Malkhan Singh Jun 18, 2019

जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो उसने १००० अमर राक्षसों को बुलाकर रणभूमि में भेजने का आदेश दिया*** ये ऐसे थे जिनको काल भी नहीं खा सका था*** विभीषण के गुप्तचरों से समाचार मिलने पर श्रीराम को चिंता हुई कि हम लोग इनसे कब तक लड़ेंगे ?*** सीता का उद्धार और विभीषण का राज तिलक कैसे होगा?क्योंकि युद्ध कि समाप्ति असंभव है*** श्रीराम कि इस स्थिति से वानरवाहिनी के साथ कपिराज सुग्रीव भी विचलित हो गए कि अब क्या होगा ?*** हम अनंत कल तक युद्ध तो कर सकते हैं पर विजयश्री का वरण नहीं !पूर्वोक्त दोनों कार्य असंभव हैं !*** अंजनानंदन हनुमान जी आकर वानर वाहिनी के साथ श्रीराम को चिंतित देखकर बोले –प्रभो !*** क्या बात है ? श्रीराम के संकेत से विभीषण जी ने सारी बात बतलाई !अब विजय असंभव है !*** पवन पुत्र ने कहा –असम्भव को संभव और संभव को असम्भव कर देने का नाम ही तो हनुमान है !प्रभो! आप केवल मुझे आज्ञा दीजिए मैं अकेले ही जाकर रावण की अमर सेना को नष्ट कर दूँगा !कैसे हनुमान ? वे तो अमर हैं !*** प्रभो ! इसकी चिंता आप न करें सेवक पर विश्वास करें !उधर रावण ने चलते समय राक्षसों से कहा था कि वहां हनुमान नाम का एक वानर है उससे जरा सावधान रहना*** एकाकी हनुमानजी को रणभूमि में देखकर राक्षसों ने पूछा तुम कौन हो क्या हम लोगों को देखकर भय नहीं लगता जो अकेले रणभूमि में चले आये !*** मारुति –क्यों आते समय राक्षस राज रावण ने तुम लोगों को कुछ संकेत नहीं किया था जो मेरे समक्ष निर्भय खड़े हो *** निशाचरों को समझते देर न लगी कि ये महाबली हनुमान हैं ! तो भी क्या ? हम अमर हैं हमारा ये क्या बिगाड़ लेंगे !*** भयंकर युद्ध आरम्भ हुआ पवनपुत्र कि मार से राक्षस रणभूमि में ढेर होने लगे चौथाई सेना बची थी कि पीछे से आवाज आई हनुमान हम लोग अमर हैं हमें जीतना असंभव है*** अतः अपने स्वामी के साथ लंका से लौट जावो इसी में तुम सबका कल्याण है !*** आंजनेय ने कहा लौटूंगा अवश्य पर तुम्हारे कहने से नहीं !अपितु अपनी इच्छा से !हाँ तुम सब मिलकर आक्रमण करो फिर मेरा बल देखो और रावण को जाकर बताना*** राक्षसों ने जैसे ही एक साथ मिलकर हनुमानजी पर आक्रमण करना चाहां वैसे ही पवनपुत्र ने उन सबको अपनी पूंछ में लपेटकर ऊपर आकाश में फेंक दिया !*** वे सब पृथ्वी कि गुरुत्वाकर्षण शक्ति जहाँ तक है वहां से भी ऊपर चले गए ! चले ही जा रहे हैं *चले मग जात सूखि गए गात* गोस्वामी तुलसीदास ! उनका शरीर सूख गया अमर होने के कारण मर सकते नहीं !*** अतः रावण को गाली देते हुए और कष्ट के कारण अपनी अमरता को कोसते हुए अभी भी जा रहे हैं !*** इधर हनुमान जी ने आकर प्रभु के चरणों में शीश झुकाया !श्रीराम बोले –क्या हुआ हनुमान ! प्रभो ! उन्हें ऊपर भेजकर आ रहा हूँ*** राघव –पर वे अमर थे हनुमान!हाँ स्वामी इसलिए उन्हें जीवित ही ऊपर भेज आया हूँ अब वे कभी भी नीचे नहीं आ सकते ?*** रावण को अब आप शीघ्रातिशीघ्र ऊपर भेजने की कृपा करें जिससे माता जानकी का आपसे मिलन और महाराज विभीषण का राजसिंहासन हो सके !*** पवनपुत्र को प्रभु ने उठाकर गले लगा लिया ! वे धन्य हो गए अविरल भक्ति का वर पाकर ! श्रीराम उनके ऋणी बन गए !और बोले – हनुमानजी—आपने जो उपकार किया है वह मेरे अंग अंग में ही जीर्ण शीर्ण हो जाय मैं उसका बदला न चुका सकूँ ,क्योकि उपकार का बदला विपत्तिकाल में ही चुकाया जाता है*** पुत्र ! तुम पर कभी कोई विपत्ति न आये !निहाल हो गए आंजनेय ! हनुमानजी की वीरता के समान साक्षात काल देवराज इन्द्र महाराज कुबेर तथा भगवान विष्णु की भी वीरता नहीं सुनी गयी –ऐसा कथन श्रीराम का है – न कालस्य न शक्रस्य न विष्णर्वित्तपस्य च ! कर्माणि तानि श्रूयन्ते यानि युद्धे हनूमतः *** 🙏🙏जय श्री राम जी की 🙏🙏 🙏जय श्री वीर हनुमान जी की 🙏

