pradip k Patel Jul 31, 2019

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pradip k Patel Jul 8, 2019

एक राजा राज्य भ्रमण के लिए वेश बदलकर महल से बाहर निकला ही था उसे एक वृद्ध किसान मिल गया! किसान के बाल पक गए थे लेकिन शरीर में अभी भी जवानों जैसी चेतना विद्यमान थी ! राजा ने वृद्ध से पूछा महानुभाव आप की आयु कितनी होगी? वृद्ध ने राजा को मुस्कान भरी दृष्टि से देखा और बोला -कुल 4 वर्ष! राजा किसान की बात सुनकर मुस्कुरा दिया ! राजा ने सोचा वृद्ध शायद मजाक कर रहा है ।‌ इसलिए राजा ने दोबारा किसान से वही सवाल पूछा। लेकिन इस बार भी किसान ने वही जवाब दिया। किसान का जवाब सुन राजा क्रोध से भर गया। एक बार तो विचार आया कि वृद्ध किसान को बता दिया जाए कि वह कोई आम आदमी नहीं वरन वेश बदल कर आया हुआ इस राज्य का राजा है। लेकिन फिर राजा को एक बात याद आयी, क्रोध और उत्तेजित हो उठने वाले व्यक्ति कभी भी ज्ञान हासिल नहीं कर सकते। यह सोचकर राजा का क्रोध वही शांत हो गया। अब राजा ने नए सिरे से पूछा पितामह ,आपके बाल पक गए हैं, आप लाठी लेकर चल रहे हैं, शरीर में झुर्रियां पड़ गई हैं, मेरा अनुमान है कि आप 80 वर्ष से कम के ना होंगे। लेकिन फिर भी आप आपकी उम्र महज 4 वर्ष ही बता रहे हैं। यह कैसे संभव हो सकता है? वृद्ध ने कहा आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं! मेरी उम्र 80 वर्ष की है किंतु मैंने अपनी जिंदगी के 76 वर्ष धन कमाने, विवाह करने, और बच्चे पैदा करने में गंवा दिए। ऐसा जीवन तो पशु भी जी सकता है। मैं उसे जीवन नहीं मानता । यह बात मुझे 4 वर्ष पहले समझ आई और मैंने अपना जीवन ईश्वर उपासना व सेवा में लगा दिया है। इसलिए मैं अपने आप को महज 4 वर्ष का ही मानता हूं।

