*गुज़र रही है ज़िन्दगी* *ऐसे मुकाम से* *अपने भी दूर हो जाते हैं,* *ज़रा से ज़ुकाम से !* *तमाम क़ायनात में "एक क़ातिल बीमारी" की हवा हो गई,* *वक़्त ने कैसा सितम ढा़या कि "दूरियाँ" ही ''दवा'' हो ग ई* *आज सलामत रहे* *तो कल की सहर देखेंगे* *आज पहरे में रहे* *तो कल का पहर देखेंगें ।* *सासों के चलने के लिए* *कदमों का रुकना ज़रूरी है,* *घरों मेँ बंद रहना दोस्तों* *हालात की मजबूरी है ।* *अब भी न संभले* *तो बहुत पछताएंगे,* *सूखे पत्तों की तरह* *हालात की आंधी में बिखर जाएंगे ।* *यह जंग मेरी या तेरी नहीं* *हम सब की है,* *इस की जीत या हार भी* *हम सब की है ।* *अपने लिए नहीं* *अपनों के लिए जीना है,* *यह जुदाई का ज़हर दोस्तों* *घूंट घूंट पीना है ।* *आज महफूज़ रहे* *तो कल मिल के खिलखिलाएँगे,* *गले भी मिलेंगे और* *हाथ भी मिलाएंगे ।* !!*✍️ *घर पे रहीये सुरक्षित रहीये* 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Good afternoon everyone 💐💐 Jay Shree Krishna 🙏💐🌹

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