Narayan Tiwari May 11, 2020

मायमंदिर: यूजर्स को खुशखबरी की किरण.!!🚩 """"""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""" भविष्य में फीचर्स में बदलाव के साथ मायमंदिर ऐप्स कुछ कंपनियों के गठबंधन की अवधि के साथ मिलकर कुछ समीकरण बनाने का प्रयोग कर सकता हैं, तो मैं इस पोस्ट और आपके इस प्रयास की सराहना करता हूँ! कि आप इस ऐप्स को एक बार पुनः स्थापित करने के लिए अंतिम रूप दें सकें!यदि कुछ ऐसा किया जाता हैं, तो आपका यूजर्स एक बार फिर से हार्दिक स्वागत और अभिनन्दन करता है। यदि आप यूजर्स को पुनः भारतीय सनातन धर्म में मुख्य धारा एवं भारतीय सनातन परंपरा के साथ जोड़ते हैं, तो आपका बहुत धन्यवाद किया जाता है। मायमंदिर को परिवार मानकर हम सहयोग अवश्य करेंगें! इसी आशा के साथ की 20/05/2020 से एक बार हम पुनः मायमंदिर ऐप से जुड़े हुये यूजर्स के बीच अपनी पोस्ट लिखने़ और पढ़ने का एक अवसर मिल सकेगा! मायमंदिर यूजर्स से निवेदन है कि सभी मायमंदिर यूजर्स इस पोस्ट की सराहना अवश्य करेंगे और यूजर्स से भी जुड़ने का प्रयास करेंगें ..!! मैं सदा मायमंदिर ऐप्स पर अपने विचारों का निर्माण करता रहा हूँ! मायमंदिर ऐप्स को बनाने में हमने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है! यह मैं क्यों कह रहा हूं? मुझे नहीं मालूम परंतु ऐसे धार्मिक मंच से मैं पहली बार ही जुड़़ सका था..! धार्मिक मंच में प्रथम श्रेणी मायमंदिर को माना गया है। जो अपने परिवार को साथ लेकर नहीं चल सकते, उनके साथ की यात्रा को बता नहीं सकते, वह देश के लिए रेत के टीले से अधिक नहीं हैं..! आप सनातन के मूल पर चलते हुए अपने परिवार को अपनी ताकत बनाइए..! सनातन कोई धर्म नहीं, संपूर्ण जीवनशैली और संस्कार है, जिसकी यात्रा के केंद्र में मायमंदिर सोशल ऐप हैं, और परिधि पर मायमंदिर परिवार से जुड़े यूजर्स, कुटुंब, गांव, समाज, देश और विश्व! मायमंदिर परिवार को सिकोड़िए मत, स्वयं का विस्तार कीजिए, यही सनातन की मूल शिक्षा है..! मायमंदिर ऐप से जुड़े यूजर्स को कुछ खुशखबरी वाली खबर 20/05/2020 से मिलने की उम्मीद बढ़ती हुई आशा की किरण दिखाई पड़ने लगी है..! यह सिर्फ मेरे द्वारा लिखित एक उम्मीद की किरण हैं! धर्म का महाकुंभ कहें जाने वाले मायमंदिर की जय||🚩 मायमंदिर :एक प्रगतिशील ऐप्स |🚩 🚩|| जय मांई की ||🚩

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Narayan Tiwari May 10, 2020

सत्संग वाणी:संत की महिमा अपरंपार होती हैं! """"""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""" एक संत के पास 30 सेवक रहते थे । एक सेवक ने गुरुजी के आगे प्रार्थना की महाराज जी 🙏🏻 मेरी बहन की शादी है तो आज एक महीना रह गया है तो मैं दस दिन के लिए वहां जाऊंगा । कृपा करें ! आप भी साथ चले तो अच्छी बात है । गुरु जी ने कहा बेटा देखो टाइम बताएगा । नहीं तो तेरे को तो हम जानें ही देंगे उस सेवक ने बीच-बीच में इशारा गुरु जी की तरफ किया कि गुरुजी कुछ ना कुछ मेरी मदद कर दे ! आखिर वह दिन नजदीक आ गया सेवक ने कहा गुरु जी कल सुबह जाऊंगा मैं । गुरु जी ने कहा ठीक है बेटा ! *सुबह हो गई जब सेवक जाने लगा *तो गुरु जी ने उसे 5 किलो अनार दिए और कहा ले जा बेटा भगवान तेरी बहन की शादी खूब धूमधाम से करें दुनिया याद करें कि ऐसी शादी तो हमने कभी देखी ही नहीं और साथ में दो सेवक भेज दिये जाओ तुम शादी पूरी करके आ जाना । जब सेवक घर से निकले 100 किलोमीटर गए तो मन में आया जिसकी बहन की शादी थी वह सेवक से बोला गुरु जी को पता ही था कि मेरी बहन की शादी है और हमारे पास कुछ भी नहीं है फिर भी गुरु जी ने मेरी मदद नहीं की । दो-तीन दिन के बाद वह अपने घर पहुंच गया । उसका घर राजस्थान रेतीली इलाके में था वहां कोई फसल नहीं होती थी । वहां के राजा की लड़की बीमार हो गई तो वैद्यजी ने बताया कि इस लड़की को अनार के साथ यह दवाई दी जाएगी तो यह लड़की ठीक हो जाएगी । *राजा ने घोषणा करवा रखी थी अगर किसी के पास आनार है तो राजा उसे बहुत ही इनाम देंगे ।* *इधर घोषणा वाले ने आवाज लगाई *अगर किसी के पास आनार है तो जल्दी आ जाओ, राजा को अनारों की सख्त जरूरत है । जब यह आवाज उन सेवकों के कानों में पड़ी तो वह सेवक उस घोषणा करने वाले के पास गए और कहा कि हमारे पास आनार है, चलो राजा जी के पास ।* *राजाजी को अनार दिए गए अनार का जूस निकाला गया और लड़की को दवाई दी गई तो लड़की ठीक-ठाक हो गई । *राजा जी ने पूछा तुम कहां से आए हो, तो उसने सारी हकीकत बता दी तो राजा ने कहा ठीक है तुम्हारी बहन की शादी मैं करूंगा । राजा जी ने हुकुम दिया ऐसी शादी होनी चाहिए कि लोग यह कहे कि यह राजा की लड़की की शादी है सब बारातियों को सोने चांदी गहने के उपहार दिए गए बरात की सेवा बहुत अच्छी हुई लड़की को बहुत सारा धन दिया गया । लड़की के मां-बाप को बहुत ही जमीन जायदाद व आलीशान मकान और बहुत सारे रुपए पैसे दिए गए । लड़की भी राजी खुशी विदा होकर चली गई । *अब सेवक सोच रहे हैं कि गुरु की महिमा गुरु ही जाने । हम ना जाने क्या-क्या सोच रहे थे गुरु जी के बारे में । गुरु जी के वचन थे जा बेटा तेरी बहन की शादी ऐसी होगी कि दुनियां देखेगी ।* *_संत वचन हमेशा सच होते हैं ।_* *_शिक्षा......_ *संतों के वचन के अंदर ताकत होती है लेकिन हम नहीं समझते । जो भी वह वचन निकालते हैं वह सिद्ध हो जाता है ।* *हमें संतों के वचनों के ऊपर अमल करना चाहिए और विश्वास करना चाहिए ना जाने संत मोज में आकर क्या दे दे और रंक से राजा बना दे । 🙏🧘‍♂️ || जय गुरूदेव ||🧘‍♂️🙏

