Raman Tiwari Nov 26, 2018

जय शिवशंकर, जय गंगाधर, करूणाकर करतार हरे।
जय कैलाशी, जय अविनाशी, सुखराशी सुखसार हरे।
जय शशिशेखर, जय डमरूधर, जय जय प्रेमागार हरे।
जय त्रिपुरारी, जय मदहारी, नित्य अनन्त अपार हरे।
निर्गुण जय जय सगुण अनामय निराकार साकार हरे।
पारवती पति हर-हर शम्भो पाह...

(पूरा पढ़ें)
+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 5 शेयर
Raman Tiwari Sep 2, 2018

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो ना कोई
जाके सर मोर-मुकुट, मेरो पति सोई

कोई कहे कारो,कोई कहे गोरो
लियो है अँखियाँ खोल
कोई कहे हलको,कोई कहे भारो
लियो है तराजू तौल
मेरे तो गिरधर गोपाल
दूसरो ना कोई

कोई कहे छाने,कोई कहे छुवने
लियो है बजन्ता ढोल
तन का गहना...

(पूरा पढ़ें)
+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 4 शेयर
Raman Tiwari Sep 2, 2018

एक बार एक लडकी की गोद भराई में उसके पति ने उसे नाक की नथनी भेजी ।
लडकी बहुत प्रसन्न थी और बार बार अपनी सहेलियों से उस नथनी की प्रसंशा कर रही थी
नथनी एसी है
नथनी वैसी है
पीछे बाबा कबीर दास जी उसकी बातें सुनते हुए आ रहे थे तो बाबा ने एक दोहा कहा

न...

(पूरा पढ़ें)
+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर
Raman Tiwari Aug 31, 2018

एक बार की बात है - वृंदावन का एक साधू अयोध्या की गलियों में राधे कृष्ण - राधे कृष्ण जप रहा था । अयोध्या का एक साधू वहां से गुजरा तो राधे कृष्ण राधे कृष्ण सुनकर उस साधू को बोला - अरे जपना ही है तो सीता राम जपो, क्या उस टेढ़े का नाम जपते हो ?

वृन्...

(पूरा पढ़ें)
0 कॉमेंट्स • 1 शेयर
Raman Tiwari Aug 14, 2018

+6 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 34 शेयर
Raman Tiwari Aug 10, 2018

APR
4
'तुलसी दोहा शतक' में गोस्वामी तुलसीदास ने किया था राम मंदिर को तोड़े जाने का जिक्र
एक तर्क हमेशा दिया जाता है कि अगर बाबर ने राम मंदिर तोड़ा होता तो यह कैसे सम्भव होता कि महान रामभक्त और राम चरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास इसका वर्णन पा...

(पूरा पढ़ें)
+185 प्रतिक्रिया 18 कॉमेंट्स • 211 शेयर
Raman Tiwari Aug 6, 2018

जय श्री राम जय श्री सीताराम। शुभ प्रभात मित्रों
॥ राम नाम वंदना और राम नाम की महिमा ॥
बंदउँ नाम राम रघुबर को। हेतु कृसानु भानु हिमकर को॥
बिधि हरि हरमय बेद प्रान सो। अगुन अनूपम गुन निधान सो॥

भावार्थ:- मैं श्रीरघुनाथ जी के "राम" नाम की वंदना करता ...

(पूरा पढ़ें)
+26 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 20 शेयर
Raman Tiwari Jul 30, 2018

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:॥


शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय द...

(पूरा पढ़ें)
+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर