Babita Sharma Nov 12, 2019

कार्तिक पूर्णिमा,देव दीपावली एवं गुरु नानक देव जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌹🌹श्री हरि विष्णु जी की कृपा सभी पर बनी रहे ऐसी मंगलकामना है 🙏 कार्तिक पूर्णिमा के सरल उपाय, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए अवश्य आजमाएं : कार्तिक पूर्णिमा अंतिम अवसर है इस पवित्र माह का जब एकसाथ समस्त देवी-देवताओं को प्रसन्न किया जा सकता है। यूं भी पूर्णिमा मां लक्ष्मी को अत्यन्त प्रिय है। इस दिन मां लक्ष्मी की आराधना करने से जीवन में खुशियों की बहार आती है।  पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी का पीपल के वृक्ष पर निवास रहता है। पूर्णिमा के दिन जो भी जातक मीठे जल में दूध मिलाकर पीपल के पेड़ पर चढ़ाता है उस पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है।  कार्तिक पूर्णिमा के गरीबों को चावल दान करने से चन्द्र ग्रह शुभ फल देता है।  इसी तरह शिवलिंग पर कच्चा दूध, शहद व गंगाजल मिला कर चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते है। कार्तिक पूर्णिमा को घर के मुख्यद्वार पर आम के पत्तों का तोरण बांधें।  इस दिन किसी नन्ही बच्ची को उपहार दें।  पूर्णिमा पर चन्द्रमा के उदय होने के पश्चात खीर में मिश्री व गंगा जल मिलाकर मां लक्ष्मी को भोग लगाएं।   द्वार पर रंगोली जरूर बनाएं। इससे विशेष समृद्धि के योग बनते हैं। नवग्रह प्रसन्न होते हैं।  नौ ग्रहों के लिए किस प्रकार नौ दान करें: 🙏सूर्य के कारण ह्रदय रोग और अपयश की समस्या होती है- - इसके निवारण के लिए गुड़ और गेंहू का दान करें. 🙏चन्द्रमा के कारण मानसिक रोग और तनाव के योग बनते हैं- - इससे बचने के लिए जल, मिसरी या दूध का दान करें. 🙏मंगल के कारण रक्त दोष और मुकदमेबाजी की समस्या होती है. - इससे बचने के लिए मसूर की दाल का दान करें. 🙏बुध के कारण त्वचा और बुद्धि की समस्या हो जाती है- - इसके निवारण के लिए हरी सब्जियों और आंवले का दान करना चाहिए. 🙏बृहस्पति के कारण मोटापा, पाचन तंत्र और लिवर की समस्या हो जाती है- - इसके निवारण के लिए केला, मक्का और चने की दाल का दान करें. 🙏शुक्र के कारण मधुमेह और आंखों की समस्या होती है- - इसके निवारण के लिए घी, मक्खन और सफेद तिल आदि का दान करना चाहिए. 🙏शनि के कारण स्नायु तंत्र और लम्बी बीमारियां हो जाती हैं- - इसके निवारण के लिए काले तिल और सरसों के तेल का दान करना चाहिए. 🙏राहु - केतु के कारण विचित्र तरह के रोग हो जाते हैं. - इसके निवारण के लिए सात तरह के अनाज, काले कम्बल और जूते चप्पल का दान करें. श्री हरि सर्व जगत का कल्याण करें हरि ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🌹🙏

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Babita Sharma Nov 11, 2019

गंगा जी में वही पाप धुलते हैं जो अंजाने में किये हों, जानबूझकर किए पाप तो यमराज ही धोएंगे और वह भी ठोक बजाकर 🙏🙏नेक कर्मों की पूंजी जमा करें यही उत्तम सम्पत्ति है। आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो ॐ नमः शिवाय 🔱🙏 एक बार की बात है, पति – पत्नी किराये के नए घर में रहने लगे । एक सुबह, उसकी पत्नी ने खिड़की के बाहर देख कर बोला – कि हमारे घर के सामने वाली छत पर किसी के कपड़े सुख रहे है। देखो – कितने गंदे कपड़े है, लगता है इनको कपड़े धोने नहीं आते । उसके पति ने उसकी सारी बात सुनी, परन्तु ज्यादा ध्यान नहीं दिया । कुछ दिन बाद फिर उसी जगह पर कपडेऊ सुख रहे थे । कपड़ों को देख उसकी पत्नी ने फिर वही बात बोल दी, कि ये लोग कपड़े धोना कब सीखेंगे, कितने गन्दे कपड़े है । इस बार भी उसके पति ने उसकी बात सुन उसको कुछ नहीं बोला । लेकिन अब ये बात हर रोज की हो गयी थी, जब भी वह कपड़े सूखे देखती भला – बुरा कहना शुरू कर देती । एक महीने बाद वे दोनों बैठे खाना खा रहे थे । उसकी पत्नी ने हमेशा के जैसे खिड़की के बाहर देखा और बोला कि – लगता है, इनको कपड़े धोने की समझ आ गई है । आज कितने साफ़ कपड़े धोए है या इनको किसी ने बोला होगा । उसके पति ने कहा – इनको किसी ने नहीं बोला है, उसकी पत्नी हैरानी से बोली – तुम्हें कैसे पता ? उसने उतर दिया – कि आज में जल्दी उठ गया था, तो मैंने हमारी खिड़की जिसके कांच पर बाहर बहुत मिट्टी लगी थी, को साफ़ कर दिया, इसलिए तुमको आज कपड़े साफ़ दिख रहे है । इस तरह से ही ये बात हमारी जिंदगी में भी पूरी तरह से लागू होती है । हम भी खुद को ठीक किये बिना गन्दी खिड़की से सब को देखते रहते है और आलोचना करते है, जबकि जरुरत खुद को साफ़ यानि स्वयं के सुधार की है । इसलिए विचार करें पहले क्या जरुरी है स्वयं का सुधार या दूसरों की बुराई। ॐ नमः शिवाय 🔱

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Babita Sharma Nov 9, 2019

*परीक्षा संसार की करनी चाहिये* *प्रतीक्षा परमात्मा की* *और* *समीक्षा अपनी* *पर हम परीक्षा परमात्मा की करते हैं* *प्रतीक्षा सुख की* *और* *समीक्षा दूसरों की करते हैं l* *Good Morning* 🙏 शुभ प्रभात 🙏 🚩 जय श्री राम🚩 इन वस्तुओं से जुड़े होते हैं शकुन-अपशकुन अगर कपड़े पहनते समय कोट या शर्ट के बटन गलत लग जाएं तो माना जाता है कि इससे बनते काम बिगड़ जाते हैं। वहीं अगर रास्ते में गिरा हुआ बटन मिल जाए तो यह इशारा नए दोस्त बनने की तरफ है। कहा जाता है कि पर्स कभी भी खाली नहीं रखना चाहिए। कपड़े की हर जेब में पैसे रखें। यह एक अच्छा शकुन है। दूध का उबलकर गिरना शुभ माना जाता है।इस स्थिति में दूध को जलना नहीं चाहिए  जान बुझकर दूध उबाल कर गिरना शकुन की गिनती में नहीं आता है। वहीं दूध का बिखर जाना अशुभ संकेत है। यह किसी दुर्घटना की ओर संकेत करता है। चाकू के बिना रसोई नहीं चल सकती है इसलिए इससे कई शकुन-अपशकुन जुड़े हैं। खाने की मेज पर अगर चाकू क्रॉस करके रखा गया है तो यह अशुभ संकेत है। चाकू का मेज से गिरना भी शुभ नहीं माना जाता। चाबियों का सीधा संबंध घर और गृहणी से है। अगर गृहणी के पास ऐसा चाबियों का गुच्छा है जिसमें बार-बार सफाई के बाद भी जंग लग जाता है तो इसका मतलब उसे धन प्राप्त होने वाला है। बच्चों के तकिए के नीचे चाबियों का गुच्छा रखने से उन्हें रात को बुरे सपने नहीं डराते। आटे का संबंध घर की रसोई से होता है अगर आटा गूंथते समय थोड़ा सा आटा बाहर गिर जाए तो इसका मतलब है कि आपके घर कोई मेहमान आने वाला है। यह एक अच्छा संकेत है।यदि कोई गृहिणी आटा गंूधने की तैयारी कर रही हो और उस वक्त घर पर कोई भिखारी आ जाए तो उस गृहिणी को उसमें से एक मुट्ठी आटा उस भिखारी को देना चाहिए। माना जाता है कि दान किया हुआ एक मुट्ठी आटा व्यक्ति पर आए संकट को दूर करता है। घर में टूटा हुआ आईना रखना अपशकुन माना जाता है। अगर हाथ से छूटकर आईना टूट जाए तो यह भी अपशकुन की ओर संकेत करता है। कहा जाता है कि रुई एक अच्छा शकुन है। रुई अगर किसी व्यक्ति के कपड़ों से चिपकी हुई मिले तो इसका मतलब है कि उस व्यक्ति को कहीं से शुभ समाचार मिलने वाला है। सुबह-सुबह पानी या दूध से भरी हुई बाल्टी देखना अच्छा शकुन माना जाता है। कहा जाता है कि भरी बाल्टी देखने से काम पूरे होते हैं वहीं खाली बाल्टी देखना अपशकुन समझा जाता है। झाड़ू को लक्ष्मी जी का प्रतीक माना जाता है। झाड़ू पर पांव रखना मतलब आई हुई लक्ष्मी को ठुकराना है, इसलिए यह एक अपशकुन है। उल्टा झाड़ू रखना अपशकुन माना जाता है।अंधेरा होने के बाद घर में झाड़ू लगाना अशुभ होता है। इससे घर में दरिद्रता आती है।यदि कोई छोटा बच्चा अचानक झाड़़ू लगाने लगे तो अनचाहे मेहमान घर में आते हैं।किसी के बाहर जाते ही तुरंत झाड़ू लगाना अशुभ होता है। अगर कपड़े पहनते वक्त जेब से सिक्के गिरें तो ये शुभ संकेत हैं। आपको भविष्य में धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं।  अगर आपके घर के बगीचे में अपने आप तुलसी का पौधा उग आए, तो ये शुभ संकेत हैं। आपके घर में भगवान विष्णु और लक्ष्मी का वास होने वाला है। अगर घर के बगीचे में दुर्वा उग आए तो ये संकेत है कि आपके घर में अब किसी काम में कोई परेशानी नहीं आएगी। अगर घर में शहद का कोई बरतन टूट कर शहद फर्श पर बिखर जाए तो ये संकेत है कि आपके घर में कोई नेगेटिव एनर्जी अब नहीं रही है। घर में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। माना जाता है सोने-चांदी के गहनों, हीरे-मोती जड़े आभूषणों का खो जाना अशुभ हो सकता है. आभूषणों से अलंकृत नारी के दिन में दर्शन शुभ हैं, किंतु स्वप्न में दर्शन अमंगलकारी है. आपका जीवन खुशियों से परिपूर्ण हो 🙏🙏जय बजरंग बली

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Babita Sharma Nov 8, 2019

🙏🙏विष्णु भगवान आपके घर मंगल ही मंगल करें, इसीकामना के साथ आप और आपके परिवार को देवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं| 🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃 हम सबके घर में विराजित मां तुलसी के 8 नामों का मंत्र या सीधे 8 नाम एकादशी के दिन बोलने से भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है। मंत्र : एतभामांष्टक चैव स्रोतं नामर्थं संयुक्तम। य: पठेत तां च सम्पूज् सौऽश्रमेघ फललंमेता।। तुलसी के 8 नाम – पुष्पसारा, नन्दिनी, वृंदा, वृंदावनी, विश्वपूजिता, विश्वपावनी, तुलसी और कृष्ण जीवनी।  तुलसी की पूजा में ये चीजें जरूरी हैं तुलसी पूजा के लिए घी दीपक, धूप, सिंदूर, चंदन, नैवद्य और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। रोजाना पूजन करने से घर का वातावरण पूरी तरह पवित्र रहेगा। इस पौधे में ऐसे तत्व भी होते हैं जिनसे कीटाणु पास नहीं फटकते। तुलसी विवाह में शामिल शालिग्राम की पूजा के लाभ आपको अचरज में डाल देंगे, देवउठनी एकादशी के दिन उनके प्रभु निद्रा से जागते हैं और परम सती भगवती स्वरूपा मां तुलसी से उनका विवाह होता है। कार्तिक शुक्ल एकादशी और द्वादशी को तुलसी विवाह होता है जिसमें श्री शालिग्राम और तुलसी का विवाह संपन्न होता है। यह शालिग्राम, सालिग्राम आखिर कौन है:  भगवान शालिग्राम श्री नारायण का साक्षात् और स्वयंभू स्वरुप माने जाते हैं। आश्चर्य की बात है की त्रिदेव में से दो भगवान शिव और विष्णु दोनों ने ही जगत के कल्याण के लिए पार्थिव रूप धारण किया। जिस प्रकार नर्मदा नदी में निकलने वाले पत्थर नर्मदेश्वर या बाण लिंग साक्षात् शिव स्वरुप माने जाते हैं और स्वयंभू होने के कारण उनकी किसी प्रकार प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती।  ठीक उसी प्रकार शालिग्राम भी नेपाल में गंडकी नदी के तल में पाए जाने वाले काले रंग के चिकने, अंडाकार पत्थर को कहते हैं। स्वयंभू होने के कारण इनकी भी प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती और भक्त जन इन्हें घर अथवा मन्दिर में सीधे ही पूज सकते हैं।  शालिग्राम भिन्न भिन्न रूपों में प्राप्त होते हैं कुछ मात्र अंडाकार होते हैं तो कुछ में एक छिद्र होता है तथा पत्थर के अंदर शंख, चक्र, गदा या पद्म खुदे होते हैं। कुछ पत्थरों पर सफेद रंग की गोल धारियां चक्र के समान होती हैं। दुर्लभ रूप से कभी कभी पीताभ युक्त शालिग्राम भी प्राप्त होते हैं।शालिग्राम को एक विलक्षण व मूल्यवान पत्थर माना गया है। इसे बहुत सहेज कर रखना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि शालिग्राम के भीतर अल्प मात्रा में स्वर्ण भी होता है। जिसे प्राप्त करने के लिए चोर इन्हें चुरा लेते हैं। भगवान् शालिग्राम का पूजन तुलसी के बिना पूर्ण नहीं होता और तुलसी अर्पित करने पर वे तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं। श्री शालिग्राम और भगवती स्वरूपा तुलसी का विवाह करने से सारे अभाव, कलह, पाप ,दुःख और रोग दूर हो जाते हैं।भगवान शिव ने भी स्कंदपुराण के कार्तिक माहात्मय में भगवान शालिग्राम की स्तुति की है। ब्रह्मवैवर्तपुराण के प्रकृतिखंड अध्याय में उल्लेख है कि जहां भगवान शालिग्राम की पूजा होती है वहां भगवान विष्णु के साथ भगवती लक्ष्मी भी निवास करती है। पुराणों में यह भी लिखा है कि शालिग्राम शिला का जल जो अपने ऊपर छिड़कता है, वह समस्त यज्ञों और संपूर्ण तीर्थों में स्नान के समान फल पा लेता है। तुलसी शालिग्राम विवाह करवाने से वही पुण्य फल प्राप्त होता है जो कन्यादान करने से मिलता है। हर घर में भगवान विष्णु विराजे हर घर में यश वैभव और समृद्धि आवे। हरि ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🌹🙏🙏

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Babita Sharma Nov 7, 2019

कबीर सुता क्या करे जागे न जपे मुरारी। एक दिन तू भी सोएगा लंबे पांव पसारी।। सुप्रभात वंदन 🙏🙏आपका दिन मंगलमय हो। *हे नाथ मुझमें शबरी जैसा धैर्य नहीं है कि मैं सालों साल आपकी प्रतीक्षा कर सकूँ,,,* *हे नाथ मुझमें केवट जैसी चतुराई नहीं है कि मैं आपके चरणों की सेवा कर सकूँ,,,* *हे नाथ मुझमें गजेंद्र जैसी बुद्धि नही है कि मैं आपकी स्तुति कर सकूँ,,,* *हे नाथ मुझमें विदुर जैसी सरलता नहीं है कि मैं अनासक्त रह सकूँ,,,* *हे नाथ मुझमें सुदामा जैसा समर्पण नहीं है कि में सदा आपको भजता रह सकूँ,,,* *हे मेरे नाथ मैं सबसे दीन हीन और कलयुग के समस्त दोषों से भरा जीव हूँ,,,* *फिर भी मैं आपका हूँ, आप मेरे हो, हे नाथ इस अधम जीव पर कृपा करो,कृपा करो,कृपा करो,,,,,🙏🏼* 🙏 *हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे* 🙏 🙏 🌹*हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे *🌹🙏 *हरि हरि बोल 🙏🌹🙏*

