॥ अथ दुर्गा सूक्तम् ॥
इस पाठ के स्मरण से देवी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों के दुखों को दूर करती हैं तथा उन्हें सुखों को प्रदान करती हैं । दुर्गा का मूल ही यही है दुखो का नाश करना ।
जय माता दी

ॐ जा॒तवे॑दसे सुनवाम॒ सोम॑ मरातीय॒तो निद॑हाति॒ वेदः...

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ॐ-- *गुप्त-सप्तशती*--ॐ
सात सौ मन्त्रों की ‘श्री दुर्गा सप्तशती, का पाठ करने से साधकों का जैसा कल्याण होता है, वैसा-ही कल्याणकारी इसका पाठ है। यह ‘गुप्त-सप्तशती’ प्रचुर मन्त्र-बीजों के होने से आत्म-कल्याणेछु साधकों के लिए अमोघ फल-प्रद है।
इसके *पाठ...

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Pranam Flower +2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर

|| अथ श्री चामुण्डाम्बाष्टोत्तरशतनामावलिः ||


ॐ श्री चामुण्डायै नमः ।
ॐ श्री महामायायै नमः ।
ॐ श्रीमत्सिंहासनेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीविद्यावेद्यमहिमायै नमः
ॐ श्रीचक्रपुरवासिन्यै नमः ।
ॐ श्रीकण्ठदयितायै नमः ।
ॐ गौर्यै नमः ।
ॐ गिरिजायै नमः ।
ॐ भुवनेश्...

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॥ ढुण्ढिस्वरूपवर्णनस्तोत्रम् ॥

श्रीगणेशाय नमः ।
जैमिनिरुवाच ।
न वक्तुं शक्त्ये राजन् केनापि तत्स्वरूपकम् ।
नोपाधिना युतं ढुण्ढिं वदामि शृणु तत्वतः ॥ १॥

अहं पुरा सुशान्त्यर्थं व्यासस्य शरणं गतः ।
मह्यं सङ्कथितं तेन साक्षान्नारायणेन च ॥ ...

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॥ अर्धनारीश्वरत्रिशती अथवा ललितारुद्रत्रिशती ॥

नमः शिवाभ्यां सरसोत्सवाभ्यां नमस्कृताभीष्टवरप्रदाभ्याम् ।
नारायणेनार्चितपादुकाभ्यां नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

ॐ राजराजेश्वर्यै नमः ॐ ।
ॐ अर्धनारीश्वराय नमः ॐ ।
ॐ हिरण्यबाहवे नमः ॐ ।

१. ॐ ककाररूप...

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