*⛳सनातन-धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है✍🏻* *👉🏻लेख क्र.-सधस/२०७७/फाल्गुन/शु./६-३४१६* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *⛳🕉️जय श्री बद्रीनाथ जी🕉️⛳* *⛳हिंदू ★रीति★रिवाज~भाग~७६⛳* 💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃 *🚩मृत्यु के पश्चात आत्मा कब और कैसे पहुँचती है यमलोक,और क्या-क्या होता है रास्ते में।* *🕉️🚩मृत्यु एक ऐसा सच है जिसे कोई भी झुठला नहीं सकता। हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद स्वर्ग-नरक की मान्यता है। पुराणों के अनुसार जो मनुष्य अच्छे कर्म करता है, वह स्वर्ग जाता है,जबकि जो मनुष्य जीवन भर बुरे कामों में लगा रहता है, उसे यमदूत नरक में ले जाते हैं। सबसे पहले जीवात्मा को यमलोक लेजाया जाता है। वहां यमराज उसके पापों के आधार पर उसे सजा देते हैं।* *🌸↪️मृत्यु के बाद जीवात्मा यमलोक तक किस प्रकार जाती है, इसका विस्तृत वर्णन गरुड़ पुराण में है। गरुड़ पुराण में यह भी बताया गया है कि किस प्रकार मनुष्य के प्राण निकलते हैं और किस तरह वह पिंडदान प्राप्त कर प्रेत का रूप लेता है।* *🌼🌹गरुड़ पुराण के अनुसार जिस मनुष्य की मृत्यु होने वाली होती है, वह बोल नहीं पाता है। अंत समय में उसमें दिव्य दृष्टि उत्पन्न होती है और वह संपूर्ण संसार को एकरूप समझने लगता है। उसकी सभी इंद्रियां नष्ट हो जाती हैं। वह जड़ अवस्था में आ जाता है, यानी हिलने-डुलने में असमर्थ हो जाता है। इसके बाद उसके मुंह से झाग निकलने लगता है और लार टपकने लगती है। पापी पुरुष के प्राण नीचे के मार्ग से निकलते हैं।* - मृत्यु के समय दो यमदूत आते हैं। वे बड़े भयानक, क्रोधयुक्त नेत्र वाले तथा पाशदंड धारण किए होते हैं। वे नग्न अवस्था में रहते हैं और दांतों से कट-कट की ध्वनि करते हैं। यमदूतों के कौए जैसे काले बाल होते हैं। उनका मुंह टेढ़ा-मेढ़ा होता है। नाखून ही उनके शस्त्र होते हैं। यमराज के इन दूतों को देखकर प्राणी भयभीत होकर मलमूत्र त्याग करने लग जाता है। उस समय शरीर से अंगूष्ठमात्र (अंगूठे के बराबर) जीव हा हा शब्द करता हुआ निकलता है। -🌼👉 यमराज के दूत जीवात्मा के गले में पाश बांधकर यमलोक ले जाते हैं। उस पापी जीवात्मा को रास्ते में थकने पर भी यमराजके दूत भयभीत करते हैं और उसे नरक में मिलने वाली यातनाओं के बारे में बताते हैं। यमदूतों की ऐसी भयानक बातें सुनकर पापात्मा जोर-जोर से रोने लगती है, किंतु यमदूत उस पर बिल्कुल भी दया नहीं करते हैं। - इसके बाद वह अंगूठे के बराबर शरीर यमदूतों से डरता और कांपता हुआ, कुत्तों के काटने से दु:खी अपने पापकर्मों को याद करते हुए चलता है। आग की तरह गर्म हवा तथा गर्म बालू पर वह जीव चल नहीं पाता है। वह भूख-प्यास से भी व्याकुल हो उठताहै। तब यमदूत उसकी पीठ पर चाबुक मारते हुए उसे आगे ले जाते हैं। वह जीव जगह-जगह गिरता है और बेहोश हो जाता है। इस प्रकार यमदूत उस पापी को अंधकारमय मार्ग से यमलोक ले जाते हैं। ⚜️🌺- गरुड़ पुराण के अनुसार यमलोक 99 हजार योजन (योजन वैदिक काल की लंबाई मापने की इकाई है। एक योजन बराबर होता है, चार कोस यानी 13-16 कि.मी) दूर है। वहां पापी जीव को दो- तीन मुहूर्त में ले जाते हैं। इसके बाद यमदूत उसे भयानक यातना देते हैं। यह याताना भोगने के बाद यमराज की आज्ञा से यमदूत आकाशमार्ग से पुन: उसे उसके घर छोड़ आते हैं। - घर में आकर वह जीवात्मा अपने शरीर में पुन: प्रवेश करने की इच्छा रखती है, लेकिन यमदूत के पाश से वह मुक्त नहीं हो पातीऔर भूख-प्यास के कारण रोती है। पुत्र आदि जो पिंड और अंत समयमें दान करते हैं, उससे भी प्राणी की तृप्ति नहीं होती, क्योंकि पापी पुरुषों को दान, श्रद्धांजलि द्वारा तृप्ति नहीं मिलती। इस प्रकार भूख-प्यास से बेचैन होकर वह जीव यमलोक जाता है। - जिस पापात्मा के पुत्र आदि पिंडदान नहीं देते हैं तो वे प्रेत रूप हो जाती हैं और लंबे समय तक निर्जन वन में दु:खी होकर घूमती रहती है। काफी समय बीतने के बाद भी कर्म को भोगना ही पड़ता है, क्योंकि प्राणी नरक यातना भोगे बिना मनुष्य शरीर नहीं प्राप्त होता। गरुड़ पुराण के अनुसार मनुष्य की मृत्यु के बाद 10 दिन तक पिंडदान अवश्य करना चाहिए। उस पिंडदान के प्रतिदिन चार भाग हो जाते हैं। उसमें दो भाग तो पंचमहाभूत देह को पुष्टि देने वाले होते हैं, तीसरा भाग यमदूत का होता है तथा चौथा भाग प्रेत खाता है। नवें दिन पिंडदान करने से प्रेत का शरीर बनता है। दसवें दिनपिंडदान देने से उस शरीर को चलने की शक्ति प्राप्त होती है। 🌷🌺 गरुड़ पुराण के अनुसार शव को जलाने के बाद पिंड से हाथ के बराबर का शरीर उत्पन्न होता है। वही यमलोक के मार्ग में शुभ-अशुभ फल भोगता है। पहले दिन पिंडदान से मूर्धा (सिर), दूसरे दिन गर्दन और कंधे, तीसरे दिन से हृदय, चौथे दिन के पिंड से पीठ, पांचवें दिन से नाभि, छठे और सातवें दिन से कमर और नीचे का भाग, आठवें दिन से पैर, नवें और दसवें दिन से भूख-प्यास उत्पन्न होती है। यह पिंड शरीर को धारण कर भूख-प्यास से व्याकुल प्रेतरूप में ग्यारहवें और बारहवें दिन का भोजन करता है। - यमदूतों द्वारा तेरहवें दिन प्रेत को बंदर की तरह पकड़ लिया जाता है। इसके बाद वह प्रेत भूख-प्यास से तड़पता हुआ यमलोक अकेला ही जाता है। यमलोक तक पहुंचने का रास्ता वैतरणी नदी को छोड़कर छियासी हजार योजन है। उस मार्ग पर प्रेत प्रतिदिन दो सौ योजन चलता है। इस प्रकार 47 दिन लगातार चलकर वह यमलोक पहुंचता है। मार्ग में सोलह पुरियों को पार कर पापी जीव यमराज के घर जाता है। - इन सोलह पुरियों के नाम इस प्रकार है - सौम्य, सौरिपुर, नगेंद्रभवन, गंधर्व, शैलागम, क्रौंच, क्रूरपुर, विचित्रभवन, बह्वापाद, दु:खद, नानाक्रंदपुर, सुतप्तभवन, रौद्र, पयोवर्षण,शीतढ्य, बहुभीति। इन सोलह पुरियों को पार करने के बाद यमराजपुरी आती है। पापी प्राणी यमपाश में बंधा मार्ग में हाहाकार करते हुए यमराज पुरी जाता है... । 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *जनजागृति हेतु लेख प्रसारण अवश्य करें*🙏🏻 क्रुद्धः पापं न कुर्यात् कः क्रृद्धो हन्यात् गुरूनपि । क्रुद्धः परुषया वाचा नरः साधूनधिक्षिपेत्॥ *माता महालक्ष्मी की जय🙏🏻🚩* समिति के सामाजिक माध्यमों से जुड़े👇🏻 :- https://bit.ly/3qKE1OS https://t.me/JagratiManch http://bit.ly/सनातनधर्मरक्षकसमिति _*⛳⚜️सनातन धर्मरक्षक समिति*_⚜⛳

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*⛳सनातन-धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है✍🏻* *👉🏻लेख क्र.-सधस/२०७७/फाल्गुन/शु./५-३४०६* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *⛳🕉️जय श्री बद्रीनाथ जी🕉️⛳* *⛳हिंदू ★रीति★रिवाज~भाग~७५⛳* 💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃 *🌹कौन है सात महान ‍ऋषि 🌹🙏🏻* *🕉️🚩ऋग्वेद में लगभग एक हजार सूक्त हैं, याने लगभग दस हजार मन्त्र हैं। चारों वेदों में करीब बीस हजार से ज्यादा मंत्र हैं और इन मन्त्रों के रचयिता कवियों को हम ऋषि कहते हैं। बाकी तीन वेदों के मन्त्रों की तरह ऋग्वेद के मन्त्रों की रचना में भी अनेकानेक ऋषियों का योगदान रहा है। पर इनमें भी सात ऋषि ऐसे हैं जिनके कुलों में मन्त्र रचयिता ऋषियों की एक लम्बी परम्परा रही। ये कुल परंपरा ऋग्वेद के सूक्त दस मंडलों में संग्रहित हैं और इनमें दो से सात यानी छह मंडल ऐसे हैं जिन्हें हम परम्परा से वंशमंडल कहते हैं क्योंकि इनमें छह ऋषिकुलों के ऋषियों के मन्त्र इकट्ठा कर दिए गए हैं।