नामकरण मुहूर्त 2019 पढ़ें वर्ष 2019 में नामकरण संस्कार का मुहूर्त और जानें किस तारीख, तिथि, दिन और नक्षत्र में करें अपने बच्चों का नामकरण संस्कार। Click here to read - Namkaran Muhurat 2019 नामकरण संस्कार मुहूर्त 2019दिनाँकदिनतिथिनक्षत्रसमय02 जनवरी 2019बुधवारद्वादशीविशाखा नक्षत्र में09:39 - 18:2803 जनवरी 2019गुरुवारत्रयोदशीअनुराधा नक्षत्र में07:15 - 11:0307 जनवरी 2019सोमवारप्रतिपदाउत्तराषाढ़ा नक्षत्र में07:15 - 18:0909 जनवरी 2019बुधवारतृतीयाधनिष्ठा नक्षत्र में07:15 - 14:3818 जनवरी 2019शुक्रवारद्वादशीरोहिणी नक्षत्र में07:15 - 19:2621 जनवरी 2019सोमवारपूर्णिमापुष्य नक्षत्र में10:46 - 19:3425 जनवरी 2019शुक्रवारपंचमीउत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में07:13 - 18:1830 जनवरी 2019बुधवारदशमीअनुराधा नक्षत्र में15:33 - 16:4006 फरवरी 2019बुधवारद्वितीयाधनिष्ठा नक्षत्र में07:07 - 09:5307 फरवरी 2019गुरुवारद्वितीयाशतभिषा नक्षत्र में07:06 - 12:0911 फरवरी 2019सोमवारषष्ठीअश्विनी नक्षत्र में07:03 - 18:1215 फरवरी 2019शुक्रवारदशमीमृगशिरा नक्षत्र में07:27 - 20:1321 फरवरी 2019गुरुवारद्वितीयाउत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में06:55 - 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शास्त्र कहते हैं कि प्रयाग तीर्थ में एक माह की तपस्या देवलोक में एक कल्प तक निवास का अवसर देती है। गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस में लिखा है कि - माघ मकर रविगत जब होई। तीरथ पति आवहिं सब कोई।। देव दनुज किन्नर नर श्रेणी। सादर मज्जहिं सकल त्रिवेणी।। एहि प्रकार भरि माघ नहाहीं। पुनि सब निज निज आश्रम जाहीं।। अर्थात - सूर्य की मकर राशि की यात्रा का शुभफल अमोघ हैं, इस माह में किसी भी तीर्थ, नदी अथवा समुद्र में स्नानकरके दान पुण्य करके जीवात्मा कष्टों से मुक्ति पा सकती है किन्तु प्रयाग तीर्थ के मध्य दैव संगम का फल सभी कष्टों से मुक्ति दिलाकर मोक्ष देने में सक्षम है। सूर्यदेव 14 जनवरी की शायं 07 बजकर 50 मिनट पर में मकर राशि में प्रवेश करते ही उत्तरायण हो जायेंगे, जिसके फलस्वरुप सभी मांगलिक कार्य यज्ञोपवीत, शादी -विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश आदि शुभ कार्य आरम्भ हो जायेंगे। सूर्य का मकर राशि में आना पृथ्वीवासियों के लिए हमेशा वरदान की तरह होता है, क्योंकि श्रृष्टि के सभी देवी-देवता यक्ष, गन्धर्व, नाग, किन्नर आदि सूर्य के मकर राशि की यात्रा के समय पृथ्वी पर प्रयाग तीर्थ में एकत्रित होकर गंगा यमुना सरस्वती के पावन संगम तट पर स्नान कर जप, तप, पूजा पाठ और दान पुण्य करके अपना जीवन धन्य करते हैं।

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उत्तरायण में सूर्य के प्रवेश का अर्थ कितना गहन है और आध्यात्मिक व धार्मिक क्षेत्र के लिए कितना पुण्यशाली है, इसका अंदाज सिर्फ भीष्म पितामह के उदाहरण से लगाया जा सकता है। महाभारत युग की प्रामाणिक आस्थाओं के अनुसार सर्वविदित है कि उस युग के महान नायक भीष्म पितामह शरीर से क्षत-विक्षत होने के बावजूद मृत्यु शैया पर लेटकर प्राण त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश का इंतजार कर रहे थे। मत्स्य पुराण और स्कंद पुराण में मकर संक्रांति के बारे में विशिष्ट उल्लेख मिलता है। मत्स्य पुराण में व्रत विधि और स्कंद पुराण में संक्रांति पर किए जाने वाले दान को लेकर व्याख्या प्रस्तुत की गई है। यहाँ यह जानना जरूरी है कि इसे मकर संक्रांति क्यों कहा जाता है? मकर संक्रांति का सूर्य के राशियों में भ्रमण से गहरा संबंध है। वैज्ञानिक स्तर पर यह पर्व एक महान खगोलीय घटना है और आध्यात्मिक स्तर पर मकर संक्रांति सूर्यदेव के उत्तरायण में प्रवेश की वजह से बहुत महत्वपूर्ण बदलाव का सूचक है। सूर्य 6 माह दक्षिणायन में रहता है और 6 माह उत्तरायण में रहता है। परंपरागत आधार पर मकर संक्रांति प्रति वर्ष 14 जनवरी को पड़ती है। पंचांग के महीनों के अनुसार यह तिथि पौष या माघ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ती है। 14 जनवरी को सूर्य प्रति वर्ष धनु राशि का भ्रमण पूर्ण कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकरराशि बारह राशियों में दसवीं राशि होती है। संक्रांति का अर्थ है बदलाव का समय। संक्रांति उस काल को या तिथि को कहते हैं, जिस दिन सूर्य एक राशि में भ्रमण पूर्ण कर दूसरी राशि में प्रवेश करता है। इसे पुण्यकाल माना जाता है और संक्रमण काल के रूप में भी स्वीकारकिया जाता है। महाभारत युग की प्रामाणिक आस्थाओं के अनुसार सर्वविदित है कि उस युग के महान नायक भीष्म पितामह शरीर से क्षत-विक्षत होने के बावजूद मृत्यु शैया पर लेटकर प्राण त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश का इंतजार कर रहे थे। आध्यात्मिक उपलब्धियों एवं ईश्वर के पूजन-स्मरण के लिए इस संक्रांति काल को विशेष फलदायी माना गया है। इसलिए सूर्य जिस राशि में प्रवेश करते हैं उसे उस राशि की संक्रांति माना जाता है। उदाहरण के लिए यदि सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं तो मेष संक्रांति कहलाती है, धनु में प्रवेश करते हैं तो धनु संक्रांति कहलाती और 14 जनवरी को सूर्य मकर में प्रवेश करते हैं तो इसे मकर संक्रांति के रूप में पहचाना जाता है। मकर राशि में सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अंतिम तीन चरण, श्रवण नक्षत्र के चारों चरण और धनिष्ठा नक्षत्र के दो चरणों में भ्रमण करते हैं। उत्तरायण में सूर्य के प्रवेश का अर्थ कितना गहन है और आध्यात्मिक व धार्मिक क्षेत्र के लिए कितना पुण्यशाली है, इसका अंदाज सिर्फ भीष्म पितामह के उदाहरण से लगाया जा सकता है। महाभारत युग की प्रामाणिक आस्थाओं के अनुसार सर्वविदित है कि उस युग के महान नायक भीष्म पितामह शरीर से क्षत-विक्षत होने के बावजूद मृत्यु शैया पर लेटकर प्राण त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश का इंतजार कर रहे थे। भीष्म ने इच्छा-मृत्यु का वर प्राप्त कर लिया था। ऐसी भी मान्यता है कि सूर्य के उत्तरायण में होने का अर्थ मोक्ष के द्वार खुलना है। जुलियन कैलेंडर के अनुसार तो लगभग 23 दिसंबर से ही उत्तरायण सूर्य के योग बन जाते हैं, परंतु भारतीय पंचांगों के अनुसार यह तिथि 14 जनवरी को ही आती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उत्तरायण के सूर्य के 6 माहों में देवताओं का एक दिन पूर्ण होता है और दक्षिणायन के सूर्य में उनकी एक रात पूरी होती है। इसी के साथ यह भी विश्वास जुड़ा है कि जो लोग उत्तरायण के सूर्य में प्राण त्यागते हैं उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है और जो लोग दक्षिणायन के सूर्य में मृत्यु को प्राप्त होते हैं उन्हें पुनर्जन्म लेना पड़ता है। इसलिए सूर्य के उत्तरायण को संसार में जन्म-मृत्यु के आवागमन से मुक्ति का मार्ग भी मानते हैं। मकर संक्रांति पर स्नान, व्रत, अनुष्ठान, पूजन, हवन, यज्ञ, वेद पाठ, अभिषेक, दान आदि का विशेष महत्व है। ऐसी भी मान्यता है कि इस तारीख से दिन रोज तिल भर बढ़ने लगते हैं, इसलिए इसे तिल संक्रांति के रूप में भी मनाया जाता है। अँगरेजी महीनों के हिसाब से तो दिसंबरमें ही बड़े दिन होने लगते हैं। परंतु भारतीय पंचांग में मकर संक्रांति या तिल संक्रांति से बड़े दिन माने जाते हैं। यह मौसम के परिवर्तन का सूचक भी है। सबसे पहले तो नियम-संयम से पवित्र नदी में स्नान करने को महत्व दिया गया है। यदि पवित्र गंगा का स्नान हो जाएतो सोने में सुहागा जैसी बात हो जाएगी। गंगा स्नान न हो पाए तो नर्मदा, क्षिप्रा, गोदावरी कोई भी नदी स्नान के लिए उपयुक्त है। इस पर्व पर तिल का इतना महत्व है कि स्नान करते समय जल में तिल डालकर स्नान करने का विधान है। तिल हमेशा से ही यज्ञ-हवन सामग्री में प्रमुखवस्तु माना गया है। मकर संक्रांति में तिल खाने से तिलदान तक की अनुशंसा शास्त्रों ने की है। संक्रांति पर देवों और पितरों को कम से कम तिलदान अवश्य करना चाहिए। सूर्य को साक्षी रखकर यह दान किया जाता है, जो अनेक जन्मों तक सूर्यदेव देने वाले को लौटाते रहते हैं। कहीं-कहीं तीन पात्रों में भोजन रखकर- 'यम, रुद्र एवं धर्म' के निमित्त दान दिया जाता है। अपनी सामर्थ्य के अनुरूप दान करना चाहिए। भूखों, असहाय लोगों और जरूरतमंदों को खिलाना ज्यादा पुण्यदायी है। संक्रांति व्रत की विधि भी विस्तार से बताई गई है। इसकेअनुसार स्नान से निवृत्ति के पश्चात अक्षत का अष्टदल कमल बनाकर सूर्य की स्थापना कर पूजन करना चाहिए। बंङ ऋषि के अनुसार यह व्रत निराहार, साहार, नक्त या एकमुक्त तरीके से यथाशक्ति किया जा सकता है, जिससे पापों का क्षय हो जाता है और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। मकर संक्रांति का पर्व न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है, बल्कि भारी संख्या में अप्रवासी भारतीयों के दुनिया के कोने-कोने में फैले होने के कारण विश्व में अनेक स्थानों पर यह पर्व मनाया जाता है। उत्तरप्रदेश में मकर संक्रांति को खिचड़ी संक्रांति के देशजतरीके से जाना जाता है और मनाया जाता है। महाराष्ट्र अंचल में तिल-गुड़ के साथ मकर संक्रांति पर्व मनाने का रिवाज है। गुजरात में इस दिन दान-धर्म के कार्यक्रम होते हैं। खिचड़ी का दान किया जाता है और फिर स्वयं के लिए उपयोग किया जाता है। पूर्वी राज्यों में भी मकर संक्रांति पर्व से जनता अच्छी तरह वाकिफ है। इस पर्व पर गुजरात में तो व्यापक स्तर पर पतंगबाजी के मुकाबले आयोजित किए जाते हैं। पतंगबाजी की लोकप्रियता का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि गुजरात में इस पर्व के अवसर पर लगभग दो करोड़ रुपए का पतंग का व्यवसाय होता है। इसी मकर संक्रांति के पर्व को तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश में पोंगल पर्व के रूप में मनाते हैं। मकर संक्रांति का राष्ट्रव्यापी पर्व मूलतः सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश की पूजा है। यह सूर्य पर्व है, जिसकी आराधना का मूल उद्देश्य आत्मजागृति है।

