🌹🌹🌹🙏🏻🌹🌹🌹 *मोरें हृदय परम संदेहा। सुनि कपि प्रगट कीन्हि निज देहा॥* *कनक भूधराकार सरीरा। समर भयंकर अतिबल बीरा॥4॥* अर्थ :-सीता जी कहती हे मेरे हृदय में बड़ा भारी संदेह होता है कि तुम जैसे बंदर राक्षसों को कैसे जीतेंगे यह सुनकर हनुमान्‌जी ने अपना शरीर प्रकट किया। सोने के पर्वत सुमेरु के आकार का अत्यंत विशाल शरीर था, जो युद्ध में शत्रुओं के हृदय में भय उत्पन्न करने वाला, अत्यंत बलवान्‌ और वीर था॥ जय श्रीसीताराम🚩🙏🏻🦜🦜🦜 जय श्रीराधेश्याम🚩🙏🏻🦚🦚🦚 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जय हनुमान🚩🙏🏻🛕 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹*सिमरन करना है, तो डटकर चल,* *थोड़ा दुनियां से हटकर चल,* *दिखावे पर तो सभी चल लेते है,* *कभी इतिहास को पलटकर चल,* *बिना सिमरन के मुकाम कैसा ?* *बिना मेहनत के, दाम कैसा ?* *जब तक ना हाँसिल हो मंज़िल* *तो राह में, राही आराम कैसा ?* *अर्जुन सा, निशाना रख, मन में,* *ना कोई बहाना रख !* *लक्ष्य आत्मा का परमात्मा से मिलाने का* *सामने है, बस उसी पे अपना ठिकाना रख !!* *सोच मत, साकार कर,* *अपने कर्मो से प्यार कर !* *मिलेगा तेरी मेहनत का फल,* *किसी ओर का ना इंतज़ार कर !!* *जो चले थे अकेले उनके पीछे* *आज सचखंड के मेले है |* *जो करते रहे आलस्य उनकी जिंदगी में आज भी झमेले है*🌺🌺🌺🌺🌺🙏🌷🌼🌺🌻🍀🌹🌳🙏🌷🌼🌺🌻🍀🌹🙏 🙏🌹!!जय मां अष्ट भवानी 🌹🙏 🙏🌹🌳🌷🌼🌺🌻🍀🙏🌹🌳🌷🌼🌺🌻🙏 गंगा गीता गायत्री हरिद्वार !! 🙏🍀🌻🌺🌹🌳🌷🌼🙏🍀🌻🌺🌹🌳🌷🙏🌹🌹🌹सेवक भरत व्यास बांगा "जय देवभूमि उत्तराखंड" भगवती गंगा आपको सुख, समृद्धि, वैभव, गुण, रुप, यश प्रदान करें आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें " *गौ, गंगा, गीता और गायत्री का सन्मान कीजिये ये सनातन संस्कृति के प्राण स्तंभ है* 🙏 *नमस्कार* 🙏* ठंड शुरू हो गई है *, आपसे अनुरोध है कि जब भी आप रात में अपनी कार या अन्य वाहनों में बाहर जाएं तो अपने पुराने कपड़े, स्वेटर और कंबल अपने साथ रखें। जहाँ भी आप सड़क के किनारे किसी बच्चे, बुजुर्ग या ज़रूरतमंद को कांपते हुए देखते हैं, ज़रूरतमंद लोगों को ये कपड़े दें। आपका कदम एक असहाय गरीब व्यक्ति के जीवन को बचा सकता है। एक अन्य अनुरोध: - कृपया इस संदेश को मानवतावादी के रूप में आगे बढ़ाएं।