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Babita Sharma Nov 6, 2019

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Babita Sharma Nov 4, 2019

🐄श्री सुरभ्ये नमः 🙏सभी देवी देवताओं को समाहित करने वाली गौमाता के आराधना के पर्व गोपाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌹 कान्हा जी का आशीर्वाद सदा आपके साथ बना रहे। सुख-समृद्धि में वृद्धि की कामना से की जाती है गाय और गोविंद की पूजा: कार्तिक शुक्ल अष्टमी को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गौ चारण लीला शुरू की थी। गाय को गौमाता भी कहा जाता है। पुराणों के अनुसार कार्तिक शुक्ल अष्टमी के दिन मां यशोदा ने भगवान कृष्ण को गौ चराने के लिए जंगल भेजा था। गोपाष्टमी पर गौ, ग्वाल और कृष्ण को पूजने का महत्व है। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से लेकर सप्तमी तक भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत धारण किया था। आठवें दिन इंद्र अहंकार रहित श्रीकृष्ण की शरण में आए तथा क्षमायाचना की। उसके बाद कामधेनु ने भगवान कृष्ण का अभिषेक किया। इसी दिन से भगवान कृष्ण गायों की रक्षा करने के कारण गोविन्द नाम से पुकारे जाने लगे। 🐄कैसे मनाएं यह पर्व? * कार्तिक शुक्ल अष्टमी के दिन प्रात:काल में उठकर नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नान आदि करते हैं। * प्रात:काल में ही गायों को भी स्नान आदि कराकर गौमाता के अंग में मेहंदी, हल्दी, रंग के छापे आदि लगाकर सजाया जाता है। * इस दिन बछड़े सहित गाय की पूजा करने का विधान है। * प्रात:काल में ही धूप-दीप, अक्षत, रोली, गुड़, वस्त्र तथा जल से गाय का पूजन किया जाता है और धूप-दीप से आरती उतारी जाती है। * इस दिन कई व्यक्ति ग्वालों को उपहार आदि देकर उनका भी पूजन करते हैं। * गायों को खूब सजाया जाता है। * इसके बाद गाय को चारा आदि डालकर परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा करने के बाद कुछ दूर तक गायों के साथ चलते हैं। * संध्याकाल में गायों के जंगल से वापस लौटने पर उनके चरणों को धोकर तिलक लगाना चाहिए। ऐसी आस्था है कि गोपाष्टमी के दिन गाय के नीचे से निकलने वालों को बड़ा पुण्य मिलता है। 🐄क्या आप जानते हैं, गाय के बारे में 10 शुभ बातें: 1. ज्योतिष में गोधू‍लि का समय विवाह के लिए सर्वोत्तम माना गया है। 2. यदि यात्रा के प्रारंभ में गाय सामने आ जाए अथवा अपने बछड़े को दूध पिलाती हुई सामने आ जाए तो यात्रा सफल होती है। 3. जिस घर में गाय होती है, उसमें वास्तुदोष स्वत: ही समाप्त हो जाता है। 4. जन्मपत्री में यदि शुक्र अपनी नीच राशि कन्या पर हो, शुक्र की दशा चल रही हो या शुक्र अशुभ भाव (6, 8, 12)- में स्‍थित हो तो प्रात:काल के भोजन में से एक रोटी सफेद रंग की गाय को खिलाने से शुक्र का नीचत्व एवं शुक्र संबंधी कुदोष स्वत: समाप्त हो जाता है। 5. पितृदोष से मुक्ति- सूर्य, चंद्र, मंगल या शुक्र की युति राहु से हो तो पितृदोष होता है। यह भी मान्यता है कि सूर्य का संबंध पिता से एवं मंगल का संबंध रक्त से होने के कारण सूर्य यदि शनि, राहु या केतु के साथ स्थित हो या दृष्टि संबंध हो तथा मंगल की यु‍ति राहु या केतु से हो तो पितृदोष होता है। इस दोष से जीवन संघर्षमय बन जाता है। यदि पितृदोष हो तो गाय को प्रतिदिन या अमावस्या को रोटी, गुड़, चारा आदि खिलाने से पितृदोष समाप्त हो जाता है। 6. किसी की जन्मपत्री में सूर्य नीच राशि तुला पर हो या अशुभ स्‍थिति में हो अथवा केतु के द्वारा परेशानियां आ रही हों तो गाय में सूर्य-केतु नाड़ी में होने के फलस्वरूप गाय की पूजा करनी चाहिए, दोष समाप्त होंगे। 7. यदि रास्ते में जाते समय गोमाता आती हुई दिखाई दें तो उन्हें अपने दाहिने से जाने देना चाहिए, यात्रा सफल होगी। 8. यदि बुरे स्वप्न दिखाई दें तो मनुष्य गोमाता का नाम लें, बुरे स्वप्न दिखने बंद हो जाएंगे। 9. गाय के घी का एक नाम आयु भी है- 'आयुर्वै घृतम्'। अत: गाय के दूध-घी से व्यक्ति दीर्घायु होता है। हस्तरेखा में आयुरेखा टूटी हुई हो तो गाय का घी काम में लें तथा गाय की पूजा करें। 10. देशी गाय की पीठ पर जो ककुद् (कूबड़) होता है, वह 'बृहस्पति' है। अत: जन्म पत्रिका में यदि बृहस्पति अपनी नीच राशि मकर में हों या अशुभ स्थिति में हों तो देशी गाय के इस बृहस्पति भाग एवं शिवलिंगरूपी ककुद् के दर्शन करने चाहिए। गुड़ तथा चने की दाल रखकर गाय को रोटी भी दें। गोमाता के नेत्रों में प्रकाश स्वरूप भगवान सूर्य तथा ज्योत्स्ना के अधिष्ठाता चन्द्रदेव का निवास होता है। जन्मपत्री में सूर्य-चन्द्र कमजोर हो तो गोनेत्र के दर्शन करें, लाभ होगा। गोपाष्टमी तिथि व मुहूर्त गोपाष्टमी तिथि प्रारंभ - 4 नवंबर को सूर्यादय के पूर्व ही प्रारंभ हो जाएगी। गोपाष्टमी तिथि का समापन - 5 नवंबर को प्रातः 4 बजकर 57 मिनट पर होगा। गोपाष्टमी के दिन गायों की पूजा करने वालों से भगवान श्रीकृष्ण बहुत प्रसन्न होते हैं।

