Ajay Awasthi Jun 1, 2020

गंगा दशहरा आज 1 जून को है गंगा दशहरा, जान‍िए शुभ मुहूर्त और महत्‍व गंगा के नाम मात्र से ही हो जाता है पापों का अंत सनातन धर्म में गंगा दशहरा का व‍िशेष महत्‍व है। यह पर्व ज्येष्ठ शुक्ल की दशमी तिथ‍ि को मनाया जाता है। इस बार यह तिथि 1 जून को पड़ रही है। स्कन्दपुराण में इस द‍िन स्नान और दान का व‍िशेष महत्‍व है। मान्‍यता है क‍ि इस द‍िन गंगा नाम के स्‍मरण मात्र से ही सभी पापों का अंत हो जाता है। आइए जानते हैं क्‍या है गंगा दशहरा शुभ मुहूर्त और महत्‍व? गंगा दशहरा शुभ मुहूर्त और पूजा व‍िध‍ि गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 37 मिनट तक है। इस दौरान आप स्नान-ध्यान और दान कर सकते हैं। इस दिन गंगा नदी में स्नान करना अत्‍यंत पुण्‍यकारी होता है। लेक‍िन कोरोना महामारी के चलते इस बार श्रद्धालु गंगा स्‍नान नहीं कर सकेंगे। ऐसे में गंगा दशहरा के दिन नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्‍नान करें। इसके बाद सबसे पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दें। फिर ‘ऊं श्री गंगे नमः’ का उच्चारण करते हुए मां गंगे का स्‍मरण करके अर्घ्य दें। इसके बाद गंगा मैया की पूजा-आराधना करें। इस दिन निराश्रितों एवं ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दें। यह अत्‍यंत शुभ होता है। मान्‍यता है क‍ि ऐसा करने से गंगा मैया की कृपा से श्रद्धालु के जीवन में कभी क‍िसी भी तरह की द‍िक्‍कत नहीं आती। गंगा दशहरा का ऐसा है महत्‍व कथा मिलती है क‍ि जिस दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई उस दिन एक बहुत ही अनूठा और भाग्यशाली मुहूर्त था। उस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथी और वार बुधवार था, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर योग, आनंद योग, कन्या राशि में चंद्रमा और वृषभ में सूर्य। इस प्रकार उस द‍िन दस शुभ योग बन रहे थे। माना जाता है कि इन सभी दस शुभ योगों के प्रभाव से गंगा दशहरा के पर्व में जो भी व्यक्ति गंगा में स्नान करता है उसके ये दस प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं। मान्‍यता है क‍ि गंगा दशहरा के द‍िन गंगा स्‍नान करने से दस तरह के पाप नष्‍ट हो जाते हैं। इसमें पराई स्त्री के साथ समागम, बिना आज्ञा या जबरन किसी की वस्तु लेना, कटुवचन का प्रयोग, हिंसा, किसी की शिकायत करना, असत्य वचन बोलना, असंबद्ध प्रलाप, दूसरे की संपत्ति हड़पना या हड़पने की इच्छा, दूसरें को हानि पहुंचाना या ऐसी इच्छा रखना और बेवजह की बातों पर पर‍िचर्चा शामिल है। इसलिए धर्मशास्‍त्रों में कहा गया है क‍ि अगर अपनी गलतियों का अहसास और प्रभु से माफी मांगनी हो तो गंगा दशहरा के द‍िन गंगा स्‍नान कर दान-पुण्‍य करें। वर्तमान में कोरोना वायरस के चलते गंगा स्‍नान संभव नहीं है तो घर में स्‍नान के जल में गंगाजल डालकर स्‍नान कर लें। इससे भी गंगा में डुबकी लगाने जैसा ही फल म‍िलेगा।

