Arun Kumar Sharma Jan 21, 2021

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Arun Kumar Sharma Jan 21, 2021

@@@ - सोलह संस्कार- @@@ हिन्दू धर्म भारत का सर्वप्रमुख धर्म है। इसमें पवित्र सोलह संस्कार संपन्न किए जाते हैं। हिंदू धर्म की प्राचीनता एवं विशालता के कारण ही उसे 'सनातन धर्म'भी कहा जाता है।  हिन्दू धर्म किसी भी व्यक्ति विशेष द्वारा स्थापित किया गया धर्म नहीं, बल्कि प्राचीन काल से चले आ रहे विभिन्न धर्मों एवं आस्थाओं का बड़ा समुच्चय है। महर्षि वेदव्यास के अनुसार मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक पवित्र सोलह संस्कार संपन्न किए जाते हैं। वैदिक कर्मकाण्ड के अनुसार निम्न सोलह संस्कार होते हैं: 1. गर्भाधान संस्कारः उत्तम सन्तान की प्राप्ति के लिये प्रथम संस्कार। 2. पुंसवन संस्कारः गर्भस्थ शिशु के बौद्धिक एवं मानसिक विकास हेतु गर्भाधान के पश्चात् दूसरे या तीसरे महीने किया जाने वाला द्वितीय संस्कार। 3. सीमन्तोन्नयन संस्कारः माता को प्रसन्नचित्त रखने के लिये, ताकि गर्भस्थ शिशु सौभाग्य सम्पन्न हो पाये, गर्भाधान के पश्चात् आठवें माह में किया जाने वाला तृतीय संस्कार। 4. जातकर्म संस्कारः नवजात शिशु के बुद्धिमान, बलवान, स्वस्थ एवं दीर्घजीवी होने की कामना हेतु किया जाने वाला चतुर्थ संस्कार। 5. नामकरण संस्कारः नवजात शिशु को उचित नाम प्रदान करने हेतु जन्म के ग्यारह दिन पश्चात् किया जाने वाला पंचम संस्कार। 6. निष्क्रमण संस्कारः शिशु के दीर्घकाल तक धर्म और मर्यादा की रक्षा करते हुए इस लोक का भोग करने की कामना के लिये जन्म के तीन माह पश्चात् चौथे माह में किया जाने वाला षष्ठम संस्कार। 7. अन्नप्राशन संस्कारः शिशु को माता के दूध के साथ अन्न को भोजन के रूप में प्रदान किया जाने वाला जन्म के पश्चात् छठवें माह में किया जाने वाला सप्तम संस्कार। 8. चूड़ाकर्म (मुण्डन) संस्कारः शिशु के बौद्धिक, मानसिक एवं शारीरिक विकास की कामना से जन्म के पश्चात् पहले, तीसरे अथवा पाँचवे वर्ष में किया जाने वाला अष्टम संस्कार। 9. विद्यारम्भ संस्कारः जातक को उत्तमोत्तम विद्या प्रदान के की कामना से किया जाने वाला नवम संस्कार। 10. कर्णवेध संस्कारः जातक की शारीरिक व्याधियों से रक्षा की कामना से किया जाने वाला दशम संस्कार। 11. यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कारः जातक की दीर्घायु की कामना से किया जाने वाला एकादश संस्कार। 12. वेदारम्भ संस्कारः जातक के ज्ञानवर्धन की कामना से किया जाने वाला द्वादश संस्कार। 13. केशान्त संस्कारः गुरुकुल से विदा लेने के पूर्व किया जाने वाला त्रयोदश संस्कार। 14. समावर्तन संस्कारः गृहस्थाश्रम में प्रवेश करने की कामना से किया जाने वाला चतुर्दश संस्कार। 15. पाणिग्रहण संस्कारः पति-पत्नी को परिणय-सूत्र में बाँधने वाला पंचदश संस्कार। 16. अन्त्येष्टि संस्कारः मृत्योपरान्त किया जाने वाला षष्ठदश संस्कार। उपरोक्त सोलह संस्कारों में आजकल नामकरण, अन्नप्राशन, चूड़ाकर्म (मुण्डन),यज्ञोपवीत (उपनयन), पाणिग्रहण और अन्त्येष्टि संस्कार ही चलन में बाकी रह गये हैं भारत के समस्त पुजारी अर्चक संतो से विनम्र निवेदन है की इन सोलह संस्कारो को समाज में फ़ैलाने का कार्य हाथ में लें. जिससे सनातनी परंपरा को जीवित रखा जा सके. 🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸〰〰🌸

