🙏❤️ जय श्री राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे 🙏 राधे राधे🌹🌹

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♦️♦️♦️ ⚜🕉⚜ ♦️♦️♦️ *🙏ॐ श्रीगणेशाय नम:🙏* *🙏शुभप्रभातम् जी🙏* *इतिहास की मुख्य घटनाओं सहित पञ्चांग-मुख्यांश ..* *📝आज दिनांक 👉* *📜 02 दिसम्बर 2021* *बृहस्पतिवार* *🏚नई दिल्ली अनुसार🏚* *🇮🇳शक सम्वत-* 1943 *🇮🇳विक्रम सम्वत-* 2078 *🇮🇳मास-* मार्गशीर्ष *🌓पक्ष-* कृष्णपक्ष *🗒तिथि-* त्रयोदशी-20:29 तक *🗒पश्चात्-* चतुर्दशी *🌠नक्षत्र-* स्वाति-16:28 तक *🌠पश्चात्-* विशाखा *💫करण-* गर-10:07 तक *💫पश्चात्-* वणिज *✨योग-* शोभन-16:58 तक *✨पश्चात्-* अतिगण्ड *🌅सूर्योदय-* 06:56 *🌄सूर्यास्त-* 17:23 *🌙चन्द्रोदय-* 17:33 *🌛चन्द्रराशि-* तुला-दिनरात *🌞सूर्यायण -* दक्षिणायन *🌞गोल-* दक्षिणगोल *💡अभिजित-* 11:49 से 12:31 *🤖राहुकाल-* 13:28 से 14:47 *🎑ऋतु-* हेमन्त *⏳दिशाशूल-* दक्षिण *✍विशेष👉* *_🔅आज बृहस्पतिवार को 👉 मार्गशीर्ष बदी त्रयोदशी 20:29 तक चतुर्दशी शुरु , प्रदोष व्रत , मास शिवरात्रि व्रत , सूर्य ज्येष्ठा नक्षत्र में 24:45 पर , विघ्नकारक भद्रा 20:27 से सुबह 06:42 तक , संत ज्ञानेश्वर पुण्यतिथि ( मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी ) ,अब्दुल रहमान अंतुले स्मृति दिवस , राष्ट्रीय प्रदूषण नियन्त्रण दिवस , अन्तर्राष्ट्रीय दास प्रथा उन्मूलन दिवस व अन्तर्राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता दिवस।_* *_🔅कल शुक्रवार को 👉 मार्गशीर्ष बदी चतुर्दशी 16:58 तक पश्चात् अमावस्या शुरु , महाव्रतारम्भ , सर्वार्थसिद्धियोग / कार्यसिद्धियोग 13:44 से सूर्योदय तक , देविका स्नान (उधमपुर ज.का. ) , मेला पुरमण्डल (काश्मीर ) , श्री बालाजी जयन्ती , श्री राजेन्द्र प्रसाद जयन्ती ( राष्ट्रीय कृषि शिक्षा दिवस , जन्मदिन के उपलक्ष्य में ) , श्री खुदीराम बोस जयन्ती , लांस नायक अल्बर्ट एक्का ( लब्ध परमवीर चक्र ) शहीदी दिवस , श्री देवानंद स्मृति दिवस , मेजर ध्यानचंद स्मृति दिवस , भौपाल गैस त्रासदी दिवस व विश्व दिव्यांग दिवस।_* *🎯आज की वाणी👉* 🌹 *मत्तो विनिर्गतं विश्वं* *मय्येव लयमेष्यति ।* *मृदि कुम्भो जले वीचि:* *कनके कटकं यथा।।* ★ *(अष्टावक्रगीता - २/१०)* *अर्थात 👉* _जैसे मिट्टी में घड़ा, जल में लहर और सुवर्ण में कटक विलीन हो जाता है, उसी प्रकार मुझसे (अद्वैत ब्रह्म से) विनिर्गत यह विश्व मुझमें ही लय को प्राप्त हो जाता है।_ 🌹 *2 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ👉* 1730 - कोले सिब्बर को जॉर्ज द्वितीय के तहत ब्रिटिश कवि पुरस्कार विजेता नियुक्त किया गया। 1751 - भारत में आर्नी की लड़ाई (दूसरा कर्नाटक युद्ध): रॉबर्ट क्लाईव के तहत एक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की अगुवाई वाली सेना अर्चना पर राणा साहिब की कमान के तहत एक बहुत बड़ी फ्रैंको-भारतीय सेना को हरा दिया। 1792 - जॉर्ज वॉशिंगटन संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए। 1796 - बाजी राव द्वितीय को मराठा साम्राज्य का पेशवा बनाया गया। वे मराठा साम्राज्य के अंतिम पेशवा थे। 