🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 23 जनवरी 2019* ⛅ *दिन - बुधवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2075* ⛅ *शक संवत -1940* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - माघ* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - तृतीया रात्रि 11:59 तक तत्पश्चात चतुर्थी* ⛅ *नक्षत्र - मघा रात्रि 08:47 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी* ⛅ *योग - सौभाग्य रात्रि 10:00 तक तत्पश्चात शोभन* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:50 दोपहर 02:12 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:19* ⛅ *सूर्यास्त - 18:21* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती (दि.अ)* 💥 *विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *विघ्नों और मुसीबतें दूर करने के लिए* 🌷 👉 *24 जनवरी 2019 गुरुवार को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है ।* 🙏🏻 *शिव पुराण में आता है कि हर महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :* 🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।* 🌷 *ॐ सोमाय नमः ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 ‪🌷 *चतुर्थी‬ तिथि विशेष* 🌷 🙏🏻 *चतुर्थी तिथि के स्वामी ‪भगवान गणेश‬जी हैं।* 📆 *हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती है।* 🙏🏻 *पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।* 🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥* ➡ *“ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷 🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |* 👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –* 🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।* 🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।* 🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।* 🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।* 🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:* 🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

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जीवन के बारे में विचार करते है तो जन्म मृत्यु एक आवश्यक घटना चक्र प्रतीत होता है   जिससे बिरले पुरुष ही निकल पाते है। मृत्यु के बाद का चक्र क्या है  इस पर व्यक्ति के जीवन भर का लेखा जोखा ही मार्ग तय कर ता है। अमृत और मृत्यु दो शब्दों पर ध्यान देंगे तो रहस्य ज्ञात हो सकेगा वैदिक मान्यता के अनुसार विश्व में तीन पदार्थ नित्य है  इस्वर  आत्मा और पृकृति । ईश्वर  का ॐ नाम विख्यात है ।तीन शब्द है अ उ म ।इन तीनो से मिलकर ओम  बना है । अ परमात्मा का संकेत करता है तो उ आत्मा का तथा म प्रकृति का बोधक है । उ आत्मा जब विश्व में कर्म करते हुवे सांसारिक पदार्थो को महत्ता  देता है  उसके लिए म यानी प्रकृति मुख्य  है ये मनुष्य प्रकृति को आगे रखने वाला कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं । उसके लिए वही सत्य पदार्थ है हम देखते है मृत्यु शब्द ।ऋत  से अंग्रेजी का राइट शब्द बना है अर्थात उसीको ठीक समझाना । म + ऋत +यु =मृत्यु । उनलोगों की निश्चय ही मृत्यु होती है जो म को आगे रख कर वही  'ऋत " सत्य है मान कर 'यु '  यानि जुड़े रहते है । तात्पर्य है की म यानी संसार के पदार्थो में आसक्ति उसे इस  मृत्यु के चक्र में डाले रहती है । भीषण यातना का शिकार होता है । दूसरी स्थिति है अमृत की । इस के बारे में विचार करे तो ज्ञात होगा ये लोग परमशक्ति इश्वर को सर्वो परि  मान कर चलते है । अ +म +ऋत । इस शब्द से यह ज्ञान होगा । अ अर्थात भगवान या अज्ञात  चेतन सत्ता । इस अमृत शब्द में सबसे आगे रखा है " अ " इसके पीछे है म यानी सांसारिक पदार्थ । संसार के पदार्थो की आवश्यकता  सभी को रहती है वह अमृत प्राप्त करने वाले भी रखते परन्तु वे इश्वर को प्रधानता देते है । ये ही लोग योगादि आवश्यक क्रियाए करते है और दुनिया में विचरते है । यहाँ ऋत का तात्पर्य वही सत्य  जिसके लिए । यह आश्चर्य ही है ये शब्द अमृत और मृत्यु दो नो में मोजूद है । सो हम किसी के जीवन को देख कर अनुमान लगाना चाहे तो  मुश्किल नहीं । मृत्यु का चक्र उन लोगो को जकडे रहता है जो उस परम सत्ता की अवहेलना करता हुवा जीवन पूरा करता है ।अपने अहम् के वशीभूत लोक में सभी के दुःख का कारण बनता है तथा परलोक में उस नियंता से प्रताड़ित होता हुवा अनेको योनियों में अनंत काल तक स्वयं दुःख भोगता है । हमको कही जाना है तो वही जो इस ज्ञान को रखता है । अन्यथा जीवन में महान हानि है इसमें कोई संदेह नहीं ।   क्या चुने अमृत या मृत्यु ...!

