Davinder Singh Rana Apr 17, 2021

☀!! श्री हरि: !! ☀ *[ "श्रीमद्भगवद्गीता तत्त्वविवेचनी" हिन्दी-टीका श्रद्धेय जयदयाल जी गोयन्दका ]* 👉 अष्टम अध्याय श्र्लोक {12, 13} ⬇ ➡ सम्बन्ध - पूर्व श्लोक में जिस विषय का वर्णन करने की प्रतिज्ञा की थी, अब दो श्लोकों मे उसी का वर्णन करते हैं- 🔹 सर्वद्वाराणि संयम्य मनो हृदि निरूध्य च । मूर्ध्न्याधायात्मन: प्राणमास्थितो योगधारणाम्।। 12 ।। ओमित्येकाक्षरं ब्रह्मा व्याहरन्मामनुस्मरन् । य: प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम्।। 13 ।। 🔸 सब इन्द्रियों के द्वारों को रोककर तथा मन को हृद्देश में स्थिर करके, फिर उस जीते हुए मन के द्वारा प्राण को मस्तक में स्थापित करके, परमात्म संबंधी योग धारणा में स्थित होकर जो पुरुष 'ॐ' इस एक अक्षर रूप ब्रह्म को उच्चारण करता हुआ और उसके अर्थ स्वरूप मुझ निर्गुण ब्रह्म का चिन्तन करता हुआ शरीर को त्याग कर जाता है, वह पुरुष परमगति को प्राप्त होता है ।।12-13।। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ➡ प्रश्न - यहाँ सब द्वारों का रोकना क्या है? ➡ उत्तर - श्रोत्रादि पाँच ज्ञानेन्द्रिय और वाणी आदि पाँच कर्मेन्द्रिय- इन दसों इन्द्रियों के द्वारा विषयों का ग्रहण होता है, इसलिये इनको ‘द्वार’ कहते हैं। इसके अतिरिक्त इनके रहने के स्थानों (गोलकों) को भी ‘द्वार’ कहते हैं। इन इन्द्रियों को बाह्य विषयों से हटाकर अर्थात् देखने-सुनने आदि की समस्त क्रियाओं को बंद करके, साथ ही इन्द्रियों के गोलकों को भी रोककर इन्द्रियों की वृत्ति को अन्तर्मुख कर लेना ही सब द्वारों का संयम करना है। इसी को योगशास्त्र में ‘प्रत्याहार’ कहते हैं। ➡ प्रश्न - यहाँ ‘हृद्देश’ किस स्थान का नाम है और मन को हृद्देश में स्थिर करना क्या है? ➡ उत्तर - नाभि और कण्ठ- इन दोनों स्थानों के बीच का स्थान, जिसे हृदयकमल भी कहते हैं और जो मन तथा प्राणों का निवास स्थान माना गया है, हृद्देश है; और इधर-उधर भटकने वाले मन को संकल्प-विकल्पों से रहित करके हृदय में निरुद्ध कर देना ही उसको हृद्देश में स्थिर करना है। ➡ प्रश्न - प्राणों को मस्तक में स्थापित करने के लिये कहने का क्या अभिप्राय है? ➡ उत्तर - मन को हृदय में रोकने के बाद प्राणों को ऊर्ध्वगामी नाड़ी के द्वारा हृदय से ऊपर उठाकर मस्तक में स्थापित करने के लिये कहा गया है, ऐसा करने से प्राणों के साथ-साथ मन भी वहीं जाकर स्थित हो जाता है। ➡ प्रश्न - योगधारणा में स्थित रहना क्या है? और ‘योगधारणाम्’ के साथ ‘आत्मनः’ पद देने का क्या अभिप्राय है? ➡ उत्तर - उपर्युक्त प्रकार से इन्द्रियों का संयम और मन तथा प्राणों का मस्तक में भलीभाँति निश्चल हो जाना ही योगधारणा में स्थित रहना है। ‘आत्मनः’ पद से यह बात दिखलायी गयी है कि यहाँ परमात्मा से सम्बन्ध रखने वाली योगधारणा का विषय है, अन्य देवतादिविषयक चिन्तन से या प्रकृति के चिन्तन से सम्बन्ध रखने वाली धारणा का विषय नहीं है। ➡ प्रश्न - यहाँ ओंकार को ‘एकाक्षर’ कैसे कहा? और इसे ‘ब्रह्म’ कहने का क्या अभिप्राय है? ➡ उत्तर - दसवें अध्याय के पचीसवें श्लोक में भी ओंकार को ‘एक अक्षर’ कहा है। इसके अतिरिक्त यह अद्वितीय अविनाशी परब्रह्म परमात्मा का नाम है और नाम तथा नामी में वास्वम में अभेद माना गया है; इसलिये भी ओंकार को ‘एक अक्षर’ और ‘ब्रह्म’ कहना उचित ही है। कठोपनिषद् में भी कहा है- एतद्धयेवाक्षरं ब्रह्म एतद्धयेवाक्षरं परम्। एतद्धयेवाक्षरं ज्ञात्वा यो यदिच्छति तस्य तत्।। ‘यह अक्षर ही ब्रह्म है, यह अक्षर ही परम है; इसी अक्षर को जानकर ही जो जिसकी इच्छा करता है, उसे वही प्राप्त हो जाता है।’ ➡ प्रश्न - वाणी आदि इन्द्रियों के और मन के रुक जाने पर तथा प्राणों के मस्तक में स्थापित हो जाने पर ओंकार का उच्चारण कैसे हो सकेगा? ➡ उत्तर - यहाँ वाणी से उच्चारण करने के लिये नहीं कहा गया है। उच्चारण करने का अर्थ मन के द्वारा उच्चारण करना ही है। ➡ प्रश्न - यहाँ ‘माम्’ पद किसका वाचक है और उसका स्मरण करना क्या है? ➡ उत्तर - यहाँ ज्ञानयोगी के अन्तकाल का प्रसंग होने से ‘माम्’ पद सच्चिदानन्दघन निर्गुण-निराकार ब्रह्म का वाचक है। चौथे श्लोक में ‘इस शरीर में ‘अधियज्ञ’ मैं ही हूँ’ इस कथन से भगवान् ने जिस प्रकार अधियज्ञ के साथ अपनी एकता दिखलायी है, उसी प्रकार यहाँ ‘ब्रह्म’ के साथ अपनी एकता दिखलाने के लिये ‘माम्’ पद का प्रयोग किया है। ➡ प्रश्न - मन से ओंकार का उच्चारण और उसके अर्थस्वरूप ब्रह्म का चिन्तन, दोनों काम एक साथ कैसे होते हैं? ➡ उत्तर - मन के द्वारा दोनों काम एक साथ अवश्य ही हो सकते हैं। परमात्मा के नाम ‘ऊँ’ का मन से उच्चारण करते हुए, साथ-साथ ब्रह्म का चिन्तन करने में कोई आपत्ति नहीं आती। मन से नाम का उच्चारण तो नामी के चिन्तन में उलटा सहायक होता है। महर्षि पतंजलि जी ने भी कहा है ‘ध्यानकाल में सवितर्क समाधि तक शब्द, अर्थ और तद्विषयक ज्ञान का विकल्प मन में रहता है।’ अतः जिसका चिन्तन किया जाता है उसी के वाचक नाम का मन के संकल्प में रहना तो स्वाभाविक है और उन्होंने यह भी कहा है कि- तस्य वाचकः प्रणवः। तज्जपस्तदर्थभावनम्। ‘उसका नाम प्रणव (ऊँ) है।’ ‘उस ऊँ का जप करते हुए उसके अर्थ परमात्मा का चिन्तन करना चाहिये।’ ➡ प्रश्न - यहाँ परमगति को प्राप्त होना क्या है? ➡ उत्तर - निर्गुण-निराकार ब्रह्म को अभेद-भाव से प्राप्त हो जाना, परम गति को प्राप्त होना है; इसी को सदा के लिये आवागमन से मुक्त होना, मुक्तिलाभ कर लेना, मोक्ष को प्राप्त होना अथवा ‘निर्वाण ब्रह्म’ को प्राप्त होना कहते हैं। ➡ प्रश्न - आठवें से दसवें श्लोक तक सगुण-निराकार ईश्वर की उपासना का प्रकरण है और ग्यारहवें से तेरहवें तक निर्गुण-निराकार ब्रह्म की उपासना का। इस प्रकार यहाँ भिन्न-भिन्न दो प्रकरण क्यों माने गये? यदि छहों श्लोकों का एक ही प्रकरण मान लिया जाय तो क्या हानि है? ➡ उत्तर - आठवें से दसवें श्लोक तक के वर्णन में उपास्य परम पुरुष को सर्वज्ञ, सबके नियन्ता सबके धारण-पोषण करने वाले और सूर्य के सदृश स्वयं प्रकाशरूप बतलाया है। ये सभी सर्वव्यापी भगवान् के दिव्य गुण हैं। परंतु ग्यारहवें से तेरहवें श्लोक तक एक भी ऐसा विशेषण नहीं दिया गया है जिससे यहाँ निर्गुण निराकार प्रसंग मानने में तनिक भी आपत्ति हो सकती हो। इसके अतिरिक्त, उस प्रकरण में उपासक को ‘भक्तियुक्त’ कहा गया है, जो भेदोपासना का द्योतक है तथा उसका फल दिव्य