 को जन्माष्टमी मनाएंगे जबिक आम लोग 24 अगस्त को जन्माष्टमी मना सकते हैं। क्योंकि उदया तिथि अष्टमी की बात करें तो यह 24 अगस्त को है। हालांकि भगवान कृष्ण के जन्म के वक्त आधी रात को अष्टमी तिथि को देखें तो 23 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। 🌷भगवान गणेश जन्मोत्सव🌷 भादो मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान गणेश का इसी दिन जन्म हुआ था. भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को सोमवार के दिन मध्याह्न काल में, स्वाति नक्षत्र और सिंह लग्न में हुआ था. इसलिए मध्याह्न काल में ही भगवान गणेश की पूजा की जाती है, इसे बेहद शुभ समय माना जाता है

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यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत । अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥४-७॥ परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् । धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥४-८॥ शब्दार्थ- मै प्रकट होता हूं, मैं आता हूं, जब जब धर्म की हानि होती है, तब तब मैं आता हूं, जब जब अधर्म बढता है तब तब मैं आता हूं, सज्जन लोगों की रक्षा के लिए मै आता हूं, दुष्टों के विनाश करने के लिए मैं आता हूं, धर्म की स्थापना के लिए में आता हूं और युग युग में जन्म लेता हूं। शब्दार्थ-— श्लोक 7 : यदा= जब यदा =जब हि = वास्तव में धर्मस्य = धर्म की ग्लानि: = हानि भवति = होती है भारत = हे भारत अभ्युत्थानम् = वृद्धि अधर्मस्य = अधर्म की तदा = तब तब आत्मानं = अपने रूप को रचता हूं सृजामि = लोगों के सम्मुख प्रकट होता हूँ अहम् = मैं श्लोक 8 परित्राणाय= उद्धार करने के लिए साधूनां = साधु पुरुषों का विनाशाय = विनाश करने के लिए च = और दुष्कृताम् = पापकर्म करने वालों का धर्मसंस्थापन अर्थाय = धर्मकी अच्छी तरह से स्थापना करने के लिए सम्भवामि = प्रकट हुआ करता हूं युगे युगे = युग-युग में

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