Neha Sharma, Haryana Mar 31, 2020

🚩🏵🚩🏵🚩🏵🚩🏵🚩 🌹🙏*जय मां कालरात्रि*🙏🌹 🌹🙏*जय वीर बजरंग बली की*🙏🌹 🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚 *या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता! *नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः!! 🌴🌾🌴🌾🌴🌾🌴🌾🌴 *लाल चुनरियां लेके मैया सारी संगत आई है *है दाती हमने तेरे , दर पे झोली फैलाई है *तेरे द्वार सवाली आ गए …….. *माँ खाली झोली भर दो , माँ इच्छा पूरी कर दो 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 *दुनियां के सब छोड़ सहारे , तुझसे लगन लगाई माँ *जग जननी शेरावाली , अब तेरी जोत जगाई माँ *तेरा दर्शन दाती पा गए………. *माँ खाली झोली भर दो , माँ इच्छा पूरी कर दो 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 *है मन्दिरवाली जगदम्बे , अब नजर महर की कर दी ज्यों *हम सारे तेरे बालक है , माँ हाथ शीश पे धर दीजे *जो आये खाली ना गए ………. *माँ खाली झोली भर दो , माँ इच्छा पूरी कर दो 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 *तेरी महिमा बहुत सुनी हमने , दाती ना हमको ठुकराना *है करुणा माई थोड़ी करुणा , हम सभी पे माँ बरसाना *भूलन भी शीश झुका गया …….. *माँ खाली झोली भर दो , माँ इच्छा पूरी कर दो 🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵 *माँ खाली झोली भर दो , माँ इच्छा पूरी कर दो 🌸🥀🌸🥀🌸🥀🌸🥀🌸 *नवरात्र का सातवां दिन है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि सदैव अपने भक्‍तों पर कृपा करती हैं और शुभ फल देती है। इसलिए मां का एक नाम ‘शुभंकरी’ भी पड़ा। मां अपने भक्‍तों के सभी तरह के भय को दूर करती हैं। मां की कृपा पाने के लिए भक्‍तों को गंगा जल, पंचामृत, पुष्‍प, गंध, अक्षत से मां की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा मां को गुड़ का भोग लगाएं। देवी कालरात्रि का शरीर रात के अंधकार की तरह काला है। इनकी श्‍वास से अग्नि निकलती है। मां के बाल बिखरे हुए हैं इनके गले में दिखाई देने वाली माला बिजली की भांति चमकती है। इन्हें तमाम आसरिक शक्तियां का विनाश करने वाला बताया गया है। जानिए मां दुर्गा के नौ रूप और उनके मंत्रों के बारे में, इसलिए लिए थे अवतार देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां के तीन नेत्र ब्रह्मांड की तरह विशाल व गोल हैं, जिनमें से बिजली की भांति किरणें निकलती रहती हैं और चार हाथ हैं, जिनमें एक में खडग् अर्थात तलवार है तो दूसरे में लौह अस्त्र है, तीसरा हाथ अभयमुद्रा में है और चौथा वरमुद्रा में मां का वाहन गर्दभ अर्थात गधा है, जो समस्त जीव-जन्तुओं में सबसे ज्यादा परिश्रमी और निर्भय होकर अपनी अधिष्ठात्री देवी कालराात्रि को लेकर इस संसार में विचरण करा रहा है। देवी का यह रूप ऋद्धि-सिद्धि प्रदान करने वाला है। भद्रकाली शक्तिपीठ जहां हुआ था भगवान कृष्ण का मुंडन, ऐसा है मां का दरबार नवरात्र के सातवें दिन पूजा करने से मां कालरात्रि अपने भक्तों को काल से बचाती हैं अर्थात उनकी अकाल मृत्यु नहीं होती है। पुराणों में इन्हें सभी सिद्धियों की भी देवी कहा गया है, इसीलिये तंत्र-मंत्र के साधक इस दिन देवी की विशेष रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। मां कालरात्रि की पूजा करके आप अपने क्रोध पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। कालरात्रि माता को काली का रूप भी माना जाता है। इनकी उत्पत्ति देवी पार्वती से हुई है। सप्तमी की पूजा सुबह में अन्य दिनों की तरह ही होती है परंतु रात्रि में विशेष विधान के साथ देवी की पूजा की जाती है। देवी भागवत पुराण के अनुसार माता कालरात्रि की पूजा करने वालों के लिए इस जगत में मौजूद कोई भी चीज दुर्लभ नहीं है। माता अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करती हैं। आदिशक्ति मां अपने भक्‍तों के कष्‍ट का अतिशीघ्र निवारण कर देती हैं। नवरात्र में बने ये 8 संयोग, बना रहे दुर्गा पूजा को बेहद खास कालरात्रि देवी का सिद्ध मंत्र मां दुर्गा के इस स्वरूप की साधना करते समय इस मंत्र का जप करना चाहिए। *कालरात्रि देवी का सिद्ध मंत्र… *‘ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:।’ कालरात्रि माताः ध्यान मंत्र यह है… एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता, लम्बोष्टी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी। वामपादोल्ल सल्लोहलता कण्टक भूषणा, वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥ मां दुर्गा किस वाहन से आएंगी और जाएंगी अबकी बार दुर्गा पूजा का सातवां दिन तांत्रिक क्रिया की साधना करने वाले के लिए विशेष महत्वपूर्ण होता है। तंत्र साधना करने वाले इस दिन मध्य रात्रि में देवी की तांत्रिक विधि से पूजा करते हैं। बताया जाता है कि इस दिन मां की आंखें खुलती हैं और भक्तों के लिए देवी मां का दरवाजा खुल जाता है। 🌹🌹*जय माता दी*🌹🌹 🌳💮🍀💐🍁🌳💮🍀💐🍁🌳 *चलो सकारात्मक सोचते है*😀 इस वातावरण में नकारत्मकता कूट कूट कर भर गई है। पर हर निगेटिव घटना के गर्भ में पॉजिटिव भी होता है: 🤔 सोचिए सड़को पर दुर्घटना में होने वाली मृत्यु कम हुई या नही?? 🤔 क्राइम रेट गिरा या नही? 🤔 मोदी जी की स्वच्छता अभियान की कीमत समझ आयी या नही? 🤔 घर पर वैल्यू टाइम बीत रहा या नही?? 🤔 जीवन स्तर और लाइफ स्टाइल के साथ वर्क कल्चर में बदलाव हो रहा या नही?? 🤔 डॉक्टर्स के प्रति रवैया बदल रहा या नही? 🤔 पुरानी भारतीय जीवन शैली के वैज्ञानिक पक्ष समझ आ रहे या नही?? 🤔*मनुष्य *ही सर्वशक्तिमान *है ये भ्रम टूट रहा या नही?* 🤔 प्रदूषण कम हो रहा या नही? 🤔 आध्यत्मिकता बढ़ी या नही? 🤔 सामाजिक होने का महत्व और कमियाँ समझ आ रही या नही?? 🤔 एक दूसरे के प्रति प्यार बढ़ा या नही?? 🙏🙏 *सावधान रहिये। पर पॉजिटिव भी*। 🙏🙏🙏 विश्वास रखें ।। सिकंदर भी भारत में ही हारा था..!!🙏 ⭐💫⭐💫⭐💫⭐💫⭐💫 *”कोशिश करे कि जिँदगी का हर लम्हा* *अपनी तरफ से हर किसी के साथ* *अच्छे से गुजरे,* *…..क्योकि, जिन्दगी नहीं रहती पर अच्छी यादें हमेशा जिन्दा रहती हैं……* 😊 *आप सभी भाई-बहन सदा मुस्कुराते रहिये 😊* 🍃🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌹🍃 ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ *"सेवक बन जाओ"* 🙏🏻🚩🌹*बहुत ही सुंदर संदेश*🌹🚩🙏🏻 *काशी के एक संत उज्जैन पहुंचे उनकी प्रशंसा सुन उज्जैन के राजा उनका आशीर्वाद लेने आए संत ने आशीर्वाद देते हुए कहा - 'सिपाही बन जाओ ।' यह बात राजा को अच्छी नहीं लगी । दूसरे दिन राज्य के प्रधान पंडित संत के पास पहुंचे । संत ने कहा -'अज्ञानी बन जाओ ।' पंडित नाराज होकर लौट आए इसी तरह जब नगर सेठ आया तो संत ने आशीर्वाद दिया -'सेवक बन जाओ ।' *संत के आशीर्वाद की चर्चा राज दरबार में हुई । सभी ने कहा कि यह संत नहीं, कोई धूर्त है । राजा ने संत को पकड़ कर लाने का आदेश दिया संत को पकड़कर दरबार में लाया गया । राजा ने कहा तुमने आशीर्वाद के बहाने सभी लोगों का अपमान किया है, इसलिए तुम्हें दंड दिया जाएगा । यह सुनकर संत हंस पड़े । राजा ने इसका कारण पूछा तो संत ने कहा - इस राज दरबार में क्या सभी मूर्ख हैं ? ऐसे मूर्खों से राज्य को कौन बचाएगा ।' राजा ने कहा' क्या बकते हो ?' *संत ने कहा 'जिन कारणों से आप मुझे दंड दे रहे हैं, उन्हें किसी ने समझा ही नहीं । राजा का कर्म है, राज्य की सुरक्षा करना । जनता के सुख दुख की हर वक्त चौकसी करना । सिपाही का काम भी रक्षा करना है, इसलिए मैंने आपको कहा था कि सिपाही बन जाओ । प्रधान पंडित ज्ञानी होता है । जिस व्यक्ति के पास ज्ञान हो, सब उसका सम्मान करते हैं जिससे वह अहंकारी हो जाता है । यदि वह ज्ञानी होने के अहसास से बचा रहे तो अहंकार से भी बचा रह सकता है । इसलिए मैंने पंडित को अज्ञानी बनने को कहा था । नगर सेठ धनवान होता है । उसका कर्म है गरीबों की सेवा, इसलिए मैंने उसे सेवक बनने का आशीर्वाद दिया था । संत की बातें सुन राजदरबार में मौजूद सभी लोगों की आंखें खुल गयीं । 🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀 *सिर्फ रामायण देखने से कुछ नहीं होगा। *इस वक्त रामायण के 1 पात्र से हमें कुछ सीखना होगा *और उस पात्र का नाम है * कुंभकर्ण *वही एक पात्र है जो हमें कोरोना से बचा सकता है 😀😀😀😂😂😂😀😀😛 *सब लोग पॉजिटिव सोचो *हँसी मजाक करो, चुटकुले भेजो,समाचार ज्यादा मत देखो *आप खुश रहो, दूसरों को भी खुश रखो *इतनी लम्बी छुट्टियां शायद जिंदगी में कभी न आएगी *इसलिये परिवार के साथ भरपूर आनंद लो *हालात ऐसे हैं कि हम आप चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करना हमारा परम कर्तव्य होना चाहिए *इसलिए घर में ही खेलों कूदो मौज मस्ती करो *घर में रहे सुरक्षित रहें,दूसरों को भी सुरक्षित रखें 🇮🇳🙏😷जय हिंद जय भारत🇮🇳😷🙏 *सभी परिवार के सदस्य कृपया ध्यान दें।* 1.कोई भी खाली पेट न रहे 2.उपवास न करें, करें तो इम्यूनिटी का विशेष ध्यान रखें 3.रोज एक घंटे धूप लें 4.AC का प्रयोग न करें 5.गरम पानी पिएं, गले को गीला रखें 6.घर में कपूर वह गूगल जलाएं 7.आप सुरक्षित रहे । घर पर रहे i 8.आधा चम्मच सोंठ हर सब्जी में पकते हुए डालें.. 9.रात को दही ना खायें 10.बच्चों को और खुद भी रात को एक एक कप हल्दी डाल कर दूध पिएं 11. हो सके तो एक चम्मच चवनप्राश खाएं 12.घर में कपूर और लौंग डाल कर धूनी दें 13 सुबह की चाय में एक लौंग डाल कर पिएं 14 फल में सिर्फ संतरा ज्यादा से ज्यादा खाएं 15.आंवला किसी भी रूप में चाहे अचार , मुरब्बा,चूर्ण इत्यादि खाएं। *यदि आप Corona को हराना चाहते हो तो कृप्या करके ये सब अपनाइए। *हाथ जोड़ कर प्रार्थना है आप सबसे, आगे अपने जानने वालों को भी यह जानकारी भेजें। दूध में हल्दी आपके शरीर में इम्यूनिटी को बढ़ाएगा।🙏🏻 *🙏🌹*जय माता की*🌹🙏* *”कष्ट” और “विपत्ति”* *मनुष्य को शिक्षा देने वाले* *श्रेष्ठ गुण हैं* *जो व्यक्ति साहस के साथ* *उनका सामना करते हैं* *वे सदैव सफल* *होते हैं* 👌 🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏 🥀 *बड़े दौर गुजरे हैं जिंदगी के* *यह दौर भी गुजर जायेगा,* 🥀 *थाम लो पैरों को घरों में* *कोरोना भी थम जाएगा!!* ♻️💨♻️💨♻️💨♻️💨♻️💨♻️ 🍃 *कोरोना के प्रसार को रोकें,* 🍃 *घर पर रहें, सुरक्षित रहें !* ♻️💨♻️💨♻️💨♻️💨♻️💨♻️ 🌺💞*आप सभी भाई-बहन सदैव स्वस्थ, प्रसन्न रहें*💞🌺 🌹🙏*जय मां कालरात्रि*🙏🌹 ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ 🌹🙏*शुभ प्रभात् नमन*🙏🌹 *आप सभी भाई-बहनों का हर पल शुभ व मंगलमय हो* ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ 🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌹 ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️

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Neha Sharma, Haryana Mar 30, 2020

🌹🙏🚩*जय मां कात्यायनी*🚩🙏🌹 🌹🌿🙏*ओम् नमः शिवाय*🙏🌿🌹 *तू नाराज तो है अपने इंसान से भगवान.. *नहीं तो मंदिरों के दरवाजे बंद ना करता.. *सज़ा दे रहा है कुदरत से खिलवाड़ की.. *नहीं तो गुरुद्वारों से लंगर कभी ना उठता.. *आज बारिश की इन बूंदों से संदेश मिला.. *रोता तो तू भी है जब इंसान आंसू बहाता.. *माफ़ करदे अपने बच्चों के हर गुनाह.. *सब कहते हैं, तेरी मर्ज़ी के बिना तो पत्ता भी नहीं हिलता!!! 🌹🙏*शुभ प्रभात् नमन*🙏🌹 ☘️💨*आप सभी भाई-बहनों का हर पल शुभ हो*💨☘️ *मनोचिकित्सक की सलाह*. *1* कोरोना से जुड़ी ज्यादा खबरें ना देखें ना सुनें , आपको जितनी जानकारी चाहिए आप पहले से ही जान चुके हैं। *2* कहीं से भी अधिक जानकारी एकत्र करने का प्रयास छोड़ें क्योंकि ये आपकी मानसिक स्तिथि को और ज्यादा कमजोर ही करेगा। *3.* दूसरों को वायरस से संबंधित सलाह ना दें क्योंकि सभी व्यक्तियों की मानसिक क्षमता एक सी नहीं होती , कुछ डिप्रेशन अर्थात अवसाद का शिकार हो सकते हैं। *4.* जितना संभव हो संगीत सुनें , अध्यात्म , भजन आदि भी सुन सकते है , बच्चों के साथ बोर्ड गेम खेलें , परिवार के साथ बैठकर आने वाले वर्षों के लिए प्रोग्राम बनाएं। *5.* अपने हाथों को नियमित अंतराल पर अच्छे से धोएं , सभी वस्तुएं की सफाई भी करें , किसी भी नव आगंतुक को 1 मीटर दूर से मिलें। *6* आपकी नकारात्मक सोच-विचार की प्रवृति डिप्रेशन बढ़ाएगी और वायरस से लड़ने की क्षमता कम करेगी दूसरी ओर सकारात्मक सोच आपको शरीर और मानसिक रूप से मजबूत बनाकर किसी भी स्तिथि या बीमारी से लड़ने में सक्षम बनाएगी। *7.* अत्यंत आवश्यक ...विश्वास दृढ़ रखें कि ये समय शीघ्र ही निकलने वाला है और आप हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहेंगे। *सकारात्मक रहें -स्वस्थ रहें* । *ईश्वर के फैसले पर शक नहीं करना चाहिए अगर सजा मिल रही है, तो गुनाह जरुर किया होगा*🙏🙏 *सुप्रभात ॐ नमः शिवाय* 🔱 *Stay Home 🏡🏘️Be Safe* *बेवजह घर से निकलने की ज़रूरत क्या है | मौत से आंख मिलाने की ज़रूरत क्या है॥ *सबको मालूम है बाहर की हवा है क़ातिल | यूँ ही क़ातिल से उलझने की ज़रूरत क्या है || *ज़िन्दगी एक नियामत, इसे सम्हाल के रख | शमशानों को सजाने की ज़रूरत क्या है || *दिल बहलने के लिए घर मे वजह हैँ काफ़ी | यूँ ही गलियों मे भटकने की ज़रूरत क्या है || *हर हर महादेव* 💐💐🙏 *महत्वपूर्ण खबर*...... **जिंदा रहना है तो 25 दिन के लिए सब्जियों को भी छोड़ दो ** 🙏 - सब्जियों को इस वायरस से नहीं बचा पाएंगे, चाहे कितनी भी सावधानियां कि जाए, सभी यह मान बैठे है कि सब्जी पक जाएगी, पर उससे पहले सब्जी लेने जाने से पकाने तक कितनी कितनी बातो को ध्यान रख पाओगे ? *जैसे* 1- गेट के बाहर निकलकर अपने गेट,सब्जी के ठेले पर हाथ लगाना व अपने कपड़े टकराना 2-- नोट की अदला बदली करना, थूक लगाकर नोट गिनना 4- सब्जी को सलाद के रूप में कच्ची खाना 5- सब्जी काटने वाले चाकू में कच्ची सब्जी लगना, बर्तन में कच्ची सब्जी लगना, किचन के कपड़े से कच्ची सब्जी का लगना, किचन के ओटले से सब्जी टकराना, अपने हाथ बार बार कच्ची सब्जी से लगना । क्या इतनी बारीकी पर आप खरे उतर सकते हो, कभी नहीं 6- बाहर जाकर कहीं बेंच पर बैठना 7- घर आकर वहीं कपड़े से सोफे या पलंग पर बैठना, उसके बाद मोबाइल सोफे पर रखकर मोबाइल को मुंह तक लाना 8- किसी से बात करते हुए मूह से थूक उड़ना 9- रोज मण्डी में व थेले ठेले पर सब्जियों की मारा मारी करना क्या सरकार *सब्जियों पर रोक नहीं लगा सकती, क्या सब्जी नहीं खाएंगे तो कोई मर जाएगा । लोग रोज सब्जियों के लिए कितनी मारामारी कर रहे है, यह भी* फैलाने का बड़ा कारण है । प्लीज़ प्लीज़ थोड़े दिन दाल रोटी, राजमा, चावल, चने इत्यादि ग्रहण कर लो भाई, पर हरी सब्जी मत खाओ।🙏🙏🙏 ☘️🌹🙏🚩*जय माता की*🚩🙏🌹☘️ 🍃 *जो व्यक्ति किसी दूसरे के चेहरे पर हँसी और जीवन में ख़ुशी लाने की क्षमता रखता है..*🍃 *_ईश्वर उसके चेहरे से कभी हँसी और जीवन से ख़ुशी कम नहीं होने देता।_* 🍃💨🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏💨🍃 🌹*आप सभी भाई-बहनों का दिन शुभ व मंगलमय हो*🌹 ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️

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Neha Sharma, Haryana Mar 29, 2020