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🔱हे देवों के देव महादेव!! कट रहा जीवन सफर बस इसके इंतजार में। क्योकि होगी सुनवाई किसी ना किसी दिन मेरी भोले के दरबार में। अजब गजब महिमा तेरी भोले!💐 खुद राख लपेटे फिरते बाघम्बरधारी।। भक्तों को तो देते है महल अटारी देवों के हित विष पी बने नीलकंठ नामधारी। आप तो है महादेव तीनों लोक के संकठहारी। आपको कोटि कोटि नमन्।🛐🙏हे भोले भंडारी संग मातु पार्वती महरानी।फेर भले लो भक्तों से अपनी निगाहें।पर हमने तो सौप दी जीवन नैया की पतवार हाथ तुम्हारे।मेरी अर्जी लगाना किनारे ,अब आप !! की मर्जी.. डूबाओ या लगाओं किनारे। सदैव मेरे शिश झूकेगें शरण तुम्हारे।🙏🛐,Corona फेलने का समय रात्रि 10 से सुबह 6 बजे हैं... कृपया इस समय #socialdistancing एवं #mask का खास ध्यान रखना है...जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं ! लगातार हाथ धोते रहिये कभी नौकरी से, तो कभी बिज़नेस से!! *कोरोना बहुत ही सभ्य किस्म का वायरस है,* चुनाव की आवश्यकता को देखते हुए इसने पिछले 3 महीनो तक लोगों को ज्यादा परेशान नहीं किया, जहां 2 से 5 हजार लोग सभा और भोजन के लिए उमड़े वहां भी किसी को परेशान नही किया और तो और बिना मॉस्क वालो को भी इसने जाने दिया ताकि चुनाव सुचारू रूप से संपन्न हो सके । 🙏🙏*_रात को कोरोना सपने में आया था, बोला - भैया मैं वापस आ गया* *_मैंने बोला- भाई तू तो चला गया था ना,_* *_कोरोना बोला - नहीं सरकार ने चुनाव में ड्यूटी लगा दी थी_* 😜😜🤣🤣 😊😊😊😊🍅✴☀❣जय मां अंबे भवानी ❣☀✴🍅❣ 🍂🐚 गंगा गीता गायत्री 🍂🐚 (¯`•.•´¯) *`•.¸(¯`•.•´¯)¸.•´ `•.¸.•´ ჱܓ*“ 🍅✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴🍅 ☆*´¨`☽  ¸.★* ´¸.★*´¸.★*´☽ (  ☆** Ψ त्रिवेणी घाट हरिद्वार .Ψ `★.¸¸¸. ★• ° 🙏सेवक भरत व्यास बांगा हिसार हरिद्वार

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💥पैसा💥 Rupeya जब पैसा नहीं होता है .... तो सब्जियां पका के खाता है.... जब पैसा आ जाता है तो .... सब्जियां कच्ची खाता है..... जब पैसा नहीं होता है .... तो मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाता है... जब पैसा आ जाता है तो .... इंसान भगवान को दर्शन देने जाता है.... जब पैसा नहीं होता है ..... तो नींद से जगाना पड़ता है..... जब पैसा आ जाता है तो ..... नींद की गोली देके सुलाना पड़ता है...... जब पैसा नहीं होता है तो ... अपनी बीवी को सेक्रेट्री समझता है.... लेकिन जब पैसा आ जाता है .... तो सेक्रेट्री को बीवी समझने लगता है।। अजीब है ये पैसा....☑☑🍅✴☀❣जय मां अंबे भवानी ❣☀✴🍅❣ 🍂🐚 गंगा गीता गायत्री 🍂🐚 (¯`•.•´¯) *`•.¸(¯`•.•´¯)¸.•´ `•.¸.•´ ჱܓ*“ 🍅✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴🍅 ☆*´¨`☽  ¸.★* ´¸.★*´¸.★*´☽ (  ☆** Ψ त्रिवेणी घाट हरिद्वार .Ψ `★.¸¸¸. ★• ° 🙏सेवक भरत व्यास बांगा हिसार हरिद्वार

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*ऐहसास सच्चे हो,* *वही काफी है* *यकीन तो लोग!* *सच पर भी, नहीं करते....।।* 🙏🏼💐*सुप्रभात* 😊 ☕. *”गलत दिशा”* *मे* *बढ रही “भीड़”* *का* *”हिस्सा” बनने* *से* *”बेहतर”* *है* *”सही” दिशा* *मे* *”अकेले” चले* *क्योकि* *”गलत” दिशा* *की* *भीड़* *मे* *आप “खुद”* *को* *हमेशा* *के* *लिए “खो” देगें* *जबकी सही “दिशा”* *मे* *”अकेले” चलने* *से* *खुद* *की* *”पहचान” बना सकेंगे*. *”गलत दिशा”* *मे* *बढ रही “भीड़”* *का* *”हिस्सा” बनने* *से* *”बेहतर”* *है* *”सही” दिशा* *मे* *”अकेले” चले* *क्योकि* *”गलत” दिशा* *की* *भीड़* *मे* *आप “खुद”* *को* *हमेशा* *के* *लिए “खो” देगें* *जबकी सही “दिशा”* *मे* *”अकेले” चलने* *से* *खुद* *की* *”पहचान” बना सकेंगे*🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🍅✴☀❣जय मां अंबे भवानी ❣☀✴🍅❣ 🍂🐚 गंगा गीता गायत्री 🍂🐚 (¯`•.•´¯) *`•.¸(¯`•.•´¯)¸.•´ `•.¸.•´ ჱܓ*“ 🍅✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴🍅 ☆*´¨`☽  ¸.★* ´¸.★*´¸.★*´☽ (  ☆** Ψ त्रिवेणी घाट हरिद्वार .Ψ `★.¸¸¸. ★• ° 🙏सेवक भरत व्यास बांगा हिसार हरिद्वार 🌺🗯️🔥 *हानि को भय ना सताये , जो मैया तू साथ निभाये* .... 🔥 *मेरे तो हर दुःख में माई , तू सदा ही आड़ी आये* !! *मन मंदिर मे बैठाकर मैया तुझे ,* *नित भाव की गंगा बहा दूं* *कुछ ओर देने को नहीं मैया ,* *बस भावों का भोग लगा दूं* *🌹|| *जय मां अंबे भवानी *||