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Ajay Awasthi Jun 1, 2020

*🕉️||जय श्री राम||🕉️* *🕉️।।अथ पंचांगम्।।🕉️* *🕉️।।दिनाँक -: 01/06/2020,सोमवार।।🕉️* दशमी, शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (समाप्ति काल) तिथि ----------दशमी 14:56:48 पक्ष ---------------------------शुक्ल नक्षत्र -----------हस्त 25:01:58 योग ------------सिद्वि 13:15:18 करण -----------गरज 14:56:48 करण --------वाणिज 25:31:43 वार ------------------------सोमवार माह ----------------------------ज्येष्ठ चन्द्र राशि -------------------कन्या सूर्य राशि ------------------- वृषभ रितु ----------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 शाका संवत ----------------1942 सूर्योदय -----------------05:25:18 सूर्यास्त -----------------19:09:08 दिन काल --------------13:43:50 रात्री काल -------------10:15:59 चंद्रोदय -----------------14:25:49 चंद्रास्त -----------------26:46:15 लग्न ----वृषभ 16°50' , 46°50' सूर्य नक्षत्र ------------------रोहिणी चन्द्र नक्षत्र ---------------------हस्त नक्षत्र पाया --------------------रजत *।।पद, चरण।।* पू ----हस्त 08:31:51 ष ----हस्त 14:02:43 ण ----हस्त 19:32:43 ठ ----हस्त 25:01:58 *।।ग्रह गोचर।।* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद सूर्य=वृषभ 16°22 ' रोहिणी, 3 वी चन्द्र = कन्या 11°23 ' हस्त ' 1 पू बुध = मिथुन 09°10 ' आर्द्रा ' 1 कु शुक्र= वृषभ 21°55, रोहिणी ' 4 वु मंगल=कुम्भ 18°30' शतभिषा ' 4 सू गुरु=मकर 02°02 ' उ oषाo , 2 भो शनि=मकर 07°43' उ oषा o ' 4 जी राहू=मिथुन 06°05 ' मृगशिरा , 4 की केतु=धनु 06 ° 05 ' मूल , 2 यो *।।शुभाशुभ मुहूर्त।।* राहू काल 07:08 - 08:51 अशुभ यम घंटा 10:34 - 12:17 अशुभ गुली काल 14:00 - 15:43 अशुभ अभिजित 11:50 -12:45 शुभ दूर मुहूर्त 12:45 - 13:40 अशुभ दूर मुहूर्त 15:29 - 16:24 अशुभ 💮चोघडिया, दिन अमृत 05:25 - 07:08 शुभ काल 07:08 - 08:51 अशुभ शुभ 08:51 - 10:34 शुभ रोग 10:34 - 12:17 अशुभ उद्वेग 12:17 - 14:00 अशुभ चर 14:00 - 15:43 शुभ लाभ 15:43 - 17:26 शुभ अमृत 17:26 - 19:09 शुभ 🚩चोघडिया, रात चर 19:09 - 20:26 शुभ रोग 20:26 - 21:43 अशुभ काल 21:43 - 23:00 अशुभ लाभ 23:00 - 24:17* शुभ उद्वेग 24:17* - 25:34* अशुभ शुभ 25:34* - 26:51* शुभ अमृत 26:51* - 28:08* शुभ चर 28:08* - 29:25* शुभ 💮होरा, दिन चन्द्र 05:25 - 06:34 शनि 06:34 - 07:43 बृहस्पति 07:43 - 08:51 मंगल 08:51 - 09:59 सूर्य 09:59 - 11:09 शुक्र 11:09 - 12:17 बुध 12:17 - 13:26 चन्द्र 13:26 - 14:35 शनि 14:35 - 15:43 बृहस्पति 15:43 - 16:52 मंगल 16:52 - 18:00 सूर्य 18:00 - 19:09 🚩होरा, रात शुक्र 19:09 - 20:00 बुध 20:00 - 20:52 चन्द्र 20:52 - 21:43 शनि 21:43 - 22:34 बृहस्पति 22:34 - 23:26 मंगल 23:26 - 24:17 सूर्य 24:17* - 25:08 शुक्र 25:08* - 25:59 बुध 25:59* - 26:51 चन्द्र 26:51* - 27:42 शनि 27:42* - 28:34 बृहस्पति 28:34* - 29:25 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *।।अग्नि वास ज्ञान।।* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 10 + 2 + 1 = 13 ÷ 4 = 1 शेष पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l *।।शिव वास एवं फल।।* 10 + 10 + 5 = 25 ÷ 7 = 4 शेष सभायां = सन्ताप कारक *।।भद्रा वास एवं फल।।* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* रात्रि 25:31 से प्रारम्भ पाताल लोक = धनलाभ कारक *।।विशेष जानकारी।।* * गंगा दशहरा * श्री रामेश्वर प्राण प्रतिष्ठा दिवस * बाल सुरक्षा दिवस * श्री बटुक भैरव जयन्ती *।।शुभ विचार।।* शुध्दं भूमिगतं तोयं शुध्दा नारी पतिव्रता । शुचिः क्षेमकरोराजा संतोषी ब्राह्मणः शुचिः ।। ।।चा o नी o।। जो जल धरती में समां गया वो शुद्ध है. परिवार को समर्पित पत्नी शुद्ध है. लोगो का कल्याण करने वाला राजा शुद्ध है. वह ब्राह्मण शुद्ध है जो संतुष्ट है. *।।सुभाषितानि।।* गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11 तस्मात्त्वमुक्तिष्ठ यशो लभस्व जित्वा शत्रून्भुङ्‍क्ष्व राज्यं समृद्धम्‌ ।, मयैवैते निहताः पूर्वमेव निमित्तमात्रं भव सव्यसाचिन्‌ ॥, अतएव तू उठ! यश प्राप्त कर और शत्रुओं को जीतकर धन-धान्य से सम्पन्न राज्य को भोग।, ये सब शूरवीर पहले ही से मेरे ही द्वारा मारे हुए हैं।, हे सव्यसाचिन! (बाएँ हाथ से भी बाण चलाने का अभ्यास होने से अर्जुन का नाम 'सव्यसाची' हुआ था) तू तो केवल निमित्तमात्र बन जा॥ *।।दैनिक राशिफल।।* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। परिवार के सदस्यों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। नए काम प्रारंभ करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। 🐂वृष वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में लापरवाही न करें। विशेषकर स्त्रियां सावधान रहें। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आरोग्य प्राप्ति होगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। 👫मिथुन क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। विवाद को बढ़ावा न दें। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। बड़े लोगों की सलाह मानें, लाभ होगा। थकान महसूस होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। 🦀कर्क कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। दांपत्य जीवन सुखमय होगा। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। भाग्य का साथ मिलेगा। दूर से अच्छी खबर मिलेगी। 🐅सिंह भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। बेरोजगारी दूर होगी। अपेक्षित कार्य समय पर पूरे होंगे। कार्य की संतुष्टि प्राप्त होगी। जल्दबाजी न करें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। विवाद न करें। प्रसन्नता रहेगी। 🙎‍♀️कन्या विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। व्यवसाय अनुकूल लाभ देगा। मित्र व संबंधियों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। कार्य का विस्तार हो सकता है। किसी अपरिचित व्यक्ति पर भरोसा न करें। ⚖️तुला किसी अपने का व्यवहार समझ से परे रहेगा। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। दु:खद सूचना प्राप्त हो सकती है। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। जोखिम व उठाएं। भागदौड़ अधिक होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। 🦂वृश्चिक घर में मेहमानों का आना-जाना लगा रहेगा। किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बन सकती है। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। 🏹धनु बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बाहर जाने की योजना बनेगी। आय के स्रोतों में वृद्धि के योग हैं। प्रसन्नता रहेगी। किसी अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। 🐊मकर प्रयास सफल रहेंगे। कार्य सुचारु रूप से पूर्ण होंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कोई बड़ा कार्य करने की योजना बनेगी। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रमाद न करें। 🍯कुंभ अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों से अपेक्षा न करें। बेवजह विवाद हो सकता है। क्रोध पर नियंत्रण रखें। लेन-देन में सावधानी आवश्यक है। व्यवसाय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। 🐟मीन बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। अचानक बड़ा लाभ हो सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। *🕉️।।जय माता दी।।🕉️* *🕉️।।आपका दिन मंगलमय हो।।🕉️*

