Arvind Sharma Apr 12, 2021

जयश्रीमहाकाल राजाधिराज ब्रम्हांड के राजा 🌷 🙏🌷🙏🌷🙏🌷🚩 *" इस चाण्डाल मन का क्या भरोसा ? "* 🙏🌷🙏🌷🙏🌷🚩 एक संत एक छोटे से आश्रम का संचालन करते थे। एक दिन पास के रास्ते से एक राहगीर को पकड़कर अंदर ले आए और शिष्यों के सामने उससे प्रश्न किया कि यदि तुम्हें सोने की अशर्फियों की थैली रास्ते में पड़ी मिल जाए तो तुम क्या करोगे ?🚩 🙏🌷🙏🌷⚓ वह आदमी बोला - "तत्क्षण उसके मालिक का पता लगाकर उसे वापस कर दूंगा अन्यथा राजकोष में जमा करा दूंगा।" 🚩 🙏🌷🙏🌷⚓ संत हंसे और राहगीर को विदा कर शिष्यों से बोले -" यह आदमी मूर्ख है।" 🚩 🙏🌷🙏🌷 शिष्य बड़े हैरान कि गुरुजी क्या कह रहे हैं ? इस आदमी ने ठीक ही तो कहा है तथा सभी को ही यह सिखाया गया है कि ऐसे किसी परायी वस्तु को ग्रहण नहीं करना चाहिए।🚩 🙏🌷🙏🌷 थोड़ी देर बाद फिर संत किसी दूसरे को अंदर ले आए और उससे भी वही प्रश्न दोहरा दिया। 🚩 🙏🌷🙏🌷 उस दूसरे राहगीर ने उत्तर दिया कि क्या मुझे निरा मूर्ख समझ रखा है ?, जो स्वर्ण मुद्राएं पड़ी मिलें और मैं लौटाने के लिए मालिक को खोजता फिरूं? तुमने मुझे समझा क्या है ?🚩 🙏🌷🙏🌷 वह राहगीर जब चला गया तो संत ने कहा -" यह व्यक्ति शैतान है। 🚩 🙏🌷🙏🌷 शिष्य बड़े हैरान हुए कि पहला मूर्ख और दूसरा शैतान, फिर गुरुजी चाहते क्या हैं ?🚩 🙏🌷🙏🚩 अबकी बार संत तीसरे राहगीर को पकड़कर अंदर ले आए और वही प्रश्न दोहराया।🚩 🙏🌷🙏🌷 🙏 राहगीर ने बड़ी सज्जनता से उत्तर दिया--" महाराज! अभी तो कहना बड़ा मुश्किल है।इस *चाण्डाल मन का क्या भरोसा,* कब धोखा दे जाए ? एक क्षण की खबर नहीं। यदि परमात्मा की कृपा रही और सद्बुद्धि बनी रही तो लौटा दूंगा।"🚩 संत बोले -🚩 🙏🌷🙏🌷🙏 *" यह आदमी सच्चा है। इसने अपनी डोर परमात्मा को सौंप रखी है। ऐसे व्यक्तियों द्वारा कभी गलत निर्णय नहीं होता।*🚩 🙏🌷🙏🌷 *ज्येष्ठ पांडव, सूर्यपुत्र कर्ण कर्म, धर्म का ज्ञाता, क्या कारण था की अपने छोटे भाई अर्जुन से हार गया जबकि कर्म और धर्म दोनों में वो अर्जुन से श्रेष्ठ था। कारण था कि अर्जुन ने अपनी घर से निकलने से पहले ही अपनी जीवन रथ की डोरी,भगवान श्री कृष्ण के हाथ में दे दी थी।*🚩 🙏🌷🙏🌷 *आपको हमें भी इसी प्रकार अपने मन तथा जीवन की डोर प्रभु के हाथ में दे देनी चाहिए।* 🚩 🙏🌷🙏🌷 *विश्वास कीजिए जितने भी उतार-चढ़ाव आएंगे जीवन में लेश मात्र भी अंतर नहीं पड़ेगा इसीलिए सदैव कहता हूँ कि जो प्राप्त है-पर्याप्त है..!!*🙏🙏🙏🌷 *🙏🏽🙏🙏🏼जय जय श्री राधे*🙏🏾🙏🏿🙏🏻 *🙏🌹🙏जय श्री राधे कृष्ण🙏🌹🙏* 💥 जय मंगल नाथ 💥 ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●

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Arvind Sharma Apr 11, 2021

जय श्रीराम --जय श्रीनाथ जी ⚓ 🙏🌷🙏🌷🙏🌷🚩 1️⃣1️⃣❗0️⃣4️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣1️⃣ जिस मानव देह को लोग बिना भक्ति के ही खत्म कर देते हैं, उन्हें इस बात का एहसास नहीं कि भगवान ने करुणा करके उन्हें यह तन दिया है। उस शरीर को पाने के बाद उसका सही अर्थों में लोग उपयोग नहीं कर रहे हैं। उसे अगर भक्ति के मार्ग पर लगाया जाए तो वह भगवान को भी वश में करके उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है। 🌷🙏🌷🙏🌷🚩 जो स्वर्ग चाहते हैं, उन्हें पता नहीं कि वहां केवल भोग किया जा सकता है। स्वर्ग में रहने वाले भगवान भक्ति और कर्म नहीं कर सकते हैं। यह पुण्य लाभ तो मानव शरीर पाने से ही संभव है। 🌷🙏🌷🙏🌷🙏🚩 मानव शरीर पाने के बाद ही कर्म करके मनुष्य को भगवान से प्रेम करने का अवसर मिलता है। इसलिए भगवान की भक्ति करनी चाहिए। 84 लाख योनियों में श्रेष्ठ मानव जीवन पाने के बाद भी जो लोग स्वर्ग पाने की इच्छा रखते हैं, वे मूर्ख हैं। 🙏🌷🙏🌷🙏🌷🚩 कर्म इस संसार में आने वाला हर जीव करता है, मगर भगवत्‌ आराधना और भक्ति केवल मानव तन से ही संभव है। उसके बाद भी कुछ लोग अपने कर्म और भक्ति के बाद स्वर्ग पाने की इच्छा मन में पालते हैं। उन्हें पता नहीं होता है कि जिसे वे स्वर्ग पाने का रास्ता समझते हैं, उस मानव तन को पाने के लिए देवता भी लालायित रहते हैं, क्योंकि मानव देह पाने के बाद ही भक्ति रस से मिलने वाले आनंद का अनुभव किया जा सकता है..!!🌷🚩 *🙏🏼🙏🙏🏽जय जय श्री राधे*🙏🏻🙏🏿🙏🏾 *🎪🛕श्री भक्ति ग्रुप मंदिर™🛕🎪* *🙏🌹🙏जय श्री राधे कृष्ण🙏🌹🙏* ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● *© 2021 श्री भक्ति ग्रुप मंदिर ™* *All Rights Reserved.®* ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●

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Arvind Sharma Apr 11, 2021

जय महाकालेश्वर भगवान 🙏🚩⚓ 🙏🌷🙏🌷🙏🌷🚩 _"जाने क्यूं_ _अब शर्म से,_ _चेहरे गुलाब नही होते.।_〽️ _जाने क्यूं_ _अब मस्त मौला मिजाज नही होते._ _पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें।_ _जाने क्यूं_ _अब चेहरे_, _खुली किताब नही होते।_ _सुना है_〽️ _बिन कहे_ _दिल की बात_ _समझ लेते थे।_ _गले लगते ही_〽️ _दोस्त हालात_ _समझ लेते थे।_ _तब ना फेस बुक_ _ना स्मार्ट मोबाइल था_ _ना फेसबुक_ _ना ट्विटर अकाउंट था_ _एक चिट्टी से ही_ _दिलों के जज्बात_ _समझ लेते थे।_ _सोचता हूं_〽️ _हम कहां से कहां आ गये,_ _प्रेक्टीकली सोचते सोचते_ _भावनाओं को खा गये।_ _अब भाई भाई से_ _समस्या का समाधान_ _कहां पूछता है_〽️ _अब बेटा बाप से_ _उलझनों का निदान_ _कहां पूछता है_〽️ _बेटी नही पूछती_ _मां से गृहस्थी के सलीके_ _अब कौन गुरु के_ _चरणों में बैठकर_ _ज्ञान की परिभाषा सीखे।_〽️ _परियों की बातें_ _अब किसे भाती है_〽️ _अपनो की याद_ _अब किसे रुलाती है_〽️ _अब कौन_ _गरीब को सखा बताता है_〽️ _अब कहां_ _कृष्ण सुदामा को गले लगाता है_〽️ _जिन्दगी मे_ _हम प्रेक्टिकल हो गये है_〽️ _मशीन बन गये है सब_ _इंसान जाने कहां खो गये है!_〽️ _इंसान जाने कहां खो गये है....!_ 💥हर -हर महादेव- जय- मंगल -नाथ💥