+319 प्रतिक्रिया 42 कॉमेंट्स • 8 शेयर
Malkhan Singh Jun 17, 2019

☀🌞🐚🐾👏👏🐾🐚🌞☀ _*🌴🌿हर हर महादेव🌿🌴*_ _*🌿🌴〽ऊँ नमः शिवाय🌴🌿*_ ‪👌 ¸•**•¸ ¸•**•¸ ¸•**•¸ 🍁🌷🍁🌷🍁🌷🍁🌷🍁🌷🍁 *👏🕉 शिव की ज्योति से नूर मिलता है* *सबके दिलों को सुरूर मिलता है* *जो भी जाता है भोले के द्वार* *कुछ न कुछ ज़रूर मिलता है* 🌻🌿🌻🌿🌻🌿🌻🌿🌻🌿 *शिव की बनी रहे आप पर छाया* *पलट दे जो आपकी किस्मत की काया* *मिले आपको वो सब अपनी ज़िन्दगी में* *जो कभी किसी ने भी न पाया* 🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸 *शिव सत्य है शिव अनंत है* *शिव अनादि है शिव भगवंत है* *शिव ओंकार है शिव ब्रह्म है* *शिव शक्ति है शिव भक्ति है* *आओ भगवान शिव का नमन करें* *उनका आशीर्वाद हम सब पर बना रहे।🕉👏* 🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀🌿🍀 *✤┈┈┈┈┈••✦❤✦••┈┈┈┈┈✤* ☀🐚🐾🐾🐚☀ _*💚🧡स्नेह वंदन🧡💚*_ _*💙💛शुभ प्रभात💛💙*_ _*शुभ सोमवार*_ *🕉जय शिव शंकर 🕉* _*🌹┣━┫α ρ ρ у 🌹*_ 🌹 *ℳỖŘŇĮŇĞ*🌹 *🙋🙇🙏आज सोमवार प्रातः काल का आप एवं आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙇 🙋* *┈┉┅━❀꧁ω❍ω꧂❀━┅┉┈* 🌺🌻🌸🌷🌿🙏🙏🌿🌷🌸🌻🌺