☘️🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌹☘️ *खूबसूरत तस्वीरें निगेटिव से तैयार होती हैं और वो भी अँधेरे कमरे में*.....*इसलिए आपके जीवन में जब भी अंधकार नजर आये*.....*तो समझ लीजिए कि ईश्वर आपके भविष्य की सुंदर सी तस्वीर का निर्माण कर रहा है।* 🌹🙏*शुभ रात्रि नमन*🙏🌹 *आप सभी भाई-बहन सदैव स्वस्थ्य रहे, प्रसन्न रहें!* ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ 🙏*विनम्र प्रार्थना*🙏 राशन तो 8,10 दिनों का सब ने कोशिश की ही है घर मे रखने की , ग्रोसरी स्टोर्स भी खुले हैं , सामान देर सवेर मिल ही जायेगा , क्योंकि भगवान की दया से हम सब इतने सम्पन तो हैं ही । पर एक प्रार्थना है के plz अगर आप रोज़ 2 सब्जी बनाते हैं तो अब 1 बनाइये , दाल हो सके तो थोड़ी पतली रखिये , कोशिश कीजिये चावल का एक दाना भी व्यर्थ ना हो , जितना ज़रूरत है उतना पकायें और अगर फिर भी बच जाए तो पहले उस बचे हुए खाने को खाये और ईश्वर को धन्यवाद दें कि कम से कम मिल तो रहा है.... सीमित खाइये , संयमित खाइये ...... हिन्दू धर्म तथा देशहित के लिए महाराणा प्रताप को घास की रोटियां तक खानी पडी लेकिन वे चट्टान की भांति दुश्मन के सामने अडे रहे। घर पर हैं तो हर घण्टे ये मत पूछिए सुनो , कुछ खाने को है क्या 🙈 समय से खाइये , कम खाइये 🙏 क्योंकि माना आपके पास पैसा है आप खरीद सकते हैं , आप 6 महीने तक का राशन स्टोर कर सकते हैं पर देश के पास संसाधन सीमित हैं ..... ऐसा ना हो हम सब कुछ अपने घरों में इकट्ठा कर लें और कुछ लोगो को और ज्यादा मुश्किल हो जाये अपने बारे में सोचिये पर दूसरों के बारे में भी सोचिये 🙏 परीक्षा का समय है उम्मीद है के हम सब अच्छे मार्क्स के साथ इस परीक्षा में उत्तीण होंगे 🙏 *उतना ही ले थाली में व्यर्थ ना जाए नाली में*। 🙏🙏 /मुझे देश के बारे मे आपसे एक बात कहनी है...... *हमारे प्रधान मंत्री जी ने देश के नागरिको से अनुरोध किया है की प्रधान मंत्री आपदा कोश में दान करो | सोचो अभी नवरात्र चल रहे है जिसके चलते हम वत्र रख कर देश का अनाज बचा सकते हैं |जो गरीबों के काम आएगा | अष्टमी और नवमी को कन्याए बैठाते हैं और उन्हें कम से कम एक को 11रू. दान करते है | *अबकी बार हम 11₹ कन्या वाले 11×11=121₹ प्रधान मंत्री कोश में दान कर दे।अगर 130करोड में से दो करोड़ लोगों ने भी दान कर दिया तो 121×20000000=242करोड ₹ हो जाते हैं जो करोना से लडने में देश के काम आएगा |अगर मेरी बात से सहमत हो तो शेयर जरूर करे! 🙏*धन्यवाद*🙏 कान्हा लुट गये एक बार एक पंडित जी थे, वो रोज घर घर जा के भगवत गीता का पाठ करते तथा कान्हा की कथा सुनाते थे | एक दिन उन्हे एक चोर ने पकड़ लिया और उसे कहा तेरे पास जो कुछ भी है मुझे दे दो , तब वो पंडित बोला की बेटा मेरे पास कुछ भी नहीं है, तुम एक काम करना मैं यहीं पड़ोस के घर मैं जाके भगवत गीता का पाठ करता हूँ वो यजमान बहुत दानी लोग हैं, जब मैं कथा सुना रहा होऊंगा तुम उनके घर में जाके चोरी कर लेना, चोर मान गया अगले दिन जब पंडित जी कथा सुना रहे थे तब वो चोर भी वहां आ गया, तब पंडितजी बोले की यहाँ से मीलों दूर एक गाँव है वृन्दावन, वहां पे एक लड़का रहता है, जिसका नाम कान्हा है वो हीरों जवाहरातों से लड़ा रहता है, अगर कोई लूटना चाहता है तो उसको लूटो वो रोज रात को एक पीपल के पेड़ के नीचे आता है, जिसके आस पास बहुत सी झाडिया हैं चोर ने ये सुना और ख़ुशी ख़ुशी वहां से चला गया, वो अपने घर गया और अपनी बीवी से बोला आज मैं एक कान्हा नाम के बच्चे को लुटने जा रहा हूँ , मुझे रास्ते में खाने के लिए कुछ बांध दे , पत्नी ने कुछ सत्तू उसको दे दिया और कहा की बस यही है जो भी है, चोर वहां से ये संकल्प लेके चला कि अब तो में उस कान्हा को लुट के ही आऊंगा, वो बेचारा पैदल पैदल टूटे चप्पल में ही वहां से चल पड़ा रास्ते में बस कान्हा का नाम लेते हुए, वो अगले दिन शाम को वहां पहुंचा जो जगह उसे पंडित जी ने बताई थी अब वहां पहुँच के उसने सोचा कि अगर में यहीं सामने खड़ा हो गया तो बच्चा मुझे देख के भाग जायेगा तो मेरा यहाँ आना बेकार हो जायेगा इसलिए उसने सोचा क्यूँ न पास वाली झाड़ियों में ही छुप जाऊ, वो जैसे ही झाड़ियों में घुसा, झाड़ियों के कांटे उसे चुभने लगे, उस समय उसके मुंह से एक ही आवाज आयी कान्हा, कान्हा उसका शरीर लहू लुहान हो गया पर मुंह से सिर्फ यही निकला, कि कान्हा आ जाओ, अपने भक्त कि ऐसी दशा देख के कान्हा जी चल पड़े तभी लक्ष्मी जी बोली कि प्रभु कहाँ जा रहे हो वो आपको लूट लेगा प्रभु बोले कि कोई बात नहीं अपने ऐसे भक्तों के लिए तो में लुट जाना तो क्या मिट जाना भी पसंद करूँगा, और ठाकुरजी बच्चे का रूप बना के आधी रात को वहां आए वो जैसे ही पेड़ के पास पहुंचे चोर एक दम से बाहर आ गया और उन्हें पकड़ लिया और बोला कि ओ कान्हा तुने मुझे बहुत दुखी किया है, अब ये चाकू देख रहा है न, अब चुपचाप अपने सारे गहने मुझे दे दे कान्हा जी ने हँसते हुए उसे सब कुछ दे दिया, वो चोर हंसी ख़ुशी अगले दिन अपने गाँव में वापिस पहुंचा, . और सबसे पहले उसी जगह गया जहाँ पे वो पंडित जी कथा सुना रहे थे, और जितने भी गहने वो चोरी करके लाया था उनका आधा उसने पंडित जी के चरणों में रख दिया जब पंडित ने पूछा कि ये क्या है, तब उसने कहा अपने ही मुझे उस कान्हा का पता दिया था में उसको लूट के आया हूँ, और ये आपका हिस्सा है पंडित ने सुना और उसे यकीन ही नहीं हुआ, वो बोला कि में इतने सालों से पंडिताई कर रहा हूँ वो मुझे आज तक नहीं मिला तुझ जैसे पापी को कान्हा कहाँ से मिल सकता है, चोर के बार बार कहने पर पंडित बोला कि चल में भी चलता हूँ तेरे साथ वहां पर, मुझे भी दिखा कि कान्हा कैसा दिखता है, और वो दोनों चल दिए, चोर ने पंडित जी को कहा कि आओ मेरे साथ यहाँ पे छुप जाओ, और काटो के कारण दोनों का शरीर लहू लुहान हो गया, और मुंह से बस एक ही आवाज निकली कान्हा,कान्हा, ठीक मध्य रात्रि कान्हा बच्चे के रूप में फिर वहीँ आये , और दोनों झाड़ियों से बाहर निकल आये, पंडित कि आँखों में आंसू थे वो फूट फूट के रोने लग गया, और जाके चोर के चरणों में गिर गया और बोला कि हम जिसे आज तक देखने के लिए तरसते रहे, जो आज तक लोगो को लुटता आया है, तुमने उसे ही लूट लिया तुम धन्य हो, आज तुम्हारी वजह से मुझे कान्हा के दर्शन हुए हैं, तुम धन्य हो.. ऐसा है हमारे कान्हा का प्यार, अपने सच्चे भक्तों के लिए जो उसे सच्चे दिल से पुकारते हैं, तो वो भागे भागे चले आते हैं। *जय श्री राधेकृष्णा* 🥀🥀🙏 *प्रस्तुत है यह प्रेरणादायक कविता*..... *लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, *कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। *नन्ही चींटी जब दाना लेकर चलती है, *चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है। *मन का विश्वास रगों में साहस भरता है, *चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना अच्छा लगता है। *आखिर मेहनत बेकार नहीं होती, *कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।। *डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है, *जा जाकर खाली हाथ लौट आता है। *मिलते न सहज ही मोती गहरे पानी में, *बढ़ता दूना उत्साह इसी हैरानी में। *मुठ्ठी खाली हर बार नहीं होती, *कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।। *असफलता एक चुनौती है स्वीकार करो, *क्या कमी रह गई देखो और सुधार करो। *जब तक सफल न हो नींद चैन की त्यागो तुम, *संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम। *कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती, *कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।। 🙏🙏 *बहुत ही सुंदर संदेश*.... *वख्त कहाँ ठहरता है *यह भी गुज़र जाएगा *दूरियां फायदेमंद है *सब कुछ सम्भल जायेगा *हज़ारों दिन की ज़िन्दगी *२१ दिन रंग लाएगा *दुनिया की हिफाज़त के लिए *थोड़ा वख्त तो जायेगा *शुक्र है जुड़े हुए है सब *मोबाइल काम आएगा *पल पल की खबरे *एक पल में पोहोचाएगा *अफवाह मत फैलाना यारो *सबका जी घभराएगा *बात सरकार की मान लो *अच्छा वख्त भी आएगा !!! 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Neha Sharma, Haryana Mar 29, 2020

🍃🌹🙏*जय स्कन्द माता की*🙏🌹🍃 *Most important post for today's hardest situation*(*आज़ की अति कठिन परिस्थिति के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण संदेश वाली पोस्ट*) *जीवन *गणित* है *सांसें *घटती* है *अनुभव *जुड़ते* हैं। *अलग अलग *कोष्ठकों* में बंद हम *बुनते रहते हैं, *समीकरण* *लगाते रहते हैं, *गुणा-भाग*। *जबकि जीवन का अंतिम सत्य *शून्य है* 💠🌹🙏*प्रातः वंदन*🙏🌹💠 🌹*आप सभी भाई-बहनों का दिन शुभ व मंगलमय हो*🌹 ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ *कोरोना वायरस के ये हैं 9 सबसे खास लक्षण, संक्रमित मरीजों को होती हैं ऐसी परेशानियां*...... : विश्वभर में अबतक कोरोना वायरस (Corona Virus) की चपेट में करीब 6 लाख लोग आ चुके हैं. वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 के लक्षण सर्दी जुकाम से इतने मिलते-जुलते हैं कि इसके रोगियों की पहचान करना बड़ी चुनौती है. इसी वजह से लोग कोरोना वायरस की चपेट में तेजी से आ रहे हैं. हालांकि, डब्ल्यूएचओ (WHO) ने इसके जो लक्षण बताए हैं उससे आप मरीज की पहचान आसानी से पहचान सकते हैं. कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों को पहले पांच दिनों में सूखी खांसी आनी शुरू होती है और फेफड़ों में तेजी से बलगम बनना शुरू हो जाता है. इसके बाद मरीज को तेजी से बुखार चढ़ने लगता है और उसके शरीर का तापमान काफी अधिक बढ़ जाता है. कई हेल्थ एक्सपर्ट अब तक कोरोना वायरस में तेज बुखार चढ़ने का दावा कर चुके हैं. कोविंड-19 का शिकार होने के बाद पहले पांच दिन में लोगों को सांस लेने में दिक्कत होनी लगती हैं. बुजुर्गों में सांस फूलने की समस्या ज्यादा मिल रही है. कई केसों में कोरोना वायरस के पीड़ितों ने बदन दर्द की समस्या भी बताई है. उनका कहना है कि इस महामारी की चपेट में आने के बाद शरीर के जोड़ काफी दुखने लगते हैं. मांसपेशियों में दर्द के साथ शरीर टूटा-टूटा रहने लगता है और थकावट भी महसूस होने लगती है. कोरोना वायरस के कई मरीजों ने बताया कि इस बीमारी में रहते हुए उनके गले में दर्द रहता था. ये दर्द इतना ज्यादा था कि उनके गले में सूजन तक आ गई थी. कोरोना के मरीजों की नाक से हमेशा पानी बहता रहता है. ये बिल्कुल मौसमी फ्लू या सर्दी लगने जैसा लक्षण है. कोविड-19 के कई मरीजों ने दावा किया है कि इस बीमारी की चपेट में आने के बाद वे जुबान से स्वाद के जायके को पहचानने की शक्ति खो बैठते हैं. चीन और अमेरिका में सामने आए कई मरीजों ने कान में दबाव होने की बात भी कही है. उन्होंने बताया कि इस बीमारी से पीड़ित रहते हुए उन्होंने कानों में दबाव जैसा कुछ महसूस किया था.🙏🙏 🌹🙏*ओम् सूर्य देवाय नमः*🙏🌹 *आखिरी सांस तक उम्मीद का दामन न छोड़ना, *अगर सफल हुए तो दुआओं का असर होगा! *और नहीं हुए तो एक नई शुरुआत मान लेना, *इसलिए कभी आस न छोड़ना!! 🌹🙏*शुभ प्रभात् नमन*🙏🌹 *आप सभी भाई-बहन सदैव स्वस्थ रहे, प्रसन्न रहे!* ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ ***जय मां स्कंदमाता*** ***शुभ रविवार,सुप्रभात*** ***चैत्र नवरात्रि*** ***नवरात्रि पर्व के पंचम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं*** पंचम देवी स्कन्दमाता की उत्पत्ति सम्पूर्ण जगत की भलाई व देवताओं के कल्याण हेतु माँ दुर्गा भगवती नव रात्रि में नव रूपों अर्थात् प्रतिमाओं में प्रकट हुई। जिसमें स्कन्दमाता की प्रतिमा की उत्पत्ति नवरात्रि के ठीक पांचवे दिन भक्त जनों के हित के लिए होती है। वेद पुराणों में देवी देवताओं को न केवल माता-पिता की संज्ञा प्राप्त है, बल्कि वह भक्त वत्सल भी कहलाते है। अर्थात् वह संसार के प्राणियों के लालन-पालन हेतु उसी प्रकार सक्रिय रहते हैं। जैसे कोई माता-पिता अपनी स्वतः उत्पन्न किए गए संतान के प्रति सदैव सक्रिय रहता है। और उसे हर सम्भव प्रयास के द्वारा सुखद जीवन देने व उसके रोग-पीड़ाओं को दूर करने हेतु सक्रिय रहता है। यदि संतान को ज्वर है, पीड़ा है, कोई बीमारी हो गई है, तो उसे तत्काल दूर करने की प्रवृत्ति प्रत्येक अभिभावकों में देखी जाती है। चाहे वह संतान भले ही उनसे द्वेष करे, रूप, यौवन, पद,  प्रतिष्ठा को पाकर उन्हें भूलने लगे और जब उन्हे आश्रय की जरूर हो तब वह किनारा कर लें। किन्तु अंतिम दम तक माता-पिता उसके प्रति अपने वात्सल को नहीं भूलते हैं। इसी प्रकार माँ की यह प्रतिमा जिन्हें स्कन्द माता कहते है भक्तों पर वात्सल्य को बरसाने हेतु तत्पर रहती हैं। उसके दुःखों को भगाने का यथा प्रयास करती हैं। यदि व्यक्ति भक्ति से इनके प्रति समर्पित हो जाए तो तत्काल फल को देने वाली होती हैं। छान्दोग्यश्रृति के अनुसार भगवती की शक्ति से उत्पन्न हुए सनत्कुमार का नाम स्कन्द है। उनकी माता होने से वे स्कन्दमाता कहलाती है। यह देव सेना के सेनापति भगवान स्कन्द की माता है। इन्होंने दायीं तरफ की नीचेवाली भुजा से भगवान स्कन्द को गोद लिया हुआ है। यह पद्म, पुष्प, वरमुद्रा से युक्त हैं इनका वाहन सिंह है जो पराक्रम वीरता का प्रतीक है। यह माता भक्तों को अभीष्ट फल देने वाली हैं। स्कन्दमाता की पूजा का विधान श्री माँ दुर्गा के इस पंचम विग्रह को स्कन्दमाता के नाम से जाना जाता है। इनकी पूजा अर्चना नवरात्रि के पांचवे दिन में होती है। स्कन्द माता की पूजा करने से भक्तों को अभीष्ट फल तो प्राप्त होता ही है। साथ ही माता के इस विग्रह की अर्चना से दाम्पत्य जीवन के आंगन में वात्सल्य की प्राप्ति होती है। अर्थात् संतान की कामना को पूर्ण करने वाली होती हैं। व्यक्ति की बुद्धि निर्मल व चित्त प्रसन्न होता है। साथ ही घर पारिवार की जिम्मेदारियों को निभाने की शक्ति प्राप्त होती है। अर्थात् भक्तों को बड़े विश्वास के साथ स्थापित देवी-देवताओं की पूजा करते हुए माता की पूजा शुद्ध जल, तीर्थ के जल, गंधाक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य सहित सम्पूर्ण पूजन की सामाग्री एकत्रित करके नित्यादि क्रियाओं से निवृत्त होकर शुद्धता पूर्वक करना चाहिए। माँ स्कन्दमाता की कथा स्कन्दमाता भक्तों के कल्याण हेतु अति तेजस्वी रूप में दिखाई देती है। जिनका दर्शन अति कल्याण प्रद है जो धन, धान्य व संतान को देने वाला है। यद्यपि माता के चरित्र व कथानक का बड़ा ही सुन्दर वर्णन दुर्गासप्तशती में मिलता है। यह माता सभी प्राणियों की पीड़ा को हरने वाली है। सब मे व्याप्त रहने वाली है। इनकी कृपा से सम्पूर्ण अभीष्ट वस्तुओं की प्राप्ति होती है। माँ ही संसार को उत्पन्न करने वाली उन पर वात्सल्य वरसाने वाली है। चाहे कितनी ही कठिन स्थिति हो पर यह संसार का कल्याण करना नही भूलती है। अर्थात् आप ही सदा अभय प्रदान करने वाली है, आप जिन पर प्रसन्न रहती है, वे ही देश मे सम्मानित हैं, उन्हीं को धन और यश की प्राप्ति होती है, उन्हीं का धर्म कभी शिथिल नहीं होता तथा वे ही अपने हृष्ट-पुष्ट स्त्री पुत्र और भृत्यों के साथ धन्य माने जाते हैं। देवी आपकी कृपा से ही पुण्यात्मा पुरूष प्रतिदिन अत्यन्त श्रद्धापूर्वक सदा सब प्रकार के धर्मानुकूल कर्म करता है और स्वर्ग लोग मे जाता है, इसलिए आप तीनों लोकों में निश्यच ही मनोवांछित फल देने वाली है। माँ दुर्गे आप स्मरण करने पर सब प्राणियों का भय हर लेती हैं और स्वस्थ पुरूषों द्वारा चिन्तन करने पर उन्हें परम कल्याणमयी बुद्धि प्रदान करती है। दुःख, दरिद्रता और भय हरनेवाली देवि। आपके सिवा दूसरी कौन हैं, जिसका चित्त सबका उपकार करने के लिए सदा ही दयार्द रहता हो। 🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏 ​👏 जिंदगी एक तीन पेज की पुस्तक की तरह है ! *पहला और अंतिम पेज भगवान ने लिख दिया है : *पहला पेज ” जन्म ” .., *अंतिम पेज ” मृत्यु ” !!! *बीच के पेज को , हमें भरना है ; ” * प्यार * ” , ” * विश्वास * ” और ” * मुस्कराहट * ” के द्वारा !! *🌹🙏*शुभ प्रभात् नमन*🌹🙏* *आप सभी भाई-बहन सदैव स्वस्थ रहे, प्रसन्न रहें!* ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ करें नियमों का पालन , प्रयास हमारा बाजी मारेगा । टेक देगा घुटने कोरोना , यह दैत्य जंग जरूर हारेगा ।। ।। घबराएं नहीं पर सर्तक रहें ।। हमें कोरोना की दस्तक को हल्के में न लिया जाए और हर व्यक्ति को इससे बचने के तौर-तरीकों और उपायों की पूरी जानकारी हो ताकि भारत में चीन या इससे प्रभावित दूसरे देशों जैसे हालात बनने से बचा जा सके। 1 सबसे पहले आप अपने खाने को सुधारें और खाने मे विटामिन E, C और प्रोटीन से भरा खाना खाएं 2 ठंडी जगहों से दूर रहें,क्योंकि यह वायरस 25°C से ज्यादा तापमान मे नही रह सकता 3 दिन मे ज्यादा से ज्यादा सूरज की धूप लें, क्योंकि आधे से ज्यादा वायरस तो सूरज की धूप से ही मर जाते हैं. 4 पपीते के पत्तों का जूस और हरी गोभी का जरूर सेवन करें 5 ठंडी चीजों का सेवन ना करें जिस से की सर्दी जुकाम होने के चांस बढ़ जाएं 6 ज्यादा से ज्यादा भीड़ से बचने की कोशिश करें और मुँह को हमेशा ढक कर रखें 7 हाथों को साफ रखे और अपने मुह या चेहरे से दूर रखें। 🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌹 *पूरी दुनिया की सबसे" "खूबसूरत"* *जोड़ी कोनसी है..?* *"मुस्कुराहट और आंसू"* *इन दोनों का एक साथ मिलना* *मुश्किल है* *लेकिन जब ये दोनों मिलते है वो पल* *सबसे खूबसूरत होता है..!* ☘️🌹🙏*जय स्कन्द माता की*🙏🌹☘️ 🙏आप सभी भाई-बहनों का दिन मंगलमय हो ।🙏 ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️

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Neha Sharma, Haryana Mar 28, 2020