1804 - नेपोलियन बोनापार्ट की फ्रांस के सम्राट के तौर पर ताजपोशी की गई। 1818 - इलिनोइस को 21 वें अमेरिकी राज्य के रूप में स्वीकार किया गया। 1828 - एंड्रयू जैक्सन संयुक्त राज्य अमेरिका के 7वें राष्ट्रपति के रूप में चुने गए। 1829 - वायसराय लॉर्ड विलियम बैंटिक ने भारत में सती प्रथा पर रोक लगायी। 1832 - अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एंड्रयू जैक्सन फिर से अमेरिका के निर्वाचित हुए। 1834 - ज़ोलवेरिन जर्मनी में पहली बार नियमित जनगणना की स्थापना की गयी, उस समय जर्मनी की जनसंख्या 23,478,120 थी। 1848 - फ्रांस जोसेफ प्रथम ऑस्ट्रिया के सम्राट बने। 1911 - जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी भारत आने वाले ब्रिटेन के पहले राजा,रानी बनें। उनके बंबई (अब मुम्बई) आगमन की याद में ही गेटवे ऑफ इंडिया बनाया गया। 1942 - पांडिचेरी (अब पुड्डुचेरी) में श्री अरविंदो आश्रम स्कूल की स्थापना हुई जिसे बाद में श्री अरविंदो इंटरनेशनल सेंटर ऑफ एजुकेशन के नाम से जाना गया। 1971 - संयुक्त अरब अमीरात ने ब्रिटेन से स्वतंत्र होने की घोषणा की। 1976 - फिदेल कास्त्रो क्यूबा के राष्ट्रपति बने। 1982 - स्पेन की प्रथम संसद में समाजवादी बहुमत एवं फ़िलिप गोंजालेज प्रधानमंत्री निर्वाचित। 1989 - विश्वनाथ प्रताप सिंह देश के सातवें प्रधानमंत्री बने। 1995 - बेरिंग्स बैंक कांड के चर्चित व्यक्ति निक लीसन को सिंगापुर के न्यायालय द्वारा साढ़े छह वर्ष की क़ैद की सज़ा। 1999 - भारत में बीमा क्षेत्र में निजी क्षेत्र के निवेश को मंजूरी मिली। 2002 - प्रशान्त महासागर के बोरा-बोरा द्वीप में एक जलते यात्री जहाज़ 'विडस्टार' से 219 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। 2003 - हेग स्थित संयुक्त राष्ट्र के युद्धापराध न्यायालय ने बोस्नियाई सर्ब के पूर्व सैन्य कमांडर मोमिर निकोलिक को 1995 में हुए सर्बनिका नरसंहार में दोषी पाया गया और 27 साल कैद की सजा सुनाई। 2005 - पाकिस्तान सरकार ने मदरसों द्वारा धार्मिक नफ़रत फैलाने एवं आतंकवाद के लिए प्रेरणा देने वाले शिक्षा एवं साहित्य के प्रकाशन पर रोक के लिए क़ानून बनाया। 2006 - फिलीपींस में ज्वालामुखी का मलबा गिरने से 208 लोगों की मृत्यु तथा 261 लोग घायल। 2007 - पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ ने 8 जनवरी के प्रस्तावित चुनावों को देखते हुए देश में विरोध प्रदर्शनों और रैलियों पर प्रतिबन्ध लगाया। 2008 - पंजाब नेशनल बैंक ने एफसीएनआर ब्याज दरों में कटौती की। 2012 - फिलीपींस में ‘भूफा’ तूफान से कम से कम 475 लोगों की मौत। 2019 - बुर्किना फ़ासो में हथियारबंद लोगों ने एक गिरजाघर के अंदर गोलीबारी करके कम से कम 14 लोगों की हत्‍या कर दी। 2019 - राज्यसभा की मंजूरी से संसद में इलेक्ट्रोनिक सिगरेट निषेध विधेयक-2019 पारित। 2019 - बिहार के मुजफ्फरपुर की सब लेफ्टिनेंट शिवांगी स्वरूप ने नौसेना की पहली महिला पायलट बनने का गौरव हासिल किया। 