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Ajay Awasthi May 31, 2020

*🕉️||जय श्री राम||🕉️* *🕉️।।अथ पंचांगम्।।🕉️* *🕉️।।दिनाँक -: 31/05/2020,रविवार।।🕉️* नवमी, शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (समाप्ति काल) तिथि ----------नवमी 17:36:14 तक पक्ष ----------------------------शुक्ल नक्षत्र ---------उ०फा०27:00:02 योग ---------------वज्र 16:28:29 करण ----------बालव 06:49:13 करण ---------कौलव 17:36:14 करण -----------तैतुल 28:18:32 वार --------------------------रविवार माह ---------------------------- ज्येष्ठ चन्द्र राशि -------सिंह 10:18:02 चन्द्र राशि ------------------कन्या सूर्य राशि -------------------वृषभ रितु ----------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 शाका संवत ----------------1942 सूर्योदय -----------------05:25:29 सूर्यास्त -----------------19:08:39 दिन काल --------------13:43:09 रात्री काल -------------10:16:38 चंद्रोदय -----------------13:22:11 चंद्रास्त -----------------26:08:39 लग्न ----वृषभ 15°52' , 45°52 सूर्य नक्षत्र ------------------रोहिणी चन्द्र नक्षत्र ---------उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र पाया --------------------रजत *।।पद, चरण।।* टे ----उत्तराफाल्गुनी 10:18:02 टो ----उत्तराफाल्गुनी 15:53:13 पा ----उत्तराफाल्गुनी 21:27:11 पी ----उत्तराफाल्गुनी 27:00:02 *।।ग्रह गोचर।।* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद सूर्य=वृषभ 15°22 ' रोहिणी, 2 वा चन्द्र = सिंह 27°23 ' उ o फा o ' 4 मे बुध = मिथुन 08°10 ' आर्द्रा ' 1 कु शुक्र= वृषभ 21°55, रोहिणी ' 4 वु मंगल=कुम्भ 17°30' शतभिषा ' 4 सू गुरु=मकर 02°02 ' उ oषाo , 2 भो शनि=मकर 07°43' उ oषा o ' 4 जी राहू=मिथुन 06°15 ' मृगशिरा , 4 की केतु=धनु 06 ° 15 ' मूल , 2 यो *।।शुभाशुभ मुहूर्त।।* राहू काल 17:26 - 19:09 अशुभ यम घंटा 12:17 - 13:59 अशुभ गुली काल 15:43 - 17:26 अशुभ अभिजित 11:50 -12:45 शुभ दूर मुहूर्त 17:19 - 18:14 अशुभ 💮चोघडिया, दिन उद्वेग 05:25 - 07:08 अशुभ चर 07:08 - 08:51 शुभ लाभ 08:51 - 10:34 शुभ अमृत 10:34 - 12:17 शुभ काल 12:17 - 13:59 अशुभ शुभ 13:59 - 15:43 शुभ रोग 15:43 - 17:26 अशुभ उद्वेग 17:26 - 19:09 अशुभ 🚩चोघडिया, रात शुभ 19:09 - 20:26 शुभ अमृत 20:26 - 21:43 शुभ चर 21:43 - 22:59 शुभ रोग 22:59 - 24:17* अशुभ काल 24:17* - 25:34* अशुभ लाभ 25:34* - 26:51* शुभ उद्वेग 26:51* - 28:08* अशुभ शुभ 28:08* - 29:25* शुभ 💮होरा, दिन सूर्य 05:25 - 06:34 शुक्र 06:34 - 07:43 बुध 07:43 - 08:51 चन्द्र 08:51 - 09:59 शनि 09:59 - 11:08 बृहस्पति 11:08 - 12:17 मंगल 12:17 - 13:26 सूर्य 13:26 - 14:34 शुक्र 14:34 - 15:43 बुध 15:43 - 16:51 चन्द्र 16:51 - 18:00 शनि 18:00 - 19:09 🚩होरा, रात बृहस्पति 19:09 - 20:00 मंगल 20:00 - 20:51 सूर्य 20:51 - 21:43 शुक्र 21:43 - 22:34 बुध 22:34 - 23:26 चन्द्र 23:26 - 24:17* शनि 24:17* - 25:08* बृहस्पति 25:08* - 25:59* मंगल 25:59* - 26:51* सूर्य 26:51* - 27:43* शुक्र 27:43* - 28:34* बुध 28:34* - 29:25 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------पश्चिम* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *।।अग्नि वास ज्ञान।।* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 9 + 1 + 1 = 11 ÷ 4 = 3 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *।।शिव वास एवं फल।।* 9 + 9 + 5 = 23 ÷ 7 = 2 शेष गौरि सन्निधौ = शुभ कारक *।।भद्रा वास एवं फल।।* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *।।विशेष जानकारी।।* * शुक्रास्त 14:10 पर * सर्वार्थ एवं अमृत सिद्धि योग 27:00 से * श्री हरि जयन्ती * महेश नवमी (जयन्ती) *।।शुभ विचार।।* निर्गुणस्य हतं रूपं दुःशीलस्य हतं कुलम् । असिध्दस्य हता विद्या अभोगेन हतं धनम् ।। ।।चा o नी o।। निति भ्रष्ट होने से सुन्दरता का नाश होता है. हीन आचरण से अच्छे कुल का नाश होता है. पूर्णता न आने से विद्या का नाश होता है. उचित विनियोग के बिना धन का नाश होता है. *।।सुभाषितानि।।* गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11 कालोऽस्मि लोकक्षयकृत्प्रवृद्धोलोकान्समाहर्तुमिह प्रवृत्तः ।, ऋतेऽपि त्वां न भविष्यन्ति सर्वे येऽवस्थिताः प्रत्यनीकेषु योधाः ॥, श्री भगवान बोले- मैं लोकों का नाश करने वाला बढ़ा हुआ महाकाल हूँ।, इस समय इन लोकों को नष्ट करने के लिए प्रवृत्त हुआ हूँ।, इसलिए जो प्रतिपक्षियों की सेना में स्थित योद्धा लोग हैं, वे सब तेरे बिना भी नहीं रहेंगे अर्थात तेरे युद्ध न करने पर भी इन सबका नाश हो जाएगा॥ *।।दैनिक राशिफल।।* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। मित्र व संबंधियों का सहयोग व मार्गदर्शन मिलेगा। कार्य का विस्तार हो सकता है। जरूरी कागजों को ध्यान से पढ़ें। 🐂वृष पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ मिलेगा। देव-दर्शन की योजना बनेगी। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम लेने का साहस कर पाएंगे। प्रमाद न करें। 👫मिथुन वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। विवाद को बढ़ावा न दें। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कीमती वस्तुएं गुम हो सकती है। कुसंगति से बचें। वरिष्ठजनों की सलाह मानें। लाभ होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम न उठाएं। 🦀कर्क दांपत्य जीवन सुखमय होगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर-बाहर मांगलिक कार्य हो सकता है। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों की बातों में न आएं। लेन-देन में सावधानी रखें। लाभ होगा। 🐅सिंह नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार मिलेगा। परीक्षा व प्रतियोगिता आदि में सफलता प्राप्त होगी। भाग्य का साथ रहेगा। कई दिनों से अटके काम अब पूर्ण होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें। 🙎‍♀️कन्या किसी के अनुचित व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। दु:खद समाचार मिल सकता है। दूसरों से अपेक्षा न करें। स्वयं का कार्य खुद करें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। धैर्य रखें। ⚖️तुला सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यस्तता रहेगी। घर-परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रमाद न करें। 🦂वृश्चिक कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। योजना फलीभूत होगी। नया काम प्रारंभ करने का मन बनेगा। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। उत्साह व प्रसन्नता बने रहेंगे। नए अनुबंध हो सकते हैं। तत्काल लाभ नहीं होगा। जल्दबाजी न करें। आय बढ़ेगी। जोखिम न लें। 🏹धनु रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों से सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। व्यस्तता रहेगी। पारिवारिक चिंता रहेगी। 🐊मकर प्रयास सफल रहेंगे। कार्य को सुचारु रूप से पूर्ण कर पाएंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। मित्र व संबंधियों का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। झंझटों में न पड़ें। बेचैनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। लाभ होगा। 🍯कुंभ मेहनत अधिक होगी। किसी अपने के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंचेगी। फिजूलखर्ची होगी। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। तनाव रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें। 🐟मीन घर में अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। किसी मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। मान बढ़ेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में वृद्धि होगी। सेहत कमजोर रहेगी। *🕉️।।जय माता दी।।🕉️* *🕉️।।आपका दिन मंगलमय हो।।🕉️*