परमपुरुष (सगुण परमेश्वर) की प्राप्ति बतलाया गया है। यहाँ अभेदोपासना का वर्णन होने से उपासक के लिये कोई विशेषण नहीं दिया गया है और इसका फल भी परम गति (निर्गुण ब्रह्म) की प्राप्ति बतलाया है। इसके अतिरिक्त ग्यारहवें श्लोक में नये प्रकरण का आरम्भ करने की प्रतिज्ञा भी की गयी है। साथ ही दोनों प्रकरणों को एक मान लेने से योगविषयक वर्णन की पुनरुक्ति का भी दोष आता है। इन सब कारणों से यही प्रतीत होता है कि इन छहों श्लोकों में एक ही प्रकारण नहीं है। दो भिन्न-भिन्न प्रकरण हैं। *राणा जी खेड़ांवाली🚩* *💥 क्रमशः आगामी श्र्लोक {14}… ✍* [गीताप्रेस,गोरखपुर द्वारा प्रकाशित पुस्तक “श्रीमद्भगवद्गीता तत्त्वविवेचनी हिन्दी-टीका" से] 💐 *जय श्री कृष्ण !* ⛳…🙏 🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸

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Davinder Singh Rana Apr 17, 2021

*पुण्य लाभ के लिए इस पंचांग को औरों को भी अवश्य भेजिये स्वयं भी पूरा पढ़े*🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 17 अप्रैल 2021* ⛅ *दिन - शनिवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - चैत्र* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - पंचमी रात्रि 08:32 तक तत्पश्चात षष्ठी* ⛅ *नक्षत्र - मॄगशिरा 18 अप्रैल रात्रि 02:34 तक तत्पश्चात आर्द्रा* ⛅ *योग - शोभन शाम 07:19 तक तत्पश्चात अतिगण्ड* ⛅ *राहुकाल - सुबह 09:28 से सुबह 11:03 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:19* ⛅ *सूर्यास्त - 18:57* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - श्री पंचमी* 💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞यदि आर्थिक संकट या कर्ज के बोझ से दबे हों तो नवरात्रि में मखाने के साथ सिक्के मिलाकर देवी को अर्पित करें और फिर उसे गरीबों में बांट दें। 🌷 *आर्थिक परेशानी हो तो* 🌷 🙏🏻 *स्कंद पुराण में लिखा है पौष मास की शुक्ल पक्ष की दसमी तिथि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी(17 अप्रैल 2021 शनिवार) और सावन महीने की पूनम ये दिन लक्ष्मी पूजा के खास बताये गये हैं | इन दिनों में अगर कोई आर्थिक कष्ट से जूझ रहा है | पैसों की बहुत तंगी है घर में तो 12 मंत्र लक्ष्मी माता के बोलकर, शांत बैठकर मानसिक पूजा करे और उनको नमन करें तो उसको भगवती लक्ष्मी प्राप्त होती है, लाभ होता है, घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती हैं | उसके घर से आर्थिक समस्याए धीरे धीरे किनारा करती है | बारह मंत्र इसप्रकार हैं –* 🌷 *ॐ ऐश्‍वर्यै नम:* 🌷 *ॐ कमलायै नम:* 🌷 *ॐ लक्ष्मयै नम:* 🌷 *ॐ चलायै नम:* 🌷 *ॐ भुत्यै नम:* 🌷 *ॐ हरिप्रियायै नम:* 🌷 *ॐ पद्मायै नम:* 🌷 *ॐ पद्माल्यायै नम:* 🌷 *ॐ संपत्यै नम:* 🌷 *ॐ ऊच्चयै नम:* 🌷 *ॐ श्रीयै नम:* 🌷 *ॐ पद्मधारिन्यै नम:* 👉🏻 *सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्ति प्रदायिनि | मंत्रपूर्ते सदा देवि महालक्ष्मी नमोस्तुते ||* 👉🏻 *द्वादश एतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्यय पठेत | स्थिरा लक्ष्मीर्भवेतस्य पुत्रदाराबिभिस: ||* 🙏🏻 *उसके घर में लक्ष्मी स्थिर हो जाती है | जो इन बारह नामों को इन दिनों में पठन करे 💥 *विशेष ~ 17 अप्रैल 2021 शनिवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है ।