2020 - भारत और अमरीका ने बौद्धिक संपदा अधिकार के क्षेत्र में परस्‍पर सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए। 2020 - ब्रिटेन कोविड-19 वैक्सीन के टीके को मंजूरी देने वाला पहला पश्चिमी देश बना। 2020 - भारत और रूस ने मास्को में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। *2 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति👉* 1855 - एन.जी. चन्दावरकर - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे। 1886 - बाबा राघवदास - उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध जनसेवक तथा संत थे (12 दिसंबर का भी वर्णन मिलता है)। 1901 - पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल - हिन्दी के ख्यातिप्राप्त साहित्यकार और विद्वान् आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के सहयोगी। 1912 - बी. नागी रेड्डी, दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक। 1937 - मनोहर जोशी, प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष। 1939 - अचला नागर, प्रसिद्ध फ़िल्म पटकथा लेखिका। 1963 - शिवा अय्यदुरई - प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक हैं। *2 दिसंबर को हुए निधन👉* 1918 - गुरुदास बनर्जी - भारत के प्रमुख शिक्षाशास्त्री। 1969 - क्लिमेंट वोरोशिलोव - सोवियत संघ के राष्ट्रपति थे। 1996 - मर्री चेन्ना रेड्डी - प्रांतीय कांग्रेस कमेटी के महामंत्री और पी.सी.सी. वर्किंग कमेटी के 30 वर्षो तक सदस्य। 2012 - प्रीति गांगुली - हिंदी सिनेमा की चरित्र अभिनेत्री थीं। 2014 - देवेन वर्मा - हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता। 2014 - ए आर अंतुले - भारतीय राजनेता एवं महाराष्ट्र के 8वें मुख्यमंत्री। 2019 - हॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री शैली मॉरिसन का हाल ही में निधन हो गया। 2020 - प्रगतिशील विचारक, लेखक, कवि, पत्रकार और देशबंधु के प्रधान संपादक ललित सुरजन का 74 की उम्र में निधन हुआ। 2020 - पाकिस्तान के पूर्व पीएम जफरुल्लाह जमाली का निधन हुआ। 2020 - रैफर लुईस जॉनसन - एक अमेरिकी डिकैथलीट और फिल्म अभिनेता थे । *2 दिसंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव👉* 🔅 संत ज्ञानेश्वर पुण्यतिथि (मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी)। 🔅 अब्दुल रहमान अंतुले स्मृति दिवस। 🔅 राष्ट्रीय प्रदूषण नियन्त्रण दिवस । 🔅 अन्तर्राष्ट्रीय दास प्रथा उन्मूलन दिवस । 🔅 अन्तर्राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता दिवस । *कृपया ध्यान दें जी👉* *यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है ।* 🌻आपका दिन *_मंगलमय_* हो जी ।🌻 ⚜⚜ 🌴 💎 🌴⚜⚜

