Anita Mittal Feb 19, 2019

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Anita Mittal Feb 18, 2019

🌺🌺 मोक्ष - मुक्ति का मास :माघ मास 🌺🌺 ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: माघ मास की महत्ता पर व्याख्या करते हुए वाल्मीकि रामायण में जटायु प्रसंग सर्वविदित है कि कैसे जानकी जी को बचाते समर जटायु लंकापति से युद्ध करते हुये मरणासन्न अवस्था में श्रीराम जी के आने की प्रतीक्षा कर रह रहे थे । जब श्रीराम के वहाँ पहुँचने पर भगवन् उन्हें करुण स्वर में में नवदेह और जीवन धारण करने के लिये कहते हैं तो जटायु के मना करने पर अंततः श्रीराम उन्हें दिव्यगति और उत्तम लोक देते हैं । अब प्रश्न यहाँ पर ये है कि कुछ विद्वान कहते हैं कि मोक्ष देने का अधिकार सिर्फ श्रीहरि जी को है तो मनुष्य अवतार रुपी राम ने उस नियम की उल्लघंना कैसे की ? इस समस्या का निदान करते हुए विद्वान श्री रामकिंकर उपाध्याय जी ने कहा था कि श्रीराम ने विष्णु होने के कारण नहीं बल्कि मनुष्य को देवोपम बना देने वाले सद्गुण के आधार पर जटायु को मोक्ष दिया था । विद्वज्जनों का कहना है कि जिस समय राम ने जटायु को मोक्ष दिया था , उस समय माघमास था , अन्यथा वे मर्यादा के विपरीत कभी नहीं जाते । मोक्ष का अधिकार राम के मछल स्वरुप विष्णु को ही था , तो राम कभी व्यतिक्रम नहीं करते । पूरी रामायण में जटायु को ही यह सौभाग्य प्राप्त हुआ , यहाँ तक कि उनके पिता दशरथ , जिन्होंने श्रीराम के वियोग में प्राण त्यागे , भी इस सौभाग्य से वंचित रह गये । धन्य हो हे पक्षीराज जटायु जो आपको परमात्मा को हाथों परमगति मिली । 🥀🥀 श्रीहरि जी का आशीर्वाद व स्नेह आपके साथ बना रहे जी 🥀🥀 🌹🌹 जय श्री हरि जी 🌹🌹

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