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pradip k Patel Jul 2, 2019

"दिल्ली चांदनी चौक दंगा".. ☝️☝️ये जो शीर्षक लिखा है न कि "मज़ा आ गया"इसका मतलब बताता हूँ। परसो दिल्ली के चांदनी चौक स्थित मंदिर में 250 से 300 मुसलमानों द्वारा तोड़फोड़ की गई।जब आंखों से देखा तो तोड़फोड़ नही बल्कि मंदिर को तहस नहस किया गया। मंदिर के गहने,ओर कैश सब लूट लिया गया। अब सुबह होते ही सोशल मीडिया पर खबरें आना शुरू हो गयी।अब चूंकि देश का मीडिया तो कौम विशेष की गांव चाटने में व्यस्त है,तो इसका काम सोशल मीडिया ने शुरू कर दिया। अब सोशल मीडिया पर लोगो ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएँ देनी शुरू की।कुछ ने लिखकर,कुछ ने उन लिखी हुई पोस्टों के कॉमेंट बॉक्स में जाकर। बहुत सारे शेर हिन्दूओ शिकायत कर रहे है कि,हमने मोदी को ऐसा दिन देखने के लिए वोट नही किया था। कोई कह रहा है,ये मोदी कर क्या रहा है। कोई कह रहा है,ये मोदी मनमोहन सिंह की तरह गूंगा ओर बहरा हो गया है। कोई कह रहा है,इस मोदी को कुछ ज़्यादा ही नोबल पुरस्कार लेने की पड़ी है। कोई कुछ कह रहा है,कोई कुछ। एक बात साफ साफ सुन लीजिए,,यहां मै मोदी का बिलकुल भी बचाव नही कर रहा हूँ।बिल्कुल भी नही। मै हिंदुओं से सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं। देश मे लगभग लगभग 102 या 103 करोड़ हिन्दू है। "क्या मोदी या पुलिस हर एक हिन्दू के साथ उसकी सुरक्षा के लिए खडे रह सकते है"?????असम्भव है,,बिल्कुल असम्भव... मुझे या मोदी,योगी को गाली देने से पहले अपने अंदर झांक कर देखो,अपने घर के दरवाजे के पीछे झांको,,तुम देखोगे की वहां एक लाठी तक नही खड़ी है। ओर ये बात मोदी को बहुत अच्छे से पता है,की अगर गलती से कोई अप्रिय घटना घट गई तो,हिंदुओं का बहुत बड़ा नुकसान होगा।इतना कि जिसकी कल्पना यहां लिख दूँ तो फेसबुक पर ही कइयो का मूत निकल जायेगा। आज से अगर 15,20,25 साल पहले की बात करूं तो मै अपने किसी भी रिश्तेदार के यहां जाता था।चाहे अमीर हो या साधारण किसान का परिवार,उनके घर के दरवाजे के पीछे कई कई लाठी,बल्लम,फरसे,रखे होते थे। दीवारों पर तलवारें बड़ी शान से लगाई हुई होती थी। तब ऐसी घटनाएं ऐसे इलाको में दूर दूर तक सुनने में नही आती थी। ओर जबसे हिन्दू,एकाकी परिवार में दड़बो जैसे फ्लैटों में रहने लगा है।साले ने खुदई अपने पांव पर कुल्हाड़ी नही,बल्कि कुल्हाड़ी पर अपना पांव दे मारा है। इनके घरों में इनका वश नही चलता कि,सब्जी को बिना चाकू के उंगलियों से छील सके,इस सब्जी काटने वाले चाकू को घर मे रखना इनकी मजबूरी है।वरना अहिंसा का पुजारी हिन्दू इस सब्जी काटने वाले चाकू को भी घर मे न रखता। बल्लम,फरसे,तलवारों की तो बहुत दूर की बात है। अब कुछ बसका नही रहा तो चल दिये मोदी मोदी करने..उसे गाली देने। अबे इस मोदी के सामने बचाओ बचाओ करने से कुछ नही होगा। "महाभारत में साफ साफ लिखा है कि बदला लेने के लिए जो प्रतिकार किया जाता है।जो हत्याएं नही बल्कि वध किये जाते है,उनका सबसे बड़ा पुण्य मिलता है।आत्मा को एक ऐसी शांति मिलती है जिसकी अनुभूति केवल बदला लेने वाला ही महसूस कर सकता है। लेकिन यहां बदला तो बहुत दूर की बात है,साले सब बचाओ बचाओ करने में लगे है।😂😂😂🤣🤣🤣🤣🤣 अच्छा परसो चांदनी चौक में मंदिर तोड़ा,ओर कल यहां के दुकानदारों को भगा भगा कर पेला गया।🤣🤣मज़ा आ गया। एक भी दुकानदार ने ज़रा भी विरोध नही किया,जरा भी उलझने की कोशिश नही की,दुकान के शटर जल्दी जल्दी बन्द किये और भाग गए🤣🤣🤣🤣😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂 मेरी घर के पास दो तीन लड़के रहते है जो वहां दुकानों पर माल सप्लाई करते है।उस वक़्त वो वहीं थे।उन्होंने मुझे बताया कि"धनीराम भैया आज तो बस ,8-10 मुसलमान थे,उन्होंने धमकी दी कि बहन के लौ%लालाओं, दुकान छोड़ कर भाग जाओ वरना तुम्हारी #@@$%^&&^%#@ कर देंगे,सेकंड भर में सब अपनी दुकान छोड़ छोड़ कर भाग गए। जो स्वयं की रक्षा नही कर सकते उन्हें सबसे पहले कट कर मर जाना ही चाहिए। ओर सौ बातो की एक बात,जिसके हाथ मे लठ,तलवार बल्लम,फरसे रिवाल्वर बंदूक होगी,जिसके अंदर जिगरा होगा,जिसे अपनी आत्मरक्षा करनी आती है,उसे ही जीने का अधिकार होगा।"साफ बात"... वरना गोल टोपी पहनो और नमाज़ पढने की तैयारी करो

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