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक - 02 दिसम्बर 2021* ⛅ *दिन - गुरुवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078* ⛅ *शक संवत -1943* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - हेमंत* ⛅ *मास - मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक*) ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - त्रयोदशी रात्रि 08:26 तक तत्पश्चात चतुर्दशी* ⛅ *नक्षत्र - स्वाती शाम 04:28 तक तत्पश्चात विशाखा* ⛅ *योग - शोभन शाम 05:00 तक तत्पश्चात अतिगण्ड* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 01:50 से शाम 03:12 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:01* ⛅ *सूर्यास्त - 17:54* ⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि* 💥 *विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *ससुराल में तकलीफ़ हो तो* 🌷 👩🏻 *सुहागन देवियाँ को अगर ससुराल में बहुत कष्ट है .... अपनी शुभ मनोकामनाएं पूरी न होने की पीड़ा है उनके लिए महर्षि अंगीरा के बताये अनुसार मार्गशीर्ष कृष्ण अमावस्या ( इस 04 दिसम्बर 2021 शनिवार को ) माँ पार्वती का स्मरण करते हुए उनको मन ही मन प्रणाम करें .... " हे माँ मैं अपने घर में सुख ... शांति ... और समृद्धि की वृद्धि हेतु ये व्रत कर रही हूँ "... सुबह ये संकल्प करें और ११ मंत्र से माँ पार्वती को प्रणाम करें ....* 🌷 *ॐ पार्वतये नमः* 🌷 *ॐ हेमवत्ये नमः* 🌷 *ॐ अम्बिकाय नमः* 🌷 *ॐ गिरीश वल्लभाय नमः* 🌷 *ॐ गंभीर नाभ्ये नमः* 🌷 *ॐ अपर्नाये नमः* 🌷 *ॐ महादेव्यै नमः* 🌷 *ॐ कंठ गामिन्ये नमः* 🌷 *ॐ क्षण मुखाये नमः* 🌷 *ॐ लोक मोहिन्ये नमः* 🌷 *ॐ मेनका कुक्षी रत्नाये नमः* 🙏🏻 *फिर भगवान गणपतिजी और कार्तिक स्वामी को मन ही मन प्रणाम कर दें ... हो सके तो ८ बत्ती वाला दीपक जलाएं .... और रात भर वो दीपक जलता रहे सुबह भले विसर्जन हो जाए ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए* 🌷 ➡ *04 दिसम्बर, शनिवार को अमावस्या है ।* 🏡 *घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *अमावस्या* 🌷 🙏🏻 *अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए* 🌷 🔥 *हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।* 🍛 *सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गुगल, ७. गुड़, ८. देशी कपूर, गौ चंदन या कण्डा।* 🔥 *विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।* 🔥 *आहुति मंत्र* 🔥 🌷 *१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः* 🌷 *२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः* 🌷 *३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः* 🌷 *४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞®️💲 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🌻🍀🌺🙏🏻

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2️⃣6️⃣❗1️⃣1️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣1️⃣ *"गुड़ का भोग"* किसी गाँव में छज्जूमल नाम का एक गुड़ बेचने वाला अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ रहता था। उसकी पत्नी हर रोज गोपाल जी को भोग लगाती आरती करती उनका पूरा ध्यान रखती थी। उधर छज्जूमल दूर गाँव में जाकर गुड़ बेचता था। इसी तरह उनकी जिंदगी अच्छे से चल रही थी। उसके बेटे बहुत नेक थे। परन्तु दुर्भाग्यवश छज्जूमल की पत्नी अचानक चल बसी। छज्जूमल बहुत उदास रहने लगा। फिर भगवान् की जो इच्छा मान कर फिर वह अपने काम वापस जाने लगा। उसके बेटे उसको समझाते बाबा अब हम अच्छा कमा लेते हैं हैं आप अब घर बैठे परन्तु छज्जूमल ना माना। उसकी पत्नी रोज गोपाल जी को भोग लगाती थी। उसको तो भोग लगाना आता नहीं था। परन्तु अब थोड़ा सा गुड़ ठाकुर जी के आगे रख देता ठाकुर जी तो ठहरे मीठे के शौकीन। उनको तो गुड़ खाने का चस्का लग गया। अब रोज काम जाने से पहले गोपाल जी को थोड़ा सा गुड़ भोग लगा देता था। एक दिन दोनों बेटे बोले बाबा घर की मरम्मत करवानी हैं तो थोड़ा सा सामान इधर-उधर करना पड़ेगा। बाबा बोला ठीक, तो उन्होंने गोपाल जी को भी अलमारी में भूलवश रख दिया। घर का काम शुरू हो गया पर गोपाल जी को अब गुड़ का भोग ना लगता। छज्जूमल अब रोज की तरह गाँव में गुड़ बेचने गया रास्ते में थोड़ा सा विश्राम करने के लिए एक वृक्ष के नीचे बैठ गया। ठण्डी ठण्डी हवा चल रही थी तभी छज्जूमल कि आँख लग गई। तभी उसे लगा कि कोई उसे उठा रहा है और कह रहा है बाबा आज गुड न दोगे। छज्जूमल ने एक दो बार अनसुना कर दिया उसे लगा कि कोई सपना है पर जब उसे कोई लगातार हिलाता जा रहा था और बोल रहा था। अचानक वह उठा और देखता है कि 6- 7 साल का बालक उसे कह रहा है कि बाबा आज गुड़ ना दोगे। छज्जूमल मन मे सोचने लगा कि मैंने तो इस बालक को कभी गुड़ न दिया फिर उसने सोचा कि गाँव में ही किसी का बच्चा होगा। छज्जूमल ने कहा हाँ बेटा ले लो। तो उसे थोड़ा सा गुड़ दे दिया। गुड़ लेकर वह बालक गुड़ को मुँह में डालकर आहा आहा मीठा-मीठा कह कर वहाँ से भाग गया। अब तो रोज ही वह बालक छज्जूमल को मिलता उससे गुड़ लेता और नाचता गाता मीठा-मीठा कह कर भाग जाता। छज्जूमल भी बच्चा समझकर उसको रोज गुड़ दे देता। अब घर का काम पूरा हो गया तो उस दिन घर में हवन पूजन रखा गया। छज्जूमल अब गुड़ बेचने ना गया। परन्तु वह बालक तो अपने समय पर उस जगह पहुँच गया। अब छज्जूमल वहाँ ना आया। बालक ने तो घर जाकर मैया की जान खा ली और ता ता थैया मचाने लगे बोले मुझे तो गुड़ ही चाहिए। मैया ने बहुत समझाया बर्फी मिठाई सब लाकर दिए लेकिन वह तो कहते मैं तो गुड़ ही खाऊँगा। मैया से बालक का रोना सहन न हुआ। और छज्जूमल के घर का पता पूछते पूछते उसके घर पहुँच गई। घर जाकर कहती बाबा मेरे बालक हो तो आपने गुड़ की आदत डाल दी आज आप आए नहीं ना आए तो गुड़ खाए बिना वह मान नहीं रहा। छ्ज्जूमल को उस बालक पर बड़ा प्यार आया उसने उसको अपनी गोद में बिठाया और गोदी में बिठा कर गुड़ खिलाने लगा। पता नहीं क्यों उस बालको गुड़ खिलाते खिलाते छज्जूमल की आँखों में अश्रु धारा बह निकली। हृदय में अजीब सी हलचल होने लगी। गुड़ खाकर बालक मीठा मीठा कह कर अपने घर चला गया। हवन पूजन के बाद में फिर गोपाल जी की मूर्ति को रखा गया। अगले दिन छज्जूमल नियम से गोपाल जी को गुड़ का भोग लगाकर काम पर चला गया। रास्ते में उसी जगह पर रुका अब तो उसे भी उस बालक को गुड़ खिलाने की जल्दी थी। परन्तु वह बालक आया ही नहीं। ऐसे ही तीन-चार दिन बीते जो उसका मन बहुत बेचैन हुआ कि कहीं बालक बीमार तो नहीं। उसने गाँव जाकर सबको बालक के बारे में पूछा तो सब ने कहा ऐसा तो यहाँ कोई भी बालक नहीं रहता। वह हैरान परेशान होकर घर पहुँचा। घर पहुँच कर जब वह मन्दिर में बैठा तो गोपाल जी की तरफ देखा वह मन्द मन्द मुस्कुरा रहे थे। वह जैसे वह कह रहे हो बाबा जी मैं वही बालक हूँ। छज्जू मल का माथा ठनका कि वह सोचने लगे कि यह तो साक्षात गोपाल जी मुझसे गुड़ खाने आते थे। वह कहने लगे हे गोपाल जी धन्य हो आप। गोपाल जी की ओर देख के उसकी आँखों में अश्रु धारा बहने लगी..!! *🙏🏽🙏🙏🏾जय जय श्री राधे*🙏🏻🙏🏿🙏🏼

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*प्रशासक समिति✊🚩* *🚩जय सत्य सनातन🚩* *🚩आज की हिंदी तिथि* 🌥️ *🚩युगाब्द-५१२३* 🌥️ *🚩विक्रम संवत-२०७८* ⛅ *🚩तिथि - त्रयोदशी रात्रि ०८:२६ तक तत्पश्चात चतुर्दशी* https://www.instagram.com/tv/CW8mlScoTNH/?utm_medium=copy_link ⛅ *दिनांक - ०२ दिसम्बर २०२१* ⛅ *दिन - गुरुवार* ⛅ *शक संवत -१९४३* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - हेमंत* ⛅ *मास - मार्ग शीर्ष मास* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *नक्षत्र - स्वाती शाम ०४:२८ तक तत्पश्चात विशाखा* ⛅ *योग - शोभन शाम ०५:०० तक तत्पश्चात अतिगण्ड* ⛅ *राहुकाल - दोपहर ०१:५० से शाम ०३:१२ तक* ⛅ *सूर्योदय - ०७:०१* ⛅ *सूर्यास्त - १७:५४* ⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि* 💥 *विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः २७-२९-३४)* 🌷 *ससुराल में तकलीफ़ हो तो* 🌷 👩🏻 *सुहागन देवियाँ को अगर ससुराल में बहुत कष्ट है .... अपनी शुभ मनोकामनाएं पूरी न होने की पीड़ा है उनके लिए महर्षि अंगीरा के बताये अनुसार मार्गशीर्ष कृष्ण अमावस्या ( इस 04 दिसम्बर 2021 शनिवार को ) माँ पार्वती का स्मरण करते हुए उनको मन ही मन प्रणाम करें .... " हे माँ मैं अपने घर में सुख ... शांति ... और समृद्धि की वृद्धि हेतु ये व्रत कर रही हूँ "... सुबह ये संकल्प करें और ११ मंत्र से माँ पार्वती को प्रणाम करें ....* 🌷 *ॐ पार्वतये नमः* 🌷 *ॐ हेमवत्ये नमः* 🌷 *ॐ अम्बिकाय नमः* 🌷 *ॐ गिरीश वल्लभाय नमः* 🌷 *ॐ गंभीर नाभ्ये नमः* 🌷 *ॐ अपर्नाये नमः* 🌷 *ॐ महादेव्यै नमः* 🌷 *ॐ कंठ गामिन्ये नमः* 🌷 *ॐ क्षण मुखाये नमः* 🌷 *ॐ लोक मोहिन्ये नमः* 🌷 *ॐ मेनका कुक्षी रत्नाये नमः* 🙏🏻 *फिर भगवान गणपतिजी और कार्तिक स्वामी को मन ही मन प्रणाम कर दें ... हो सके तो ८ बत्ती वाला दीपक जलाएं .... और रात भर वो दीपक जलता रहे सुबह भले विसर्जन हो जाए ।* 🌷 *नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए* 🌷 ➡ *04 दिसम्बर, शनिवार को अमावस्या है ।* 🏡 *घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।* 🌷 *अमावस्या* 🌷 🙏🏻 *अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)* 🌷 *धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए* 🌷 🔥 *हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।* 🍛 *सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गुगल, ७. गुड़, ८. देशी कपूर, गौ चंदन या कण्डा।