🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 21 मार्च 2019* ⛅ *दिन - गुरुवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2075* ⛅ *शक संवत -1940* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - पूर्णिमा सुबह 07:12 तक तत्पश्चात प्रतिपदा* ⛅ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी दोपहर 01:34 तक तत्पश्चात हस्त* ⛅ *योग - गण्ड सुबह 09:08 तक तत्पश्चात वृद्धि* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 01:59 से शाम 03:29 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:45* ⛅ *सूर्यास्त - 18:48* ⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - धुलेंडी, धूलिवंदन, वसंतोत्सव प्रारंभ, श्री चैतन्य महाप्रभु जयंती, प्रतिपदा क्षय तिथि* 💥 *विशेष - पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *केमिकल रंग छूटाने के लिए* 🌷 🔵 *यदि किसीने आप पर रासायनिक रंग लगा दिया हो तो तुरंत ही बेसन, आटा, दूध, हल्दी व् तेल के मिश्रण से बना उबटन रंगे हुए अंगों पर लगाकर रंग को धो डालना चाहिए | यदि उबटन लगाने से पूर्व उस स्थान को नींबू से रगड़कर साफ़ कर लिया जाय तो रंग छूटने में और अधिक सुगमता होती है |* 🙏🏻 *- पूज्य बापूजी (स्त्रोत :ऋषि प्रसाद मार्च 2005 )* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *Holi Tips* 🌷 🔥 *होली के बाद खजूर नहीं खाना चाहिए, ये पचने में भारी होते हैं, इन दिनों में सर्दियों का जमा हुआ कफ पिघलता है और जठराग्नि कम करता है. इसलिए इन दिनों में हल्का भोजन करें, धाणी और चना खाएं, जिससे जमा हुआ कफ निकल जाये ।* 🍂 *इन दिनों में पलाश/केसुडे/गेंदे के फूलों के रंग से होली खेलने से शरीर के ७ धातु संतुलन में रहते हैं, इनसे होली खेलने से चमड़ी पर एक layer बन जाती है जो धूप की तीखी किरणों से रक्षा करती है।* 🙏🏻 *पूज्य बापूजी* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *होली के बाद खान-पान में सावधानी* 🌷 🔥 *होली के बाद नीम की २० से २५ कोपलें २-३ काली मिर्च के साथ खूब चबा-चबाकर खानी चाहिये । यह प्रयोग २०-२५ दिन करने से वर्ष भर चर्म रोग , रक्त विकार और ज्वर आदि रोगों से रक्षा होती है तथा रोग प्रतिकारक शक्ति बनी रहती है । इसके अलावा कड़वे नीम के फूलों का रस सप्ताह या १५ दिन तक पीने से भी त्वचा रोग व मलेरिया से बचाव होता है । सप्ताह भर या १५ दिन तक बिना नमक का भोजन करने से आयु और प्रसन्नता में बढ़ोत्तरी होती है।* 🙏🏻 *Lok Kalyan Setu -Feb 2011* 📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर* 📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

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👉पूजन में ध्यान रखने योग्य बातें यह है कि वृक्ष काटकर लकड़ियां एकत्रित न करें, क्योंकि यह न तो विधान है और ना ही पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल है।  गोबर के बड़बुले( गोबर के विशेष खिलौने), उपले, घास-फूस इत्यादि होली के डंडे (जो अरंडी की लकड़ी का होता है) के आसपास इकट्ठे कर जमा दिया जाता है। होलिका दहन में स्थान का भी महत्व है। आजकल सड़क या चौराहे पर होलिका दहन किया जाता है, जो गलत है। होलिकाग्नि से सड़क का वह भाग जल जाता है तथा वहां गड्ढा पड़ जाता है जिससे वाहनों के दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। कब करें पूजन - पूजन सामग्री- रोली, कच्चा सूत, पुष्प, हल्दी की गांठें, खड़ी मूंग, बताशे, मिष्ठान्न, नारियल, बड़बुले आदि।  