* आकाश में सात तारों का एक मंडल नजर आता है उन्हें सप्तर्षियों का मंडल कहा जाता है। उक्त मंडल के तारों के नाम भारत के महान सात संतों के नाम पर ही रखे गए हैं। वेदों में उक्त मंडल की स्थिति, गति, दूरी और विस्तार की विस्तृत चर्चा मिलती है। प्रत्येक मनवंतर में अगल-अगल सप्त‍ऋषि हुए हैं। यहां प्रस्तुत है वैवस्वत मनु के काल के सप्तऋषियों का परिचय। *🌸↪️सप्तऋषि के पहले ऋषि जिनके पास थी कामधेनु गाय वशिष्ठ : -👉* राजा दशरथ के कुलगुरु ऋषि वशिष्ठ को कौन नहीं जानता। ये दशरथ के चारों पुत्रों के गुरु थे। वशिष्ठ के कहने पर दशरथ ने अपने चारों पुत्रों को ऋषि विश्वामित्र के साथ आश्रम में राक्षसों का वध करने के लिए भेज दिया था। कामधेनु गाय के लिए वशिष्ठ और विश्वामित्र में युद्ध भी हुआ था। वशिष्ठ ने राजसत्ता पर अंकुश का विचार दिया तो उन्हींर के कुल के मैत्रावरूण वशिष्ठ ने सरस्वती नदी के किनारे सौ सूक्त एक साथ रचकर नया इतिहास बनाया। *🌼↪️दूसरे महान ऋषि मंत्र शक्ति के ज्ञाता और स्वर्ग निर्माता विश्वामित्र : -👉* ऋषि होने के पूर्व विश्वामित्र राजा थे और ऋषि वशिष्ठ से कामधेनु गाय को हड़पने के लिए उन्होंने युद्ध किया था, लेकिन वे हार गए। इस हार ने ही उन्हें घोर तपस्या के लिए प्रेरित किया। विश्वामित्र की तपस्या और मेनका द्वारा उनकी तपस्या भंग करने की कथा जगत प्रसिद्ध है। विश्वामित्र ने अपनी तपस्या के बल पर त्रिशंकु को सशरीर स्वर्ग भेज दिया था। लेकिन स्वर्ग में उन्हें जगह नहीं मिली तो विश्वामित्र ने एक नए स्वर्ग की रचना कर डाली थी। इस तरह ऋषि विश्वामित्र के असंख्य किस्से हैं। माना जाता है कि हरिद्वार में आज जहां शांतिकुंज हैं उसी स्थान पर विश्वामित्र ने घोर तपस्या करके इंद्र से रुष्ठ होकर एक अलग ही स्वर्ग लोक की रचना कर दी थी। विश्वामित्र ने इस देश को ऋचा बनाने की विद्या दी और गायत्री मन्त्र की रचना की जो भारत के हृदय में और जिह्ना पर हजारों सालों से आज तक अनवरत निवास कर रहा है। *⚜️🌹तीसरे महान ऋषि ने बताया ज्ञान-विज्ञान तथा अनिष्ट-निवारण का मार्ग कण्व : -👉* माना जाता है इस देश के सबसे महत्वपूर्ण यज्ञ सोमयज्ञ को कण्वों ने व्यवस्थित किया। कण्व वैदिक काल के ऋषि थे। इन्हीं के आश्रम में हस्तिनापुर के राजा दुष्यंत की पत्नी शकुंतला एवं उनके पुत्र भरत का पालन-पोषण हुआ था। 103 सूक्तवाले ऋग्वेद के आठवें मण्डल के अधिकांश मन्त्र महर्षि कण्व तथा उनके वंशजों तथा गोत्रजों द्वारा दृष्ट हैं। कुछ सूक्तों के अन्य भी द्रष्ट ऋषि हैं, किंतु 'प्राधान्येन व्यपदेशा भवन्ति' के अनुसार महर्षि कण्व अष्टम मण्डल के द्रष्टा ऋषि कहे गए हैं। इनमें लौकिक ज्ञान-विज्ञान तथा अनिष्ट-निवारण सम्बन्धी उपयोगी मन्त्र हैं। सोनभद्र में जिला मुख्यालय से आठ किलो मीटर की दूरी पर कैमूर श्रृंखला के शीर्ष स्थल पर स्थित कण्व ऋषि की तपस्थली है जो कंडाकोट नाम से जानी जाती है। *⚜️🌺चौथे महान ऋषि जिन्होंने दुनिया को बताया विमान उड़ाना भारद्वाज : -👉* वैदिक ऋषियों में भारद्वाज-ऋषि का उच्च स्थान है। भारद्वाज के पिता बृहस्पति और माता ममता थीं। भारद्वाज ऋषि राम के पूर्व हुए थे, लेकिन एक उल्लेख अनुसार उनकी लंबी आयु का पता चलता है कि वनवास के समय श्रीराम इनके आश्रम में गए थे, जो ऐतिहासिक दृष्टि से त्रेता-द्वापर का सन्धिकाल था। माना जाता है कि भरद्वाजों में से एक भारद्वाज विदथ ने दुष्यन्त पुत्र भरत का उत्तराधिकारी बन राजकाज करते हुए मन्त्र रचना जारी रखी। ऋषि भारद्वाज के पुत्रों में 10 ऋषि ऋग्वेद के मन्त्रदृष्टा हैं और एक पुत्री जिसका नाम 'रात्रि' था, वह भी रात्रि सूक्त की मन्त्रदृष्टा मानी गई हैं। ॠग्वेद के छठे मण्डल के द्रष्टा भारद्वाज ऋषि हैं। इस मण्डल में भारद्वाज के 765 मन्त्र हैं। अथर्ववेद में भी भारद्वाज के 23 मन्त्र मिलते हैं। 'भारद्वाज-स्मृति' एवं 'भारद्वाज-संहिता' के रचनाकार भी ऋषि भारद्वाज ही थे। ऋषि भारद्वाज ने 'यन्त्र-सर्वस्व' नामक बृहद् ग्रन्थ की रचना की थी। इस ग्रन्थ का कुछ भाग स्वामी ब्रह्ममुनि ने 'विमान-शास्त्र' के नाम से प्रकाशित कराया है। इस ग्रन्थ में उच्च और निम्न स्तर पर विचरने वाले विमानों के लिए विविध धातुओं के निर्माण का वर्णन मिलता है। पांचवें महान ऋषि पारसी धर्म संस्थापक कुल के और जिन्होंने बताया खेती करना... *🌸↪️५- अत्रि : -👉* ऋग्वेद के पंचम मण्डल के द्रष्टा महर्षि अत्रि ब्रह्मा के पुत्र, सोम के पिता और कर्दम प्रजापति व देवहूति की पुत्री अनुसूया के पति थे। अत्रि जब बाहर गए थे तब त्रिदेव अनसूया के घर ब्राह्मण के भेष में भिक्षा माँगने लगे और अनुसूया से कहा कि जब आप अपने संपूर्ण वस्त्र उतार देंगी तभी हम भिक्षा स्वीकार करेंगे, तब अनुसूया ने अपने सतित्व के बल पर उक्त तीनों देवों को अबोध बालक बनाकर उन्हें भिक्षा दी। माता अनुसूया ने देवी सीता को पतिव्रत का उपदेश दिया था। अत्रि ऋषि ने इस देश में कृषि के विकास में पृथु और ऋषभ की तरह योगदान दिया था। अत्रि लोग ही सिन्धु पार करके पारस (आज का ईरान) चले गए थे, जहाँ उन्होंने यज्ञ का प्रचार किया। अत्रियों के कारण ही अग्निपूजकों के धर्म पारसी धर्म का सूत्रपात हुआ। अत्रि ऋषि का आश्रम चित्रकूट में था। मान्यता है कि अत्रि-दम्पति की तपस्या और त्रिदेवों की प्रसन्नता के फलस्वरूप विष्णु के अंश से महायोगी दत्तात्रेय, ब्रह्मा के अंश से चन्द्रमा तथा शंकर के अंश से महामुनि दुर्वासा महर्षि अत्रि एवं देवी अनुसूया के पुत्र रूप में जन्मे। ऋषि अत्रि पर अश्विनीकुमारों की भी कृपा थी। *⚜️💐छटवें ऋषि शास्त्रीय संगीत के रचनाकार वामदेव : -👉* वामदेव ने इस देश को सामगान (अर्थात् संगीत) दिया। वामदेव ऋग्वेद के चतुर्थ मंडल के सूत्तद्रष्टा, गौतम ऋषि के पुत्र तथा जन्मत्रयी के तत्ववेत्ता माने जाते हैं। भरत मुनि द्वारा रचित भरत नाट्य शास्त्र सामवेद से ही प्रेरित है। हजारों वर्ष पूर्व लिखे गए सामवेद में संगीत और वाद्य यंत्रों की संपूर्ण जानकारी मिलती है। वामदेव जब मां के गर्भ में थे तभी से उन्हें अपने पूर्वजन्म आदि का ज्ञान हो गया था। उन्होंने सोचा, मां की योनि से तो सभी जन्म लेते हैं और यह कष्टकर है, अत: मां का पेट फाड़ कर बाहर निकलना चाहिए। वामदेव की मां को इसका आभास हो गया। अत: उसने अपने जीवन को संकट में पड़ा जानकर देवी अदिति से रक्षा की कामना की। तब वामदेव ने इंद्र को अपने समस्त ज्ञान का परिचय देकर योग से श्येन पक्षी का रूप धारण किया तथा अपनी माता के उदर से बिना कष्ट दिए बाहर निकल आए। *🌸↪️सातवें ऋषि गुरुकुल परंपरा के अग्रज शौनक : -👉* शौनक ने दस हजार विद्यार्थियों के गुरुकुल को चलाकर कुलपति का विलक्षण सम्मान हासिल किया और किसी भी ऋषि ने ऐसा सम्मान पहली बार हासिल किया। वैदिक आचार्य और ऋषि जो शुनक ऋषि के पुत्र थे। फिर से बताएं तो वशिष्ठ, विश्वामित्र, कण्व, भरद्वाज, अत्रि, वामदेव और शौनक- ये हैं वे सात ऋषि जिन्होंने इस देश को इतना कुछ दे डाला कि कृतज्ञ देश ने इन्हें आकाश के तारामंडल में बिठाकर एक ऐसा अमरत्व दे दिया कि सप्तर्षि शब्द सुनते ही हमारी कल्पना आकाश के तारामंडलों पर टिक जाती है। इसके अलावा मान्यता हैं कि अगस्त्य, कष्यप, अष्टावक्र, याज्ञवल्क्य, कात्यायन, ऐतरेय, कपिल, जेमिनी, गौतम आदि सभी ऋषि उक्त सात ऋषियों के कुल के होने के कारण इन्हें भी वही दर्जा प्राप्त है। अंत में पढ़ें कुछ खास तथ्य की बातें... वेदों का अध्ययन करने पर जिन सात ऋषियों या ऋषि कुल के नामों का पता चलता है वे नाम क्रमश: इस प्रकार है:- १-वशिष्ठ, २-विश्वामित्र, ३-कण्व, ४-भारद्वाज, ५-अत्रि, ६-वामदेव और ७-शौनक। पुराणों में सप्त ऋषि के नाम पर भिन्न-भिन्न नामावली मिलती है। विष्णु पुराण अनुसार इस मन्वन्तर के सप्तऋषि इस प्रकार है :- वशिष्ठकाश्यपो यात्रिर्जमदग्निस्सगौत। विश्वामित्रभारद्वजौ सप्त सप्तर्षयोभवन्।। अर्थात् सातवें मन्वन्तर में सप्तऋषि इस प्रकार हैं:- वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज। इसके अलावा पुराणों की अन्य नामावली इस प्रकार है:- ये क्रमशः केतु, पुलह, पुलस्त्य, अत्रि, अंगिरा, वशिष्ट तथा मारीचि है। महाभारत में सप्तर्षियों की दो नामावलियां मिलती हैं। एक नामावली में कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ के नाम आते हैं तो दूसरी नामावली में पांच नाम बदल जाते हैं। कश्यप और वशिष्ठ वहीं रहते हैं पर बाकी के बदले मरीचि, अंगिरस, पुलस्त्य, पुलह और क्रतु नाम आ जाते हैं। कुछ पुराणों में कश्यप और मरीचि को एक माना गया है तो कहीं कश्यप और कण्व को पर्यायवाची माना गया है। 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *जनजागृति हेतु लेख प्रसारण अवश्य करें*🙏🏻 ददाति प्रतिगृह्णाति गुह्यमाख्याति पृच्छति। भुङ्क्ते भोजयते चैव षड्विधं प्रीतिलक्षणम्।। *सत्यनारायण भगवान की जय🙏🏻🚩* समिति के सामाजिक माध्यमों से जुड़े👇🏻 :- https://bit.ly/3qKE1OS https://t.me/JagratiManch http://bit.ly/सनातनधर्मरक्षकसमिति _*⛳⚜️सनातन धर्मरक्षक समिति*_⚜⛳