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 अंक ज्योतिष भविष्यफल 2019 अंक ज्योतिष के अनुसार कैसा रहेगा आपके लिए साल 2019? क्या आप जानने के लिए बेकरार हैं कि वर्ष 2019 में आपके जीवन में क्या होगा खास? इसी कड़ी में हम आपके लिए लेकर आये हैं अंक ज्योतिष भविष्यफल 2019। अपनी जन्म तिथि के अनुसार जानें अपना वार्षिक राशिफल। पढ़ें क्या नौकरी, व्यापार, शिक्षा और लव लाइफ में आएंगे नये मोड़? तो तैयार हो जाएं अंक ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से अपना भविष्यफल जानने के लिए। इस साल सबसे ज्यादा भाग्यशाली होंगे मूलांक 3 के लोग, अन्य मूलांक वाले लोगों के साथ क्या होगा नया? आईये जानते हैं हमारे अंक ज्योतिषाचार्य एस्ट्रो गुरु मृगांक की कलम से साल 2019 का भविष्यफल! सूचना- नीचे दी गई भविष्यवाणी मूलांक (अंक ज्योतिष) पर आधारित है, जो कि आपकी जन्मतिथि पर आधारित है। जन्मतिथि के अनुसार जानें अपना मूलांक: अंक ज्योतिष कैल्कुलेटर मूलांक 1 मूलांक 1 वालों के लिए साल 2019 अच्छा रहने वाला है। इस वर्ष आप अपने अंदर एक जबरदस्त ऊर्जा और शक्ति को महसूस करेंगे। इससे आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और आपकी मेहनत रंग लाएगी। यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा या सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं तो इस वर्ष आपके बेहतर प्रयासों से आपको सफलता मिलने की प्रबल संभावना है। वहीं जॉब और बिज़नेस में भी आपकी कोशिशें रंग लाएगी। नौकरी में प्रमोशन या कोई नया बिज़नेस शुरू कर सकते हैं। कुल मिलाकर आपके प्रयासों से जीवन में समृद्धता आएगी और आप हर क्षेत्र में चाहे वो नौकरी हो या व्यवसाय, हमेशा आगे बढ़ेंगे और विजयी रहेंगे। हालांकि इस वर्ष के लिए आपको एक खास सलाह दी जाती है कि, जोश में आकर आप होश ना खोयें, साथ ही सफलता और समृद्धि मिलने से अहंकारी ना बनें। सरकारी विभाग, प्राधिकरण या सरकार की ओर से लाभ की प्राप्ति हो सकती है इसलिए यदि आप सरकारी सेवा में कार्यरत हैं तो यह वर्ष आपके लिए लाभकारी होने की संभावना है। 2019 में पारिवारिक जीवन में कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान परिजन या जीवनसाथी से मतभेद हो सकते हैं इसलिए बेहतर होगा कि, हर परिस्थिति में शांति और संयम के साथ काम लें। पढ़ें: मूलांक 1 की विशेषताएं मूलांक 2 मूलांक 2 वालों के लिए साल 2019 सामान्य रहने वाला है। इस वर्ष ना तो ज्यादा नुकसान होगा और ना ज्यादा मुनाफा होगा। बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको ज्यादा मेहनत और प्रयास करने होंगे। अगर आप किसी सिविल सेवा, इंजीनियरिंग या मेडिकल एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो आपको अपनी स्टडी पर ज्यादा फोकस करना होगा। बेहतर होगा कि पढ़ाई में एकाग्रता बनाये रखें। वहीं यदि आप नौकरी पेशा या व्यवसायी हैं तो प्रमोशन और तरक्की के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की जरुरत होगी। कुल मिलाकर कठिन परिश्रम ही साल 2019 में आपकी सफलता का मूलमंत्र होगा। यदि आप विवाहित हैं या किसी को डेट कर रहे हैं तो इस