Acharya Rajesh Jan 27, 2021

☀️ *लेख:- गुरूपुष्यामृत योग* ( दिनांक 28.01 2021 प्रातःकाल सूर्योदय 7:11 am से शाम 5:56 तक ) इसके लिए शुभ मुहूर्त है- 1. प्रातः 8:03 से 9:31 तक स्थिर लग्न। 2. 12:12 से 12:55 तक सर्वश्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त। 3. मध्यान्ह 12:27 बजे से 14:22 बजे तक स्थिर लग्न। वर्ष 2021 मे गुरु पुष्य का यह महायोग 28 जनवरी को है, संयोग से इसके साथ 28 जनवरी को ही पौषी पूर्णिमा भी है। पूर्णिमा में 16 कलाओं से पूर्ण चंद्रमा अपने आप में एक महायोग होता है। इस दिन बृहस्पति और पुष्य नक्षत्र के योग ने इसको दुगुना शुभ कर दिया है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बारह राशियों मे कुल सताइस नक्षत्र होते हैं। पुष्य नक्षत्र कर्क राशि का नक्षत्र है । नक्षत्रों मे आठवे स्थान पर पुष्य नक्षत्र आता है । इस नक्षत्र के स्वामी शनि है और इसकी प्रकृति तथा गुण, धैर्य प्रधान है, पुष्य नक्षत्र कर्क राशि में "3 डिग्री 20 कला" से लेकर "16 डिग्री 40" कला तक होता है। शिव पुराण’ में पुष्य नक्षत्र को भगवान शिव की विभूति बताया गया है । पुष्य नक्षत्र के प्रभाव से अनिष्ट-से-अनिष्टकर दोष भी समाप्त और निष्फल-से हो जाते हैं, वे हमारे लिए पुष्य नक्षत्र के पूरक बनकर अनुकूल फलदायी हो जाते हैं | ‘सर्वसिद्धिकर: पुष्य: । इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है । ऋग्वेद में पुष्य नक्षत्र को मंगल कर्ता, वृद्धि कर्ता और सुख समृद्धि दाता कहा गया है। अपने इन्ही गुणो के कारण पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रो का राजा भी कहते है । पुष्य नक्षत्र के सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र होने के पीछे कारण यह है कि इसकी प्रकृति ब्रह्मांड के सबसे बड़े ग्रह गुरु यानि वृहस्पति जैसी है, माना जाता है कि देवगुरु वृहस्पति का प्रादुर्भाव भी पुष्य नक्षत्र मे ही हुआ था । पुष्य नक्षत्र का स्वामी ग्रह शनि ब्रह्मांड का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह शनि है। शास्त्रों में ‘गुरु ग्रह’ को पद-प्रतिष्ठा, सफलता और ऐश्वर्य का कारक माना गया है और ‘शनि ग्रह’ को वर्चस्व, न्याय तथा श्रम का कारक माना गया है, और जिस नक्षत्र, मुहूर्त या समय मे सफलता के इन छः उच्चतम मूल्यों का मिलन हो रहा हो तो वह कार्य सिद्धि के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण सिद्ध होता है, इसलिए पुष्य नक्षत्र मे कार्य करने को शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता है कि पुष्य नक्षत्र में स्थाईत्व का गुण होता है, इसीलिए इस नक्षत्र में किया गया कोई भी शुभ कार्य अथवा खरीदी गई कोई भी वस्तु स्थायी तौर पर सुख समृद्धि देती है अतः पुष्य नक्षत्र को शास्त्रो मे सर्वसिद्धिकर भी कहा गया है । *पुष्य नक्षत्र में किये गए श्राद्ध से पितरों को अक्षय तृप्ति होती है तथा कर्ता को धन, पुत्रादि की प्राप्ति होती है ।* *गुरूपुष्यामृत का निर्माण के नियम:-* नवग्रहो मे चंद्रमा जोकि एक शीघ्रगामी ग्रह है, एक राशि मे भ्रमण को लगभग ढाई दिन मे पूर्ण करते हुए, एक नक्षत्र मे गमन को लगभग चौबीस घण्टे मे पूर्ण कर लेते हैं । प्रतिदिन भचक्र मे गमन करते हुए चंद्रमा सूर्योदय के समय जिस नक्षत्र मे हो वही उस दिन का नक्षत्र माना जाता है । चंद्रमा मनुष्य जीवन तथा ज्योतिष मे मन का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रत्येक नक्षत्र में इनका गमन विभिन्न प्रकार के कार्यों की शुभाशुभ प्रकृति व क्षेत्र को इंगित करती है। इसी नियम के अनुसार ही मुहूर्त तय किये जातें हैं । 1.गुरूपुष्यामृत योग एक विशेष वार तथा पुष्य नक्षत्र के परस्पर योग से निर्मित होता है। जैसे कि *सोमवार, गुरुवार या रविवार को जब पुष्य नक्षत्र आता है, तो उस दिन को "गुरूपुष्यामृत योग" कहते है ।* एक वर्ष मे बारह पुष्य नक्षत्र आयेंगे जो कुल 25 दिन रहेंगे क्योंकि इनमें प्रत्येक कि अवधि डेढ़ से दो दिन तक रहेगी। लेकिन पुष्य नक्षत्र शुक्रवार तथा बुधवार के अतिरिक्त सामान्यतया श्रेष्ठ होता है। *रविवार तथा गुरुवार को पुष्य योग सर्वार्थ सिद्धिकारक माना गया है।* यह योग वर्ष में कभी-कभी आता है। इसमे भी कार्तिक अमावस्या यानि दीपावली से पूर्व आने वाले पुष्य नक्षत्र को शुभतम माना गया है। *पुष्य नक्षत्र मे संपादित किए जाने वाले शुभ कार्य:-* 1. गुरुपुष्यामृत योग दुकान, फैक्ट्री-कारखाना, नौकरी तथा अन्य व्यापारिक कार्यों को शुरू करने के लिए विशेष लाभदायी माना गया है । 2. गुरुपुष्यामृत योग में किया गया जप-तप, ध्यान, दान, पुण्य महाफलदायी होता है । 3. गुरुपुष्यामृत योग में विद्या एवं आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना शुभ होता है । 4. गुरुपुष्यामृत योग में कोई धार्मिक अनुष्ठान प्रारम्भ करना शुभ होता है। 5. गुरूपुष्यामृत योग वाले शुभ मुहूर्तों में स्वर्ण आभूषण, कीमती वस्त्र आदि खरीदना, पहनना, वाहन खरीदना, यात्रा आरम्भ करना, मुकद्दमा दायर करना, ग्रह शान्त्यर्थ रत्न धारण करना, किसी परीक्षा प्रतियोगिता या नौकरी के लिए आवेदन-पत्र भरना आदि शुभ रहता है । 6. गुरुपुष्यामृत योग साधना के लिए बेहद फायदेमंद होता हैं । इस दिन महालक्ष्मी कि साधना शुरू करने पर शीघ्र ही सफलता अथवा परिणाम प्राप्त होते है। इस दिन महालक्ष्मी का आह्वान कर उनकी कृपा दृष्टि से समृद्धि और अभीष्ट की प्राप्त कि जा सकती है। 7. गुरुपुष्यामृत योग पर पूजा-अर्चना/मंत्र सिद्धि/तंत्र सिद्धि/यंत्र सिद्धि तथा साधना जैसे कार्य इस दिन करने से उत्तम सफलता मिलती है। 8. स्वर्ण (सोना) धातु को गुरु प्रधान माना गया है और रजत (चांदी) को चन्द्र प्रधान कहा जाता है, इसलिए पुष्य नक्षत्र में इन दोनों धातुओं को खरीदना शुभ होता है। 9. गुरूपुष्यामृत वाले दिन किसी दुर्भाग्यशाली व्यक्ति पर किये गये तांत्रिक प्रभाव को समाप्त कर उसे इस जादू-टोने जैसे दुर्भाग्य से मुक्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ अवसर है। 10. प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन मे सदैव किसी न किसी वस्तु अथवा उद्देश्य को पाना चाहता है, परंतु समयाभाव या अन्य कारणों से बडे-२ उपाय या अनुष्ठान नही कर पाता तो उसे इस दिन अपने इष्ट भगवान से इच्छापूर्ति हेतु प्रार्थना (पूजा-अर्चना) अवश्य करनी चाहिये एसा करने से मनोकामना पूर्ण होती है। *पुष्य नक्षत्र मे वर्जित कार्य:-* 1. शुक्रवार को पुष्य नक्षत्र में किया गया कार्य सर्वथा असफल ही नहीं, उत्पातकारी भी होता है, अतः पुष्य नक्षत्र वाले शुक्रवार को शुभ कार्यो का आरंभ न करे। 2. बुधवार को भी पुष्य नक्षत्र नपुंसक माना जाता है। अतः बुधवार के दिन यदि पुष्य नक्षत्र आ रहा हो तो इस दिन को शुभ कर्मो के लिए त्याग देना चाहिए, इसमें किया गया कार्य भी असफलता देता है। 3. विवाह में पुष्य नक्षत्र सर्वथा वर्जित तथा अभिशापित है। अतः पुष्य नक्षत्र में विवाह कभी भी नहीं करना चाहिए। *पुष्य नक्षत्र मे किये जाने वाले उपाय:-* 1. पुष्य नक्षत्र में शंख पुष्पी की जड़ को,चांदी की डिब्बी में भरकर उसे घर के धन स्थान अथवा तिजोरी में रख देने से उस घर में धन की कभी कोई भी कमी नहीं रहती है । 2. दक्षिणावर्ती शंख शंख भिन्न-भिन्न आकृति व अनेक प्रकार के होते हैं। शंख संहिता के अनुसार सभी प्रकार के शंखों की स्थापना घरों में की जा सकती है। मुख्य रूप से शंख को तीन भागों में विभाजित किया गया है। वामावर्ती, दक्षिणावर्ती और मध्यावर्ती। वामावर्ती बजने वाले शंख होते हैं इनका मुंह बाईं ओर होता है। दक्षिणामुखी एक विशेष जाति का दुर्लभ अद्भुत चमत्कारी शंख दाहिने तरफ खुलने की वजह से दक्षिणावर्ती शंख कहलाते हैं। इस तरह के शंख दुर्लभ है। इसकी विधि इस प्रकार है- – गुरु पुष्य के दिन सुबह नहाकर साफ वस्त्र धारण करें और शुभ मुर्हूत में अपने सामने दक्षिणावर्ती शंख को रखें। शंख पर केसर से स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का जप करें। मंत्र जप के लिए स्फटिक की माला का उपयोग करें। *मंत्र:-* *ऊं श्रीं ह्रीं दारिद्रय विनाशिन्ये धनधान्य समृद्धि देहि देहि नम:।।* इस मंत्रोच्चार के साथ-साथ एक-एक चावल इस शंख में डालते रहें। चावल टूटे न हो इस बात का ध्यान रखें। इस तरह दीपावली की रात तक रोज एक माला मंत्र जप करें। पहले दिन का जप समाप्त होने के बाद शंख में चावल रहने दें और दूसरे दिन एक डिब्बी में उन चावलों को डाल दें। इस तरह एक दिन के चावल दूसरे दिन एक डिब्बे में डालकर एकत्रित कर लें। जब प्रयोग समाप्त हो जाए तो चावल व शंख को एक सफेद कपड़े में बांधकर अपने पूजा घर, फैक्ट्री, कारखाने या ऑफिस में स्थापित कर दें। इस प्रयोग से आपके घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होगी। 3. बरगद के पत्ते को भी पुष्य नक्षत्र में लाकर उस पर हल्दी से स्वस्तिक बनाकर उसे चांदी की डिब्बी में घर में रखें तो भी बहुत ही शुभ रहेगा । *(समाप्त)* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. शीघ्र ही गुरूपुष्यामृत योग पर लेख ।* *2. शीघ्र ही माघ पूर्णिमा पर लेख ।* *3. शीघ्र ही माघ मास पर लेख ।* *4. शीघ्र ही नवग्रहो की कृपा प्राप्ति हेतु उपाय पर धारावाहिक लेख । _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *बुधवार ,27.1.2021* *श्री संवत 2077* *शक संवत् 1942* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- शिशिर ऋतुः ।* *मास- पौष मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- चतुर्दशी तिथि अर्धरात्रि 1:18 am तक* *चंद्रराशि- चंद्र मिथुन राशि मे 9:43 pm तक तदोपरान्त कर्क राशि ।* *नक्षत्र- पुनर्वसु नक्षत्र अर्धरात्रि 3:49 am तक* *योग- विष्कुंभ योग 8:54 pm तक (अशुभ है)* *करण- गर करण 1:20 pm तक* *सूर्योदय 7:12 am, सूर्यास्त 5:55 pm* *अभिजित् नक्षत्र- कोई नहीं* *राहुकाल - 12:33 pm से 1:54 pm तक, (शुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- उत्तर दिशा ।* *जनवरी शुभ दिन:-*  27, 28 (दोपहर 1 उपरांत), 29, 30, 31 (सवेरे 9 तक) *रवि योग :- 27 जन०, 3:12 am to 28 जन० 3:49 am तक*, ( रवि योग एक शुभ योग है, इसमे किए गये दान-पुण्य, नौकरी  या सरकारी नौकरी को join करने जैसे कायों मे शुभ परिणाम मिलते है । यह योग, इस समय चल रहे, अन्य बुरे योगो को भी प्रभावहीन करता है ।) ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 28 जन०- पौष पूर्णिमा ।31 जन०- संकष्टी चतुर्थी । आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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Acharya Rajesh Jan 25, 2021

☀️ *संक्षिप्त लेख:-मानसिक कष्ट निवारण हेतु उपाय:-* किसी भी तरह की मानसिक परेशानी या तनाव अत्यधिक बढ गया हो, जिसकी वजह से मन में बहुत ही नकारात्मक विचार आ रहे हो तथा मन जीवन से ही विरक्त हो गया हो तो निम्नलिखित उपाय करने से संकटो से निवारण मिलता है तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है 1. प्रतिदिन शिव पूजन तथा जलाभिषेक के उपरांत शिव चालीसा तथा चंद्र कवच का पाठ करना चाहिये। 2. शनिवार को शनिदेव पर सरसों का तेल चढ़ा कर अपनी पहनी हुई चप्पल किसी भी गरीब को दान कर दे, अथवा तारकोल से सङक बना रहे मजदूरों को चमडे के काले रंग के जूतों का दान करे । 3. किसी भी धर्म स्थान पर जाकर श्रमदान अर्थात सेवा-कार्य करे, ऐसा करने से बहुत जल्द समस्त कष्टों से छुटकारा पाकर मानसिक रूप से सुकून प्राप्त होता है । 4. मार्ग मे, अस्पताल, श्मशान भूमि अथवा किसी भी धर्म स्थान पर प्याऊ लगवाने से बुरा समय समाप्त होता है, तथा मानसिक रूप से सुदृढता प्राप्त होती है *(समाप्त)* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. शीघ्र ही गुरूपुष्यामृत योग पर लेख ।* *2. शीघ्र ही पौष पूर्णिमा पर लेख ।* *3. शीघ्र ही माघ मास पर लेख ।* *4. शीघ्र ही नवग्रहो की कृपा प्राप्ति हेतु उपाय पर धारावाहिक लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *मंगलवार ,26.1.2021* *श्री संवत 2077* *शक संवत् 1942* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- शिशिर ऋतुः ।* *मास- पौष मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- त्रयोदशी तिथि अर्धरात्रि 1:12 am तक* *चंद्रराशि- चंद्र मिथुन राशि मे ।* *नक्षत्र- आर्द्रा नक्षत्र अर्धरात्रि 3:11 am तक* *योग- वैधृति योग 9:56 pm तक (अशुभ है)* *करण- कौलव करण 12:54 pm तक* *सूर्योदय 7:12 am, सूर्यास्त 5:55 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 12:12 pm से 12:55 pm* *राहुकाल - 3:14 pm से 4:34 pm तक, (शुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल-पूर्व दिशा ।* *जनवरी शुभ दिन:-*  26, 27, 28 (दोपहर 1 उपरांत), 29, 30, 31 (सवेरे 9 तक) *यमघण्टक योग :- 26 जन० 7:12 am से 27 जन० 3:12 am तक* यह एक अशुभ योग हैं, यह कष्टदायक योग है, इसमे विशेष रूप से शुभ कार्य के लिए की जाने वाली यात्रा तथा बच्चो के शुभ कार्य न करे । परंतु इस कुयोग के साथ ही यदि कोई सर्वार्थ सिद्ध योग जैसा शुभ योग भी हो तो इस योग का दुष्प्रभाव जाता रहता है । ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 26 जन०- भौम प्रदोष व्रत । 28 जन०- पौष पूर्णिमा ।31 जन०- संकष्टी चतुर्थी । आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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Acharya Rajesh Jan 24, 2021

☀️ *सप्तश्लोकी दुर्गा:-* "सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र" माता को सर्वाधिक प्रिय स्तोत्र है । इस पवित्र स्तोत्र मे सात अलग-अलग महामंत्रो का समावेश है, सभी सातो मंत्र भक्त का अलग-अलग प्रकार से कल्याण करते है, जैसे कोई मंत्र रोगों का नाश करता है, कोई दरिद्रता मिटाता है, तो कोई मंत्र सब प्रकार से मंगल करता है, इत्यादि-इत्यादि । इस स्तोत्र को कोई भी स्त्री अथवा पुरूष प्रतिदिन ग्यारह बार, सात बार या एक बार मानसिक विनियोग करके मानसिक जप करते रहने से किसी भी प्रकार के दुख तथा कष्टों से छुटकारा मिलता है और जीवन मे सदैव सुख और सौभाग्य बना रहता है नवरात्री मे प्रतिदिन इस स्तोत्र का 108 बार पाठ करना चाहिए । (ॐ अस्य श्रीदुर्गासप्तश्लोकीस्तोत्रमहामन्त्रस्य नारायण ऋषिः । अनुष्टुपादीनि छन्दांसि । श्रीमहाकालीमहालक्ष्मीमहासरस्वत्यो देवताः । श्री जगदम्बाप्रीत्यर्थ पाठे विनियोगः ॥) ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवि भगवती हि सा । बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति ॥१॥ दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि । दारिद्रयदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्र चित्ता ॥२॥ सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥३॥ शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे । सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥४॥ सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते । भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवी नमोऽस्तु ते ॥५॥ रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान् । त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ॥६॥ सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि । एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरि विनाशनम् ॥७॥ श्री सप्तश्लोकी दुर्गा स्त्रोत्रं संपूर्णम् । *विधि:-* पूजाकक्ष में या मंदिर मे मां दुर्गा का पौराणिक चित्र लगाकर, उनके सम्मुख बैठकर । देसी धी की ज्योति जलाकर । नैवेद्य अर्पित कर । उपरोक्त मंत्र का भक्तिपूर्वक, शुद्ध लाल चंदन की माला से, अपने सामर्थ्यनुसार  9 माला / 3 माला या 1 माला का प्रतिदिन जाप करे और मां से कृपा की कामना करे । *(समाप्त)* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. शीघ्र ही गुरूपुष्यामृत योग पर लेख ।* *2. शीघ्र ही माघ पूर्णिमा पर लेख ।* *3. शीघ्र ही माघ मास पर लेख ।* *4. शीघ्र ही नवग्रहो की कृपा प्राप्ति हेतु उपाय पर धारावाहिक लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *सोमवार ,25.1.2021* *श्री संवत 2077* *शक संवत् 1942* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- शिशिर ऋतुः ।* *मास- पौष मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- द्वादशी तिथि अर्धरात्रि 00:26 am तक* *चंद्रराशि- चंद्र वृष राशि मे 1:02 pm तक तदोपरान्त मिथुन राशि ।* *नक्षत्र- मृगशिरा नक्षत्र अर्धरात्रि 1:55 am तक* *योग- ऐन्द्रे योग 10:27 pm तक (अशुभ है)* *करण- बव करण 11:47 am तक* *सूर्योदय 7:12 am, सूर्यास्त 5:54 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 12:12 pm से 12:54 pm* *राहुकाल - 8:33 am से 9:53 pm तक, (शुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल-पूर्व दिशा ।* *जनवरी शुभ दिन:-* 25, 26, 27, 28 (दोपहर 1 उपरांत), 29, 30, 31 (सवेरे 9 तक) *सर्वार्थ सिद्ध योग :- 25 जन० 7:12 am to 25/26 जन० अर्धरात्रि 1:56 am तक*, ( शुभ  समय , इस योग मे किए गये काम, परीक्षा देना, नौकरी ज्वाइन करना, चुनाव के लिए आवेदन, भूमि, वाहन, वस्त्र आभूषण इत्यादि को खरीदना बेचना  अथवा  मुहूर्त शुभ परिणाम देते है । *अमृत सिद्धि योग :- 25 जन० 7:12 am से लेकर 25/26 जन० अर्धरात्रि 1:56 am तक*, इस योग मे  सर्वाथ सिद्ध योगवाले कामो के अलावा प्रेमविवाह, विदेशयात्रा तथा सकाम अनुष्ठान करना शुभ होता है । ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 26 जन०- भौम प्रदोष व्रत । 28 जन०- पौष पूर्णिमा ।31 जन०- संकष्टी चतुर्थी । आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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Acharya Rajesh Jan 23, 2021

☀️ *लेख:-विवाह की बाधा हटाने हेतु उपाय* 1. यदि किसी कन्या के विवाह में बाधा आ रही हो तो सोमवार के दिन भगवान शिव के सामने "पूजा वाले पांच नारियल" रखकर *‘‘ऊँ श्री वर प्रदाय श्री नमः’’* मंत्र की पांच माला जाप कर पांचों नारियल भगवान को चढ़ायें, विवाह के रास्ते में आने वाली बाधायें दूर होने लगती हैं। 2. विवाह बाधा होने पर विवाह योग्य कन्या यदि प्रत्येक सोमवार को सुबह शिवलिंग पर दूध मिले जल को चढ़ाये और रूद्राक्ष की माला पर *‘‘ऊँ सेामेश्वराय नमः’’* मंत्र की एक माला जाप करे तो विवाह संबंधी बाधाएं समाप्त होती है। 3. यदि किसी के प्रेम विवाह में बाधा आ रही हो तो शुक्ल पक्ष के किसी गुरूवार से शुरू कर रोजाना स्फटिक की माला पर विष्णु लक्ष्मी की फोटो या मूर्ति के समक्ष निम्नलिखितमंत्र की 3 माला का जाप करना चाहिये। *‘‘ऊँ लक्ष्मी नारायणाय नमः’’* प्रत्येक गुरूवार को मंदिर में पीली वस्तुओं का भी दान देना चाहिये, बाधायें दूर होना शुरू हो जायेंगी। 4. उचित समय पर विवाह होने के लिए शुक्ल पक्ष में किसी गुरुवार के दिन प्रात:काल स्नानादि के पश्चात् पीले वस्त्र पहनकर, देसी घी में बेसन, बूरा मिलाकर 108 लड्डू बनाएं। एक टोकरी में पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर उन लड्डुओं को रख दें। कुछ दक्षिणा रख सारा सामान शिव मन्दिर में जाकर गणेश पार्वती शिवजी का पूजन कर मनोवांछित वर प्राप्ति की कामना सहित किसी ब्राह्मण को दान दें। इस प्रयोग से शीघ्र विवाह की संभावना बनेगी। 5. पीपल पर लगातार 43 दिन लड़की या लड़का जल चढ़ाए, तो शादी की रुकावट दूर हो जाती है। रविवार को और मासिक धर्म आने पर जल नहीं चढ़ाना है। *(समाप्त)* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. शीघ्र ही गुरूपुष्यामृत योग पर लेख ।* *2. शीघ्र ही माघ पूर्णिमा पर लेख ।* *3. शीघ्र ही माघ मास पर लेख ।* *4. शीघ्र ही नवग्रहो की कृपा प्राप्ति हेतु उपाय पर धारावाहिक लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *रविवार ,24.1.2021* *श्री संवत 2077* *शक संवत् 1942* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- शिशिर ऋतुः ।* *मास- पौष मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- एकादशी तिथि 10:59 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र वृष राशि मे ।* *नक्षत्र- रोहिणी नक्षत्र अर्धरात्रि 00:01 am तक* *योग- ब्रह्म योग 10:27 pm तक (शुभ है)* *करण- वणिज करण 10:02 am तक* *सूर्योदय 7:13 am, सूर्यास्त 5:53 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 12:11 pm से 12:54 pm* *राहुकाल - 4:33 pm से 5:53 pm तक, (शुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल-पश्चिम दिशा ।* *जनवरी शुभ दिन:-* 24 (सवेरे 10 तक), 25, 26, 27, 28 (दोपहर 1 उपरांत), 29, 30, 31 (सवेरे 9 तक) *भद्रा :- 24 जन० 10:02 am to 24 जन० 10:59 pm तक* ( भद्रा मे मुण्डन, गृहारंभ, गृहप्रवेश, विवाह, रक्षाबंधन आदि शुभ काम नही करने चाहिये , लेकिन भद्रा मे स्त्री प्रसंग, यज्ञ, तीर्थस्नान, आपरेशन, मुकद्दमा, आग लगाना, काटना, जानवर संबंधी काम किए जा सकतें है । *रवि योग :- 24 जन०, 3:58 am to 24/25 जन० अर्धरात्रि 00:01 am तक*, ( रवि योग एक शुभ योग है, इसमे किए गये दान-पुण्य, नौकरी  या सरकारी नौकरी को join करने जैसे कायों मे शुभ परिणाम मिलते है । यह योग, इस समय चल रहे, अन्य बुरे योगो को भी प्रभावहीन करता है ।) ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 24 जन०- पौष पुत्रदा एकादशी । 26 जन०- भौम प्रदोष व्रत । 28 जन०- पौष पूर्णिमा ।31 जन०- संकष्टी चतुर्थी । आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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Acharya Rajesh Jan 22, 2021

☀️ *सुख-संपत्ति प्राप्ति विष्णु महामंत्र* घर में सुख-संपत्ति पाने के लिए विष्णु जी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए। *जप विधि:-* शुक्ल पक्ष के वृहस्पतिवार, अक्षयतृतया, श्री कृष्ण-जन्माष्टमी, पूर्णिमा अथवा अन्य किसी शुभ दिन-वार देखकर प्रारंभ करते हुए प्रतिदिन स्नानादि के उपरांत भगवान विष्णु जी के सम्मुख बैठकर देसी घी की ज्योत जलाकर शुद्ध चंदन अथवा वैजयंती माला से श्रद्धापूर्वक अपने सामर्थ्य के अनुसार अधिक से अधिक संख्या में जाप करने से अवश्य ही दरिद्रता से मुक्ति मिलती हैं । *शान्ताकारं भुजगशयनं पद्यनाभं सुरेशं* *विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।* *लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं* *वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।* भावार्थ:- जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शैया पर शयन किए हुए हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो देवताओं के भी ईश्वर और संपूर्ण जगत के आधार हैं, जो आकाश के सदृश सर्वत्र सादर प्रणाम हैं, नीलमेघ के समान जिनका वर्ण है, अतिशय सुंदर जिनके संपूर्ण अंग हैं, जो योगियों द्वारा ध्यान करके प्राप्त किए जाते हैं, जो संपूर्ण लोकों के स्वामी हैं, जो जन्म-मरण रूप भय का नाश राधे वाले हैं, ऐसे लक्ष्मीपति, कमलनेत्र भगवान श्रीविष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ *(समाप्त)* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. 23 जनवरी को सुख-समृद्धि प्राप्ति हेतु विष्णु महामंत्र ।