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Babita Sharma Oct 26, 2019

छोटी दीपावली एवं रुप चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙏 इस दीपावली यही कामना है कि सफलता आपके कदम चूमे, माता लक्ष्मी की कृपा आप पर सदा बनी रहे। 👣 🙏 👣 🙏 👣 🙏 👣 🙏 👣 🙏 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹🌹 *दीपावली के विशेष उपाय*🌹🌹 🌹 दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के बाद घर के सभी कमरों में शंख और घंटी बजाना चाहिए। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता बाहर चली जाती है। मां लक्ष्मी घर में आती हैं। 🌹दीपावली पर तेल का दीपक जलाएं और दीपक में एक लौंग डालकर हनुमानजी की आरती करें। किसी मंदिर हनुमान मंदिर जाकर ऐसा दीपक भी लगा सकते हैं। 🌹 किसी शिव मंदिर जाएं और वहां शिवलिंग पर अक्षत यानी चावल चढ़ाएं। ध्यान रहें सभी चावल पूर्ण होने चाहिए,खंडित चावल शिवलिंग पर चढ़ाना नहीं चाहिए। 🌹 दीपावली पर महालक्ष्मी के पूजन में पीली कौड़ियां भी रखनी चाहिए। ये कौडिय़ा पूजन में रखने से महालक्ष्मी बहुत ही जल्द प्रसन्न होती हैं। आपकी धन संबंधी सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी। 🌹लक्ष्मी पूजन के समय हल्दी की गांठ भी साथ रखें। पूजन पूर्ण होने पर हल्दी की गांठ को घर में उस स्थान पर रखें, जहां धन रखा जाता है। 🌹 दीपावली के दिन झाड़ू अवश्य खरीदना चाहिए। पूरे घर की सफाई नई झाड़ू से करें। जब झाड़ू का काम न हो तो उसे छिपाकर रखना चाहिए। 🌹 दीवाली के दिन किसी मंदिर में झाड़ू का दान करें। यदि आपके घर के आसपास कहीं महालक्ष्मी का मंदिर हो तो वहां गुलाब की सुगंध वाली शिव मंदिर में चंदन की सुगंध वाली धूपबत्ती दान करें। 🌹इस दिन अमावस्या रहती है और इस तिथि पर पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने पर शनि के दोष और कालसर्प दोष समाप्त हो जाते हैं। 🌹 दीपावली पर लक्ष्मी का पूजन करने के लिए स्थिर लग्न श्रेष्ठ माना जाता है। इस लग्न में पूजा करने पर महालक्ष्मी स्थाई रूप से घर में निवास करती हैं।पूजा में लक्ष्मी यंत्र, कुबेर यंत्र और श्रीयंत्र रखना चाहिए। यदि स्फटिक का श्रीयंत्र हो तो सर्वश्रेष्ठ रहता है। 🌹 दीपावली की रात लक्ष्मी पूजा करते समय एक थोड़ा बड़ा घी का दीपक जलाएं, जिसमें नौ बत्तियां लगाई जा सके। सभी 9 बत्तियां जलाएं और लक्ष्मी पूजा करें। 🌹 दीपावली की रात में लक्ष्मी पूजन के साथ ही अपनी दुकान, कम्प्यूटर आदि ऐसी चीजों की भी पूजा करें, जो आपकी कमाई का साधन हैं। 🌹 लक्ष्मी पूजन के समय एक नारियल लें और उस पर अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि अर्पित करें और उसे भी पूजा में रखें। 🌹 दीपावली के दिन यदि संभव हो सके तो किसी किन्नर से उसकी खुशी से एक रुपया लें और इस सिक्के को अपने पर्स में रखें। बरकत बनी रहेगी। 🌹प्रथम पूज्य श्रीगणेश को दूर्वा अर्पित करें। दूर्वा की 21 गांठ गणेशजी को चढ़ाने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। दीपावली के शुभ दिन यह उपाय करने से गणेशजी के साथ महालक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। 🌹महालक्ष्मी के चित्र का पूजन भी करें, जिसमें लक्ष्मी अपने स्वामी भगवान विष्णु के पैरों के पास बैठी हैं। ऐसे चित्र का पूजन करने पर देवी बहुत जल्द प्रसन्न होती हैं। 🌹 दीपावाली पर श्रीसूक्त एवं कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। राम रक्षा स्तोत्र या हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ भी किया जा सकता है। 🌹यदि संभव हो सके तो दीवाली वाले दिन किसी तालाब या नदी में मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं। इस पुण्य कर्म से बड़े से बड़े संकट भी दूर हो जाते हैं। 🌹 एक बात का विशेष ध्यान रखें कि माह की हर अमावस्या पर पूरे घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जानी चाहिए। साफ-सफाई के बाद घर में धूप-दीप-ध्यान करें। इससे घर का वातावरण पवित्र और बरकत देने वाला बना रहेगा। 🌹 लक्ष्मी पूजन में सुपारी रखें। सुपारी पर लाल धागा लपेटकर अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि पूजन सामग्री से पूजा करें और पूजन के बाद इस सुपारी को तिजोरी में रखें। 🌹 घर में स्थित तुलसी के पौधे के पास दीपावली की रात में दीपक जलाएं। तुलसी को वस्त्र अर्पित करें। 🌹 जो लोग धन का संचय बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें तिजोरी में लाल कपड़ा बिछाना चाहिए। इसके प्रभाव से धन का संचय बढ़ता है। 🌹 दीपावली पर सुबह-सुबह शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। जल में यदि केसर भी डालेंगे तो श्रेष्ठ रहेगा। 🌹 महालक्ष्मी के महामंत्र *ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद् श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मयै नम:* का कमलगट्टे की माला से कम से कम 108 बार जप करें। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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