*जीवन ऐसे जियो की कोई आपकी लाख बुराई करें, फिर भी लोग उस पर विश्वास ना करें।* *जीवन में हमेशा दूसरों की गलतियों से सीखे, क्योंकि खुद गलतियां करके सीखने के लिए जिंदगी कम पड़ जाएगी।* 🍃🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🍃 🌹🙏*शुभ रात्रि नमन*🙏🌹 🌹*आप सभी भाई-बहनों की रात्रि मंगलमय हो*🌹 ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ 🙏🙏*बहुत ही सुंदर संदेश*🙏🙏 *विदुर ने एक बार युधिष्ठिर से पूछा*, `*वत्स, यदि जंगल में भीषण आग लग जाये*, *तो जंगल के कौन से जानवर सुरक्षित रहेंगे ?`* *युधिष्ठिर ने उत्तर दिया*, `*तात, जंगल में आग लगने पर*, *स्वछंद और निर्भय घूमने वाले सारे जानवर*, *जंगल की आग में जलकर राख हो जायेंगे।* *परन्तु बिलों में रहने वाले जानवर सुरक्षित रहेंगे।* *दावानल के शांत होने पर वो पुनः बिलों से बाहर निकल कर*, *शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करेगें.!* `*वत्स युधिष्ठिर, तुम्हारे उत्तर से मैं निश्चिंत हुआ*। *मेरी समस्त चिंतायें दूर हुईं*। जाओ, सुरक्षित रहो। यशस्वी भव। `विदुर ने आर्शीवाद दिया। *कोरोना वायरस भी एक भयानक आग के समान है*, *जो लगातार सारी सीमायें लांघ रहा है*।*जो लोग अपने घरों में रहेंगे*, *वो सुरक्षित रहेंगे और दुनिया पर राज करेंगे*। *कृपया इस आग के ठंडे होने तक घर पर रहें*.. 🙏🙏🇮🇳 🙏कोरोना वायरस से बचाव🙏 🏡घर पर रहें स्वस्थ रहें *बीमारी पहचानिये* (1) ◇ सूखी खाँसी + छींक = *वायु-प्रदूषण* (2) ○ खाँसी + बलगम + छींक + बहती नाक = *साधारण ज़ुकाम* (3) ● खाँसी + बलगम + छींक + बहती नाक + शरीर दर्द + कमजोरी + हलका बुखार = *फ्लयू* (4) ■ सूखी खाँसी + छींक + शरीर दर्द + कमजोरी + तेज़ बुखार + साँस लेने में तकलीफ = *कोरोनावायरस* हो सकता है,,,,,,, तुरंत डॉक्टर की सलाह ले पैथोलॉजी विभाग AIIMS, दिल्ली इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं !! 🙏🙏 *बहुत ही महत्त्वपूर्ण संदेश*...... पुलिस वालों से निवेदन है कि..... *जो लोग सड़कों पर मिले उनको मारे नही* *उनको Corona virus से पीड़ित मरीजों की देखभाल में लगा दें।* *क्योंकि ये ही हमारे देश के शेर हैं* *जनहित में जारी* 😄😄😂😂😂😄😄 ________________________ *कोरोना संकट चीन का षड्यंत्र?.... ==================== क्या चीन ने धोखा देकर आर्थिक विश्व विजय हासिल कर ली है। ====================== उसने सबसे पहले कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाई और तब तक अपने फ्रिजों में रखी जब तक पूरे विश्व की आर्थिक अर्थव्यवस्था को पाताल में नहीँ उतार दिया। चीन पूरी दुनिया के इन्वेस्टर्स का हब बन गया था। चीन ने अपने वुहान शहर में इस वायरस को छोडा और जबरदस्त मौतों के कारण भागते इन्वेस्टर्स के शेयरों को कौडी के भाव खरीद लिये और विदेशी निवेशक और उद्यमी अपनी पूंजी छोड़ कर भाग गये चीन ने अपने द्वारा पहले से बनाई और छुपा कर रखी गई वैक्सीन को बाहर निकाल लिया और एक ही दिन में चीन हो रही मौतों को रोक दिया। इस युद्ध में चीन ने अपने कुछ लोग खोये पर पूरी दुनिया की दौलत लूट ली।आज वहाँ एक भी मौत नहीँ हुइ और न ही एक भी मरीज की संख्या बढी ।आज ये वायरस पूरी दुनिया में काल की तरह चक्कर लगा रहा है। कमाल ये भी देखिये उन सभी देशों और शहरों की कमर टूट गई है जहाँ पर चीनी नागरिक खर्च करते थे। आज पूरा विश्व हर रोज अपनी अर्थव्यवस्था को ध्वस्त होते देख रहा है। पर 17 मार्च सै चीन की अर्थव्यवस्था दिनों दिन मजबूत हो रही है। ये एक आर्थिक युद्ध है जिसमें चीन जीत चुका है और विश्व कुदरत से युद्ध करते करते रोज अपने जान माल को गंवा रहा है। ये भारत के लोगों का इम्यून है कि वह हर संकट में कुशल यौद्धा की तरह लडता है और जीतता है।हमारे देश के अधिकांश नागरिक इकनोमी के आकंडो में नहीँ फसते, पत्थर में से पानी निकालने की कुव्वत रखते हैं। हम भारतीय बडे से बडे रोग को रोटी के टुकड़े में लपेट कर खाने और पचाने में माहिर हैं। हम कभी कुदरत के विरुद्ध युद्ध नहीँ करते बल्कि उसकी पूजा करते हैं। हम भारतीय मन्दिरों ,गुरुद्वारों से आवाज दे दे कर बुलाते हैं ईश्वर को रिझाते हैं अतः वो ईश्वर हमारा अनिष्ट कर ही नहीँ सकता। पर हर भारतीय को याद रखना चाहिए कि चीन और चीनी इस कुदरत के खल नायक है इनसे हर प्रकार की दूरी बनाए रखें। वुहान से शंघाई = 839 km वुहान से बीजिंग = 1152 km वुहान से मिलान = 15000 km वुहान से न्यूयॉर्क = 15000 km पास के बीजिंग/ शंघाई में कोरोना का कोई प्रभाव नहीं लेकिन इटली, ईरान, यूरोप देशों में लोगों की मृत्यु और पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था बर्बाद. चीन के सभी व्यापारिक क्षेत्र सुरक्षित कुछ तो गड़बड़ है, अमेरिका ऐसे ही नहीं चीन को दोष दे रहा. चीन से 10 कड़े सवाल : (सवाल नं 6,7,8,9 अवश्य पढ़ें) 1) जहां पूरी दुनिया इससे प्रभावित हो रही है, वहीं चीन में वुहान के अलावा यह क्यों कहीं नहीं फैला? चीन की राजधानी आखिर इससे अछूती कैसे रह गयी? 2) प्रारंभिक अवस्था में चीन ने पूरी दुनिया से इस वायरस के बारे में क्यों छुपाया? 3) कोरोना के प्रारंभिक सैंपल को नष्ट क्यों किया? 4) इसे सामने लाने वाले डॉक्टर और पत्रकार को खामोश क्यों किया? पत्रकार को तो गायब ही कर दिया गया है? 5) दुनिया के अन्य देशों ने जब सूचना साझा करने को कहा तो उसने सूचना साझा क्यों नहीं किया? मना क्यों किया? 6) कोरोना मानव से मानव में फैलता है, इसे छुपाने के लिए WHO के कम्युनिस्ट निदेशक का उपयोग क्यों किया गया? WHO के निदेशक जनवरी में "बीझिंग (चीन)" में क्या कर रहे थे ..... ?????? (प्लान फिक्सिंग कर रहे थे क्या?) 7) "किसी भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए कोई गाइडलाइन जारी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह मानव से मानव में नहीं फैलता है" ....ऐसा ट्वीट 11 जनवरी तक WHO करता रहा । क्यों ??? आज साबित हो गया कि कोरोना मानव से मानव में फैलता है... तो फिर WHO ने झूठ क्यों बोला ???? 8) वुहान से एकसाथ 50,00,000 लोगों को बिना मेडिकल जांच किए "दुनिया के अलग-अलग हिस्से में" क्यों भेजा गया ..??? 9) इटली में 6 फरवरी तक मामूली केस था। एकाएक चीनी 'हम चीनी हैं वायरस नहीं, हमें गले लगाइए।' प्लेकार्ड के साथ दुनिया के पर्यटन स्थल 'सिटी ऑफ लव' के नाम से मशहूर इटली के लोगों को गले लगाने क्यों पहुंचे ??? 10) पूरी दुनिया आज चीन और WHO को संदेह की नजर से देख रही है और ताज्जुब देखिए कि एक ही दिन चीन और WHO, दोनों भारत की तारीफ में उतर आए! क्या यह महज संयोग है? 11) और इसके अगले ही दिन भारत में चीन के राजदूत ट्वीट कर उम्मीद करते हैं कि भारत इंटरनेशनल कम्युनिटी में उसकी पैरवी करे। आखिर क्यों? नेहरू की एक गलती का खामियाजा हम भुगत चुके हैं। यह मोदी सरकार है, और उम्मीद है वह कम से कम वह गलती तो नहीं ही दोहराएगी? 12) सार्क से लेकर G-20 तक की बैठक पीएम मोदी के कहने पर हो रही है‌। संकट के समय भारत वर्ल्ड लीडर के रूप में उभरा है। इटली, जर्मनी, स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका तक जब कैरोना से निबटने में असफल हो रहे हैं तो पीएम मोदी की पहल पर भारत इससे कहीं बेहतर तरीके से डील कर रहा है। चीन इसी का फायदा उठाकर यह चाहता है कि भारत इंटरनेशनल कम्युनिटी में उसके अछूतपन को दूर करे। अब यह नहीं होगा। चीन संदेह के घेरे में है और रहेगा! (जरूर पढ़े) 🔥🔥🔥🔥🔥🔥 दुनिया पर हावी होने का तरीका ?? चीनी रणनीति:- 1. सबसे पहले एक वायरस और उसकी दवा बनाई। 2. फिर वायरस फैलाया। 3. अपनी दक्षता का प्रदर्शन करते हुए रातों- रात अस्पतालों का निर्माण करवा लिया (आखिरकार वे पहले से ही तैयार थे) परियोजनाओं के साथ साथ उपकरण का आदेश देना, श्रम, पानी और सीवेज नेटवर्क को किराए पर लेना, पूर्वनिर्मित निर्माण सामग्री और एक प्रभावशाली मात्रा में स्टॉक.. यह सब उस रणनीति का हिस्सा थे। 4. परिणामस्वरूप दुनिया में वायरस के साथ साथ अराजकता फैलने लगी, खास कर के यूरोप में। 5. दर्जनों देशों की अर्थव्यवस्था त्वरित रूप से प्रभावित हुई। 6. अन्य देशों के कारखानों में उत्पादन लाइनें बंद हो गई। 7. फलस्वरूप शेयर बाजार में ज़बरदस्त गिरावट। 8. चीन ने अपने देश में महामारी को जल्दी से नियंत्रित कर लिया। रातों रात वुहान से कोरोना के नए मरीज मिलना बन्द ही हो गए। यह कैसे सम्भव है जबकि इटली जैसा देश इस स्थिति को नहीं सम्भाल पर रहा है। आखिरकार, चीन पहले से ही तैयार था। 9. परिणाम स्वरूप उन वस्तुओं की कीमत कम हो गई, जिनसे वह बड़े पैमाने पर तेल आदि खरीदता हैं। 10. फिर चीन तुरन्त ही उत्पादन करने के लिए वापस जुट गया, जबकि दुनिया एक ठहराव पर है। जहां एक ओर दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है, वहीं चीन ने अपनी फैक्ट्रियों में काम शुरू करवा दिया है? चीन उन चीजों को खरीदने लगा जिनकी कीमत में भारी गिरावट हो गई थी और उनको बेचने लगा जिनकी कीमत में ज़बरदस्त इजाफा हुआ है। अब यदि विश्वास ना हो रहा हो तो... 1999 में, चीनी उपनिवेशों किआओ लियांग और वांग जियांगसुई के द्वारा लिखी गई पुस्तक, "अप्रतिबंधित युद्ध: अमेरिका को नष्ट करने के लिए चीन का मास्टर प्लान" को पढ़ लें!!* ये सब तथ्य वहाँ मौजूद है। 🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥 ज़रा इस बारे में सोचिए... कैसे रूस और उत्तर कोरिया कोविड 19 याने कोरोना से पूरी तरह से मुक्त हैं? क्योंकि वे चीन के कट्टर सहयोगी हैं। इन 2 देशों से एक भी मामले की सूचना नहीं मिली। दूसरी ओर दक्षिण कोरिया / यूनाइटेड किंगडम / इटली / स्पेन और एशिया गंभीर रूप से प्रभावित हैं। क्योंकि ये सब चीन के प्रतिस्पर्धी है.. कैसे हुआ वुहान अचानक घातक वायरस से मुक्त? चीन यह कहेगा कि उनके प्रारंभिक उपाय बहुत कठोर थे और वुहान को अन्य क्षेत्रों में फैलाने के लिए बंद याने लोकडाउन कर दिया गया था। परन्तु ये जवाब बड़ा ही मजाकिया है..ऐसा होता तो बाकी के देशों में भी यह इतना नहीं फैलता और एक शहर तक ही सीमित रहता। यह 100% सत्य है कि वे वायरस के एंटी डोड का उपयोग कर रहे हैं। बीजिंग में कोई क्यों नहीं मारा गया? केवल वुहान ही क्यों? दिलचस्प विचार है ये ...खैर, वुहान अब व्यापार के लिए खुल गया है। अमेरिका और उपर्युक्त सभी देश आर्थिक रूप से तबाह हैं। जल्द ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था चीन की योजना के अनुसार ढह जाएगी। चीन जानता है कि वह अमेरिका को सैन्य रूप से नहीं हरा सकता क्योंकि वर्तमान में इस हिसाब से अमरीका विश्व में सबसे बड़ा ताकतवर देश है। तो यह है चीन का विश्व विजय फार्मूला...वायरस का उपयोग करें दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षमताओं को पंगु बनाने के लिए। निश्चित ही नैन्सी पेलोसी को इसमें एक सहायक बनाया गया था कारण था ट्रम्प को टक्कर देने के लिए। राष्ट्रपति ट्रम्प हमेशा यह बताते रहे है कि कैसे ग्रेट अमेरिकन अर्थव्यवस्था सभी मोर्चों में सुधार कर रही है। AMERICA GREAT AGAIN बनाने की उनकी दृष्टि को नष्ट करने का एकमात्र तरीका आर्थिक तबाही था। नैन्सी पेलोसी ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग लाने में असमर्थ थी। .... इसलिए चीन के साथ मिलकर एक वायरस जारी करके ट्रम्प को नष्ट करने का यह तरीका उन्होंने अपनाया। वुहान तो महामारी का सिर्फ एक प्रदर्शन था...अब ये वायरस महामारी को चरम पर ले जा चुका है!!! चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उन प्रभावी क्षेत्रों का दौरा करने के लिए बस एक साधारण RM1 फेसमास्क पहन कर पहुंचे थे राष्ट्रपति के रूप में उन्हें सिर से पैर तक ढंका जाना चाहिए ..... लेकिन ऐसा नहीं था। वायरस से किसी भी तरह के नुकसान का विरोध करने के लिए उन्हें पहले ही इंजेक्शन लगाया गया था। इसका मतलब है कि वायरस के निकलने से पहले ही उसका इलाज चल रहा था। अब यदि आप तर्क दें कि - बिल गेट्स ने पहले ही 2015 में एक वायरस फैलने की भविष्यवाणी कर दी थी ... इसलिए चीनी एजेंडा सच नहीं हो सकता। तो उत्तर है- हाँ, बिल गेट्स ने भविष्यवाणी की थी लेकिन वह भविष्यवाणी एक वास्तविक वायरस के प्रकोप पर आधारित थी ना की मानव जनित। अब चीन यह भी बता रहा है कि वायरस का पहले से ही अनुमान था ताकि इसका एजेंडा उस भविष्यवाणी से मेल खा सके और सब कुछ प्राकृतिक या स्वतः प्रकिया लगे। अभी भी यदि यह प्रमाणिक तथ्य आपको बनावटी लगता है तो आगे स्वयं देखियेगा... चीन का अगला कदम गिरती हुई आर्थिक अर्थव्यवस्था के कगार का सामना करने वाले देशों से अब स्टॉक खरीद कर विश्व अर्थव्यवस्था को अपने नियंत्रण में करना होगा... बाद में चीन यह घोषणा करेगा कि उनके मेडिकल शोधकर्ताओं ने वायरस को नष्ट करने का इलाज ढूंढ लिया है। अब चीन के पास अपनी सेनाओं के शस्त्रागारों में अन्य देशों के स्टॉक हैं और ये देश जल्द ही मजबूरी में अपने मालिक के गुलाम होंगे !! और हां, एक बात और... जिस चीनी डॉक्टर ने इस वायरस का खुलासा किया था, वह भी चीनी अधिकारियों द्वारा हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया.... विचारणीय..... 🤔🤔🤔 🙏*धन्यवाद*🙏 🥀🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🥀🙏

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Neha Sharma, Haryana Mar 28, 2020