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*⛳सनातन-धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है✍🏻* *👉🏻लेख क्र.-सधस/२०७७/फाल्गुन/शु./.३-३३८६* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *⛳🕉️जय श्री बद्रीनाथ जी🕉️⛳* *⛳हिंदू ★रीति★रिवाज~भाग~७३⛳* 💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃 *💐पति नाम क्यों वर्जित?*💐 *🕉️🚩साध्वी स्त्रियां अपने पति का नाम क्यों नहीं लेती हैं इस प्रश्न का उत्तर स्कन्दपुराण में है। आज से मात्र पचास साठ वर्ष पहले तक विवाहिता स्त्रियां अपने हाथ में पति के नाम का गोदना (टैटू जैसा)गोदवाती थीं और पति के नाम का अपने मुख से उच्चारण नहीं करती थीं।पुत्र का नाम लेकर उसके पिता को चिह्नित करवाती/ बतलाती थीं।ऐसा क्यों होता था इसका उत्तर पुराण में मिला।* *💐 ज्यादातर शिष्य अपने दीक्षित गुरु का नाम न लेकर आश्रम या उपनाम का प्रयोग परिचय हेतु देते थे।* *💐आयु नाशक स्वल्प अदृश्य कारणों में अनेक कारण बतलाये गये हैंजैसे-शनि, रवि, मङ्गल के दिन दाढ़ी, बाल, नाखून कटवानेसे आयु घटतीहै।रात में दही,सक्तु खाने से आयु घटती है।ऐसे ही अपने पति का नाम लेने से उसकी आयु तिल मात्र घटती है।अतः पतिव्रता स्त्रियां अपने पति का नामोच्चारण नहीं करतीहैं।साथही पर पुरुषके नामको भी नहीं लेती हैं---* *न च ते नाम गृह्णयात् तवायुष्य विवृद्धये।* *पुरुषान्तर - नामापि न गृह्णाति कदाचन ।।* 🌷↪️आज भी बहुत बड़े घरों में या दुनिया को सभ्यता का पाठ पढ़ाने वाले सिनेमा घरानोंमें अपनी महिलाओंको सुरक्षित रखाजाताहै और दूसरेघरकी महिलाओंको ईसाईसंस्करण की आधुनिकता बांटी जाती है।यह सत्य है कि कामकाजी महिलाओंको पतिका नाम बोलना पड़ताहै पर हर बात में नाम लेकर पुकारना ऐब हैआधुनिकता नहीं।अकारण तृण नहीं चबाते और अकारण श्रेष्ठ जनों का नाम नहीं लेते। आर्यपुत्र और आर्यभद्र ये दो गरिमापूर्ण संबोधन पति के लिए विश्व संस्कृति में अन्यत्र नहीं हैं।इसी तरह शुभे और सुभगे संबोधन पत्नी के लिए रहे हैं। *🌹एडवांस लेडी का प्राचीन नाम 🌸* 💐-- जो महिला धर्म, पुण्य और सत्कर्ममें खोट निकाले और सहज,धर्मभीरु स्त्रीके मनमें संदेह पैदाकरेउसे हेतुकी (हैतुकी)कहते थे।आज की ईसाईवाद ग्रस्त कम्यूनवादिनी को हमारे पुराने लोग हैतुकी कहते थे। पाखंडवाद को फैलाने वाली महिलाओं को श्रमणा कहते थे।ये सनातन से च्युत करने में दक्ष होती थीं------ न रजक्या न हैतुक्या तथा श्रमणया न च । पतिव्रता स्त्री और सत्पुत्रिओं को विभ्रष्ट करने वाली जेएनयू जैसी संस्थायें, समूह और लव जेहाद जैसे निकृष्ट उपाय पहलेभी धर्मध्वंसकों द्वारा संचालित होतेथे।लाखों, हजारों वर्ष पहले भी ये षड्यंत्र हुआ करते थे।सीता हरण एक बड़ा उदाहरण है। इन षड्यंत्रों से बचने केलिए प्रतीक और कूटशब्द ( कोड वर्ड ) प्रयोग में लाये जाते थे। कभी कभी बचावमें इन प्राचीन घटनाओंसे प्रेरणा मिलतीहैऔर विधर्म को आधुनिकता कहने वालों को उनकी औकात बताने की प्रेरणा भी मिलती है। ( मैं 1996 से वार्त्ता में हरिओम बोलता हूँ। मुझे कभी परेशानी नहीं हुई। दूसरों को प्रेरित भी किया। अपनी संस्कृति की पगडंडी पहचानी हुई और लघ्वी, आसान सी होती है।) 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *जनजागृति हेतु लेख प्रसारण अवश्य करें*🙏🏻 अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम।। *बोलो बजरंगबली की जय🙏🏻🚩* समिति के सामाजिक माध्यमों से जुड़े👇🏻 :- https://bit.ly/3qKE1OS https://t.me/JagratiManch http://bit.ly/सनातनधर्मरक्षकसमिति _*⛳⚜️सनातन धर्मरक्षक समिति*_⚜⛳

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🌹🙏. *फूलदेई छम्मा देई* 🙏🌹 *या देवी सर्वभूतेषु प्रकृति रूपेण संस्थिता* *नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः* समस्त उत्तराखंड के प्रसन्नता एवं संपन्नता से परिपूर्ण हमारे लोकपर्व एवं ऋतुराज बसंत *(संक्रांति)* के शुभआगमन पर *खुशियों के प्रतीक फूलदेई पर्व, चैत्र संक्रांति की आप सभी को सपरिवार हमारे परिवार की ओर से बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं।* भगवान श्रीबदरीकेदार एवं माँ भगवती श्रीराजराजेश्वरी सभी के जीवन मे नई उमंग, खुशहाली और नूतन ऊर्जा का संचार बनाये रखें, आप सभी के ऊपर प्रकृति माँ की कृपा सदैव बनी रहे, सभी के घरों में शुभ मांगलिक कार्य निरतंर होते रहे। *हम सबको नित्यप्रति यह भी स्मरण रखना चाहिये कि कोई भी मनुष्य साधनों की अपेक्षा साधना से, भवनों की अपेक्षा भावना से तथा उच्चारण की अपेक्षा उच्च आचरण से ही श्रेष्ठ बनता है, इसलिये अपने आचरण को सदैव श्रेष्ठ बनाये रखना चाहिये।* आप सभी के जीवन मे सदैव आरोग्यता, शीतलता बनी रहे, आप सभी सदैव सुखी, स्वस्थ, समृद्ध एवं निरोगी हों, श्रीचरणों से नित्यप्रति यही कामना व प्रार्थना करते हैं। *जय श्री बद्री विशाल*

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*⛳सनातन-धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है✍🏻* *👉🏻लेख क्र.-सधस/२०७७/फाल्गुन/शु./१* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *🗓आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल🗓* *🌻रविवार, १४ मार्च २०२१🌻* *सूर्योदय: 🌄 ०६:३८* *सूर्यास्त: 🌅 १८:३४* *चन्द्रोदय: 🌝 ०७:१८* *चन्द्रास्त: 🌜१९:२९* *अयन 🌕 उत्तराणायने* *ऋतु: 🌳 बसन्त* *शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी)* *विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी)* *मास 👉 फाल्गुन* *पक्ष 👉 शुक्ल* *तिथि 👉 प्रतिपदा (१७:०६ तक)* *नक्षत्र 👉 उत्तराभाद्रपद (२६:१८ तक)* *योग 👉 शुभ (०७:३८ तक)* *प्रथम करण 👉 बव (१७:०६ तक)* *द्वितीय करण 👉 बालव (२९:५४ तक)* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ *॥ गोचर ग्रहा: ॥* 🌖🌗🌖🌗 *सूर्य 🌟 मीन (१८:०२ से)* *चंद्र 🌟 मीन* *मंगल 🌟 वृषभ (उदित, पूर्व, मार्गी)* *बुध 🌟 कुम्भ (उदित, पश्चिम, मार्गी)* *गुरु 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी)* *शुक्र 🌟 कुम्भ (अस्त, पूर्व, मार्गी)* *शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी)* *राहु 🌟 वृष* *केतु 🌟 वृश्चिक* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *शुभाशुभ मुहूर्त विचार* ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 *अभिजित मुहूर्त 👉 १२:१२ से १३:००* *अमृत काल 👉 २१:०८ से २२:५२* *सर्वार्थसिद्धि योग 👉 ०६:२८ से २६:२०* *विजय मुहूर्त 👉 १४:२६ से १५:१३* *गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:१२ से १८:३६* *निशिता मुहूर्त 👉 २४:०१ से २४:५०* *राहुकाल 👉 १७:०५ से १८:३४* *राहुवास 👉 उत्तर* *यमगण्ड 👉 १२:३६ से १४:०६* *दुर्मुहूर्त 👉 १६:५९ से १७:४७* *होमाहुति 👉 सूर्य* *दिशाशूल 👉 पश्चिम* *अग्निवास 👉 पृथ्वी* *चन्द्रवास 👉 उत्तर* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *☄चौघड़िया विचार☄* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *॥ दिन का चौघड़िया ॥* १ - उद्वेग २ - चर ३ - लाभ ४ - अमृत ५ - काल ६ - शुभ ७ - रोग ८ - उद्वेग *॥ रात्रि का चौघड़िया ॥* १ - शुभ २ - अमृत ३ - चर ४ - रोग ५ - काल ६ - लाभ ७ - उद्वेग ८ - शुभ *नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *शुभ यात्रा दिशा* 🚌🚈🚗⛵🛫 *उत्तर-पश्चिम (पान का सेवन कर यात्रा करें)* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️〰️〰️〰️ *तिथि विशेष* 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ *संक्रान्ति सूर्य मीन में १८:०२ से (पर्वकाल अगके सूर्योदय तक), बंगला चैत्र मास आरम्भ आदि।* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *आज जन्मे शिशुओं का नामकरण* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ *आज २६:२० तक जन्मे शिशुओ का नाम* *उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (दू, थ, झ, ञ) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण अनुसार क्रमश (दे) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है।* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *आज का सुविचार* 🚩🙏🏻🧡😊⛳🕉️ *बिना रणनीति के निर्धारित किया हुआ लक्ष्य सिर्फ एक इच्छा है, जिसका पूर्ण होना सदैव असंभव है ॥* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *आज का राशिफल* 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)* आज आपकी समस्त दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। जिस भी कार्य मे हाथ डालेंगे उसमे असफलता मिलेगी अथवा विलंब होगा। आज लोभ अथवा किसी दुर्व्यसन के कारण सामाजिक क्षेत्र पर मान भंग हो सकता है घर परिवार में भाई बंधुओ से मतांतर के कारण तीखी झड़प होगी। आज आपका पक्ष लेने वाला कोई नही मिलेगा ना ही व्यवसाय में ही किसी का उचित सहयोग मिल सकेगा। महिलाये घरेलू कार्यो से परेशानी अनुभव करेंगी इसके विपरीत मनोरंजन पर अधिक ध्यान देंगी जिससे कुछ हानि भी हो सकती है। बाहर घूमने अथवा किसी समारोह के निमंत्रण में जाने की योजना बनाएंगे परन्तु यहां भी वैर विरोध का सामना करना पड़ेगा। *वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* आज का दिन आपको यश दिलाएगा। शारीरिक एवं मानसिक रूप से भी तंदुरुस्त रहेंगे। कार्य व्यवसाय में कई महत्त्वपूर्ण फैसले निकट भविष्य में लाभदायक सिद्ध होंगे। आज एक साथ अधिक कार्य करना पसंद करेंगे इससे व्यवसाय वृद्धि के साथ ही धन लाभ भी उचित मात्रा में हो सकेगा। विरोधी भी मुह ताकते रह जाएंगे। आज प्रेम प्रसंगों में समय बर्बाद ना करे इसकी जगह कार्य क्षेत्र पर समय दें अन्यथा लाभ की स्थिति ज्यादा देर नही टिकेगी। घरेलू एवं व्यक्तिगत सुख के साधनों पर आज अधिक खर्च होगा महिलाये महंगे सौंदर्य प्रसाधन पर खर्च करेंगी। छोटी मोटी बातो को छोड़ परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। *मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)* आज का दिन भी कार्यो में सफलता दिलाने वाला रहेगा फिर भी अतिआवश्यक कार्यो को आज ही पूर्ण करने का प्रयास करें बाद में स्थिति प्रतिकूल बनने वाली है। दिन का आरंभ किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से होगा। महिलाये आज पुरुषों की अपेक्षा अधिक शांत रहेंगी घरेलू वातावरण को क्लेश मुक्त रखने में महत्त्वपूर्ण योगदान देंगी। आज आपको पैतृक व्यवसाय से अधिक लाभ होगा लेकिन आर्थिक लाभ में विलंब होने से कुछ समय के लिए परेशानी रहेगी संध्या का समय अधिक व्यस्त रहेगा रिश्तेदारी के व्यवहार निभाने में समय देना पड़ेगा। घर के बड़े लोग आपसे प्रसन्न रहेंगे रात्रि के समय अचानक अशुभ समाचार मिलने से बेचैनी रहेगी। *कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* आज आप प्रातः काल से ही अधूरे कामो को पूर्ण करने में जुट जाएंगे लेकिन फिर भी अपने किये कार्यो से पूरी तरह आश्वस्त नही होंगे अधिके बेहतर करने मनोवृति कार्यो में विलंब करेगी आज आप जैसा भी करेंगे वह अन्य लोगो की अपेक्षा पहले ही बेहतर रहेगा। भ्रम में पड़कर स्वयं का नुकसान कर लेंगे लेकिन फिर भी आज का दिन आर्थिक रूप से हर हाल में संतोषजनक रहेगा पूर्व नियोजित खर्च भी होंगे महिलाये दिखावे के कारण आवश्यकता से अधिक खर्च करेंगी जिससे घरेलू कलह का कारण बन सकती है। संध्या के समय मनोरंजन के अवसर मिलने से मानसिक थकान मिटेगी। आज कुछ ऐसी घटनाएं घटेंगी जिनकी निकट भविष्य में पुनरावृति होगी। *सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* आज का दिन अधिक थकान वाला रहेगा आप आज आवश्यक कार्यो को प्रातः काल मे ही पूर्ण करने का प्रयास करेंगे लेकिन कुछ कार्य फिर भी अधूरे रह सकते है। दैनिक कार्य आज अस्त-व्यस्त रहेंगे। व्यवसायी लोग थकान एवं उन्माद के कारण बेमन से कार्य करेंगे परन्तु आर्थिक रूप से दिन बेहतर रहेगा। पुराने आश्वासन आज फलीभूत होने से धन आगमन सुनिश्चित होगा। भविष्य की योजनाओं पर खर्च होगा। कार्य क्षेत्र पर सहयोगियों का बर्ताव कुछ समय के लिए क्रोध दिलाएगा। मांगलिक कार्यो पर खर्च अधिक होगा धर्म कर्म के लिए भी समय निकाल लेंगे। घर का वातावरण लगभग सामान्य ही रहेगा। विपरीत लिंगीय के कारण दुख होगा। *कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* आज का दिन आशा से कुछ कम लाभ देगा फिर भी आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से कर लेंगे। नौकरी पेशा एवं व्यवसायी वर्ग को आज अतिरिक्त कार्य करना पड़ेगा इसका लाभ भी जल्द ही मिल जाएगा। व्यापार में वृद्धि होगी लेकिन आर्थिक लाभ के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। आज आपसे या किसी निकटस्थ से कुछ नुकसान भी हो सकता है जिसका सीधा असर धन और व्यवसाय पर भी पड़ेगा। सामाजिक व्यवहार पहले से अधिक बनेंगे परन्तु इनमें से अधिकांश लाभ की जगह खर्च ही करवाएंगे। परिवार में सुख शांति रहेगी बीच मे किसी गलतफहमी के कारण मामूली नारजगी रह सकती है। संध्या का समय थकान वाला रहेगा फिर भी सुख से बिताएंगे। *तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* आपके लिए आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा। आज आपके लगभग सभी कार्य अंत में जाकर आर्थिक अथवा किसी अन्य कारण से अटक सकते है। आर्थिक मामलों को सुलझाने में किसी की चापलूसी करनी पड़ेगी अन्यथा उलझने ज्यादा बढ़ सकती है। सेहत भी नरम-गरम रहेगी इसकी अनदेखी कर कार्यो में जुटे रहेंगे जिससे बाद में तकलीफ बढ़ने की संभावना है। सभी प्रकार के जमीन अथवा सरकारी कार्य आज निरस्त रखें व्यर्थ भागदौड़ के बाद भी हासिल कुछ नही होगा। व्यर्थ के खर्च अधिक परेशान करेंगे धन कोष में कमी का कारण बनेंगे। घर के सदस्य आपसी विचारो से असहमत रहेंगे। बुजुर्गो के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें। *वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* आज के दिन आप अतिआत्मविश्वास की भावना से ग्रसित रहेंगे यह घरेलू कलह एवं व्यवसाय में हानि का कारण बन सकती है।आज आप स्वयं को हर कार्य मे श्रेष्ठ दिखाने का प्रयास करेंगे जिस कारण किसी से वर्चस्व को लेकर तकरार होने की संभावना है। मन इच्छित कार्य ना होने से क्रोध आएगा। व्यवसायी वर्ग को पूर्व में किये निवेश का लाभ दुगना होकर मिलेगा परन्तु नवीन कार्यो में धन उलझ सकता है। धार्मिक कार्यो में दिखावे अथवा स्वार्थवश सहभागिता देंगे। सामाजिक क्षेत्र पर सम्मान में कमी आ सकती है बोलचाल में संयम रखें। विद्यार्थ वर्ग आज मानसिक दुविधा में रहने से श्रेष्ठ प्रदर्शन से चूकेंगे। घर मे मन कम ही लगेगा। *धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)* आज का दिन भी सावधानी से व्यतीत करें। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धी आपको क्षति पहुचाने के लिए कुछ भी कर सकते है। घर मे भी किसी की चुगली का शिकार बनना पड़ेगा जिससे कुछ समय के लिए माहौल खराब होगा लेकिन शीघ्र ही स्थिति स्पष्ट होने से शांति स्थापित हो जाएगी। आध्यात्म में रुचि रहेगी साथ ही आडम्बर भी रहने से प्राप्ति न्यून रहेगी। आज अपने कार्य छोड़ अन्य की समस्या सुलझाने में स्वयं का नुकसान कर लेंगे जिसकी भरपाई बाद में असंभव ही रहेगी। परिवार अथवा रिश्तेदारी में विवाह अथवा अन्य मांगलिक आयोजन पर खर्च करने पड़ेंगे। महिलाये किसी ना किसी कारण से नाराज रहेंगी। *मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)* आज के दिन धन लाभ आपके व्यवहार के ऊपर काफी हद तक निर्भर रहेगा स्वभाव में चंचलता ना आने दे लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहें आशा से अधिक लाभ हो सकता है। व्यवसायी वर्ग व्यवसाय में तेजी रहने से उत्साहित रहेंगे व्यस्तता भी अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रहेगी। नए कार्यो का विचार बना कर रखें जल्द ही इस पर काम करना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर अधीनस्थों के कारण थोड़ी असुविधा बनेगी फिर भी स्थिति संभाल लेंगे। दाम्पत्य जीवन मे खुशिया बढ़ेंगी महिलाये मानसिक रूप से चंचल फिर भी आर्थिक एवं अन्य कारणों से सहयोगी रहेंगी। आकस्मिक यात्रा के योग बन सकते है संभव हो तो टालें वरना उचित लाभ से वंचित रह सकते है। *कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* आज के दिन कार्य क्षेत्र एवं गृहस्थ में उठापटक वाली स्थिति रहेगी। व्यवसायी वर्ग भी एक साथ कई काम हाथ मे लेने पर उलझन की स्थिति से गुजरेंगे। मध्यान तक अधिक परिश्रम करना पड़ेगा परन्तु लाभ आशानुकूल नही रहने से निराशा होगी। अधिक कमाने की लालसा अनैतिक प्रवृतियों की ओर खींचेंगी जिसका आरंभ में लाभ मिलेगा परन्तु बाद में हानि दिखती नजर आएगी। नकारात्मक विचार मन पर हावी रहेंगे संध्या के बाद किसी बुजुर्ग के सहयोग से कामचलाऊ स्थिति बन सकेगी धन लाभ होने से कार्य चलते रहेंगे। किसी मांगलिक कार्यक्रम को लेकर अधिक खर्च करना पड़ेगा। महिलाओ का व्यवहार अटपटा रहेगा। *मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* आज का दिन भी आपकी कीर्ति में वृद्धि करने वाला रहेगा। दिन के आरंभ में पुराने कार्य निपटाने में व्यस्त रहेंगे शीघ्र ही अन्य अनुबंध मिलने से आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। सामाजिक व्यवहारों से भी आज जम कर लाभ उठाएंगे। मध्यान के समय कार्य क्षेत्र पर सुस्ती रहेगी परन्तु संध्या से व्यस्तता बढ़ जाएगी। आज किसी अपरिचित को उधार ना दें निश्चित ही डूबेगा। सरकारी अथवा अन्य महत्त्वपूर्ण कार्य ले देकरआज पूर्ण करने का प्रयास करें लाभदायक रहेगा इसके बाद परिस्तितियो में बदलाव आने से कार्य सफलता में संदेह रहेगा। पारिवारिक वातावरण में आनंद मंगल रहेगा आज मांगलिक कार्यकर्मो में भी व्यस्त रहेंगे इनपर खर्च भी करना पड़ेगा। 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *जनजागृति हेतु लेख प्रसारण अवश्य करें*🙏🏻 कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती । करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम ॥ *सूर्यदेव भगवान की जय🙏🏻🚩* समिति के सामाजिक माध्यमों से जुड़े👇🏻 :- https://bit.ly/3qKE1OS https://t.me/JagratiManch http://bit.ly/सनातनधर्मरक्षकसमिति _*⛳⚜️सनातन धर्मरक्षक 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*⛳सनातन-धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है✍🏻* *👉🏻लेख क्र.-सधस/२०७७/फाल्गुन/कृ./१४* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *🗓आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल🗓* *🌻शुक्रवार, १२ मार्च २०२१🌻* *सूर्योदय: 🌄 ०६:४०* *सूर्यास्त: 🌅 १८:३४* *चन्द्रोदय: 🌝 ३०:४४* *चन्द्रास्त: 🌜१७:४४* *अयन 🌕 उत्तराणायने* *ऋतु: 🌳 बसन्त* *शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी)* *विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी)* *मास 👉 फाल्गुन (महाराष्ट्र एवम् गुजरात के अनुसार माघ)* *पक्ष 👉 कृष्ण* *तिथि 👉 चतुर्दशी (१५:०२ तक)* *नक्षत्र 👉 शतभिषा (२२:५० तक)* *योग 👉 सिद्ध (०८:२८ तक)* *प्रथम करण 👉 शकुनि (१५:०२ तक)* *द्वितीय करण 👉 चतुष्पाद (२७:२३ तक)* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ *॥ गोचर ग्रहा: ॥* 🌖🌗🌖🌗 *सूर्य 🌟 कुम्भ* *चंद्र 🌟 कुम्भ* *मंगल 🌟 वृषभ (उदित, पूर्व, मार्गी)* *बुध 🌟 कुम्भ (उदित, पश्चिम, मार्गी)* *गुरु 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी)* *शुक्र 🌟 कुम्भ (अस्त, पूर्व, मार्गी)* *शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी)* *राहु 🌟 वृष* *केतु 🌟 वृश्चिक* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *शुभाशुभ मुहूर्त विचार* ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 *अभिजित मुहूर्त 👉 १२:१३ से १३:०१* *अमृत काल 👉 १५:१९ से १७:००* *विजय मुहूर्त 👉 १४:२५ से १५:१३* *गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:११ से १८:३५* *निशिता मुहूर्त 👉 २४:०२ से २४:५०* *राहुकाल 👉 ११:०८ से १२:३७* *राहुवास 👉 दक्षिण-पूर्व* *यमगण्ड 👉 १५:३५ से १७:०४* *दुर्मुहूर्त 👉 ०९:०३ से ०९:५०* *होमाहुति 👉 केतु - २२:५१ तक* *दिशाशूल 👉 पश्चिम* *नक्षत्रशूल 👉 दक्षिण (२२:५१ से)* *अग्निवास 👉 पृथ्वी (१५:०२ तक)* *चन्द्रवास 👉 पश्चिम* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *☄चौघड़िया विचार☄* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *॥ दिन का चौघड़िया ॥* १ - चर २ - लाभ ३ - अमृत ४ - काल ५ - शुभ ६ - रोग ७ - उद्वेग ८ - चर *॥ रात्रि का चौघड़िया ॥* १ - रोग २ - काल ३ - लाभ ४ - उद्वेग ५ - शुभ ६ - अमृत ७ - चर ८ - रोग *नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *शुभ यात्रा दिशा* 🚌🚈🚗⛵🛫 *पश्चिम-दक्षिण (दहीलस्सी अथवा राई का सेवन कर यात्रा करें)* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️〰️〰️〰️ *तिथि विशेष* 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ *स्वामी दयानंद बोधोत्सव आदि।* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *आज जन्मे शिशुओं का नामकरण* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ *आज २२:५१ तक जन्मे शिशुओ का नाम* *शतभिषा नक्षत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (सा, सी, सू) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के प्रथम एवं द्वितीय चरण अनुसार क्रमश (से, सो) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है।* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *आज का सुविचार* 🚩🙏🏻🧡😊⛳🕉️ *किसी को हराना सरल है, किंतु किसी पर विजय पाना बहुत कठिन॥*✋🏻✅ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *आज का राशिफल* 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)* आज का दिन भी आपको सहज लाभ दिलाएगा। लेकिन आसानी से बन रहे कामो के कारण आपमे अतिआत्मविश्वास एवं अहम की भावना भी रहेगी जिससे निकट भविष्य में हानि होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र पर किसी अन्य के दख़ल देने पर वातावरण कुछ समय के लिये अशांत बनेगा फिर भी आज आपके धन लाभ को कोई नही रोक पायेगा। नौकरीपेशा जातको को किसी विषय मे विशेष अनुभव का लाभ मिलेगा। बच्चे एवं महिलाये जबरदस्ती अपनी बात को मनवा लेंगी। बुजुर्गो आज अपनी किसी बात पर अड़ सकते है जिससे थोड़ी असुविधा होगी। रक्त पित्त संबंधित समस्या हो सकती है। *वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* सरकारी नौकरी वाले जातक अथवा सरकार संबंधित कार्यो के लिए आज का दिन विशेष रहेगा। नौकरी में पदोन्नति एवं सरकार से आर्थिक विषयो में लाभ की संभावना है परंतु ध्यान रहे आज आपकी राह में अड़चन डालने वाले भी बहुत रहेंगे इसलिए विनम्रता का परिचय दें। व्यवसायी वर्ग आकस्मिक सहायता मिलने से उत्साहित रहेंगे। कार्य व्यवसाय थोड़े उतार-चढ़ाव के बाद गति पकड़ लेगा लेकिन आज घरेलू अथवा रिश्तेदारी के खर्च अधिक होने से बचत करना मुश्किल रहेगा। महिलाये किसी कारण से नाराज होंगी जिससे कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बनेगी। संताने भी आपके विपक्ष में रहेंगी। *मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)* आज का दिन सुख शांतिदायक रहेगा फिर भी आपसी संबंधों में आज शक की गुंजाइश ना रखें मामूली बातो को अनदेखा करें। कार्य क्षेत्र पर आरम्भ में निर्णय लेने में दुविधा होगी अहम की भावना आने से किसी की सहायता लेना पसंद नही करेंगे जिससे कार्यो में विलंब हो सकता है। लेकिन आज आप जो निर्णय लेंगे उनमे से अधिकांश सही साबित होंगे। आपके कारण परिवार का भी मान बढेगा आज आप तंत्र मंत्र अथवा अन्य पूजापाठ से जुड़े कार्यो की अपेक्षा कर्म को ज्यादा महत्त्व देंगे इस विषय को लेकर किसी से वाद-विवाद भी हो सकता है। स्त्रीवर्ग आज पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा खर्चीली रहेंगी। *कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* आज भी दिन के अंतिम भाग को छोड़ शेष विपरीत फलदायी रहेगा। दिन भर भागदौड़ करने के बाद भी कुछ भी आपकी आशा के अनुरूप नही होगा। धन संबंधित कार्य भी अंत समय मे आकर उलझ जाएंगे फिर भी उधारी के व्यवहार यथासम्भव ना करे अन्यथा नई मुसीबत सर पड़ेगी। किसी से काम निकालने में भी अभिमान आड़े आएगा। समाज के वर्जित कार्यो की ओर मन भटकेगा यह भविष्य में