Manish Kumar Jun 13, 2019

*❗❗ ( पहले और आज ) ❗❗* ज़रा ग़ौर से पढ़ें.........। 👪 पहले लोग सुबह पूजा-पाठ के लिये उठते थे । 👉 और आज ऑफ़िस के लिये । 🙇पहले लोग सुबह रामायण पढ़ा करते थे । 👉 और आज मैसेज । 🙇 पहले लोग दान-धर्म के लिये मेहनत करते थे । 👉और आज धन के लिए । 🙇 पहले लोग भजन- भक्ति के लिए तत्पर रहते थे । 👉 और आज मूवी और म्यूज़िक के लिए । 🙇 पहले महिलायें घर की शोभा थी। 👉 और आज बाज़ार की। 😔पहले बच्चे माँ बाप का कहना मानते थे। 👉और आज माँ बाप बच्चों का । 🙇हमें आज ही अपने आप को बदलना होगा । डिलीट करने से पहले किसी एक को सैन्ड ज़रूर करें। इन्सान घर 🏡 बदलता है। 👔 कपड़ा बदलता है । 🚶🏃👫 सम्बन्ध बदलता है । 👬 मित्र बदलता है । फिर भी परेशान क्यों रहता है ?? 😨 क्यों कि वो स्वयं को नहीं बदलता ,,,,,,,,,,,,,, 🌞 दिन में हर समय प्रभु का नाम लेने की आदत बनाओ ,,,,,,,। 😨🙇 सिर्फ़ ये सोचकर कि क्या पता ये पुकार आप आख़िरी बार सुन रहे हों ,,,,,,,।।।।। क्या पता तुम्हारा ईश्वर 🔱 तुम्हें आख़िरी बार पुकार रहा हो ,,,? 👬👫👬 90% लोग इस मैसेज को फ़ार्वर्ड नहीं करते ,,, लेकिन आप ज़रूर करें। गीता के सन्देश को फैलाने में देरी नहीं करनी चाहिए। *निसंदेह जो ईश्वर 🔱 के कामों में लग जाता है ईश्वर स्वयं उसके कामों में लग जाता है।*👍👍🙏🙏

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Manish Kumar May 29, 2019

*🌞~ आज का हिन्दू #पंचांग ~🌞* ⛅ *दिनांक 29 मई 2019* ⛅ *दिन - बुधवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076 (गुजरात. 2075)* ⛅ *शक संवत -1941* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - ज्येष्ठ (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - वैशाख)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - दशमी शाम 03:21 तक तत्पश्चात एकादशी* ⛅ *नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद रात्रि 09:19 तक तत्पश्चात रेवती* ⛅ *योग - प्रीति दोपहर 02:17 तत्पश्चात आयुष्मान्* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:24 से दोपहर 02:04 तक* ⛅ *सूर्योदय - 05:58* ⛅ *सूर्यास्त - 19:14* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -* 🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷 ➡ *29 मई 2019 बुधवार दोपहर 03:21 से 30 मई, गुरुवार को शाम 04:38 तक एकादशी है ।* 💥 *विशेष - 30 मई, गुरुवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।* 🙏🏻 *एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।* 🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।* 🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।* 🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।* 🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।* 🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷 🙏🏻 *एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें .......विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l* 🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷 🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के जो दिन चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है।* *🌺राधे राधे🙏* 🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏*

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Manish Kumar May 23, 2019

*🌺जय श्री कृष्णा🙏* *मै शब्द में बड़ी बिचित्रता है। सुबह से शाम तक आदमी कई बार मै मै करता है। इस मै के कारण ही बहुत सारी समस्याएं जन्म लेती है। आश्चर्य की बात यह है कि मै के कारण उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए आदमी फिर " मै " को प्रस्तुत करता है।* *समस्त हिंसा और अशांति के मूल में " मै " ही है। जीवन बड़ा आनंदमय और उत्सवमय बन सकता है लेकिन यह अहंवाद उसमे सबसे बड़ी बाधा है। मै " के ज्यादा आश्रय से ह्रदय पाषाण जैसा हो जाता है। जबकि जीवन का वास्तविक सौंदर्य तो उदारता, विनम्रता, प्रेमशीलता और संवेदना में ही खिलता है।* *मै माने स्वयं में बंद हो जाना, पिंजड़े में कैद हो जाना, आकाश की अनंतता से बंचित रह जाना। एक बात बिलकुल समझ लेना " मै " की मुक्ति में ही तुम्हारी समस्याओं की मुक्ति है।* *साहव जो बात "हम" में है,* *वो ना तुम में है ना मुझ में है॥* *🌺राधे राधे 🙏*

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Manish Kumar Apr 28, 2019

*🌺जय श्री कृष्ण🙏* *मानवीय गुणों में एक प्रमुख गुण है "क्षमा" और क्षमा जिस भी मनुष्य के अन्दर है वो किसी वीर से कम नही है। यद्यपि किसी को दंडित करना या डाँटना आपके बाहुबल को दर्शाता है। मगर शास्त्र का वचन है कि बलवान वो नहीं जो किसी को दण्ड देने की सामर्थ्य रखता हो अपितु बलवान वो है जो किसी को क्षमा करने की सामर्थ्य रखता हो।* *अगर आप किसी को क्षमा करने का साहस रखते हैं तो सच मानिये कि आप एक शक्तिशाली सम्पदा के धनी हैं और इसी कारण आप सबके प्रिय बनते हो। आजकल परिवारों में अशांति और क्लेश का एक प्रमुख कारण यह भी है कि हमारे जीवन से और जुबान से क्षमा नाम का गुण लगभग गायब सा हो गया है।* *दूसरों को क्षमा करने की आदत डाल लो, जीवन की कुछ समस्याओं से बच जाओगे। निश्चित ही अगर आप जीवन में क्षमा करना सीख जाते हैं तो आपके कई झंझटों का स्वत: निदान हो जाता है।* *Զเधॆ Զเधॆ*🙏

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