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[1/21, 11:34 PM] My: 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *********|| जय श्री राधे ||********* 🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺 🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏 *********ll जय श्री राधे ll********* 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक -: 22/01/2019,मंगलवार* द्वितीया, कृष्ण पक्ष माघ """""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि-----------द्वितीया27:25:54 तक पक्ष-----------------------------कृष्ण नक्षत्र----------आश्लेषा23:31:22 योग----------आयुष्मान26:03:05 करण-------------तैतुल17:14:26 करण--------------गरज27:25:54 वार-------------------------मंगलवार माह------------------------------माघ चन्द्र राशि---------कर्क23:31:22 चन्द्र राशि-----------------------सिंह सूर्य राशि-----------------------मकर रितु----------------------------शिशिर आयन---------------------उत्तरायण संवत्सर----------------------विलम्बी संवत्सर (उत्तर)----------विरोधकृत विक्रम संवत-----------------2075 विक्रम संवत (कर्तक)-------2075 शाका संवत------------------1940 वृन्दावन सूर्योदय-----------------07:11:11 सूर्यास्त------------------17:50:28 दिन काल---------------10:39:17 रात्री काल--------------13:20:26 चंद्रोदय------------------19:15:22 चंद्रास्त------------------31:30:22 लग्न---- मकर7°36' , 277°36' सूर्य नक्षत्र----------------उत्तराषाढा चन्द्र नक्षत्र-----------------आश्लेषा नक्षत्र पाया---------------------रजत *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* डी----आश्लेषा 07:42:31 डू----आश्लेषा 12:58:25 डे----आश्लेषा 18:14:39 डो----आश्लेषा 23:31:22 मा----मघा 28:48:44 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================= सूर्य=मकर07°36 ' उoषा o, 4 जी चन्द्र =कर्क 19°29 ' आश्लेषा ' 1 डी बुध=धनु 02°23 ' उ o षा o' 2 भो शुक्र=वृश्चिक 21°26, ज्येष्ठा, 2 या मंगल=मीन 20°30 ' रेवती ' 2 दो गुरु=वृश्चिक 21°31 ' ज्येष्ठा , 2 या शनि=धनु 19°10' पू o षा o ' 2 धा राहू=कर्क 02 ° 20 ' पुष्य , 4 ही केतु=मकर 02 ° 20' उo षाo, 2 भो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 15:11 - 16:31अशुभ यम घंटा 09:51 - 11:11अशुभ गुली काल 12:31 - 13:51अशुभ अभिजित 12:10 -12:52शुभ दूर मुहूर्त 09:19 - 10:02अशुभ दूर मुहूर्त 23:11 - 23:53अशुभ 🚩गंड मूलअहोरात्रअशुभ 💮चोघडिया, दिन रोग 07:11 - 08:31अशुभ उद्वेग 08:31 - 09:51अशुभ चाल 09:51 - 11:11शुभ लाभ 11:11 - 12:31शुभ अमृत 12:31 - 13:51शुभ काल 13:51 - 15:11अशुभ शुभ 15:11 - 16:31शुभ रोग 16:31 - 17:50अशुभ 🚩चोघडिया, रात काल 17:50 - 19:31अशुभ लाभ 19:31 - 21:11शुभ उद्वेग 21:11 - 22:51अशुभ शुभ 22:51 - 24:31*शुभ अमृत 24:31* - 26:11*शुभ चाल 26:11* - 27:51*शुभ रोग 27:51* - 29:31*अशुभ काल 29:31* - 31:11*अशुभ 💮होरा, दिन मंगल 07:11 - 08:04 सूर्य 08:04 - 08:58 शुक्र 08:58 - 09:51 बुध 09:51 - 10:44 चन्द्र 10:44 - 11:38 शनि11:38 - 12:31 बृहस्पति 12:31 - 13:24 मंगल 13:24 - 14:17 सूर्य 14:17 - 15:11 शुक्रब15:11 - 16:04 बुध 16:04 - 16:57 चन्द्र 16:57 - 17:50 🚩होरा, रात शनि 17:50 - 18:57 बृहस्पति 18:57 - 20:04 मंगल 20:04 - 21:11 सूर्य 21:11 - 22:17 शुक्र 22:17 - 23:24 बुध 23:24 - 24:31 चन्द्र 24:31* - 25:37 शनि 25:37* - 26:44 बृहस्पति 26:44* - 27:51 मंगल 27:51* - 28:58 सूर्य 28:58* - 30:04 शुक्र 30:04* - 31:11 मंगल 07:11 - 08:04 सूर्य 08:04 - 08:58 शुक्र 08:58 - 09:51 बुध 09:51 - 10:44 चन्द्र 10:44 - 11:38 शनि 11:38 - 12:31 बृहस्पति 12:31 - 13:24 मंगल 13:24 - 14:17 सूर्य 14:17 - 15:11 शुक्र 15:11 - 16:04 बुध 16:04 - 16:57 चन्द्र 16:57 - 17:50 🚩होरा, रात शनि 17:50 - 18:57 बृहस्पति 18:57 - 20:04 मंगल 20:04 - 21:11 सूर्य 21:11 - 22:17 शुक्र 22:17 - 23:24 बुध 23:24 - 24:31 चन्द्र 24:31* - 25:37 शनि 25:37* - 26:44 बृहस्पति 26:44* - 27:51 मंगल 27:51* - 28:58 सूर्य 28:58* - 30:04 शुक्र 30:04* - 31:11 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान----------------उत्तर* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 16 + 2 + 3 + 1= 22 ÷ 4 = 2 शेष आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 17 + 17 + 5 = 39 ÷ 7 = 4 शेष सभायां =सन्ताप कारक *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * वैज्ञानिक भाभा निर्माण दिवस *राष्ट्रीय किसान दिवस * सर्वार्थ सिद्धि योग 23:31 तक *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* पादाभ्यां न स्पृशेदग्नि गुरुं ब्राह्मणमेव च । नैव गां च कुमारीन न वृध्दं न शिशुं तथा ।। ।।चा oनी o।। इन दोनों के मध्य से कभी ना जाए.. १. दो ब्राह्मण. २. ब्राह्मण और उसके यज्ञ में जलने वाली अग्नि. ३. पति पत्नी. ४. स्वामी और उसका चाकर. ५. हल और बैल. *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: कर्मयोग अo-03 प्रकृतेः क्रियमाणानि गुणैः कर्माणि सर्वशः ।, अहंकारविमूढात्मा कर्ताहमिति मन्यते ॥, वास्तव में सम्पूर्ण कर्म सब प्रकार से प्रकृति के गुणों द्वारा किए जाते हैं, तो भी जिसका अन्तःकरण अहंकार से मोहित हो रहा है, ऐसा अज्ञानी 'मैं कर्ता हूँ' ऐसा मानता है॥,27॥, *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष एकाएक स्वास्थ्य खराब हो सकता है, लापरवाही न करें। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। व्यर्थ दौड़धूप होगी। विवाद से स्वाभिमान को चोट पहूंच सकती है। काम में मन नहीं लगेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें। 🐂वृष प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। लाभ देगा। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि में जल्दबाजी न करें। लाभ होगा। 👫मिथुन फिजूलखर्ची ज्यादा होगी। शत्रु भय रहेगा। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न होगी। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए काम करने का मन बनेगा। दूर यात्रा की योजना बनेगी। व्यापार से लाभ होगा। नौकरी में चैन रहेगा। जोखिम न लें। 🦀कर्क अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ने के योग हैं। कोई बड़ी समस्या का अंत हो सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। लेन-देन में सावधानी रखें। 🐅सिंह कोई बड़ा खर्च एकाएक सामने आएगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। कुसंगति से बचें। किसी व्यक्ति के काम की जवाबदारी न लें। स्वयं के काम पर ध्यान दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। विवाद को बढ़ावा न दें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा। कार्यकुशलता कम होगी। 🙎‍♀कन्या घर के छोटे सदस्यों संबंधी चिंता रहेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी न करें। ⚖तुला नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। धनहानि हो सकती है। सावधानी आवश्यक है। थकान महसूस होगी। 🦂वृश्चिक वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय सताएगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। किसी जानकार व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। 🏹धनु स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से क्लेश हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। पार्टनरों से कहासुनी हो सकती है। भागदौड़ होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। लाभ के लिए प्रयास करें। 🐊मकर कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि अपमान हो। व्यापार-व्यवसाय अनुकूल रहेगा। निवेश सोच-समझकर करें। नौकरी में चैन रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। 🍯कुंभ नौकरी में अधिकार मिल सकते हैं। सुख के साधन जुटेंगे। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। स्वास्थ्य संबंधी चिंता बनी रहेगी। आशंका व कुशंका रहेगी। कार्य में बाधा संभव है। उत्साह बना रहेगा। 🐟मीन विवेक का प्रयोग करें। समस्याएं कम होंगी। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺 *आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)* (व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य) 09897565893,09412618599 [1/21, 11:34 PM] My: 🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 22 जनवरी 2019* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2075* ⛅ *शक संवत -1940* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - पौष* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - द्वितीया 23 जनवरी प्रातः 03:25 तक तत्पश्चात तृतीया* ⛅ *नक्षत्र - अश्लेशा रात्रि 11:32 तक तत्पश्चात मघा* ⛅ *योग - आयुष्मान् 23 जनवरी रात्रि 02:04 तक तत्पश्चात सौभाग्य* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:34 से शाम 04:56 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:19* ⛅ *सूर्यास्त - 18:21* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - 💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *संकष्टी चतुर्थी / संकट चौथ* 🌷 ➡ *24 जनवरी 2019 गुरुवार को संकट चौथ, संकष्टी चतुर्थी का त्यौहार है। इस चतुर्थी को 'माघीचतुर्थी', 'तिलचौथ', ‘वक्रतुण्डी चतुर्थी’ भी कहा जाता है। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा।* 🙏🏻 *इस दिन गणेश भगवान तथा संकट माता की पूजा का विधान है। संकष्ट का अर्थ है 'कष्ट या विपत्ति', 'कष्ट' का अर्थ है 'क्लेश', सम् उसके आधिक्य का द्योतक है। आज किसी भी प्रकार के संकट, कष्ट का निवारण संभव है। आज के दिन व्रत रखा जाता है। इस व्रत का आरम्भ ' गणपतिप्रीतये संकष्टचतुर्थीव्रतं करिष्ये ' - इस प्रकार संकल्प करके करें । सायंकालमें गणेशजी का और चंद्रोदय के समय चंद्र का पूजन करके अर्घ्य दें।* *'गणेशाय नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धि प्रदायक।* *संकष्टहर में देव गृहाणर्धं नमोस्तुते।* *कृष्णपक्षे चतुर्थ्यां तु सम्पूजित विधूदये।* *क्षिप्रं प्रसीद देवेश गृहार्धं नमोस्तुते।'* 🙏🏻 *नारदपुराण, पूर्वभाग अध्याय 113 में संकष्टीचतुर्थी व्रत का वर्णन इस प्रकार मिलता है।* *माघकृष्णचतुर्थ्यां तु संकष्टव्रतमुच्यते । तत्रोपवासं संकल्प्य व्रती नियमपूर्वकम् ।। ११३-७२ ।।* *चंद्रोदयमभिव्याप्य तिष्ठेत्प्रयतमानसः । ततश्चंद्रोदये प्राप्ते मृन्मयं गणनायकम् ।। ११३-७३ ।।* *विधाय विन्यसेत्पीठे सायुधं च सवाहनम् । उपचारैः षोडशभिः समभ्यर्च्य विधानतः ।। ११३-७४ ।।* *मोदकं चापि नैवेद्यं सगुडं तिलकुट्टकम् । ततोऽर्घ्यं ताम्रजे पात्रे रक्तचंदनमिश्रितम् ।। ११३-७५ ।।* *सकुशं च सदूर्वं च पुष्पाक्षतसमन्वितम् । सशमीपत्रदधि च कृत्वा चंद्राय दापयेत् ।। ११३-७६ ।।* *गगनार्णवमाणिक्य चंद्र दाक्षायणीपते । गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक ।। ११३-७७ ।।* *एवं दत्त्वा गणेशाय दिव्यार्घ्यं पापनाशनम् । शक्त्या संभोज्य विप्राग्र्यान्स्वयं भुंजीत चाज्ञया ।। ११३-७८ ।।* *एवं कृत्वा व्रतं विप्र संकष्टाख्यं शूभावहम् । समृद्धो धनधान्यैः स्यान्न च संकष्टमाप्नुयात् ।। ११३-७९ ।।