arvind sharma Sep 23, 2021

अच्युतं केशवं रामनारायण कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्| अच्यत केशव राम नारायण कृष्ण दामोदर वासुदेव हरि| श्रीधर गोपिकावल्लभ जानकीनायक श्रीरामचन्द्र भजो|| 🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺 अच्यत केशव सत्यभामपति लक्ष्मीपति श्रीधर राधिकाजी द्वारा आरधित लक्ष्मीनिवास परम सुन्दर देवकीनन्दन नन्दकुमार मे चित्तसे ध्यान करता हू ||⚓⚓⚓⚓ जो विभु है विजयी है चक्रधारी है रूकमणीजी के परम प्रेमी है जानकी जी जिनकी धर्मपत्नी है तथा ब्रजप्राण धार है परमपूज्य आत्मस्वरूप कंसविनाशक मुरलीमनोहर हे कृष्ण हे गोविंद हे राम नारायण हे रामनाथ हे वासुदेव हे अजय हे शोभाधाम हे अच्युत हे अनन्त हे माधव हे द्वारकानाथ हे द्रोपतिरक्षक आपको नमस्कार है -प्रभु ||🌸🌺🌸🌺 राधेराधेजी-भगवान श्रीलक्ष्मीपति कि कृपा- आप बनी रहे-आपका मंगल हो ||🙏

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arvind sharma Sep 23, 2021

तेरी गलीमे आके खोये गये है ➖दोनो®️ दिल तुमको ढूँढता है मै दिलको ➖ढूँढता हू®️ Radhey Radhey ji-श्रीराधाजी - नीले रंग के दिव्य वस्त्र धारण करती है अनेक प्रकार के दिव्य आभूषण इन्हे सुशोभित किये रहते है🌴 🎑🎑🎑🎑🎑🎑🎑🎑🎑 इनकी कान्ति करोडो चन्द्रमाओ के समान प्रकाशमान है भगवान श्रीकृष्ण के भक्तो दास्य रति प्रदान करने वाली एकमात्र ये ही है क्योकि सम्पूर्ण सम्पतियो मे ये इस दास्य सम्पति को श्रेष्ठ मानती है 🌴🎑🎑🎑🎑🎑🎑🎑 श्रीवृषभानु के घर पुत्री के रूप मे ये पधारी है इनके चरणकमल का स्पर्श पाकर पृथ्वी भी धन्य हो गई है/🌴🎑🎑🎑 जिन्हे बह्मा आदि देवता भी नही देख सके भारतवर्ष प्रगट हुई है -ये स्त्री -रत्नोमे साररूपा है |🌴🎑🎑🎑 ये कृष्ण के वृक्ष-स्थलपर इसप्रकार विराजती है जैसे आकाश मे नवीन नील मेघमे बीजली चमक रही हो | इन्हे पाने के लिए बह्माजी ने ""साढ-हजार"" वर्षो तक तपस्या की थी उनकी तपस्या का उद्देश्य यही था- कि इनके चरणकमल के नख के दर्शन हो जाये !🌴 🎑🎑🎑🎑🎑🎑 जिससे मै पवित्र हो जाऊ ! परन्तु स्वप्न मे भी इन भगवती के दर्शन प्राप्त न कर सके फिर प्रत्यक्ष कि तो बात ही क्या - उसी तप के प्रभाव से ये देवी वृन्दावन मे प्रगट हुई है🪞 | | जहा बह्माजी को इनका दर्शन प्राप्त हो सका- ये ही भगवती ""राधा"" के नाम से"" प्रसिद्ध ""है || "" बह्माजी ने राधा से कहा है ""-- श्रीकृष्णसत्वमियं -राधा त्वं राधा वा हरि: सव्यम्| इति केन निरूपितम् || अस्याशा त्वं त्यदंशो वाप्ययं केन निरूपितम् | 🎑🎑🎑🎑🎑🎑🎑🎑🎑🎑 अर्थात- राधा श्रीकृष्ण है या स्वयं श्रीहरि ही राधा है -- आप इनका अंश है या ये आपका अंश है --इसका निरूपण कौन करे ||ॐ||"जय श्रीराधेराधे-

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arvind sharma Sep 22, 2021

गणराज तुम्हारे मन्दिर मे -🙏 🌺🌺 दो फुल चढाने आया हू | आशाओ कि चादर लेकर तुम्हे मनाने आया हू || 🌹🌼"उलटे भजन का सीधा भाव"🌼🌹 एक बार एक व्यक्ति श्री धाम वृंदावन में दर्शन करने गया। दर्शन करके लौट रहा था। तभी एक संत अपनी कुटिया के बाहर बैठे बड़ा अच्छा पद गा रहे थे कि"हो नयन हमारे अटके श्री बिहारी जी के चरण कमल में" बार-बार यही गाये जा रहे थे तभी उस व्यक्ति ने जब इतना मीठा पद सुना तो वह आगे न बढ़ सका, और संत के पास बैठकर ही पद सुनने लगा और संत के साथ-साथ गाने लगा । कुछ देर बाद वह इस पद को गाता-गाता अपने घर गया,और सोचता जा रहा था कि वाह !संत ने बड़ा प्यारा पद गाया।जब घर पहुँचा तो पद भूल गया । अब याद करने लगा कि संत क्या गा रहे थे, बहुत देर याद करने पर भी उसे याद नहीं आ रहा था। फिर कुछ देर बाद उसने गाया"हो नयन बिहारी जी के अटके,हमारे चरण कमल में"उलटा गाने लगा । उसे गाना था"नयन हमारे अटके बिहारी जी के चरण कमल में"अर्थात बिहारी जी के चरण कमल इतने प्यारे हैं कि नजर उनके चरणों से हटती ही नहीं हैं।नयन मानो वही अटक के रह गए हैं । पर वो गा रहा था कि बिहारी जी के नयन हमारे चरणों में अटक गए,अब ये पंक्ति उसे इतनी अच्छी लगीं कि वह बार-बार बस यही गाये जाता,आँखे बंद है बिहारी के चरण हृदय में है और बड़े भाव से गाये जा रहा है।जब बहुत समय तक गाता रहा,तो अचानक क्या देखता है सामने साक्षात् बिहारी जी खड़े हैं। झट चरणों में गिर पड़ा।बिहारी जी बोले,"भईया !एक से बढ़कर एक भक्त हुए।पर तुम जैसा भक्त मिलना बड़ा मुश्किल है लोगो के नयन तो हमारे चरणों के अटक जाते हैं पर तुमने तो हमारे ही नयन अपने चरणों में अटका दिए,और जब नयन अटक गए तो फिर दर्शन देने कैसे नहीं आता।" भगवान बड़े प्रसन्न हो गए।वास्तव में बिहारी जी ने उसके शब्दों की भाषा सुनी ही नहीं क्योकि बिहारी जी शब्दों की भाषा जानते ही नहीं है वे तो एक ही भाषा जानते है वह है भाव की भाषा। भले ही उस भक्त ने उलटा गाया पर बिहारी जी ने उसके भाव देखे कि वास्तव में ये गाना तो सही चाहता है शब्द उलटे हो गए तो क्या भाव तो कितना उच्च है।सही अर्थो में भगवान तो भक्त के हृदय का भाव ही देखते हैं।

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arvind sharma Sep 20, 2021

!! ⚘श्रीमहाकालेश्वर नमः ⚘!! 🪞कर्पर गौरं करूणवतारं संसार सारं भुजगेन्द हारम् सदा वसन्तं ह्रदयारविन्दे भव भवानि सहितं नमामि मन्दार माला कलि तालकायै कपाल मालंकितशेखराय दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नमः शिवायै च नमः शिवाय 🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🙏🙏 जय शिवशंकर जय गंगाधर करूणाकर करतार 🌷हरे जय कैलासी जय अविनाशी सुखराशी सुखसार🌷 हरे जय शशिशेखर जय डमरूधर जय-जय प्रेमागार🌷 हरे जय त्रिपुरारी जय मदहारी अमित अनन्त अपार 🌷हरे निर्गुण जय-जय सगुण अनामय निराकार साकार🌷 हरे पारवतीपति हरहर शम्भो पाहि-पाहि दातार 🌷हरे 🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🙏 जय रामेश्वर जय नागेश्वर वैघनाथ केदार🌴 हरे मल्लिकार्जुन सोमनाथ जय महाकाल ओकार🌴 हरे त्रंबकेश्वर जय घुश्मेश्वर भीमेश्वर जगतार🌴 हरे काशीपति श्रीविश्वनाथ जय मंगलमय अधहार🌴 हरे नीलकण्ठ जय भूतनाथ जय मृत्यूज्य अविकार 🌴हरे पारवतीपति हरहर शम्भो पाहि-पाहि दातार 🌴हरे 🌺🌸🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🙏 जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कृपालिनी दुर्गा 🌸क्षमा 🌸शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमस्तेऽस्ते