* 🔥 *विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।* 🔥 *आहुति मंत्र* 🔥 🌷 *१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः* 🌷 *२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः* 🌷 *३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः* 🌷 *४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः* 🌷 *५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः* 🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉️

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🌷🌻🌷🌻🌷🌻🌷 *"बेटी का दहेज"* बनारस की वो गलियाँ जहाँ हर मोड़ पे आपको एक छोटा-मोटा मंदिर मिल जाएगा। शायद यही बनारस की खूबसूरती का एक राज है। हर पल उस छोटे बड़े मंदिर से आती घंटियों की आवाज़ें मन को कितना सुकून देती हैं। बनारस के इन्हीं गलियों में एक राम जानकी मंदिर है, जिसकी देख रेख मंदिर के पुजारी पंडित रामनारायण मिश्र के हाथों थी। मिश्रजी भी अपनी पूरी जिंदगी इस राम जानकी मंदिर को समर्पित कर चुके थे। संपत्ति के नाम पर उनके पास एक छोटा सा 2 कमरे का मकान और परिवार में उनकी पत्नी और विवाह योग्य बेटी कमला। मंदिर में जो भी दान आता वही पंडित जी और उनके परिवार के गुजारे का साधन था। बेटी विवाह योग्य हो गयी थी और पंडित जी ने हर मुकम्मल कोशिश की जो शायद हर बेटी का पिता करता। पर वही दान दहेज़ पे आकर बात रुक जाती। पंडित जी अब निराश हो चुके थे। सारे प्रयास कर के हार चुके थे। एक दिन मंदिर में दोपहर के समय जब भीड़ न के बराबर होती है उसी समय चुपचाप राम सीता की प्रतिमा के सामने आँखें बंद किये अपनी बेटी के भविष्य के बारे में सोचते हुए उनकी आँखों से आँसू बहे जा रहे थे। तभी उनकी कानों में एक आवाज आई, "नमस्कार, पंडित जी!" झटके में आँखें खोलीं तो देखा सामने एक बुजुर्ग दंपत्ति हाथ जोड़े खड़े थे। पंडित जी ने बैठने का आग्रह किया। पंडित जी ने गौर किया कि वो वृद्ध दंपत्ति देखने में किसी अच्छे घर के लगते थे। दोनों के चेहरे पर एक सुन्दर सी आभा झलक रही थी। "पंडित जी आपसे एक जरूरी बात करनी है।" वृद्ध पुरूष की आवाज़ सुनकर पंडित जी की तंत्रा टूटी। "हाँ हाँ कहिये श्रीमान।" पंडित जी ने कहा। उस वृद्ध आदमी ने कहा, "पंडित जी, मेरा नाम विशम्भर नाथ है, हम गुजरात से काशी दर्शन को आये हैं, हम निःसंतान हैं, बहुत जगह मन्नतें माँगी पर हमारे भाग्य में पुत्र/पुत्री सुख तो जैसे लिखा ही नहीं था।" "बहुत सालों से हमनें एक मन्नत माँगी हुई है, एक गरीब कन्या का विवाह कराना है, कन्यादान करना है हम दोनों को, तभी इस जीवन को कोई सार्थक पड़ाव मिलेगा।" वृद्ध दंपत्ति की बातों को सुनकर पंडित जी मन ही मन इतना खुश हुए जा रहे थे जैसे स्वयं भगवान ने उनकी इच्छा पूरी करने किसी को भेज दिया हो। "आप किसी कन्या को जानते हैं पंडित जी जो विवाह योग्य हो पर उसका विवाह न हो पा रहा हो। हम हर तरह से दान दहेज देंगे उसके लिए और एक सुयोग्य वर भी है।" वृद्ध महिला ने कहा। पंडित जी ने बिना एक पल गंवाए अपनी बेटी के बारे में