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Arvind Sharma Apr 10, 2021

जय श्रीराम भक्तो 🙏🙏🚩 जय श्रीराम नमस्कार दोस्तो 🙏🙏 एक अनुमान -✅-- मायमन्दिर क्या है ये दुनिया की सबसे बडी ऐप है 🚩जहा हम सब प्रेम भाव से मिलते है हम सब एक-दुसरे को आशिर्वाद देते रहते है 🙏 हम सब एक दुसरे का कल्याण करते रहते है ⚓ हमसब एक-दुसरे पर कब संकट आता और चला जाता है पता भी नही चलता ये सब आप लोगो की कृपा है !-- ✅इस कोरोना काल से लडने के लिए बस इसी आशिर्वाद की हम सब और हमारे देश को जरूरत है⚓ कोई नही आयेगा हम लोगो को बचाने हम लोगो को ही एक दुसरे को बचाना है और आशिर्वाद से🙏🙏🚩 बडा कोई भी नही आज के समय मे यही सबसे बडा दान है यकिन मानो ऐसा आशिर्वाद चारो धाम मे भी नही मिलता जो इस मन्दिर मे मिलता है 🥰 आप सब देवता समान हो आप सब को नमन् राधे-राधे अर्ज किया-- अगर इंसान देवता न बन सका तो कोई गम नही! इंसान इंसान ही बना रहा तो कोई देवता से कम नही!! 🚩 शिव शंकर माता आदिशक्ति आपकी सदा रक्षा करे आपको खुश रखे स्वास्थ्य रखे !!🚰

