Astro FC varma pune May 11, 2021

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🙏#गिलोय एक ही ऐसी बेल है, जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है। कहते हैं कि देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला और इस अमृत की बूंदें जहां-जहां छलकीं, वहां-वहां गिलोय की उत्पत्ति हुई। #इसका वानस्पिक नाम( Botanical name) टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (tinospora cordifolia है। इसके पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुंदरता को भी निखारते हैं। #आइए_जानते_हैं_गिलोय_के_फायदे….... #गिलोय बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता गिलोय एक ऐसी बेल है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उसे बीमारियों से दूर रखती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह खून को साफ करती है, बैक्टीरिया से लड़ती है। लिवर और किडनी की अच्छी देखभाल भी गिलोय के बहुत सारे कामों में से एक है। ये दोनों ही अंग खून को साफ करने का काम करते हैं। #ठीक करती है बुखार अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है। #गिलोय के फायदे – डायबिटीज के रोगियों के लिए गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है। इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है। #पाचन शक्ति बढ़ाती है यह बेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भली-भांति संचालित करती है और भोजन के पचने की प्रक्रिया में मदद कती है। इससे व्यक्ति कब्ज और पेट की दूसरी गड़बडिय़ों से बचा रहता है। #कम करती है स्ट्रेस गलाकाट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तनाव या स्ट्रेस एक बड़ी समस्या बन चुका है। गिलोय एडप्टोजन की तरह काम करती है और मानसिक तनाव और चिंता (एंजायटी) के स्तर को कम करती है। इसकी मदद से न केवल याददाश्त बेहतर होती है बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी दुरूस्त रहती है और एकाग्रता बढ़ती है। #बढ़ाती है आंखों की रोशनी गिलोय को पलकों के ऊपर लगाने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए आपको गिलोय पाउडर को पानी में गर्म करना होगा। जब पानी अच्छी तरह से ठंडा हो जाए तो इसे पलकों के ऊपर लगाएं। #अस्थमा में भी फायदेमंद मौसम के परिवर्तन पर खासकर सर्दियों में अस्थमा को मरीजों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को नियमित रूप से गिलोय की मोटी डंडी चबानी चाहिए या उसका जूस पीना चाहिए। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा। #गठिया में मिलेगा आराम गठिया यानी आर्थराइटिस में न केवल जोड़ों में दर्द होता है, बल्कि चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। गिलोय में एंटी आर्थराइटिक गुण होते हैं, जिसकी वजह से यह जोड़ों के दर्द सहित इसके कई लक्षणों में फायदा पहुंचाती है। #अगर हो गया हो एनीमिया, तो करिए गिलोय का सेवन भारतीय महिलाएं अक्सर एनीमिया यानी खून की कमी से पीडि़त रहती हैं। इससे उन्हें हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस होती है। गिलोय के सेवन से शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ जाती है और एनीमिया से छुटकारा मिलता है। #बाहर निकलेगा कान का मैल कान का जिद्दी मैल बाहर नहीं आ रहा है तो थोड़ी सी गिलोय को पानी में पीस कर उबाल लें। ठंडा करके छान के कुछ बूंदें कान में डालें। एक-दो दिन में सारा मैल अपने आप बाहर जाएगा। #कम होगी पेट की चर्बी गिलोय शरीर के उपापचय (मेटाबॉलिजम) को ठीक करती है, सूजन कम करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है। ऐसा होने से पेट के आस-पास चर्बी जमा नहीं हो पाती और आपका वजन कम होता है। #खूबसूरती बढ़ाती है गिलोय गिलोय न केवल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, बल्कि यह त्वचा और बालों पर भी चमत्कारी रूप से असर करती है…. #जवां रखती है गिलोय गिलोय में एंटी एजिंग गुण होते हैं, जिसकी मदद से चेहरे से काले धब्बे, मुंहासे, बारीक लकीरें और झुर्रियां दूर की जा सकती हैं। इसके सेवन से आप ऐसी निखरी और दमकती त्वचा पा सकते हैं, जिसकी कामना हर किसी को होती है। अगर आप इसे त्वचा पर लगाते हैं तो घाव बहुत जल्दी भरते हैं। त्वचा पर लगाने के लिए गिलोय की पत्तियों को पीस कर पेस्ट बनाएं। अब एक बरतन में थोड़ा सा नीम या अरंडी का तेल उबालें। गर्म तेल में पत्तियों का पेस्ट मिलाएं। ठंडा करके घाव पर लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से त्वचा में कसावट भी आती है। #बालों की समस्या भी होगी दूर अगर आप बालों में ड्रेंडफ, बाल झडऩे या सिर की त्वचा की अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं तो गिलोय के सेवन से आपकी ये समस्याएं भी दूर हो जाएंगी। #गिलोय का प्रयोग ऐसे करें :-- अब आपने गिलोय के फायदे जान लिए हैं, तो यह भी जानिए कि गिलोय को इस्तेमाल कैसे करना है… #गिलोय जूस गिलोय की डंडियों को छील लें और इसमें पानी मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें। छान कर सुबह-सुबह खाली पेट पीएं। अलग-अलग ब्रांड का गिलोय जूस भी बाजार में उपलब्ध है। #काढ़ा चार इंच लंबी गिलोय की डंडी को छोटा-छोटा काट लें। इन्हें कूट कर एक कप पानी में उबाल लें। पानी आधा होने पर इसे छान कर पीएं। अधिक फायदे के लिए आप इसमें लौंग, अदरक, तुलसी भी डाल सकते हैं। #पाउडर यूं तो गिलोय पाउडर बाजार में उपलब्ध है। आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। इसके लिए गिलोय की डंडियों को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें। सूख जाने पर मिक्सी में पीस कर पाउडर बनाकर रख लें। #गिलोय वटी बाजार में गिलोय की गोलियां यानी टेबलेट्स भी आती हैं। अगर आपके घर पर या आस-पास ताजा गिलोय उपलब्ध नहीं है तो आप इनका सेवन करें। साथ में अलग-अलग बीमारियों में आएगी काम अरंडी यानी कैस्टर के तेल के साथ गिलोय मिलाकर लगाने से गाउट(जोड़ों का गठिया) की समस्या में आराम मिलता है।इसे अदरक के साथ मिला कर लेने से रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या से लड़ा जा सकता है।खांड के साथ इसे लेने से त्वचा और लिवर संबंधी बीमारियां दूर होती हैं।आर्थराइटिस से आराम के लिए इसे घी के साथ इस्तेमाल करें।कब्ज होने पर गिलोय में गुड़ मिलाकर खाएं। #साइड इफेक्ट्स का रखें ध्यान वैसे तो गिलोय को नियमित रूप से इस्तेमाल करने के कोई गंभीर दुष्परिणाम अभी तक सामने नहीं आए हैं लेकिन चूंकि यह खून में शर्करा की मात्रा कम करती है। इसलिए इस बात पर नजर रखें कि ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम न हो जाए। #गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय के सेवन से बचना चाहिए। पांच साल से छोटे बच्चों को गिलोय न दें। 🙏#एक निवेदन :-- अपने घर में बड़े गमले या आंगन में जंहा भी उचित स्थान हो गिलोय की बेल अवश्य लगायें यह बहु उपयोगी वनस्पति ही नही बल्कि आयुर्वेद का अमृत और ईश्वरीय वरदान है। 🙏❤🙏

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*🙏🌸🎊 🙏* *मैं* *ज्योतिषशात्री फतेहचंद डाँवर_ (सयोंजक एडमिन मैढ़ सोनार रिश्ते मंच मैढ़ सोनार सन्देश pdf बुक सम्पादक) व आप का कार्यकर्ता* ✍🏽🙏🏼🌷🙏🏼🌷✍🏽 *आपके कुशल होने की कामना करता हूँ। आपकी कुशलक्षेम का पता करने के लिए, मैंने व्यक्तिगत रूप से आपको मैसज किया है, मुझे आशा है कि ईश्वर कि कृपा से आप व आपका परिवार स्वस्थ होंगे, कृपया आप अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें और कुछ समय के लिए सार्वजनिक रूप से मिलने से बचे! ये मुश्किल घड़ी है, निकल जायेगी। आप अपने परिवार और इस समाज की अमूल्य धरोहर है, और मै चाहता हूं कि मेरा हर एक आदरणीय, रिश्तेदार एवम् मित्र और उसका परिवार स्वस्थ एवम् सुरक्षित रहे! ये वक्त जागरूक और जिम्मेदार बनने का है, अपने परिवार के लिए आप पूरी दुनियां है, इसलिए आप अपना ख्याल रखें।* *घर पर रहे सुरक्षित रहे* 💥 *कोरोना का कहर, किसी की नहीं खैर।सावधान रहें, सुरक्षित रहें।*👹👹☠️☠️ *और हां वैक्सीन अवश्य लगवाए*। 💉 *_भारतीय वैक्सीन एकदम सुरक्षित है, अफवाहों से बचें।सेना के जवानों मे 98%वैक्सीनेशन हो चुका है।कोई भी देश अपनी सेना को कमजोर नहीं करना चाहेगा और न ही मारना चाहेगा।अतः निश्चिंत होकर कोरोना वैक्सीन लगवाए।_* *🙏 धन्यवाद🙏*

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Astro FC varma pune Apr 30, 2021

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Astro FC varma pune Apr 30, 2021

हनुमान जी को अर्पित करें पान का बीड़ा,,,,,,,,,,!!!! 🌹🍃🌹 हनुमानजी के पूजा करने के बाद उन्हें पान का बीड़ा अर्पित किया जाता है। कहते हैं कि हनुमानजी को पान का बीड़ा बहुत पसंद हैं। उनका पान अलग ही तरह से बनता है। आइए जानते हैं कैसे बनता है उनका पान और क्या है उन्हें बीड़ा अर्पित करने का उद्देश्य और फायदा??? ऐसे बनता है बीड़ा : इस पान में केवल ये पांच चीज़ें डलवाएं– कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरे का बूरा और सुमन कतरी। पान बनवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसमें चूना एवं सुपारी नहीं हो। साथ ही यह पान तंबाकू लगे हाथ से नहीं बनना चाहिए। ऐसे करें बीड़ा अर्पित : यदि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ते हैं तो मंगलवार, शनिवार, दशहरा और हनुमान जयंती के दिन हनुमानजी को अच्छे से बनाया गया पान का बीड़ा अर्पित करें। इस दिन तेल, बेसन