सब विस्तार से बता दिया। वृद्ध दम्पत्ति बहुत खुश हुए, बोले, "आज से आपकी बेटी हमारी हुई, बस अब आपको उसकी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं, उसका विवाह हम करेंगे।" पंडित जी की खुशी का कोई ठिकाना न रहा। उनकी मनचाही इच्छा जैसे पूरी हो गयी हो। विशम्भर नाथ ने उन्हें एक विजिटिंग कार्ड दिया और बोला, "बनारस में ही ये लड़का है, ये उसके पिता के आफिस का पता है, आप जाइये। ये मेरे रिश्ते में मेरे साढ़ू लगते हैं। बस आप जाइये और मेरे बारे में कुछ न बताइयेगा। मैं बीच में नहीं आना चाहता। आप जाइये, खुद से बात करिये।" पंडित जी घबराए और बोले, "मैं कैसे बात करूँ, न जान न पहचान, कहीं उन्होंने मना कर दिया इस रिश्ते के लिए तो..??" वृद्ध दंपत्ति ने मुस्कुराते हुए आश्वासन दिया कि, "आप जाइये तो सही। लड़के के पिता का स्वभाव बहुत अच्छा है, वो आपको मना नहीं करेंगे।" इतना कह कर वृद्ध दंपत्ति ने उनको अपना मोबाइल नंबर दिया और चले गए। पंडित जी ने बिना समय गंवाए लड़के के पिता के आफिस का रुख किया। मानो जैसे कोई चमत्कार सा हो गया। 'ऑफिस में लड़के के पिता से मिलने के बाद लड़के के पिता की हाँ कर दी', 'तुरंत शादी की डेट फाइनल हो गयी', पंडित जी जब जब उस दंपत्ति को फोन करते तब तब शादी विवाह की जरूरत का दान दहेज उनके घर पहुँच जाता। सारी बुकिंग, हर तरह का सहयोग बस पंडित जी के फोन कॉल करते ही उन तक पहुँचने लगते। अंततः धूमधाम से विवाह संपन्न हुआ। पंडित जी की लड़की कमला विदा होकर अपने ससुराल चली गयी। पंडित जी ने राहत की साँस ली। पंडित जी अगले दिन मंदिर में बैठे उस वृद्ध दम्पत्ति के बारे में सोच रहे थे कि कौन थे वो दम्पत्ति जिन्होंने मेरी बेटी को अपना समझा, बस एक ही बार मुझसे मिले और मेरी सारी परेशानी हर लिए। यही सोचते-सोचते पंडित जी ने उनको फोन मिलाया। उनका फोन स्विच ऑफ बता रहा था। पंडित जी का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। उन्होंने मन ही मन तय किया कि एक दो दिन और फोन करूँगा नहीं बात होने पर अपने समधी जी से पूछूँगा जरूर विशम्भर नाथ जी के बारे में। अंततः लगातार 3 दिन फ़ोन करने के बाद भी विशम्भर नाथ जी का फ़ोन नहीं लगा तो उन्होंने तुरंत अपने समधी जी को फ़ोन मिलाया। ये क्या…. फ़ोन पे बात करने के बाद पंडित जी की आँखों से झर झर आँसू बहने लगे। पंडित जी के समधी जी का दूर दूर तक विशम्भर नाथ नाम का न कोई सगा संबंधी, न ही कोई मित्र था। पंडित जी आँखों में आँसू लिए मंदिर में प्रभु श्रीराम के सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए। और रोते हुए बोले, "मुझे अब पता चला प्रभु, वो विशम्भर नाथ और कोई नहीं आप ही थे, वो वृद्धा जानकी माता थीं, आपसे मेरा और मेरी बेटी का कष्ट देखा नहीं गया न? दुनिया इस बात को माने या न माने पर आप ही आकर मुझसे बातें कर के मेरे दुःख को हरे प्रभु।" राम जानकी की प्रतिमा जैसे मुस्कुराते हुए अपने भक्त पंडित जी को देखे जा रही थी। *🚩जय श्रीराधे कृष्णा🚩* 🌷🌻🌷🌻🌷🌻🌷

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