Madhav Naral Feb 23, 2020

#GodIsOne_LordKabir #सबका_मालिक_एक🙏 🙏 हक्का कबीर करीम तु बेएब परबरदीगार🙏 👇👇👇 🔽👉🎇पवित्र कुरान शरीफ में प्रमाण है प्रभु सशरीर है तथा उसका नाम कबीर है। 👇👇👇 🔽👉🎇पवित्र कुरान में लिखा है कबीर अल्लाह ही पूजा के योग्य हैं। वह सर्व पापों को विनाश करने वाले हैं। उनकी पवित्र महिमा का गुणगान करो - सुरत-फुर्कानि 25:58 👇👇👇 🔽👉🎇पवित्र कुरान प्रमाणित करती है अल्लाह कबीर साहेब ही है । 👇👇👇 🔽👉सुरत-फुर्कानि नं. 25 आयत 52 कबीर ही पूर्ण प्रभु है तथा कबीर अल्लाह के लिए अडिग रहना। 👇👇👇 🎇🔽👉हजरत मुहम्मद को कुरान शरीफ बोलने वाला प्रभु (अल्लाह) कह रहा है कि वह कबीर प्रभु वही है जिसने जमीन तथा आसमान के बीच में जो भी विद्यमान है सर्व सृष्टी की रचना छः दिन में की तथा सातवें दिन ऊपर अपने सत्यलोक में सिंहासन पर विराजमान हो(बैठ) गया। सुरत-फुर्कानि नं. 25 आयत 59 👇👇👇 🔽👉🎇सुरत फुर्कानि 25 आयत 52 से 59 में लिखा है कि कबीर परमात्मा ने छः दिन में सृष्टी की रचना की तथा सातवें दिन तख्त पर जा विराजा। जिस से परमात्मा साकार सिद्ध होता है। 👇👇👇 🔽👉🎇पूर्ण परमात्मा कविर्देव चारों युगों में आए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामी लोक में मानव सदृश कविर्देव नाम से विद्यमान थे। कबीर परमात्मा ने फिर सतलोक की रचना की, बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व वेदों की रचना की इसलिए वेदों में कविर्देव का विवरण है। 👇👇👇 🔽👉🎇परमात्मा कबीर साहेब सशरीर जिंदा रूप में गरीबदास जी को मिले। कविर्देव ने कुँआरी गाय की कमर पर हाथ रखा, अपने आप दूध निकलने लगा। वह दूध परमेश्वर ने पीया तथा प्रसाद रूप में कुछ गरीबदास जी को पिलाया तथा सतलोक के दर्शन कराये। 👇👇👇 🔽👉🎇बाईबिल- Iyov 36:5 प्रमाणित करती है कि परमेश्वर कबीर (सामर्थी) है और विवेकपूर्ण है। परमेश्वर कबीर (शक्तिशाली) है, किन्तु वह लोगों से घृणा नहीं करता। 👇👇👇 🔽👉🎇पूर्ण परमात्मा "सत कबीर" हैं। हक्का कबीर करीम तू बेएब परवरदिगार।। ‘‘राग तिलंग महला 1‘‘ पंजाबी गुरु ग्रन्थ साहेब पृष्ठ नं. 721 👉नानक देव जी कहते हैं:- हे सर्व सृष्टि रचनहार, दयालु ‘‘सतकबीर‘‘ आप निर्विकार परमात्मा हैं। 👇👇👇 🔽👉🎇जिस समय सर्व सन्त जन शास्त्र विधि त्यागकर मनमानी पूजा द्वारा भक्त समाज को मार्ग दर्शन कर रहे होते हैं। तब अपने तत्वज्ञान का संदेशवाहक बन कर स्वयं कबीर प्रभु ही आते हैं। 👇👇👇 🔽👉🎇कबीर परमात्मा सम्पूर्ण शांति दायक है - यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 👇👇👇 🔽👉🎇"सर्व शक्तिमान परमेश्वर कबीर" पूर्ण परमात्मा आयु बढ़ा सकता है और कोई भी रोग को नष्ट कर सकता है। - ऋग्वेद 👇👇👇 🔽👉🎇पवित्र कुरान में लिखा है कबीर अल्लाह ही पूजा के योग्य हैं। वह सर्व पापों को विनाश करने वाले हैं। उनकी पवित्र महिमा का गुणगान करो - सुरत-फुर्कानि 25:58 👇👇👇 🔽👉🎇परमात्मा का नाम कबीर (कविर देव) है। - पवित्र अथर्ववेद काण्ड 4 अनुवाक 1 मंत्र 7 👇👇👇 🔽👉🎇पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही पूर्ण मोक्षदायक हैं। 👇👇👇 🔽👉🎇कबीर परमात्मा पाप का शत्रु है, पाप विनाशक है। 👉यजुर्वेद 5:32 👇👇👇 🔽👉🎇कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा हैं "धाणक रूप रहा करतार" 👉राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1 पृष्ठ 24 👉नानक देव जी कहते हैं :- 👉मुझे धाणक रूपी भगवान ने आकर सतमार्ग बताया तथा काल से छुटवाया। #अवशय_देखे_साधना_चैनल_रोजना_शाम_7_30से_8_30

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Madhav Naral Feb 19, 2020

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Madhav Naral Feb 19, 2020

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Madhav Naral Feb 19, 2020

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Madhav Naral Feb 7, 2020

अधश्चोर्ध्वं प्रसृतास्तस्य शाखा गुणप्रवृद्धा विषयप्रवालाः। अधश्च मूलान्यनुसन्ततानि कर्मानुबन्धीनि मनुष्यलोके॥ उस संसार वृक्ष की तीनों गुणोंरूप जल के द्वारा बढ़ी हुई एवं विषय-भोग रूप कोंपलोंवाली ( शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध -ये पाँचों स्थूलदेह और इन्द्रियों की अपेक्षा सूक्ष्म होने के कारण उन शाखाओं की 'कोंपलों' के रूप में कहे गए हैं।) देव, मनुष्य और तिर्यक्‌ आदि योनिरूप शाखाएँ (मुख्य शाखा रूप ब्रह्मा से सम्पूर्ण लोकों सहित देव, मनुष्य और तिर्यक्‌ आदि योनियों की उत्पत्ति और विस्तार हुआ है, इसलिए उनका यहाँ 'शाखाओं' के रूप में वर्णन किया है) नीचे और ऊपर सर्वत्र फैली हुई हैं तथा मनुष्य लोक में ( अहंता, ममता और वासनारूप मूलों को केवल मनुष्य योनि में कर्मों के अनुसार बाँधने वाली कहने का कारण यह है कि अन्य सब योनियों में तो केवल पूर्वकृत कर्मों के फल को भोगने का ही अधिकार है और मनुष्य योनि में नवीन कर्मों के करने का भी अधिकार है) कर्मों के अनुसार बाँधने वाली अहंता-ममता और वासना रूप जड़ें भी नीचे और ऊपर सभी लोकों में व्याप्त हो रही हैं। ॥2॥ ~ श्लोक 2 - अध्याय 15 - पुरुषोत्तम योग Shared Via Bhagwad Gita Android App. https://play.google.com/store/apps/details?id=in.banaka.mohit.bhagwadgita

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Madhav Naral Jan 27, 2020

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Madhav Naral Jan 22, 2020

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Madhav Naral Jan 21, 2020

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