* 🙏🏻 *माघ कृष्ण चतुर्थी को ‘संकष्टवव्रत’ बतलाया जाता है। उसमें उपवास का संकल्प लेकर व्रती सबेरे से चंद्रोदयकाल तक नियमपूर्वक रहे। मन को काबू में रखे। चंद्रोदय होने पर मिट्टी की गणेशमूर्ति बनाकर उसे पीढ़े पर स्थापित करे। गणेशजी के साथ उनके आयुध और वाहन भी होने चाहिए। मिटटी में गणेशजी की स्थापना करके षोडशोपचार से विधिपूर्वक उनका पूजन करें । फिर मोदक तथा गुड़ से बने हुए तिल के लडडू का नैवेद्य अर्पण करें।* *तत्पश्चात्‌ तांबे के पात्र में लाल चन्दन, कुश, दूर्वा, फूल, अक्षत, शमीपत्र, दधि और जल एकत्र करके निम्नांकित मंत्र का उच्चारण करते हुए उन्हें चन्द्रमा को अर्घ्य दें -* *गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।* *गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥* *'गगन रूपी समुद्र के माणिक्य, दक्ष कन्या रोहिणी के प्रियतम और गणेश के प्रतिरूप चन्द्रमा! आप मेरा दिया हुआ यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए।’* *इस प्रकार गणेश जी को यह दिव्य तथा पापनाशन अर्घ्य देकर यथाशक्ति उत्तम ब्राह्मणों को भोजन कराने के पश्च्यात स्वयं भी उनकी आज्ञा लेकर भोजन करें। ब्रह्मन ! इस प्रकार कल्याणकारी ‘संकष्टवव्रत’ का पालन करके मनुष्य धन-धान्य से संपन्न होता है। वह कभी कष्ट में नहीं पड़ता।* 🙏🏻 *लक्ष्मीनारायणसंहिता में भी कुछ इसी प्रकार वर्णन मिलता है ।* *माघकृष्णचतुर्थ्यां तु संकष्टहारकं व्रतम् ।* *उपवासं प्रकुर्वीत वीक्ष्य चन्द्रोदयं ततः ।। १२८ ।।* *मृदा कृत्वा गणेशं सायुधं सवाहनं शुभम् ।* *पीठे न्यस्य च तं षोडशोपचारैः प्रपूजयेत् ।। १२९ ।।* *मोदकाँस्तिलचूर्णं च सशर्करं निवेदयेत् ।* *अर्घ्यं दद्यात्ताम्रपात्रे रक्तचन्दनमिश्रितम् ।। १३० ।।* *कुशान् दूर्वाः कुसुमान्यक्षतान् शमीदलान् दधि ।* *दद्यादर्घ्यं ततो विसर्जनं कुर्यादथ व्रती ।। १३१ ।।* *भोजयेद् भूसुरान् साधून् साध्वीश्च बालबालिकाः ।* *व्रती च पारणां कुर्याद् दद्याद्दानानि भावतः ।। १३२ ।।* *एवं कृत्वा व्रतं स्मृद्धः संकटं नैव चाप्नुयात् ।* *धनधान्यसुतापुत्रप्रपौत्रादियुतो भवेत् ।। १३३ ।।* ➡ *भविष्यपुराण में भी इस व्रत का वर्णन मिलता है ।* 👉🏻 *आज के दिन क्या करें* ➡ *१. गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ अत्यन्त शुभकारी होगा ।* ➡ *२. गणेश भगवान को दूध (कच्चा), पंचामृत, गंगाजल से स्नान कराकर, पुष्प, वस्त्र आदि समर्पित करके तिल तथा गुड़ के लड्डू, दूर्वा का भोग जरूर लगायें। लड्डू की संख्या 11 या 21 रखें। गणेश जी को मोदक (लड्डू), दूर्वा घास तथा लाल रंग के पुष्प अति प्रिय हैं । गणेश अथर्वशीर्ष में कहा गया है "यो दूर्वांकुरैंर्यजति स वैश्रवणोपमो भवति" अर्थात जो दूर्वांकुर के द्वारा भगवान गणपति का पूजन करता है वह कुबेर के समान हो जाता है। "यो मोदकसहस्रेण यजति स वाञ्छित फलमवाप्रोति" अर्थात जो सहस्र (हजार) लड्डुओं (मोदकों) द्वारा पूजन करता है, वह वांछित फल को प्राप्त करता है।* ➡ *३. आज गणपति के 12 नाम या 21 नाम या 101 नाम से पूजा करें ।* ➡ *४. शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्ष के। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥ “ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्ष तक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।* ➡ *५. किसी भी समस्या के समाधान के लिए आज संकट नाशन गणेश स्तोत्र के 11 पाठ करें।* 📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर* 📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🏻🌷🍀🌹🌻🌺🌸💐🍁🙏🏻 [1/21, 11:36 PM] My: 🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻मंगलवार, २२ जनवरी २०१९🌻 सूर्योदय: 🌄 ०७:१८ सूर्यास्त: 🌅 ०५:४६ चन्द्रोदय: 🌝 १९:१५ चन्द्रास्त: 🌜०८:०६ अयन 🌕 उत्तरायणे (दक्षिणगोलीय) ऋतु: 🌳शिशिर शक सम्वत: 👉 १९४० (विलम्बी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७५ (विरोधकृत) मास 👉 माघ पक्ष: 👉 कृष्ण तिथि: 👉 द्वितीया (२७:२४ तक) नक्षत्र: 👉 आश्लेशा (२३:३१ तक) योग: 👉 आयुष्मान् (२६:०३ तक) प्रथम करण: 👉 तैतिल द्वितीय करण: 👉 गर 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मकर चंद्र 🌟 सिंह (२३:३१ से) मंगल 🌟 मीन बुध 🌟 मकर (मार्गी, अस्त पश्चिम) गुरु 🌟 वृश्चिक (उदित) शुक्र 🌟 वृश्चिक (उदित) शनि 🌟 धनु (उदित, पूर्व) राहु 🌟 कर्क केतु 🌟 मकर 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ अभिजित मुहूर्त: 👉 १२:११ से १२:५३ अमृत काल: 👉 २२:०८ से २३:३२ होमाहुति: 👉 मंगल अग्निवास: 👉 आकाश दिशा शूल: 👉 उत्तर नक्षत्र शूल: 👉 ❌❌❌ चन्द्र वास: 👉 उत्तर (पूर्व २३:३२ से) दुर्मुहूर्त: 👉 ०९:२३ से १०:०५ राहुकाल: 👉 १५:१० से १६:२८ राहु काल वास: 👉 पश्चिम यमगण्ड: 👉 ०९:५५ से ११:१३ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ☄चौघड़िया विचार☄ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - रोग २ - उद्वेग ३ - चर ४ - लाभ ५ - अमृत ६ - काल ७ - शुभ ८ - रोग ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - काल २ - लाभ ३ - उद्वेग ४ - शुभ ५ - अमृत ६ - चर ७ - रोग ८ - काल नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 उत्तर-पूर्व (धनिया अथवा दलिया का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ माघ कृष्ण पक्ष आरम्भ आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज २३:३१ तक जन्मे शिशुओ का नाम आश्लेषा प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (डी, डू, डे, डो) तथा इसके बाद जन्मे शिशुओं का नाम मघा प्रथम चरण अनुसार (मा) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है। विशेष👉 आश्लेषा एवं मघा नक्षत्र के