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Ajay Awasthi May 30, 2020

*🕉️||जय श्री राम||🕉️* *🕉️।।अथ पंचांगम्।।🕉️* *🕉️।।दिनाँक -: 30/05/2020,शनिवार।।🕉️* अष्टमी, शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (समाप्ति काल) तिथि ---------अष्टमी 19:56:56 तक पक्ष ----------------------------शुक्ल नक्षत्र ------------मघा 06:01:45 नक्षत्र ---------पूoफाo28:41:35 योग -------------हर्शण 19:26:02 करण ------विष्टि भद्र 08:58:55 करण ------------भाव 19:56:56 वार -------------------------शनिवार माह ---------------------------- ज्येष्ठ चन्द्र राशि --------------------- सिंह सूर्य राशि ---------------------वृषभ रितु ----------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 शाका संवत ----------------1942 सूर्योदय -----------------05:25:42 सूर्यास्त -----------------19:08:09 दिन काल --------------13:42:26 रात्री काल -------------10:17:20 चंद्रोदय -----------------12:18:51 चंद्रास्त -----------------25:30:44 लग्न ----वृषभ 14°55' , 44°55' सूर्य नक्षत्र ------------------रोहिणी चन्द्र नक्षत्र ---------------------मघा नक्षत्र पाया --------------------रजत *।।पद, चरण।।* मे ----मघा 06:01:45 मो ----पूर्वाफाल्गुनी 11:43:55 टा ----पूर्वाफाल्गुनी 17:24:35 टी ----पूर्वाफाल्गुनी 23:03:47 टू ---- पूर्वाफाल्गुनी 28:41:35 *।।ग्रह गोचर।।* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद सूर्य=वृषभ 14°22 ' रोहिणी, 2 वा चन्द्र = सिंह 12°23 ' मघा ' 4 मे बुध = मिथुन 07°10 ' आर्द्रा ' 1 कु शुक्र= वृषभ 22°55, रोहिणी ' 4 वु मंगल=कुम्भ 17°30' शतभिषा ' 4 सू गुरु=मकर 02°02 ' उ oषाo , 2 भो शनि=मकर 07°43' उ oषा o ' 4 जी राहू=मिथुन 06°15 ' मृगशिरा , 4 की केतु=धनु 06 ° 15 ' मूल , 2 यो *।।शुभाशुभ मुहूर्त।।* राहू काल 08:51 - 10:34 अशुभ यम घंटा 13:59 - 15:43 अशुभ गुली काल 05:26 - 07:09 अशुभ अभिजित 11:50 -12:44 शुभ दूर मुहूर्त 07:15 - 08:10 अशुभ 🚩गंड मूल 05:26 - 06:02 अशुभ 💮चोघडिया, दिन काल 05:26 - 07:09 अशुभ शुभ 07:09 - 08:51 शुभ रोग 08:51 - 10:34 अशुभ उद्वेग 10:34 - 12:17 अशुभ चर 12:17 - 13:59 शुभ लाभ 13:59 - 15:43 शुभ अमृत 15:43 - 17:25 शुभ काल 17:25 - 19:08 अशुभ 🚩चोघडिया, रात लाभ 19:08 - 20:25 शुभ उद्वेग 20:25 - 21:42 अशुभ शुभ 21:42 - 22:59 शुभ अमृत 22:59 - 24:17* शुभ चर 24:17* - 25:34* शुभ रोग 25:34* - 26:51* अशुभ काल 26:51* - 28:08* अशुभ लाभ 28:08* - 29:25* शुभ 💮होरा, दिन शनि 05:26 - 06:34 बृहस्पति 06:34 - 07:43 मंगल 07:43 - 08:51 सूर्य 08:51 - 09:59 शुक्र 09:59 - 11:08 बुध 11:08 - 12:17 चन्द्र 12:17 - 13:25 शनि 13:25 - 14:34 बृहस्पति 14:34 - 15:43 मंगल 15:43 - 16:51 सूर्य 16:51 - 17:59 शुक्र 17:59 - 19:08 🚩होरा, रात बुध 19:08 - 19:59 चन्द्र 19:59 - 20:51 शनि 20:51 - 21:42 बृहस्पति 21:42 - 22:34 मंगल 22:34 - 23:25 सूर्य 23:25 - 24:17 शुक्र 24:17* - 25:08 बुध 25:08* - 25:59 चन्द्र 25:59* - 26:51 शनि 26:51* - 27:43 बृहस्पति 27:43* - 28:34 मंगल 28:34* - 29:25 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *।।अग्नि वास ज्ञान।।* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 8 + 7 + 1 = 16 ÷ 4 = 0 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *।।शिव वास एवं फल।।* 8 + 8 + 5 = 21 ÷ 7 = 0 शेष शमशान वास = मृत्यु कारक *।।भद्रा वास एवं फल।।* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* प्रातः 08:26 तक समाप्त मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी *।।विशेष जानकारी।।* * दुर्गाष्टमी * मेला क्षीर भवानी (कश्मीर) * धूमावती जयन्ती *।।शुभ विचार।।* गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम् । सिध्दिर्भूषयते विद्यां भोगी भूषयते धनम् ।। ।।चा o नी o।। नीति की उत्तमता ही व्यक्ति के सौंदर्य का गहना है. उत्तम आचरण से व्यक्ति उत्तरोत्तर ऊँचे लोक में जाता है. सफलता ही विद्या का आभूषण है. उचित विनियोग ही संपत्ति का गहना है. *।।सुभाषितानि।।* गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11 आख्याहि मे को भवानुग्ररूपोनमोऽस्तु ते देववर प्रसीद ।, विज्ञातुमिच्छामि भवन्तमाद्यंन हि प्रजानामि तव प्रवृत्तिम्‌ ॥, मुझे बतलाइए कि आप उग्ररूप वाले कौन हैं? हे देवों में श्रेष्ठ! आपको नमस्कार हो।, आप प्रसन्न होइए।, आदि पुरुष आपको मैं विशेष रूप से जानना चाहता हूँ क्योंकि मैं आपकी प्रवृत्ति को नहीं जानता॥ *।।दैनिक राशिफल।।* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष अपने दिल की बात किसी को कहने का मन बनेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। परिश्रम करना पड़ेगा। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई बड़ा काम करने की योजना बनेगी। आय में वृद्धि होगी। अज्ञात भय सताएगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। लाभ होगा। 🐂वृष जमीन-जायदाद के काम लाभ देंगे। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। आरोग्य रहेगा। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सौभाग्य वृद्धि होगी। बिगड़े कार्य पूर्ण होंगे। 👫मिथुन किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। विद्यार्थी परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त करेंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अपेक्षित कार्य पूर्ण होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। 🦀कर्क व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। शोक संदेश मिल सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। किसी अपने के व्यवहार से दिल को ठेस पहुंच सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। 🐅सिंह आज का दिन घटनाओं से भरा रहेगा। नई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। चोट व दुर्घटना से हानि हो सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। परिश्रम अधिक तथा लाभ में कमी होगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। सेहत खराब रहेगी। 🙎‍♀️कन्या कारोबार का विस्तार होगा। अध्यात्म में रुचि रहेगी। अपने दिल की बात किसी को न बताएं। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। वाहन सुख मिलेगा। मित्रों की सहायता करने का अवसर मिलेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। ⚖️तुला नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। नए-नए विचार मन में आएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सहकर्मियों का साथ मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। नए अनुबंध हो सकते हैं। उत्साह बना रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम न लें। 🦂वृश्चिक लेनदारी वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार में सफलता प्राप्त होगी। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। मन में नए विचार आएंगे। दूसरों के मामले में न पड़ें। आय में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। काम के प्रति निष्ठा बढ़ेगी। 🏹धनु व्यावसायिक स्थल पर कार्यभार रहेगा। परिवार के सदस्यों के व्यवहार से संतुष्टि नहीं होगी। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कार्य में विलंब हो सकता है। हाथ तंग रहेगा। वाद-विवाद में संयम रखें। मित्रों का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। 🐊मकर भौतिक साधनों तथा वस्त्रादि पर व्यय होगा। प्रणय संबंधों में सफलता मिलेगी। बाहर जाने के प्रयास सफल रहेंगे। बेरोजगारी दूर होगी। साझेदारी में फायदा होगा। नए कार्य प्रारंभ करने के लिए समय अनुकूल है। धनार्जन होगा। प्रसन्नता रहेगी। 🍯कुंभ भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। तार्किक बुद्धि के प्रयोग से बचें। कौटुम्बिक समस्याओं पर ध्यान दे पाएंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🐟मीन प्रत्येक कार्य को सुनियोजित रूप से संपन्न कर पाएंगे। घर-बाहर सम्मान मिलेगा। परिजनों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रतिष्ठा-पराक्रम में वृद्धि होगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। भ्रांति व अकस्मात घटना से बचें। रोजगार में वृद्धि होगी। सेहत पर ध्यान दें। *🕉️।।जय माता दी।।🕉️* *🕉️।।आपका दिन मंगलमय हो।।🕉️*

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Ajay Awasthi May 28, 2020

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *********|| जय श्री राधे ||********* 🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺 🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏 *********ll जय श्री राधे ll********* 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक -: 29/05/2020,शुक्रवार* सप्तमी, शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ """""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि ---------सप्तमी 21:54:45 तक पक्ष ---------------------------शुक्ल नक्षत्र -------आश्लेषा 06:57:10 योग ----------व्याघात 22:04:45 करण -----------गरज 10:44:07 करण --------वाणिज 21:54:45 वार -------------------------शुक्रवार माह ----------------------------ज्येष्ठ चन्द्र राशि -------कर्क06:57:10 चन्द्र राशि --------------------सिंह सूर्य राशि -------------------वृषभ रितु ----------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर -----------------------शार्वरी संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक) ----2076 शाका संवत ----------------1942 वृन्दावन सूर्योदय -----------------05:25:56 सूर्यास्त -----------------19:07:38 दिन काल --------------13:41:41 रात्री काल -------------10:18:04 चंद्रोदय -----------------11:15:38 चंद्रास्त -----------------24:51:11 लग्न ----वृषभ 13°57' , 43°57' सूर्य नक्षत्र ------------------रोहिणी चन्द्र नक्षत्र ----------------आश्लेषा नक्षत्र पाया --------------------रजत *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* डो ----आश्लेषा 06:57:10 मा ----माघ 12:45:46 मी ----माघ 18:32:42 मू ----माघ 24:18:02 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य=वृषभ 13°22 ' रोहिणी, 2 वा चन्द्र = कर्क 29°23 ' अश्लेषा ' 4 डो बुध = मिथुन 06°10 ' मृगशिरा ' 4 की शुक्र= वृषभ 22°55, रोहिणी ' 4 वु मंगल=कुम्भ 16°30' शतभिषा ' 3 सी गुरु=मकर 02°02 ' उ oषाo , 2 भो शनि=मकर 07°43' उ oषा o ' 4 जी राहू=मिथुन 06°15 ' मृगशिरा , 4 की केतु=धनु 06 ° 15 ' मूल , 2 यो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 10:34 - 12:17 अशुभ यम घंटा 15:42 - 17:25 अशुभ गुली काल 07:09 - 08:51 अशुभ अभिजित 11:49 -12:44 शुभ दूर मुहूर्त 08:10 - 09:05 अशुभ दूर मुहूर्त 12:44 - 13:39 अशुभ 🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिन चर 05:26 - 07:09 शुभ लाभ 07:09 - 08:51 शुभ अमृत 08:51 - 10:34 शुभ काल 10:34 - 12:17 अशुभ शुभ 12:17 - 13:59 शुभ रोग 13:59 - 15:42 अशुभ उद्वेग 15:42 - 17:25 अशुभ चर 17:25 - 19:08 शुभ 🚩चोघडिया, रात रोग 19:08 - 20:25 अशुभ काल 20:25 - 21:42 अशुभ लाभ 21:42 - 22:59 शुभ उद्वेग 22:59 - 24:17* अशुभ शुभ 24:17* - 25:34* शुभ अमृत 25:34* - 26:51* शुभ चर 26:51* - 28:08* शुभ रोग 28:08* - 29:26* अशुभ 💮होरा, दिन शुक्र 05:26 - 06:34 बुध 06:34 - 07:43 चन्द्र 07:43 - 08:51 शनि 08:51 - 09:59 बृहस्पति 09:59 - 11:08 मंगल 11:08 - 12:17 सूर्य 12:17 - 13:25 शुक्र 13:25 - 14:34 बुध 14:34 - 15:42 चन्द्र 15:42 - 16:51 शनि 16:51 - 17:59 बृहस्पति 17:59 - 19:08 🚩होरा, रात मंगल 19:08 - 19:59 सूर्य 19:59 - 20:51 शुक्र 20:51 - 21:42 बुध 21:42 - 22:34 चन्द्र 22:34 - 23:25 शनि 23:25 - 24:17* बृहस्पति 24:17* - 25:08* मंगल 25:08* - 25:59* सूर्य 25:59* - 26:51* शुक्र 26:51* - 27:43* बुध 27:43* - 28:34* चन्द्र 28:34* - 29:26 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------पश्चिम* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 7 + 6 + 1 = 14 ÷ 4 = 2 शेष आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 7 + 7 + 5 = 19 ÷ 7 = 5 शेष ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* रात्रि 21:55 से प्रारम्भ मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * दग्ध योग रात्रि 21:55 से *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* क्रोधो वैवस्वतो राहा तृष्णा वैतरणी नदी । विद्या कामदुधा धेनुः सन्तोषो नन्दनंवनम् ।। ।।चा o नी o।। क्रोध साक्षात् यम है. तृष्णा नरक की और ले जाने वाली वैतरणी है. ज्ञान कामधेनु है. संतोष ही तो नंदनवन है. *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11 लेलिह्यसे ग्रसमानः समन्ताल्लोकान्समग्रान्वदनैर्ज्वलद्भिः ।, तेजोभिरापूर्य जगत्समग्रंभासस्तवोग्राः प्रतपन्ति विष्णो ॥, आप उन सम्पूर्ण लोकों को प्रज्वलित मुखों द्वारा ग्रास करते हुए सब ओर से बार-बार चाट रहे हैं।, हे विष्णो! आपका उग्र प्रकाश सम्पूर्ण जगत को तेज द्वारा परिपूर्ण करके तपा रहा है॥,30॥ *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष घर में अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहजनक सूचना प्राप्त होगी। मान बढ़ेगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। घर-परिवार की चिंता रहेगी। चोट व रोग से हानि संभव है। बेचैनी रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी बड़े काम को करने का मन बनेगा। 🐂वृष नवीन वस्त्राभूषण के लिए व्यय होगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा कार्य सहज ही होगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। शत्रु परास्त होंगे। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। मित्र व संबंधी से मेल बढ़ेगा। 👫मिथुन अप्रत्याशित खर्च होगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। दूसरों से अपेक्षा न करें। बनते का बिगड़ सकते हैं। परिवार से सहयोग नहीं मिलेगा। तनाव बढ़ेगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में कमी होगी। 🦀कर्क यात्रा लाभदायक रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा। प्रमाद न करें। 🐅सिंह नई योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। नए अनुबंध हो सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। ऐश्वर्य के साधनों पर खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। सौभाग्य वृद्धि होगी। जोखिम न लें। 🙎‍♀️कन्या तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। देवदर्शन के लिए यात्रा हो सकती है। सत्संग का लाभ मिलेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। थकान रहेगी। घर-परिवार व मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। प्रसन्नता रहेगी। ⚖️तुला स्वास्थ्य खराब हो सकता है। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। कुसंगति से बचें। बाहर जाने का मन बनेगा। थकान तथा चिंता रहेगी। जोखिम न उठाएं। 🦂वृश्चिक किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। विवाद से बचें। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई ऐसा उपाय न करें जिससे कानूनी उलझन हो। 🏹धनु संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। कोई बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🐊मकर परिवार के साथ मनोरंजक यात्रा हो सकती है। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। क्रोध व आलस्य पर नियंत्रण रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🍯कुंभ मेहनत की अधिकता से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। बुरी खबर मिल सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होने से तनाव रहेगा। विवेक व धैर्य का प्रयोग करें। लाभ होगा। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें। 🐟मीन घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। मेहनत का फल मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। पारिवारिक सदस्यों व मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई बड़ी समस्या दूर हो सकती है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। महत्वाकांक्षाएं बढ़ेंगी। प्रयास अधिक करें। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