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Arun Kumar Sharma Jan 20, 2021

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Arun Kumar Sharma Jan 20, 2021

✍एक साधु महाराज श्री रामायण कथा सुना रहे थे। लोग आते और आनंद विभोर होकर जाते। साधु महाराज का नियम था, रोज कथा शुरू करने से पहले "आइए हनुमंत जी बिराजिए" कहकर हनुमान जी का आह्वान करते थे, फिर एक घण्टा प्रवचन करते थे। एक वकील साहब हर रोज कथा सुनने आते। वकील साहब के भक्तिभाव पर एक दिन तर्कशीलता हावी हो गई। उन्हें लगा कि महाराज रोज "आइए हनुमंत जी बिराजिए" कहते हैं, तो क्या हनुमान जी सचमुच आते होंगे ? अत: वकील साहब ने महात्मा जी से पूछ ही डाला! महाराज जी आप रामायण की कथा बहुत अच्छी कहते हैं, हमें बड़ा रस आता है, परंतु आप जो गद्दी प्रतिदिन हनुमान जी को देते हैं उस पर क्या हनुमान जी सचमुच बिराजते हैं ? साधु महाराज ने कहा: हाँ यह मेरा व्यक्तिगत विश्वास है, कि रामकथा हो रही हो तो हनुमान जी अवश्य पधारते हैं। वकील ने कहा: महाराज ऐसे बात नहीं बनेगी, हनुमान जी यहां आते हैं इसका कोई सबूत दीजिए। आपको साबित करके दिखाना चाहिए, कि हनुमान जी आपकी कथा सुनने आते हैं। महाराज जी ने बहुत समझाया, कि भैया आस्था को किसी सबूत की कसौटी पर नहीं कसना चाहिए, यह तो भक्त और भगवान के बीच का प्रेमरस है, व्यक्तिगत श्रद्धा का विषय है। आप कहो तो मैं प्रवचन करना बंद कर दूँ, या आप कथा में आना छोड़ दो। लेकिन वकील नहीं माना। कहता ही रहा, कि आप कई दिनों से दावा करते आ रहे हैं। यह बात और स्थानों पर भी कहते होंगे, इसलिए महाराज आपको तो साबित करना होगा, कि हनुमान जी कथा सुनने आते हैं। इस तरह दोनों के बीच वाद-विवाद होता रहा। मौखिक संघर्ष बढ़ता चला गया। हार कर साधु महाराज ने कहा... हनुमान जी हैं या नहीं उसका सबूत कल दिलाऊंगा। कल कथा शुरू हो तब प्रयोग करूंगा। जिस गद्दी पर मैं हनुमानजी को विराजित होने को कहता हूं आप उस गद्दी को आज अपने घर ले जाना, कल अपने साथ उस गद्दी को लेकर आना और फिर मैं कल गद्दी यहाँ रखूंगा। कथा से पहले हनुमानजी को बुलाएंगे, फिर आप गद्दी ऊँची उठाना। यदि आपने गद्दी ऊँची कर दी तो समझना कि हनुमान जी नहीं हैं। वकील इस कसौटी के लिए तैयार हो गया। महाराज ने कहा: हम दोनों में से जो पराजित होगा वह क्या करेगा, इसका निर्णय भी कर लें ? यह तो सत्य की परीक्षा है। वकील ने कहा: मैं गद्दी ऊँची न कर सका तो वकालत छोड़कर आपसे दीक्षा ले लूंगा। आप पराजित हो गए तो क्या करोगे ? साधु ने कहा: मैं कथा वाचन छोड़कर आपके ऑफिस का चपरासी बन जाऊंगा। अगले दिन कथा पंडाल में भारी भीड़ हुई जो लोग रोजाना कथा सुनने नहीं आते थे, वे भी भक्ति, प्रेम और विश्वास की परीक्षा देखने आए, काफी भीड़ हो गई, पंडाल भर गया। श्रद्धा और विश्वास का प्रश्न जो था। साधु महाराज और वकील साहब कथा पंडाल में पधारे। गद्दी रखी गई। महात्मा जी ने सजल नेत्रों से मंगलाचरण किया और फिर बोले: "आइए हनुमंत जी बिराजिए" ऐसा बोलते ही साधु महाराज के नेत्र सजल हो उठे। मन ही मन साधु बोले... प्रभु! आज मेरा प्रश्न नहीं, बल्कि रघुकुल रीति की पंरपरा का सवाल है। मैं तो एक साधारण जन हूँ। मेरी भक्ति और आस्था की लाज रखना। फिर वकील साहब को निमंत्रण दिया गया, आइए गद्दी ऊँची कीजिए। लोगों की आँखे जम गईं। वकील साहब खड़े हुए। उन्होंने गद्दी उठाने के लिए हाथ बढ़ाया पर गद्दी को स्पर्श भी न कर सके! जो भी कारण रहा, उन्होंने तीन बार हाथ बढ़ाया, किन्तु तीनों बार असफल रहे। महात्मा जी देख रहे थे, गद्दी को पकड़ना तो दूर वकील साहब गद्दी को छू भी न सके। तीनों बार वकील साहब पसीने से तर-बतर हो गए। वकील साहब साधु महाराज के चरणों में गिर पड़े और बोले, महाराज गद्दी उठाना तो दूर, मुझे नहीं मालूम कि क्यों मेरा हाथ भी गद्दी तक नहीं पहुंच पा रहा है। अत: मैं अपनी हार स्वीकार करता हूं। कहते है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई आराधना में बहुत शक्ति होती है। मानो तो देव नहीं तो पत्थर। प्रभु की मूर्ति तो पाषाण की ही होती है, *लेकिन भक्त के भाव से उसमें प्राण प्रतिष्ठा होती है, और हमारे प्राण तो हमारे भीतर होते है, वहीं पुजारी रूपी सदगुरू उसे प्रतिष्ठित करते हैं तब प्रभु सदैव के लिए घट भीतर ही बिराजते है।* 🌹🌹#जय_श्री_हनुमानजी🌹🌹 🌹🌹#जय_श्री_राम जी🌹🌹 -

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Arun Kumar Sharma Jan 16, 2021

हिंदू पंचांग मे आज का दिन 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *दिनाँक 16 जनवरी 2021* *तिथि - तृतीया 07:45:07 तक तत्पश्चात चतुर्थी* *पक्ष - शुक्ल पक्ष* *नक्षत्र - शतभिषा पुर्ण रात्रि तक* *योग - व्यतिपात 19:10:00 तक तत्पश्चात वरियान* *प्रथम करण - विष्टि भद्र 08:07:49* *द्वितीय करण - बव 20:35:16* *सूर्य राशि - मकर* *चंद्र राशि - मकर 17:04:47 तक तत्पश्चात कुम्भ* *वार - शनिवार* *माह - पौष* *रितु - शिशिर* *आयन - उत्तरायण* *संवत्सर - आनंद* *विक्रम संवत - 2077* *शक संवत - 1942* *सूर्योदय - 07:11:31* *सूर्यास्त - 17:42:35* *नोट - सूर्योदय और सूर्यास्त अलग - अलग स्थान के अलग - अलग हो सकते हैं* *शुभ और अशुभ मुहूर्त* *शुभ मुहुर्त - अभिजित 12:06 से 12:48 तक* *अशुभ - राहु काल 09:49 से 11:08 तक* *यम घंटा 13:46 से 15:05 तक अशुभ* *दूर मुहूर्त 08:36 से 09:18 तक अशुभ* *(अशुभ मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए)* *दिशाशूल - पूर्व* *दिशाशूल परिहार - आवश्यक कार्यवश दोष की शांति के लिए घृत भक्षण कर यात्रा करनी चाहिए।* *व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी* *विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')* *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')* *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)* *~ हिन्दू पंचांग ~* *खांसी में* *अब ठंडी के दिन हैं, सर्दी की शिकायत होगी, खांसी व कफ की शिकायत होगी l दायें नथुने से श्वास लिया और रोका l एक से सवा मिनट श्वास रोका और मन में जप करो "नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमंत बीरा" l फिर बायें नथुने से श्वास निकाल दो l जिसको सर्दी है तो ४ से ५ बार करें, ज्यादा नहीं l लेकिन सूखी खांसी हो तो वे लोग ये प्राणायाम ना करें