शनि
शनि को काल-पुरूष का ’दुःख’ माना गया है। ग्रहमण्डल में इसे ’सेवक’ का पद प्राप्त है। इसके वर्ण, रूप दिशा प्रकृति एंव सत्वादि के विषय मे निम्नानुसार समझना चाहिए।

वर्ण-कृष्ण, अवस्था-वृद्ध, लिंग-नपुन्सक जाति- शुद्र, नेत्र- सुन्दर तथा कातर स्वरूप- ...

(पूरा पढ़ें)
+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर
DAYAKRISHAN Apr 7, 2018

सूर्य
सूर्य को समस्त जीवों की आत्मा, सब ग्रहों का महा अधिष्ठाता तथा सर्वशक्तिमान कहा गया है। वह अपनी राशियों द्वारा पृथ्वी, स्वर्ग तथा अन्तरिक्ष सभी को व्याप्त रखता है। इसी कारण इसे समस्त-जगत, का पोषक, आत्मा तथा स्वामी माना गया है। इसे काल-पुरूष क...

(पूरा पढ़ें)
+9 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 10 शेयर
DAYAKRISHAN Apr 7, 2018

सप्तम भाव में स्थित मंगल का फल

सातवें भाव में स्थित मंगल को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना गया है। यहां स्थित मंगल आपके विवाह में विलम्ब का कारण बनने के साथ ही आपके जीवनसाथी के दु:ख का कारण भी बन सकता है। जीवनसाथी के साथ आपका व्यवहार बहुत सरस न...

(पूरा पढ़ें)
+9 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 5 शेयर
DAYAKRISHAN Apr 7, 2018

अष्टम भाव में स्थित राहु का फल

राहू के इस भाव में स्थित होने के कारण आप शरीर से मजबूत होंगे। आपको अपने जन्म स्थान में रहने का समय कम मिलेगा अर्थात आप अधिकांश समय विदेश में रह सकते हैं। आप राजाओ, सरकारी प्रतिनिधियों और पंडितों के आदरणीय होंगे। आप ...

(पूरा पढ़ें)
+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर


रुद्राक्ष की चमत्कारी शक्तियां दिलवाती हैं हर पाप से मुक्ति
By: Tamanna

हर इच्छा की पूर्ति
कहते हैं भगवान शिव को प्रसन्न करना बेहद आसान है। वह इतने भोले हैं कि जो भी उन्हें मन से याद करता है वह उसकी हर इच्छा को पूरी करते हैं।


भोलेनाथ
शायद य...

(पूरा पढ़ें)
+9 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 26 शेयर

मालामाल होने का टोटका,


यदि आप मालामाल होना चाहते हैं तो काली

मिर्च के 5 दाने लें और उन्हें अपने सिर पर से

7 बार वार लें। इसके बाद किसी चौराहे या

किसी सुनसान स्थान पर खड़े होकर चारों

दिशाओं में 4 दाने फेंक दें। इसके बाद 5वें

दाने को ऊप...

(पूरा पढ़ें)
+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर

XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX

PLEASE CONTACT WITHOUT ANY HESITATION TO

DAYAKRISHAN ASTROLOGER WHATSAPP MOBILE PHONE NO IS

+ 62005 08928

YOU ARE ALWAYS MOST WELCOME.

XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX...

(पूरा पढ़ें)
+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 3 शेयर

नीलम का उपरत्न, जामुनिया या कठेला पत्थर रत्न




अंग्रेजी में इसे एमेथेस्‍ट कहते हैं। इसका रंग जामुन के रंग जैसा होता है इसलिए इसका नाम जामुनिया(कठेला)पड़ा। यह बैंगनी रंग का पत्‍थर है जोकि सेमीप्रीसियस स्‍टोन्‍स की कैटेगरी में आता ह

भारतीय ज्‍यो...

(पूरा पढ़ें)
+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 6 शेयर