हल्दी (Turmeric) का इस्तेमाल हम सभी मसाले के रूप में करते हैं। वैसे इसमें कई औषधीय गुण भी होते हैं। मसलन कोरोना काल में हर कोई हल्दी वाला दूध (Turmeric milk) पी रहा है। ये आपको संक्रमण से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा हल्दी का उपयोग पूजा पाठ और मांगलिक कार्यों में भी किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हल्दी आपके जीवन की कई परेशानियों को भी दूर कर सकती है। दरअसल ज्योतिष शास्त्र (Jyotish shastra) में हल्दी को काफी अहमियत दी गई है। ये ग्रहों से जुड़ी समस्या से लेकर आर्थिक तंगी, गृह कलेश, नेगेटिव एनर्जी का प्रकोप, मन चाहा जीवन साथी तक कई समस्याओं से निजात दिलाती है। ऐसे में आज हम आपको हल्दी के कुछ उपाय बताने जा रहे हैं जो आपको दैनिक जीवन से जुड़ी समस्या दूर करने में मदद करेंगे। 1. वास्तु दोष (Vadstu dosh) और नकारात्मक ऊर्जा (Negative energy) के चलते घर में कई तरह की दिक्कतें आती है। यदि आप भी इस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं तो हल्दी आपकी मदद कर सकती है। आपको बस घर के सभी कोनों में हल्दी पाउडर का छिड़काव करना होगा। इससे घर में मौजूद सभी तरह के वास्तु दोष समाप्त हो जाएंगे। यह उपाय आपके घर सुख समृद्धि लाएगा। 2. जो लोग धन की समस्या से जूझ रहे हैं वे प्रत्येक गुरुवार घर में हल्दी के पानी का छिड़काव करें। इससे घर की नेगेटिव एनर्जी खत्म होगी और पॉजिटिव ऊर्जा आएगी। इसका फायदा ये होगा कि गुरुवार के अगले दिन यानि शुक्रवार आपके घर सकारात्मक ऊर्जा का स्तर अधिक होगा। यह चीज मां लक्ष्मी को अपनी ओर आकर्षित करेगी और वह आपके घर प्रवेश कर आपकी धन संबंधित समस्या दूर कर देगी। 3. यदि आप रात में आने वाले बुरे सपनों से परेशान है तो हल्दी की गांठ पर मौली बांधकर उसे तकिये के नीचे रख दें। बुरे सपने आना बंद हो जाएंगे। 4. यदि आपको अपने पति का प्यार नहीं मिल रहा है तो हल्दी आपकी सहायता कर सकती है। गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहनकर हल्दी की गांठ रखकर ‘ऊं रत्यै कामदेवायः नमः’ मंत्र का एक माला जाप करें। इसके बाद शाम को बेसन से बने व्यंजन बनाएं। आपको पति का प्यार मिलने लगेगा। 5. यदि आपको गुस्सा अधिक आता है तो रोज हल्दी का तिलक लगाकर घर से बाहर निकले। वहीं नहाते समय हल्दी पानी में मिला लेने से बंद किस्मत के ताले भी खुल जाते हैं। इससे आपको जॉब में भी फायदा मिलता है। समाज में मान सम्मान बढ़ता है। जय श्री महाकाली जय श्री लक्ष्मी माता की जय श्री सरस्वती माता की जय श्री अन्न 🍲 पूर्णा माता की 💐 👏 🐚 🚩 जय श्री राम जय श्री हनुमान जी जय श्री सिता माता की जय श्री गजानन जय श्री भोलेनाथ जय श्री पार्वती माता की जय श्री लक्ष्मी नारायण नमस्कार 🙏 🚩 आप का हर पल शुभ रहे नमस्कार 🙏 शुभ 🌅 👣 🌹 👏 शुभ मंगलवार सबका मंगल हो जय श्री राम 🌹 👏 🚩 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

+83 प्रतिक्रिया 19 कॉमेंट्स • 8 शेयर

श्री बजरंग बाण-🏹🏹🏹 बजरंग बाण ध्यान 💘👏🏹 जय श्रीराम 🏹👣🌹👏🚩 अतुलित बलधामं हेमशैलाभदेहं। दनुज वन कृशानुं, ज्ञानिनामग्रगण्यम्।। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं। रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि।। दोहा🌹 निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान।। चौपाई🌹 जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी।। जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै।। जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा। सुरसा बदन पैठि विस्तारा।। आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका।। जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परम पद लीन्हा।। बाग उजारि सिन्धु मंह बोरा। अति आतुर यम कातर तोरा।। अक्षय कुमार को मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा।। लाह समान लंक जरि गई। जै जै धुनि सुर पुर में भई।। अब विलंब केहि कारण स्वामी। कृपा करहु प्रभु अन्तर्यामी।। जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होई दुख करहु निपाता।। जै गिरधर जै जै सुख सागर। सुर समूह समरथ भट नागर।। ॐ हनु-हनु-हनु हनुमंत हठीले। वैरहिं मारू बज्र सम कीलै।। गदा बज्र तै बैरिहीं मारौ। महाराज निज दास उबारों।। सुनि हंकार हुंकार दै धावो। बज्र गदा हनि विलम्ब न लावो।। ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमंत कपीसा। ॐ हुँ हुँ हुँ हनु अरि उर शीसा।। सत्य होहु हरि सत्य पाय कै। राम दुत धरू मारू धाई कै।। जै हनुमन्त अनन्त अगाधा। दुःख पावत जन केहि अपराधा।। पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत है दास तुम्हारा।। वन उपवन जल-थल गृह माहीं। तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं।। पाँय परौं कर जोरि मनावौं। अपने काज लागि गुण गावौं।। जै अंजनी कुमार बलवन्ता। शंकर स्वयं वीर हनुमंता।। बदन कराल दनुज कुल घालक। भूत पिशाच प्रेत उर शालक।। भूत प्रेत पिशाच निशाचर। अग्नि बैताल वीर मारी मर।। इन्हहिं मारू, तोंहि शमथ रामकी। राखु नाथ मर्याद नाम की।। जनक सुता पति दास कहाओ। ताकी शपथ विलम्ब न लाओ।। जय जय जय ध्वनि होत अकाशा। सुमिरत होत सुसह दुःख नाशा।। उठु-उठु चल तोहि राम दुहाई। पांय परौं कर जोरि मनाई।। ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनु हनुमंता।। ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल। ॐ सं सं सहमि पराने खल दल।। अपने जन को कस न उबारौ। सुमिरत होत आनन्द हमारौ।। ताते विनती करौं पुकारी। हरहु सकल दुःख विपति हमारी।। ऐसौ बल प्रभाव प्रभु तोरा। कस न हरहु दुःख संकट मोरा।। हे बजरंग, बाण सम धावौ। मेटि सकल दुःख दरस दिखावौ।। हे कपिराज काज कब ऐहौ। अवसर चूकि अन्त पछतैहौ।। जन की लाज जात ऐहि बारा। धावहु हे कपि पवन कुमारा।। जयति जयति जै जै हनुमाना। जयति जयति गुण ज्ञान निधाना।। जयति जयति जै जै कपिराई। जयति जयति जै जै सुखदाई।। जयति जयति जै राम पियारे। जयति जयति जै सिया दुलारे।। जयति जयति मुद मंगलदाता। जयति जयति त्रिभुवन विख्याता।। ऐहि प्रकार गावत गुण शेषा। पावत पार नहीं लवलेषा।। राम रूप सर्वत्र समाना। देखत रहत सदा हर्षाना।। विधि शारदा सहित दिनराती। गावत कपि के गुन बहु भांति।। तुम सम नहीं जगत बलवाना। करि विचार देखउं विधि नाना।। यह जिय जानि शरण तब आई। ताते विनय करौं चित लाई।। सुनि कपि आरत वचन हमारे। मेटहु सकल दुःख भ्रम भारे।। एहि प्रकार विनती कपि केरी। जो जन करै लहै सुख ढेरी।। याके पढ़त वीर हनुमाना। धावत बाण तुल्य बनवाना।। मेटत आए दुःख क्षण माहिं। दै दर्शन रघुपति ढिग जाहीं।। पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करै प्राण की।। डीठ, मूठ, टोनादिक नासै। परकृत यंत्र मंत्र नहीं त्रासे।। भैरवादि सुर करै मिताई। आयुस मानि करै सेवकाई।। प्रण कर पाठ करें मन लाई। अल्प-मृत्यु ग्रह दोष नसाई।। आवृत ग्यारह प्रतिदिन जापै। ताकी छांह काल नहिं चापै।। दै गूगुल की धूप हमेशा। करै पाठ तन मिटै कलेषा।। यह बजरंग बाण जेहि मारे। ताहि कहौ फिर कौन उबारे।। शत्रु समूह मिटै सब आपै। देखत ताहि सुरासुर कांपै।। तेज प्रताप बुद्धि अधिकाई। रहै सदा कपिराज सहाई।। दोहा🌹 प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै। सदा धरैं उर ध्यान।। तेहि के कारज तुरत ही, सिद्ध करैं हनुमान।। नमस्कार शुभप्रभात 🌅 वंदन 🌹 👣 👏 शुभ मंगलवार सबका मंगल हो जय श्री राम जय श्री हनुमान जी 💐 👏🚩 ॐ हं पवननंदनाय स्वाहा 🌹 अंजणिसुताय नम:🌹 👏 🚩 🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹

+65 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 7 शेयर