Ajit Kumar Pandey Jan 22, 2019

संतान की लम्बी आयु के लिए कीया जाता है संकट चौथव्रत, संकट चौथ 24 जनवरी को है वक्रतुन्डी चतुर्थी ,माघीचौथ,तिलकुटा चौथ भी इसे कहते है सूर्ययोदय से पूर्व स्नान के बाद उत्तर दिशा की ओर मुँह करके गणेशजी को नदी में21बार तो घर में एक बार जल देना चाहिए संकट चौथ संतान की लम्बीआयु के लिए कीया जाता है चतुर्थी के दिन मूली नहीं खानी चाहिए धन हानि की आशंका होती है , देर शाम चंन्द्रयोदय के समय ब्रती को तिल,गुड़ आदि का अर्ध्य चंन्द्रमा गणेशजी,और चतुर्थी माता को अवश्य देना चाहिए अर्ध्य देकर ही व्रत खोला जाता है इस दिन स्त्रियाँ निर्जल व्रत करती हैं सूर्ययास्त से पहले गणेशसंकटी चतुर्थी व्रत की कथा पूँजा होती है इस दिन तिल का प्रसाद खाना चाहिए पूजा के सामान दूर्वा,समी,बेलपत्र और गुड़ के बने तिल के लड्डू चढ़ाने चाहिए व्रत कथा सत्युग में महाराज हरिश्यचंन्द्र के नगर में एक कुम्हार रहता था एक बार उसने बर्तन बना कर आंवां लगाया पर आंवां पका नहीं बार बार बर्तन कच्चे रह गयें बार बार नुक्सान होता देख उसने एक तांत्रिक से पूछा उसने कहा बली से तुम्हारा काम बन जायेगा तब उसने परम तपस्वी ऋषि शर्मा की मृत्यु से बेसहारा हुए उनके पुत्र को संकट चौथ के दिन बली दे दी उस लड़के के माता पिता ने उस दिन गणेश पूजा की थी बहुत तलाशने पर जब पुत्र नहीं मीला तो माँ ने गणेशजी से प्रार्थना की सबेरे कुहार ने देखा की वृद्वा का पुत्र जीवीत था उसने डर कर अपना जुर्म स्विकर कर लिया राजा के सामने और उस वृद्वा को बुलाकर इसका राज पूछा तो वृद्वा ने बताया गणेश पूजा तब राजाने संकट चौथ की महीमा मानते हुए पूरे नगर में गणेश पूजा का आदेश दीया कृष्णपक्ष की चतुर्थी को संकट हारिणी मना जाता है अजित कुमार पान्डेय एकौनी वालें जय महाकाल

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