Narayan Tiwari Nov 21, 2020

सत्संग वाणी: "स्वयं को धोखा न दें "..!! 🙏 """""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""" वद्धावस्था में भक्ति करेंगे, गृहस्थी की जिम्मेदारियों से मुक्त होने पर भक्ति करेंगे, कुटिया बनाकर भक्ति करेंगे, किसी एकान्त स्थान में भक्ति करेंगे, कुछ वर्ष बाद केवल भक्ति ही करेंगे। यह सभी बातें खुद से धोखा करने जैसी हैं, सत्य तो यह है! कि संसार में मन रमता है, कुछ और भोग लें, फ़िर मिले न मिले, भक्ति तो कभी भी हो सकती है। अभी तो बहुत समय है पास में भक्ति कभी भी हो सकती है लेकिन ऐसा नहीं है काल का परिस्थिति का कोई भरोसा नही है भक्ति केवल अभी ही हो सकती है जब हम स्वस्थ हैं, यह बात गाँठ बाँध लेनी चाहिये, श्वासों का पता नहीं, क्षणभंगुर शरीर का पता नही तो किस आधार पर हम अपने आप को धोखा देते हैं। हम भोगों को नहीं भोग रहे, भोग ही हमें भोगते हैं..!! 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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Narayan Tiwari Nov 13, 2020

माँ लक्ष्मी की कृपा हेतु चमत्कारी उपाय.!!🙏 """""""""""""""""""""""""""""""""'""""""'""""""""""""""""" दीपावली में हर व्यक्ति चाहता है की लक्ष्मी उस पर खुश हो लक्ष्मी देवी को प्रसन्न करने और दीवाली पर धन पाने के कुछ अचूक उपाय बतलाये जा रहे है आशा है इनका प्रयोग कर पाठक गण इसका लाभ उठा सकेंगे ये उपाय इस प्रकार है- (1)-दीपावली पूजन में 11 कोड़ियां, 21 कमलगट्टा, 25 ग्राम पीली सरसों लक्ष्मीजी को चढ़ाएं (एक प्लेट में रखकर अर्पण करें)। अगले दिन तीनों चीजें लाल या पीले कपड़े में बांधकर तिजौरी में या जहां पैसा रखते हों वहां , रख दें। (2)- दीपावली के दिन अशोक वृक्ष की जड़ का पूजन करने से घर में धन-संपत्ति की वृद्धि होती है। (3)- दीपावली के दिन पानी का नया घड़ा लाकर पानी भरकर रसोई में कपड़े से ढंककर रखने से घर में बरक्कत और खुशहाली बनी रहती है। (4)- धनतेरस के दिन हल्दी और चावल पीसकर उसके घोल से घर के मुख्य दरवाजे पर ऊँ बनाने से घर में लक्ष्मीजी (धन) का आगमन बना ही रहता है। (5)- नरक चतुर्दशी छोटी दीपावली को प्रात:काल अगर हाथी मिल जाए तो उसे गन्ना या मीठा जरूर खिलाने से अनिष्ठों, जटिल मुसीबतों से मुक्ति मिलती हह्य। अनहोनी से सदेव रक्षा होती है। (6)- दीपावली के पूजन के बाद शंख और डमरू बजाने से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मीजी का आगमन बना रहता है ! (7)- दीपावली के दिन पति-पत्नी सुबह लक्ष्मी-नारायण विष्णु मंदिर जाएं और एक साथ लक्ष्मी-नारायणजी को वस्त्र अर्पण करने से कभी भी धन की कमी नहीं रहेगी। संतान दिन दूनी, रात चौगुनी तरक्की करेगी। (8)- दीपावली के दिन इमली के पेड़ की छोटी टहनी लाकर अपनी तिजेरी या धन रखने के स्थान पर रखने से धन में दिनोंदिन वृद्धि होती है। (9)- दीपावली के दिन काली हल्दी को सिंदूर और धूप दीप से पूजन करने के बाद 2 चाँदी के सिक्कों के साथ लाल कपड़े में लपेटकर धन स्थान पर रखने से आर्थिक समस्याएं कभी नहीं रहतीं। (10)- दीपावली के अगले दिन गाय के गोबर का दीपक बनाकर उसमें पुराने गुड़ की एक डेली और मीठा तेल डालकर दीपक जलाकर घर के मुख्य द्वार के बीचोंबीच रख दें। इससे घर में सुख-समृद्धि दिनों दिन बढ़ती रहेगी। (11)- दीपावली के दिन मुक्तिधाम (श्मशानभूमि) में स्थित शिव मंदिर में जाकर दूध में शहद मिलाकर चढ़ाने से सट्टे और शेयर बाजार से धन अवश्य ही मिलता है। (12)- दीपावली के दिन नया झाड़ू खरीदकर लाएं। पूजा से पहले उससे पूजा स्थान की सफाई कर उसे छुपाकर एक तरफ रख दें। अगले दिन से उसका उपयोग करें, इससे दरिद्रता का नाश होगा और लक्ष्मीजी का आगमन बना रहेगा। (13)- दीपावली के दिन एक चाँदी की बाँसुरी राधा-कृष्णजी के मंदिर में चढ़ाने के बाद 43 दिन लगातार भगवान श्रीकृष्णजी के कोई भी मंत्र का जाप करें। गाय को चारा खिलाएं और संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। निश्चय ही भगवान श्रीकृष्णजी की कृपा से आपको संतान प्राप्ति अवश्य ही होगी। (14)- दीपावली पर गणेश-लक्ष्मीजी की मूर्ति खरीदते समय यह अवश्य ही देखें कि गणेशजी की सूड़ गणेशजी की दांयी भुजा की ओर जरूर मुड़ी हो। इनकी पूजा दीपावली में करने से घर में रिद्धि-सिद्धि धनसंपदा में बढ़ोत्तरी, संतान की प्रतिष्ठा दिनोंदिन बढ़ती है। (15)- भाईदूज के एक दिन एक मुट्ठी साबुत बासमती चावल बहते हुए पानी में महालक्ष्मीजी का स्मरण करते हुए छोड़ने से धन्य-धान्य में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होती है। (16)- आंवले के फल में, गाय के गोबर में, शंख में, कमल में, सफेद वस्त्रों में लक्ष्मीजी का वास होता है इनका हमेशा ही प्रयोग करें। आंवला घर में या गल्ले में अवश्य ही रखें। (17)- दीपावली के दिन हनुमान मंदिर में लाल पताका चढ़ाने से घर-परिवार की उन्नति के साथ ख्याति धन संपदा बढ़ाती है। (18)- नरक चतुर्दशी की संध्या के समय घर की पश्चिम दिशा में खुले स्थान में या घर के पश्चिम में 14 दीपक पूर्वजों के नाम से जलाएं, इससे पितृ दोषों का नाश होता है तथा पितरों के आशीर्वाद से धन-समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है!! 🙏|| ऊँ ह्रीं महालक्ष्म्यै नम: ||🙏 🙏|| जय माँई की ||🙏 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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Narayan Tiwari Oct 21, 2020

स्त्री का संपूर्ण जीवन माँ नवदुर्गा रुप में हैं.!!🚩 """"""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""" एक स्त्री के पूरे जीवन चक्र को मां अंबे के 9 रूपों से समझा जा सकता है। नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के माध्यम से एक स्त्री का संपूर्ण जीवन प्रतिबिंबित होता है। जानिए, कैसे ------- 1. जन्म ग्रहण करती हुई कन्या 'शैलपुत्री' स्वरूप है। 2. कौमार्य अवस्था तक 'ब्रह्मचारिणी' का रूप है। 3. विवाह से पूर्व तक चंद्रमा के समान निर्मल होने से वह 'चंद्रघंटा' समान है। 4. नए जीव को जन्म देने के लिए गर्भ धारण करने पर वह 'कूष्मांडा' स्वरूप में है। 5. संतान को जन्म देने के बाद वही स्त्री 'स्कन्दमाता' हो जाती है। 6. संयम व साधना को धारण करने वाली स्त्री 'कात्यायनी' रूप है। 7. अपने संकल्प से पति की अकाल मृत्यु को भी जीत लेने से वह 'कालरात्रि' जैसी है। 8. संसार (कुटुंब ही उसके लिए संसार है) का उपकार करने से 'महागौरी' हो जाती है। 9. धरती को छोड़कर स्वर्ग प्रयाण करने से पहले संसार में अपनी संतान को सिद्धि(समस्त सुख-संपदा) का आशीर्वाद देने वाली 'सिद्धिदात्री' हो जाती है..!! 🚩|| जय माँई की ||🚩