वर्ष आपके रिलेशन में प्यार और बढ़ेगा लेकिन कुछ परेशानियां भी आ सकती हैं, इसलिए संयम के साथ काम लें और अपने प्रियतम की भावनाओं को समझें। आप अपने जीवनसाथी या प्रियतम के साथ किसी खूबसूरत और सर्द इलाके में घूमने जा सकते हैं। पढ़ें: मूलांक 2 की विशेषताएं जीवन में सुख-समृद्धि पाने के लिए करें: धन प्राप्ति के उपाय मूलांक 3 साल 2019 मूलांक 3 वाले लोगों के लिए सबसे अच्छा रहने वाला है। इस साल आप हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करेंगे और हर ओर से आपको खुशियां मिलेंगी। शिक्षा, धन लाभ, वैवाहिक जीवन और लव लाइफ बेहतर होगी। यदि आप मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट या सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं तो इस वर्ष आपको सफलता मिलने के प्रबल योग हैं लेकिन ध्यान रहे निरंतर अध्ययन करते रहें। इस वर्ष आपको धन लाभ और सरकारी क्षेत्र, सरकारी विभाग या सरकार की ओर से लाभ की प्राप्ति हो सकती है। यदि आप सरकारी सेवा में कार्यरत हैं तो यह साल आपके लिए अच्छा रहने वाला है। वहीं नौकरी पेशा और बिजनेस करने वाले जातकों को बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है। नौकरी में प्रमोशन और बिजनेस में विदेशी संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर साल 2019 आपके लिए शानदार रहने वाला है लेकिन इस अवधि में सफलता और अपनी बुद्धिमानी पर अहंकार ना करें। सबसे खास बात है कि इस वर्ष आप हर क्षेत्र में दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ेंगे और सफलता प्राप्त करेंगे। पढ़ें: मूलांक 3 की विशेषताएं मूलांक 4 वर्ष 2019 मूलांक 4 वाले लोगों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। इस साल ज्यादा चतुराई नहीं बल्कि कड़ी मेहनत से काम करना होगा। वे लोग जो सिविल सेवा, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और मेडिकल एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे हैं वे शॉर्टकट अपनाने की बजाय गहन अध्ययन करें। क्योंकि बिना कठिन परिश्रम के सफलता मिलने की संभावना कम है। इस वर्ष चुनौतियों के बावजूद बीच-बीच में खुशियां मिलती रहेगी, जिससे आपको आगे बढ़ने और कुछ नया करने की प्रेरणा मिलेगी। इस वर्ष आपका पारिवारिक जीवन थोड़ा प्रभावित रह सकता है। वहीं लव लाइफ में भी पार्टनर के साथ कुछ गलतफहमियां हो सकती हैं। इसलिए मैरिड लाइफ और लव लाइफ में संयम के साथ काम लें। ऐसी कोई बात ना कहें जिससे आपके जीवनसाथी या प्रियतम को दुख पहुंचे। इस साल बेवजह के विवादों से दूर रहने की कोशिश करें। बेहतर होगा कि किसी भी विवादित मामले में दखल ना दें, विशेषकर दूसरों के मामलों में बिल्कुल ना पड़ें। इस वर्ष आप अपने दोस्तों और परिजनों के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। साल 2019 में आपके साथ कुछ अप्रत्याशित घटनाएं हो सकती है, जो आपको हैरत में डाल देगी। पढ़ें: मूलांक 4 की विशेषताएं जल्द खत्म होगी नौकरी की तलाश! आज से ही करें:नौकरी पाने के उपाय मूलांक 5 मूलांक 5 वाले लोगों के लिए वर्ष 2019 बेहतर रहने वाला है। हालांकि इस साल चुनौतियों का सामना भी करना पड़ेगा लेकिन आप अपनी बुद्धि और आत्मबल से तमाम परेशानियों को दूर कर देंगे। यदि आप इंजीनियरिंग, मेडिकल और मैनेजमेंट विषय