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Ajay Awasthi May 28, 2020

*🕉️||जय श्री राम||🕉️* *🕉️।।अथ पंचांगम्।।🕉️* *🕉️।।दिनाँक -: 28/05/2020, गुरुवार।।🕉️* षष्ठी, शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (समाप्ति काल) तिथि ------------षष्ठी 23:26:48 तक पक्ष ---------------------------शुक्ल नक्षत्र ------------पुष्य 07:25:51 योग --------------घ्रुव 24:22:32 करण --------कौलव 12:02:38 करण -----------तैतुल 23:26:48 वार -------------------------गुरूवार माह ----------------------------ज्येष्ठ चन्द्र राशि --------------------कर्क सूर्य राशि -------------------वृषभ रितु ----------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर (उत्तर) ------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 शाका संवत ----------------1942 सूर्योदय -----------------05:26:12 सूर्यास्त -----------------19:07:07 दिन काल ---------------13:40:55 रात्री काल -------------10:18:49 चंद्रोदय ----------------10:12:55 चंद्रास्त ----------------24:08:43 लग्न ---- वृषभ 12°59' , 42°59' सूर्य नक्षत्र ------------------रोहिणी चन्द्र नक्षत्र ---------------------पुष्य नक्षत्र पाया --------------------रजत *।।पद, चरण।।* ड ----पुष्य 07:25:51 डी ----आश्लेषा 13:21:15 डू ----आश्लेषा 19:14:55 डे ----आश्लेषा 25:06:53 *।।ग्रह गोचर।।* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद सूर्य=वृषभ 12°22 ' रोहिणी, 1 ओ चन्द्र = कर्क 09°23 ' पुष्य ' 4 ड बुध = मिथुन 04°10 ' मृगशिरा ' 4 की शुक्र= वृषभ 23°55,मृगशिरा ' 1 वे मंगल=कुम्भ 15°30' शतभिषा ' 3 सी गुरु=मकर 02°02 ' उ oषाo , 2 भो शनि=मकर 07°43' उ oषा o ' 4 जी राहू=मिथुन 06°25 ' मृगशिरा , 4 की केतु=धनु 06 ° 25 ' मूल , 2 यो *।।शुभाशुभ मुहूर्त।।* राहू काल 13:59 - 15:42 अशुभ यम घंटा 05:26 - 07:09 अशुभ गुली काल 08:51 - 10:34 अशुभ अभिजित 11:49 -12:44 शुभ दूर मुहूर्त 09:59 - 10:55 अशुभ दूर मुहूर्त 15:28 - 16:23 अशुभ 🚩गंड मूल 07:26 - अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिन शुभ 05:26 - 07:09 शुभ रोग 07:09 - 08:51 अशुभ उद्वेग 08:51 - 10:34 अशुभ चर 10:34 - 12:17 शुभ लाभ 12:17 - 13:59 शुभ अमृत 13:59 - 15:42 शुभ काल 15:42 - 17:25 अशुभ शुभ 17:25 - 19:07 शुभ 🚩चोघडिया, रात अमृत 19:07 - 20:24 शुभ चर 20:24 - 21:42 शुभ रोग 21:42 - 22:59 अशुभ काल 22:59 - 24:17* अशुभ लाभ 24:17* - 25:34* शुभ उद्वेग 25:34* - 26:51* अशुभ शुभ 26:51* - 28:09* शुभ अमृत 28:09* - 29:26* शुभ 💮होरा, दिन बृहस्पति 05:26 - 06:35 मंगल 06:35 - 07:43 सूर्य 07:43 - 08:51 शुक्र 08:51 - 09:59 बुध 09:59 - 11:08 चन्द्र 11:08 - 12:17 शनि 12:17 - 13:25 बृहस्पति 13:25 - 14:33 मंगल 14:33 - 15:42 सूर्य 15:42 - 16:50 शुक्र 16:50 - 17:59 बुध 17:59 - 19:07 🚩होरा, रात चन्द्र 19:07 - 19:59 शनि 19:59 - 20:50 बृहस्पति 20:50 - 21:42 मंगल 21:42 - 22:33 सूर्य 22:33 - 23:25 शुक्र 23:25 - 24:17* बुध 24:17* - 25:08* चन्द्र 25:08* - 25:59* शनि 25:59* - 26:51* बृहस्पति 26:51* - 27:43* मंगल 27:43* - 28:34* सूर्य 28:34* - 29:26 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------दक्षिण* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *।।अग्नि वास ज्ञान।।* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 6 + 5 + 1 = 12 ÷ 4 = 0 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *।।शिव वास एवं फल।।* 6 + 6 + 5 = 17 ÷ 7 = 3 शेष वृषभारूढ़ = शुभ कारक *।।भद्रा वास एवं फल।।* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *।।विशेष जानकारी।।* *सर्वार्थ एवं अमृत सिद्धि योग 07:26 तक * गुरु पुष्य योग 7:26 तक * रानी लक्ष्मीबाई निर्वाण दिवस *।।शुभ विचार।।* शान्तितुल्यं तपो नास्ति न सन्तोषात्परं सुखम् । न तृष्णया परो व्याधिर्न च धर्मो दया परः ।। ।।चा o नी o।। एक संयमित मन के समान कोई तप नहीं. संतोष के समान कोई सुख नहीं. लोभ के समान कोई रोग नहीं. दया के समान कोई गुण नहीं *।।सुभाषितानि।।* गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11 यथा प्रदीप्तं ज्वलनं पतंगाविशन्ति नाशाय समृद्धवेगाः ।, तथैव नाशाय विशन्ति लोकास्तवापि वक्त्राणि समृद्धवेगाः ॥, जैसे पतंग मोहवश नष्ट होने के लिए प्रज्वलित अग्नि में अतिवेग से दौड़ते हुए प्रवेश करते हैं, वैसे ही ये सब लोग भी अपने नाश के लिए आपके मुखों में अतिवेग से दौड़ते हुए प्रवेश कर रहे हैं॥ *।।दैनिक राशिफल।।* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। दूर के शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बढ़ेगी। जोखिम न लें। 🐂वृष बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा। शत्रुओं का पराभव होगा, फिर भी सावधानी आवश्यक है। थकान महसूस होगी। सुख के साधनों पर व्यय अधिक होगा। 👫मिथुन पुरानी व्याधि उठ सकती है। विवाद से क्लेश होगा। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। पारिवारिक समस्याएं बनी रहेंगी। मतभेद हो सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। 🦀कर्क किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। व्यवसाय में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा काम करने का मन बन सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। थकान महसूस होगी। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। 🐅सिंह चोट व रोग से बाधा संभव है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। समाज में मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। सुख के साधन प्राप्त होंगे। लभा के अवसर हाथ आएंगे। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। 🙎‍♀️कन्या तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। विरोध होगा। स्वास्थ्य पर खर्च हो सकता है। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। वस्तुएं संभालकर रखें। ⚖️तुला यात्रा में सावधानी रखें। नेत्र पीड़ा हो सकती है। प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। जल्दबाजी से हानि संभव है। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। किसी अपने का व्यवहार हृदय को चोट पहुंचा सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा। 🦂वृश्चिक वाणी पर नियंत्रण रखें। राजभय रहेगा। जल्दबाजी से बचें। शारीरिक कष्ट संभव है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें। 🏹धनु भय, पीड़ा व चिंता का माहौल बन सकता है। आंखों में पीड़ा हो सकती है। भूमि व भवन इत्यादि खरीदने की योजना बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। विवाद से बचें। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाग्य का साथ पूरा-पूरा रहेगा। 🐊मकर विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। रोजगार में वृद्धि होगी। मित्र व संबंधियों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। विवाद न करें। 🍯कुंभ दु:खद समाचार मिल सकता है। दौड़धूप अधिक होगी। धैर्य रखें। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। बनते कामों में अड़चन आएगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। बुद्धि से समस्याएं दूर होंगी। 🐟मीन प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। रोजगार में वृद्धि तथा प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। पुराने अटके कार्य पूर्ण होंगे। चोट व रोग से बचें। थकान रहेगी। जल्दबाजी न करें। *🕉️।।जय माता दी।।🕉️* *🕉️।।आपका दिन मंगलमय हो।।🕉️*