+382 प्रतिक्रिया 64 कॉमेंट्स • 12 शेयर
Malkhan Singh Jun 16, 2019

*🌹🙏👉एक बार जरूर पढ़ियेगा...!✍️🙏🌹* जीवन को कैसे जीयें ? ✍️माइकल जैक्सन 150 साल जीना चाहता था! किसी सेे साथ हाथ मिलाने से पहले दस्ताने पहनता था! लोगों के बीच में जाने से पहले मुंह पर मास्क लगाता था ! अपनी देखरेख करने के लिए उसने अपने घर पर 12 डॉक्टर्स नियुक्त किए हुए थे ! जो उसके सर के बाल से लेकर पांव के नाखून तक की जांच प्रतिदिन किया करते थे! उसका खाना लैबोरेट्री में चेक होने के बाद उसे खिलाया जाता था! स्वयं को व्यायाम करवाने के लिए उसने 15 लोगों को रखा हुआ था! माइकल जैकसन अश्वेत था, उसने 1987 में प्लास्टिक सर्जरी करवाकर अपनी त्वचा को गोरा बनवा लिया था! अपने काले मां-बाप और काले दोस्तों को भी छोड़ दिया गोरा होने के बाद उसने गोरे मां-बाप को किराए पर लिया! और अपने दोस्त भी गोरे बनाए शादी भी गोरी औरतों के साथ की! नवम्बर 15 को माइकल ने अपनी नर्स डेबी रो से विवाह किया, जिसने प्रिंस माइकल जैक्सन जूनियर (1997) तथा पेरिस माइकल केथरीन (3 अपैल 1998) को जन्म दिया। वो डेढ़ सौ साल तक जीने के लक्ष्य को लेकर चल रहा था! हमेशा ऑक्सीजन वाले बेड पर सोता था उसने अपने लिए अंगदान करने वाले डोनर भी तैयार कर रखे थे! जिन्हें वह खर्चा देता था, ताकि समय आने पर उसे किडनी, फेफड़े, आंखें या किसी भी शरीर के अन्य अंग की जरूरत पड़ने पर वह आकर दे दें, उसको लगता था वह पैसे और अपने रसूख की बदौलत मौत को भी चकमा दे सकता है, लेकिन वह गलत साबित हुआ 25 जून 2009 को उसके दिल की धड़कन रुकने लगी, उसके घर पर 12 डॉक्टर की मौजूदगी में हालत काबू में नहीं आए, सारे शहर के डाक्टर उसके घर पर जमा हो गए वह भी उसे नहीं बचा पाए। उसने 25 साल तक डॉक्टर की सलाह के विपरीत, कुछ नहीं खाया! अंत समय में उसकी हालत बहुत खराब हो गई थी 50 साल तक आते-आते वह पतन के करीब ही पहुंच गया था और 25 जून 2009 को वह इस दुनिया से चला गया ! जिसने अपने लिए डेढ़ सौ साल जीने का इंतजाम कर रखा था! उसका इंतजाम धरा का धरा रह गया! जब उसकी बॉडी का पोस्टमार्टम हुआ तो डॉक्टर ने बताया कि, उसका शरीर हड्डियों का ढांचा बन चुका था! उसका सिर गंजा था, उसकी पसलियां कंधे हड्डियां टूट चुके थे, उसके शरीर पर अनगिनत सुई के निशान थे, प्लास्टिक सर्जरी के कारण होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए एंटीबायोटिक वाले दर्जनों इंजेक्शन उसे दिन में लेने पड़ते थे! माइकल जैक्सन की अंतिम यात्रा को 2.5 अरब लोगो ने लाइव देखा था। यह अब तक की सबसे ज़्यादा देखे जाने वाली लाइव ब्रॉडकास्ट हैं। माइकल जैक्सन की मृत्यु के दिन यानी 25 जून 2009 को 3:15 PM पर, Wikipedia,Twitter और AOL’s instant messenger यह सभी क्रैश हो गए थे। उसकी मौत की खबर का पता चलता ही गूगल पर 8 लाख लोगों ने माइकल जैकसन को सर्च किया! ज्यादा सर्च होने के कारण गूगल पर सबसे बड़ा ट्रैफिक जाम हुआ था! और गूगल क्रैश हो गया, ढाई घंटे तक गूगल काम नहीं कर पाया! मौत को चकमा देने की सोचने वाले हमेशा मौत से चकमा खा ही जाते हैं! सार यही है, बनावटी दुनिया के बनावटी लोग कुदरती मौत की बजाय बनावटी मौत ही मरते हैं! "क्यों करते हो गुरुर अपने चार दिन के ठाठ पर , मुठ्ठी भी खाली रहेंगी जब पहुँचोगे घाट पर"... कुछ गंभीर प्रश्न-- चिन्तन अवश्य कीजियेगा....... क्या हम बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, केटरर्स और डेकोरेटर्स के लिए कमा रहे हैं ? हम बड़े-बड़े क़ीमती मकानों और बेहद खर्चीली शादियों से किसे इम्प्रेस करना चाहते हैं ? क्या आपको याद है कि, दो दिन पहले किसी की शादी पर आपने क्या खाया था ? जीवन के प्रारंभिक वर्षों में, क्यों हम पशुओं की तरह काम में जुते रहते हैं ? कितनी पीढ़ियों के,खान पान और लालन पालन की व्यवस्था करनी है हमें ? हम में से अधिकाँश लोगों के दो बच्चे हैं। बहुतों का तो सिर्फ एक ही बच्चा है। "हमारी जरूरत कितनी हैं ?और हम पाना कितना चाहते हैं"? इस बारे में सोचिए। क्या हमारी अगली पीढ़ी कमाने में सक्षम नहीं है जो, हम उनके लिए ज्यादा से ज्यादा सेविंग कर देना चाहते हैं ? क्या हम सप्ताह में डेढ़ दिन अपने मित्रों, अपने परिवार और अपने लिए स्पेयर नहीं कर सकते ? क्या आप अपनी मासिक आय का 5% अपने आनंद के लिए, अपनी ख़ुशी के लिए खर्च करते हैं ? सामान्यतः जवाब नहीं में ही होता है हम कमाने के साथ साथ आनंद भी क्यों नहीं प्राप्त कर सकते ? इससे पहले कि आप स्लिप डिस्क्स का शिकार हो जाएँ, इससे पहले कि, कोलोस्ट्रोल आपके हार्ट को ब्लॉक कर दे, आनंद प्राप्ति के लिए समय निकालिए !! हम किसी प्रॉपर्टी के मालिक नहीं होते, सिर्फ कुछ कागजातों, कुछ दस्तावेजों पर अस्थाई रूप से हमारा नाम लिखा होता है। ईश्वर भी व्यंग्यात्मक रूप से हँसेगा जब कोई उसे कहेगा कि, "मैं जमीन के इस टुकड़े का मालिक हूँ " किसी के बारे में, उसके शानदार कपड़े और बढ़िया कार देखकर, राय कायम मत कीजिए। हमारे महान गणित और विज्ञान के शिक्षक स्कूटर पर ही आया जाया करते थे !!* धनवान होना गलत नहीं है , बल्कि....... "सिर्फ धनवान होना गलत है" आइए ज़िंदगी को पकड़ें, इससे पहले कि, जिंदगी हमें पकड़ ले... एक दिन हम सब जुदा हो जाएँगे, तब अपनी बातें, अपने सपने हम बहुत मिस करेंगे। दिन, महीने, साल गुजर जाएँगे, शायद कभी कोई संपर्क भी नहीं रहेगा। एक रोज हमारी बहुत पुरानी तस्वीर देखकर हमारे बच्चे हमी से पूछेंगे कि, "तस्वीर में ये दुसरे लोग कौन हैं" ? तब हम मुस्कुराकर अपने अदृश्य आँसुओं के साथ बड़े फख्र से कहेंगे--- "ये वो लोग हैं, जिनके साथ मैंने अपने जीवन के बेहतरीन दिन गुजारे हैं। " इस मैसेज को अपने उन सभी मित्रों को पोस्ट कीजिए, जिन्हें आप कभी भूल नहीं पाएँगे।* उन्हें पोस्ट कीजिए, जो कभी भी आपकी मुस्कान की वजह बने थे। *जिओ जिंदगी * 🌹🌿🙏जय श्री कृष्णा🙏जय श्री राम🙏🌿👇