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Narayan Tiwari May 8, 2020

श्रीबगलामुखी पीताम्बरा मांई आरती..!🚩 ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जय पीताम्बरधारिणि जय सुखदे वरदे, मातर्जय सुखदे वरदे।  भक्तजनानां क्लेशं, भक्तजनानां क्लेशं सततं दूरकरे।।  जय देवि जय देवि ।। 1 ।। असुरै: पीडितदेवास्तव शरणं प्राप्ता:, मातस्तवशरणं प्राप्ता:।  धृत्वा कौर्मशरीरं, धृत्वा कौर्मशरीरं दूरीकृतदु:खम्।। जय देवि जय देवि ।। 2 ।। मुनिजनवन्दितचरणे जय विमले बगले, मातर्जय विमले बगले।  संसारार्णवभीतिं, संसारार्णवभीतिं नित्यं शान्तकरे।।  जय देवि जय देवि ।। 3 ।। नारदसनकमुनीन्द्रैर्ध्यातं पदकमलं, मातर्ध्यातं पदकमलम्।  हरिहरद्रुहिणसुरेन्द्रै:, हरिहरद्रुहिणसुरेन्द्रै: सेवितपदयुगलम्।।  जय देवि जय देवि ।। 4 ।। काञ्चनपीठनिविष्टे मुद्गरपाशयुते, मातर्मुदगरपाशयुते।  जिह्वावज्रसुशोभित, जिह्वावज्रसुशोभित पीतांशुकलसिते।।  जय देवि जय देवि ।। 5 ।। बिन्दुत्रिकोणषडस्त्रैरष्टदलोपरि ते, मातरष्टदलोपरि ते।  षोडशदलगतपींठ, षोडशदलगतपीठं भूपुरबृत्तयुतम्।।  जय देवि जय देवि ।। 6 ।। इत्थं साधकवृन्दश्चिन्तयते रूपं, मातश्चिन्तयतेरूपं।  शत्रुविनाशकबीजं, शत्रुविनाशकबीजं धृत्वा हृत्कमले।।  जय देवि जय देवि ।। 7 ।। अणिमादिकबहुसिद्धिं लभते सौख्यतुतां, मातर्लभते सौख्ययुत्ताम्।  भोगान् भुक्त्वा सर्वान् भोगान् भुक्त्वा सर्वान गच्छति विष्णुपदम्।।  जय देवि जय देवि ।। 8 ।। पूजाकाले कोऽपि आर्तिक्यं पठते, मातरार्तिक्यं पठते।  धनधान्यादिसमृद्धो, धनधान्यादिसमृद्ध: सान्निध्यं लभते।।  जय देवि जय देवि ।। 9 ।। 🙏|| श्री पीताम्बरायै नम: ||🙏 🚩|| जय मांई की ||🚩

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Narayan Tiwari May 7, 2020

श्रीनारायण धुन:जय जय नारायण नारायण🚩 •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी -- श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी - भजमन नारायण नारायण हरी हरी – जय जय नारायण नारायण हरी हरी – श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी – लक्ष्मी नारायण नारायण हरी हरी – बोलो नारायण नारायण हरी हरी – भजो नारायण नारायण हरी हरी – जय जय नारायण नारायण हरी हरी – श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी – सत्य नारायण नारायण हरी हरी – जपो नारायण नारायण हरी हरी – भजो नारायण नारायण हरी हरी – जय जय नारायण नारायण हरी हरी – श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी – बोलो नारायण नारायण हरी हरी – भजमन नारायण नारायण हरी हरी – जय जय नारायण नारायण हरी हरी – श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी – तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरी हरी – श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी – हरी ॐ नमो नारायणा ॐ नमो नारायणा..! हरी ॐ नमो नारायणा ॐ नमो नारायणा ..!! 🚩 || जय जय नारायण ||🚩 🙏 || ऊँ नमो नारायणा ||🙏

