Anuradha Tiwari May 7, 2020

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Anuradha Tiwari May 6, 2020

‼️"भगवान श्री कृष्ण के मुख्य 51 नाम अर्थ सहित "‼️ 1 कृष्ण : सब को अपनी ओर आकर्षित करने वाला। जो सर्व आकर्षण है, जो अपनी ओर खींचता है वो कृष्ण है। 2 गिरिधर : भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपने बांय हाथ की कनिष्का ऊँगली से उठाया था जिस कारण भगवान का नाम गिरधर, गिरधारी पड़ा। गिरी: पर्व, धर: धारण करने वाला। अर्थात गोवर्धन पर्वत को उठाने वाले। 3 मुरलीधर : मुरली को धारण करने वाले। 4 पीताम्बर धारी : पीत : पीला, अम्बर : वस्त्र। जिसने पीले वस्त्रों को धारण किया हुआ है। 5 मधुसूदन : मधु नामक दैत्य को मारने वाले। भगवान श्री कृष्ण ने एक दैत्य को मारा था जिसका नाम मधु था। इसलिए भगवान -का नाम मधुसूदन पड़ा। 6 यशोदा नंदन : माँ यशोदा ने कृष्ण को पाला था, इसलिए के पुत्र होने के कारण कृष्ण का नाम यशोदा नंदन पड़ा। 7 देवकी नंदन : माँ देवकी ने कृष्ण को जन्म दिया इसलिए भगवान देवकी-नंदन कृष्ण कहलाते हैं। 8 गोपाल : गौओं को पालने वाला। 9 गोविन्द: इन्द्रियों के स्वामी, जो गोप, गोपियों को आनंद दे। 10 आनंद कंद : आनंद की राशि देने वाला। जो सुख दुःख से ऊपर है। जो आनंद की खान है। 11 कुञ्ज बिहारी : भगवान श्री कृष्ण कुञ्ज गलियों में विहार करते थे, इसलिए इनका नाम कुञ्ज बिहारी पद गया। 12 चक्रधारी : सुदर्शन चक्र धारण करने वाले। जिस ने सुदर्शन चक्र या ज्ञान चक्र या शक्ति चक्र को धारण किया हुआ है। 13 श्याम : सांवले रंग वाला। 14 माधव : जब भगवान छोटे थे और माखन चुरा के भागते थे तब मैया यशोदा कहती थी। मा धव मा धव। जिसका अर्थ है- मत भाग, मत भाग। इसलिए भगवान का नाम पड़ा माधव। 15 मुरारी : मुर नामक दैत्य का भगवान ने वध किया और नाम पड़ा माधव। 16 असुरारी : असुरों के शत्रु। 17 बनवारी : वनों में विहार करने वाले। भगवान ने वृन्दावन, निकुंज वन, निधिवन में विहार किया। 18 मुकुंद : जिन के पास निधियाँ है। जो कान में सफेद कनेर का पुष्प लगते हैं। 19 योगेश्वर : जो योगियों के भी ईश्वर, मालिक हैं। 20 गोपेश : जो गोपियों के इष्ट हैं। 21 हरि : जो पापों को और दुःखों का हरण करने वाले हैं। 22 मनोहर : जो मन का हरण करने वाले हैं। 23 मोहन : सम्मोहित करने वाले, सबको मोहने वाले। 24 जगदीश : जगत के मालिक। 25 पालनहार : जो सबका पालन पोषण करने वाले हैं। 26 मनमोहन – जो मन को मोहने वाले हैं। 27 रुक्मिणी वल्लभ : रुक्मणी के पति हैं। 28 केशव : जिनके केश सुंदर हैं और जिन्होंने केशी नाम के दैत्य को मारा हैं। आज भी वृन्दावन में यमुना तट पर केशी घाट हैं। 29 वासुदेव : वसुदेव के पुत्र होने के कारण, या जो इन्द्रियों के स्वामी हैं। 30 रणछोड़ : एक बार भगवान श्री कृष्ण युद्ध भूमि से भाग गए थे और उनका नाम पड़ा रणछोड़। 31 गुड़ाकेश : निंद्रा को जितने वाले। ये नाम भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को दिलवाया। 32 हृषिकेश : इन्द्रियों को जितने वाले। 33 दामोदर : एक बार माँ यशोदा ने भगवान कृष्ण के पेट को रस्सी से बाँध दिया था और भगवान का नाम पड़ा दामोदर। 34 पूर्ण परब्रह्म : जिसके अंदर कोई कमी नहीं हैं जो पूर्ण हैं और जो देवताओं के भी मालिक हैं। वो पूर्ण परब्रह्म हैं। 35 देवेश : जो देवों के भी ईश हैं। 36 नाग नथिया : कलियाँ नाग को नाथने के कारण भगवान का नाम पड़ा नाग नथिया। 37 वृष्णिपति : वृष्णि नामक कुल में उत्पन्न होने के कारण। 38 यदुपति : यादवों के मालिक। 39 यदुवंशी : यदु वंश में अवतार धारण करने के कारण। 40 द्वारकाधीश : द्वारका नगरी के मालिक। 41 नागर : जो सुंदर हैं। 42 नटवर : जो एक जादूगर (नट) की तरह हैं, एक कलाकार की तरह हैं। 43 छलिया : जो छल करने वाले हैं। 44 राधा रमण : राधा रानी के साथ रमन करने के कारण। 45 अघहारी : अघ का अर्थ होता हैं पाप। जो पापों का हरण करने वाले हैं। 46 रास रचइया : रास रचाने के कारण। 47 अच्युत : जिसे पद से कोई नहीं हटा सकता। जिसका वास अखंड है। जिस के धाम से कोई वापिस नही आता है। 48 नन्द लाला : श्री नन्द जी के पुत्र होने के कारण कृष्ण का नाम नंदलाला पड़ा। 49 हे नाथ – जो सबके स्वामी हैं। 50 नारायण : जिनका वास जल में हैं। 51 बांके बिहारी – वृन्दावन में प्रकट होने के कारण श्रीकृष्ण का एक नाम बांके-बिहारी हैं।

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