की पढ़ाई कर रहे हैं तो इस वर्ष आपको सुखद परिणाम मिल सकते हैं। इसलिए बेहतर नतीजों के लिए निरंतर अध्ययन करते रहें। इस साल आपकी वाणी और भाषा आपके लिए कई सुखद अवसर लेकर आ सकती है, क्योंकि संवाद शैली में सुधार होने से लोग आपसे प्रभावित होंगे और आपको आगे बढ़ने के कई अवसर मिलेंगे। बात करें अगर आपके वैवाहिक जीवन की, तो इस वर्ष आपके संबंधों में मजबूती आएगी। इस दौरान जीवनसाथी के साथ आप अच्छा समय व्यतीत करेंगे। आप पति/पत्नी के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। नौकरी और बिजनेस करने वाले लोगों के लिए भी यह साल कई सौगात लेकर आएगा। जॉब कर रहे लोगों को प्रमोशन और सैलरी इंक्रीमेंट का तोहफा मिल सकता है। वहीं बिजनेस में किसी बड़े आर्थिक लाभ की संभावना है। पढ़ें: मूलांक 5 की विशेषताएं क्या कुंडली में है सरकारी नौकरी के योग? जानें:सरकारी नौकरी से संबंधित रिपोर्ट मूलांक 6 मूलांक 6 वालों के लिए यह वर्ष सामान्य रहने वाला है इसलिए चुनौतियों से सामना करने के लिए तैयार रहें। एक बात याद रखें कि आपके मजबूत आत्मबल और सार्थक प्रयासों के आगे कुछ भी असंभव नहीं है। नौकरी पेशा और बिजनेस करने वाले लोगों की राह में इस साल कई चुनौतियां आएंगी लेकिन यदि आपने धैर्य और आत्मविश्वास के साथ काम लिया तो सभी परेशानियां कुछ ही दिनों में दूर हो जाएगी। सिविल सेवा, मेडिकल, मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे छात्रों को सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। हालांकि उन्हें अपने इस परिश्रम का उत्तम फल भी मिलेगा। इस साल आपके व्यक्तित्व में एक अजीब सा आकर्षण होगा, जो दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। इसके प्रभाव से लोगों के साथ आपके संपर्क बनेंगे और इनकी मदद से आपको आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। प्रेमी युगल के लिए भी यह वर्ष शानदार रहने वाला है। इस अवधि में आप एक-दूसरे के साथ खूब मिलेंगे और एंजॉय करेंगे। हालांकि ध्यान रहे कि आपके इस रिश्ते में कोई गलतफहमी ना पैदा हो इसलिए अपने प्रियतम की बातों को सुनें और उनकी भावनाओं को समझें। बिना सोचे-समझे किसी भी नतीजे पर ना पहुंचे। पढ़ें: मूलांक 6 की विशेषताएं मूलांक 7 वर्ष 2019 मूलांक 7 वाले लोगों के लिए बेहद प्रगतिशील रहने वाला है। धर्म और अध्यात्म को लेकर आपका झुकाव बढ़ेगा। ऐसे में हो सकता है कि धार्मिक प्रवृत्ति और आध्यात्मिक चिंतन की ओर आपका ध्यान अधिक रहे। इस वर्ष सामाजिक जीवन में आपका प्रभाव बढ़ेगा और लोग आपकी बातों को महत्व देंगे। आप परोपकारी कार्यों से जुड़े रहेंगे और दूसरों को अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे। नौकरी पेशा और बिजनेस करने वाले लोगों को इस साल कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा लेकिन यदि आपने धैर्य के साथ काम लिया तो सभी परेशानियां कुछ ही दिनों में दूर हो जाएगी। कामकाज में अधिक व्यस्त होने की वजह से आप परिजनों को अधिक समय नहीं दे पाएंगे। बेहतर होगा कि पारिवारिक जीवन के लिए पर्याप्त समय निकालें। मनोविज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई कर रहे लोगों के लिए यह साल बेहद अच्छा रहने वाला है। सिविल सेवा और मेडिकल एग्जाम में मनोविज्ञान से संबंधित विषयों की