l* *सूखी खांसी में घी के मालपुए बनाकर दूध में डूबो दो l २ घंटे तक डूब जाएँ, फिर वो मालपुए खा लो l सूखी खांसी में आराम होगा l* *~ हिन्दू पंचांग ~* *ह्रदय रोग की सरल व अनुभूत चिकित्सा* *१ कटोरी लौकी के रस में पुदीने व तुलसी के ७-८ पत्तों का रस, २-४ काली मिर्च का चूर्ण व १ चुटकी सेंधा नमक मिलाकर पियें l इससे ह्रदय को बल मिलता है और पेट की गड़बडियां भी दूर हो जाती हैं l* *नींबू का रस, लहसुन का रस, अदरक का रस व सेवफल का सिरका समभाग मिलाकर धीमी आंच पर उबालें l एक चौथाई शेष रहने पर नीचे उतारकर ठंडा कर लें l तीन गुना शहद मिलाकर कांच की शीशी में भरकर रखें l प्रतिदिन सुबह खाली पेट २ चम्मच लें l इससे Blockage खुलने में मदद मिलेगी l* *अगर सेवफल का सिरका न मिले तो पान का रस, लहसुन का रस, अदरक का रस व शहद प्रत्येक १-१ चम्मच मिलाकर लें l इससे भी रक्तवाहिनियाँ साफ़ हो जाती हैं l लहसुन गरम पड़ता हो तो रात को खट्टी छाछ में भिगोकर रखें l* *उड़द का आटा, मक्खन, अरंडी का तेल व शुद्ध गूगल समभाग मिलाके रगड़कर मिश्रण बनालें l सुबह स्नान के बाद ह्रदय स्थान पर इसका लेप करें l २ घंटे बाद गरम पानी से धो दें l इससे रक्तवाहिनियों में रक्त का संचारण सुचारू रूप से होने लगता है l* *१ ग्राम दालचीनी चूर्ण एक कटोरी दूध में उबालकर पियें l दालचीनी गरम पड़ती हो तो १ ग्राम यष्टिमधु चूर्ण मिला दें l इससे कोलेस्ट्रोल के अतिरिक्त मात्रा घट जाती है l* *भोजन में लहसुन, किशमिश, पुदीना व हरा धनिया की चटनी लें l आवलें का चूर्ण, रस, चटनी, मुरब्बा आदि किसी भी रूप में नियमित सेवन करें l* *औषधि कल्पों में स्वर्ण मालती , जवाहरमोहरा पिष्टि, साबरशृंग भस्म, अर्जुन छाल का चूर्ण, दशमूल क्वाथ आदि हृदय रोगों का निर्मूलन करने में सक्षम है l* पंचक 15 जनवरी सायं 5.04 बजे से 20 जनवरी दोपहर 12.37 बजे तक 12 फरवरी रात्रि 2.11 बजे से 16 फरवरी रात्रि 8.55 बजे तक 30 बुधवार मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत जनवरी 2021: रविवार, 24 जनवरी 2021- पौष पुत्रदा एकादशी रविवार, 07 फरवरी 2021- षटतिला एकादशी प्रदोष व्रत 26 जनवरी: भौम प्रदोष व्रत माघ अमावस्या- गुरुवार, 11 फरवरी 2021 *राशिफल* मेष - अपने दिन की शुरुआत कसरत से करें- यही वक़्त है जब आप अपने बारें में अच्छा महसूस करने की शुरुआत कर सकते हैं- इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और नियमित रखने की कोशिश करें। अचानक नए स्रोतों से धन मिलेगा, जो आपके दिन को ख़ुशनुमा बना देगा। दोस्त मददगार और सहयोगी रहेंगे। काम के दबाव के चलते मानसिक उथल-पुथल और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिन के उत्तरार्ध में ज़्यादा तनाव न लें और आराम करें। आज टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देखने में आप इतना व्यस्त हो सकते हैं कि आप जरुरी कामों को करना भी भूल जाएंगे। मुश्किल हालात से उबरने में आपके जीवनसाथी की तरफ़ से ज़्यादा सहयोग नहीं हासिल होगा। आज कोई उलझन आपको दिन भर तंग कर सकती है। इस उलझन को दूर करने के लिए आपको अपने घर वालों से बात करनी चाहिए। भाग्यांक: 7 वृष - शारीरिक व्यायाम और वज़न घटाने की कोशिशें आपके रूप-रंग को निखारने में फ़ायदेमंद साबित होंगी। अगर आप घर से बाहर रहकर जॉब या पढ़ाई करते हैं तो ऐसे लोगों से दूर रहना सीखें जो आपका धन और समय बर्बाद करते हैं। हालात को क़ाबू में रखने के लिए अपने भाई की मदद लें। विवाद को ज़्यादा तूल देने की बजाय उसे दोस्ताना तरीक़े से हल करने की कोशिश करें। रोमांस को झटका लगेगा और आपके क़ीमती तोहफ़े भी आज जादू चलाने में विफल रहेंगे। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने का कोशिश संतोषजनक साबित होगी। जीवनसाथी की ख़राब सेहत के चलते आप चिंताग्रस्त हो सकते हैं। अपने काम के प्रति आज आपका फोकस गजब का होगा। आपके काम को देखकर आज बॉस आपसे खुश हो सकता है। भाग्यांक: 7 मिथुन - आज के दिन आप बिना झंझट विश्राम कर सकेंगे। अपनी मांसपेशियों को आराम देने के लिए तैल से मालिश करें। पैसों की कमी आज घर में कलह की वजह बन सकती है, ऐसी स्थिति में अपने घर के लोगों से सोच-समझकर बात करें और उनसे सलाह लें। दोस्त शाम के लिए कोई बढ़िया योजना बनाकर आपका दिन ख़ुशनुमा कर देंगे। किसी दिलचस्प इंसान से मिलने की प्रबल संभावना है। ऐसे बदलाव लाएँ जो आपके रूप-रंग में निखार ला सके और संभावित साथियों को आपकी ओर आकर्षित करे। आज आपके वैवाहिक जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक हो सकता है। विचारों से ही मनुष्य की दुनिया बनती है - कोई बेहतरीन किताब पढ़कर आप अपनी विचारधारा को और सशक्त कर सकते हैं। भाग्यांक: 5 कर्क - आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। आप अच्छा पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप पारंपरिक तौर पर निवेश करें। आपमें से कुछ गहने या घरेलू सामान ख़रीद सकते हैं। आज प्यार के मामले में सामाजिक बंधन तोड़ने से बचें। पैसा, प्यार, परिवार से दूर होकर आज आप आनंद की तलाश में किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं। वैवाहिक जीवन में चीज़ें हाथ से निकलती हुई मालूम होंगी। आज आप बच्चों के साथ बच्चों के जैसा ही व्यवहार करेंगे जिससे आपके बच्चे सारे दिन आपसे चिपके रहेंगे। भाग्यांक: 8 सिंह - अगर आपकी योजना बाहर घूमने-फिरने की है तो आपका वक़्त हँसी-ख़ुशी और सुकून भरा रहेगा। जिन लोगों ने किसी से उधार लिया है उन्हें आज किसी भी हालत में उधार चुकाना पड़ सकता है जिससे आर्थिक स्थिति थोड़ी कमजोर हो जाएगी। परिवार में किसी सदस्य की ख़राब सेहत की वजह से घूमने का कार्यक्रम टल सकता है। आज के इस ख़बसूरत दिन प्रेम-संबंध में आपकी सभी शिकायतें ग़ायब हो जाएंगी। खाली वक्त आज व्यर्थ की बहसों में खराब हो सकता है जिससे दिन के अंत में आपको खिन्नता होगी। जीवनसाथी की मासूमियत आपके दिन को ख़ास बना सकती है। आज आपका मन धार्मिक कार्यों में रमेगा जिससे आपको मानसिक शांति का अनुभव होगा। भाग्यांक: 7 कन्या - शारीरिक बीमारी के सही होनी की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। कुछ भी चालाकी भरे काम को करने से बचें। मानसिक शांति के लिए इस तरह के कामों में से दूर रहें। रोमांस आनन्ददायी और काफ़ी रोमांचक रहेगा। मुमकिन है कि आपके अतीत से जुड़ा कोई शख़्स आज आपसे संपर्क करेगा और इस दिन को यादगार बना देगा। यह शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक है। आपको प्रेम की गहराई का अनुभव करेंगे। ऑफिस में आज बहुत ज्यादा काम होने की वजह से आपको आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। भाग्यांक: 5 तुला - ध्यान से सुकून मिलेगा। आज आपका सामना कई नई आर्थिक योजनाओं से होगा- कोई भी फ़ैसला करने से पहले अच्छाईयों और कमियों पर सावधानी से ग़ौर फ़रमाएँ। आपका जीवनसाथी आपकी सहायता करेगा और मददगार साबित होगा। नए प्रेम-संबंधों के बनने की संभावना ठोस है, लेकिन व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारियों को उजागर करने से बचें। घर पर मिले किसी पुराने सामान को देखकर आज आप खुश हो सकते हैं और सारा दिन उस सामान को साफ करने में बिता सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपको ज़्यादा ख़ास वक़्त देने वाला है। आज छुट्टी के दिन किसी मल्टीप्लेक्स में जाकर कोई अच्छी फ़िल्म देखने से बढ़िया और क्या हो सकता है। भाग्यांक: 7 वृश्चिक - जीवन-साथी की सेहत को ठीक तरह से ध्यान दिए जाने और देखभाल की ज़रूरत है। आज के दिन आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है लेकिन इसके साथ ही आपको दान-पुण्य भी करना चाहिए क्योंकि इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। दूसरों को प्रभावित करने की आपकी क्षमता आपको कई सकारात्मक चीज़ें दिलाएगी। अगर आपको लगता है कि आपका लवमेट आपकी बातों को समझ नहीं पाता तो आज उनके साथ वक्त बिताएं और अपनी बातों को स्पष्टता के साथ उनके सामने रखें। मुमकिन है कि आपके अतीत से जुड़ा कोई शख़्स आज आपसे संपर्क करेगा और इस दिन को यादगार बना देगा। जीवनसाथी से अच्छी बातचीत हो सकती है; आप महसूस करेंगे कि आप-दोनों में कितना प्यार है। सितारे इशारा कर रहे हैं कि किसी नज़दीकी स्थान की यात्रा हो सकत है। यह सफ़र मज़ेदार रहेगा और आपके प्रिय लोगों का साथ मिलेगा। भाग्यांक: 9 धनु - आपमें आज चुस्ती-फुर्ती देखी जा सकती है। आपका स्वास्थ्य आज पूरी तरह से आपका साथ देगा। यदि आप किसी से उधार वापस मांग रहे थे और अब तक वो आपकी बात को टाल रहा था तो आज बिना बोले ही वो आपको पैसा लौटा सकता है। आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। रोमांस के लिए अच्छा दिन है। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। यह दिन आपके जीवन में वसंत-काल की तरह है - रोमानी व प्यार से भरा; जहाँ सिर्फ़ आप और आपका जीवनसाथी साथ हों। आपके पिता आज आपके लिए कोई तोहफा ला सकते हैं। भाग्यांक: 6 मकर - आपका विनम्र स्वभाव सराहा जाएगा। कई लोग आपकी ख़ासी तारीफ़ कर सकते हैं। आपके द्वारा धन को बचाने के प्रयास आज असफल हो सकते हैं हालांकि आपको इससे घबराने की जरुरत नहीं है स्थिति जल्द ही सुधरेगी। शादी लायक़ युवाओं का रिश्ता तय हो सकता है। कोई पौधा लगाएँ। प्रेमी को वक्त देने की कोशिश करेंगे लेकिन किसी जरुरी काम के आ जाने के कारण आप उनको समय दे पाने में कामयाब नहीं हो पाएंगे। अपने जीवनसाथी के किसी काम की वजह से आप कुछ शर्मिन्दगी महसूस कर सकते हैं। लेकिन बाद में आपको महसूस होगा कि जो हुआ, अच्छे के लिए ही हुआ। प्यार के रिश्ते को मजबूती देने के लिए आज आप अपने पार्टनर के सामने शादी का प्रस्ताव रख सकते