radhika Apr 10, 2021

राम युग में दूध मिले, और कृष्ण युग में घी; कोरोना युग में काढा मिले, डिस्टेंस बना कर पी! जब दुनियाँ लेके बैठी है, बड़े-बड़े परमाणु; पर ठोक गया उसे एक, छोटा सा विषाणु! कल रात सपने में आया कोरोना; उसे देख जो मैं डरा 😢 और शुरू किया रोना; तो,मुस्कुरा 😊 के वह बोला; "मुझसे डरो मत, कितनी अच्छी है तुम्हारी संस्कृति; न चूमते,न गले लगाते; दोनों हाथ जोड़कर, तुम राम राम करते; वही करो ना, मुझसे डरो ना ? कहाँ से सीखा तुमने, रूम स्प्रे,बॉडी स्प्रे; पहले तो तुम धूप,दीप, कपूर,अगरबत्ती जलाते; वही करो ना, मुझसे बिल्कुल डरो ना! शुरू से तुम्हें सिखाया गया, अच्छे से हाथ पैर धोकर घर में घुसो; मत भूलो, अपनी संस्कृति; वही करो ना, मुझसे बिल्कुल डरो ना! सादा भोजन, उंच्च विचार, यही तो हैं तेरे संस्कार; उन्हें छोड़, जंक फूड, फ़ास्ट फूड के चक्कर में पड़ो ना; मुझसे बिल्कुल डरो ना! शुरू से ही पशु-पक्षियों को, पाला-पोसा,प्यार दिया; रक्षण की है, तुम्हारी संस्कृति; उनका भक्षण करो ना, मुझसे ज़रा भी डरो ना! कल रात सपने में, आया कोरोना; बोला; अपनी संस्कृति का ही पालन करो ना, मुझसे जरा भी डरो ना!" 🌹🌹🌹🙏🏻

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radhika Apr 9, 2021

🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚 👉 *सबका प्रिय बनना है तो...* _*क्रोध तो दूध का एक उबाल है। जब तक आग रहेगी जब तक दूध उबलेगा लेकिन जब आग ठंडी पड़ जाएगी तो दूध भी बैठ जाएगा।* अपेक्षा की उपेक्षा क्रोध है। आप किसी से अपेक्षा रखते हैं और जब उसकी उपेक्षा होती है तो क्रोध आता है। *अपेक्षा ही मत रखिए तो फिर आपको कोई भी आपको क्रोध नहीं दिला सकता।*_ _*क्रोध जहर है तो क्षमा अमृत है। क्षमा आदत में हो और क्षमा की आदत हो तो जीवन में खुशियां ही खुशियां है।* अगर आदमी दिमाग की गर्मी हटाए और जुबान में नरमी लाए तो परिवार में बल्ले-बल्ले हो जाए। मनुष्य समाज में जीता है। सबके साथ सबके बीच में रहता है। *अगर उसे सभी का प्रिय बनना है तो वह नम्र बने, बड़ों के सामने झुकना सीखे, अहंकार के हिमालय से उतर कर विनम्रता की कार में सवारी करना सीखे।* हर टक्कर अंतत लौटकर उस पर ही हमला करती है। अत: गलती होने पर परस्पर में क्षमा याचना करते चलें।_ Jay Shree Krishna everyone 💐💐💐 🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚

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radhika Apr 8, 2021

🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️ *ऐसे कर्म न करो जिससे कि आपको दूसरों की नजरों से गिरना पड़े क्योंकि पहाड़ से गिरकर फिर उठा जा सकता है मगर नजरों से गिरकर उठना आसान नहीं।* *जिस प्रकार महल बनाने में वर्षों लग जाते हैं मगर उसे ध्वस्त करने के लिए एक क्षण पर्याप्त होता है। ठीक इसी प्रकार चरित्र निर्माण में तो वर्षों लग जाते हैं मगर चरित्र के पतन होने में भी एक क्षण मात्र लगता है।* *हर कार्य को करने से पहले उसके परिणाम का विचार कर लेना यह बुद्धिमानों का लक्षण है। और कार्य कर लेने के बाद परिणाम पर विचार करना मूर्खों का। अत: परिणाम के बाद नहीं अपितु कार्य करने के पहले सोचने की आदत बनाओ। ताकि आपकी गिनती भी बुद्धिमानों में हो सके।* *त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही..!* *क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है..!!* *Jay Shree ram🙏 🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️

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radhika Apr 8, 2021

®💐 💐🌞 💐💐 *​🌹ओम शांति 🌹​* *जब व्यक्ति गलती करता है तो अनेक बार उसे पता चल जाता है , कि "मैं गलती कर रहा हूं".* *फिर भी वह स्वार्थ लोभ क्रोध आदि अनेक कारणों से* *जानबूझकर गलती कर देता है ।* *कभी कभी पता नहीं चलता , और अनजाने में भी गलतियां हो जाती हैं। जब अनजाने में गलती हो जाती है, और बाद में पता चलता है कि मुझसे तो गलती हो गई ! तो भी कोई बात नहीं ।* *जिसके प्रति आपने गलती की उससे माफी मांगें। प्रायश्चित करें । दोबारा गलती न करने का संकल्प करें । इतना तो आपको अवश्य करना ही होगा । तभी आप दोबारा आगे गलतियां करने से बच पाएंगे ।* *और माफी मांगने का अभिप्राय यही है, कि आप दोबारा वह गलती नहीं करेंगे । यदि आप वही गलती दोबारा करते हैं , तीसरी बार करते हैं , बार-बार करते हैं , तो माफी मांगने का कोई अर्थ नहीं है, वह व्यर्थ है-* Good morning everyone 💐 Rade rade ji 🤗🤗 🌸🍀🌸🍀🌸🍀🍀🍀🌸🍀

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