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Narayan Tiwari Oct 20, 2020

नवरात्रि में क्या करें और क्या नहीं करें!🚩 """"""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""" 1) नवरात्रि के दिनों में ब्रह्म मुहूर्त में उठकर मां की आराधना करनी चाहिए। इससे आप पूरी तरह से अपनी मन पूजा में लगा पाते हैं। जिससे आपको पूजा का पूर्ण फल मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करने से मां प्रसन्न होती हैं। नवरात्रि में देर तक नहीं सोना चाहिए। 2) नवरात्रि में मां को प्रतिदिन उनकी पसंद का भोग और पुष्प अर्पित करने चाहिए। विधि-विधान से पूजन करने के साथ हो सके तो मां दुर्गा के मंत्रो का जाप करना चाहिए। 3) इन नौ दिनों में सप्तशती, दुर्गा चालीसा आदि का पाठ करना चाहिए और माता की भक्ति में दिन व्यतीत करना चाहिए। ध्यान रहे की सप्तशती का पाठ एकाग्रता के साथ करना चाहिए। पाठ करते समय बीच में उठना नहीं चाहिए न ही किसी से बात करनी चाहिए। अगर आपको किसी कार्य से उठना है, तो प्रणाम करके ही पाठ को छोड़ कर उठे और अगले दिन या कुछ समय बाद पाठ को पूरा करें। 4) इस समय मां की चौकी के पास ही बिस्तर लगाकर भूमि पर शयन करना चाहिए। व्रती को कुर्सी या फिर पंलग पर नहीं बैठना चाहिए। नवरात्रि में दिन के समय सोना वर्जित माना गया है। 5) अगर आपने अपने घर में  मां की चौकी लगाई है, घटस्थापना और अखंड ज्योति प्रज्वलित की है तो घर को कभी भी अकेला न छोड़े। ज्योति का पूर्ण सरंक्षण करें। ध्यान रखें की ज्योति पूरे नौ दिन तक बुझनी नहीं चाहिए। 6) नवरात्रि के दिनों में सात्विक आहार ग्रहण करना चाहिए। खाने में प्याज लहसुन का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि प्याज-लहसुन को तामसिक भोजन माना गया है। इन नौ दिनों में भूलकर भी मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए..! 7) ये दिन बहुत ही पवित्र होते हैं। इसलिए नवरात्रि में स्त्री पुरुष दोनों को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। अपने मन को नियंत्रण में रखना चाहिए। किसी के प्रति ईर्ष्या और घृणा की भावना मन में नहीं रखनी चाहिए। 8) जो लोग नौ दिन का व्रत करते हैं, उन्हें भूलकर भी किसी भी तरह के अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। फलाहार करते हुए ही व्रत करना चाहिए। 9) स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करके ही पूजन करना चाहिए। व्रत करने वाले को चमड़े से बनी चीजों जैसे बेल्ट, पर्स और जूते चप्पलों आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। 10)इन नौ दिनों में दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटवाने चाहिए न ही नाखून काटने चाहिए..!!  🙏|| ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे || 🙏 🚩|| जय माँई की ||🚩

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Narayan Tiwari Oct 17, 2020

शारदीय नवरात्र देवी की महापूजा हैं!🚩 """"""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""" शारदीय नवरात्र (अश्विन) को देवी ने अपनी वार्षिक महापूजा कहा है। इसी नवरात्र को मां भगवती अपने अनेकानेक रूपों- नवदुर्गे, दश महाविद्या और षोड्श माताओं के साथ आती हैं। देवी भागवत में देवी ने शारदीय नवरात्र को अपनी महापूजा कहा हैं..!! घट स्थापना का मुहूर्त ( शनिवार)  1) शुभ समय - सुबह  6:27 से 10:13 तक ( विद्यार्थियों के लिए अतिशुभ) 2) अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:44 से 12:29 तक (  सर्वजन) 3) स्थिर लग्न ( वृश्चिक)- प्रात: 8.45 से 11 बजे तक ( शुभ चौघड़िया, व्यापारियों के लिए श्रेष्ठ) 🙏|| ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ||🙏 शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ..!! 🚩|| जय माँई की ||🚩 🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥

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Narayan Tiwari Oct 16, 2020

माँ बगलामुखी भयमुक्त जीवन प्रदान करती हैं!🚩 """"""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""" माँई बगलामुखी की स्तुति से दसों दिशाओं की रक्षा होती है। सारे ब्रह्माण्ड की शक्ति मिलाकर भी कोई देवी पर विजय प्राप्त नहीं कर सकता है। प्रत्येक क्षेत्र में विजय प्राप्त करने के लिए ही उनकी आराधना की जाती है। वह सर्वशक्तिशाली है तथा विपदाओं के समय सदैव अपने भक्तों की रक्षा करती है। माँ की उपासना से विभिन्न परेशानियां जैसे की शत्रु बाधा, गृह कलह, तिरस्कार , किसी भी प्रकार का भय या वाणी दोष, कोर्ट -कचहरी के मामलों का निवारण होता है। इनकी पूजा से व्यक्ति प्रतियोगिता व अदालत के मामलों में विजय प्राप्त करता है। अगर   किसी व्यक्ति पर देवी माँ की कृपा हो तो उसे किसी प्रकार की हानि नहीं होती है। 🙏|| श्री पीताम्बरायै नम: ||🙏 🚩|| जय मांई की ||🚩

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