हैं। भाग्यांक: 6 कुंभ - व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को आज धन की बहुत आवश्यकता पड़ेगी लेकिन बीते दिनों में किये गये फिजुलखर्च के कारण उनके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। घरेलू मामलों और काफ़ी समय से लंबित घर के काम-काज के हिसाब से अच्छा दिन है। आपको पहली नज़र में किसी से प्यार हो सकता है। आज समय की नजाकत को देखते हुए आप अपने लिए समय निकाल सकते हैं लेकिन ऑफिस के किसी काम के अचानक आ जाने के कारण आप ऐसा करने में सफल नहीं हो पाएँगे। जब आपका जीवनसाथी जब सारे मनमुटाव भुलाकर प्यार के साथ आपके पास फिर आएगा, तो जीवन और भी सुन्दर लगेगा। किसी सहकर्मी की अचानक तबीयत खराब होने पर आज आप उनका भरपूर सहयोग दे सकते हैं। भाग्यांक: 4 मीन - मौज-मस्ती की यात्राएं और सामाजिक मेलजोल आपको ख़ुश रखेंगे और सुकून देंगे। रात के समय आप आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है क्योंकि आपके द्वारा दिया गया धन आज आपको वापस मिल सकता है। जिसपर आप यक़ीन करते हैं, मुमकिन है वह आपको पूरा सच न बता रहा हो। आपकी दूसरों को राज़ी करने की क्षमता आने वाली मुश्किल को हल करने में कारगर साबित होगी। कोई अच्छी ख़बर या जीवनसाथी/प्रिय से मिला कोई संदेश आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। चीज़ों और लोगों को तेज़ी-से परखने की क्षमता आपको दूसरों से आगे बनाए रखेगी। आप अपने जीवन की कुछ यादगार शामों में से एक आज अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैंं। यह दिन हो सकता है बहुत ही बढ़िया - दोस्तों या परिजनों के साथ बाहर जाकर फ़िल्म देखने की योजना भी बन सकती है। भाग्यांक: 1 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं दिनांक 16 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। शुभ दिनांक : 7, 16, 25 शुभ अंक : 7, 16, 25, 34 शुभ वर्ष : 2023 ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून कैसा रहेगा यह वर्ष व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। मंदिर में पताका चढ़ाएं। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं।।

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Arun Kumar Sharma Jan 16, 2021

चांडाल से लेकर महा धनवान तक है राहु ग्रह 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 ज्योतिष शास्त्र में सभी नौ ग्रह महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें स्वाभाविक रूप से कुछ ग्रह शुभ और कुछ को अशुभ माना जाता है। शनि, मंगल, राहु और केतु से लोग अक्सर डरते हैं। इन ग्रहों की महादशा, अंतरदशा या कुंडली में बुरी स्थिति में होने कारण जातक को अनेक प्रकार के दुष्परिणाम भोगने पड़ते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि ये ग्रह सभी के बुरे ही हों। कुछ शुभ ग्रहों के प्रभाव में आकर और अच्छी स्थिति में होने पर ये व्यक्ति को महाधनवान बनाते हैं और राजपद भी दिलवाते हैं। इन्हीं में एक ग्रह है राहु, जिसे आकस्मिकता का ग्रह कहा जाता है। राहु शुभ या अशुभ फल प्रदान करता है राहु व्यक्ति को शुभ या अशुभ फल अचानक प्रदान करता है। कभी-कभी तो यह इतना अधिक अपेक्षा से हटकर प्रभाव देता है कि व्यक्ति खुद चकित रह जाता है कि उसके जीवन में ऐसा कैसे हो गया। यदि आपके जीवन में अचानक कोई घटना घटे, जिसके बारे में कभी आपने सोचा भी नहीं होगा, तो समझिए वह राहु का किया धरा है। आज हम जानते हैं राहु के कारण कुंडली में बनने वाले कुछ शुभ और अशुभ योगों के बारे में। 