🌹🙏*जय माता दी*🙏🌹 *मंजिल इंसान के हौंसले आजमाती है* *सपनों के परदे,* *आंखों से हटाती है* *किसी भी बात से हिम्मत* *ना हारना* *ठोकर ही इंसान को चलना* *सिखाती है* *🌹🙏*शुभ प्रभात् नमन*🙏🌹* 💦💠💦💠💦💠💦💠💦💠💦 *आज का विषय ख़ास है इसको शेयर अवश्य करें*...... 🙏🏻🙏🏻 21 साल पहले देश की जनसंख्या 103.2 करोड़ थी सोचा बता दूं 21 पीछे का मतलब ।। 😱😱😱 घर में रहें, सुरक्षित रहें..... 🙏जय हिंद जय भारत🙏 *यदि आप इस महामारी की वजह को ठिकाने लगाना चाहते हैं, तो सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस की जगह #चाइना_वायरस लिखना शुरू कीजिए। भारत में मौजूद मीडिया वामपंथियों द्वारा प्रबंधित है, यह कार्य हम आपको ही करना होगा। इस महामारी के लिए चाइना को कटघरे में लाकर खड़ा करना होगा। [: *हम तो आदिकाल से क्वारेंटाईन करते हैं, तुम्हें अब समझ आया* ------------ *त्वरितटिप्पणी* -------------------- *आज जब सिर पर घूमता एक वायरस हमारी मौत बनकर बैठ गया तब हम समझें कि हमें क्वारेंटाईन होना चाहिये, मतलब हमें ‘‘सूतक’’ से बचना चाहिये। यह वही ‘सूतक’ है जिसका भारतीय संस्कृति में आदिकाल से पालन किया जा रहा है। जबकि विदेशी संस्कृति के नादान लोग हमारे इसी ‘सूतक’ को समझ नहीं पा रहे थे। वो जानवरों की तरह आपस में चिपकने को उतावले थे ? वो समझ ही नहीं रहे थे कि मृतक के शव में भी दूषित जीवाणु होते हैं ? हाथ मिलाने से भी जीवाणुओं का आदान-प्रदान होता है ? और जब हम समझाते थे तो वो हमें जाहिल बताने पर उतारु हो जाते । हम शवों को जलाकर नहाते रहे और वो नहाने से बचते रहे और हमें कहते रहे कि हम गलत हैं और आज आपको कोरोना का भय यह सब समझा रहा है।* 👉 *हमारे यहाँ बच्चे का जन्म होता है तो जन्म ‘‘सूतक’’ लागू करके माँ-बेटे को अलग कमरे में रखते हैं, महिने भर तक, मतलब क्वारेंटाईन करते हैं।* 👉 हमारे यहाँ कोई मृत्यु होने पर परिवार सूतक में रहता है लगभग 12 दिन तक सबसे अलग, मंदिर में पूजा-पाठ भी नहीं। सूतक के घरों का पानी भी नहीं पिया जाता। 👉 *हमारे यहाँ शव का दाह संस्कार करते है, जो लोग अंतिमयात्रा में जाते हैं उन्हे सबको सूतक लगती है, वह अपने घर जाने के पहले नहाते हैं, फिर घर में प्रवेश मिलता है।* 👉 हम मल विसर्जन करते हैं तो कम से कम 3 बार साबुन से हाथ धोते हैं, तब शुद्ध होते हैं तब तक क्वारेंटाईन रहते हैं। बल्कि मलविसर्जन के बाद नहाते हैं तब शुद्ध मानते हैं। 👉 *हम जिस व्यक्ति की मृत्यु होती है उसके उपयोग किये सारे रजाई-गद्दे चादर तक ‘‘सूतक’’ मानकर बाहर फेंक देते हैं।* 👉 हमने सदैव होम हवन किया, समझाया कि इससे वातावरण शुद्ध होता है, आज विश्व समझ रहा है, हमने वातावरण शुद्ध करने के लिये घी और अन्य हवन सामग्री का उपयोग किया। 👉 *हमने आरती को कपूर से जोड़ा, हर दिन कपूर जलाने का महत्व समझाया ताकि घर के जीवाणु मर सकें।* 👉 हमने वातावरण को शुद्ध करने के लिये मंदिरों में शंखनाद किये, 👉 *हमने मंदिरों में बड़ी-बड़ी घंटियाँ लगाई जिनकी ध्वनि आवर्तन से अनंत सूक्ष्म जीव स्वयं नष्ट हो जाते हैं।* 👉 हमने भोजन की शुद्धता को महत्व दिया और उन्होने मांस भक्षण किया। 👉 *हमने भोजन करने के पहले अच्छी तरह हाथ धोये, और उन्होने चम्मच का सहारा लिया।* 👉 हमने घर में पैर धोकर अंदर जाने को महत्व दिया 👉 *हम थे जो सुबह से पानी से नहाते हैं, कभी-कभी हल्दी या नीम डालते थे और वो कई दिन नहाते ही नहीं* 👉 हमने मेले लगा दिये कुंभ और सिंहस्थ के सिर्फ शुद्ध जल से स्नान करने के लिये। 👉 *हमने अमावस्या पर नदियों में स्नान किया, शुद्धता के लिये ताकि कोई भी सूतक हो तो दूर हो जाये।* 👉 हमने बीमार व्यक्तियों को नीम से नहलाया । 👉 *हमने भोजन में हल्दी को अनिवार्य कर दिया, और वो अब हल्दी पर सर्च कर रहे हैं।* 👉 हम चन्द्र और सूर्यग्रहण की सूतक मान रहे हैं, ग्रहण में भोजन नहीं कर रहे और वो इसे अब मेडिकली प्रमाणित कर रहे हैं। 👉 *हम थे जो किसी को भी छूने से बचते थे, हाथ नहीं लगाते थे और वो चिपकते रहे।* 👉 हम थे जिन्होने दूर से हाथ जोडक़र अभिवादन को महत्व दिया और वो हाथ मिलाते रहे। 👉 *हम तो उत्सव भी मनाते हैं तो मंदिरों में जाकर, सुन्दरकाण्ड का पाठ करके, धूप-दीप हवन करके वातावरण को शुद्ध करके और वो रातभर शराब पी-पीकर।* 👉 हमने होली जलाई कपूर, पान का पत्ता, लोंग, गोबर के उपले और हविष्य सामग्री सब कुछ सिर्फ वातावरण को शुद्ध करने के लिये। 👉 *हम नववर्ष व नवरात्री मनायेंगे, 9 दिन घरों-घर आहूतियाँ छोड़ी जायेंगी, वातावरण की शुद्धी के लिये।* 👉 हम देवी पूजन के नाम पर घर में साफ-सफाई करेंगे और घर को जीवाणुओं से क्वरेंटाईन करेंगे। 👉 *हमनें गोबर को महत्व दिया, हर जगह लीपा और हजारों जीवाणुओं को नष्ट करते रहे, वो इससे घृणा करते रहे* 👉 *हम हैं जो दीपावली पर घर के कोने-कोने को साफ करते हैं, चूना पोतकर जीवाणुओं को नष्ट करते हैं, पूरे सलीके से विषाणु मुक्त घर बनाते हैं और आपके यहॉ कई सालों तक पुताई भी नहीं होती।* 👉 अरे हम तो हर दिन कपड़े भी धोकर पहनते हैं और अन्य देशो में तो एक ही कपड़े सप्ताह भर तक पहन लिये जाते हैं। 👉 *हम अतिसूक्ष्म विज्ञान को समझते हैं आत्मसात करते हैं और वो सिर्फ कोरोना के भय में समझने को तैयार हुए।* 👉 हम उन जीवाणुओं को भी महत्व देते हैं जो हमारे शरीर पर सूक्ष्म प्रभाव डालते हैं। आज हमें गर्व होना चाहिऐ हम ऐसी देव संस्कृति में जन्में हैं जहाँ ‘‘सूतक’’ याने क्वारेंटाईन का महत्व है। यह हमारी जीवन शैली हैं, 👉 *हम जाहिल, दकियानूसी, गंवार नहीं* 👉 *हम सुसंस्कृत, समझदार, अतिविकसित महान संस्कृति को मानने वाले हैं। आज हमें गर्व होना चाहिऐ कि पूरा विश्व हमारी संस्कृति को सम्मान से देख रहा है, वो अभिवादन के लिये हाथ जोड़ रहा है, वो शव जला रहा है, वो हमारा अनुसरण कर रहा है।* 👌👌👌 हमें भी भारतीय संस्कृति के महत्व को, उनकी बारिकीयों को और अच्छे से समझने की आवश्यकता है क्योंकि यही जीवन शैली सर्वोत्तम, सर्वश्रेष्ठ और सबसे उन्नत हैं, *गर्व से कहिये हम सबसे उन्नत हैं।* 👌👌 *कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा* ✍✍✍ [ Everything is not locked down Sunrise is not locked down Love is not locked down Family time is not locked down Kindness is not locked down Creativity is not locked down Learning is not locked down Conversation is not locked down Imagining is not locked down Reading is not locked down Relationship is not locked down Praying is not locked down Meditation is not locked down Sleeping is not locked down Work from home is not locked down Hope is not locked down Cherish what you have. Locked down is an opportunity to do what you always wanted to do. Have a safe n blessed day ☀🌺 The World is facing lock down to fight Pandemic threat of CORONA VIRUS . In that light the message is of great importance. *🙏 Happy Morning🙏* .✍🏽✍🏽✍🏼✍🏽✍🏼✍🏽✍🏽 *कोरोना : कुछ तो गड़बड़ है ... !* 🔹 वुहान से शंघाई = 629 km 🔹 वुहान से बीजिंग = 1052 km 🔹 वुहान से मिलान = 8700 km 🔹 वुहान से न्यूयॉर्क = 12000 km 🔹 वुहान से ईटली = 8670 km 🔹 वुहान से लन्दन = 8880 km 🔹 वुहान से पेरिस = 8900 km 🔹 वुहान से स्पेन = 9830 km 🔹 वुहान से भारत = 3575 km 🔹 वुहान से ईरान = 6560 km 🎈 वुहान के पास के शहर बीजिंग / शंघाई में कोरोना का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ा, लेकिन ... 🔹 इटली, ईरान, यूरोप देशों में लोगों की मृत्यु और पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था बर्बाद ... ! 🔹 चीन के सभी व्यापारिक क्षेत्र सुरक्षित ... ! 🔹 *कुछ तो गड़बड़ है ... !* 🔹 *अमेरिका ऐसे ही नहीं चीन को दोष दे रहा है ... !* 🙏🏽💐🙏🏽💐🙏🏽💐🙏🏽💐🙏🏽 🎈 हम हिन्दुस्तान - पाकिस्तान, हिन्दू - मुस्लिम, नेहरू - गांधी - सावरकर, धारा - 370, CAA, शाहीन बाग, मध्यप्रदेश खेलते रहे ! 🔹 आतंक का डर दिखा के अमेरिका हमारा बीच - बचाव करता रहा और हमें हथियार बेचता रहा और ... 🔹 उधर चीन ने पूरे विश्व की आर्थिक - स्थिति बद से बदतर कर दी और खुद आज सुरक्षित होकर बैठा है ! 🔹 इसे कहते हैं — विश्व पर राज करने की दूर - दृष्टि और लंबी साजिश ... ! 🔹 वुहान से निकला वायरस पूरी दुनिया में पहुँच गया पर बीजिंग, शंघाई नहीं पहुँचा ... ! क्यों ... ? 🎈 दुनिया में बड़े - बड़े लोगों को कोरोना हो चुका है, हॉलीवुड - स्टार, ऑस्ट्रेलिया के गृह - मंत्री, ब्रिटेन के स्वास्थ्य - मंत्री, स्पेन के प्रधानमत्री की पत्नी और अब तो ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स को भी कोरोना हो चुका है, परन्तु चीन में एक भी नेता, एक भी मिलिट्री - कमान्डर को कोरोना ने टच भी नहीं किया है ... ! क्यों ... ? 🎈 कोरोना वायरस ने दुनिया - भर में इकॉनमी को बर्बाद कर दिया है, हजारों की जान जा चुकी है, लाखों को ये बीमारी हो चुकी है और अनगिनत लोग घरों में बन्द कर दिये गये हैं, कई देशों में लॉक - डाउन हो चुका है, जिसमें भारत भी एक है ! 🎈 कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से निकला है और अब ये दुनिया के कोने - कोने में पहुँच चुका है, पर ये वायरस वुहान के ही पास चीन की राजधानी : बीजिंग और आर्थिक - राजधानी : शंघाई तक नहीं पहुँचा, क्यों ... ? 🎈 आज पेरिस बन्द है, न्यू यॉर्क बन्द है, बर्लिन बन्द है, रोम बन्द है, दिल्ली बन्द है, मुंबई बन्द है, टोक्यो बन्द है, दुनिया के प्रमुख आर्थिक और राजनीतिक केंद्र बन्द हैं, परन्तु बीजिंग और शंघाई खुले हुऐ हैं, वहाँ कोरोना ने कोई असर ही नहीं दिखाया ! गिने - चुने केस सामने आये परन्तु एक तरह से बीजिंग और शंघाई पर कोरोना का कोई असर ही नहीं हुआ, क्यों ... ? 🎈 बीजिंग वो शहर है, जहाँ चीन के सभी नेता रहते हैं, यहाँ मिलिट्री - लीडर रहते हैं, चीन की सत्ता को चलाने वाले यहाँ रहते है, बीजिंग में कोई लॉक - डाउन नहीं है ! ये खुला हुआ है ! यहाँ कोरोना का कोई असर नहीं, क्यों ... ? 🎈 शंघाई वो शहर है जो चीन की इकॉनमी को चलाता है, ये चीन की आर्थिक - राजधानी है, यहाँ चीन के सभी अमीर लोग रहते हैं ! इंडस्ट्री को चलाने वाले रहते है, यहाँ भी कोई लॉक - डाउन नहीं, यहाँ कोरोना का कोई असर नहीं ... ! *क्यों ... ?* 🎈 क्या कोरोना एक पाला हुआ वायरस है, जिसे बता दिया गया है की तुम्हें दुनिया - भर में आतंक मचाना है, पर तुम बीजिंग और शंघाई नहीं आओगे, चीन से ये सवाल पूछा जाना बहुत जरुरी है की जब दुनिया के बड़े - बड़े विकसित देश कोरोना को नहीं रोक सके ! दुनिया के बड़े - बड़े शहरों में कोरोना ने आतंक मचा दिया तो ये विरुस्व बीजिंग क्यों नहीं पहुँचा ... ? ; शंघाई क्यों नहीं पहुँचा ... ? *क्यों ... ?* 🎈 बीजिंग और शंघाई, वुहान से लगे हुए इलाके ही है ! वुहान से निकला वायरस दुनिया के कोने - कोने में पहुँच गया, पर ये वायरस बीजिंग और शंघाई नहीं पहुँचा ... ! *क्यों ... ?* 🎈 आज पूरा भारत और 130 करोड़ भारतीय भले ही लॉक - डाउन हो चुके हैं ! हमारी इकॉनमी ठप्प हो रही है, परन्तु चीन के सभी प्रमुख शहर खुले हुआ हैं और तो और अब 8 अप्रैल से चीन वुहान को भी खोल रहा है ! पूरी दुनिया आतंक से त्रस्त हो चुकी है ! चीन में अब नये केस भी सामने नहीं आ रहे हैं और चीन खुला हुआ है ... ! *क्यों ... ?* 🎈 एक और बड़ी चीज यह है कि दुनिया - भर का शेयर - मार्किट लगभग आधा गिर चुका हैं ! भारत में भी निफ्टी 12 हज़ार से 7 हज़ार तक पहुँच गया है ! परन्तु चीन का शेयर - मार्किट 3 हज़ार पर था जो 2700 पर ही है ! चीन के मार्केट पर भी इस वायरस का कोई असर नहीं है ... ! *क्यों ... ?* 🎈 ये जो भी चीजें हैं, वो सिर्फ एक बात की ओर इशारा करती हैं कि कोरोना चीन का एक बायो - केमिकल हथियार है, जिसे चीन ने दुनिया - भर में तबाही के लिए बनाकर छोड़ दिया है ! अपने यहाँ कुछ लोगों को मरवा कर चीन ने अब इस वायरस पर कन्ट्रोल कर लिया है ! कदाचित उसके पास दवाई भी है, जो कि वो दुनिया से शेयर नहीं कर रहा है ! 🎈 *आखिर क्यों ... ?* 🎈 🙏🏽🌷🙏🏽🌷🙏🏽🌷🙏🏽🌷🙏🏽🌷🙏🏽🌷🙏🏽 *🌹🙏*जय श्री राम जय हनुमान जय माता दी*🙏🌹* श्रीराम जयन्ती"राम नवमी " के आयोजन पर आओ हम सब मिलकर आकाश को जगमग कर दें 🚩 जय श्रीराम 🚩 02 -04 2020 को शाम 7.30 बजे अपने-अपने घरो के बाहर या जहाँ कही भी हो वहाँ 9 दीपक जो सामान्य रूप से हर घर मिल जाता है। दिनांक👉🏻02- 04-2020 समय👉🏻 7.30 बजे ठीक शाम में संजोकर अगर पुरे भारत की रात को दिन में बदलकर एक नयी मिशाल दे सकते है। जिससे पुरे विश्व में लोगो को पता चलेगा की 🙏🏻श्री राम जी 🙏🏻 को मानने वाले लोग रात को भी दिन में बदल सकते है। कृपया आप सभी से निवेदन है की इस नई पहल में शामिल हो सामान👉🏻9 दीपक दिनांक👉🏻02/04/2020 समय👉🏻7.30 बजे ठीक शाम स्थान👉🏻आपके निवास स्थान 🚩🚩*जय श्री राम जय हनुमान जय माता दी*🚩🚩 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