चारोचरण गंडमूल के अंतर्गत आते है आश्लेषा के प्रथम पद में जन्म होने पर यदि शांति करायीं जाये तो शुभफल, द्वितीय पद में संपत्ति के लिए अशुभ, तृतीय पद में माता को हानि,चतुर्थ पद में पिता को हानि तथा मघा के प्रथम पद में माता के लिये हानिकारक है। जन्म से २७ वें जन्म नक्षत्र के दिन नक्षत्र शांति कराना शास्त्र सम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त: ०७:१७ - ०८:३१ मकर ०८:३१ - ०९:५८ कुम्भ ०९:५८ - ११:२३ मीन ११:२३ - १२:५८ मेष १२:५८ - १४:५४ वृषभ १४:५४ - १७:०९ मिथुन १७:०९ - १९:२९ कर्क १९:२९ - २१:४६ सिंह २१:४६ - २४:०२ कन्या २४:०२ - २६:२२ तुला २६:२२ - २८:४१ वृश्चिक २८:४१ - ३०:४५ धनु ३०:४५ - ३१:१७ मकर 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 🐐🐂💏💮🐅👩 मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज के दिन आप प्रतिकूल परिस्थिति में भी स्वयं को शान्त रखने का प्रयास करेंगे लेकिन महात्त्वकांक्षाये आज बढ़ी हुई रहेंगी आवश्यकता पूर्ति आसानी से हो जाएगी लेकिन संतोष नही होगा ज्यादा पाने के चक्कर मे अनैतिक मार्ग भी अपना सकते है। कार्य क्षेत्र पर आपके विचार पल पल में बदलने से सहकर्मी गुस्से में रहेंगे धन की आमद कही न कही से अवश्य होगी परन्तु हाथ खुला रहने के कारण बचत करने में परेशानी आएगी। संध्या के समय सावधान रहे छोटी मजाक की बात अथवा आवश्यकता से अधिक बोलने पर किसी से झगड़ा होने की संभावना है। घर के सदस्य आज आपकी बातों पर जल्दी से यकीन नही करेंगे ठंड के कारण सेहत में नरमी बनेगी वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज के दिन परिस्थितियां आपके लिये मार्ग बनाने वाली रहेंगी लेकिन स्वभाव में गरमी रहने से बनते कामो को स्वयं ही बिगाड़ेंगे। दिन के आरंभ में मन शांत रहेगा लेकिन मध्यान के समय किसी काम में विलंब होने से क्रोध आएगा सहकर्मी पर बिना बात बिगड़ना परेशानी में डाल सकता है धैर्य से काम करे तो कुछ ना कुछ धनलाभ अवश्य मिलेगा। जमीन जायदाद संबंधित कार्य आज करना शुभ रहेगा आकस्मिक लाभ के साथ भविष्य के लिये भी रोजगार मिलेगा। घरेलू वातावरण में नोकझोंक लगी रहेगी खास कर पिता का जिद्दी स्वभाव कामना पूर्ति में बाधा डालेगा। संध्या के समय दुविधा में रहेंगे किसी और कि गलती भोगने पर भाग्य को दोष देंगे। सेहत में भी गड़बड़ आने लगेगी। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज का दिन अस्त व्यस्त रहेगा दिन को व्यवस्थित करने का प्रयास भी करेंगे लेकिन सफल नही हो सकेंगे। दिन के आरंभ में घरेलू कार्यक्रम के कारण कार्य क्षेत्र पर देर होगी एक बार किसी कारण से विलंब हुआ तो दिन भर यही क्रम चलता रहेगा कोई भी काम समय पर नही कर पाएंगे गुस्सा भी आएगा लेकिन अशांति फैलने के डर से प्रदर्शन नही करेंगे। कार्य क्षेत्र से आज काफी संभावनाए लगाए रहेंगे आर्थिक लाभ की कामना दिन भर लगी रहेगी लेकिन लाभ रुक रुक कर होने से मन संतुष्ट नही होगा। नौकरिपेशाओ को किसी सहकर्मी के हिस्से का कार्य भी करना पड़ेगा। घर के सदस्य कामना पूर्ति होने से प्रसन्न रहेंगे लेकिन फिर भी किसी न किसी कारण छोटी मोटी नाराजगी लगी रहेगी। संतानों के ऊपर ध्यान रखे। संध्या बाद शारीरिक कष्ट अनुभव होगा। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज का दिन आरम्भ में शुभ फलदायक।रहेगा मन मे जो भी सोचेंगे थोड़ा बहुत कम ही सही लेकिन मिलेगा जरूर दिनचर्या आज उथल पुथल ही रहेगी किसी सामूहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिये नियत कार्यो में बदलाव करना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर आज आकस्मिक लाभ के योग बनेंगे नियमित बिक्री की जगह आज जनसंपर्कों के द्वारा अधिक लाभ की संभावना है व्यवहार में थोड़ा रूखापन आ सकता है इससे बचे अन्यथा सामाजिक क्षेत्र पर आपकी छवि खराब होगी। मनोरंजन पर आज अधिक आकर्षण रहेगा लेकिन ध्यान रहे घर परिवार का वातावरण संध्या के समय अभद्रता अथवा अनैतिक कर्मो के कारण अशांत होगा। थकान भी अधिक रहेगी। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज आप जान बूझ कर व्यर्थ के झंझट मोल लेंगे। दिन के पूर्वार्ध में ही कोई अप्रिय घटना घटने से या अशुभ समाचार मिलने से परेशान रहेंगे कार्य क्षेत्र पर मेहनत करने के बाद भी लाभ की उम्मीद नही दिखेगी उल्टे खर्च अनियंत्रित होने से जमा पूंजी में कमी आएगी। पुराने उधार को लेकर किसी से कहासुनी होने की संभावना है लेकिन आज भी उधार लेने की आवश्यकता पड़ेगी संभव हो तो आज टाले अन्यथा चुकाना भारी पड़ेगा। आज जल्दी से कोई सहायता करने के लिये तैयार नही होगा जिससे मन राग द्वेष से भरा रहेगा। घर के सदस्य कुछ मामलों में सहयोग करेंगे पर कही कही जिद पर अड़ने से कार्य हानि होगी। धन की आमद ना के बराबर रहेगी। मूत्र अथवा पेट संबंधित समस्या रहेगी। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन भी सामाजिक क्षेत्र से मान-सम्मान दिलायेगा। स्वभाव अनुसार आज भी क्रोध में रहेंगे लेकिन गुस्सा केवल कमजोरी पर ही उतरेगा। कार्य क्षेत्र पर आज व्यवसाय स्थिर रहेगा उधारी के व्यवहार अधिक परेशान करेंगे किसी से पैसे को लेकर कीच कीच भी होगी फिर भी मामला जल्द ही सुलझ जाएगा लेकिन धन की आमद के लिये संध्या तक इंतजार करना पड़ेगा फिर भी आशाजनक नही होगा। घर मे आपका कड़वा व्यवहार रहने से परिजन दूरी बना कर रखेंगे महिलाए भी व्यर्थ की बातों पर क्रोध कर घर का वातावरण खराब करेंगी। संतान घर का वातावरण शांत बनाने में सहयोग करेंगी। यात्रा के योग बन रहे है आज करना लाभदायक रहेगा लेकिन अधिक बोलने से बचे। शारीरिक कमजोरी बन सकती है। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन आपके लिये कामना पूर्ति वाला रहेगा। स्वयंजन एवं सहकर्मियों से विवेकी व्यवहार रखें अन्यथा इच्छाओं पर पानी फेरते समय नही लगाएंगे। व्यवसायी वर्ग को आज आकस्मिक धन मिलने की सम्भवना है लेकिन पहले दिमागी कसरत भी करनी पड़ेगी इससे घबराए ना धन और सम्मान दोनो मिलेंगे। नौकरी पेशाओ को भी आज अतिरिक्त आय बनाने के अवसर मिलेंगे लेकिन ज्यादा प्रलोभन में ना पढ़ें अन्यथा हानि के साथ किसी से कहा सुनी भी हो सकती है। सहकर्मियो का पूरा ख्याल रखेंगे आज आपसे प्रसन्न रहेंगे जिससे कार्य समय पर पूर्ण कर लेंगे। घर की स्थिति सुख दायक रहेगी परिजनों का स्नेह मिलने से थकान भूल जाएंगे। आरोग्य भी बना रहेगा। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज का दिन उतार चढ़ाव से भरा रहेगा मन मे बड़ी बड़ी योजनाए चलेंगी लेकिन परिस्थितियां इनको साकार रूप देने में बाधक बनेगी। साहस पराक्रम से भरे रहेंगे लेकिन जिस भी कार्य मे हाथ डालेंगे उसमे किसी अन्य व्यक्ति का सहयोग ना मिलने से पूरा नही कर पाएंगे। मध्यान के समय काल्पनिक दुनिया की सैर करेंगे ख्यालो में समय खराब करने से बेहतर कुछ ना कुछ कर्म करते रहे आने वाले दिन में स्थिति बदलने से अवश्य ही धन कमा सकेंगे अगर आज हाथ पर हाथ रख बैठे रहे तो कल का दिन भी आज की ही भांति व्यर्थ जाएगा। घर का माहौल छूट पुट बहस को छोड़ सामान्य बना रहेगा किसी आवश्यक कार्य को आज भी टालने पर परिजनों से बहस होगी। संचित कोष में कमी आएगी। धार्मिक क्षेत्र की यात्रा करेंगे। स्वास्थ्य लगभग ठीक रहेगा। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज का दिन सेहत के लिये प्रतिकूल रहेगा भाग दौड़ भरी दिनचर्या और असंयमित खान-पान के कारण स्थिति ज्यादा बिगड़ सकती है। आज आकस्मिक दुर्घटना के योग भी बन रहे है यात्रा अधिक आवश्यक होने पर ही करें घर अथवा कार्य क्षेत्र पर भी उपकरणों के प्रयोग में सावधानी बरतें। कार्य व्यवसाय से मध्यान तक ही लाभ उठा सकते है इसके बाद सेहत और परिस्थिति दोनो आर्थिक लाभ से वंचित रखेगी उल्टे व्यर्थ खर्च ही बढेगें। घर मे उदासीनता का वातावरण रहेगा परिजनों को किसी न किसी रूप में कष्ट होने की संभावना है। स्वभाव में चिड़चिड़ा पन आने से सीधी बातो का भी बेतुका जवाब देकर माहौल को अधिक खराब करने से बचे। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज का दिन आपके लिए विजय दिलाने वाला रहेगा स्वार्थ सिद्धि की भावना प्रबल रहेगी अपना काम साधने के लिये दूसरे का बिगाड़ने से भी नही चूकेंगे। मुह से मीठा बोलेंगे लेकिन अंदर ईर्ष्या भरी रहेगी। नौकरी करने वाले लोग अधिकारी सहकर्मियों से कुछ ज्यादा ही खुलापन दिखाने पर अपमानित हो सकते है सतर्क रहें अन्यथा काम निकलने में दिक्कत आएगी। मध्यान बाद जिस भी काम में हाथ डालेंगे अथवा जो भी कामना करेंगे उसमे चालाकी से देर अबेर सफलता मिल ही जाएगी धन लाभ भी चतुराई से जरूरत के अनुसार हो जाएगा फिर भी संतुष्टि नाहाई होगी ज्यादा पाने की लालसा में मैन की शांति खो देंगे। संध्या बाद का समय मौज शौक में बीतेगा खर्च आंख बंद कर करेंगे। घर का वातावरण आंनद दायक रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी रात्रि में पेट संबंधित शिकायत हो सकती है। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज आपके मन मे काफी उलझने रहेंगी कार्य क्षेत्र और घर मे तालमेल बैठाना प्राथमिकता रहेगी एक काम को करने पर दूसरे में विलंब होगा फिर भी मध्यान तक स्थिति को संभाल लेंगे। धन एवं व्यवसाय को लेकर मध्यान तक चिंतित रहेंगे बौखलाहट में कुछ उटपटांग हरकत करने से बचे अन्यथा बाद में स्वयं के लिये नई मुसीबत बढ़ाएंगे। संध्या के आस पास किसी की सहायता से जरूरत की पूर्ति हो जाएगी। घर के बुजुर्ग सामने से बुराई करेंगे जिससे संबंधों में कड़वाहट आ सकती है लेकिन आपके पीछे से आपकी बड़ाई ही करेंगे इसका ध्यान भी रखें। परिस्थिति के अनुसार स्वयं को ढाल लेने से स्त्री संतानों को लेकर आज जरूर संतोष होगा। यात्रा की योजना बनेगी आज की जगह कल करना बेहतर रहेगा। सर्दी जुखाम की शिकायत हो सकती है। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन आपकी दिनचर्या और स्वभाव में सुधार आएगा पिछली गलतियों से सीख लेंगे लेकिन हम की भावना आज भी बनी रहेगी। घर का वातावरण आज भी मध्यान तक उथल पुथल रहेगा घर के सदस्य एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करेंगे लेकिन मतलब साधने के लिये पुरानी बातों को भूल जाएंगे। मध्यान बाद बुद्धि विवेक जाग्रत होने पर पूर्ण शांति स्थापित होगी फिर भी मन का द्वेष आज मिटना असम्भव है। कार्य क्षेत्र पर लाभ की संभावना कम ही रहेंगी अपने बुद्धि चातुर्य से खर्च निकालने लायक आय बना लेंगे लेकिन व्यर्थ के खर्च भी लगे रहने से रुकेगा नही। संध्या बाद का समय अनर्गल कार्यो मौज शौक मनोरंजन में बीतेगा इसी में प्रसन्न भी रहेंगे। व्यर्थ के आडंबर से बचने की सलाह देंगे लेकिन खुद उसी में।फंसे रहेंगे। 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ [1/22, 7:17 AM] My: . ।। *🕉* ।। 🙏🌹 *जयश्रीराम*🌹🙏 🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पंचांग* »»»📜 कलियुगाब्द.......................5120 विक्रम संवत्......................2075 शक संवत्.........................1940 रवि..............................उत्तरायण मास...................................माघ पक्ष..................................कृष्ण तिथी..............................द्वितीया रात्रि 03.27 पर्यंत पश्चात तृतीया सूर्योदय...........प्रातः 07.12.05 पर सूर्यास्त...........संध्या 06.03.59 पर सूर्य राशि............................मकर चन्द्र राशि............................कर्क नक्षत्र..............................अश्लेशा रात्रि 11.30 पर्यंत पश्चात मघा योग.............................आयुष्मान रात्रि 02.03 पर्यंत पश्चात सौभाग्य करण................................तैतिल संध्या 05.16 पर्यंत पश्चात गरज ऋतु.................................शिशिर दिन...............................मंगलवार 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* 22 जनवरी सन 2019 ईस्वी | ☸ शुभ अंक................4 🔯 शुभ रंग.............काला 👁‍🗨 *राहुकाल :-* दोप 03.20 से 04.42 तक । 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-* मकर 06:43:02 08:29:54 कुम्भ 08:29:54 10:03:12 मीन 10:03:12 11:34:08 मेष 11:34:08 13:14:35 वृषभ 13:14:35 15:12:51 मिथुन 15:12:51 17:26:10 कर्क 17:26:10 19:41:59 सिंह 19:41:59 21:53:26 कन्या 21:53:26 24:03:44 तुला 24:03:44 26:17:59 वृश्चिक 26:17:59 28:33:48 धनु 28:33:48 30:39:06 🚦 *दिशाशूल :-* उत्तरदिशा - यदि आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें। ✡ *चौघडिया :-* प्रात: 09.54 से 11.16 तक चंचल प्रात: 11.16 से 12.37 तक लाभ दोप. 12.37 से 01.58 तक अमृत दोप. 03.20 से 04.41 तक शुभ रात्रि 07.41 से 09.20 तक लाभ । 📿 *आज का मंत्र :-* || ॐ मारुतेय नमः || 🎙 *संस्कृत सुभाषितानि :-* निषेवते प्रशस्तानि निन्दितानि न सेवते । अनास्तिकः श्रद्धानः एतत् पण्डितलक्षणम् ॥ अर्थात :- सत्पुरुषों की सेवा, निंदितों का त्याग, अनास्तिक होना, (और) श्रद्धावान होना – ये पंडित के लक्षण हैं । 🍃 *आरोग्यं :*- *हींग के फायदे -* *1. त्वचा को लाभ -* त्वचा की कुछ समस्याओं को दूर करने में हींग कारगर साबित होती है. मसलन त्वचा पर दाद होने से पानी में थोड़ी हींग मिलाने और घिसकर लगाने से दाद ठीक हो जाता है. त्वचा संबंधी अनेक उत्पादों में हींग का प्रयोग किया जाता है. इसका उपयोग त्वचा संबंधी बीमारियों को ठीक करने में भी होता है. *2. कैंसर में लाभ -* शक्तिशाली एंटी ऑक्सीडेंट्स वाली हींग लगातार खाने पर यह फ्री रेडिकल्स से शरीर का बचाव करती है. इसकी कैंसर प्रतिरोधी क्षमता कैंसर कोशिकाओं के विकास में रूकावट पैदा करती है. *3. अपच से आराम -* अपच होने पर हींग रामबाण साबित होती है. इसमें एंटी इनफ्लेमटरी और एंटी ऑक्सीडेंट्स पाये जाते हैं जो अपच को दूर करते हैं. हींग कब्ज की समस्या को भी दूर करती है. पेट पर विशेषकर नाभि के आसपास गोलाई में इस पानी का लेप करने से पेट दर्द, पेट फूलना और पेट का भारीपन जैसी पीड़ादायी समस्या दूर हो जाती है. *4. दर्द में हींग -* सिर दर्द, पेट दर्द और जोड़ों के दर्द को ठीक करने में भी हींग अहम भूमिका निभाता है. हींग में कोमरिन्स नामक तत्व रक्त को पतला करके रक्त प्रवाह बढ़ाता है. इससे ब्लड कोलेस्ट्रॉल और शरीर में टाइग्लिसराइड का स्तर घटता है जिनकी वजह से हाइपरटेंशन से बचाव होता है. पेट में दर्द की स्थिति में पानी के साथ हींग खाने से फौरन राहत मिलती है. *5. मधुमेह में लाभ -* हींग में मधुमेह प्रतिरोधी गुण होते हैं. इसलिये भोजन में हींग का प्रयोग करना चाहिये. यह इंसुलिन को छुपाने के लिये अग्नाशय की कोशिकाओं को उत्तेजित करता है जिससे ब्लड शुगर का स्तर कम होता है. इसलिये अगर आप मधुमेह से निजात पाना चाहते हैं तो भोजन में हींग का प्रयोग करें. ⚜ *आज का राशिफल :-* 🐏 *राशि फलादेश मेष :-* *(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)* स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा, सावधानी रखें। बुरी खबर मिल सकती है। भागदौड़ अधिक रहेगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। मेहनत अधिक होगी। लाभ में कमी रह सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय-व्यापार मनोनुकूल चलेगा। आय बनी रहेगी। 🐂 *राशि फलादेश वृष :-* *(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* सामाजिक कार्य करने का मन लगेगा। मान-सम्मान मिलेगा। मेहनत का फल मिलेगा। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। शत्रु तथा ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधानी आवश्यक है। समय की अनुकूलता है। 👫 *राशि फलादेश मिथुन :-* *(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)* पुरानी संगी-साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। आत्मसम्मान बना रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाइयों का सहयोग मिलेगा। कारोबार से लाभ होगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। जल्दबाजी न करें। 🦀 *राशि फलादेश कर्क :-* *(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से मनोनुकूल लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। उत्साह रहेगा। 🦁 *राशि फलादेश सिंह :-* *(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* दुष्टजनों से सावधानी आवश्यक है। फालतू खर्च पर नियंत्रण नहीं रहेगा। हल्की मजाक करने से बचें। अपेक्षित काम में विलंब होगा। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। अपने काम से काम रखें। लाभ के अवसर मिलेंगे। विवेक का प्रयोग करें। आय में वृद्धि होगी। 👩🏻‍🦱 *राशि फलादेश कन्या :-* *(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* यात्रा लाभदायक रहेगी। संतान पक्ष से बुरी खबर मिल सकती है। डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं। नए उपक्रम प्रारंभ करने संबंधी योजना बनेगी। ⚖ *राशि फलादेश तुला :-* *(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* सामाजिक कार्य करने में मन लगेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड से लाभ होगा। आय में वृद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। 🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-* *(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* चोट व रोग से कष्ट हो सकता है। बेचैनी रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। परिवार तथा मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। 