* 🙏🏻 * 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *नवरात्र की पंचमी तिथि यानी पांचवे दिन माता दुर्गा को केले का भोग लगाएं ।इससे परिवार में सुख-शांति रहती है ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 *राणा जी खेड़ांवाली🌷* 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *स्कंदमाता की पूजा से मिलती है शांति व सुख* *नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंदमाता भक्तों को सुख-शांति प्रदान करने वाली हैं। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जानते हैं। स्कंदमाता हमें सिखाती हैं कि जीवन स्वयं ही अच्छे-बुरे के बीच एक देवासुर संग्राम है व हम स्वयं अपने सेनापति हैं। हमें सैन्य संचालन की शक्ति मिलती रहे। इसलिए स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए। इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में अवस्थित होना चाहिए, जिससे कि ध्यान वृत्ति एकाग्र हो सके। यह शक्ति परम शांति व सुख का अनुभव कराती हैं।* 📖 ** 📒 * 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀 *राणा जी खेड़ांवाली🚩* * *🚩राशिफल🚩* मेष🚩 आज का दिन आपके लिए उत्तम सफलता दायक रहेगा। बड़ी मात्रा में आज आपके हाथ धन लग सकता है, जिससे आप संतुष्टि महसूस करेंगे और अपने भविष्य की चिंता से मुक्त हो जाएंगे। सायंकाल के समय परिवार के सदस्य और दोस्तों की प्रति उदार रवैया रखें। परिवार के छोटे बच्चे आज आपसे कुछ फरमाइशें कर सकते हैं। अपने व्यवसाय की प्रगति को देख आपके मन में प्रसन्नता का भाव रहेगा और विलासिता माहौल का लुफ्त उठाएंगे। विद्यार्थियों को परीक्षा में उत्तम सफलता मिलेगी। व्यापार के लिए कुछ यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में आज कुछ कमी आ सकती है। वृष🚩 आज का दिन आपके लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। आज आपको अपने अनियमित खानपान से बचना होगा और अपने स्वास्थ्य में आ रही कमी को दूर करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी होगी। आज आपको आय कम और व्यय अधिक होगा, लेकिन आपको दोनों में संतुलन बनाना ही होगा। सायंकाल के समय से लेकर रात्रि तक किसी सामाजिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हो सकता है। जीवनसाथी का आपको भरपूर सहयोग मिलेगा। आज आपका ध्यान देना होगा कि किसी वस्तु की अधिकता आपको हानि पहुंचा सकती है। आपका कोई शत्रु आपके समझ कोई प्रस्ताव रखे, तो उसे स्वीकार करने से बचना होगा। उसके बहकावे में ना आएं मिथुन🚩 आज का दिन आपके लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना पुरा करने वाला है। आज आपके परिवार में कोई विवाद पनप सकता है, लेकिन आपको उस विवाद में नहीं पड़ना है और अपनी व्यवस्था में चल रही योजनाओं को चरम तक पहुंचाना है, जिसमें आपको अपने भाई की मदद लेनी पड़ सकती है। माताजी के लिए आज कोई गिफ्ट खरीद सकते हैं। यदि धन संपति संपत्ति से संबंधित कोई मामला चल रहा है, तो उसमें सफलता मिलेगी। जमीन