+292 प्रतिक्रिया 41 कॉमेंट्स • 32 शेयर
Malkhan Singh Jun 16, 2019

+420 प्रतिक्रिया 51 कॉमेंट्स • 46 शेयर
Malkhan Singh Jun 15, 2019

🌸भक्ति संगीत के साथ राम नगरी अयोध्या का दर्शन🌸 ⛳⛳ *जय श्री राम* ⛳⛳ *卐 🔯 सर्वदेवोंमय श्रीराम 🔯卐* *💐राम राम कहिये सदा सुखी रहिये💐* *वृद्धि आस्तिक भाव की शुभ मंगल संचार * *अभ्युदय सद्धर्म का राम नाम विस्तार * राम तारने वाला मंत्र है उद्धार करने वाला विमोचन करने वाला है जो असंख्य लाभ सुखभोग सफलता सिद्धि प्रदान करके आनंद का उपभोग करवाने वाला है । इस मंत्र के जपने से मुक्ति मोक्ष प्राप्तिनिर्वाण रामधाम की प्राप्ति भगवदसाक्षातकार परम पद की प्राप्ति आत्मापरमात्मा का मिलन ऐक्य एकरूपतालाभ प्राप्त हो के रहेगा ऐसा सुदृढ़ निश्चय रखिए । सभी राम भक्त को प्यार भरा ⛳⛳ *जय श्री राम* ⛳⛳ हमारी पहचानहमारा राजा राम 🇮🇳🇮🇳भारत माता की जय🇮🇳🇮🇳