मान हानि कराएगा। गृहस्थ में किसी बाहरी व्यक्ति के कारण मतभेद रहेगा। विद्यार्थी मन मर्जी करेंगे। सेहत को लेकर लापरवाही ना करें। धैर्य से सही समय की प्रतीक्षा करें रात्रि में शुभ समाचार मिल सकते है। *सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* आज का दिन आपके लिए आशाजनक रहेगा। बेरोजगार लोग आज थोड़ा अतिरिक्त प्रयास करें निश्चित सफलता मिलेगी। व्यवसायी अथवा नौकरी पेशा जातक कार्य भार को देखकर घबरा सकते है लेकिन एक बार आरंभ करने पर जटिल कार्य भी आसान नजर आएगा समय पर सहयोग भी मिल जाएगा। आर्थिक विषयो को आज गंभीरता से लेंगे धन लाभ बीच बीच मे आवश्यकता अनुसार होता रहेगा लेकिन फिर भी धन को लेकर परिवार में असंतोष रहेगा। महिलाओ का दिमाग आज धन खर्च करने पर भी अस्थिर रहेगा किसी का दिया प्रलोभन दिमाग मे घूमता रहेगा। आज आपको जितना भी मिले कम ही लगेगा। *कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* आज का दिन वैसे तो सामान्य ही रहेगा फिर भी राजसी खर्च रहने से धन की कमी रहेगी। व्यवसाय में मंदी रहने से धन की आमद खर्च की तुलना में आधी भी नही होगी। कार्य क्षेत्र पर आज छोटी सी चूक बड़ा नुकसान करा सकती है प्रत्येक कार्य को देखभाल कर करें। आज पारिवारिक सदस्य का जिद्दी व्यवहार घर मे अशांति का कारण बनेगा। विद्यार्थी वर्ग अध्ययन में लापरवाही करेंगे। महिलाये अनर्गल प्रवृति में समय और धन व्यर्थ करेंगी बाद में पश्चाताप भी होगा। दिखावे की भावना आर्थिक उलझनों में फ़सायेगी। बुजुर्गो को भी आज सम्मान कम ही देंगे। *तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* आज आप अपने विवेकी व्यवहार के चलते कार्य क्षेत्र एवं परिवार में अन्य लोगो से बेहतर आंके जाएंगे परन्तु बीच बीच मे किसी कारण से क्रोध आ सकता है जिससे लोगो की विचारधारा आपके प्रति अकस्मात बदलेगी। कार्य व्यवसाय अथवा घरेलू मामलो में अपने निर्णय औरो पर थोपेंने पर वैचारिक मतभेद बढ़ेंगे। महिलाओ के गलत आचरण से पारिवारिक सम्मान को ठेस पहुँच सकती है। आर्थिक रूप से दिन मिला जुला रहेगा धन लाभ आज अकस्मात ही होगा अथवा निराश भी कर सकता है। चोट मोच का भय है यात्रा अतिआवश्यक होने पर ही सावधानी से करें। *वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* आपको आज का दिन मिलाजुला फलदेगा। प्रातः काल से ही मानसिक रूप से निराश रहेंगे। कार्यो की असफलता का गुस्सा परिजनों पर निकालने से अशांति फैलेगी। दिनचार्य प्रातः काल से ही अस्त-व्यस्त बनेगी जिसे शाम तक नही सुधार सकेंगे। सब परिजन मिलकर आज आपके विरुद्ध एकजुट होंगे जिससे अकेलापन महसूस करेंगे। व्यावसायिक स्थल पर भी आज किसी के सहयोग की अपेक्षा ना करें आर्थिक लाभ संध्या के आस-पास अल्प मात्रा में होगा। भोजन में अरुचि रहेगी शारीरिक स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव लगा रहेगा कमजोरी रहने से उत्साहहीनता एवं स्वभाव में रूखापन आएगा। *धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)* आज का दिन सामान्य बीतेगा। धन लाभ आज अवश्य होगा परन्तु अधिक पाने की लालसा मूल लाभ से भी वंचित कर सकती है। कार्य व्यवसाय में आज ज्यादा दिमाग लगाना पड़ेगा जिसका फल थोड़ा विलंब से मिलेगा। उलझनों के बाद भी हास्य के अवसर मिलते रहने से मन हल्का रहेगा। महिलाये पुरुषों से प्रतिस्पर्धा कर आगे निकलने का प्रयास करेंगी लेकिन इसमें सफल नही हो पायेगी। जोखिम वाले कार्यो में आज निवेश कर सकते है आने वाले समय में लाभ देगा। यात्रा पर्यटन की इच्छा मन मे ही रहेगी फिर भी घरेलू वातावरण आनंद में कमी नही रखेगा। आज उधार ना दें। *मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)* आज के दिन आप के मन मे कुछ ना कुछ तिकडम लगी रहेगी। थोड़ी सी सफलता पाकर सामर्थ से अधिक सोचेंगे अतिआत्मविश्वास भविष्य के लिए हानि कारक रहेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन भी संतोषजनक रहेगा। कार्य व्यवसाय से थोड़ी मेहनत के बाद आशाजनक लाभ कमा लेंगे। खर्च भी आय के हिसाब से रहेगा फिर भी बचत के अवसर मिलेंगे। व्यापार विस्तार आज कर सकते है निवेश भी फायदेमंद रहेगा परन्तु नए कार्य का आरंभ आज ना करें। पारिवारिक वातावरण बीच में थोड़ा उग्र होगा थोड़ी देर में ही स्थिति सामान्य बन जाएगी। *कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* आज आप अपने अंदर एक नई ऊर्जा का संचार अनुभव करेंगे। कार्यो को लेकर थोड़े लापरवाह भी रहेंगे लेकिन किसी का सहयोग मिलने से कार्य निश्चित समय पर पूर्ण कर लेंगे। पारिवारिक एवं व्यावसायिक विषयो में समाज के वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन निकट भविष्य के लिए लाभदायी रहेगा। नौकरीपेशा जातक कार्य क्षेत्र पर किसी से गरमा गर्मी होने पर मानसिक संतुलन खो सकते है विवेक से काम लें अन्यथा बाद में पछताना पड़ेगा। धार्मिक कार्यो में रुचि रहेगी फिर भी उपयुक्त समय नही दे सकेंगे दैनिक पूजा पाठ में खानापूर्ति मात्र रहेगी। आकस्मिक यात्रा करनी पड़ सकती है। स्त्री एवं संतान को लेकर असमंजस की स्थिति बनेगी। *मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* आपका आज का दिन भी प्रतिकूलताओं से भरा रहेगा। आर्थिक समस्याएं यथावत बनी रहने से मानसिक कष्ट भोगेंगे काम-काज भी ठप्प सा ही रहेगा। नौकरो के भरोसे काम छोड़ना भारी पड़ सकता है। आर्थिक कारणों से आज भी घर एवं बाहर खीचतान की स्थिति बनेगी। विरोधी आपको नीचा दिखाने का हर संभव प्रयास करेंगे। पारिवारिक वातावरण गलतफहमियों एवं धैर्य हीनता के चलते अशांत रहेगा। उधार आज नाही किसी से लें नाही ही दें। परिवार में बीमारियों का प्रकोप अतिरिक्त परेशानी बढ़ाएगा दवाओं पर खर्च करना पड़ेगा। महिलाओ से आज सावधान रहें झगड़े का कारण बनेंगी। 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *जनजागृति हेतु लेख प्रसारण अवश्य करें*🙏🏻 दुर्लभं भारते जन्म मानुष्यं तत्र दुर्लभम्।। *माता महालक्ष्मी की जय🙏🏻🚩* _*⛳⚜️सनातन धर्मरक्षक समिति*_⚜⛳

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*⛳सनातन-धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है✍🏻* *👉🏻लेख क्र.-सधस/२०७७/फाल्गुन/कृ./१३-३३३६* *🔱सनातन धर्मरक्षक समिति की ओर से महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई🔱* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *⛳🕉️जय श्री बद्रीनाथ जी🕉️⛳* *⛳हिंदू ★रीति★रिवाज~भाग~६८⛳* 💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃 *🚩महाशिवरात्रि व्रत कथा🚩* *🕉️प्राचीन काल में एक शिकारी जानवरों का शिकार करके अपने कुटुम्ब का पालन पोषण करता था। एक रोज वह जंगल में शिकार के लिए निकला लेकिन दिन भर भागदौड़ करने पर भी उसे कोई शिकार प्राप्त न हुआ। वह भूख-प्यास से व्याकुल होने लगा। शिकार की बाट निहारता-निहारता वह एक तालाब के किनारे बेल वृक्ष पर अपना पड़ाव बनाने लगा। बेल-वृक्ष के नीचे शिवलिंग था जो बिल्वपत्रों से ढका हुआ था। शिकारी को इस बात का ज्ञात न था।* *⚜️↪️पड़ाव बनाते-बनाते उसने जो टहनियां तोड़ी, वे संयोग से शिवलिंग पर जा गिरी। शिकार की राह देखता-देखता वह बिल्व पेड़ से पत्ते तोड़-तोड़ कर शिवलिंग पर अर्पित करता गया। दिन भर भूखे-प्यासे शिकारी का व्रत भी हो गया और शिवलिंग पर बेलपत्र भी चढ़ गए। इस तरह वह अनजाने में किए गए पुण्य का भागी बन गया।* 💐रात्रि का एक पहर व्यतीत होने पर एक गर्भिणी मृगी तालाब पर पानी पीने आई। शिकारी ने धनुष पर तीर चढ़ाकर ज्यों ही प्रत्यंचा खींची, मृगी बोली, ‘शिकारी मुझे मत मारो मैं गर्भिणी हूं। शीघ्र ही प्रसव करूंगी। तुम एक साथ दो जीवों की हत्या करोगे, जो ठीक नहीं है। मैं अपने बच्चे को जन्म देकर शीघ्र ही तुम्हारे पास वापिस आ जाऊंगी, तब तुम मुझे मार लेना।’ 🌺शिकारी को हिरणी सच्ची लगी उसने तुरंत प्रत्यंचा ढीली कर दी और मृगी झाड़ियों में लुप्त हो गई। कुछ समय उपरांत एक और मृगी उधर से निकली। शिकारी बहुत खुश हुआ की अब तो शिकार मिल गया। समीप आने पर उसने धनुष पर बाण चढ़ाया। 