और उड़द के आटे से बनाई हुई हनुमानजी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा करके तेल और घी का दीपक जलाएं तथा विधिवत पूजन कर पूआ, मिठाई आदि का भोग लगाएं। इसके बाद 27 पान के पत्ते तथा गुलकंद, सौंफ आदि मुख शुद्धि की चीजें लेकर इनका बीड़ा बनाकर हनुमानजी को अर्पित करें। बीड़ा अर्पित करके वक्त क्या ये बोलें : हनुमानजी का विधि-विधान से पूजन करने के बाद यह पान हनुमानजी को अर्पण करें और साथ ही प्रार्थना करते हुए कहें, ‘हे हनुमानजी, आपको मैं यह मीठा रस भरा पान अर्पण कर रहा हूं। इस मीठे पान की तरह आप मेरा जीवन भी मिठास से भर दीजिए’। हनुमानजी की कृपा से कुछ ही दिनों में आपकी हर समस्या दूर हो जाएगी। बीड़ा अर्पित करने के फायदे-: 1. सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है। 2. सभी तरह के संकट दूर हो जाते हैं। 3. मन में निर्भिक्ता का संचार होता है। 4. जीवन में सुख और समृद्धि बढ़ती है। 5. बीड़ा उठाना : आपने सुनी होगी एक प्रचलित लोकोक्ति 'बीड़ा उठाना'। इसका अर्थ होता है- कोई महत्वपूर्ण या जोखिमभरा काम करने का उत्तरदायित्व अपने ऊपर लेना। यदि आपके जीवन में कोई घोर संकट है या ऐसा काम है जिसे करना आपके बस का नहीं है, तो आप अपनी जिम्मेदारी हनुमानजी को सौंप दें। इसके लिए आप मंगलवार के दिन किसी मंदिर में पूजा-पाठ करने के बाद उन्हें पान का बीड़ा अर्पित करें।

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Astro FC varma pune Apr 29, 2021

*डॉ.सुधीर क्षीरसागर* *9822094196* *एम.बी.बी.एस.(पुणे), डी.ए.(औरंगाबाद)* *रजी.नं 58329* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *घाबरू नका..* *प्रत्येक ताप सर्दी खोकला हा कोरोना नसतो..* *कुठल्याही व्हायरल इन्फेक्शनमध्ये कोरोना टेस्ट पॉझिटिव्ह येवू शकते..* *कोरोना ..९९% बरा होतो.* *कोणत्याही डॉक्टरांकडे जाण्यापुर्वी हा औषधौपचार कमीत कमी पाच दिवस नक्की घ्या.* *संशयित कोरोनाचा उपचार* *घरीच करा..* *ताप-/अंगदुखी* *Tab Calpol 500* *(स...दु...सं.)* *सर्दी-* *Tab Triz/Tab Levocet m* *(स‌‌....संध्याकाळ)* *खोकला-* *Tab Azee 500* *(रोज 1)* *आणि* *Sy.Grilinctus BM 10 मिली.* *(स--- दु--- सं)* *जुलाब..* *Tab O2* *(स....सं)* *आणि* *Tab Ocid 20* *(स....सं)* *ORS Powder.* *दिवसभर हवे तितके* *उलटी मळमळ* *Tab.Acilok RD* *+स...संध्या)*.. किंवा *Tab Emcet 4mg* *जेवणापुर्वी एक ते दोन तास* *सर्वांनी पाणी,पातळ पदार्थ भरपुर घ्या* *------------------------- ०* *खालील औषधे आजारी नसले तरी घ्या* *Tab Limcee रोज १ (Vit C)* *लिंबू, संत्री* *Tab Arovit. रोज १ (Vit A)* *गाजर, शेवगा* *Tab Evoion रोज:१. (Vit E)* *बदाम, शेंगदाणे* *लहान मुलांच्या औषधौपचाराचे प्रमाणा साठी* *फोन करा...विनामुल्य सेवा* *------------------------- ०* *आपली नियमित चालू असलेली औषधे बंद करू नका !* *---० आहारात 'क' जीवनसत्वयुक्त* *---० पदार्थ भरपुर घ्या..* *---० नियमित.. पौष्टिक अन्न !* *---० नियमित..सलाग व्यायाम !* *(चालणे सर्वात उत्तम)* *---० नियमित..पुरेशी झोप !* *---० नियमित..आनंदी रहा !* *---० नियमित..हसत रहा !