Narayan Tiwari Apr 24, 2019

🌹🌿🌹।।अच्युत-अष्टकम्।।🌹🌿🌹 •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान खाते नहीं, बेर शबरी के जैसे खिलते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान सोते नहीं, माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान नाचते नहीं, तुम गोपी के जैसे नचाते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान नचाते नहीं, गोपियों की तरह तुम नाचते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || ऊं नमो भगवते वासुदेवाय!!🚩 ऊं नमो भगवते विष्णवें दशावताराय नमः!!🚩 जय श्री जगदीश!!🚩 जय श्री विष्णु हरि जी!!🚩

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Narayan Tiwari Apr 23, 2019

श्रीगणेश जी से जुड़ी हुई रोचक बातें🚩 ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• भगवान श्री गजानन महाराज की हर बात निराली है। आइए जानते हैं उनसे जुड़ी 11 दिलचस्प बातें...  1.श्री गणेश को लाल व सिंदूरी रंग प्रिय है।  2. दूर्वा के प्रति विशेष लगाव है।  3. चूहा इनका वाहन है। बैठे रहना इनकी आदत है।  4. लिखने में इनकी विशेषज्ञता है। पूर्व दिशा अच्छी लगती है।  5. लाल रंग के पुष्प से शीघ्र खुश होते हैं।  6. प्रथम स्मरण से कार्य को निर्विघ्न संपन्न करते हैं।   7. दक्षिण दिशा की ओर मुंह करना पसंद नहीं है।  8. चतुर्थी तिथि इनकी प्रिय तिथि है।  9. स्वस्तिक इनका चिन्ह है।  10. सिंदूर व शुद्ध घी की मालिश इनको प्रसन्न करती है।   11.गृहस्थाश्रम के लिए ये आदर्श देवता हैं। कामना को शीघ्र पूर्ण कर देते हैं।  ऊं श्री गणेशाय नमः।।🚩 ।।ऊं सुमंगलाय नमः।।🚩 ।। जय गजानन।।🚩 🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹

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Narayan Tiwari Apr 23, 2019

श्री हनुमानजी रामकथा क्यों सुनतें हैं? ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• माना जाता है कि जहां श्री रामकथा होती है वहां हनुमानजी कथा सुनने पहुंचते हैं। कहा गया है ,एक बार राजदरबार में श्रीराम ने हनुमानजी को अपने गले से मोती की माला उतार कर दी। हनुमान ने हर एक मोती को दांत से काटकर देखा और पूरी माला तोड़ दी।  श्रीराम ने पूछा इतनी सुंदर माला तुमने दांत से काट-काटकर क्यों फेंक दी। श्री हनुमानजी ने कहा कि प्रभु जिस वस्तु में आप नहीं वह मेरे किस काम की।  तब श्रीराम ने पूछा, तुम्हारे हृदय में श्रीराम का निवास है?  श्री हनुमान ने हृदय चीरकर दिखाया कि वहां श्री राम, श्री लक्ष्मण और सीता जी विद्यमान है। श्री हनुमान जी को राम नाम प्रिय है। जहां भी श्री रामकथा होती है, वहां वे कथा श्रवण को आते हैं। ऊं रामदूताय नमः।।🚩 ।। ऊं रामचंद्राय नमः।।🚩 ।। जय श्री राम।।🚩

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Narayan Tiwari Apr 22, 2019

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