@mahaveer1698 Dec 2, 2021

मेरी अर्ज़ी लगी होगी चरणों में रखी होगी, श्री श्याम प्रभु तुमने थोड़ी तो पढ़ी होगी, लेलो डीनो के नाथ मेरे फैसले अपने हाथ, ना होगी हार मेरी, ना होगी हार मेरी.... ओ श्याम अगर दिन रात, तुम यूँ ही चले मेरे साथ, ना होगी हार मेरी, ना होगी हार मेरी.... चाहे जैसे हो हालात, तुम खड़े रहे जो साथ, ना होगी हार मेरी, ना होगी हार मेरी..... है तेरे हाथ में मेरा आने वाला कल तेरी मर्ज़ी पर है मेरे सुख के हर पल, तुम थामे रहना हाथ और देते सौगात, ना होगी हार मेरी, ना होगी हार मेरी.... ओ श्याम अगर दिन रात, तुम यूँ ही चले मेरे साथ, ना होगी हार मेरी, ना होगी हार मेरी.... चाहे जैसे हो हालात, तुम खड़े रहे जो साथ, ना होगी हार मेरी, ना होगी हार मेरी..... इन आँखों के दर्पण अश्कों से धोते थे, हम जब भी होते थे तनहा ही होते थे, जयंत है तेरा गुलाम पद्मा के बना दो काम, चाहे जैसे हो हालात तुम खड़े रहे जो साथ, ना होगी हार मेरी, ना होगी हार मेरी... ओ श्याम अगर दिन रात, तुम यूँ ही चले मेरे साथ, ना होगी हार मेरी, ना होगी हार मेरी.... चाहे जैसे हो हालात, तुम खड़े रहे जो साथ, ना होगी हार मेरी, ना होगी हार मेरी

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@mahaveer1698 Dec 1, 2021

दोस्तों आज हम आपसे हिन्दू समाज को सम्बोधित करते हुए बहुत ही जोशीले संग्रह के साथ Bhagwa Status शेयर करने जा रहे हैं, हिन्दू समाज को सम्बोधित इसलिए क्युकी इतिहास में जितने भी कट्टर हिन्दू महापुरुष थे वे सभी माथे पर टीका लगाकर और भगवा वस्त्र धारण किये रहते थे। इससे ना सिर्फ हिन्दुवाद को बढ़ावा मिलता था बल्कि कट्टर हिंदुत्व की धरना को प्रोत्साहित किया जाता था। दोस्तों शुरू से ही भगवा रंग हिन्दुओ की पहचान रहा हैं, भगवा रंग आज भी हमारे देश में त्याग, बलिदान, वीरता और पराक्रम का प्रतीक हैं, और ऐसा इसलिए हैं क्युकी भगवा ध्वज भारत का ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक ध्वज हैं। प्राचीन काल से लेकर आज तक सभी मंदिरों और आश्रमों में भगवा रंग का ध्वज ही लगाया जाता हैं और तो और इस संसार में हिंदुत्व को लेकर जो कुछ भी प्रमुख रूप से मौजूद हैं उन सभी का रंग भगवा हैं जैसे की अग्नि, सूर्यादय, सूर्यास्त, शिवाजी का ध्वज, कृष्णा और अर्जुन का ध्वज, ऋषि मुनियों की वेश भूषा से लेकर बजरंगबली को अर्पित सिन्दूर का रंग भी भगवा (केसरिया) ही होता हैं, इसी वजह से भगवा रंग प्राचीन काल से ही हिन्दू होने का प्रतीक रहा हैं। आज भी हिन्दुस्तान के राष्ट्रीय ध्वज में सबसे पहले भगवा रंग ही आता हैं, और इसी ध्वज को साक्षी मानकर सारे कार्यकर्ता राष्ट्रसेवा, जनसेवा की शपथ लेते हैं और उनको समझाया जाता हैं कि राष्ट्राध्वज तिरंगा के जैसे ही धर्म ध्वज का भगवा ध्वज सन्मान करे। स्वतंत्रता दिवस तथा गणतंत्र दिवस पे राष्ट्रध्वज तिरंगा को भी मानवंदना दी जाती हैं। भगवा ध्वज की रक्षा और सम्मान के लिये लाखों हिंदु जन तैयार हैं। दोस्तों संपूर्ण विश्व में हिंदुत्व की ख्याति फैलाने हेतु आज भी हिन्दू समाज के लोग भगवा वस्त्र धारण कर, माथे पे टीका लगाकर जय श्री राम का नारा लगाते हुए अपने कट्टर हिन्दू होने का प्रमाण देते हैं 🙏🌹🙏 जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम

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