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arvind sharma Sep 19, 2021

यह तस्वीर देख आपको ऐसा नहीं लगता जैसे एक माँ बाहर खेलते अपने नादान से बालक को जबरन घर ले जा रही हो। क्योंकि बालक तो अबोध हैं। उसे अपने हित अहित का बोध नहीं है। परन्तु एक माँ जानती हैं कि जो लोग मेरे बालक को लाड कर रहे हैं। कुछ समय पश्चात वहीं उसका (अहित) विसर्जन करेंगे। अगर मैं इस विषय पर कुछ और कहूँगा तो यह तर्क वितर्क का विषय बन जाएगा।जो कि मेरा विषय नहीं है।............. मैं तो केवल इतना कहना चाहता हूँ कि एक माँ की दृष्टि से भी सोचिएगा जरूर। जिन्हें आप इतना लाड लडाते हैं।इतना सुन्दर सिंगार करते हैं।इतनी सेवा करते हैं।उन्हें आप कुछ ही क्षणों में कैसे त्याग देते हैं।....... वैसे तो आप जब बाजार में जाते हैं तो सबसे सुन्दर गणपति ढूंढते हैं कि सबसे सुन्दर हमारे गणपति होने चाहिए।और केवल चंद दिनों में यह भाव कहाँ लुप्त हो जाता हैं। यह सब मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि हमारे यहाँ ठाकुर जी की सेवा हैं।और हमनें संतो से भी सुना है कि गणेश जी ठाकुर जी का ही अवतार हैं।और हमारे ठाकुर जी के मुख पर थोड़ी सी उदासी आ जाए तो हमारा मन विचलित हो जाता हैं।तो विसर्जन की तो कल्पना भी नहीं कर सकते। ****(जय गण गणपतये नमः)**** #PhotoEditingChallenge #photographychallenge #postingchallenge #हर_हर_महादेव #FOLLOW ME Sailesh Gohil

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arvind sharma Sep 19, 2021

क्या खबर सितम नवाज बे-खबर जहान को ! दिल जलो की आहसे हो रही रोशनी !! हे दारिद्रयदेव | तुम्हे नमस्कार | तुम्हारे प्रसाद से मै सिद्ध हो गया हू मै दरिद्र हू मेरी और कोई नही देखता पर मै संसारभर की और देख रहा हू एक दारिद्र को जब संसार मे जीवितो की बस्ती मे कही सहारा नही मिला तब वह मरनेवालो के स्थान-श्मशान पर जा पहुँचा! वहा उसने देखा कि एक शव बडे आराम से लेटा है -- विश्राम कर रहा है उसकी इस शान्ति तथा सुखको देखकर दारिद्र ने उससे कहा - हे सखे ! जरा एक छण के लिए उठकर मेरी दारिद्रता का बोझ संभाल लो ! मै इसे ढोते-ढोते थक गया हू और तुम आराम से सो रहे हो ! श्मशान मे जब शवने दारिद्र की यह बात सुनी तो उसने सोचा कि " दारिद्रता से तो कही अधिक अच्छा है ! "मर जाना " यह सोचकर वह चुपचाप लेटा ही रहा ! उसने दारिद्र की प्रार्थना का कोई उत्तर नही दिया | जब दारिद्रता इतनी बुरी वस्तु है तथा दारिद्र का साथी मुर्दा भी नही है तब हम अपने सीमित साधनो मे उसकी सहायता तो कर ही सकते है ! भीखारी हमसे भीख नही मागने आता वह तो हमे सीख देने आता है कि ' दो भाई ! दो ! दान दो ! नही दोगे तो हमारे- जैसे हो जाओगे-- पूछत पूत कपूत बाबू धन के तनो कहा ! प्रान परे साकरे न हा करे न ना करे !!

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arvind sharma Sep 18, 2021

अति आसक्ति स्नेह -प्रेम रस- मन महबूब- को मोकाम होश -हिसाब न हिरस दिल -इश्क असल -अभिराम रोज -महबूब याद कि माला➖ फेरे निसानी 🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺🌸🌺 है महादेव-अगर इश्क न होता तो तू नही होता अगर इश्क न होता तो मै नही होता इश्क के बगैर ज़िन्दगी➖ बवाल है इश्क को दिल दे देना➖ कमाल है ➖इश्क बनाता है इश्क जलाता है ➖इश्क तडपाता है ➖इश्क रूलाता है इश्क हंसता है ➖दुनियामे जो कुछ है➖ इश्क का जलवा है आग इश्क कि गरमी है➖ हवा इश्क कि बेचैनी है पानी इश्क कि रफ्तार है➖ मौत इश्क कि बेहोशी है जिन्दगी इश्क कि होशियारी है ➖रात इश्क कि नीद है दिन इश्क का जगाना है ➖सत्य इश्क का एक तौफा है गुनाह इश्क से दुरी है ➖बहिश्त इश्क का शौक है 🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍒🍃🍃 तरीके फनामे कदम -रखके- पूछो मोहब्बत की- रस्मे मोहब्बत -कि राहे

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