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ऊँ श्रां श्रीं श्रूं शनैश्चाराय नमः। ऊँ हलृशं शनिदेवाय नमः। ऊँ एं हलृ श्रीं शनैश्चाराय नमः। ऊँ मन्दाय नमः।। ऊँ सूर्य पुत्राय नमः।। जय शनिदेव 🙏🏻हाथ आ कर लगा गया कोई मेरा छप्पर उठा गया कोई लग गया इक मशीन में मैं भी शहर में ले के आ गया कोई मैं खड़ा था कि पीठ पर मेरी इश्तिहार इक लगा गया कोई ये सदी धूप को तरसती है जैसे सूरज को खा गया कोई ऐसी महँगाई है कि चेहरा भी बेच के अपना खा गया कोई अब वो अरमान हैं न वो सपने सब कबूतर उड़ा गया कोई वो गए जब से ऐसा लगता है छोटा मोटा ख़ुदा गया कोई मेरा बचपन भी साथ ले आया गाँव से जब भी आ गया कोई - 😍😘😊🍅✴☀❣जय मां अंबे भवानी ❣☀✴🍅❣ 🍂🐚 गंगा गीता गायत्री 🍂🐚 (¯`•.•´¯) *`•.¸(¯`•.•´¯)¸.•´ `•.¸.•´ ჱܓ*“ 🍅✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴🍅 ☆*´¨`☽  ¸.★* ´¸.★*´¸.★*´☽ (  ☆** Ψ त्रिवेणी घाट हरिद्वार .Ψ `★.¸¸¸. ★• ° 🙏सेवक भरत व्यास बांगा हिसार हरिद्वार 🌺🌺🌺जय सीताराम !! श्री रामचरितमानस के अनुसार !! अति कृपाल रघुनायक सदा दीन पर नेह ! ता सन आइ कीन्ह छलु मूरख अवगुन गेह !! भावार्थ:-> श्री रघुनाथजी, जो अत्यन्त ही कृपालु हैं और जिनका दीनों पर सदा प्रेम रहता है,!! उनसे भी उस अवगुणों के घर मूर्ख जयन्त ने आकर छल किया !! => शास्त्री हनुमानजी महराज <=

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💢🚩ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्🚩💢 🚩✴उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्✴ 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 मंत्र का अर्थ- हम त्रिनेत्र को पूजते हैं, जो सुगंधित हैं, हमारा पोषण करते हैं, जिस तरह फल, शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है, वैसे ही हम भी मृत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाएं। 🌺🌺🌺🌺शंकर -------- ढूंढ ढूंढ कर सब हैं हारे मेरे शंकर कहां मिलेंगे ? गंगा तट पर बसने वाले भोले शंकर कहां मिलेंगे? कावंड लेकर दर-दर ढूंढा बम-बम शंकर कहां मिलेंगे ? बेलपत्र के वृक्ष से पूछा आदि शंकर कहां मिलेंगें? शिवरात्री की रात से पूछा योगी शंकर कहां मिलेंगे? उत्सव के पंडाल में पूछा रूद्र शंकर कहां मिलेंगें? योगियों की झोली में ढूंढा त्रिलोकी शंकर कहीं मिलेंगे? सृष्टि के कण-कण से पूछा निराकारी शंकर कहां मिलेंगें? नीलकंठ से गाकर पूछा गौरी शंकर कहां मिलेंगें? काशी के घाटों पर ढूंढा कैलाशी शंकर कहां मिलेंगे? निर्बल को सबल बनाकर देखो मनमौजी शंकर वहीं मिलेंगें! मन से तब ओंकार पुकारो भोले शंकर वहीं मिलेंगें!🌹🌹🌹🌹🌹*"दूध का सार है मलाई में,* *और जिंदगी का सार है भलाई में !!* * *लकड़ी को बढ़ई सुंदर बनाता है ,* *सोने को सुनार सुंदर बनाता है* *कपड़े को दर्ज़ी सुंदर बनाता है* *बग़ीचे को माली सुंदर बनाता है* *और मनुष्य को... भजन-सिमरन* *स्मरण रहे कि भजन-सिमरन की सुंदरता ही मालिक को सबसे ज्यादा भाती है* *जय जय श्रीकृष्णा जय जय श्रीराधे राधे..*👏👏👏👏👏🍅✴☀❣जय मां अंबे भवानी ❣☀✴🍅❣ 🍂🐚 गंगा गीता गायत्री 🍂🐚 (¯`•.•´¯) *`•.¸(¯`•.•´¯)¸.•´ `•.¸.•´ ჱܓ*“ 🍅✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴🍅 ☆*´¨`☽  ¸.★* ´¸.★*´¸.★*´☽ (  ☆** Ψ त्रिवेणी घाट हरिद्वार .Ψ `★.¸¸¸. ★• ° 🙏सेवक भरत व्यास बांगा हिसार हरिद्वार