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Ajay Awasthi May 27, 2020

*🕉️||जय श्री राम||🕉️* *🕉️।।अथ पंचांगम्।।🕉️* *🕉️।।दिनाँक -: 27/05/2020,बुधवार।।🕉️* ज्येष्ठ पंचमी, शुक्ल पक्ष नक्षत्र ---------पुनर्वसु 07:27:07 योग --------------वृद्वि 26:18:17 करण ------------भाव 12:53:27 करण ----------बालव 24:31:31 वार --------------------------बुधवार माह ---------------------------- ज्येष्ठ चन्द्र राशि -------------------- कर्क सूर्य राशि -------------------वृषभ रितु ----------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 शाका संवत -----------------1942 सूर्योदय -----------------05:26:29 सूर्यास्त -----------------19:06:36 दिन काल --------------13:40:06 रात्री काल -------------10:19:36 चंद्रोदय -----------------09:11:45 चंद्रास्त -----------------23:22:28 लग्न ----वृषभ 12°2' , 42°2' सूर्य नक्षत्र ------------------रोहिणी चन्द्र नक्षत्र ------------------पुनर्वसु नक्षत्र पाया -------------------रजत *।।पद, चरण।।* ही ----पुनर्वसु 07:27:07 हु ----पुष्य 13:29:23 हे ----पुष्य 19:29:55 हो ----पुष्य 25:28:45 *।।ग्रह गोचर।।* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद सूर्य=वृषभ 12°22 ' रोहिणी, 1 ओ चन्द्र = कर्क 09°23 ' पुष्य ' 2 हे बुध = मिथुन 04°10 ' मृगशिरा ' 4 की शुक्र= वृषभ 23°55,मृगशिरा ' 1 वे मंगल=कुम्भ 15°30' शतभिषा ' 3 सी गुरु=मकर 02°02 ' उ oषाo , 2 भो शनि=मकर 07°43' उ oषा o ' 4 जी राहू=मिथुन 06°25 ' मृगशिरा , 4 की केतु=धनु 06 ° 25 ' मूल , 2 यो *।।शुभाशुभ मुहूर्त।।* राहू काल 12:17 - 13:59 अशुभ यम घंटा 07:09 - 08:52 अशुभ गुली काल 10:34 - 12:17 अशुभ अभिजित 11:49 -12:44 अशुभ दूर मुहूर्त 11:49 - 12:44 अशुभ 💮चोघडिया, दिन लाभ 05:26 - 07:09 शुभ अमृत 07:09 - 08:52 शुभ काल 08:52 - 10:34 अशुभ शुभ 10:34 - 12:17 शुभ रोग 12:17 - 13:59 अशुभ उद्वेग 13:59 - 15:42 अशुभ चर 15:42 - 17:24 शुभ लाभ 17:24 - 19:07 शुभ 🚩चोघडिया, रात उद्वेग 19:07 - 20:24 अशुभ शुभ 20:24 - 21:42 शुभ अमृत 21:42 - 22:59 शुभ चर 22:59 - 24:16* शुभ रोग 24:16* - 25:34* अशुभ काल 25:34* - 26:51* अशुभ लाभ 26:51* - 28:09* शुभ उद्वेग 28:09* - 29:26* अशुभ 💮होरा, दिन बुध 05:26 - 06:35 चन्द्र 06:35 - 07:43 शनि 07:43 - 08:52 बृहस्पति 08:52 - 09:59 मंगल 09:59 - 11:08 सूर्य 11:08 - 12:17 शुक्र 12:17 - 13:25 बुध 13:25 - 14:33 चन्द्र 14:33 - 15:42 शनि 15:42 - 16:50 बृहस्पति 16:50 - 17:58 मंगल 17:58 - 19:07 🚩होरा, रात सूर्य 19:07 - 19:58 शुक्र 19:58 - 20:50 बुध 20:50 - 21:42 चन्द्र 21:42 - 22:33 शनि 22:33 - 23:25 बृहस्पति 23:25 - 24:16* मंगल 24:16* - 25:08* सूर्य 25:08* - 25:59* शुक्र 25:59* - 26:51* बुध 26:51* - 27:43* चन्द्र 27:43* - 28:35* शनि 28:35* - 29:26 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------उत्तर* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *।।अग्नि वास ज्ञान।।* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 5 + 4 + 1 = 10 ÷ 4 = 2 शेष आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l *।।शिव वास एवं फल।।* 5 + 5 + 5 = 15 ÷ 7 = 1 शेष कैलाश वास = शुभ कारक *।।भद्रा वास एवं फल।।* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *।।विशेष जानकारी।।* * पंoजवाहरलाल नेहरू पुण्य तिथि *।।शुभ विचार।।* काष्ठ-पाषाण-धातूनां कृत्वा भावेन सेवनम् । श्रध्दया च तया सिध्दिस्तस्य विष्णोः प्रसादतः ।। ।।चा o नी o।। काठ, पाषाण तथा धातु की भी श्रध्दापूर्वक सेवा करने से और भगवत्कृपा से सिध्दि प्राप्त हो जाती है। *।।सुभाषितानि।।* गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11 यथा नदीनां बहवोऽम्बुवेगाः समुद्रमेवाभिमुखा द्रवन्ति ।, तथा तवामी नरलोकवीराविशन्ति वक्त्राण्यभिविज्वलन्ति ॥, जैसे नदियों के बहुत-से जल के प्रवाह स्वाभाविक ही समुद्र के ही सम्मुख दौड़ते हैं अर्थात समुद्र में प्रवेश करते हैं, वैसे ही वे नरलोक के वीर भी आपके प्रज्वलित मुखों में प्रवेश कर रहे हैं॥ *।।दैनिक राशिफल।।* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष व्यवसाय ठीक चलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जुए-सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। विवाद से क्लेश हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा काम हो सकता है। प्रसन्नता रहेगी। 🐂वृष कोई बड़ा खर्च सामने आएगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण आवश्यक है। घर-परिवार की चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। दूसरों पर अधिक भरोसा न करें। बनते कामों में विघ्न आ सकता है। धैर्य रखें। वरिष्ठजनों की सलाह मानें। 👫मिथुन व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कुसंगति से हानि होगी। प्रतिष्ठित जनों का मार्गदर्शन तथा सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें। 🦀कर्क आर्थिक नीति में परिवर्तन से तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। रोजगार में वृद्धि होगी। कई दिनों से अटके कार्य अब पूरे होंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। क्रोध पर नियंत्रण रखें। 🐅सिंह कोई बाहरी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। पारिवारिक मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। प्रसन्नता रहेगी। 🙎‍♀️कन्या पुरानी व्याधि उठ सकती है। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। क्रोध पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेचैनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें। घर-बाहर अशांति रहेगी। आय में कमी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रयास करते रहें। ⚖️तुला वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। भागदौड़ की अधिकता स्वास्थ्य को प्रभावित करेगी। राजकीय कार्य मनोनुकूल रहेंगे। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। घर-बाहर जो रुके कार्य हैं, उनमें गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🦂वृश्चिक लेन-देन में सावधानी रखें। भूमि व भवन संबंधी कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। कष्ट, भय व तनाव का वातावरण बन सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्य को करने की योजना बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। लाभ होगा। 🏹धनु घर-बाहर मित्र व संबंधियों के साथ मनोरंजक समय व्यतीत होगा। यात्रा सफल रहेगी। अच्छे व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अनावश्यक क्रोध करने से बचें। 🐊मकर उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। अनावश्यक विवाद हो सकता है। घर-बाहर सहयोग नहीं मिलेगा। बुरी खबर मिल सकती है। भागदौड़ रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। फालतू के आरोप लग सकते हैं। लेन-देन में सावधानी आवश्यक है, धैर्य रखें। 🍯कुम्भ समाज में मान-सम्मान मिलेगा। थोड़ी मेहनत से बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार तथा आय में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में अधिकारीगण प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर सहयोग मिलेगा। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। 🐟मीन पुराने भूले-बिसरे मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कोई बड़ा काम प्रारंभ करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग नहीं मिलेगा। मतभेद हो सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। थकान रहेगी। शुभ समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। *🕉️।।जय माता दी।।🕉️* *🕉️।।आपका दिन मंगलमय हो।।🕉️*