* *2. 24 जनवरी को "विवाह हेतु उपाय"।* *3. शीघ्र ही गुरूपुष्यामृत योग पर लेख ।* *4. शीघ्र ही माघ पूर्णिमा पर लेख ।* *5. शीघ्र ही माघ मास पर लेख ।* *6. शीघ्र ही नवग्रहो की कृपा प्राप्ति हेतु उपाय पर धारावाहिक लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *शनिवार ,23.1.2021* *श्री संवत 2077* *शक संवत् 1942* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- शिशिर ऋतुः ।* *मास- पौष मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- दशमी तिथि 8:57 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र वृष राशि मे।* *नक्षत्र- कृतिका नक्षत्र 9:32 pm तक* *योग- शुक्ल योग 10:02 pm तक (शुभ है)* *करण- तैतिल करण 7:46 am तक* *सूर्योदय 7:13 am, सूर्यास्त 5:52 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 12:11 pm से 12:54 pm* *राहुकाल - 9:53 am से 11:13 am तक, (शुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल-पूर्व दिशा ।* *जनवरी शुभ दिन:-* 24 (सवेरे 10 तक), 25, 26, 27, 28 (दोपहर 1 उपरांत), 29, 30, 31 (सवेरे 9 तक) *जनवरी अशुभ दिन:-* 23 *रवि योग :- 21 जन०, 3:36 pm to 23 जन० 9:33 pm तक*, ( रवि योग एक शुभ योग है, इसमे किए गये दान-पुण्य, नौकरी  या सरकारी नौकरी को join करने जैसे कायों मे शुभ परिणाम मिलते है । यह योग, इस समय चल रहे, अन्य बुरे योगो को भी प्रभावहीन करता है ।) ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 24 जन०- पौष पुत्रदा एकादशी । 26 जन०- भौम प्रदोष व्रत । 28 जन०- पौष पूर्णिमा ।31 जन०- संकष्टी चतुर्थी । आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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Acharya Rajesh Jan 21, 2021

☀️ *दरिद्रता नाशक श्री विष्णु महामंत्र* जीवन मे अनेक बार मनुष्य के हर प्रकार के प्रयासों तथा कठिन परिश्रम के बाद भी पैसे की कमी बनी रहती है, ऐसे में दरिद्रता से मुक्ति पाने के लिए, कमाई मे बरकत पाने तथा उत्तम प्रकार के भौतिक सुखों को प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु के इस मंत्र का जाप करना चाहिए। *जप विधि:-* शुक्ल पक्ष के वृहस्पतिवार, अक्षयतृतया, श्री कृष्ण-जन्माष्टमी, पूर्णिमा अथवा अन्य किसी शुभ दिन-वार देखकर प्रारंभ करते हुए प्रतिदिन स्नानादि के उपरांत भगवान विष्णु जी के सम्मुख बैठकर देसी घी की ज्योत जलाकर शुद्ध चंदन अथवा वैजयंती माला से श्रद्धापूर्वक अपने सामर्थ्य के अनुसार अधिक से अधिक संख्या में जाप करने से अवश्य ही दरिद्रता से मुक्ति मिलती हैं । *ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।* *ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व रासि ।।* *(समाप्त)* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. 23 जनवरी को सुख-समृद्धि प्राप्ति हेतु विष्णु महामंत्र ।* *2. 24 जनवरी को "विवाह हेतु उपाय"।* *3. शीघ्र ही गुरूपुष्यामृत योग पर लेख ।* *4. शीघ्र ही माघ पूर्णिमा पर लेख ।* *5. शीघ्र ही माघ मास पर लेख ।* *6. शीघ्र ही नवग्रहो की कृपा प्राप्ति हेतु उपाय पर धारावाहिक लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *शुक्रवार,22.1.2021* *श्री संवत 2077* *शक संवत् 1942* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- शिशिर ऋतुः ।* *मास- पौष मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- नवमी तिथि 6:30 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र मेष राशि मे अगले दिन 1:25 am तक तदोपरान्त वृष राशि ।* *नक्षत्र- भरणी नक्षत्र 6:40 pm तक* *योग- शुभ योग 9:17 pm तक (शुभ है)* *करण- कौलव करण 6:30 pm तक* *सूर्योदय 7:13 am, सूर्यास्त 5:51 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 12:11 pm से 12:54 pm* *राहुकाल - 11:13 am से 12:32 pm तक, (शुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल-पश्चिम दिशा ।* *जनवरी शुभ दिन:-* 22 (सायंकाल 7 तक), 24 (सवेरे 10 तक), 25, 26, 27, 28 (दोपहर 1 उपरांत), 29, 30, 31 (सवेरे 9 तक) *जनवरी अशुभ दिन:-* 23 *रवि योग :- 21 जन०, 3:36 pm to 23 जन० 9:33 pm तक*, ( रवि योग एक शुभ योग है, इसमे किए गये दान-पुण्य, नौकरी  या सरकारी नौकरी को join करने जैसे कायों मे शुभ परिणाम मिलते है । यह योग, इस समय चल रहे, अन्य बुरे योगो को भी प्रभावहीन करता है ।) ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 24 जन०- पौष पुत्रदा एकादशी । 26 जन०- भौम प्रदोष व्रत । 28 जन०- पौष पूर्णिमा ।31 जन०- संकष्टी चतुर्थी । आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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Acharya Rajesh Jan 20, 2021

☀️ *लेख:- अकृत्य कर्म (जिससे बरकत समाप्त होकर गरीबी आती है), भाग-2,अंतिम* 14. बुरे ख्याल लाना, वासना और क्रोध से भरे रहना शरीर, धन तथा मान तीनो के लिए ही हानिकारक है 15. किसी की गरीबी और लाचारी का मजाक उडाना, पडोसियों का अपमान करना, गाली देना तीनो कर्मो से अपना ही भविष्य तथा भाग्य खराब होता है । 16. ईश्वर को धन्यवाद किए बगैर भोजन करना, अन्धेरे में भोजन करना, बिना स्नान किये और संध्या के समय भोजन करना चारो कारणो से घर से लक्ष्मी चली जाती है । 17. रात में मांगने वाले को कुछ ना देना, साधु- फकीर को अपमानित करना या उस से रोटीयां फिर और कोई चीज खरीदना ये सभी कर्म निषेध है, ऐसा करने से दरिद्रता आती है । 18. माँ-बाप का अपमान करना, दूसरे को अपने से हीन समझना यानि घमंड करना दोनो कार्य बुरे वक्त के आगमन को सूचित करते हैं । 19. घड़े में मुंह लगाकर पानी पीना, पतीले, कडाही इत्यादि भोजन पकाने के पात्र से सीधा ही सब्जी इत्यादि निकाल कर खाना अथवा मध्यरात्रि में भोजन करना अत्यंत ही अमान्य कर्म है, ऐसा करने से शीघ्र ही बरकत जाती रहती है । 20. दाँत गंदे रखना और रोज स्नान न करना, नदी, तालाब में शौच साफ करना और उसमें पेशाब करना इन कर्मो से बुरे वक्त को आमंत्रण देने के समान होता है । 21. गाय, बैल अर्थात गोधन को लात मारना, इनको दुख देना, इनका वध करना शास्त्रों के विरुद्ध कर्म है, ऐसा वाले इस लोक के साथ-साथ परलोक में भी दुख भोगते है । 22. फटे हुए कपड़े पहनना, जूते चप्पल उल्टा देख कर उसको सीधा नही करना इससे लक्ष्मी रूष्ट होती है । 23. दांत से नाखून काटना, पीने का पानी रात में खुला रखना नकारात्मकता को बुलाता है, जिससे घर मे विपतियां आती है, जिससे धन का नुकसान होता है । 24. लहसुन प्याज के छिलके जलाना, फूंक मार के दीपक बुझाने से देवता रूष्ट होते हैं । 25. गंदे बिस्तर में सोना, दरवाजे अथवा दहलीज पर बैठने से बरकत जाती रहती है । 26. श्मशान भूमि में हंसना, श्मशान भूमि मे भोजन करना धर्म विरूद्ध कार्य है, ऐसा करने से जीवन मे अनेक परेशानियां आती है । *(समाप्त)* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. 20-21 जनवरी के लेख मे अकृत्य कर्म (जिससे बरकत समाप्त होकर, गरीबी आती है)* *2. शीघ्र ही गुरूपुष्यामृत योग पर लेख ।* *3. शीघ्र ही माघ पूर्णिमा पर लेख ।* *4. शीघ्र ही माघ मास पर लेख ।* *5. शीघ्र ही नवग्रहो की कृपा प्राप्ति हेतु उपाय पर धारावाहिक लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *वृहस्पतिवार,21.1.2021* *श्री संवत 2077* *शक संवत् 1942* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- शिशिर ऋतुः ।* *मास- पौष मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- अष्टमी तिथि 3:51 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र मेष राशि मे ।* *नक्षत्र- अश्विनी नक्षत्र 3:36 pm तक* *योग- साध्य योग 8:22 pm तक (शुभ है)* *करण- बव करण 3:51 pm तक* *सूर्योदय 7:14 am, सूर्यास्त 5:50 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 12:11 pm से 12:53 pm* *राहुकाल - 1:52 pm से 3:11 pm तक, (शुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- दक्षिण दिशा ।* *जनवरी शुभ दिन:-* 21, 22 (सायंकाल 7 तक), 24 (सवेरे 10 तक), 25, 26, 27, 28 (दोपहर 1 उपरांत), 29, 30, 31 (सवेरे 9 तक) *जनवरी अशुभ दिन:-* 23 *सर्वार्थ सिद्ध योग :- 21 जन० 7:14 am to 21 जन० 3:36 pm तक*, ( शुभ  समय , इस योग मे किए गये काम, परीक्षा देना, नौकरी ज्वाइन करना, चुनाव के लिए आवेदन, भूमि, वाहन, वस्त्र आभूषण इत्यादि को खरीदना बेचना  अथवा  मुहूर्त शुभ परिणाम देते है । *रवि योग :- 21 जन०, 3:36 pm to 23 जन० 9:33 pm तक*, ( रवि योग एक शुभ योग है, इसमे किए गये दान-पुण्य, नौकरी  या सरकारी नौकरी को join करने जैसे कायों मे शुभ परिणाम मिलते है । यह योग, इस समय चल रहे, अन्य बुरे योगो को भी प्रभावहीन करता है ।) ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 24 जन०- पौष पुत्रदा एकादशी । 26 जन०- भौम प्रदोष व्रत । 28 जन०- पौष पूर्णिमा । 31 जन०- संकष्टी चतुर्थी । आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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Acharya Rajesh Jan 19, 2021