जायदाद के लिए यदि निवेश करना चाहते हैं, तो उसके लिए दिन उत्तम रहेगा। भविष्य में आपको इसका भरपूर लाभ मिलेगा। कर्क🚩 आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहेगा। व्यापार के लिए आपको कुछ यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं और आप अपनी बिजनेस की तरक्की से कम खुश नजर आएंगे, जिसके लिए आप किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेने की सोच सकते हैं। संतान की शिक्षा को लेकर आज कुछ तनाव रह सकता है, लेकिन जीवन साथी के सहयोग से शाम तक वह समाप्त हो जाएगा। सायंकाल के समय आपका आपके पिताजी से वाद विवाद हो सकता है, इसलिए व्यर्थ की बहस में ना पड़ें। विद्यार्थियों को आज कुछ किताबों की कमी हो सकती है। सिंह🚩 आज का दिन आपके लिए उत्तम फलदायक रहेगा। निजी संबंध प्रेम पूर्ण और सहयोग पूर्ण रहेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहने से आप विभिन्न कार्यों मे सक्रियता से भाग लेंगे। आज आपको अपने पारिवारिक बिजनेस में अपने जीवन साथी की सलाह की आवश्यकता होगी, जिससे आपको भविष्य में भरपूर लाभ होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आज परिवार का कोई सदस्य आपके लिए कोई सरप्राइस प्लान कर सकता है। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे। कन्या🚩 आज का दिन कुछ भाग दौड़ व व्यस्तता भरा रहेगा। आज आपको किसी भी स्थिति का आकलन करके दिल और दिमाग दोनों से फैसला लेना होगा। यदि कहीं निवेश करने की सोच रही हैं, तो उसके लिए दिन उत्तम रहेगा। भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। आजीविका के क्षेत्र में कार्यरत लोगों को आज सफलता मिलेगी। आज आपके परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में गिरावट आने से भागदौड़ अधिक होगी व धन भी व्यय होगा। विद्यार्थियों को आज अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। तुला🚩 आज आपने जो व्यापार साझेदारी में क्या हुआ था, उससे आपको भरपूर लाभ होगा, लेकिन व्यक्तिगत संबंधों मे आज कोई आपके बीच दरार डालने की कोशिश कर सकता है। आप अपने परिवार की सभी जिम्मेदारियों को पूरा करने में सफल रहेंगे। सायंकाल का समय आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ मनोरंजन के कार्यक्रमों में व्यतीत करेंगे। पारिवारिक संपत्ति से संबंधित कोई विवाद चल रहा था, तो उसमें आपको लाभ होगा। आज आपको अपने पिताजी की सेहत के प्रति सचेत रहना होगा। वृश्चिक🚩 आज का दिन आपके लिए उत्तम फलदायक रहेगा। शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान होने के बावजूद आप जो भी कार्य साहस से करेंगे, उसमें आपको सफलता प्राप्त होगी। आज आपके शत्रु आपके कार्यक्षेत्र में कुछ परेशानियां उत्पन्न कर सकते हैं ,लेकिन परेशान ना हो, आपका कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे। यदि आप कहीं यात्रा पर जाने का मन बना रहे थे, तो उसमें सफलता प्राप्त होगी। नौकरी से जुड़े जातकों को आज प्रमोशन व सैलरी में इंक्रीमेंट मिल सकता है। धनु🚩 आज का दिन आपके लिए निश्चित परिणाम लेकर आएगा, लेकिन फिर भी आज आपको अपनी सेहत और अपने वित्तीय संसाधनों पर थोड़ी ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। आज आपके घर में कोई मांगलिक कार्यक्रम हो सकता है। परिवार में कोई तनाव चल रहा था, तो वह आज कम होगा। सायंकाल के समय अपने आस-पड़ोस में वाद विवाद की स्थिति को पनपने ना दें, नहीं तो नुकसान उठाना पड़ सकता है। आज दूसरे लोगों के कार्यों के लिए ज्यादा वक्त और ऊर्जा बर्बाद ना करें क्योंकि ऐसे लोग एक के बाद एक दूसरी डिमांड पेश करते रहेंगे। मकर🚩 आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहेगा। आज आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन होने का योग है, हो सकता है इसके चलते आपको किसी कठिन दौर से भी गुजरना पड़े, लेकिन याद रखें, रात के बाद ही सवेरा होता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें और सहजता से आगे बढ़े। सामाजिक संबंधों में भी आज आपको सफलता मिलती दिख रही है। यदि किसी बैंक व संस्था से लोन लेना चाहते हैं, तो परिवार के सदस्यों से भी विचार कर लें, क्या पता उधार लेने की आवश्यकता ना पड़े। जीवन साथी के स्वास्थ्य में आज कुछ कमी आ सकती है। इसके लिए सायंकाल के समय भागदौड़ रहेगी। कुंभ🚩 आज का दिन आपके लिए कुछ तनावग्रस्त रह सकता है। आज आपको अपने ऊपर हावी होने वाली संभावनाओं से बचना होगा और अपने अंतर्मन की पुकार को सुनना होगा, लेकिन किसी भी मामले में अतिवादी होने से बचें, नहीं तो आपको नुकसान हो सकता है। आज आपके कार्यक्षेत्र में भी अप्रत्याशित बदलाव की संभावना होती दिख रही है, जिसका भविष्य में आपको लाभ भी अवश्य होगा। संतान के विवाह में कुछ विलंब होने से भी तनाव हो सकता है। यदि आपका धन कहीं फंसा हुआ है, तो वह आज आपको प्राप्त हो सकता है। मीन🚩 आज का दिन आपके लिए उत्तम फलदायक रहेगा। आज आपने अपने व्यापार में जो उम्मीदें सजा कर रखी थी, उनके पूरा होने से आप खिल उठेंगे। यदि आप किसी नई नौकरी की तलाश में है, तो वह भी आज आपको मिल सकती है। उसके लिए दिन उत्तम रहेगा। निजी संबंधों के मामले में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, लेकिन आप अपनी समझदारी से इन्हें सुलझा भी सकते हैं। आज आपके लिए बेहतर होगा कि आप अहम को छोड़कर अपने रिश्ते को महत्व दें। संतान को अच्छे कार्य करते देख मन में प्रसन्नता रहेगी। पिताजी की सेहत के प्रति सचेत रहें, ससुराल पक्ष से धन लाभ हो सकता है। *राणा जी खेड़ांवाली🚩* *जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 दिनांक 17 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। इस दिन जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आप भौतिकतावादी है। आप अदभुत शक्तियों के मालिक हैं। 🚩 शुभ दिनांक : 8, 17, 26 🚩 शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44 🚩 शुभ वर्ष : 2024, 2042 🚩 ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता 🚩 शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी 🚩 कैसा रहेगा यह वर्ष शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे 🙏🙏 *राणा जी खेड़ांवाली🚩*

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Davinder Singh Rana Apr 17, 2021

