Dr. Ratan Singh Mar 21, 2019

🌹🌿ॐ विष्णुदेवाय नमः🌿🌹 🏵🌲शुभ गुरुवार🌲🏵 🌻🐚सुप्रभात🐚🌻 🎎पंचांग :- 🕉🔱💐श्री गणेशाय नमः💐🔱🕉 🌹दिनाँक -21 मार्च 2019 🎡दिन --गुरुवार 💠सम्वत ----2075 विरोधकृत नाम सम्वत्सर फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि प्रातः काल 7:13 बजे तक तत पश्चात प्रतिपदा तिथि 🎋नक्षत्र -------- उ०फाल्गुनी दिन में 1:34 बजे तक तत पश्चात हस्त नक्षत्र 🍥योग ------- गण्ड प्रातः काल 9:07 बजे तक तत पश्चात वृद्धि योग 💐चन्द्रमा -------- कन्या राशि में पूरे दिन व रात्रि में 🎭राहू काल ------- दिन में 1:30 बजे से 3 बजे तक 🌸आज ------- स्नानदान की पूर्णिमा तिथि है, 🎎आज होली हैं, बसन्तोत्सव हैं, रतिकाम महोत्सव हैं, आज काशी में चौसट्टी देवी का दर्शन,पूजन, हैं, 🏵आज होलिका विभूति धारण , आम्र कुसुम प्राशन, करिदर्शन, हैं, 🌋आज चैतन्यमहाप्रभु जयंती हैं, आज मन्वादि पूर्णिमा तिथि हैं, 🎆आज प्रतिपदा तिथि का क्षय हैं, 🕉🚩🌹ॐ विष्णुदेवाय नमः🌹🚩🕉 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉 🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲

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Dr. Ratan Singh Mar 20, 2019

🕉🔱💐श्री गणेशाय नमः💐🔱🕉 🌹🌿ॐ विष्णुदेवाय नमः🌿🌹 🌸🌲शुभ बुधवार🌲🌸 🌻🐚सुप्रभात🐚🌻 🎎पंचांग :- 🎡दिनाँक --20 मार्च 2019 💠दिन --बुधवार 🌷सम्वत -- 2075 विरोधकृत नाम सम्वत्सर फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि दिन में 10:45 बजे तक तत पश्चात पूर्णिमा तिथि 💐नक्षत्र -------- पूर्वा फाल्गुनी दिन में 4:17 बजे तक तत पश्चात उ०फाल्गुनी नक्षत्र 🎆योग ------- शूल दिन में 1:11 बजे तक तत पश्चात गण्ड योग 🌋चन्द्रमा ----- सिंह राशि में पूरे दिन व रात्रि में 9:35 बजे तक तत पश्चात कन्या राशि में 🏵राहू काल -------- दिन में 12 बजे से 1:30 बजे तक 🍥आज --व्रत की पूर्णिमा तिथि हैं, आज भद्रा दिन में 10:45 बजे से रात्रि में 8:59 बजे तक रहेगी, 🌋आज होलिका दहन भद्रा के बाद रात्रि 9 बजे के बाद होगा, 🎎आज गनपति जी की आराधना करने का दिन हैं, अतः दूर्वा, मोदक, लड्डू आदि दक्षिणा के साथ अर्पित करके दर्शन करना चाहिए, 👏आप सभी पर श्री गणेश जी और श्री हरि विष्णु जी की कृपा सदा बनी रहे🙏 🌹आप परिवार के सभी सदस्यों को बुधवार पूर्णिमा होलिका दहन एवं होली की हार्दिक शुभकामनाएं और ढेर सारे बधाई🌹 🎭आपका बुधवार का दिन शुभ खूबसूरत अतिसुन्दरऔर मंगलमय हो🎭 🕉💐🚩ॐ गणपतये नमः🚩 💐🕉 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉

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Dr. Ratan Singh Mar 18, 2019

🎎🌷अर्धनारीश्वर नाम क्यों पड़ा 🌷🎎 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉 🏵सृष्टि के प्रारंभ में जब ब्रह्माजी द्वारा रची गई मानसिक सृष्टि विस्तार न पा सकी, तब ब्रह्माजी को बहुत दुःख हुआ। उसी समय आकाशवाणी हुई ब्रह्मन्! अब मैथुनी सृष्टि करो। आकाशवाणी सुनकर ब्रह्माजी ने मैथुनी सृष्टि रचने का निश्चय तो कर लिया, किंतु उस समय तक नारियों की उत्पत्ति न होने के कारण वे अपने निश्चय में सफल नहीं हो सके। 🎭तब ब्रह्माजी ने सोचा कि परमेश्वर शिव की कृपा के बिना मैथुनी सृष्टि नहीं हो सकती। अतः वे उन्हें प्रसन्न करने के लिए कठोर तप करने लगे। बहुत दिनों तक ब्रह्माजी अपने हृदय में प्रेमपूर्वक महेश्वर शिव का ध्यान करते रहे। उनके तीव्र तप से प्रसन्न होकर भगवान उमा-महेश्वर ने उन्हें अर्द्धनारीश्वर रूप में दर्शन दिया। महेश्वर शिव ने कहा- पुत्र ब्रह्मा! तुमने प्रजाओं की वृद्धि के लिए जो कठिन तप किया है, उससे मैं परम प्रसन्न हूं। 🍥मैं तुम्हारी इच्छा अवश्य पूरी करूंगा। ऐसा कहकर शिवजी ने अपने शरीर के आधे भाग से उमा देवी को अलग कर दिया। ब्रह्मा ने कहा.-एक उचित सृष्टि निर्मित करने में अब तक मैं असफल रहा हूं। मैं अब स्त्री-पुरुष के समागम से मैं प्रजाओं को उत्पन्न कर सृष्टि का विस्तार करना चाहता हूं। परमेश्वरी शिवा ने अपनी भौंहों के मध्य भाग से अपने ही समान कांतिमती एक शक्ति प्रकट की। सृष्टि निर्माण के लिए शिव की वह शक्ति ब्रह्माजी की प्रार्थना के अनुसार दक्षकी पुत्री हो गई। 🌹इस प्रकार ब्रह्माजी को उपकृत कर तथा अनुपम शक्ति देकर देवी शिवा महादेव जी के शरीर में प्रविष्ट हो गईं, यही अर्द्धनारीश्वर शिव का रहस्य है और इसी से आगे सृष्टि का संचालन हो पाया, जिसके नियामक शिवशक्ति ही हैं। 🚩🌿🌹ॐ नमः शिवाय🌹🌿🚩 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉

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