विधि- यथाशक्ति संकल्प लेकर गोत्र-नामादि का उच्चारण कर पूजा करें। सबसे पहले गणेश व गौरी इत्यादि का पूजन करें। 'ॐ होलिकायै नम:' से होली का पूजन कर  'ॐ प्रहलादाय नम:' से प्रहलाद का पूजन करें। पश्चात 'ॐ नृसिंहाय नम:' से भगवान नृसिंह का पूजन करें, तत्पश्चात अपनी समस्त मनोकामनाएं कहें व गलतियों के लिए क्षमा मांगें। कच्चा सूत होलिका पर चारों तरफ लपेटकर 3 परिक्रमा कर लें।  अंत में लोटे का जल चढ़ाकर कहें- 'ॐ ब्रह्मार्पणमस्तु।'  होली की भस्म का बड़ा महत्व है। इसे चांदी की डिब्बी में भरकर घर में रखा जाता है। इसे लगाने से प्रेतबाधा, नजर लगने आदि के लिए उपयोग में लिया जाता है। होली की रात्रि तांत्रिक सिद्धियां तथा मंत्रादि सिद्ध करने के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। जो भी मंत्र इत्यादि सिद्ध करना हो, उसे यथा‍शक्ति संकल्प लेकर आवश्यक वस्तुएं एकत्रित कर, किसी विद्वान व्यक्ति के मार्गदर्शन के अनुसार कार्य करना चाहिए। कोई भी कार्य होलिका दहन के पश्चात रात्रि में ही किए जाएं। 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 20 मार्च 2019* ⛅ *दिन - बुधवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2075* ⛅ *शक संवत -1940* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - चतुर्दशी सुबह 10:45 तक तत्पश्चात पूर्णिमा* ⛅ *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी शाम 04:18 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी* ⛅ *योग - शूल दोपहर 01:12 तक तत्पश्चात गण्ड* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:30 से दोपहर 01:59 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:45* ⛅ *सूर्यास्त - 18:48* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - व्रत पूर्णिमा, हुताशनी पूर्णिमा, होलिका दहन, होलाष्टक समाप्त, श्री हरि बाबा जयंती (ति.अ.)* 💥 *विशेष - चतुर्दशी और पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *होली विशेष* 🌷 🔥 *होली का दिन चंद्रमा का प्रागट्य दिन है | जो लोग सदा किसी न किसी दुःख से पीड़ित रहते हो , तो दुःख और शोक दूर करने के लिए विष्णु-धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है कि होली के दिन भगवान के भूधर स्वरुप अर्थात पृथ्वी को धारण करनेवाले भगवान का ध्यान और जप करना चाहिये | मंत्र बोलना चाहिये होली के दिन इनका विशेष माहात्म्य और फायदे हैं -* 🌷 *ॐ भूधराय नम:..... ॐ भूधराय नम: ..... ॐ भूधराय नम:* 🙏🏻 *और नीचे श्लोक एक बार बोलना और भगवान को, गुरु को विशेषरूप से प्रणाम और पूजन कर लें –* *धरणीम् च तथा देवीं अशोकेती च कीर्तयेत् |* *यथा विशोकाम धरणी कृत्वान्स्त्वां जनार्दन: ||* 🙏🏻 *( हे भगवान जब जब भी पृथ्वी देवी असुरों से पीड़ित होकर आपको पुकारती है , तब तब आप राक्षसों का वध करते हैं और पृथ्वी को धारण करके उसका शोक दूर कर देते हैं | ऐसे आप भगवान मेरे भी शोक, दुःख आदि का हरण करें और मुझे धारण करें | ) खाली होली के दिन ये करें |* 🔥 *और होली