☘️ *_मितली (उल्टी) होने पर अपनाए ये उपाय शर्तिया होगा लाभ मिलेगा आराम_* *राणा जी खेड़ांवाली🚩* *उल्टी होने पर अपनाएं ये 8 घरेलू उपाय* 1 नीबू के रस में काला नमक और काली मिर्च डालकर पीने से उल्टी आना बंद हो जाती है। 2 पेट में गर्मी बढ़ने के कारण भी उल्टी की समस्या होती है। ऐसे में छाछ में भुना हुआ जीरा और सेंधा नमक डालकर पीने से बहुत जल्दी फायदा होता है। 3 नीबू को काटकर उस पर चीनी डालकर चूसने से इस समस्या में बहुत लाभ होता है। इससे चूसने से पेट के भीतर अन्न विकार खत्म हो जाता है और उल्टी आना रूक जाता है। 4 गर्भवती स्त्री को सुबह शाम हल्के गुनगुने पानी में नीबू का रस देने पर उल्टी में लाभ होगा। 5 तुलसी के रस को शहद के साथ मिलाकर पीड़ि‍त को देने पर उल्टियां बंद हो जाती है। 6 इसके अलावा नमक और शक्कर के घोल में नीबू डालकर पीने से भी लाभ होता है। 7 चने को भूनकर सत्तू बनाकर खाने से भी उल्टी आना बंद होता है। 8 इसके अलावा गर्भवती स्त्री के पेट पर पानी की गीली पट्टी रखने से भी उल्टियां आना बंद हो जाता है। *राणा जी खेड़ांवाली🚩*

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Davinder Singh Rana Apr 17, 2021

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Davinder Singh Rana Apr 17, 2021

*नींबू के 30 घरेलू नुस्खे* 💮💮💮🌷💮💮💮 नींबू का रस आपको ताज़गी का एहसास तो दिलाता ही है, साथ ही कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति भी दिलाने का काम करता है। 1💐शुद्ध शहद में नींबू की शिकंजी पीने से मोटापा दूर होता है। 2💐नींबू के सेवन से सूखा रोग दूर होता है। 3💐नींबू का रस एवं शहद एक-एक तोला लेने से दमा में आराम मिलता है। 4💐नींबू का छिलका पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन ठीक होता है। 5💐नींबू में पिसी काली मिर्च छिड़क कर जरा सा गर्म करके चूसने से मलेरिया ज्वर में आराम मिलता है। 6💐नींबू के रस में नमक मिलाकर नहाने से त्वचा का रंग निखरता है और सौंदर्य बढ़ता है। 7💐नौसादर को नींबू के रस में पीसकर लगाने से दाद ठीक होता है। 8💐 नींबू के बीज को पीसकर लगाने से गंजापन दूर होता है। 9💐बहरापन हो तो नींबू के रस में दालचीनी का तेल मिलाकर डालें। 10💐आधा कप गाजर के रस में नींबू निचोड़कर पिएं, रक्त की कमी दूर होगी। 11💐 दो चम्मच बादाम के तेल में नींबू की दो बूंद मिलाएं और रूई की सहायता से दिन में कई बार घाव पर लगाएं, घाव बहुत जल्द ठीक हो जाएगा। 12💐 प्रतिदिन नाश्ते से पहले एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच ज़ैतून का तेल पीने से पत्थरी से छुटकारा मिलता है। 13💐 किसी जानवर के काटे या डसे हुए भाग पर रूई से नींबू का रस लगांए, लाभ होगा। 14💐एक गिलास गर्म पानी में नींबू डाल कर पीने से पांचन क्रिया ठीक रहती है। 15💐चक्तचाप, खांसी, क़ब्ज़ और पीड़ा में भी नींबू चमत्कारिक प्रभाव दिखाता है। 16💐 विशेषज्ञों का कहना है कि नींबू का रस विटामिन सी, विटामिन, बी, कैल्शियम, फ़ास्फ़ोरस, मैग्नीशियम, प्रोटीन और कार्बोहाईड्रेट से समृद्ध होता है। 17💐 विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मसूढ़ों से ख़ून रिसता हो तो प्रभावित जगह पर नींबू का रस लगाने से मसूढ़े स्वस्थ हो जाते हैं। 