Anita Mittal Dec 15, 2018

## कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन् ।

मा कर्मफल हेतूर्भूमां ते संगोSस्त्वकर्मणि ।।##

अर्थात् कर्तव्य कर्म करने में ही तेरा अधिकार
है , फल में कभी नहीं । अत : तू कर्मफल का हेतू भी मत बन और तेरी अकर्मण्यता में भी आसक्ति न हो । यही श्रीमद्भ...

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Anita Mittal Dec 13, 2018

सबसे पहले भागवत का अर्थ जानना आवश्यक है , भागवत का अर्थ है " भ " का मतलब है भक्ति , " ग " का मतलब है ज्ञान , " व " का मतलब है वैराग्य और " त " का मतलब है परम तत्व की प्राप्ति अर्थात् जो भक्ति, ज्ञान और वैराग्य को बढ़ाकर परम तत्व की प्राप्ति कर...

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