🏹 *राशि फलादेश धनु :-* *(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)* चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। दौड़धूप रहेगी। नकारात्मकता हावी रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। 🐊 *राशि फलादेश मकर :-* *(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)* यात्रा लाभदायक रहेगी। राजकीय सहयोग मिलेगा। सरकारी कामों में सहूलियत होगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर में सुख-शांति रहेंगे। कारोबारी अनुबंध हो सकते हैं। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों से सहयोग मिलेगा। झंझटों में न पड़ें। 🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-* *(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* ऐश्वर्य के साधनों पर खर्च होगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। शारीरिक कष्ट संभव है। भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विवेक से कार्य करें। 🐠 *राशि फलादेश मीन :-* *(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। आनंद के साथ समय व्यतीत होगा। मनपसंद व्यंजनों का लाभ मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। किसी व्यक्ति से बहस हो सकती है। आशंका-कुशंका से बाधा होगी। ☯ *आज मंगलवार है अपने नजदीक के मंदिर में संध्या 7 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में अवश्य सम्मिलित होवें |* ।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।। 🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

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👉अनसुनी कहानी रामायण की एक अनसुनी कथा - जब अपने प्यारे देवर लक्ष्मण को निगल गईं माता सीता ! देवर लक्ष्मण को निगल गईं माता सीता - रामायण की गाथा के अनुसार भगवान राम और सीता के साथ लक्ष्मण भी चौदह साल के वनवास में उनके साथी बनें. माता सीता वैसे तो लक्ष्मण की भाभी थीं लेकिन दोनों के बीच देवर भाभी का नहीं बल्कि एक पुत्र और माता का रिश्ता था. वनवास के दौरान लक्ष्मण ने कदम-कदम पर अपनी प्रिय भाभी सीता की रक्षा की इसलिए माता सीता के लिए लक्ष्मण एक पुत्र की तरह प्रिय थे बावजूद इसके एक बार माता सीता ने लक्ष्मण को निगल लिया और उनका अस्तित्व ही खत्म कर दिया. आखिर ऐसी कौन सी वजह थी जिसके चलते देवर लक्ष्मण को निगल गईं माता सीता - माता सीता अपने ही देवर लक्ष्मण को निगले पर विवश हो गईं. इसका जवाब मिलता है रामायण की इस अनसुनी पौराणिक गाथा में. देवर लक्ष्मण को निगल गईं माता सीता सरयू नदी को सीता ने दिया था ये वचन एक पौराणिक कथा के मुताबिक सीता ने सरयू नदी को एक वचन दिया था. जिसके अनुसार अगर वो अपने पति श्रीराम और देवर लक्ष्मण के साथ 14 सालों का वनवास पूरा करके सकुशल लौट आती हैं तो वो सरयू नदी में पूजा-अर्चना करेंगी. अपने वचन के अनुसार वनवास से लौटने के बाद माता सीता अपने पुत्र समान देवर लक्ष्मण को लेकर सरयू नदी के पास चल पड़ीं. जब रामभक्त हनुमान ने दोनों को जाते देख तो वो भी उनका पीछा करने लगे. माता सीता जब सरयू नदी के किनारे पहुंचीं, तो हनुमान पास के एक पेड़ के पीछे छुप गए और वहीं से दोनों पर अपनी नजर रखने लगे. उधर पूजा आरंभ करने से पहले माता सीता ने लक्ष्मण को सरयू नदी से जल लाने के लिए कहा. जिसके बाद लक्ष्मण जल लाने के लिए नदी में उतर गए. इसलिए लक्ष्मण को निगल गईं माता सीता नदी में उतरने के बाद जैसे ही लक्ष्मण जल भरने लगे वैसे ही अघासुर नाम का एक राक्षस वहां से बाहर निकला. इससे पहले कि वो राक्षस लक्ष्मण को निगलता, माता सीता उसकी इस मंशा को भांप गईं और लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए उस राक्षस के निगले से पहले खुद लक्ष्मण को निगल गईं. लक्ष्मण को निगलते ही माता सीता और लक्ष्मण का शरीर जल के समान एक तत्व में बदल गया. इस नजारे को देखते ही पेड़ के पीछे छुपे हनुमान ने सीता और लक्ष्मण के जलरुपी सम्मिश्रण शरीर को एक घड़े में भर लिया और उसे लेकर भगवान राम के पास पहुंचे. फिर उस घड़े को दिखाते हुए हनुमान ने श्रीराम से सारी घटना को विस्तार पूर्वक बताया और उसका हल पूछा. अघासुर को मिला था शिव से यह वरदान अपने प्रिय भक्त हनुमान की सारी बात सुनने के बाद भगवान राम मुस्कुराए और उन्होंने हनुमान को बताया कि इस राक्षस को भगवान शिव का वरदान प्राप्त है जिसके अनुसार इसका वध कोई भी नहीं कर सकता है. इसके साथ ही श्रीराम ने हनुमान को बताया कि भगवान शिव के इस वरदान के अनुसार अघासुर का वध तभी किया जा सकता है जब सीता और लक्ष्मण का शरीर एक होकर किसी तत्व में बदल जाए और हनुमान उस तत्व का उपयोग एक शस्त्र के रुप में करें. जिसके बाद भगवान श्रीराम की आज्ञा पाकर हनुमान ने उस घड़े के जल को गायत्री मंत्र से अभिमंत्रित करके सरयू नदी में बहा दिया. सरयू नदी में उस जल के मिलते ही नदी में आग लपटें उठने लगीं जिसमें जलकर अघासुर राक्षस भस्म हो गया. गौरतलब है कि अघासुर का संहार करने और अपने प्रिय देवर के प्राण बचाने के लिए ही माता सीता ने उन्हें निगल लिया था. हालांकि अघासुर की मृत्यु होते ही सरयू नदी ने सीता और लक्ष्मण को उनका शरीर वापस कर दिया और इस तरह से उन्हें फिर से एक नया जीवनदान मिला.

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