पढ़ाई कर रहे छात्रों को बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। इसके अलावा भाषा विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी अच्छे नतीजे प्राप्त होंगे। इस वर्ष पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं इसलिए धैर्य के साथ काम लें। व्यवसाय कर रहे लोगों को इस साल आर्थिक लाभ मिलने की संभावना बन रही है। पढ़ें: मूलांक 7 की विशेषताएं शनि की साढ़ेसाती से हैं परेशान तो तुरंत करें: शनि ग्रह की शांति के उपाय मूलांक 8 वर्ष 2019 मूलांक 8 वालों के लिए सामान्य रहने वाला है लेकिन इस साल शनि देव की कृपा आप पर रहेगी। शनि के शुभ प्रभाव से इस साल आप तमाम परेशानियों के बावजूद सफलता प्राप्त करेंगे। यदि आप सिविल सेवा, मेडिकल, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट जैसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो बेहतर नतीजे प्राप्त करने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। इस वर्ष काम की अधिकता की वजह से बेचैनी रह सकती है इसलिए बेहतर होगा कि काम को लेकर ज्यादा तनाव ना लें और धैर्य के साथ आगे बढ़ें। इस साल आपके निवास या नौकरी में परिवर्तन की संभावना बन रही है। काम के सिलसिले में बाहर रहने से आपके पारिवारिक व प्रेम संबंध प्रभावित हो सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप आपका अपने परिजनों से अलगाव हो सकता है। इसके अलावा काम की अधिकता की वजह से आपके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि इस वर्ष आप काम के साथ-साथ निजी जीवन को भी समय दें वरना आप अकेले पड़ जाएंगे। लोगों से मिलें और परिजनों के साथ समय व्यतीत करना आपके लिए अच्छा रहेगा। पढ़ें: मूलांक 8 की विशेषताएं खरीदें विभिन्न ग्रहों की शांति के लिए असली रत्न, जड़ी और यंत्र: एस्ट्रो शॉप मूलांक 9 मूलांक 9 वाले लोगों के लिए साल 2019 प्रगतिशील रहने वाला है। इस वर्ष आप अपनी ऊर्जा शक्ति से ना केवल अपने सपनों को पूरा करेंगे बल्कि दूसरों की मदद भी करेंगे। यदि आप पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं आपकी सूझ-बूझ से आपको और आपके व्यावसायिक साझेदार को भी आर्थिक लाभ होगा। नौकरी पेशा लोगों को इस साल प्रमोशन और सैलरी इंक्रीमेंट की सौगात मिल सकती है। इसके अलावा आप कार्यस्थल पर आगे बढ़ने में सहकर्मियों की मदद करेंगे। आपके दोस्त और वरिष्ठ अधिकारी आपके इस व्यवहार की प्रशंसा करेंगे। इस साल आप योजना बनाकर आगे बढ़ेंगे और बुद्धिमानी से सफलता प्राप्त करेंगे। आपके अंदर आगे बढ़ने और लक्ष्य को प्राप्त करने का सामर्थ्य होगा। इस वर्ष आपको विभिन्न माध्यमों से लाभ की प्राप्ति होगी। ऐसे में व्यवसाय कर रहे लोगों को बड़ा आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है। वैवाहिक जीवन इस साल सुखमय रहने वाला है लेकिन लव लाइफ में कुछ उलझनें आ सकती हैं इसलिए प्रेम-प्रसंग के मामलों में थोड़ा संभलकर चलें। प्रियतम पर बेवजह शक करने से बचें और उनकी भावनाओं को समझें। बात करें अगर सेहत की तो इस साल आप स्वस्थ और तंदुरुस्त रहेंगे। पढ़ें: मूलांक 9 की विशेषताएं हम आशा करते हैं कि वर्ष 2019 आपके लिए शुभ और सुखद हो। एस्ट्रोसेज की ओर से नववर्ष की शुभकामनाएँ!

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