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Arvind Sharma Apr 8, 2021

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Arvind Sharma Apr 7, 2021

जय श्रीराम जय श्रीकृष्ण जी प्रभु कि लीला 🙏🙏 एक समय श्रीधाम---- ध्दारकामे भगवान श्रीकृष्ण रात्रिकाल श्री रुक्मणी सत्यभामा राज महल के मध्य सहन कर रहे थे स्वप्न अवस्था में अस्माकं 👀👀 ,,हां राधे!-हा राधे! उच्चारण करने लगे ! क्रन्दन करने लगे! जब अन्य किसी प्रकार प्रभु का क्रन्दन नही रूका तो महारानी श्रीरूकमणी देवी ने अपने प्राणवल्लभ को संवाहनपूर्वक जागृत किया--- भगवान श्रीकृष्ण निद्राभंग होने पर लज्जित हुये! उन्होने अति चतुराई से अपना भाव गोपन कर लिया!〽️〽️ महारानीयो के हृदय मे अत्यंत व्यग्रता उत्पन्न हुई देखो हम सब सोलहा सहस्र महिषी है और ---- कुल शील रूप गुणमे कोई भी अन्य नही हमारे प्राण वल्लभ किसी अन्य रमणी के लिए एतने व्याकुल है यह तो बडी ही विस्मक की बात है ! स्वप्नं मे जिस रमणी के लिए प्रभु एतने व्याकुल है ! वो रमणी भी न मालूम कितनी रूप-गुणवती होगी?🌷💞 महारानी देवी कहने लगी---- हमने सुना है कि वृन्दावन मे राधा नाम की कोई एक गोपीकुमारी है !! हमारे प्राणेश्वर अभी तक उसके प्रति व्याकुल है--- हमारे प्राणेश्वर हमसे कुछ छिपा रहे है !!💗 श्रीसत्यभामा कहने लगी --- इस सम्बन्ध मे रोहिणीमाता से पूछने पर ही ठीक-ठीक पता लग सकेगा----- रोजाना देवीयो ,, राधा कृष्ण की प्रेमकथा सुनती ! सभी रानिया दीवानी सी हो गई,, राधा की,, एक बार महारानियो सोचाकि क्यो न हम ,,राधा से,, मिले देखे तो सही कि ऐसा क्या है राधा मे कि हमारे प्राणेश्वर वल्लभ जी दिन-रात उदासीन रहते है हां राधा राधा किया करते है -------सभी रानिया अपने वल्लभ जी के पास गई प्रर्थना करने लगी,, राधा,,से मिलने के लिए--- कृष्ण जी ने प्रर्थना स्वीकृति देती!! भगवान श्रीकृष्ण अपनी रानियो के साथ --- सिध्दश्रम तीर्थ पहुँचे!! मायापति की लीलाये ----🚩 वहा श्रीराधा सिध्दश्रम तीर्थ मे अपनी सखियो के साथ स्नान करने गई! वहा श्रीकृष्ण जी अपनी सभी रानियो सहित प्रधारे! श्रीराधाजी ,,कि नजर महारानियो पर पड़ी ! राधा जी सभी रानियो के दर्शन से सुख मिला राधा जी समस्त पटरानियो का बडा सत्कार किया!! बातचीत मे उन्होने कहा ----🙏 बहिनो !! चन्दमा एक होता है परन्तु चकोर अनेक होते है!! सूर्य एक होता है मगर आंखें अनेक!! इसी प्रकार हमारे प्रियतम एक है लेकिन भक्त अनेक!! श्रीराधा जी के शील, स्वरूप सौंदर्य गुण और व्यवहार का माहिषयो पर बडा प्रभाव पडा! वो आगरा करके राधा जी को अपने स्थान पर लाई ! रुकमणी जी ने अपने हाथों से राधा को दूध पिलाया!! ---------,, ✅🌷✅भगवान अपने शयनगार में लेटे हुये थे! रुकमणी जी वहा पर अपने स्वामी के चरण दबाने लगी ! उन्होने देखा भगवान के तमाम चरणस्थली पर फफोले पड रहे है रुकमणी जी अपनी सागनी समस्त रानियो को बुला कर चरण दिखाए सभी रानिया देखकर चकित हो गई!!💞🙏🙏 भगवान से पूछने की हिम्मत किसी मे नही !! जब भगवान आंखें खोली सभी को वहां जमा होते देखा तो कारण पूछा---💞 रानियो फफुले होने का कारण पूछा ! तो भगवान ऐसे ही टाल दिया ! फिर सभीने आग्रह किया तो कहा कि रूकमणी ने राधा को गरम दुध पिला दिया !राधा बडी बहन के हाथ का दुध मुस्कराते हुवे पी गई----🚩 तो रानि कहा कि दुध गरम था तो श्रीमतिजी का मुंह जलता !! आपके पेरो मे फफुले पडे --- ये कैसा सम्बन्ध भगवान ने मुस्काराते हुये कहा राधा के हृदय की बात ही निराली है !!🌼 राधाजी के हृदयकमल मे मेरे चरणकमल दिन रात पेमपाश मे बंदे रहते हैं!!🚩 एक क्षण या अर्ध क्षण को भी यह प्रेमबन्धन से नही हट सकता तुमने दुध जरा ठंडा करके नही दिया गरम ही दे दिया !और राधाजी उसे तुम्हारा आशीर्वाद समजकर पी गई!! वो दुध हृदय मे गया और मेरे चरण जल गये!भगवान के वचन सुनकर🚩🚩 रूकमणी सत्यभामाजी और अदि सभी रानियो को बडा आश्चर्य हूआ! और वे राधा जी के प्रेम के सामने अपने प्रेम को बहुत ही तुच्छ समझने लगी!!🌼 जय श्रीराधामाधव जुगल द्रव्य रूप भगवान 🌷 💠🌷 श्रीराधाकृष्ण 🌷💠🚩🙏 💥जय मंगल नाथ 💥

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