* *------------------------- ०* *उगीचच मोठ्या हॉस्पीटल्स, मध्ये अॕडमिट होऊन खिशाला कात्री लावून नका...* *------------------------ ०* *लक्षात ठेवा...* *कोणाकडे ही *जादूची कांडी नाही.*. *छोट्या आणि मोठ्या रुग्णालयांत एकाच प्रकारचा आणि सारखाच औषधौपचार केला जातो...* *कोरोना टेस्ट कधीही आणि वारंवार सुध्दा पॉझिटिव्ह येवू शकते.* ------------------------- ० *लक्षात घ्या..* *आजपर्यंत एकही नेता,अभिनेता, उद्योगपती, क्रिकेटपटू किंवा व्ही.आय.पी.* कोरोनाने मृत्यूमुखी पडला नाही...* *याचे कारण त्यांनी *मोठ्या हॉस्पिटलमध्ये इलाज केला म्हणून नाही तर "कोरोना" हा सौम्य आजार आहे म्हणून ते बरे झाले आहेत!* *तुमच्या अज्ञानाचा आणि घाबरलेल्या मनस्थितीचा गैरफायदा घेवून तुम्हाला लुटले जाऊ शकते..* *तेव्हा सावध व्हा!* *१)डॉ‌.निलेश पाटील* *२)डॉ.पल्लवी पाटील* *३)डॉ.संग्राम पाटील.* *४)श्री.संदिप माहेश्वरी* *यांच्या कोरोना सबंधित पोस्ट नक्की पहा..ऐका!* *पाच दिवसांनंतर..बरे वाटले नाही किंवा खालील त्रास वाढला तरच..* *जास्त ताप..* *श्वासोश्वासास भयंकर त्रास होत असल्यास,* *दम खुपच लागत असल्यास..* *प्रचंड खोकला येत असल्यास..* *इतर छातीचे आजार नसल्याची खात्री करणे ताप येणारे आजार नसल्याची खात्री करणे* *नंतरच सरकारी दवाखान्याची संपर्क करा...* *नियमित..माणूसकी जपा!* *आपल्या सर्वांना आरोग्यदायी जीवनासाठी हार्दिक मंगलमय शुभेच्छा...* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *आपलाच मित्र,* *डॉ.सुधीर क्षीरसागर* *कृपया ही पोस्ट आपली मित्र-मंडळी, स्नेही, परिवार आणि हितशत्रू यांना सुध्दा शेअर करा...* ************************************ *कोरोना झाल्यावर काय कराल ?* *सर्व प्रथम जाणून घ्या जर सर्दी झाली असेल आणि तुमचा mucous (शेम्बूड) पांढरा वाहत असेल तर अजून काही विपरीत परिणाम नाहीये.* *जर mucous चा रंग पिवळा किंवा हिरवा असेल तर तुम्हाला अँटिबायोटिक्स ची नितांत गरज आहे आणि अशा अवस्थेत तुम्ही टेस्टिंग ला गेलात तर १००% तुमची टेस्ट POSITIVE येणार.* *RTPCR टेस्टचा निकाल दोन दिवसांनी मिळतो आणि RTPCR टेस्टचा निकाल तुम्ही जलद सुद्धा करू शकता त्यानुसार तुम्हाला त्वरित कळेल की तुम्ही POSITIVE आहात की NEGATIVE आहात.* *जर तुम्ही POSITIVE झाले असाल तर सर्वात प्रथम हे लक्षात घ्या की तुम्ही जगातील सर्वात " फुसक्या "आजाराला बळी पडला आहात. ह्याचा इलाज जर तुम्ही सरकारी दवाखान्यातून केला तर तुम्ही विनाखर्च १००% बरे होणार आहात.* *आपल्याकडे पैशांची कमतरता नाही, म्हणून या फुसक्या आजारावरील इलाजासाठी जर आपण खाजगी रुग्णालयात गेलात तर मात्र तुमची खैर नाही. ह्याचे कारण पुढीलप्रमाणे -* *(०१)* *खाजगी रुग्णालयात गेल्यावर तुम्हाला सर्दी व ताप नियंत्रणात आणण्यासाठी गोळ्या औषधे आणि सलाईन दिले जातील.* *(०२)* *सरकारी रिपोर्ट वर भरोसा नाही म्हणून पुन्हा RTPCR करण्यास भाग पाडतील त्यामुळे दोन दिवसांचे बेड चार्जेस वाढतीलच शिवाय RTPCR रिपोर्टसाठी रुपये ८०० द्यावे लागतील* . *(०३)* *रिपोर्ट प्राप्त झाल्यावर RTPCR चिकित्सेनुसार स्कोर जास्त आसल्याचे आपणास सांगून, विषाणू किती खोलवर गेला हे समजण्यासाठी HTRSCAN टेस्ट करवून घेण्याचा निर्णय घेण्यात येईला व त्यासाठी येणारा कमीत कमी खर्च म्हणजे HTRSCAN टेस्टसाठी रुपये २५०० आणि ऍम्ब्युलन्स किमान खर्च रुपये १०००/- ते ३०००/-.