Ansouya Sep 20, 2020

🙏🌹जय श्री राधे कृष्ण 🙏🌹🙏🙏🙏🙏🌹🌹🙏🌹🙏🌹कविता 🙏🌹🙏🌹🌹🙏🙏🥀कभी कभी जब बहुत शोर होता है बहुत सी आवाज़ों के बीच कुछ सुनाई नहीं देता है अपनी बात भी खो जाती है शब्दों के साथ अर्थ को भी ले जाती है मन बेचैन हो जाता है कि कुछ और ही सोचें किसी और की नहीं अपनी आवाज़ को ही खोजें बस यही बेकार सी परेशानी एक उलझन बन जाती है एक तुफान सा घिर आता है विचरों की आन्धी तंग कर देती है यह याद ही नहीं रहता कि खोई चीज़ का दोबारा मिलना असम्भव है यह संसार ही इतना अर्थहीन है फिर बातों का अर्थ निकालना कैसे सम्भव है???? हो अगर हाथ में कलम तो एक कविता लिखने से अधिक किया ही क्या जा सकता है 🥀 🙏🌹जय माता दी 🙏🌹🙏🌹🌹🙏🙏🌹🙏🌹शुभ संध्या भक्ति मयी पलों के साथ 🙏🌹🙏🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🕉🕉🕉🕉🕉🕉🙏

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