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Neha Sharma, Haryana Mar 27, 2020

☘️🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा"🙏🌹☘️ "एक पल के लिये मान लेते हैं कि, *किस्मत में लिखे फैसले बदला नहीं करते. *लेकिन... *आप फैसले तो लीजिये *क्या पता, *किस्मत ही बदल जाए.! 🍃🌹🎑 *शुभ रात्रि नमन* 🎑🌹🍃 आप सभी भाई-बहनों को रात्रि शुभ व मंगलमय हो! ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ पांच सकारात्मक बदलाव जो कोरोना संकट की वजह से देखने को मिल रहे हैं कोरोना वायरस के चलते कई बड़े संकट हमारे सामने हैं लेकिन इसने हमें कुछ फौरी राहतें भी दी हैं। 1. धर्म और नस्ल का भेद – राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि दुनिया के ग्लोबल विलेज बनने के साथ ही राष्ट्रवाद की भावना ने जोर पकड़ा है. लगभग हर देश के लोग, किसी न किसी समुदाय से खतरा महसूस करते हैं या अपने आप को उनसे श्रेष्ठ समझते हैं. बीते कुछ समय के भारत को देखें तो यहां सांप्रदायिक समीकरणों की वजह से लगातार सामाजिक समीकरणों को बिगड़ते देखा जाता रहा है. अब जब दुनिया भर में कोरोना वायरस का प्रकोप फैल गया है तो इन सब बातों के बारे में सोचने की फुर्सत ज्यादातर लोगों को नहीं है. अभी समाज, देश और दुनिया बंटे हुये तो हैं लेकिन यह बिलकुल अलग तरह और वजह से हुआ है. इस समय अपने परिवार को छोड़कर लोग पड़ोसी से भी बात नहीं कर रहे हैं तो यह मजबूरी की वजह से है. यही बात देशों के एक-दूसरे से कटने के बारे में भी कही जा सकती है. 2. श्रम की पहचान – सवा अरब की जनसंख्या वाले भारत में मानव संसाधन की कोई कमी नहीं है. शायद यही वजह है कि य़हां पर न तो इंसान की मेहनत की उचित कीमत लगाई जाती है और न ही उसे पर्याप्त महत्व दिया जाता है. कथित छोटे काम करने वालों को अक्सर ही यहां हेय दृष्टि से देखा जाता है. फिर चाहे वह घर में काम करने वाली बाई हो या कचरा उठाने वाला कर्मचारी या घर तक सामान पहुंचाने वाला डिलीवरी बॉय. लेकिन कोरोना वायरस के हमले के बाद ज्यादातर लोगों को (सबको नहीं) इनका महत्व समझ में आने लगा है. हममें कई लोगों ने पिछले दिनों इस बारे में जरूर सोचा होगा कि वह व्यक्ति होगा जो सुबह-शाम हमारे नल की सप्लाई शुरू करता करता है अगर वह ऐसा करना बंद कर दें तो क्या होगा? या फिर कूड़े वाला अगले 21 दिन कूड़ा ना उठाये तो? कहीं लॉकडाउन खत्म होने से पहले वॉटर प्यूरीफायर खराब हो गया तो? या फिर डिलीवरी करने वाले ऐसा करना बंद कर दें तो? कोरोना संकट के इस वक्त में बड़े फैसले और ‘महत्वपूर्ण’ काम करने वाले ज्यादातर लोग घरों में बंद हैं और बहुत मूलभूत काम पहले की तरह जमीन पर ही हो रहे हैं. यह अहसास इस वक्त ज्यादातर लोगों को है लेकिन यह कितना स्थायी है यह कुछ समय बाद पता चल पाएगा. 3. प्रदूषण का कम होना – दिल्ली-मुंबई जैसे मेट्रो शहरों समेत लगभग पूरे देश में इस वक्त लॉकडाउनहै. इसके कारण फैक्ट्रियां, ऑपिस यहां तक कि रेल-बस सुविधाएं भी बंद हैं. इन सबके बंद होने से अर्थव्यवस्था को तो खासा नुकसान हो रहा है लेकिन पर्यावरण की हालत थोड़ी सुधरती लग रही है. अगर दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो यहां फर्क साफ महसूस किया जा सकता है और आंकड़े भी कुछ ऐसी ही बात करते हैं. 26 मार्च, 2020 को नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 77 का आंकड़ा दिखा रहा था. जबकि इसी तारीख को 2019 में यह आंकड़ा 156 यानी इसके दुगने से भी ज्यादा था. फिलहाल हर बढ़ते दिन के साथ एक्यूआई कम हो रहा है. साफ है कि लॉकडाउन के चलते हवा की गुणवत्ता बढ़ गई है. यह देखना थोड़ा खुशी देता है कि दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में भी आजकल चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई देने लगी है. 4. परिवार के साथ समय – हाल ही में फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने वीडियो कॉल पर दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि कोई काम न होने के चलते एक दिन उन्होंने अपनी बेटी के साथ बैठकर करीब छह घंटे तक गप्पें मारीं. उनके मुताबिक बीते 15 सालों में ऐसा पहली बार हुआ था. हालांकि कश्यप एक व्यस्त फिल्मकार हैं और उनकी बेटी भी भारत में नहीं रहती है, इसलिए उनके साथ ऐसा होना स्वाभाविक है. लेकिन जीवन की भागदौड़ में कई बार बेहद आम लोग भी अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं. यह लॉकडाउन परिवार के साथ वक्त बिताने का भी मौका बन गया है. इसके अलावा, इस वक्त को पुराने दोस्तों और छूट चुके रिश्तेदारों को याद करने और उनसे फोन या मैसेजिंग के जरिये संपर्क करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है. 5. आर्थिक समीकरण – यह तय है कि कोरोना वायरस के चलते दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति डांवाडोल होने वाली है. हो सकता है कि इसके असर को पूरी तरह खत्म होने में अगले कई सालों का वक्त लगे. लेकिन इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत आधी से भी कम हो गई है. तेल के दाम कम हैं इसलिए भारत सरकार इसकी बाज़ार कीमत बढ़ाए बगैर, इस पर ज्यादा एक्साइज ड्यूटी वसूल कर रही है. जानकारों का मानना है कि तेल के दाम अब एक लंबे समय तक नहीं बढ़ने वाले. कोरोना की मुसीबत से छुटकारा पाने के बाद भी. ऐसे में इससे न केवल सरकार को ज्यादा राजस्व मिल सकता है बल्कि देश का चालू खाते का घाटा भी थोड़ा कम हो सकता है और महंगाई भी नियंत्रण में रखी जा सकती है. यह और बात है कि कोरोना के चलते अर्थव्यवस्था को जो नुकसान होगा उसके सामने ये चीजें उतनी मायने नहीं रखती हैं. लेकिन यह कोरोना संकट के भुस में फायदे की एक छोटी सुई तो है ही. *जय श्री राधेकृष्णा*🙏🙏 आज भी बरसाना और नंदगांव जैसे गाँव आपको दुनिया में कहीं नहीं मिलेंगे दोनों में सिर्फ पांच छह मील का फर्क है !! ऊंचाई से देखने पर दोनों एक जैसे ही दीखते हैं !! आज तक बरसाना वासी राधा को अपनी बेटी और नंदगांव वाले कान्हा को अपना बेटा मानते हैं !! 5160 बरस बीत गए परन्तु उन लोगों के भावों में फर्क नहीं आया !! आज तक बरसाने की लड़की नंदगांव में ब्याही नहीं जाती सिर्फ इसलिए की नया रिश्ता जोड़ लिया तो पुराना भूल जाएगा !! हमारा राधाकृष्ण से प्रेम कम ना हो इसलिए हम नया रिश्ता नहीं जोड़ेंगे आपस में !! आज भी नंदगांव के कुछ घरों की स्त्रियां घर के बाहर मटकी में माखन रखती हैं कान्हा ब्रज में ही है वेश बदल कर आएगा और माखन खायेगा !! जहां 10 -12 बच्चे खेल रहे हैं उनमे एक कान्हा जरूर है ऐसा उनका भाव है आज भी !! ब्रज भूमि को भाव से देखिये वरना जाना बेकार है लेकिन आज भी बरसाने का वृद्द नंदगांव आएगा तो प्यास चाहे तड़प ले पर एक बूँद पानी नहीं पियेगा नंदगांव का क्योंकि उनके बरसाने की राधा का ससुराल नंदगांव है !! और बेटी के घर का पानी भी नहीं पिया जाता उनका मानना आज भी जारी है !! इतने प्राचीन सम्बन्ध को आज भी निभाया जा रहा है !! धन्य है ब्रज भूमि का कण कण करोड़ों बार प्रणाम मेरे प्रियतम प्रभु की जनम भूमि ,लीलाभूमि व् प्रेमभूमि को😊😊☺☺👣👣 🚩🚩🙏🏻🙏🏻*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🏻🙏🏻🚩🚩 [~💐~ ठाकुर जी का प्रसाद ~💐~ . महाराष्ट में केशव स्वामी नाम के एक महात्मा थे। वे जानते थे कि भगवन्नाम जपने से कलियुग के दोष दूर हो जाते हैं। . यदि कोई शुरु में होठों से भगवान का नाम जपे, फिर कंठ में, फिर हृदय से जपे और नाम के अर्थ में लग जाय तो हृदय में भगवान प्रकट भी हो सकते हैं। . एक बार केशव स्वामी बीजापुर (कर्नाटक) गये। उस दिन एकादशी थी। रात को केशव स्वामी ने कहा, "चलो, आज जागरण की रात्रि है, सब भक्त हैं तो प्रसाद ले आओ।" . अब फलाहार में क्या लें? रात्रि को तो फल नहीं खाना चाहिए। . बोले, सौंठ और शक्कर ठीक रहेगी क्योंकि शक्कर शक्ति देगी और सोंठ कफ का नाश करेगी। . अकेली शक्कर उपवास में नहीं खानी चाहिए। सोंठ और शक्कर ले आओ, ठाकुर जी को भोग लगायेंगे। . अब देर हो गयी थी, लगभग अर्द्धरात्रि का समय हो रहा था, दुकानवाले तो सब सो गये थे। किसी दुकानदार को जगाया। . लालटेन का जमाना था। सोंठ के टुकड़े और वचनाग के टुकड़े एक जैसे लगे तो अँधेरे-अँधेरे में दुकानदार ने सोंठ की बोरी के बदले वचनाग की बोरी में से सोंठ समझ के पाँच सेर वचनाग तौल दिया। . अब वचनाग तो हलाहल जहर होता है, फोड़े-फुंसी की औषधि बनाने वाले वैद्य उससे ले जाते थे। . अँधेरे-अँधेरे में शक्कर के साथ वचनाग पीसकर प्रसाद बना दिया गया और ठाकुर जी को भोग लगा दिया। . ठाकुर जी ने देखा कि केशव स्वामी के सभी भक्त सुबह होते-होते मर जायेंगे। उनको तो बेचारों को खबर ही नहीं थी कि सोंठ की जगह यह हलाहल जहर आया है। . ठाकुर जी ने करूणा-कृपा करके प्रसाद में से जहर स्वयं ही खींच लिया। . सुबह व्यापारी ने देखा तो बोला, "अरा.... रा... रा.... यह क्या हो गया? सोंठ का बोरा तो ज्यों का त्यों पड़ा है, मैंने गलती से वचनाग दे दिया। वे सब भक्त मर गये होंगे। मेरा तो सत्यानाश हो जायेगा। . व्यापारी डर गया, दौड़ा-दौड़ा आया और बोला, "कल मैंने गलती से वचनाग तौल के दे दिया था, किसी ने खाया तो नहीं? . केशव स्वामी बोले, "वह तो रात को प्रसाद में बँट गया। . व्यापारी, "कोई मरा तो नहीं?" . नहीं..!! किसी को कुछ नहीं हुआ। . केशव स्वामी और उस व्यापारी ने मंदिर में जाकर देखा तो ठाकुर जी के शरीर में विकृति आ गयी थी। . मूर्ति नीलवर्ण हो गयी, एकदम विचित्र लग रही थी मानो, ठाकुर जी को जहर चढ़ गया हो। . केशव स्वामी सारी बात समझ गये, बोले, "प्रभु ! आपने भाव के बल से यह जहर चूस लिया लेकिन आप तो सर्वसमर्थ हैं। पूतना के स्तनों से हलाहल जहर पी लिया और आप ज्यों-के-त्यों रहे, कालिय नाग के विष का असर भी नहीं हुआ तो यह वचनाग का जहर आपके ऊपर क्या असर कर गया? आप कृपा करके इस जहर के प्रभाव को हटा लीजिए और पूर्ववत् हो जाइये। . इस प्रकार स्तुति की तो देखते ही देखते व्यापारी और भक्तों के सामने भगवान की मूर्ति पहले जैसी प्रकाशमयी, तेजोमयी हो गयी। . 🌷समय कैसा भी हो स्थिति कैसी भी हो यदि भक्त के हृदय में भगवान् विराजमान है तो भक्त का अहित कभी हो ही नही सकता। वह तोजोमय, लीलाधारी भगवान् अपने भक्तों की रक्षा हर प्रकार से करते ही हैं।🌷 . 🙏🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🙏 [ *हिटलर को संदेश भेज दो ....* द्वितीय विश्वयुद्ध का समय:- जर्मनी के बमवर्षकों का खौफ लन्दन में दूध की लंबी लाइन वितरण कर रहे व्यक्ति ने घोषणा की, केवल एक बोतल और है, बाकी के लोग कल आयें। आखिरी दूध की बोतल जिस शख्स के हाथ आई उसके ठीक पीछे एक महिला खड़ी थी जिसकी गोद में छोटा बच्चा था। उसके चेहरे पर अचानक चिंता की लकीरें उभर आईं लेकिन अचानक उसने देखा वितरण करने वाला व्यक्ति उसके हाथ में बोतल थमा रहा था। वह चौंकी । उसके आगे खड़ा व्यक्ति बिना दूध लिए लिए लाइन से हट गया था ताकि छोटे बच्चे को गोद में लिए वह महिला दूध हासिल कर सके। अचानक तालियों की आवाज आने लगी। लाइन में खड़े सभी व्यक्ति उस शख्स का करतलध्वनि से अभिनन्दन कर रहे थे। लेकिन उस शख्स ने उस महिला के पास जाकर कहा आपका बच्चा बहुत ही प्यारा है । वह इंग्लैंड का भविष्य है उसकी अच्छी परवरिश करिए। इस घटना की खबर प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के पास जब पहुंची तो वे जर्मनी के जबरदस्त हमलों की विभीषिका से उत्पन्न चिंता से उबरकर बोल पड़े। हिटलर को संदेश भेज दो, ब्रिटेन की जीत को कोई नहीं रोक सकता क्योंकि यहां के लोग देश पर मंडरा रहे संकट के समय अपना निजी हित भूलकर देश के बारे में सोचते हैं। चर्चिल का विश्वास सच निकला। ब्रिटेन विश्वयुद्ध में विजेता बनकर उभरा । # हमारे देश पर भी संकट मंडरा रहा है। क्या हम अपनी चारित्रिक श्रेष्ठता प्रमाणित करने तैयार हैं?? कृपा इसे आगे भेजने का कष्ट करें। धन्यवाद🙏 *जय श्री राधेकृष्णा*🥀🥀🙏

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Neha Sharma, Haryana Mar 27, 2020

😭💐🙏*मेरे आराध्य 🚩🙏भगवान श्रीकृष्ण 🐚👣 जी से संकट की इस घड़ी 🤯😷 में मेरे सभी भाई-बहनों 🎎 के लिए कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु आप सबकी बहन नेहा शर्मा की तहेदिल 💞 से अरदास*🙏💐😭 *समुद्र सभी के लिए एक ही है ... पर.. *कुछ उसमें से मोती ढूंढते है .. *कुछ उसमें से मछली ढूंढते है .. और, *कुछ सिर्फ अपने पैर गीले करते है.., *ज़िदगी भी... समुद्र की भांति ही है, *यह सिर्फ हम पर ही निर्भर करता है, कि, *इस जीवन रुपी समुद्र से *हम क्या पाना चाहते है, *हमें क्या ढूंढ़ना है ? 🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌹 ☘️💨शुभ दोपहर💨☘️ *आज जो लोग *ईश्वर के अस्तित्व* पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते है उनके लिए मुझे *प्रसिद्ध मोटिवेशनल लेखक शिव खेड़ा* की लिखित किताब *जीत आपकी* की एक कहानी याद आ रही है। कहानी कुछ ऐसी है- एक गाँव में ऐलान होता है , गाँव में बाढ आने वाली है सभी गाँव खाली कर उँची जगह चले जाए , सभी गाँव वाले गाँव खाली कर उँची जगह चले जाते हैं ... सिर्फ एक गाँव वाला जो ईश्वर का भक्त था , वह नहीं गया और कहा कि मुझे मेरे प्रभु पर बहुत विश्वास है.... गाँव के सरपंच ने, मुखिया ने आकर बहुत समझाया पर वह नहीं माना... बाढ़ का पानी बढ़ता गया वह घर के छत पर चढ़ गया, कुछ नाव में बचाव कर्मी उनको बचाने आये तो उनके साथ भी जाने से इनकार कर दिया और कहा कि मुझे भगवान पर पूरा विस्वास है भगवान मुझे बचा लेंगे। बाढ़ का पानी और बढ़ा और पानी छत को छूने लगा तब हेलीकाप्टर से उनको बचाने आये पर वह उनके साथ भी जाने से इनकार कर दिया और बोला मुझे भगवान पर पूरा भरोसा है भगवान मुझे बचा लेंगे। बाढ का पानी और बढ़ा और वह भक्त बह गया और मर गया... जब वह भक्त मर कर ईश्वर के पास पहुंचा तो उसने ईश्वर से गुस्से से कहा, मैं तो आपका भक्त था आप पर मुझे पूरा भरोसा था तो आपने मुझे क्यों नहीं बचाया.. प्रभु जी मुस्करा कर बोले ... आया तो था तुझे बचाने ... कभी सरपंच, मुखिया के रूप में... कभी नाव में बचाव कर्मी के रूप में .... कभी हेलीकाप्टर में आपको बचाने.... पर तुम मानने को तैयार ना थे... तो भाई-बहनों..! सरकार ने... प्रशासन ने... डॉक्टरों ने.... आप सभी को सलाह दे रहे है इस विपदा से निकलने के लिए, यह भी एक प्रकार से ईश्वर का ही रूप है। इनकी सलाह को ईश्वर की सलाह मानकर इनकी बातों पर अमल करें.! यह सब हमारी भलाई के लिए है.... जान है तो जहान है....!! *जय श्री राधेकृष्णा* 👏 🙏🙏🙏🙏🙏

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