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Narayan Tiwari May 6, 2020

श्रीनृसिंह प्रकटोत्सव की शुभकामनायें.!🚩 """""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""" पौराणिक धार्मिक मान्यताओं एवं धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु ने इस दिन अपने भक्त प्रहलाद को बचाने के लिए दैत्यों के राजा हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए आधे नर और आधे सिंह के रूप में नरसिंह अवतार लिया था..! भगवान नरसिंह शक्ति तथा पराक्रम के देवता माने जाते हैं. भगवान नरसिंह, श्रीहरि विष्णु के उग्र और शक्तिशाली अवतार माने जाते हैं. इनकी उपासना करने से हर प्रकार के संकट और दुर्घटना से रक्षा होती है..! नरसिंह जयंती शुभ मुहूर्त:-🚩 नरसिंह जयंती की पूजा का समय दोपहर 3 बजकर 50 मिनट से शाम 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगा..! 🙏|| जय नृसिंह ||🙏

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Narayan Tiwari May 5, 2020

|| श्री हनुमान मोक्ष कीर्तन..!!🚩 """""""""""""""""""""""""""""""""""""""" हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार । पवनसुत विनती बारम्बार ॥ अष्ट सिद्धि, नव निद्दी के दाता,  दुखिओं के तुम भाग्यविदाता । सियाराम के काज सवारे, मेरा करो उद्धार ॥ पवनसुत विनती बारम्बार । ॥ हे दुःख भन्जन...॥ अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी, तुम पर रीझे अवधबिहारी । भक्ति भाव से ध्याऊं तुम्हे, कर दुखों से पार ॥ पवनसुत विनती बारम्बार । ॥ हे दुःख भन्जन...॥ जपूं निरंतर नाम तिहरा, अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा । राम भक्त मोहे शरण मे लीजे, भाव सागर से तार ॥ पवनसुत विनती बारम्बार । हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार । पवनसुत विनती बारम्बार ॥ || जय हनुमान🚩जय श्री राम ||

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Narayan Tiwari May 2, 2020

जानिये,मोहनी एकादशी व्रत पर विशेष:🚩 •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• संसार में आकर मनुष्य केवल प्रारब्ध का भोग ही नहीं भोगता अपितु वर्तमान को भक्ति और आराधना से जोड़कर सुखद भविष्य का निर्माण भी करता है। एकादशी व्रत का महात्म्य भी हमें इसी बात की ओर संकेत करता है। जानिए विशेष:🚩 * स्कंद पुराण के अनुसार मोहिनी एकादशी के दिन समुद्र मंथन में निकले अमृत का बंटवारा हुआ था। स्कंद पुराण के अवंतिका खंड में शिप्रा को अमृतदायिनी, पुण्यदायिनी कहा गया। अत: मोहिनी एकादशी पर शिप्रा में अमृत महोत्सव का आयोजन किया जाता है।  * अवंतिका खंड के अनुसार मोहिनी रूपधारी भगवान विष्णु ने अवंतिका नगरी में अमृत वितरण किया था। देवासुर संग्राम के दौरान मोहिनी रूप रखकर राक्षकों को चकमा दिया और देवताओं को अमृत पान करवाया। यह दिन देवासुर संग्राम का समापन दिन भी माना जाता है। * मोहिनी एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं को सुबह से ही पूजा-पाठ, प्रातःकालीन आरती, सत्संग, एकादशी महात्म्य की कथा, प्रवचन सुनना चाहिए।  * एका‍दशी के दिन चावल खाना वर्जित हैं।  विष्णु पुराण के अनुसार मोहिनी एकादशी का विधिवत व्रत करने से मनुष्य मोह-माया के बंधनों से मुक्त हो जाता है। साथ ही व्रती के समस्त पापों का नाश हो जाता है। मोहिनी एकादशी के शुभ मुहूर्त-  मोहिनी एकादशी की तिथि का प्रारंभ 3 मई 2020, रविवार को सुबह 9 बजकर 1 मिनट से होकर 4 मई, सोमवार को सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर एकादशी तिथि समाप्‍त होगी। पारण का समय सोमवार को दोपहर 1 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर शाम 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। || ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय ||🚩 🙏 || जय श्री हरि विष्णुजी ||🙏

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