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*देहरी, आंगन, धूप नदारद।* *ताल, तलैया, कूप नदारद।* *घूँघट वाला रूप नदारद।* डलिया, चलनी, सूपा नदारद आया दौर फ्लैट कल्चर का, देहरी, आंगन, धूप नदारद। हर छत पर पानी की टंकी, ताल, तलैया, कूप नदारद।। लाज-शरम चंपत आंखों से, घूँघट वाला रूप नदारद। पैकिंग वाले चावल, दालें, डलिया,चलनी, सूप नदारद।। 🤨🤨 बढ़ीं गाड़ियां, जगह कम पड़ी, सड़कों के फुटपाथ नदारद। *लोग हुए मतलबपरस्त सब,* *मदद करें वे हाथ नदारद।।* मोबाइल पर चैटिंग चालू, यार-दोस्त का साथ नदारद। बाथरूम, शौचालय घर में, कुआं, पोखरा ताल नदारद।। 🤨🤨 हरियाली का दर्शन दुर्लभ, *कोयलिया की कूक नदारद।* घर-घर जले गैस के चूल्हे, चिमनी वाली फूंक नदारद।। मिक्सी, लोहे की अलमारी, सिलबट्टा, संदूक नदारद। *मोबाइल सबके हाथों में,* *विरह, मिलन की हूक नदारद।।* 🤨🤨 बाग-बगीचे खेत बन गए, जामुन, बरगद, रेड़ नदारद। सेब, संतरा, चीकू बिकते गूलर, पाकड़ पेड़ नदारद।। ट्रैक्टर से हो रही जुताई, जोत-जात में मेड़ नदारद। *रेडीमेड बिक रहा ब्लैंकेट,* *पालों के घर भेड़ नदारद।।* 🤨🤨 लोग बढ़ गए, बढ़ा अतिक्रमण, जुगनू, जंगल, झाड़ नदारद। कमरे बिजली से रोशन हैं, ताखा, दियना, टांड़ नदारद।। चावल पकने लगा कुकर में, *बटलोई का मांड़ नदारद।* कौन चबाए चना-चबेना, भड़भूजे का भाड़ नदारद।। 🤨🤨 पक्के ईंटों वाले घर हैं, छप्पर और खपरैल नदारद। ट्रैक्टर से हो रही जुताई, *दरवाजे से बैल नदारद।।* बिछे खड़ंजे गली-गली में, *धूल धूसरित गैल नदारद।* चारे में भी मिला केमिकल, गोबर से गुबरैल नदारद।। 🤨🤨 शर्ट-पैंट का फैशन आया, धोती और लंगोट नदारद। खुले-खुले परिधान आ गए, बंद गले का कोट नदारद।। *आँचल और दुपट्टे गायब,* *घूंघट वाली ओट नदारद।* महंगाई का वह आलम है, एक-पांच के नोट नदारद।। 🤨🤨 लोकतंत्र अब भीड़तंत्र है, जनता की पहचान नदारद। कुर्सी पाना राजनीति है, नेता से ईमान नदारद।। *गूगल विद्यादान कर रहा,* *गुरुओ का सम्मान नदारद।*🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🍅✴☀❣जय मां अंबे भवानी ❣☀✴🍅❣ 🍂🐚 गंगा गीता गायत्री 🍂🐚 (¯`•.•´¯) *`•.¸(¯`•.•´¯)¸.•´ `•.¸.•´ ჱܓ*“ 🍅✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴🍅 ☆*´¨`☽  ¸.★* ´¸.★*´¸.★*´☽ (  ☆** Ψ त्रिवेणी घाट हरिद्वार .Ψ `★.¸¸¸. ★• ° 🙏सेवक भरत व्यास बांगा हिसार हरिद्वार

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