👇👇👇👇👇👇👇 👉अष्टलक्ष्मी योग राहु के कारण बनने वाला यह अत्यंत शुभ योग होता है। जब किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में राहु छठे भाव में हो और केंद्र स्थान (पहले, चौथे, सातवें, दसवें) में से किसी में बृहस्पति हो तो अष्टलक्ष्मी योग बनता है। कुछ विद्वान राहु के छठे और बृहस्पति के केवल दशम स्थान में होने पर अष्टलक्ष्मी योग बनना मानते हैं। यह योग जिस जातक की कुंडली में होता है, वह महा धनवान बनता है। ऐसे व्यक्ति को कभी धन की कमी नहीं रहती। बृहस्पति के प्रभाव से राहु शुभ फल देकर जातक को धनवान बनाता है। 👉परिभाषा योग जिस जातक की जन्मकुंडली में लग्न, तीसरे, छठे या ग्यारहवें भाव में राहु हो और उस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो तो परिभाषा योग बनता है। इस योग के प्रभाव से जातक को पूरे जीवन आर्थिक लाभ होता रहता है। जातक या तो किसी धनी परिवार में जन्म लेता है या फिर अपने कर्म के कारण अत्यंत धनवान बनता है। इस योग में जन्मे व्यक्ति के जीवन में कभी बाधा नहीं आती और कठिन काम भी यह आसानी से पूरे कर लेता है। 👉लग्नकारक योग अपने नाम के अनुरूप यह योग लग्न के अनुसार बनता है। जिस जातक का मेष, वृषभ या कर्क लग्न हो और राहु दूसरे, नौवें या दसवें भाव में हो तो लग्नकारक योग बनता है। इस योग को सर्वारिष्ट निवारक योग भी कहा जाता है। इस योग के प्रभाव से जातक को जीवन में कभी बुरी स्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। व्यक्ति धनवान तो होता ही है, उसका निजी जीवन भी अत्यंत सुखमय होता है। 👉चांडाल योग जन्मकुंडली के किसी भी घर में राहु और गुरु साथ में बैठे हों तो चांडाल योग बनता है। यह राहु और गुरु की युति से बनने वाला अत्यंत चर्चित योग है। इस योग के परिणामस्वरू जातक महापाखंडी, नास्तिक और लोगों को धर्म मार्ग से भटकाने वाला होता है। यह जातक की बुद्धि को भ्रमित कर देता है। उसे अच्छे-बुरे सब एक समान दिखाई देते हैं। यह जातक जीवनभर पैसों की कमी से जूझता है। अपने कुकर्मों के कारण जातक जेल यात्रा तक कर आता है। 👉कपट योग यह योग शनि और राहु के कारण बनता है। इसकी दो स्थितियां बताई जाती है। जब शनि चौथे घर में और राहु बारहवें घर में हो, या शनि छठे घर में और राहु ग्यारहवें घर में हो तो कपट योग बनता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में यह योग होता है उस पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए। ऐसा व्यक्ति अपने मतलब के लिए दूसरों के साथ कुछ भी कर सकता है। यानी यह महा कपटी होता है। ऐसे व्यक्ति को सर्वत्र अपमान का सामना करना पड़ता है। 👉राहु के कारण अनेक योग राहु के कारण अनेक योग बनते हैं, जिनका प्रभाव अलग-अलग होता है। जैसे क्रोध योग, पिशाचबाधा योग, ग्रहण योग, सर्प शाप योग, अरिष्टभंग योग, पयालू योग आदि।

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