Gulab Singh Yadav Mar 20, 2019

21 March होली 🌷🌷🙏जय श्री कृष्णा 🙏🌷🌷जी हेप्पी होली होलिका दहन के अगले दिन रंगों का प्रसिद्ध त्यौहार होली मनाया जाता है। होली हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है, जिसे पूरी दुनिया में धूम-धाम से मनाया जाता है। होली का पर्व चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है। कहते हैं, होली के दिन रंगों के माध्यम से सारी भिन्नताएं मिट जाती हैं और सब बस एक रंग के हो जाते हैं। इस त्योहार को बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करने के लिए मनाते हैं। बसंत ऋतु में प्रकृति में फैली रंगों की छटा को ही रंगों से खेलकर वसंत उत्सव होली के रूप में दर्शाया जाता है। होली को राधा-कृष्ण के पावन प्रेम की याद में भी मनाया जाता है। इसीलिए यह पर्व सबसे ज़्यादा धूम-धाम से ब्रज क्षेत्र में मनाया जाता है। ख़ास तौर पर बरसाना की लट्ठमार होली बहुत मशहूर है। मथुरा और वृन्दावन में तो १५ दिनों तक होली की धूम रहती है। बच्चे, बड़े, महिलाएं और पुरुष सभी इस पर्व का भरपूर आनंद उठाते हैं। इसीलिए तो इसे आनंद और उल्लास का पर्व भी कहा जाता है। लाल, पीले, हरे, गुलाबी आदि रंगों से रंगे गाल माहौल को और खुशनुमा बना देते है।❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈❇️✴️🌈🔴🔵🔴🔵🔴🔵🔴🔵🔴🔵🔴🔵🔴🔵🔴

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Gulab Singh Yadav Mar 20, 2019

होलिका दहन ⚜️✴️🌷🙏ऊँ गं गणपतये नमो नमः🙏🌷✴️⚜️ शुभ दोपहर वंदन जैसे कि आप सभी जानते है कि आज होलिका दहन है आजके इस पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🌈🌈🌈🌈🌈 फाल्गुन मास की पूर्णिमा को ही होलिका दहन का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन सभी प्रकार की लकड़ियों और उपलों को इकट्ठा करके मंत्रों द्वारा अग्नि में विधिपूर्वक हवन करके होलिका पर लकड़ी डालकर उसमें अग्नि प्रज्जावलित करते हैं। उसके पश्चात उसकी परिक्रमा करते हुए खुशी और उत्सव मानते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा का उपवास रखने से मनुष्य के दुखों का नाश होता है और उस पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है। होलिका दहन की कथा होलिका दहन की कथा राक्षस हरिण्यकश्यपु और उसकी बहन होलिका से जुड़ी है। राक्षसी होलिका भगवान विष्णु के भक्त और हरिण्यकश्यपु के पुत्र प्रह्लाद को जलाने के लिए अग्नि कुंड पर बैठी क्योँकि उसे अग्नि में न जलने का वरदान प्राप्त था। लेकिन प्रभु की कृपा से भक्त प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका स्वयं ही अग्नि में भस्म हो गई। इसके पश्चात ही होलिका दहन की प्रथा प्रारंभ हो गयी। होली का पर्व संदेश देता है कि इसी प्रकार ईश्वर अपने अनन्य भक्तों की रक्षा के लिए सदा उपस्थित रहते हैं।। ⚛️🌸🙏ऊँ हरि ऊँ हरि ऊँ🙏🌸⚛️

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