Gumansingh Rathore Dec 9, 2018

1. भगवान मेँ बुद्धि की स्थापना करना ही "शम" है ।
2. इन्द्रियोँ को वश मेँ करना ही "दम" है ।
3. किसी भी प्राणी से द्रोह न करना ही "दान" है ।
4. सभी कामनाओँ का त्याग करना ही "तप" है ।
5. वासना और स्वभाव को जीतना ही "शौर्य "है ।
6. ब्रह्म का विचार कर...

(पूरा पढ़ें)
+6 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 38 शेयर
Gumansingh Rathore Dec 7, 2018

#कलयुग_में_रामायण_पाठ_की_महिमा

कलयुग का अर्थ है, काली का युग । काली माता तामसिक शक्ति का प्रतीक है । उनका स्वरूप रुद्र है । जहां युग ही तामसिक शक्तियों का हो, उस समयकाल में आप शांति की तो कल्पना भी नही कर सकते ।।

लेकिन हां !! कलयुग में भी सतयुग...

(पूरा पढ़ें)
+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Gumansingh Rathore Oct 3, 2018

*~~~~~~~~~~~~~~*
ओ३म् श्री कृष्णा
*~~~~~~~~~~~~~~*

_आइए श्री कृष्ण के महान चरित्र को जानकर हम भी अपने जीवन मे अपनाने का संकल्प लें।_

श्रीकृष्ण का महान व्यक्तित्व
(आर्य विचार)

*(1) जुए के विरोधी:-*
वे जुए के घोर विरोधी थे।जुए को एक बहुत ही बुरा ...

(पूरा पढ़ें)
+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर