*🌻भगवान की प्लानिंग🌻* एक बार भगवान से उनका सेवक कहता है, *भगवान-आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे ?* एक दिन के लिए मैं आपकी जगह *मूर्ति* बन कर खड़ा हो जाता हूं, आप मेरा *रूप धारण* कर घूम आओl *भगवान मान जाते हैं*, लेकिन शर्त रखते हैं कि जो भी लोग *प्रार्थना* करने आयें, तुम बस उनकी *प्रार्थना सुन लेना कुछ बोलना नहीं।* *मैंने उन सभी के लिए प्लानिंग कर रखी है, सेवक मान जाता हैl* सबसे पहले *मंदिर में बिजनेस मैन आता है* और कहता है, भगवान मैंने एक नयी फैक्ट्री डाली है, उसे *खूब सफल करना।* वह *माथा टेकता है*, तो उसका *पर्स नीचे गिर* जाता है l *वह बिना पर्स लिये ही चला जाता हैl* *सेवक बेचैन हो जाता है*, वह सोचता है कि रोक कर उसे बताये कि *पर्स गिर* गया, *लेकिन शर्त की वजह से वह नहीं कह पाताl* इसके बाद एक *गरीब आदमी* आता है और *भगवान को कहता है कि घर में खाने को कुछ नहीं. भगवान मदद करो।* तभी उसकी *नजर पर्स* पर पड़ती है, वह *भगवान का शुक्रिया अदा करता* है और पर्स लेकर चला जाता हैl अब *तीसरा व्यक्ति* आता है, वह *नाविक* होता है l वह *भगवान* से कहता है कि *मैं 15 दिनों के लिए जहाज लेकर समुद्र की यात्रा पर जा रहा हूं,यात्रा में कोई अड़चन न आये भगवान..* तभी पीछे से *बिजनेस मैन पुलिस के साथ आता* है और कहता है कि मेरे बाद ये *नाविक* आया हैl इसी ने *मेरा पर्स चुरा* लिया है, *पुलिस नाविक को ले जा रही होती है तभी सेवक बोल पड़ता है।* अब पुलिस सेवक के कहने पर उस *गरीब आदमी* को पकड़ कर जेल में बंद कर देती है। *रात को भगवान आते हैं, तो सेवक खुशी खुशी पूरा किस्सा बताता हैl* *भगवान कहते हैं, तुमने किसी का काम बनाया नहीं, बल्कि बिगाड़ा हैl* वह *व्यापारी गलत धंधे* करता है,अगर उसका *पर्स गिर भी गया, तो उसे फर्क नहीं पड़ता था।* इससे उसके *पाप ही कम होते*, क्योंकि वह *पर्स गरीब इंसान को मिला था*. पर्स मिलने पर *उसके बच्चे भूखों नहीं मरते !* रही बात *नाविक* की, तो वह जिस *यात्रा* पर जा रहा था, वहां *तूफान आनेवाला था*, अगर वह जेल में रहता, तो जान बच जाती, उसकी पत्नी विधवा होने से बच जाती, *तुमने सब गड़बड़ कर दीl* कई बार हमारी लाइफ में भी ऐसी परेशानी आती है, जब हमें लगता है कि ये मेरे साथ ही क्यों हुआl *लेकिन इसके पीछे भगवान की प्लानिंग होती हैl* *शिक्षा:* *जब भी कोई परेशानी आये. उदास मत होना l इस कहानी को याद करना और सोचना कि जो भी होता है,अच्छे के लिए होता है* ..!!

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1️⃣1️⃣❗1️⃣0️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣1️⃣ *भगवान का घर* *कल दोपहर में मैं बैंक में गया था। वहाँ एक बुजुर्ग भी उनके काम से आये थे। वहाँ वह कुछ काम की बात ढूंढ रहे थे। मुझे लगा शायद उन्हें पेन चाहिये। इसलिये उनसे पुछा तो, वह बोले "बिमारी के कारण मेरे हाथ कांप रहे हैं और मुझे पैसे निकालने की स्लीप भरनी हैं। उसके लिये मैं देख रहा हूँ कि किसी की मदद मिल जाये तो अच्छा रहता*।" *मैं बोला "आपको कोई हर्ज न हो तो मैं आपकी स्लीप भर दूँ क्या*?" *उनकी परेशानी दूर होती देखकर उन्होंने मुझे स्लीप भरने की अनुमति दे दी। मैंने उनसे पुछकर स्लीप भर दी*। *रकम निकाल कर उन्होंने मुझसे पैसे गिनने को कहा। मैंने पैसे गिनकर उन्हें वापस कर दिये*। *मेरा और उनका काम लगभग साथ ही समाप्त हुआ तो, हम दोनों एक साथ ही बैंक से बाहर आ गये तो, वह बोले "साॅरी तुम्हें थोडा कष्ट तो होगा। परन्तु मुझे रिक्षा करवा दोगे क्या? भरी दोपहरिया में रिक्षा मिलना कष्टकारी होता हैं*।" *मैं बोला "मुझे भी उसी तरफ जाना हैं। मैं तुम्हें कार से घर छोड दूँ तो चलेगा क्या*?" *वह तैयार हो गये। हम उनके घर पहूँचे। घर क्या बंगला कह सकते हो। 60' × 100' के प्लाट पर बना हुआ। घर में उनकी वृद्ध पत्नी थी। वह थोडी डर गई कि इनको कुछ हो तो नहीं गया जिससे उन्हें छोडने एक अपरिचित व्यक्ति घर तक आया हैं। फिर उन्होंने पत्नी के चेहरे पर आये भावों को पढकर कहा कि" चिंता की कोई बात नहीं। यह मुझे छोडने आये हैं*।" *फिर हमारी थोडी बातचीत हुई। उनसे बातचीत में वह बोले* इस भगवान के घर में *हम दोनों पति-पत्नी ही रहते हैं। हमारे बच्चे विदेश में रहते हैं*।" *मैंने जब उन्हें* भगवान के घर* *के बारे में पुछा तो कहने लगे* *हमारे घर में* भगवान का घर* *कहने की पुरानी परंपरा हैं। इसके पीछे की भावना हैं कि यह घर भगवान का हैं और हम उस घर में रहते हैं। लोग कहते हैं कि *घर हमारा और भगवान हमारे घर में रहते हैं।*" *मैंने विचार किया कि, दोनों कथनों में कितना अंतर हैं। तदुपरांत वह बोले*... " *भगवान का घर बोला तो अपने से कोई नकारात्मक कार्य नहीं होते हमेशा सदविचारों से ओत प्रेत रहते हैं*।" *बाद में मजाकिया लहजे में बोले* ... " *लोग मृत्यु उपरान्त भगवान के घर जाते हैं परन्तु हम तो जीते जी ही भगवान के घर का आनंद ले रहे हैं*।" *यह वाक्य अर्थात ही जैसे भगवान ने दिया कोई प्रसाद ही हैं। उन बुजुर्ग को घर छोडने की बुद्धि शायद भगवान ने ही मुझे दी होगी*। *घर भगवान का और हम उनके घर में रहते हैं* *यह वाक्य बहुत देर तक मेरे दिमाग में घुमता रहा। सही में कितने अलग विचार थे यह। जैसे विचार वैसा आचार। इसलिये वह उत्तम होगा ही इसमें कोई शंका नहीं*,। *समय बहाकर ले जाता है* नाम और निशान *कोई* हम *में रह जाता है कोई* अहम *में..!!* *🙏🙏🏿🙏🏻जय जय श्री राधे*🙏🏽🙏🏾🙏🏼

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