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Ajay Awasthi May 25, 2020

*🕉️||जय श्री राम||🕉️* *🕉️।।अथ पंचांगम्।।🕉️* *🕉️।।दिनाँक -: 26/05/2020,मंगलवार।।🕉️* चतुर्थी, शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (समाप्ति काल) तिथि ----------चतुर्थी 25:08:25 तक पक्ष ---------------------------शुक्ल नक्षत्र ----------- आर्द्रा 07:01:09 योग -------------गण्ड 27:51:46 करण --------वाणिज 13:16:29 करण ------विष्टि भद्र 25:08:25 वार -----------------------मंगलवार माह ----------------------------ज्येष्ठ चन्द्र राशि ----मिथुन 25:23:10 चन्द्र राशि ---------------------कर्क सूर्य राशि ---------------------वृषभ रितु ---------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 शाका संवत ----------------1942 सूर्योदय -----------------05:26:47 सूर्यास्त -----------------19:06:04 दिन काल --------------13:39:16 रात्री काल -------------10:20:25 चंद्रोदय -----------------08:13:41 चंद्रास्त -----------------22:32:04 लग्न ---- वृषभ 11°5' , 41°5' सूर्य नक्षत्र ------------------रोहिणी चन्द्र नक्षत्र --------------------आर्द्रा नक्षत्र पाया --------------------रजत *।।पद, चरण।।* छ ----आर्द्रा 07:01:09 के ----पुनर्वसु 13:10:10 को ---- पुनर्वसु 19:17:30 हा ----पुनर्वसु 25:23:10 *।।ग्रह गोचर।।* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद सूर्य=वृषभ 11°22 ' रोहिणी, 1 ओ चन्द्र = मिथुन 19°23 ' आर्द्रा ' 4 छ बुध = मिथुन 01°10 ' मृगशिरा ' 3 का शुक्र= वृषभ 24°55,मृगशिरा ' 1 वे मंगल=कुम्भ 14°30' शतभिषा ' 3 सी गुरु=मकर 02°02 ' उ oषाo , 2 भो शनि=मकर 07°43' उ oषा o ' 4 जी राहू=मिथुन 06°25 ' मृगशिरा , 4 की केतु=धनु 06 ° 25 ' मूल , 2 यो *।।शुभाशुभ मुहूर्त।।* राहू काल 15:41 - 17:24 अशुभ यम घंटा 08:52 - 10:34 अशुभ गुली काल 12:16 - 13:59 अशुभ अभिजित 11:49 -12:44 शुभ दूर मुहूर्त 08:11 - 09:05 अशुभ दूर मुहूर्त 23:14 - 24:09* अशुभ 💮चोघडिया, दिन रोग 05:27 - 07:09 अशुभ उद्वेग 07:09 - 08:52 अशुभ चर 08:52 - 10:34 शुभ लाभ 10:34 - 12:16 शुभ अमृत 12:16 - 13:59 शुभ काल 13:59 - 15:41 अशुभ शुभ 15:41 - 17:24 शुभ रोग 17:24 - 19:06 अशुभ 🚩चोघडिया, रात काल 19:06 - 20:24 अशुभ लाभ 20:24 - 21:41 शुभ उद्वेग 21:41 - 22:59 अशुभ शुभ 22:59 - 24:16* शुभ अमृत 24:16* - 25:34* शुभ चर 25:34* - 26:51* शुभ रोग 26:51* - 28:09* अशुभ काल 28:09* - 29:26* अशुभ 💮होरा, दिन मंगल 05:27 - 06:35 सूर्य 06:35 - 07:43 शुक्र 07:43 - 08:52 बुध 08:52 - 09:59 चन्द्र 09:59 - 11:08 शनि 11:08 - 12:16 बृहस्पति 12:16 - 13:25 मंगल 13:25 - 14:33 सूर्य 14:33 - 15:41 शुक्र 15:41 - 16:50 बुध 16:50 - 17:58 चन्द्र 17:58 - 19:06 🚩होरा, रात शनि 19:06 - 19:58 बृहस्पति 19:58 - 20:49 मंगल 20:49 - 21:41 सूर्य 21:41 - 22:33 शुक्र 22:33 - 23:25 बुध 23:25 - 24:16* चन्द्र 24:16* - 25:08* शनि 25:08* - 25:59* बृहस्पति 25:59* - 26:51* मंगल 26:51* - 27:43* सूर्य 27:43* - 28:35* शुक्र 28:35* - 29:26 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------उत्तर* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *।।अग्नि वास ज्ञान।।* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 4 + 3 + 1 = 8 ÷ 4 = 0 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *।।शिव वास एवं फल।।* 4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6 शेष क्रीड़ायां = शोक,दुःख कारक *।।भद्रा वास एवं फल।।* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* दोपहर 13:13 से रात्रि 25:08 तक समाप्त स्वर्ग लोक = शुभ कारक *।।विशेष जानकारी।।* * विनायकी चतुर्थी *।।शुभ विचार।।* न देवो विद्यते काष्ठे न पाषाणे न मृण्मये । भावे हि विद्यते देवस्तस्माद्भावो हि कारणम् ।। ।।चा o नी o।। देवता न काठ में, पत्थर में, और न मिट्टी ही में रहते हैं वे तो रहते हैं भाव में। इससे यह निष्कर्ष निकला कि भाव ही सबका कारण है। *।।सुभाषितानि।।* गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11 अमी च त्वां धृतराष्ट्रस्य पुत्राः सर्वे सहैवावनिपालसंघैः ।, भीष्मो द्रोणः सूतपुत्रस्तथासौ सहास्मदीयैरपि योधमुख्यैः ॥, वक्त्राणि ते त्वरमाणा विशन्ति दंष्ट्राकरालानि भयानकानि ।, केचिद्विलग्ना दशनान्तरेषु सन्दृश्यन्ते चूर्णितैरुत्तमाङ्‍गै ॥, वे सभी धृतराष्ट्र के पुत्र राजाओं के समुदाय सहित आप में प्रवेश कर रहे हैं और भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य तथा वह कर्ण और हमारे पक्ष के भी प्रधान योद्धाओं के सहित सबके सब आपके दाढ़ों के कारण विकराल भयानक मुखों में बड़े वेग से दौड़ते हुए प्रवेश कर रहे हैं और कई एक चूर्ण हुए सिरों सहित आपके दाँतों के बीच में लगे हुए दिख रहे हैं॥ *।।दैनिक राशिफल।।* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। प्रमाद न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🐂वृष चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। नए काम मे जल्दबाजी न करें। घर-बाहर तनाव रह सकता है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में कमी रहेगी। 👫मिथुन पूजा-पाठ में मन लगेगा। किसी धार्मिक कार्य का लाभ मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। शत्रु परास्त होंगे। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें। राजकीय बाधा दूर होगी। शत्रु शांत रहेंगे। दूसरों से मतभेद दूर होंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चिंता बनी रहेगी। 🦀कर्क कार्यप्रणाली में सुधार होगा। आर्थिक नीति में परिवर्तन संभव है। तत्काल लाभ नहीं होगा। राजकीय बाधा दूर होगी। लाभ की स्थिति बनेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। विवेक का प्रयोग किसी बड़ी बाधा को दूर कर सकता है। प्रसन्नता रहेगी। 🐅सिंह रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। रोजगार में वृद्धि होगी। व्यस्तता रहेगी। जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। 🙎‍♀️कन्या लिया हुआ कर्ज समय पर लौटा पाएंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। आय में बढ़ोतरी होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। विवाद न करें। व्ययवृद्धि होगी। पुराना रोग उभर सकता है। वस्तुएं संभालकर रखें। ⚖️तुला व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। जोखिम न उठाएं। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य प्रभावित होगा। धनार्जन होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🦂वृश्चिक भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। शत्रु शांत रहेंगे। पुराना रोग उभर सकता है। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। कोर्ट व कचहरी के मामले सुलझेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। 🏹धनु सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मेहनत सफल रहेगी। रुके कार्य पूर्ण होंगे। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। कार्य की अधिकता से थकान रह सकती है। दूसरों से मतभेद समाप्त होंगे। 🐊मकर वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में लापरवाही न करें। पुराना रोग उभर सकता है। घर-परिवार में मतभेद बढ़ सकते हैं। सामंजस्य बैठाएं। कुसंगति से हानि होगी। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय-व्यय बराबर रहेंगे। चिंता रहेगी। 🍯कुंभ किसी सामाजिक उत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा सफल रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। सम्माननीय व्यक्तियों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। विवाद से बचें। आलस्य हावी रह सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। 🐟मीन भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल होंगे। ऐश्वर्य के साधन जुटेंगे। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। पुरानी किसी बड़ी समस्या का समाधान सहज ही मिलेगा। लाभ होगा। *🕉️।।जय माता दी।।🕉️* *🕉️।।आपका दिन मंगलमय हो।।🕉️*

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