Shyam Yadav Mar 5, 2021

*श्री विजय कुमार गोस्वामी की संक्षिप्त जीवन गाथा* *गुरु से मुलाक़ात कैसे?(भाग 3 )* *गुरुभक्तियोग_कथा_अमृत* गुरु कृपा आत्मा का अंतर दर्शन कराती हैं गुरु कृपा से जीवन का मर्म समझ मे आ जाता है सच्चा आराम दैवी गुरु की सेवा मे ही निहित है ऐसा दूसरा कोई सच्चा आराम नहीं है। वेदांत की थोड़ी बहुत पुस्तके स्वतंत्र रीति से पड़ लेने के बाद यू कहना कि न गुरु है न शिष्य है यह सत्य के खोजी के लिए एक महान भूल है। "उप" माने पास "नि" माने नीचे "षद" माने बैठना उपनिषद माने आचार्य के पास नीचे बैठना। शिष्यों का समूह ब्रह्म के सिद्धांत का रहस्य जानने के लिए आचार्य के पास बैठता है पावनकारी गुरु को दंडवत प्रणाम करने के बाद उनकी ओर पीठ करके नहीं जाना चाहिए। विजय कृष्ण गोस्वामी जी के संबंध मे कल सुना कि उनकी मुलाक़ात कई योगी, तपस्वी, सन्यासी और योगसिद्ध महापुरुषों से भी हुई परन्तु उन्हे सभी ने यही कहा कि तुम्हारे गुरु तुम्हारा इंतजार कर रहे है हम तुम्हे दीक्षित नहीं कर सकते। एक बार गोस्वामी जी का गया शहर मे आना हुआ वहां वे गोविंद चन्द्र रक्षित के घर ठहरे इनकी प्रवृत्ति प्रकृति देखकर एक दिन रक्षित महाशय ने कहा कि यहां के आकाश गंगा पहाड़ पर बाबा रघुवर दास रहते है सुनता हू कि बड़े सिद्ध पुरुष है आकाश गंगा पहाड़ सिद्ध योगियों के लिए उपर्युक्त है अंधे को क्या चाहिए दो आंखे। रक्षित जी की बातो ने उन्हें आकर्षित किया गोस्वामी जी ने कहा चलो कल सभी सवेरे वहां चलेंगे सिद्ध योगियों से ज्ञान की प्राप्ति होगी। आकाश गंगा पहाड़ पर आते ही गोस्वामी जी ने देखा बहुत दूर एक बाबा बैठे हाथ के इशारे से इन्हे बुला रहे है बाबा के समीप आते ही गोस्वामी जी उनके चरणों पर गिर पड़े और कहा कि मेरे उपर दया करें। मैं धर्म के बारे मे कुछ नही जानता। बाबा ने कहा निराश होने की आवश्यकता नहीं तुम्हे सिद्धि प्राप्त होगी तुम तो कृपा पात्र हो समय आने दो तुम्हारे गुरु अवश्य तुम्हे दीक्षित करेंगे। मैं तुम्हे दीक्षा नहीं दे सकता इसके बाद दोनों व्यक्ति धर्म चर्चा मे संलग्न हो गए बाबा के पास एक ब्रह्मचारी भी रहते थे सेवक गोस्वामी जी यहां नित्य बाबा से मिलने आते थे एक दिन वे बाहर बैठे ब्रह्मचारी से बाते कर रहे थे तभी कुछ चरवाहे बालक पास आए उन मे से एक बालक ने कहा इस पर्वत पर एक साधु महाराज बैठे है। गोस्वामी जी के मन मे उत्सुकता हुई अपने मित्र को साथ मे लेकर वे पहाड़ पर गए वहां जाने पर गोस्वामी जी ने देखा कि एक संत बैठे है उनके शरीर से दिव्य ज्योति निकल रही है पहाड़ पर गोस्वामी जी के आते ही उन संत ने अपनी आंखे खोली और वो मधुर दृष्टि गोस्वामी जी के ऊपर डाल दी। गोस्वामी जी की स्थति ऐसी थी कि *न पीने का शौक था न पिलाने का शौक था* *हमे तो नजरे मिलाने का शौक था* *पर नजरे भी उनसे मिला बैठे जिन्हें नजरो से पिलाने का शौक था* ये वही दृष्टि है सतगुरु की जो शिष्य ही समझ पाता है। आंख चार होते ही गोस्वामी के अंतर मे भक्ति की ज्वार उमड़ पड़ी आंखो से अश्रुधारा बह पड़ी अब ना पूछना पड़ा कि आप मुझे दीक्षा देंगे और ना ही कहना पड़ा कि आप मेरे गुरु बन जाइए ये मिलन की वो घड़ी थी जो हृदय बयान कर रहा था लेकिन आंखे गवाह थी साथ लाए फल फूल गोस्वामी जी ने उन महापुरुष के चरणों मे रख दिया कुछ देर बातचीत करने के बाद चले आए इसके बाद ऐसा रंग लगा कि वे नित्य वहां जाया करते दर्शन के लिए एक दिन अकेले जाना पड़ा साथ कोई मित्र न आया उस दिन वहां जाते ही गोस्वामी जी की भक्ति और उमड़ पड़ी यहां तक कि वो रो पड़े उन्हे अचानक रोते देखकर महात्मा जी ने पास मे बुलाया और उन्हें अपनी गोद मे बिठाकर दीक्षा दी बीज मंत्र दिया। मंत्र पाते ही गोस्वामी जी को लगा जैसे बिजली का एक झटका सारे शरीर की तंत्रियों को झकझोर गया बाद मे महात्मा जी उन्हे साधना की विभिन्न प्रणाली के बारे मे उन्हे बताने लगे सहसा यह सब करते करते गोस्वामी जी बेहोश हो गए। काफी देर बाद होश आने पर उन्होंने चकित भाव से देखा कि वहां से गुरुदेव अंतर्धान हो गए है इधर उधर काफी देर तक वे गुरुदेव की तलाश मे चक्कर काटने के बाद घर वापस आ गए। आखिर एक दिन इनके हृदय की तृष्णा शांत हुई उस दिन वे राम शीला पहाड़ पर घूमने गए थे सहसा उनके गुरु वहां दिखाई दिए गोस्वामी जी के हाथ को पकड़कर गुरुदेव ने कहा कि मेरे लिए इतना व्याकुल होने की आवश्यकता नहीं, वक्त आने पर तुम्हे सब कुछ मिल जाएगा। साधना करते रहो कठोर साधना से ही साधक को ही इच्छित सामग्री मिलती है। गुरुदेव के दर्शन मात्र से ही वे आनंद से विभोर हो उठे थे गोस्वामी जी के गुरुदेव का नाम था ब्रह्मानंद स्वामी। अधिकतर वे मानसरोवर मे रहते और कभी कभी वे शिष्यों से मिलने चले आया करते थे एक दिन बातचीत के सिलसिले मे गोस्वामी जी ने अपने गुरुदेव से पूछा गुरुदेव शास्त्रों मे जितनी सिद्धि की बाते है क्या वह सब सत्य है? गुरुदेव ने कहा क्या तुम्हे विश्वास नही होता शास्त्रों की बातो पर? जी नहीं होता। गुरुदेव ने कहा शास्त्रों मे जिन सिद्धियों का वर्णन है वह सब तपस्या के जरिए प्राप्त किया जा सकता है परन्तु आत्म सिद्ध केवल गुरु के द्वारा ही प्राप्त होता है। मैं तुम्हे इन सिद्धियों को दिखा सकता हूं इसके बाद गोस्वामी जी को अपने साथ लेकर गुरुदेव एक निर्जन स्थान मे आए एक के बाद एक करके उन्होंने सभी सिद्धियां दिखाई। कभी हवा से छोटा बनकर पक्षी की तरह आकाश मे उड़ने लगे कभी अणु बनकर पहाड़ को भेदते हुए दूसरी और निकल गए इस प्रकार अष्ट सिद्धियों का प्रयोग उन्होंने किया। यहां तक कि सूक्ष्म शरीर के रूप मे वे मृत शरीर मे प्रवेश कर गए जब कि उनका शरीर यहां मृतावस्था मे पड़ा रहा यह सारा दृश्य देखकर गोस्वामी रोमांचित हो उठे। गुरुदेव ने मुस्कराते हुए पूछा अब भी विश्वास हुआ या नहीं? गोस्वामी जी ने सिर हिलाकर स्वीकार करते हुए गुरुदेव को प्रणाम किया। उधर दूसरी तरफ उनके मित्रो को यह लगा कि अभी यह गृहस्थी छोड़कर कहीं और चले जाएंगे और उन्होंने गोस्वामी जी की पत्नी को इस विषय मे सूचना दे दी। गुरु अपने शिष्य की दैवी शक्तियों को जाग्रत करते हैं प्रथम तो अपने गुरु को, आध्यात्मिक आचार्य को खोज लो। जो आपको अनंत, शाश्वत, चेतन्य प्रवाह के साथ एकत्व साधन मे सहाय कर सके गुरु महाराज के प्रति सम्पूर्ण आज्ञा पालन का भाव रखना यह शिष्यत्व की नींव है गुरु से मिलने की उत्कठ इच्छा और उनकी सेवा करना सेवा करने की तीव्र आकांक्षा मुमुक्तवा की निशानी है। 🌿🙏👣🙏🌿🌿🙏👣🙏🌿🙏

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Shyam Yadav Mar 5, 2021

. ।। *🕉* ।। 🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पंचांग* »»»📜 कलियुगाब्द.........................5122 विक्रम संवत्........................2077 शक संवत्...........................1942 मास................................फाल्गुन पक्ष...................................कृष्ण तिथी................................सप्तमी संध्या 07.58 पर्यंत पश्चात अष्टमी रवि...............................उत्तरायण सूर्योदय............प्रातः 06.45.35 पर सूर्यास्त............संध्या 06.32.47 पर सूर्य राशि.............................कुम्भ चन्द्र राशि..........................वृश्चिक गुरु राशि.............................मकर नक्षत्र..............................अनुराधा रात्रि 10.34 पर्यंत पश्चात ज्येष्ठा योग...................................हर्षण रात्रि 08.41 पर्यंत पश्चात वज्र करण..................................विष्टि प्रातः 08.55 पर्यंत पश्चात बव ऋतु.................................शिशिर दिन.................................शुक्रवार 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* 05 मार्च सन 2021 ईस्वी । ☸ शुभ अंक.....................१ 🔯 शुभ रंग...............आसमानी 👁‍🗨 *अभिजीत मुहूर्त :-* प्रातः 12.14 से 01.01 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल (अशुभ) :-* प्रात: 11.10 से 12.38 तक । 🚦 *दिशाशूल :-* पश्चिमदिशा - यदि आवश्यक हो तो जौ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें। *उदय लग्न मुहूर्त -* *कुम्भ* 05:42:37 07:20:28 *मीन* 07:20:28 08:47:23 *मेष* 08:47:23 10:28:05 *वृषभ* 10:28:05 12:26:43 *मिथुन* 12:26:43 14:40:24 *कर्क* 14:40:24 16:56:35 *सिंह* 16:56:35 19:08:24 *कन्या* 19:08:24 21:19:03 *तुला* 21:19:03 23:33:40 *वृश्चिक* 23:33:40 25:49:51 *धनु* 25:49:51 27:55:29 *मकर* 27:55:29 29:42:37 ✡ *चौघडिया :-* प्रात: 08.15 से 09.42 तक लाभ प्रात: 09.42 से 11.10 तक अमृत दोप. 12.37 से 02.05 तक शुभ सायं 05.00 से 06.27 तक चंचल रात्रि 09.32 से 11.04 तक लाभ । 📿 *आज का मंत्र :-* ॥ ॐ आदिकराय नम: ॥ 📢 *संस्कृत सुभाषितानि -* पूर्वे वयसि तत्कुर्याधेन वृद्धः सुखं वसेत् । यावज्जीवेन तत्कुर्याद्येनामुत्रसुखं वसेत् ॥ अर्थात :- युवानी में ऐसा करना जिससे बूढापा सुख से कटे । यह जीवन ऐसे जीना जिससे परलोक (या दूसरे जन्म) में चैन मिले । 🍃 *आरोग्यं सलाह :-* *थायराइड रोग के बचने के टिप्स -* 1. धूम्रपान कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से हर तीन मौतों में से एक का कारण बनता है। यदि आप धूम्रपान कर रहे हैं और आपको थायराइड की बीमारी है, तो आप दिल की समस्याओं के लिए अपना जोखिम बढ़ा रहे हैं। ⚜ *आज का राशिफल :-* 🐐 *राशि फलादेश मेष :-* *(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)* व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। संतान पर नजर रखें। थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। चिंता रहेगी। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ोतरी होगी। अर्थ संबंधी काम होंगे। 🐂 *राशि फलादेश वृष :-* *(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* व्यवसाय सामान्य रहेगा। कार्य निर्णय बहुत ही शांति से विचार करके करना चाहिए। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। शोक संदेश मिल सकता है। विवाद से क्लेश होगा। व्यर्थ के कार्यों से तनाव की पूर्ण संभावना रह सकती है। 👫🏻 *राशि फलादेश मिथुन :-* *(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)* यात्रा मनोरंजक रहेगी। उत्तम मनोबल से समस्याओं का हल निकलेगा। दिखावे एवं आडंबरों से दूर रहना चाहिए। रोग व भय का माहौल बन सकता है। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। दांपत्य जीवन शुभतापूर्ण रहेगा। लापरवाही की प्रवृत्ति का त्याग करें। 🦀 *राशि फलादेश कर्क :-* *(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। नौकरी में अधिकारियों का उचित सहयोग नहीं रहेगा। लेन-देन के विषय में विवाद हो सकता है। चोट व रोग से बाधा संभव है। बेरोजगारी दूर होगी। राजकीय क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे जो आपको लाभ प्रदान करेंगे। 🦁 *राशि फलादेश सिंह :-* *(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। मित्रों में वर्चस्व बढ़ेगा। आजीविका में नए प्रस्ताव मिलेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। आय बढ़ेगी। मांगलिक आयोजन होंगे। 🙎🏻‍♀️ *राशि फलादेश कन्या :-* *(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य के प्रति सफलता के योग बनेंगे। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। ईश्वर पर आस्था बढ़ेगी। ⚖ *राशि फलादेश तुला :-* *(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* अध्यात्म में रुचि रहेगी। भूमि-आवास की समस्याओं में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय सामान्य चलेगा। शत्रु भय रहेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। कोर्ट व कचहरी के कार्य बनेंगे। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा। 🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-* *(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। प्रियजनों से पूरी मदद मिलेगी। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। धैर्य एवं संयम बना रहेगा। नई योजना बनेगी। रुके कार्य बनेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। निजीजनों में असंतोष का वातावरण रहेगा। आर्थिक चिंता रहेगी। 🏹 *राशि फलादेश धनु :-* *(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)* स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें। संतान के कार्यों में उन्नति के योग हैं। कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी। यात्रा सफल रहेगी। लेनदारी वसूल होगी। आय में वृद्धि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। रुके हुए काम समय पर होने की संभावना है। धन प्राप्ति के योग हैं। 🐊 *राशि फलादेश मकर :-* *(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)* स्वास्थ्य कमजोर होगा। व्यावसायिक चिंताएं दूर होंगी। प्रयास में आलस्य व विलंब नहीं करना चाहिए। अप्रत्य‍ाशित खर्च होंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। विरोधी परास्त होंगे। 🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-* *(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। प्रसन्नता रहेगी। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। व्यापार में इच्छित लाभ होगा। सत्कार्य में रुचि बढ़ेगी। बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रियजनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 🐋 *राशि फलादेश मीन :-* *(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* रोजगार में वृद्धि होगी। चिंता रहेगी। संतान की प्रगति संभव है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। ईष्ट मित्रों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। भूमि व संपत्ति संबंधी कार्य होंगे। पूर्व कर्म फलीभूत होंगे। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। ☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो |* ।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।। 🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩

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Shyam Yadav Mar 4, 2021

🌞🌼🌞🌼🌞🌼🌞🌼🌞🌼🌞 🌹👣🌹 || गुरुभक्तियोग कथा अमृत || 🙏 *◆श्री विजयकृष्ण गोस्वामी की संक्षिप्त जीवन गाथा..◆* *गुरु से मुलाक़ात कैसे? (भाग -2)* ➡ गुरु की सम्पूर्ण शरणागति लेना गुरुभक्ति की अनिवार्य शर्त है जब तक आपको गुरु में अखंड श्रद्धा न जगे तब तक गुरु की कृपा आप पर उतरेगी ऐसा आश्रय मत करना। जो गुरु मुक्त आत्मा है उनके कार्य को अश्रद्धा से या संदेह से नहीं देखना चाहिए। आध्यात्मिक गुरु के पवित्र चरणों की अर्चना सुबह की चाबी और शाम का ताला है। अर्थात सुबह होने से पहले और शाम होने के बाद प्रार्थना करनी चाहिए। सतगुरु के चरणों के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति भाव रहित जीवन मरू भूमि में खड़े हुए रस हीन वृक्ष जैसा है सतगुरु के पवित्र चरणों की प्रार्थना शिष्य के हृदय की गहराई में से निकलनी चाहिए। कल हमने सुना कि विजय कृष्ण गोस्वामी जी काशी आ गए और वहां पर उन्हें तैलंग स्वामी का आश्रय प्राप्त हुआ तैलंग स्वामी ने विजय कृष्ण गोस्वामी जी को वरुणा नदी की ओर चलने को कहा। नदी किनारे आकर उन्होंने गोस्वामी जी से कहा विजय कृष्ण जाओ नदी में स्नान कर आओ मैं तुम्हे दीक्षा दूंगा। गोस्वामी जी ने कहा आप मुझे दीक्षा क्यों देंगे ? मैं आपसे दीक्षा क्यों लूंगा? आप तो खड़े खड़े शिवलिंग पर लघु शंका कर देते है। तैलंग स्वामी ने कहा मैं तुम्हे दीक्षा दूंगा जो कि मैं तुम्हारा असली गुरु नहीं हूं मेरा जितना कर्तव्य है वही करूंगा। बाद में असली गुरु तुम्हे दीक्षा देंगे गोस्वामी जी ने कहा मैं यह सब नहीं मानता, यह सुनकर तैलंग स्वामी ने उन्हें पकड़कर जबरजस्ती नदी में पटक दिया नदी से निकालने के बाद दीक्षा देते है, दीक्षा देते ही गोस्वामी की मन: स्थिति बदल गई। तैलंग स्वामी ने कहा, यह तुम्हारी आखिरी दीक्षा नहीं है तुम्हारे गुरु उपयुक्त समय पर दीक्षा देंगे वे तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहे है मुझे जितना करना था मैने उसे पूरा कर दिया। काफी दिनों के बाद गोस्वामी जी की मुलाकात एक सौम्य मूर्ति वाले सन्यासी से हुई उन्हें प्रणाम करते ही उन्होंने गोस्वामी जी के सिर पर हाथ फेरते हुए आशिर्वाद दिया उनके स्पर्श से गोस्वामी जी का सारा तन मन स्निग्ध हो उठा। देर तक उनसे धर्म संबंधी चर्चा होती रही बातचीत के सिलसिले में गोस्वामी जी ने कहा जाने क्यों मुझे शांति नहीं मिलती इस ज्ञान चर्चा के बाद भी मैं बराबर बेचैन रहता हूं। मुझे शांति कहां प्राप्त होगी? उस सन्यासी मूर्ति ने कहा कि यह बात तुम अपने गुरु से कहो वे उसका उपाय बताएंगे। गोस्वामी जी ने कहा एक तो मैं गुरु वुरू को नही मानता हूं दूसरे कि मेरा कोई गुरु है ही नहीं तो किससे कहूं? स्वामी ने हंसकर कहा बिना गुरु के धर्म की प्राप्ति नहीं होती विजय कृष्ण स्वयं भगवान राम और कृष्ण को गुरुओं के निकट जाकर दीक्षा लेनी पड़ी थी। उस स्वामी जी की बाते सुनकर गोस्वामी जी अपने आप में खो गए इसके बाद धीरे से बोले गुरु के बिना अगर धर्म की प्राप्ति नहीं होती तो आप ही मेरे गुरु बन जाइए। सन्यासी स्वामी जी ने कहा मैं तुम्हारा गुरु नहीं बन सकता जो गुरु तुम्हे दीक्षा देंगे वे समय की प्रतीक्षा कर रहे है। इस घटना के कुछ दिनों बाद गोस्वामी जी दार्जिलिंग गए एक दिन रात के वक्त जंगल के भीतर से जा रहे थे सहसा एक दिव्य ज्योति देखकर आप रुक गए पास जाकर आपने देखा कि एक बौद्ध योगी अपने आसन पर ध्यनास्त बैठा है। उसके मस्तष्क से ज्योति निकलकर चारो ओर प्रकाशमान है यह दृश्य देखकर वे विस्मय विभूत हो उठे काफी देर तक वे अपलक दृष्टि से वे योगी को देखते रहे कुछ देर बाद जब योगी का ध्यान भंग हुआ तब उन्हे प्रणाम करने के बाद गोस्वामी जी ने पूछा कि आपके मस्तिष्क से एक अद्भुत ज्योति निकल रही थी इस वक्त वह गायब हो गई आपके आंखे खोलते ही ऐसा कैसे हुआ? योगी ने कहा कि, साधना के माध्यम से जब कुंडलिनी शक्ति षठ चक्र भेदती हुई मस्तिष्क के सहस्त्र दल कमल में पहुंचती हैं तब वह ज्योति निकलती हैं इस अद्भुत तथ्य को सुनने पर गोस्वामी जी समझ गए कि यह योगी जी उच्च कोटि के साधक है इनसे दीक्षा ले लेनी चाहिए। उनका मनत्व सुनकर योगी ने कहा कि मुझे दीक्षा देने का अधिकार प्राप्त नहीं है मैं साधक हूं, योगी हूं, ब्रह्मज्ञानी नहीं। नर्मदा के किनारे मेरे गुरुदेव रहते है जो कि ब्रह्मज्ञानी है आप उनके निकट जाइए योगी जी के बताए स्थान पर गोस्वामी जी आए योगी के गुरु से अपनी इच्छा प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि आप मुझे दीक्षा प्रदान करें। वास्तव मे उन महापुरुष ने कहा कि वास्तव मे तुम्हारा गुरु मैं नहीं हूं तुम्हारा जो गुरु है वो समय की प्रतीक्षा कर रहे है घबराने की बात नहीं है जल्द ही वह समय आने वाला है इस घटना से यह ज्ञात होता है कि सतगुरु जन्म जन्म के साथी होते है समस्त रिश्ता इस शरीर तक ही सीमित होता है जब तक यह शरीर होता है तभी तक रिश्तों का मूल्य है और इस शरीर की आयुष्य ही कितनी होती हैं? पच्चास, साठ, सत्तर, अस्सी तक परन्तु सदगुरु का रिश्ता इस शरीर के साथ कभी नहीं बदलता ये रिश्ता तो जब तक शिष्य मुक्त न हो जाए तभी तक चिरंतन स्थाई होता है तो क्या शिष्य की मुक्ति के बाद यह रिश्ता खत्म हो जाता है? नहीं शिष्य की मुक्तावस्था भी तो गुरु तत्व में विलीनता का ही नाम है। विजय कृष्ण जी को कई योगी और कई तपस्वी साधु साधक मिले तैलंग स्वामी जैसे योगी सिद्ध ब्रह्मज्ञानी महापुरुष भी मिले परन्तु जिनसे शाश्वत संबंध है ऐसे सदगुरु अभी तक नहीं मिले। गोस्वामी जी का अतृप्त हृदय बराबर गुरु की तलाश में लगा रहा जिनके बारे में अधिकांश साधक आश्वासन देते आ रहे थे ब्रह्म समाज की ओर धर्म प्रचार के लिए वे गया शहर में आए यहां वे गोविंद चन्द्र रक्षित के घर ठहरे इनकी प्रवृत्ति प्रकृति देखकर एक दिन रक्षित महाशय ने कहा कि यहां के आकाश गंगा पहाड़ पर बाबा रघुवर दास रहते हैं सुना हूं कि बड़े सिद्ध पुरुष है आकाश गंगा पहाड़ सिद्ध योगियों के लिए उपर्युक्त है वहां जाकर देखते है। 🌿🙏👣🙏🌿🌿🙏👣🙏🌿🙏

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Shyam Yadav Mar 4, 2021

. *।। ॐ ।।* 🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पंचांग* »»»📜 कलियुगाब्द.......................5122 विक्रम संवत्......................2077 शक संवत्.........................1942 मास...............................फाल्गुन पक्ष...................................कृष्ण तिथी..................................षष्ठी रात्रि 10.02 पर्यंत पश्चात सप्तमी रवि.............................उत्तरायण सूर्योदय..........प्रातः 06.45.09 पर सूर्यास्त..........संध्या 06.31.13 पर सूर्य राशि...........................कुम्भ चन्द्र राशि...........................तुला गुरु राशि...........................मकर नक्षत्र............................विशाखा रात्रि 11.54 पर्यंत पश्चात अनुराधा योग..............................व्याघात रात्रि 11.32 पर्यंत पश्चात हर्षण करण...............................गरज प्रातः 11.10 पर्यंत पश्चात वणिज ऋतु...............................शिशिर दिन...............................गुरुवार 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* 04 मार्च सन 2021 ईस्वी । ⚜️ *अभिजीत मुहूर्त :-* प्रातः 12.15 से 01.01 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* दोपहर 02.05 से 0३.33 तक । 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-* *कुम्भ* 05:46:34 07:23:52 *मीन* 07:23:52 08:51:19 *मेष* 08:51:19 10:32:02 *वृषभ* 10:32:02 12:30:39 *मिथुन* 12:30:39 14:44:21 *कर्क* 14:44:21 17:00:31 *सिंह* 17:00:31 19:12:20 *कन्या* 19:12:20 21:23:00 *तुला* 21:23:00 23:37:37 *वृश्चिक* 23:37:37 25:53:47 *धनु* 25:53:47 27:59:25 *मकर* 27:59:25 29:46:34 🚦 *दिशाशूल :-* दक्षिणदिशा - यदि आवश्यक हो तो दही या जीरा का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें । ☸ शुभ अंक.......................8 🔯 शुभ रंग.................केसरिया ✡ *चौघडिया :-* प्रात: 11.10 से 12.37 तक चंचल दोप. 12.37 से 02.05 तक लाभ दोप. 02.05 से 03.32 तक अमृत सायं 04.59 से 06.27 तक शुभ सायं 06.27 से 07.59 तक अमृत रात्रि 07.59 से 09.32 तक चंचल | 📿 *आज का मंत्र :-* ।। ॐ महाहनवे नमः ।। 📢 *सुभाषितानि :-* विद्या रुपं धनं शौर्यं कुलीनत्वमरोगता । राज्यं स्वर्गश्च मोक्षश्च सर्वं धर्मादवाप्यते ॥ अर्थात :- विद्या, रुप, धन, शौर्य, कुलीनता, स्वस्थ शरीर, राज्य, स्वर्ग और मोक्ष – ये सब धर्म से पाये जा सकते हैं । 🍃 *आरोग्यं :-* *बुढ़ापा रोकने की औषधि -* *5. बिलबेरी -* बिलबेरी एंटीऑक्सीडेंट का एक भंडार है। यह झुर्रियों को रोकने में मदद करता है और त्वचा पर धब्बे को कम करता है। इसके अलावा, यह सेल जेनरेशन को बढ़ाता है, खासतौर से रोडोप्सिन जो आपकी आंखों में मौजूद हल्के संवेदनशील कोशिकाएं हैं। रोडोप्सिन आंखों के लिए ऐसा प्रोटीन होता है जिससे रेटिना के रिसेप्टर में रोशनी को समाहित करने की शक्ति आती है। खराब आँखों की दृष्टि और झुर्रियां वृद्धावस्था में एक बड़ी चिंता है। बिलबेरी दोनों से लड़ने में मदद करता है। यह मोतियाबिंद को भी रोकता है और आपके बुजुर्ग शरीर को स्वस्थ और मजबूत रखता है। ⚜ *आज का राशिफल :-* 🐐 *राशि फलादेश मेष :-* *(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)* संतान की शिक्षा की चिंता समाप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। मेहनत का फल कम मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। महत्व के कार्य को समय पर करें। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। 🐂 *राशि फलादेश वृष :-* *(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* वाणी पर नियंत्रण रखें। थकान रहेगी। व्यापार-व्यवसाय संतोषप्रद रहेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। अल्प परिश्रम से ही लाभ होने की संभावना है। बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। खर्चों में कमी करने का प्रयास करें। अति व्यस्तता रहेगी। 👫🏻 *राशि फलादेश मिथुन :-* *(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)* धन संचय की बात बनेगी। परिवार के कार्यों पर ध्यान देना जरूरी है। रुका कार्य होने से प्रसन्नाता होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ होगा। आर्थिक सलाह उपयोगी रहेगी। कर्ज की चिंता कम होगी। 🦀 *राशि फलादेश कर्क :-* *(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* धैर्य एवं शांति से वाद-विवादों से निपट सकेंगे। दुस्साहस न करें। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। स्वयं की प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप कार्य हो सकेंगे। 🦁 *राशि फलादेश सिंह :-* *(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। जायदाद संबंधी समस्या सुलझने के आसार बनेंगे। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। अनुकूल समाचार मिलेंगे तथा दिन आनंदपूर्वक व्यतीत होगा। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे। 🙎🏻‍♀️ *राशि फलादेश कन्या :-* *(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* वाणी प‍र नियंत्रण रखें, जोखिम न लें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे। व्यापारिक लाभ होगा। कुसंगति से हानि होगी। वाहन मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी। ⚖ *राशि फलादेश तुला :-* *(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* क्रय-विक्रय के कार्यों में लाभ होगा। योजनाएं बनेंगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान प्राप्त होगा। चोट व रोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। भाइयों से अनबन हो सकती है। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। 🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-* *(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* कर्ज से दूर रहना चाहिए। खर्च में कमी होगी। कानूनी विवादों का निपटारा आपके पक्ष में होने की संभावना है। मेहनत का फल मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। प्रतिष्ठितजनों से मेल-जोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 🏹 *राशि फलादेश धनु :-* *(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)* यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न उठाएं। आज का दिन आपके लिए शुभ रहने की संभावना है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। रोजगार के अवसर मिलेंगे। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। 🐊 *राशि फलादेश मकर :-* *(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)* पुराना रोग परेशान कर सकता है। जोखिम न लें। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। विवाद से क्लेश होगा। फालतू खर्च होगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता प्राप्ति के योग हैं। सावधानी व सतर्कता से व्यापारिक अनुबंध करें। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा। 🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-* *(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* अप्रत्याशित लाभ संभव है। जोखिम न लें। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रोजगार‍ मिलेगा। मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति जीवन में आनंद का संचार करेगी। कई दिनों से रुका पैसा मिल सकेगा। 🐋 *राशि फलादेश मीन :-* *(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। परिश्रम का अनुकूल फल मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। परिजनों के स्वास्थ्य और सुविधाओं की ओर ध्यान दें। ☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।* *।। शुभम भवतु ।।* 🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

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Shyam Yadav Mar 2, 2021

कमाल की है ‘मूंग की दाल’ हम इसे बीमारियों में क्यों खाते हैं..? सभी जानते हैं कि दालें प्रोटीन से भरपूर होती हैं, लेकिन दालों में सबसे उत्तम, स्वास्थवर्द्धक तथा शक्तिवर्द्धक दाल मूंग की होती है। ● मूंग की दाल की खास बात है कि यह सुपाच्य होती है। ● इसके अतिरिक्त मूंग की दाल में कार्बोहाइड्रेट, कई प्रकार के विटामिन, फॉस्फोरस और खनिज तत्व पाए जाते हें, जो अनेक बीमारियों से लड़ने की क्षमता रखते हैं। ● मूंग साबूत हो या धुली, पोषक तत्वों से भरपूर होती है। ● अंकुरित होने के बाद तो इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन्स की मात्रा दोगुनी हो जाती है। अंकुरित मूंग दाल में मैग्नीशियम, कॉपर, फोलेट, राइबोफ्लेविन, विटामिन-सी, फाइबर, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन बी-6, नियासिन, थायमिन और प्रोटीन होता है। ● कुछ लोगों को लगता है कि मूंग दाल बीमारी में खाने के लिए होती है, जबकि मूंग दाल में इतने पौष्टिक तत्व होते है कि अपनी खुराक में उसे शामिल करना ही चाहिए। ● मात्र एक कटोरी पकी हुई मूंग की दाल में 100 से भी कम केलौरी होती है। ● इसे खाने के बाद लम्बे समय तक भूख नहीं लगती है। ● रात के खाने में रोटी के साथ एक कटोरी मूंग दाल खाने से भरपूर पोषण मिलता है और जल्द ही बढ़ा वजन कम होता है। ● इस तरह मोटापा घटने में मूंग दाल महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ● शोध बताते हैं कि मूंग दाल खाने से त्वचा कैंसर से सुरक्षा भी मिलती है। ● मूंग की मदद से आसानी से रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है, साथ ही मूंग कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करती है। ● ये सोडियम के प्रभाव को कम कर देती है, जिससे रक्तचाप बढ़ता नहीं है। ● मूंग आयरन की कमी को पूरा करने में सक्षम है। आमतौर पर, शाकाहारी लोग अपने खाने में कम आयरन लेते हैं। ● अपनी खुराक में मूंग को शामिल करके आयरन की कमी दूर की जा सकती है, जिससे एनीमिया का जोखिम भी अपनी आप कम हो जाएगा। ● दाद, खाज-खुजली की समस्या में मूंग की दाल को छिलके सहित पीस कर लेप बनाकर उसे प्रभावित जगह पर लगाने से लाभ होता है। ● टायफॉयड होने पर मूंग की दाल खाने से मरीज को बहुत आराम मिलता है। ● किसी भी बीमारी के बाद शरीर कमजोर हो जाता है। ● मूंग की दाल खाने से शरीर को ताकत मिलती है। ● मूंग की दाल के लेप से ज्यादा पसीना आना भी रुक जाता है। ● दाल को हल्का गर्म करके पीस लें। फिर इस पाउडर में कुछ मात्रा पानी की मिला कर लेप की तरह पूरे शरीर पर मालिश करें, ज्यादा पसीना आने की शिकायत दूर हो जाएगी। ● मूंग को अंकुरित करके भी उपयोग में लाया जा सकता है, यह बहुत ही गुणकारी और स्वास्थ्वर्द्धक है तथा इसके सेवन से अनेक रोगों से बचाव किया जा सकता है और मुक्ति पायी जा सकती है। ● अंकुरित मूंग का सेवन अवश्य करना चाहिए क्योंकि यह शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी पूरी करती है और शरीर को मजबूत बनाती है। ● यह सुपाच्य भी है। ● इससे बेहतर शाकाहारी खाद्य सामग्री कोई नहीं होती है। ● अंकुरित मूंग में ग्लूकोज लेवल बहुत कम होता है इस वजह से मधुमेह रोगी इसे खा सकते हैं। ● अंकुरित मूंग के सेवन से पाचन क्रिया हमेशा सही बनी रहती है जिसके कारण पेट सम्बंधी समस्या नहीं होती है और जीवन खुशहाल रहता है। ● अंकुरित मूंग में शरीर के विषाक्त तत्वों को निकालने का गुण होता है। ● इसके सेवन से शरीर में विषाक्त तत्वों में कमी आती है और शरीर स्वस्थ तथा चुस्त रहता है। ● अंकुरित मूंग का नियमित सेवन करने से उम्र का असर जल्दी ही चेहरे पर दिखाई नहीं देता है। ● अंकुरित मूंग में पेप्टिसाइड होता है जो रक्तचाप को संतुलित रखता है और शरीर को स्वस्थ एवं सुदृढ़ बनाए रखने में कारगर होता है। ● अंकुरित मूंग में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जिससे अपच और कब्ज की समस्या नहीं होती है तथा पाचन क्रिया दुरुस्त बनी रहती है। ● मूंग की दाल में ऐसे गुण होते हैं जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देते हैं और उसे बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं। अब मर्जी आपकी, आप मूंग की दाल खायें या कुछ और।

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Shyam Yadav Mar 2, 2021

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Shyam Yadav Mar 2, 2021

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Shyam Yadav Mar 2, 2021

. *।। ॐ ।।* 🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पंचांग* »»»📜 कलियुगाब्द........................5122 विक्रम संवत्.......................2077 शक संवत्..........................1942 रवि...............................उत्तरायण मास................................फाल्गुन पक्ष....................................कृष्ण तिथी.................................चतुर्थी रात्रि 03.01 पर्यंत पश्चात पंचमी सूर्योदय............प्रातः 06.47.38 पर सूर्यास्त............संध्या 06.30.41 पर सूर्य राशि.............................कुम्भ चन्द्र राशि............................कन्या गुरु राशि..............................मकर नक्षत्र..................................चित्रा रात्रि 03.25 पर्यंत पश्चात स्वाति योग......................................गंड प्रातः 09.22 पर्यंत पश्चात ध्रुव करण....................................बव दोप 04.23 पर्यंत पश्चात बालव ऋतु..................................शिशिर दिन................................मंगलवार 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* 02 मार्च सन 2021 ईस्वी । ⚜️ *अभिजीत मुहूर्त :-* दोप 12.15 से 01.02 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* दोप 03.32 से 04.59 तक । ☸ शुभ अंक......................2 🔯 शुभ रंग...................सफ़ेद 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-* *कुम्भ* 05:54:27 07:30:34 *मीन* 07:30:34 08:59:13 *मेष* 08:59:13 10:39:55 *वृषभ* 10:39:55 12:38:32 *मिथुन* 12:38:32 14:52:14 *कर्क* 14:52:14 17:08:24 *सिंह* 17:08:24 19:20:13 *कन्या* 19:20:13 21:30:53 *तुला* 21:30:53 23:45:30 *वृश्चिक* 23:45:30 26:01:40 *धनु* 26:01:40 28:07:19 *मकर* 28:07:19 29:54:27 🚦 *दिशाशूल :-* उत्तरदिशा - यदि आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें । ✡ *चौघडिया :-* प्रात: 09.50 से 11.15 तक चंचल प्रात: 11.15 से 12.40 तक लाभ दोप. 12.40 से 02.04 तक अमृत दोप. 03.29 से 04.54 तक शुभ रात्रि 07.54 से 09.29 तक लाभ । 📿 *आज का मंत्र :-* ।। ॐ चिरञ्जीविने नम: ।। 📯 *संस्कृत सुभाषितानि :-* अध्रुवेण शरीरेण प्रतिक्षण विनाशिना । ध्रुवं यो नार्जयेत् धर्मं स शोच्यः मूढचेतनः ॥ अर्थात :- प्रतिक्षण नष्ट होनेवाले, अनिश्चित शरीर के मुकाबले, निश्चित ऐसे धर्म को जो प्राप्त नहि करता, वह मूर्ख शोक करने योग्य है । 🍃 *आरोग्यं :*- *बुढ़ापा रोकने की औषधि -* *4. गिंको -* यह जड़ी बूटी गिंको पेड़ से निकाली जाती है जो आकार में काफी बड़ी है। इस जड़ी बूटी के सुरक्षात्मक और एंटी-एजिंग गुण की प्रशंसा हमेशा की जाती है। यह उम्र बढ़ने के शुरुआती संकेतों से लड़ने के लिए आपकी त्वचा के लिए एक टॉनिक के रूप में काम करता है। साथ ही, यह आपके शरीर के अंगों, विशेष रूप से आंखों और मस्तिष्क के ऑक्सीजन देने वाले कोशिकाओं को भी मजबूत करता है। ऑक्सीकरण और मैकुलर डिजेनरेशन से लड़कर, यह त्वचा और शरीर को युवा बनाए रखने में सहायता करता है। ⚜ *आज का राशिफल :-* 🐐 *राशि फलादेश मेष :-* *(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)* राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। थकान रहेगी। जोखिम न लें। विवाद से बचें। व्यापार अच्छा चलेगा। वाणी पर संयम रखें। 🐂 *राशि फलादेश वृष :-* *(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* व्यवसाय ठीक चलेगा। कामकाज में धैर्य रखने से सफलता मिल सकेगी। योजनाएं फलीभूत होंगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मित्रों में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। 👫🏻 *राशि फलादेश मिथुन :-* *(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)* समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ौत्री होगी। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। परिवार की समस्याओं को अनदेखा न करें। 🦀 *राशि फलादेश कर्क :-* *(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* जोखिम न उठाएं। संतान से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति की संभावना है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। 🦁 *राशि फलादेश सिंह :-* *(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। लेन-देन में सावधानी रखें। विवाद न करें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। समय ठीक नहीं है। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाए रखें। 🙎🏻‍♀️ *राशि फलादेश कन्या :-* *(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य में सफलता के योग बनेंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। अतः उसका परित्याग करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। ⚖ *राशि फलादेश तुला :-* *(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* शत्रु सक्रिय रहेंगे। कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व व्यावहारिकता का समावेश आवश्यक है। नए अनुबंध होंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। व्यापार में नई योजनाओं पर कार्य नहीं होंगे। जीवनसाथी का ध्यान रखें। 🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-* *(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करना चाहिए। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। 🏹 *राशि फलादेश धनु :-* *(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)* स्वास्थ्य पर व्यय होगा। विवाद न करें। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। अधीनस्थों की ओर ध्यान दें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। 🐊 *राशि फलादेश मकर :-* *(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)* यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न लें। व्यावसायिक चिंता दूर हो सकेगी। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी। 🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-* *(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* व्यवसाय ठीक चलेगा। अपनी बुद्धिमत्ता से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। मान बढ़ेगा। निजीजनों में असंतोष हो सकता है। व्यापार में इच्छित लाभ होगा। 🐋 *राशि फलादेश मीन :-* *(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भूमि, आवास की समस्या रह सकती है। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेगा। मेहनत का फल मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। थकान रहेगी। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से कष्ट रहेगा। ☯ *आज मंगलवार है परन्तु कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते आपसे मंदिर स्थान पर ज्यादा संख्या एकत्रित होना उपयुक्त नहीं है अतः आपसे आग्रह है अपने घर के मंदिर में संध्या 7 बजे सपरिवार हनुमान चालीसा पाठ अवश्य करे और यदि संभव होवे तो उसे फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइव के माध्यम से सम्पूर्ण जगत के साथ साझा करे (यदि आप लाइव करते है तो #हनुमत_शक्ति_जागरण इस हैशटैग का उपयोग आपकी पोस्ट में अवश्य करें) |* ।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।। 🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

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