🌼🌹मृगी ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया, ‘हे शिकारी ! मैं थोड़ी देर पहले ही ऋतु से निवृत्त हुई हूं। कामातुर विरहिणी हूं। अपने प्रिय की खोज में भटक रही हूं। मैं अपने पति से मिलकर शीघ्र ही तुम्हारे पास आ जाऊंगी।’ 🕉️🙏शिकारी ने उसे भी जाने दिया। दो बार अपने शिकार को उसने स्वयं खो दिया, उसका माथा ठनका। वह चिंता में पड़ गया। रात्रि का आखिरी पहर बीत रहा था। तभी एक अन्य मृगी अपने बच्चों के साथ उधर से निकली शिकारी के लिए यह स्वर्णिम अवसर था। उसने धनुष पर तीर चढ़ाने में देर न लगाई, वह तीर छोड़ने ही वाला था कि मृगी बोली, ‘हे शिकारी ! मैं इन बच्चों को पिता के हवाले करके लौट आऊंगी। इस समय मुझे मत मार।’ ↪️शिकारी हंसा और बोला, ‘सामने आए शिकार को छोड़ दूं, मैं ऐसा मूर्ख नहीं। इससे पहले मैं दो बार अपना शिकार खो चुका हूं। मेरे बच्चे भूख-प्यास से तड़प रहे होंगे।’ 🌼उत्तर में मृगी ने फिर कहा, ‘जैसे तुम्हें अपने बच्चों की ममता सता रही है, ठीक वैसे ही मुझे भी अपने बच्चों की चिंता है इसलिए सिर्फ बच्चों के नाम पर मैं थोड़ी देर के लिए जीवनदान मांग रही हूं। हे शिकारी ! मेरा विश्वास कर मैं इन्हें इनके पिता के पास छोड़कर तुरंत लौटने की प्रतिज्ञा करती हूं।’ मृगी का दीन स्वर सुनकर शिकारी को उस पर दया आ गई। उसने उस मृगी को भी जाने दिया। शिकार के आभाव में बेलवृक्ष पर बैठा शिकारी बेलपत्र तोड़-तोड़कर नीचे फेंकता जा रहा था। पौ फटने को हुई तो एक हष्ट-पुष्ट मृग उसी रास्ते पर आया। शिकारी ने सोच लिया कि इसका शिकार वह अवश्य करेगा। 🕉️🌺शिकारी की तनी प्रत्यंचा देखकर मृग विनीत स्वर में बोला,‘ हे शिकारी भाई! यदि तुमने मुझसे पूर्व आने वाली तीन मृगियों तथा छोटे-छोटे बच्चों को मार डाला है तो मुझे भी मारने में विलंब न करो, ताकि उनके वियोग में मुझे एक क्षण भी दुःख न सहना पड़े। मैं उन मृगियों का पति हूं। यदि तुमने उन्हें जीवनदान दिया है तो मुझे भी कुछ क्षण जीवनदान देने की कृपा करो। मैं उनसे मिलकर तुम्हारे सामने उपस्थित हो जाऊंगा।’ मृग की बात सुनते ही शिकारी के सामने पूरी रात का घटना-चक्र घूम गया। उसने सारी कथा मृग को सुना दी। तब मृग ने कहा, ‘मेरी तीनों पत्नियां जिस प्रकार प्रतिज्ञाबद्ध होकर गई हैं, मेरी मृत्यु से अपने धर्म का पालन नहीं कर पाएंगी। अतः जैसे तुमने उन्हें विश्वासपात्र मानकर छोड़ा है, वैसे ही मुझे भी जाने दो। मैं उन सबके साथ तुम्हारे सामने शीघ्र ही उपस्थित होता हूं।’ उपवास, रात्रि जागरण तथा शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से शिकारी का हिंसक हृदय निर्मल हो गया था। उसमें भगवद् शक्ति का वास हो गया था। धनुष तथा बाण उसके हाथ से सहज ही छूट गए। भगवान शिव की अनुकम्पा से उसका हिंसक हृदय कारुणिक भावों से भर गया। वह अपने अतीत के कर्मों को याद करके पश्चाताप की ज्वाला में जलने लगा। ⚜️🌹थोड़ी ही देर बाद मृग सपरिवार शिकारी के समक्ष उपस्थित हो गया, ताकि वह उनका शिकार कर सके, किंतु जंगली पशुओं की ऐसी सत्यता, सात्विकता एवं सामूहिक प्रेम भावना देखकर शिकारी को बड़ी ग्लानि हुई। उसके नेत्रों से आंसुओं की झड़ी लग गई। उस मृग परिवार को न मारकर शिकारी ने अपने कठोर हृदय को जीव हिंसा से हटा सदा के लिए कोमल एवं दयालु बना लिया। देव लोक से समस्त देव समाज भी इस घटना को देख रहा था। घटना की परिणति होते ही देवी-देवताओं ने पुष्प वर्षा की। तब शिकारी तथा मृग परिवार मोक्ष को प्राप्त हुए। 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *जनजागृति हेतु लेख प्रसारण अवश्य करें*🙏🏻 अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्। अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।। *महाकाल भोलेनाथ की जय🙏🏻🚩* समिति के सामाजिक माध्यमों से जुड़े👇🏻 :- https://bit.ly/3qKE1OS _*⛳⚜️सनातन धर्मरक्षक समिति*_⚜⛳

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*⛳सनातन-धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है✍🏻* *👉🏻लेख क्र.-सधस/२०७७/फाल्गुन/कृ./१३* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *🔱सनातन धर्मरक्षक समिति की ओर से महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई🔱* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *🗓आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल🗓* *🌻गुरुवार, ११ मार्च २०२१🌻* *सूर्योदय: 🌄 ०६:४१* *सूर्यास्त: 🌅 १८:३३* *चन्द्रोदय: 🌝 ३०:०८* *चन्द्रास्त: 🌜१६:४८* *अयन 🌕 उत्तराणायने* *ऋतु: 🌳 बसन्त* *शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी)* *विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी)* *मास 👉 फाल्गुन (महाराष्ट्र एवम् गुजरात के अनुसार माघ)* *पक्ष 👉 कृष्ण* *तिथि 👉 त्रयोदशी (१४:३९ तक)* *नक्षत्र 👉 धनिष्ठा (२१:४४ तक)* *योग 👉 शिव (०९:२२ तक)* *प्रथम करण 👉 वणिज (१४:३९ तक)* *द्वितीय करण 👉 विष्टि (२६:४८ तक)* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कुम्भ चंद्र 🌟 कुम्भ (०९:२० से) मंगल 🌟 वृषभ (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 कुम्भ (उदित, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 कुम्भ (अस्त, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *शुभाशुभ मुहूर्त विचार* ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 *अभिजित मुहूर्त 👉 १२:१३ से १३:०१* *अमृत काल 👉 ११:०३ से १२:४२* *विजय मुहूर्त 👉 १४:२५ से १५:१३* *गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:११ से १८:३५* *निशिता मुहूर्त 👉 २४:०२ से २४:५१* *राहुकाल 👉 १४:०६ से १५:३५* *राहुवास 👉 दक्षिण* *यमगण्ड 👉 ०६:४१ से ०८:१०* *दुर्मुहूर्त 👉 १०:३८ से ११:२६* *होमाहुति 👉 केतु* *दिशाशूल 👉 दक्षिण* *अग्निवास 👉 पाताल (१४:३९ से पृथ्वी)* *भद्रावास 👉 मृत्यु (१४:३९ से २६:४८)* *चन्द्रवास 👉 दक्षिण (पश्चिम ०९:२१ से)* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *☄चौघड़िया विचार☄* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *॥ दिन का चौघड़िया ॥* १ - शुभ २ - रोग ३ - उद्वेग ४ - चर ५ - लाभ ६ - अमृत ७ - काल ८ - शुभ *॥ रात्रि का चौघड़िया ॥* १ - अमृत २ - चर ३ - रोग ४ - काल ५ - लाभ ६ - उद्वेग ७ - शुभ ८ - अमृत *नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *शुभ यात्रा दिशा* 🚌🚈🚗⛵🛫 *पश्चिम -दक्षिण (दही का सेवन कर यात्रा करें)* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️〰️〰️〰️ *तिथि विशेष* 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ *पंचक आरम्भ ०९:२० से, महाशिवरात्रि पर्व (रात्रि चार प्रहर शिवाभिषेक पूजन) आदि।* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *आज जन्मे शिशुओं का नामकरण* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ *आज २१:४५ तक जन्मे शिशुओ का नाम* *धनिष्ठा नक्षत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (गी, गू, गे) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम शतभिषा नक्षत्र के प्रथम एवं द्वितीय चरण अनुसार क्रमश (गो, सा) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है।* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *आज का सुविचार* 🚩🙏🏻🧡😊⛳🕉️ *आदर हमेशा आदरणीय पुरूष ही करते हैं, जिनका स्वयं कोई सम्मान नहीं, वह दूसरों का सम्मान क्या करेगा...?