sarita @bh. May 9, 2021

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 4 शेयर
sarita @bh. May 9, 2021

ओ खाटू के बाबा श्याम, तू लीले चढ़ कर आजा,  तू लीले चढ़ कर आजा, भग्तां का कष्ट मिटा जा, हो ज्या मन का पूरण काम, तू लीले चढ़ कर आजा, तू लीले चढ़ कर आजा, तू लीले चढ़ कर आजा, नैया पड़ गई बीच भँवर में, भारी अथाह है या जल में, नैया, हो नैयाँ, हो नैयाँ हो रही डामा डोल, केवट बन पार लगा जा, तू लीले चढ़ कर आजा, तू लीले चढ़ कर आजा, हो ज्या मन का पूरण काम, तू लीले चढ़ कर आजा, मैं गयो ना दूजे द्वार , जो दिखे मोहे सहारो, बाबा, हो बाबा,  बाबा थारो ही आधार, तू आकर कष्ट मिटा जा, तू लीले चढ़ कर आजा, तू लीले चढ़ कर आजा, हो ज्या मन का पूरण काम, तू लीले चढ़ कर आजा, आलूसिंह कहे सुणो प्यारा, दयो  हुकुम होय निस्तारा, घनश्याम को तू ही श्याम, तू लीले चढ़ कर आजा, तू लीले चढ़ कर आजा, तू लीले चढ़ कर आजा, हो ज्या मन का पूरण काम, तू लीले चढ़ कर आजा, खाटू के बाबा श्याम, तू लीले चढ़ कर आजा, तू लीले चढ़ कर आजा, तू लीले चढ़ कर आजा,

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 6 शेयर
sarita @bh. May 9, 2021

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 13 शेयर
sarita @bh. May 8, 2021

+41 प्रतिक्रिया 9 कॉमेंट्स • 168 शेयर
sarita @bh. May 8, 2021

*सेवा भाव* *एक बार एक राजा भोजन कर रहा था, अचानक खाना परोस रहे सेवक के हाथ से थोड़ी सी सब्जी राजा के कपड़ों पर छलक गई। राजा की त्यौरियां चढ़ गयीं।_* जब सेवक ने यह देखा तो वह थोड़ा घबराया, लेकिन *कुछ सोचकर उसने प्याले की बची सारी सब्जी भी राजा के कपड़ों पर उड़ेल दी।* अब तो राजा के क्रोध की सीमा न रही। उसने सेवक से पूछा, *'तुमने ऐसा करने का दुस्साहस कैसे किया?'* सेवक ने अत्यंत शांत भाव से उत्तर दिया, *महाराज ! पहले आपका गुस्सा देखकर मैनें समझ लिया था कि अब जान नहीं बचेगी। लेकिन फिर सोचा कि लोग कहेंगे की राजा ने छोटी सी गलती पर एक बेगुनाह को मौत की सजा दी। ऐसे में आपकी बदनामी होती। तब मैनें सोचा कि सारी सब्जी ही उड़ेल दूं। ताकि दुनिया आपको बदनाम न करे। और मुझे ही अपराधी समझे।* राजा को उसके जबाव में एक गंभीर संदेश के दर्शन हुए और पता चला कि सेवक भाव कितना कठिन है। *जो समर्पित भाव से सेवा करता है उससे कभी गलती भी हो सकती है फिर चाहे वह सेवक हो, मित्र हो, या परिवार का कोई सदस्य, ऐसे समर्पित लोगों की गलतियों पर नाराज न होकर उनके प्रेम व समर्पण का सम्मान करना चाहिए।* *श्री श्याम कृपा*

+13 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 82 शेयर
sarita @bh. May 8, 2021

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 18 शेयर
sarita @bh. May 8, 2021

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर