annu Oct 18, 2020

💐💐मां चंद्रघंटा (मां का गुस्से का रूप) तीसरी शक्ति का नाम है चंद्रघंटा जिनके सर पर आधा चंद्र (चांद) और बजती घंटी है। वह शेर पर बैठी संघर्ष के लिए तैयार रहती है ।उनके माथे में एक आधा परिपत्र चांद (चंद्र )है वह आकर्षक और चमकदार हैं वह तीन आंखों और 10 हाथों में 10 हथियार पकड़े रहती है। और उनका रंग गोल्डन है। वह हिम्मत की अभूतपूर्व छवि है। उनकी घंटी की भयानक ध्वनि सभी राक्षसों और प्रतिद्वंद्वीयो डरा देती है!!!!!!!💐💐 🥀🥀जो बना दे सारे बिगड़े काम,, मां के चरणों में होते ही चारों धाम!!🥀🥀 💐💐भोलेनाथ और मां चंद्रघंटा की कृपा आप पर आपके परिवार पर सदा बनी रहे जय माता दी💐💐💐 ☘️☘️सुप्रभात वंदन जी☘️☘️

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annu Oct 18, 2020

💐💐ब्रह्मचारिणी ( मां दुर्गा का शांतिपूर्ण रूप)- दूसरी उपस्थिति नवदुर्गा में मां ब्रह्मचारिणी की है ब्रह्मा शब्द उनके लिए लिया जाता है जो कठोर भक्ति करते हैं और अपने दिमाग और दिल को संतुलन में रखकर भगवान को खुश करते हैं यहां ब्रह्मा का अर्थ है तप।मां ब्रह्मचारिणी की मूर्ति बहुत ही सुंदर है ।उनके दाहिने हाथ में गुलाब और बाएं हाथ में पवित्र पानी के बर्तन कमंडल है। वह कौन सा से भरी हुई है उन्होंने तपस्या क्यों की उस पर एक कहानी है। पार्वती हिमालय की बेटी थी एक दिन वह अपने दोस्तों के साथ खेल में व्यस्त थी। नारद मुनि उनके पास आए और भविष्यवाणी की तुम्हारी शादी एक नग्न भयानक भोलेनाथ से होगी और उन्होंने उसे सती की कहानी भी सुनाई नारद मुनि ने उन्हें यह भी कहा कि तुम्हें भोलेनाथ के लिए कठोर तपस्या करनी पड़ेगी। इसीलिए मां पार्वती ने अपनी मां बहन का से कहा कि वह शंभू ( भोलेनाथ )से शादी करेगी। नहीं तो वह अविवाहित रहेगी। यह बोलकर वह जंगल में तपस्या निरीक्षण के लिए चली गई। इसीलिए उन्हें तपचारणी ,ब्रह्मचारिणी कहा जाता है!!!!!!💐💐 मां ब्रह्मचारिणी आप और आपके परिवार की मनोकामना पूर्ण करे 🌺☘️🥀 नवरात्रि के दुसरे दिन की हार्दिक शुभकामनाएं 🌺☘️🥀🥀 शुभ रविवार 🏵️🏵️ सुप्रभात वंदन जी 🌺🌺🌺🌺🌺 जय माता दी💐💐💐🏵️🏵️🏵️🏵️

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annu Oct 16, 2020

शैल पुत्री ( पर्वत की बेटी ) वह पर्वत हिमालय की पुत्री हैं और नौ दुर्गा का पहला रूप है। पिछले जन्म में वह राजा दक्ष की पुत्री थी। इस जन्म में उसका नाम सती भवानी था और भगवान शिव की पत्नी। एक बार दक्ष ने भगवान शिव को आमंत्रित किए बिना एक बड़े यज्ञ का आयोजन किया था देवी सती वहां पहुंच गई और तर्क करने लगी। उनके पिता ने उनके पति (भगवान शिव) का अपमान जारी रखा था। सती भगवान शिव का अपमान सहन नहीं कर पाती। और अपने आप को यज्ञ की आग में भस्म कर देती। और दूसरे जन्म में वह हिमालय की बेटी पार्वती के रूप में जन्म लेती है। और भगवान शिव से विवाह करती है!!!!! 💐💐आप सभी को नव रात्रि के पहले दिन की हार्दिक शुभकामनाएं💐💐 🥀🥀माता रानी आप सभी की झोलीया खुशियों से भर दे जय माता दी🥀🥀 सुप्रभात वंदन जी 🌺🌺☘️

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annu Oct 16, 2020

💐💐💐💐💐💐💐💐 अवश्य पढ़ें बहुत सुंदर कहानी 👌👌 एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है। वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। वह बाघ भी उसके पीछे दौड़ने लगा। दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब दिखाई दिया। घबराई हुई गाय उस तालाब के अंदर घुस गई। वह बाघ भी उसका पीछा करते हुए तालाब के अंदर घुस गया। तब उन्होंने देखा कि वह तालाब बहुत गहरा नहीं था। उसमें पानी कम था और वह कीचड़ से भरा हुआ था। उन दोनों के बीच की दूरी काफी कम थी। लेकिन अब वह कुछ नहीं कर पा रहे थे। वह गाय उस कीचड़ के अंदर धीरे-धीरे धंसने लगी। वह बाघ भी उसके पास होते हुए भी उसे पकड़ नहीं सका। वह भी धीरे-धीरे कीचड़ के अंदर धंसने लगा। दोनों ही करीब करीब गले तक उस कीचड़ के अंदर फंस गए। दोनों हिल भी नहीं पा रहे थे। गाय के करीब होने के बावजूद वह बाघ उसे पकड़ नहीं पा रहा था। थोड़ी देर बाद गाय ने उस बाघ से पूछा, क्या तुम्हारा कोई गुरु या मालिक है? बाघ ने गुर्राते हुए कहा, मैं तो जंगल का राजा हूं। मेरा कोई मालिक नहीं। मैं खुद ही जंगल का मालिक हूं । गाय ने कहा -लेकिन तुम्हारी उस शक्ति का यहां पर क्या उपयोग है ? उस बाघ में कहा.... बिल्कुल नहीं मेरा मालिक जब शाम को घर आएगा और मुझे वहां पर नहीं पाएगा तो वह ढूंढते हुए यहां जरूर आएगा और मुझे इस कीचड़ से निकाल कर अपने घर ले जाएगा तुम्हें कौन ले आ जाएगा? थोड़ी ही देर में सच में ही एक आदमी वहां पर आया और गाय को कीचड़ से निकाल कर अपने घर ले गया जाते समय गाय और उसका मालिक दोनों एक दूसरे की तरफ कृतज्ञता पूर्वक देख रहे थे वे चाहते हुए भी उस भाग को कीचड़ से नहीं निकाल सकते थे। क्योंकि उनकी जान के लिए वह खतरा था। गाय -----समर्पित हरदोई का प्रतीक है! कीचड़ ----यह संसार है। और यह संघर्ष ----अस्तित्व की लड़ाई है। किसी पर निर्भर नहीं होना अच्छी बात है लेकिन मैं ही सब कुछ हूं मुझे किसी के सहयोग की आवश्यकता नहीं है यही अहंकार है और यही से विनाश का बीजारोपण हो जाता है। ईश्वर से बड़ा इस दुनिया में सच्चा हितैषी कोई नहीं होता क्योंकि वही अनेक रूपों में हमारी रक्षा करते हैं!!!!!! 💐💐💐💐💐💐💐💐 सुप्रभात वंदन जी 🌺🌺☘️ आप सभी का दिन मंगलमय हो🥀🥀🥀🥀 शुभ शुक्रवार🌻🌻🌻🌻 माता रानी आप सभी की मनोकामना पूरी करें💐💐💐 जय माता दी🌹🌹🌹🌹

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annu Oct 15, 2020

*गीता में साफ़ शब्दो मे लिखा है..* __*निराश मत होना..* __*कमजोर तेरा वक्त है..* __*तू नही........* __*ये संसार "जरूरत" के नियम पर चलता है....* __*सर्दियो में जिस "सूरज"* __*का इंतजार होता है,* __*उसी "सूरज" का गर्मियों में* __*तिरस्कार भी होता है.....* __*आप की कीमत तब तक होगी जब तक आपकी जरुरत है...!* _*"तालाब एक ही है..,* *उसी तालाब मे हंस मोती चुनता है और बगुला मछली...!* *सोच सोच का फर्क होता है...!* *आपकी सोच ही आपको बड़ा बनाती है...!!* *यदि हम गुलाब की तरह खिलना* *चाहते है तो काँटों के साथ* *तालमेल की कला सीखनी होगी*... *मन और मकान को..* *वक्त - वक्त पर साफ करना बहुत जरूरी है* *क्योंकि* *मकान में बेमतलब सामान*.. *और* *मन में बेमतलब गलत फहमियां भर जाती हैं..* 🍃 *मन भर के जीयो..* *मन में भर के मत जीयो* 💠☘💠☘💠 🌑😀 *"सदा मुस्कुराते रहिये"* 😀 🌺 *आपका दिन मंगलमय हो।*🌺 ---------------- जय श्री कृष्णा 🥀🥀 शुभ दोपहर वंदन💐💐💐💐💐 ----------------

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annu Oct 15, 2020

🚩⚜ *सनातन धर्म समिति*⚜🚩 *⛳सनातन धर्म की जय हो⛳* *卐|| ॐ श्री परमात्मने नमः ||卐* *_श्रीराम की भक्ति🧘🏻‍♂️📿_* *एक बार भगवान राम और लक्ष्मण एक सरोवर में स्नान के लिए उतरे। उतरते समय उन्होंने अपने-अपने धनुष बाहर तट पर गाड़ दिए जब वे स्नान करके बाहर निकले तो लक्ष्मण ने देखा की उनकी धनुष की नोक पर रक्त लगा हुआ था! उन्होंने भगवान राम से कहा -" भ्राता ! लगता है कि अनजाने में कोई हिंसा हो गई ।" दोनों ने मिट्टी हटाकर देखा तो पता चला कि वहां एक मेढ़क मरणासन्न पड़ा है* *भगवान राम ने करुणावश मेंढक से कहा- "तुमने आवाज क्यों नहीं दी ? कुछ हलचल, छटपटाहट तो करनी थी। हम लोग तुम्हें बचा लेते जब सांप पकड़ता है तब तुम खूब आवाज लगाते हो। धनुष लगा तो क्यों नहीं बोले ?* *मेंढक बोला - प्रभु! जब सांप पकड़ता है तब मैं 'राम- राम' चिल्लाता हूं एक आशा और विश्वास रहता है, प्रभु अवश्य पुकार सुनेंगे। पर आज देखा कि साक्षात भगवान श्री राम स्वयं धनुष लगा रहे है, तो किसे पुकारता? आपके सिवा किसी का नाम याद नहीं आया बस इसे अपना सौभाग्य मानकर चुपचाप सहता रहा।"* *कहानी का सार- सच्चे भक्त जीवन के हर क्षण को भगवान का आशीर्वाद मानकर उसे स्वीकार करते हैं सुख और दुःख प्रभु की ही कृपा और कोप का परिणाम ही तो हैं ।* सभी प्रभु प्रेमियों को शुभ सवेरा की*"मंगल कामना"*----🙏🏻🙏🏻🌹 *🚩ॐ श्री सद्गुरु देवाय नमः🚩* *🔱जय महाकाल...!!!*🔱 *👉🏻 =जय_श्री_राम⛳⛳* 🌹🙏🎊 *​जय श्रीराम​*🎊

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annu Oct 14, 2020

*💐💐पैरों के निशान💐💐* जन्म से ठीक पहले एक बालक भगवान से कहता है,” प्रभु आप मुझे नया जन्म मत दीजिये , मुझे पता है पृथ्वी पर बहुत बुरे लोग रहते है…. मैं वहाँ नहीं जाना चाहता …” और ऐसा कह कर वह उदास होकर बैठ जाता है । भगवान् स्नेह पूर्वक उसके सर पर हाथ फेरते हैं और सृष्टि के नियमानुसार उसे जन्म लेने की महत्ता समझाते हैं , बालक कुछ देर हठ करता है पर भगवान् के बहुत मनाने पर वह नया जन्म लेने को तैयार हो जाता है। ” ठीक है प्रभु, अगर आपकी यही इच्छा है कि मैं मृत लोक में जाऊं तो वही सही , पर जाने से पहले आपको मुझे एक वचन देना होगा। ” , बालक भगवान् से कहता है। भगवान् : बोलो पुत्र तुम क्या चाहते हो ? बालक : आप वचन दीजिये कि जब तक मैं पृथ्वी पर हूँ तब तक हर एक क्षण आप भी मेरे साथ होंगे। भगवान् : अवश्य, ऐसा ही होगा। बालक : पर पृथ्वी पर तो आप अदृश्य हो जाते हैं , भला मैं कैसे जानूंगा कि आप मेरे साथ हैं कि नहीं ? भगवान् : जब भी तुम आँखें बंद करोगे तो तुम्हे दो जोड़ी पैरों के चिन्ह दिखाइये देंगे , उन्हें देखकर समझ जाना कि मैं तुम्हारे साथ हूँ। फिर कुछ ही क्षणो में बालक का जन्म हो जाता है। जन्म के बाद वह सांसारिक बातों में पढ़कर भगवान से हुए वार्तालाप को भूल जाता है।पर मरते समय उसे इस बात की याद आती है तो वह भगवान के वजन की पुष्टि करना चाहता है। वहां आंखें बंद कर अपना जीवन याद करने लगता है वह देखता है कि उसे जन्म के समय से ही 2 जोड़ी पैरों के निशान दिख रहे हैं परंतु जिस समय वह अपने सबसे बुरे वक्त से गुजर रहा था उस समय केवल 1 जोड़ी पैरों के निशान ही दिखाई दे रहे थे यह देख वह बहुत दुखी हो जाता है कि भगवान ने अपना वचन नहीं निभाया और उसे तब अकेला छोड़ दिया जब उनकी सबसे अधिक जरूरत थी। मरने के बाद वह भगवान के समक्ष पहुंचा और और रूठते हुए बोला "प्रभु! आपने तो कहा था कि आप हर समय मेरे साथ रहेंगे पर मुसीबत के समय मुझे दो की जगह 1 जोड़ी पैर पर दिखाई दिए बताइए आपने उस समय मेरा साथ क्यों छोड़ दिया ? भगवान मुस्कुराए और बोले "पुत्र! जब तुम घोर विपत्ति से गुजर रहे थे तब मेरा हद है द्रवित हो उठा और मैंने तुम्हें अपनी गोद में उठा लिया इसीलिए उस समय तुम्हें सिर्फ मेरे पैरों के चिन्ह दिखाई पड़ रहे थे।" मित्रों बहुत बार हमारे जीवन में बुरा वक्त आता है कई बार लगता है कि हमारे साथ बहुत बुरा होने वाला है बाद में जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो हमने जितना बुरा सोचा था उतना बुरा नहीं हुआ , क्योंकि शायद यही वह समय होता है जब ईश्वर हम पर सबसे ज्यादा कृपा करते हैं। अनजाने में हम यह सोचते हैं कि वह हमारा साथ नहीं दे रहे हैं पर हकीकत में तो वह हमें अपनी गोद में उठाए हुए हैं इसीलिए सदा सर्वदा अपने आप को श्रेष्ठ कर्मों में लगाए रखें,भगवान पर अटूट विश्वास रखें!!!!! 💐💐शुभ दोपहर वंदन जी 💐💐 🌺🌺आपका हर पल शुभ मंगलमय हो 🌺🌺 🥀💐जय श्री कृष्णा💐🥀

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