*😊🚩 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *आज का राशिफल* 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)* आज का दिन आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा। आपको आज आकस्मिक लाभ के साथ ही सामाजिक क्षेत्र से उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान भी मिलेगा। कार्य क्षेत्र पर भी अधिकारी वर्ग एवं परिवार में बुजुर्ग कृपा दृष्टि बनाये रखेंगे। सामाजिक जीवन धनवानों जैसा व्यतीत करेंगे थोड़ा दिखावा भी करना पड़ेगा धन खर्च आवश्यकता से अधिक होगा फिर भी अखरेगा नही। व्यवसायी वर्ग आज आंख बंद करके भी निवेश कर सकते है लाभप्रद ही रहेगा। मित्र रिश्तेदारों के साथ आनंद के क्षण व्यतीत करेंगे शुभ समाचार एवं उपहार का आदान प्रदान करेंगे। पारिवारिक स्थिती संतोषजनक रहेगी। *वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* आज का दिन आपकी आशाओ के अनुरूप रहेगा। पूर्वनियोजित कार्यक्रम में किसी आकस्मिक कार्य की वजह से फेरबदल करना पड़ेगा। व्यावसायिक गतिविधिया आरम्भ में थोड़ी सुस्त रहेंगी परन्तु मध्यान के बाद इनमे गति आएगी आर्थिक लाभ होने से मानसिक शांति मिलेगी फिर भी निवेश सोच समझ कर ही करें। सरकारी कार्यो को करने के लिए भी आज का दिन शुभ है बिना किसी की सहायता के पूर्ण कर सकेंगे। पैतृक सम्पति संबंधित मामलों को लेकर दुविधा होगी भाग-दौड़ भी करनी पड़ेगी। महिलाये आज स्वप्न लोक की सैर करेंगी जिससे घर मे थोड़ी अव्यवस्था रहेगी। *मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)* आपके आज के दिन का अधिकांश समय शुभ कर्मों में व्यतीत होगा। आध्यात्म में आज खुल कर रुचि लेंगे दान-पुण्य पर खर्च भी करेंगे। लेकिन घरेलू खर्चो को लेकर संकीर्णता दिखाना भारी पड़ सकता है। कार्य व्यवसाय में सामान्य गति रहेगी धन लाभ रुक रुक कर होता रहेगा फिर भी मन को संतुष्ट करना आज मुश्किल ही रहेगा। महिला मित्रो से समीपता का अहसास होगा लेकिन आने वाले समय मे नई मुसीबत भी खड़ी होगी। संध्या का समय थकान वाला परन्तु अधिक शान्तिप्रद रहेगा। पारिवारिक वातावरण अपने हंसमुख व्यवहार से उल्लासित करेंगे लेकिन स्त्री वर्ग आज किसी ना किसी कारण नाराज ही रहेंगी। *कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* आपके लिए आज का दिन अशुभ फलदायी रहेगा। व्यवसाय एवं पारिवारिक उलझनों के कारण शारीरिक एवं मानसिक स्थिति असंतुलित रहेगी। कार्य क्षेत्र पर आज किसी की सहायता के बिना कार्य करना कठिन होगा। आर्थिक कारणों से भी किसी खास व्यक्ति की खुशामद करनी पड़ेगी फिर भी आशानुकूल परिणाम नही मिलने से मन मे नकारात्मक एवं अनैतिक कार्य करने के भाव आएंगे। आर्थिक स्थिति धीरे धीरे गिरने से व्यक्तिगत खर्च चलाना भारी पड़ेगा। उधारी वालो के कारण अतिरिक्त परेशानी होगी। महिलाये इच्छा पूर्ति ना होने पर किसी कार्य को जान कर बिगाड़ सकती है। *सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* आज आप जिस भी कार्य को करेंगे उसके आरम्भ में दुविधा की स्थिति बनेगी बीच मे छोड़ने का मन भी बना सकते है लेकिन एकाग्र होकर लगे रहें तो निश्चित सफलता मिल सकती है। व्यवसाय में बेजीझक होकर निर्णय लें आज का दिन आपके पक्ष में है। नए कार्यो में भी निवेश कर सकते है लेकिन अनुभवियों की सलाह अवश्य लें। कुछ दिनों से चल रही पारिवारिक उलझन सुलझने से मानसिक राहत मिलेगी संबंधों में पड़ी दरार भरेगी। अविवाहितो को विवाह के प्रस्ताव आएंगे लेकिन जल्दबाजी ना करें आगे परिणाम खराब भी हो सकते है। महिलाओ का स्वभाव चंचल रहेगा। *कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* आज का दिन धन धान्य में वृद्धि कराएगा खर्च भी आवश्यकता अनुसार रहने पर बचत भी कर सकेंगे। व्यावसायिक क्षेत्र पर आज आप नए प्रयोग करेंगे लेकिन इसका फल शीघ्र नही मिल सकेगा। मध्यान तक आलस्य एवं परिश्रम मिला जुला रहने से आशाजनक परिणाम नही मिलेंगे लेकिन इसके बाद व्यवसाय में आकस्मिक वृद्धि होने से धन आगम शुरू हों जायेगा जोकि संध्या पश्चात तक रुक-रुक कर होता रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर किसी की मदद बिन मांगे ही मिल जाएगी। महिलाये आज बुद्धि विवेक का परिचय देंगी बिखरे रिश्तो को एक जुट बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सेहत सामान्य बनी रहेगी। *तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* आज के दिन आप आवश्यकता से अधिक दिमाग लगाएंगे इसका परिणाम विपरीत ही रहने वाला है। हर किसी को शंका की दृष्टि से देखना व्यवहारिकता में कमी लाएगा। सेहत भी अकस्मात बिगड़ेगी वायु विकार अथवा अन्य गैस संबंधित समस्या छाती में जलन से परेशानी होगी। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी नुकसान कराएगी धैर्य से कार्य करें कार्य क्षेत्र पर बुद्धि विवेक से कार्य करने पर भी कोई विशेष लाभ नही होगा केवल आश्वासन से ही काम चलाना पड़ेगा। सरकार विरोधी अनैतिक कार्य सम्मान हानि करा सकते है। संध्या के आसपास धन लाभ होगा। महिलाओ का दिमाग पढ़ना मुश्किल रहेगा। *वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* आपको आज का दिन शांति एवं धैर्य रख बिताने की सलाह है। ना कुछ लोग भी आज आपकी उपेक्षा करेंगे जिससे स्वभाव दिन भर आवेश में रहेगा। घर एवं बाहर एक जैसा वातावरण रहेगा लोग आपकी बात सुनेगें लेकिन गंभीर नही लेंगे आर्थिक विषयो में भी टालमटोल करेंगे। व्यवसायिक क्षेत्र पर उदासीनता रहेगी बेमन से कार्य करने का नतीजा भी उसी अनुसार रहेगा। घर मे आकस्मिक खर्च नियंत्रण करने पर भी लगे रहेंगे धनाभाव के कारण छोटे मोटे खर्च भी परेशानी बढ़ाएंगे। सेहत की लापरवाही निकट भविष्य में गंभीर रूप ना ले इसका ध्यान रखें। पति-पत्नी में आपसी संवादहीनता के कारण गृहस्थ अस्त-व्यस्त रहेगा। *धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)* आज का दिन लाभदायक रहेगा प्रातः काल से ही धन लाभ की संभावनाएं लगी रहेंगी इनके पूर्ण होने में दोपहर तक इंतजार करना पड़ेगा। व्यवसायी वर्ग आज अनिश्चितता के दौर से गुजरेंगे फिर भी आकस्मिक लाभ होने से आर्थिक स्थिति बेहतर बनी रहेगी। नए व्यवसाय का आरंभ अभी टालना ही बेहतर रहेगा। अंदरूनी पारिवारिक निर्णय लेने में असहजता अनुभव करेंगे। किसी महत्त्वपूर्ण कार्य को लेकर पल पल में निर्णय बदलेंगे। आध्यात्म में रुचि रहेगी लेकिन समय नही दे पाएंगे। मन में विरक्ति की भावना भी जाग्रत होगी। मोह माया से मन भंग होगा। महिलाये अंतर्मन से सहयोग करेंगी लेकिन अपनी भावनाओं का प्रदर्शन नही करेंगी। *मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)* आज का दिन कई कार्यो में लापरवाही दिखाने के बाद भी संतोषजनक रहेगा। दिन का आरंभ आलस्य से होगा दिनचर्या का इसपर प्रभाव पड़ेगा। सभी कार्य आज लगभग विलंब से ही शुरू होंगे। मध्यान के बाद स्थिति सामान्य होने लगेगी फिर भी धन की प्राप्ति आशानुकूल नही रहेगी। व्यवसाय में मंदी के कारण कार्य क्षेत्र पर मन कम ही लगेगा। पारिवारिक वातावरण में खुशी एवं नाराजगी का मिश्रण बना रहेगा फिर भी स्थिति सामान्य ही रहेगी। संध्या के समय किसी समारोह में उपस्थिति देंगे उत्तम भोजन वाहन सुख मिलेगा। महिलाये मन ही मन गुप्त युक्तियां बनाएंगी। *कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* आज के दिन आपको घर एवं बाहर मान-सम्मान में वृद्धि कराएगा पारिवारिक सदस्यों की भी इसमें महत्त्वपूर्ण भूमिका रहेगी। कार्य क्षेत्र पर भी आप निसंकोच निर्णय ले सकेंगे इनमे सफलता भी शत प्रतिशत मिलेगी। सुख के साधनों में वृद्धि करने पर खर्च होगा महंगे सामानों की खरीददारी से घरेलू बजट बिगड़ेगा फिर भी आर्थिक लाभ होते रहने से स्थिति संभाल लेंगे। महिलाये घरेलू अव्यवस्था को सुधारने में व्यस्त एवं चिंतित रहेंगी अधिक कार्य करने पर स्वास्थ्य खराब होगा। आज किसी को बेमन से उधार देना पड़ सकता है जिसकी वसूली में परेशानी आएगी सोच कर ही निर्णय लें। *मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* आज का दिन आपके लिए अशांति से भरा रहेगा। आज जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे उसमे कुछ ना कुछ व्यवधान अवश्य आएगा। आर्थिक लेन देन में स्पष्टता ना रहने से किसी से झगड़ा हो सकता है। पूर्व नियोजित कार्य जिनसे लाभ की उम्मीद थी वह भी निरस्त होने अथवा अन्य कारण से क्षति ही कराएंगे। मध्यान के समय व्यावसायिक एवं घरेलू कार्यो में किसी की सहायता की आवश्यकता पड़ेगी जो कि आशानुकूल नही मिलेगी। खर्च चलाने के लिए उधार भी लेना पड़ सकता है। महिलाये आज पारिवारिक वातावरण को लेकर ज्यादा परेशान रहेंगी। 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *जनजागृति हेतु लेख प्रसारण अवश्य करें*🙏🏻 अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्। अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।। *महाकाल भोलेनाथ की जय🙏🏻🚩* _*⛳⚜️सनातन धर्मरक्षक समिति*_⚜⛳

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