+296 प्रतिक्रिया 32 कॉमेंट्स • 52 शेयर
Malkhan Singh Jun 15, 2019

🌸🙏जय श्रीराम🙏जय हनुमान🙏जय शनिदेव🙏🌸 *🌸पिता Papa🌸* पिता दिवस की शुभकामनाएं🌸* •पिता की *सख्ती को बर्दाशत* करो ताकि काबिल बन सको •पिता की *बातें गौर से सुनो* ताकि दुसरो की न सुननी पड़े •पिता के सामने *ऊंचा मत बोलो* वरना भगवान तुमको नीचा कर देगा •पिता का *सम्मान करो* ताकि तुम्हारी संतान तुम्हारा सम्मान करे •पिता की *इज्जत करो* ताकि इससे फायदा उठा सको •पिता का *हुक्म मानो* ताकि खुशहाल रह सको •पिता के सामने *नजरे झुका कर रखो* ताकि भगवान तुमको दुनियां मे आगे करे • *पिता एक किताब है* जिसपर अनुभव लिखा जाता है • *पिता के आंसु तुम्हारे सामने न गिरे* वरना भगवान तुम्हे दुनिया से गिरा देगा *पिता एक ऐसी हस्ती है माँ का मुकाम तो बेशक़ अपनी जगह है पर पिता का भी कुछ कम नही माँ के कदमों मे स्वर्ग है पर पिता स्वर्ग का दरवाजा है अगर दरवाज़ा ना ख़ुला तो अंदर कैसे जाओगे * जो गरमी हो या सर्दी अपने बच्चों की रोज़ी रोटी की फ़िक्र में परेशान रहता है *ना कोई पिता के जैसा प्यार दे सकता है ना कर सकता है अपने बच्चों से * *याद रख़े सूरज गर्म ज़रूर होता है मगर डूब जाए तो अंधेरा छा जाता है * आओ आज़ सब मिलकर उस अज़ीम हस्ती के लिए *प्रार्थना करें * *हे भगवान मेरे पिता को अच्छी सेहत ओर तंदूरस्ती देना। उनकी तमाम परेशानी को दूर कर और उन्हें हमेंशा हमारे लिए खुश रख़ना।*🌹🙏जय श्री राम🙏🌹 *🌸🌿🙏आपका दिन शुभ एवं सुंदर हो🙏🌿🌸*

+417 प्रतिक्रिया 47 कॉमेंट्स • 137 शेयर
Malkhan Singh Jun 14, 2019

ये लेख जो भी लिखा है बहुत बढ़िया लिखा है उम्मीद है आप सब भी पढ़कर एक वाह जरूर करेंगे.....👇👇👇 युधिष्ठर को पूर्ण आभास था, कि कलयुग में क्या होगा ? पूरा अवश्य पढें। अच्छा लगेगा। पाण्डवों का अज्ञातवाश समाप्त होने में कुछ समय शेष रह गया था। पाँचो पाण्डव एवं द्रोपदी जंगल मे छूपने का स्थान ढूंढ रहे थे। उधर शनिदेव की आकाश मंडल से पाण्डवों पर नजर पड़ी शनिदेव के मन विचार आया कि इन 5 में बुद्धिमान कौन है परीक्षा ली जाय। शनिदेव ने एक माया का महल बनाया कई योजन दूरी में उस महल के चार कोने थे, पूरब, पश्चिम, उतर, दक्षिण। अचानक भीम की नजर महल पर पड़ी और वो आकर्षित हो गया , भीम, यधिष्ठिर से बोला- भैया मुझे महल देखना है भाई ने कहा जाओ । भीम महल के द्वार पर पहुंचा वहाँ शनिदेव दरबान के रूप में खड़े थे, भीम बोला- मुझे महल देखना है! शनिदेव ने कहा- महल की कुछ शर्त है । 1- शर्त महल में चार कोने हैं आप एक ही कोना देख सकते हैं। 2-शर्त महल में जो देखोगे उसकी सार सहित व्याख्या करोगे। 3-शर्त अगर व्याख्या नहीं कर सके तो कैद कर लिए जाओगे। भीम ने कहा- मैं स्वीकार करता हूँ ऐसा ही होगा । और वह महल के पूर्व छोर की ओर गया । वहां जाकर उसने अद्भूत पशु पक्षी और फूलों एवं फलों से लदे वृक्षों का नजारा देखा, आगे जाकर देखता है कि तीन कुंए है अगल-बगल में छोटे कुंए और बीच में एक बडा कुआ। बीच वाला बड़े कुंए में पानी का उफान आता है और दोनों छोटे खाली कुओं को पानी से भर देता है। फिर कुछ देर बाद दोनों छोटे कुओं में उफान आता है तो खाली पड़े बड़े कुंए का पानी आधा रह जाता है इस क्रिया को भीम कई बार देखता है पर समझ नहीं पाता और लौटकर दरबान के पास आता है। दरबान - क्या देखा आपने ? भीम- महाशय मैंने पेड़ पौधे पशु पक्षी देखा वो मैंने पहले कभी नहीं देखा था जो अजीब थे। एक बात समझ में नहीं आई छोटे कुंए पानी से भर जाते हैं बड़ा क्यों नहीं भर पाता ये समझ में नहीं आया। दरबान बोला आप शर्त के अनुसार बंदी हो गये हैं और बंदी घर में बैठा दिया। अर्जुन आया बोला- मुझे महल देखना है, दरबान ने शर्त बता दी और अर्जुन पश्चिम वाले छोर की तरफ चला गया। आगे जाकर अर्जुन क्या देखता है। एक खेत में दो फसल उग रही थी एक तरफ बाजरे की फसल दूसरी तरफ मक्का की फसल । बाजरे के पौधे से मक्का निकल रही तथा मक्का के पौधे से बाजरी निकल रही । अजीब लगा कुछ समझ नहीं आया वापिस द्वार पर आ गया। दरबान ने पूछा क्या देखा, अर्जुन बोला महाशय सब कुछ देखा पर बाजरा और मक्का की बात समझ में नहीं आई। शनिदेव ने कहा शर्त के अनुसार आप बंदी हैं । नकुल आया बोला मुझे महल देखना है । फिर वह उत्तर दिशा की और गया वहाँ उसने देखा कि बहुत सारी सफेद गायें जब उनको भूख लगती है तो अपनी छोटी बछियों का दूध पीती है उसे कुछ समझ नहीं आया द्वार पर आया । शनिदेव ने पूछा क्या देखा ? नकुल बोला महाशय गाय बछियों का दूध पीती है यह समझ नहीं आया तब उसे भी बंदी बना लिया। सहदेव आया बोला मुझे महल देखना है और वह दक्षिण दिशा की और गया अंतिम कोना देखने के लिए क्या देखता है वहां पर एक सोने की बड़ी शिला एक चांदी के सिक्के पर टिकी हुई डगमग डोले पर गिरे नहीं छूने पर भी वैसे ही रहती है समझ नहीं आया वह वापिस द्वार पर आ गया और बोला सोने की शिला की बात समझ में नहीं आई तब वह भी बंदी हो गया। चारों भाई बहुत देर से नहीं आये तब युधिष्ठिर को चिंता हुई वह भी द्रोपदी सहित महल में गये। भाइयों के लिए पूछा तब दरबान ने बताया वो शर्त अनुसार बंदी है। युधिष्ठिर बोला भीम तुमने क्या देखा ? भीम ने कुंऐ के बारे में बताया तब युधिष्ठिर ने कहा- यह कलियुग में होने वाला है एक बाप दो बेटों का पेट तो भर देगा परन्तु दो बेटे मिलकर एक बाप का पेट नहीं भर पायेंगे। भीम को छोड़ दिया। अर्जुन से पुछा तुमने क्या देखा ?? उसने फसल के बारे में बताया युधिष्ठिर ने कहा- यह भी कलियुग में होने वाला है। वंश परिवर्तन अर्थात ब्राह्मण के घर शूद्र की लड़की और शूद्र के घर बनिए की लड़की ब्याही जायेंगी। अर्जुन भी छूट गया। नकुल से पूछा तुमने क्या देखा तब उसने गाय का वृतान्त बताया । तब युधिष्ठिर ने कहा- कलियुग में माताऐं अपनी बेटियों के घर में पलेंगी बेटी का दाना खायेंगी और बेटे सेवा नहीं करेंगे । तब नकुल भी छूट गया। सहदेव से पूछा तुमने क्या देखा, उसने सोने की शिला का वृतांत बताया, तब युधिष्ठिर बोले- कलियुग में पाप धर्म को दबाता रहेगा परन्तु धर्म फिर भी जिंदा रहेगा खत्म नहीं होगा।। आज के कलयुग में यह सारी बातें सच साबित हो रही है ।। मुझे अच्छा लगा। आपके समक्ष रखा है । मैं आशा करता हूँ 🙏 कि आप इसे और भी लोगों तक पहुचायेंगे !!!!!!! 🌹👏🏻👏🏻जय श्री कृष्णा राधे राधे जी🙏🙏🌹 *आपकी रात्रि शुभ एवं मधुरमय हो*

+344 प्रतिक्रिया 61 कॉमेंट्स • 95 शेयर