राधाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹🌹🌹🌹🌹🌹राधे राधे🌹🌹🌹🌹🌹🌹 गाओ हिल मिल सभी बधाई बाज उठी मंगल शहनाई, आयी लाली आयी रे बाबा के घर लाली आयी रे, भादों शुक्ल अष्टमी सुन्दर प्रकट भयी वृषभानु के मंदिर, किरत मैया ने लाली जायी श्याम की श्यामा जू हैं आयी, आयी लाली आयी रे....... ब्रम्हा मंगल वेद सुनावें देवी देवता स्तुति गावें, वीणा नारद जी ने बजाई आ गयी लक्ष्मी बन कर दायी, आयी लाली आयी रे...... बाबा को मनवा हर्षावे भर भर मोतिन थाल लुटावे, लाली पलना बीच झुलाई नाचे अंगना लोग लुगाई, आयी लाली आयी रे........ ‘चित्र विचित्र’ सुन दौड़े आवें ब्रजवासिन संग मंगल गावें, हो गोपी ग्वाले लेत बलाई कुंवर किशोरी परम सुखदायी, आयी लाली आयी रे...........

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💕 बरसाने बजत बधाई कीरत ने लाली जाई 💕 ❤️ आ गया वैकुण्ठ सारा तेरे बरसाने में है ❤️ श्रीराधाअष्टमी (लाडिली जी के जन्म) की अग्रिम बधाई हो 🌹🌹🌹🌹🌹राधे राधे🌹🌹🌹🌹🌹🌹 सनातन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि श्री राधाष्टमी के नाम से प्रसिद्ध है। शास्त्रों में इस तिथि को श्री राधाजी का प्राकट्य दिवस माना गया है। श्री राधाजी वृषभानु की यज्ञ भूमि से प्रकट हुई थीं। वेद तथा पुराणादि में जिनका ‘कृष्ण वल्लभा’ कहकर गुणगान किया गया है, वे श्री वृन्दावनेश्वरी राधा सदा श्री कृष्ण को आनन्द प्रदान करने वाली साध्वी कृष्णप्रिया थीं। कुछ महानुभाव श्री राधाजी का प्राकट्य श्री वृषभानुपुरी (बरसाना) या उनके ननिहाल रावल ग्राम में प्रातःकाल का मानते हैं। शास्त्रों में श्री राधा कृष्ण की शाश्वत शक्तिस्वरूपा एवम प्राणों की अधिष्ठात्री देवी के रूप में वर्णित हैं अतः राधा जी की पूजा के बिना श्रीकृष्ण जी की पूजा अधूरी मानी गयी है। श्रीमद देवी भागवत में श्री नारायण ने नारद जी के प्रति ‘श्री राधायै स्वाहा’ षडाक्षर मंत्र की अति प्राचीन परंपरा तथा विलक्षण महिमा के वर्णन प्रसंग में श्री राधा पूजा की अनिवार्यता का निरूपण करते हुए कहा है कि श्री राधा की पूजा न की जाए तो मनुष्य श्री कृष्ण की पूजा का अधिकार नहीं रखता। अतः समस्त वैष्णवों को चाहिए कि वे भगवती श्री राधा की अर्चना अवश्य करें। श्री राधा भगवान श्री कृष्ण के प्राणों की अधिष्ठात्री देवी हैं, इसलिए भगवान इनके अधीन रहते हैं। यह संपूर्ण कामनाओं का राधन (साधन) करती हैं, इसी कारण इन्हें श्री राधा कहा गया है।

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राधे राधे जी कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹🌹🌹🌹जय श्री कृष्ण🌹🌹🌹🌹 सजा दो घर को गुलशन सा, मेरे सरकार आये है, लगे कुटियाँ भी दुल्हन सी, मेरे सरकार आये है.. पखारो इनके चरणों को बहा कर प्रेम की गंगा, बिछा दो अपनी पलको को मेरे सरकार आये है, सरकार आ गए है मेरे गरीब खाने में, आया दिल को सकून उनके करीब आने में, मुदत से प्यासी आखियो को मिला आज वो सागर, भटका था जिसको पाने की खातिर इस ज़माने में, उमड़ आई मेरी आंखे देख कर अपने कान्हा को, हुई रोशन मेरी गलियां मेरे सरकार आये है, सजा दो घर को गुलशन सा, तुम आकर भी नहीं जाना मेरी इस सुनी दुनिया से, कहु हर दम यही सबसे मेरे सरकार आये है, सजा दो घर को गुलशन सा,

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करिए सुबह की शुरुआत राधे राधे नाम के साथ राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, बरसाने मे डोल, के मुख से राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, बरसाने मे डोल, के मुख से राधे राधे बोल, 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 श्री बरसानो धाम रंगीलो, श्री बरसानो धाम रंगीलो, धाम रंगीलो ब्रजधाम रंगीलो, राधे है अनमोल, के मुख से राधे राधे बोल, राधे है अनमोल, के मुख से राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, बरसाने मे डोल, के मुख से राधे राधे बोल, 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 ब्रह्मा जल पर्वत मन भायो, ब्रह्मा जल पर्वत मन भायो, राधे करत कलोल, के मुख से राधे राधे बोल, राधे करात कालोल, के मुख से राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, बरसाने मे डोल, के मुख से राधे राधे बोल, 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 ब्रज की गलियाँ मोहन खेले, ब्रज की गलियाँ मोहन खेले, मोहन खेले साँवरिया खेले, मोहन खेले साँवरिया खेले, और ग्वालन को तोल, के मुख से राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 गहवर वन की लता पतन मे, गहवर वन की लता पतन मे, पक्षी बोले राधे बोल, के मुख से राधे राधे बोल राधे राधे बोल, राधे राधे बोल, 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 राधा नाम नदिया की धारा बही जाए रे, राधा नाम नदिया की धारा बही जाए रे, 🌹🌹🌹🌷🌷🌷राधे राधे🌷🌷🌷🌹🌹🌹

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🙏जय राधे श्याम जय सीता राम🙏 🌹🌹🌹राधे राधे🌹🌹🌹 मै जिसका जिकर करता हु वो भी मेरी फिकर करता है कभी कभी भगवान को भी भगतो से काम पडे जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढे केवट बोला पहले चरण धुलवाओ फिर नोका मै चढ जाओ चरण धुलवाओ कही मेरी भी पत्थर की शीला की तरह नारी ना बन जाए प्रभु इसलिए चरण धुलवाओ मै तो चरणा व्रत पिकर नाव चलाऊ फिर प्रभु केवट उतराई देने लगे उताई मे सीता माता की अगुठी दे रहे थे तब केवट ने कहा प्रभु अगुठी रहने दो आप आऐ मेरे दुआर मने पार उतार दिने प्रभु जी प्रभु जी जब मै आऊ आपके दुआर तब आप मुझे पार उतार दिनो प्रभु से उतराई ना लेकर नाविक ने प्रभु से बहुत कुछ माग लिया दोस्तो जप लो नाम प्यारा राम राम राम सियाराम जय जय राम मेरे प्रभु राम जय जय राम सियावर राम जय जय राम मेरे प्रभु राम जय जय राम

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