18💐 नींबू का रस पानी में मिलाकर ग़रारा करने से गला खुल जाता है। 19💐 नींबू के रस को पानी में मिलाकर पीने से त्वचा रोगों से भी बचाव होता है अतः त्वचा चमकती रहती है, कील मुंहासे भी इससे दूर होते हैं और झुर्रियों की भी रोकथाम करता है। 20💐 नींबू का रस रक्तचाप को संतुलित रखता है। 21💐अगर बॉडी में विटामिन सी की मात्रा कम हो जाए, तो एनिमिया, जोड़ों का दर्द, दांतों की बीमारी, पायरिया, खांसी और दमा जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। नीबू में विटामिन सी की क्वॉन्टिटी बहुत ज्यादा होती है। इसलिए इन बीमारियों से दूरी बनाने में यह आपकी मदद करता है। 22💐पेट खराब, पेट फूलना, कब्ज, दस्त होने पर नीबू के रस में थोड़ी सी अजवायन, जीरा, हींग, काली मिर्च और नमक मिलाकर पीने से आपको काफी राहत मिलेगी। 23💐 गर्मी में बुखार होने पर अगर थकान महसूस हो रही हो या पीठ और बांहों में दर्द हो, तो भी आपके पास नींबू का उपाय है। आप एक चम्मच नींबू के रस में दस बूंद तुलसी की पत्तियों का रस, चार काली मिर्च और दो पीपली का चूर्ण मिलाकर लें। इसे दो खुराक के तौर सुबह-शाम लें। 24💐चेहरे पर मुंहासे होना एक आम समस्या है। इसे दूर करने के लिए नींबू रस में चंदन घिसकर लेप लगाएं। अगर दाद हो गया है, तो इसी लेप में सुहागा घिसकर लगाएं, आपको आराम मिलेगा। 25💐 कई बार लंबी दूरी की यात्रा करने पर शरीर में बहुत थकान महसूस होती है। ऐसे में एक गिलास पानी में दो नींबू निचोड़कर उसमें 50 ग्राम किशमिश भिगो दें। रातभर भीगने के बाद सुबह किशमिश पानी में मथ लें। यह पानी दिनभर में चार बार पिएं। इससे एनर्जी मिलेगी और बॉडी की फिटनेस भी बनी रहेगी। 26💐अधिक थकान और अशांति के कारण कई बार नींद नहीं आती। अगर आप भी इस प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं, तो लेमन रेमेडी अपनाएं। रात को सोने से पहले हाथ-पांव, माथे, कनपटी व कान के पीछे सरसों के तेल की मालिश करें। इसके बाद थोड़े से नीबू के रस में लौंग घिसकर चाट लें। ऐसा करने से आपको नींद बहुत जल्दी आएगी। 27💐मोटापे से आजकल हर दूसरा शख्स परेशान होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए आप मूली के रस में नीबू का रस व थोड़ा नमक मिलाकर नियमित रूप से लें। मोटापा दूर होगा। 28💐अगर याददाश्त कमजोर हो गई है, तो गिरी, सोंठ का चूर्ण और मिश्री को पीसकर नींबू के रस में मिलाएं। फिर इसे धीरे-धीरे उंगली से चाटें। 29💐सुंदर दिखना तो सभी चाहते हैं। अगर आपकी भी यही चाहत है, तो एक चम्मच बेसन, आधा चम्मच गेहूं का आटा, आधा चम्मच गुलाब जल और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लोशन तैयार करें। इसे धीरे-धीरे चेहरे पर मलें। कुछ ही दिनों में आपका चेहरा निखर जाएगा। 30💐जहां तक हो सके, कागजी पीले रंग के नीबू का यूज करें। इसमें दो चुटकी सेंधा नमक या काला नमक मिला सकते हैं। *राणा जी खेड़ांवाली🚩 💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷*

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Davinder Singh Rana Apr 17, 2021

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