☀️ *लेख:- अकृत्य कर्म (जिससे बरकत समाप्त होकर गरीबी आती है),भाग-1* कुछ ऐसे कर्म जोकि सभी मनुष्यों द्वारा वर्जित कर्मो की श्रेणी मे आते हैं, जिसको जाने मे,अथवा अन्जाने मे करने से मनुष्य विपत्ति में फंसकर धन तथा लक्ष्मी से वंचित हो जाता है । 1. बांए पैर से शुरू करके पैंट अथवा सलवार इत्यादि पहनने से कार्यो मे असफलता मिलती हैं, सदैव दायें अंग से ही वस्त्र धारण की शुरुआत करनी चाहिए । 2. किसी भी प्रकार का टूटा अथवा खंडित हुआ सामान उपयोग करने से नकारात्मक शक्तियों का आगमन होता है । 3. आमदनी से ज्यादा खर्च करने की आदत होने से देर-सवेर व्यक्ति दरिद्रता को प्राप्त कर लेता है । 4. घर में कूडा-करकट रखना, घर को गन्दा रखना, नियमित रूप से सफाई न करने से घर मे दरिद्रता का वास होता है । 5. किसी भी वृक्ष के नीचे पेशाब करने से बरकत जाती रहती है, तथा मनुष्य आर्थिक तंगी तथा अन्य विपत्तियों मे फंस जाता है । 6. सुबह सूरज निकलने (सूर्योदय) तक सोते रहना, उल्टा होकर सोना, संध्या वेला मे सोना तीनो कारणों से ही लक्ष्मी कुपित होती है, तथा द्ररिदता का घर मे वास हो जाता है । 7. रसोई घर के पास में पेशाब करना, रसोईघर के पास, रसोईघर से जुडा हुआ, तथा रसोई घर के द्वार के सामने शौचालय के होने से निश्चित रूप से घर मे दरिद्रता का वास होता है । 8. रिश्तेदारो से बदसुलूकी करना, मेहमान आने पर नाराज होना, अपनी औलाद को कोसना बुरे वक्त को आवाहित करने के सामान होता है । 9. टूटी हूई कन्घी से कंघा करना, चालीस दिन से ज्यादा दिन तक बाल न कटवाना(केवल पुरुष), औरतो का खडे खडे बाल बांधना तीनो कार्यो से धनलक्ष्मी जाती रहती है । 10. खडे खडे पेशाब करना, शौच करते वक्त बाते करना दोनों कार्य निषेध है, ऐसा करने से बुद्धि भष्ट होती है, जिससे घर से धन का निकास होता है । 11. हाथ धोए बगैर भोजन करना, दाँत से रोटी काट कर खाना स्वस्थ्य की हानि करता है, जिससे शनैः शनैः धन अवरूद्ध होता है । 12. धर्मग्रंथ न पढ़ना अथवा पवित्रता के बगैर धर्मग्रंथ पढना अमान्य है, इससे देवता रूष्ट होते हैं, जिससे जीवन मे अनेक असुविधाएं उत्पन्न होकर धन का नाश हो जाता है । 13. रात को अथवा सायं काल मे झाडू लगाना, मकड़ी का जाला घर में बनाये रखना, कबूतरों का घोंसला घर मे होना तीनो घर मे मनहूसियत लाते हैं, जिससे लक्ष्मी अवरूद्ध होती है । *(क्रमशः)* *कल लेख का शेष भाग* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. 20-21 जनवरी के लेख मे अकृत्य कर्म (जिससे बरकत समाप्त होकर, गरीबी आती है)* *2. शीघ्र ही गुरूपुष्यामृत योग पर लेख ।* *3. शीघ्र ही माघ पूर्णिमा पर लेख ।* *4. शीघ्र ही माघ मास पर लेख ।* *5. शीघ्र ही नवग्रहो की कृपा प्राप्ति हेतु उपाय पर धारावाहिक लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *बुधवार,20.1.2021* *श्री संवत 2077* *शक संवत् 1942* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- शिशिर ऋतुः ।* *मास- पौष मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- सप्तमी तिथि 1:16 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र मीन राशि मे 12:36 pm तक तदोपरान्त मेष राशि ।* *नक्षत्र- रेवती नक्षत्र 12:36 pm तक* *योग- सिद्ध योग 7:29 pm तक (शुभ है)* *करण- वणिज करण 1:16 pm तक* *सूर्योदय 7:14 am, सूर्यास्त 5:50 pm* *अभिजित् नक्षत्र- कोई नहीं* *राहुकाल - 12:32 pm से 1:51 pm तक, (शुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- उत्तर दिशा ।* *जनवरी शुभ दिन:-* 20 (दोपहर 1 तक), 21, 22 (सायंकाल 7 तक), 24 (सवेरे 10 तक), 25, 26, 27, 28 (दोपहर 1 उपरांत), 29, 30, 31 (सवेरे 9 तक) *जनवरी अशुभ दिन:-* 23 *भद्रा :- 20 जन० 1:16 pm to 21 जन० 2:32 am तक* ( भद्रा मे मुण्डन, गृहारंभ, गृहप्रवेश, विवाह, रक्षाबंधन आदि शुभ काम नही करने चाहिये , लेकिन भद्रा मे स्त्री प्रसंग, यज्ञ, तीर्थस्नान, आपरेशन, मुकद्दमा, आग लगाना, काटना, जानवर संबंधी काम किए जा सकतें है । *पंचक प्रारंभ:-15 जन० 5:06 pm, पंचक समाप्त- 20 जन० 12:36 pm।* पंचक नक्षत्रों मे निम्नलिखित काम नही करने चाहिए, 1.छत बनाना या स्तंभ बनाना( lantern  or Pillar ) 2.लकडी  या  तिनके तोड़ना , 3.चूल्हा लेना या बनाना, 4. दाह संस्कार करना (cremation) 5.पंलग चारपाई, खाट , चटाई  बुनना  या बनाना 6.बैठक का सोफा या गद्दियाँ बनाना । 7 लकड़ी ,तांबा ,पीतल को जमा करना ।(इन कामो के सिवा अन्य सभी शुभ  काम पंचको  मे  किए  जा  सकते  है ।) ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 20 जन०- गुरू गोविंद सिंह जयंती । 24 जन०- पौष पुत्रदा एकादशी । 26 जन०- भौम प्रदोष व्रत । 28 जन०- पौष पूर्णिमा ।31 जन०- संकष्टी चतुर्थी । आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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