की रात को चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिये | जिनके घर में पैसों की तंगी रहती है, आर्थिक कष्ट सहना पड़ता है | तो होली के रात दूध और चावल की खीर बनाकर चंद्रमा को भोग लगाये | पानी, दूध, शक्कर, चावल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दे , दिया जलाकर दिखायें और थोड़ी देर चंद्रमा की चाँदनी में बैठकर गुरुमंत्र का जप करें | और प्रार्थना करें हमारे घर का जो आर्थिक संकट है वो टल जायें, कर्जा है तो उतर जाये | होली की रात फिर बैठकर जप करें बहुत फायदा होगा | चंद्रमा उदय होने पर चंद्रमा में भगवान विष्णु, लक्ष्मी और सूर्य की भावना करके अर्घ्य देना चाहिये , कि सामने भगवान विष्णु ही बैठे हैं | भगवान ने गीता में कहा ही है कि नक्षत्रों का अधिपति चन्द्रमा मैं ही हूँ | ये शास्त्रों की बात याद रखें कि दुःख की और कर्जे की ताकत नहीं कि उस आदमी के सिर पर बना रहे |* 🌷 *श्रीर्निषा चन्द्र रुपस्त्वं वासुदेव जगत्पते |* *मनोविलसितं देव पूर्यस्व नमो नमः ||* 🌷 *ॐ सोमाय नम: |* 🌷 *ॐ नारायणाय नम: |* 🌷 *ॐ श्रीं नम: |* 🙏🏻 *लक्ष्मीजी का मंत्र – ॐ श्रीं नम: होली की रात घर मे आर्थिक परेशानी को दूर भगाने वाला ये सरल प्रयोग है |* 🙏🏻 *- Shri Sureshanandji 19th Feb' 2013 Aurangabad* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *ज्योतिष शास्त्र* 🌷 🙏🏻 *ज्योतिष शास्त्र के अनुसार,फाल्गुन मास की पूर्णिमा(20 मार्च,बुधवार)को किए गए उपाय बहुत ही जल्दी शुभ फल प्रदान करते हैं। आज हम आपको होली पर किए जाने वाले कुछ साधारण उपाय बता रहे हैं। ये उपाय इस प्रकार हैं-* 👉🏻 गतांक से आगे........ 👰🏻 *शीघ्र विवाह के लिए उपाय* 👰🏻 🔥 *होली की सुबह एक साबुत पान पर साबुत सुपारी एवं हल्दी की गांठ शिवलिंग पर चढ़ाएं तथा पीछे पलटे बगैर अपने घर आ जाएं। यही प्रयोग अगले दिन भी करें। जल्दी ही आपके विवाह के योग बन सकते हैं।* 🤕 *रोग नाश के लिए उपाय* 🤕 ➡ *अगर आप किसी बीमारी से परेशान हैं, तो इसके लिए भी होली की रात को खास उपाय करने से आपकी बीमारी दूर हो सकती है। होली की रात आप नीचे लिखे मंत्र का जप तुलसी की माला से करें। इससे आपकी परेशानी दूर हो सकती है।* 🌷 *मंत्र- ऊं नमो भगवते रुद्राय मृतार्क मध्ये संस्थिताय मम शरीरं अमृतं कुरु कुरु स्वाहा* 💰 *धन लाभ के लिए उपाय* 💰 🔥 *होली की रात चंद्रमा के उदय होने के बाद अपने घर की छत पर या खुली जगह, जहां से चांद नजर आए, वहां खड़े हो जाएं। फिर चंद्रमा का स्मरण करते हुए चांदी की प्लेट में सूखे छुहारे तथा कुछ मखाने रखकर शुद्ध घी के दीपक के साथ धूप एवं अगरबत्ती अर्पित करें। अब दूध से चंद्रमा को अर्ध्य दें।* 🌙 *अर्ध्य के बाद सफेद मिठाई तथा केसर मिश्रित साबूदाने की खीर अर्पित करें। चंद्रमा से समृद्धि प्रदान करने का निवेदन करें। बाद में प्रसाद और मखानों को बच्चों में बांट दें। फिर लगातार आने वाली प्रत्येक पूर्णिमा की रात चंद्रमा को दूध का अर्ध्य दें। कुछ ही दिनों में आप महसूस करेंगे कि आर्थिक संकट दूर होकर समृद्धि निरंतर बढ़ रही है।* 👉🏻 समाप्त.......... 📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर* 📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

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