* *(०४)* *या चिकित्सेनंतरच तुमच्यावर इलाज सूरू करण्यात येतील. सर्दी नियंत्रणासाठी कांही गोळ्या देण्यात येतील, तापासाठी काही वेळ्या गोळ्या देण्यात येतील, सांधे दुखत असल्यास व्हिटॅमिन डी३ च्या गोळ्या देण्यात येतील आणि चव आणि वास गेला असल्यास व्हिटॅमिन "क" च्या गोळ्या देण्यात येतील. वैध्यक शास्त्रानुसार याला उपचार समजले जात नाही.* *(०५)* *कांही दिवसानंतर तुम्हाला FABIFLUE 800 MG च्या गोळ्यांचा कोर्स चालू करण्यात येईल. ह्या FORTE प्रकारातील गोळ्यांची किंमत रूपये २५६० रुपये. एवढ्या महाग गोळ्या घेतल्यामुळे "कोरोना " या आजाराच्या भयानक तिव्रतेबाबत तुमची मानसीक खात्री होईलच आणि या १५ दिवसांच्या उपचारानंतर तुम्हाला घरी पाठविण्यात येते. या पंधरा दिवासांत तूमच्या खिशांतून राजरोसपणे किमान रुपये ३,००,००० लुटण्यात येतात.* *(०६)* *किमान पंधरा दिवस वैध्यकिय सल्यानुसार नियमितपणे FABIFLUE 800 MG पॉवरच्या गोळ्या तुम्ही शरीरात ढकलत असल्यामुळे, आपल्या एक गोष्ट लक्षात येत नाही की भविष्यांत ह्याचा काही विपरीत परिणाम आपल्या शरीरावार होणार आहे का ?. झालाच तर तो आपल्या शरीराच्या कुठल्या भागावर होईन हे भविष्यात कळेलच.* *(०७)* *कोरोना वैध्यकिय उपचारांमुळे तुम्ही भावनिक होऊन डॉक्टरला हाथ जोडाल आणि तुम्हाला वाटेल त्यांच्या प्रयत्नामुळेच तुम्हाला जीवदान मिळाले. परंतु असे काही नाही त्याने पक्के तुम्हाला वेड्यात काढून तुमचे खिसे रिकामे केलेले असतील.* *मित्रांनो, सांगायची गम्मत अशी की ज्या FORTE प्रकारातील गोळ्या ही धुरंदर मंडळी तुम्हाला देत आहे त्याचा निर्माता आहे GLENPHARMA कंपनी. या औषधी गोळ्यां शरीरातील INFECTION दूर करण्या करिता ह्या गोळ्या बनविलेल्या आहेत बाकी काही नाही.* *आपण जे म्हणतो की कोरोना वर इलाज नाही त्यावर हा उपाय एकदम बरोबर बसत आहे. त्यामुळे लोक बरे होत आहे.* *आपल्या हातात १० ते २० हजार रुपये किमतीचा महागडा फोन असून देखील आपण GOOGLE वर काही खात्री करून घेत नाही, ही सर्वात मोठी तुमची चूक म्हणावी लागेल.* *सरकारी दवाखान्यात ह्या महागड्या गोळ्या अजिबात दिल्या जात नाही किंवा कुठल्याही प्रकारचा HTRSCAN ही काढण्यास सांगण्यात येत नाही.* *सरकारी दिल्या जातात त्या फक्त DOXY 1 - LDR च्या गोळ्या. या औषधी गोळ्या जर आपण स्वत: बाहेरून खरेदी केल्यात तर ह्याचे अवघे पाकीट ९५ रुपयांना मिळते आणि रोजच्या जेवणानंतर दोन गोळ्या अशा प्रकारे नियमितपणे पाच दिवस गोळ्या घेतल्यास तुमचा कोरोना कुठाल्या कुठे निघून जातो हे कळत देखील नाही. आणि तुम्ही अगदी ठणठणीत होऊन फिरण्यास मोकळे.* *आता तुम्ही ठरवा खाजगी इलाज ३,००,०००/- रुपयांचा की सरकारी रू. ९५/- चा इलाज ?* *[ टिप - दोन्ही गोळ्यांच्या संदर्भात तुम्ही GOOGLE वर माहिती जाणून घेऊ शकता. ]* **********************************

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Astro FC varma pune Apr 21, 2021

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